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वन राज्यमंत्री ने जनसुनवाई कर आमजन की परिवेदनाओं को सुना, अधिकारियों को परिवेदनाओं के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

जयपुर,  पर्यावरण एवं वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा ने अलवर जिले के सर्किट हाउस में जनसुनवाई कर आमजन की परिवेदनाओं को सुनकर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिये। वन राज्यमंत्री श्री शर्मा ने जनसुनवाई में आए पेयजल, विद्युत, सडक, पुलिस आदि की परिवेदनाएं लेकर आए फरियादियों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि समस्याओं का निराकरण होने पर उन्हें सूचित कर उनके संतुष्टि स्तर में वृद्धि करें। उन्होंने निर्देश दिये कि आमजन को मूलभूत समस्याओं की प्राथमिकता से सुनवाई करें। इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अंतिम पंक्ति तक के पात्र व्यक्ति के कल्याण हेतु विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है जिनका जागरूक रहकर न केवल स्वयं लाभ उठाएं बल्कि अन्य पात्र व्यक्तियों को भी इन योजनाओं के प्रति जागरूक कर लाभांवित करावे।

अगले हफ्ते भी नहीं मिलेगी राहत, दिल्ली-NCR में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी

नई दिल्ली  दिल्ली-एनसीआर में मानसून ने अब अपनी रफ्तार पकड़ ली है, भले ही इस बार यह तय समय से थोड़ी देरी से आया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में भी दिल्ली और आसपास के इलाकों के लोगों को बारिश, तेज़ हवाओं के साथ उमस का सामना करना पड़ सकता है। इस सप्ताहांत तक हल्की बारिश की संभावना है, जबकि अगले सप्ताह रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। आज और कल के लिए भारी बारिश का अलर्ट IMD की मानें तो आज (12 जुलाई) हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है, और 13 जुलाई की रात से बारिश की तीव्रता में इज़ाफ़ा हो सकता है। यह स्थिति 17 जुलाई तक बनी रह सकती है, जिससे दिल्ली-एनसीआर में मौसम सुहाना बना रहेगा। तापमान भी मौसम के साथ खेल रहा इस समय दिल्ली का तापमान भी मौसम के साथ आँख-मिचोली खेल रहा है। 13 जुलाई तक तापमान में हल्का इज़ाफ़ा हो सकता है, लेकिन 17 जुलाई तक अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। फिलहाल, दिल्ली में जुलाई महीने में केवल 57 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य औसत 195.8 मिमी होता है। बीते दिन भी बादलों और धूप की लुकाछिपी के बीच कुछ इलाकों में हल्की और कुछ जगहों पर तेज़ बारिश दर्ज की गई। सप्ताह के अंत तक सक्रिय रहेगा मानसून ट्रफ मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली के आसपास मानसून ट्रफ सक्रिय है, जिससे वीकेंड तक हल्की बारिश होती रहेगी। इसके बाद यह ट्रफ उत्तर की ओर बढ़ेगा, जिससे अगले सप्ताह बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है। राजधानी से सटे फरीदाबाद, गुरुग्राम, गाज़ियाबाद और नोएडा जैसे इलाकों में भी मौसम का मिज़ाज कुछ ऐसा ही बना हुआ है। इन इलाकों में आज के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार (11 जुलाई) सुबह 8:30 बजे तक 17.1 मिमी और शाम 5:30 बजे तक 1.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से थोड़ा कम है। मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि दिल्ली-एनसीआर में 25 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चल सकती हैं। इस बीच, लोग मौसम के ट्रिपल अटैक यानी बारिश, तेज़ धूप और उमस से जूझते नज़र आ रहे हैं।

उपभोक्ताओं को बिजली का झटका, पिछले साल की तुलना में 1.89% की वृद्धि, अब 300 से 400 यूनिट पर देना होगा 50 रुपये अधिक

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने आम उपभोक्ताओं को बिजली का झटका दे दिया है। अगर आप 300 से 400 यूनिट तक बिजली की खपत करते हैं तो अगस्त के बिल में 40 व 50 रुपये अधिक बिल जुड़ जाएगा। इसी तरह से 500 से 600 यूनिट तक खपत होने पर 60 व 70 रुपये अतिरिक्त देना पड़ेगा। आयोग ने शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिजली की नई दरों को स्वीकृति दे दी है। यह एक जुलाई 2025 से प्रभावशील होंगी। विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार एक यूनिट बिजली की उत्पादन लागत जहां 7.20 रुपये है, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को यह न्यूनतम 4.10 रुपये प्रति यूनिट की दर से दी जा रही है। कंपनी के एमडी भीमसिंह कंवर और नियामक आयोग ने बिजली की नई दरों को संतुलित, विकासोन्मुखी और प्राथमिकता श्रेणियों के हित में बताया है। इससे सरकार पर सब्सिडी का भार जरूर बढ़ेगा, लेकिन उपभोक्ताओं को अपेक्षित राहत मिलती रहेगी। गौरतलब है कि राज्य सरकार 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल में हाफ यानि 50 प्रतिशत की छूट दे रही है।

यूपी में भीगेंगे ये जिले! चित्रकूट-कानपुर में रिकॉर्ड बारिश के बाद IMD का नया अलर्ट

लखनऊ  मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय है। शनिवार को चित्रकूट और कानपुर में सबसे ज्यादा बारिश हुई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए पूर्वानुमान जारी किया है।  बुंदेलखंड समेत प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में शनिवार को अच्छी बारिश हुई जिससे तापमान में भी एक से दो डिग्री की गिरावट महसूस की गई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अभी एक हफ्ते तक बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कहीं कम तो कहीं मध्यम व तेज बारिश होती रहेगी। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश ने बताया कि शनिवार को सबसे ज्यादा बारिश बुंदेलखंड क्षेत्र में दर्ज की गई। चित्रकूट में शनिवार शाम तक सबसे अधिक 216 मिमी. बारिश दर्ज की गई। वहीं कानपुर में 126 मिमी. और बांदा में 115 मिमी. बारिश दर्ज की गई। राजधानी लखनऊ में भी औसत 39.5 मिमी. बारिश हुई। मोहम्मद दानिश ने बताया कि दक्षिणी यूपी से बारिश का असर उत्तरी क्षेत्र की ओर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को आगरा और उसके आसपास के क्षेत्र में अच्छी बारिश की संभावना है।मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पूरे प्रदेश में ड्राई फेज समाप्त हो रहा है। अगले एक हफ्ते तक अच्छी बारिश की संभावना है। बीच में कहीं कहीं केवल बूंदाबांदी से भी संतोष करना पड़ सकता है लेकिन ज्यादातर जगह बारिश होती रहेगी। शनिवार की तरह ही रविवार को भी मौसम का मिजाज बने रहने की संभावना है। आज यहां भारी वर्षा की संभावना सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, बिजनौर, मुरादाबाद, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर एवं आसपास के इलाकों में।   यहां मेघगर्जन/वज्रपात होने की संभावना बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुर, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर एवं आसपास के इलाकों में।  

उपराष्ट्रपति ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, कोटा के चौथे दीक्षांत समारोह को किया संबोधित, कोचिंग सेंटर अब ‘पोचिंग सेंटर’ बन गए हैं: उपराष्ट्रपति

जयपुर, भारत के उपराष्ट्रपति, जगदीप धनखड़ ने शनिवार को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), कोटा, राजस्थान के चौथे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा, “कोचिंग सेंटर अब ‘पोचिंग सेंटर’ बन चुके हैं। ये सुदृढ़ सांचों में प्रतिभा को जकड़ने वाले काले छिद्र बन गए हैं। कोचिंग सेंटर अनियंत्रित रूप से फैल रहे हैं, जो हमारे युवाओं के लिए, जो कि हमारे भविष्य हैं-एक गंभीर संकट बनता जा रहा है। हमें इस चिंताजनक बुराई से निपटना ही होगा। हम अपनी शिक्षा को इस तरह कलंकित और दूषित नहीं होने दे सकते।”  धनखड़ ने आगे कहा, “अब देश किसी सैन्य आक्रमण से नहीं, बल्कि विदेशी डिजिटल बुनियादी ढांचे पर निर्भरता से कमजोर और पराधीन होंगे। सेनाएं अब एल्गोरिद्म में बदल गई हैं। संप्रभुता की रक्षा का संघर्ष अब तकनीकी स्तर पर लड़ा जाएगा।” उपराष्ट्रपति ने तकनीकी नेतृत्व को नई राष्ट्रभक्ति का आधार बताते हुए कहा, “हम एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं- एक नए राष्ट्रवाद के युग में। तकनीकी नेतृत्व अब देशभक्ति की नई सीमा रेखा है। हमें तकनीकी नेतृत्व में वैश्विक अगुवा बनना होगा।” धनखड़ ने रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आयात-निर्भरता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “यदि हम रक्षा के क्षेत्र में बाहर से तकनीकी उपकरण प्राप्त करते हैं, तो वह देश हमें ठहराव की स्थिति में ला सकता है।” डिजिटल युग में बदलती वैश्विक शक्ति संरचनाओं की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “21वीं सदी का युद्धक्षेत्र अब भूमि या समुद्र नहीं है। पारंपरिक युद्ध अब अतीत की बात हो गई है। आज हमारी शक्ति और प्रभाव ‘कोड, क्लाउड और साइबर’ से तय होते हैं।” धनखड़ ने कहा, “हम गुरुकुल की बात कैसे न करें? हमारे संविधान की 22 दृश्य-प्रतिमाओं में एक गुरुकुल की छवि भी है। हम सदैव ज्ञानदान में विश्वास रखते आए हैं। कोचिंग सेंटर को अपने ढांचे का उपयोग कौशल केंद्रों में परिवर्तित करने के लिए करना चाहिए। मैं नागरिक समाज और जनप्रतिनिधियों से आग्रह करता हूं कि इस समस्या की गंभीरता को समझें और शिक्षा में पुनर्संयम लाने हेतु एकजुट हों। हमें कौशल आधारित कोचिंग की आवश्यकता है।” धनखड़ ने अंकों की होड़ के दुष्परिणामों पर चेताते हुए कहा, “पूर्णांक और मानकीकरण के प्रति जुनून ने जिज्ञासा को खत्म कर दिया है, जो कि मानव बुद्धिमत्ता का एक स्वाभाविक अंग है। सीटें सीमित हैं लेकिन कोचिंग सेंटर हर जगह फैले हुए हैं। वे वर्षों तक छात्रों के मन को एक ही ढर्रे में ढालते हैं, जिससे उनकी सोचने की शक्ति अवरुद्ध हो जाती है। इससे कई मनोवैज्ञानिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।” छात्रों को अंकों से ऊपर सोचने की प्रेरणा देते हुए उन्होंने कहा, “आपकी मार्कशीट और अंक आपको परिभाषित नहीं करेंगे। प्रतिस्पर्धी दुनिया में प्रवेश करते समय, आपका ज्ञान और सोचने की क्षमता ही आपको परिभाषित करेगी।” डिजिटल क्षेत्र की चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, “एक स्मार्ट ऐप जो ग्रामीण भारत में काम नहीं करता, वह पर्याप्त स्मार्ट नहीं है। एक एआई मॉडल जो क्षेत्रीय भाषाओं को नहीं समझता, वह अधूरा है। एक डिजिटल उपकरण जो दिव्यांगों को शामिल नहीं करता, वह अन्यायपूर्ण है।” युवाओं से स्थानीय समाधान को वैश्विक स्तर तक ले जाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, “भारत के युवाओं को टेक्नोलॉजी की दुनिया के सजग संरक्षक बनना चाहिए। हमें भारत के लिए भारतीय प्रणालियां बनानी होंगी और उन्हें वैश्विक बनाना होगा।” डिजिटल आत्मनिर्भरता में भारत को अग्रणी बनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, “हमें अपनी डिजिटल नियति के निर्माता बनना होगा और अन्य देशों की नियति को भी प्रभावित करना होगा। हमारे कोडर, डेटा वैज्ञानिक, ब्लॉकचेन इनोवेटर और एआई इंजीनियर आज के राष्ट्र निर्माता हैं। भारत, जो कभी वैश्विक अग्रणी था, अब केवल उधार की तकनीक का उपयोगकर्ता बनकर नहीं रह सकता। पहले हमें तकनीक के लिए वर्षों प्रतीक्षा करनी पड़ती थी। अब यह समय सप्ताहों में सिमट गया है। हमें तकनीक का निर्यातक बनना चाहिए।” श्री धनखड़ ने शिक्षा को फैक्टरी की तरह संचालित करने की प्रवृत्ति का विरोध करते हुए कहा, “हमें इस असेंबली-लाइन संस्कृति को समाप्त करना होगा क्योंकि यह हमारी शिक्षा के लिए अत्यंत खतरनाक है। कोचिंग सेंटर राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के विपरीत हैं। यह विकास और प्रगति में बाधाएं उत्पन्न करता है।” उन्होंने कोचिंग सेंटरों द्वारा विज्ञापनों पर भारी खर्च की आलोचना करते हुए कहा, “अखबारों में विज्ञापनों और होर्डिंग्स पर भारी पैसा बहाया जाता है। यह पैसा उन छात्रों से आता है जो या तो कर्ज लेकर या बड़ी कठिनाई से अपनी पढ़ाई का खर्च उठाते हैं। यह धन का उपयुक्त उपयोग नहीं है। ये विज्ञापन भले ही आकर्षक लगें, पर हमारी सभ्यतागत आत्मा के लिए आँखों की किरकिरी बन गए हैं।” अपने उद्बोधन का समापन करते हुए उपराष्ट्रपति ने रटंत शिक्षा की संस्कृति की तीव्र आलोचना की “हम आज रट्टा मारने की संस्कृति के संकट से जूझ रहे हैं, जिसने जीवंत मस्तिष्कों को केवल अस्थायी जानकारी के यंत्रवत भंडारों में बदल दिया है। इसमें न तो कोई आत्मसात है, न कोई समझ। यह रचनात्मक विचारकों की बजाय बौद्धिक ‘ज़ॉम्बी’ तैयार कर रहा है। रट्टा ज्ञान नहीं देता, केवल स्मृति देता है। यह डिग्रियों को गहराई के बिना जोड़ता है।” महात्मा बुद्ध के विचारों से युवाओं को किया प्रेरित- ‘‘अप्प दीपो भवः’’ राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, कोटा के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि जीवन की एक नई शुरुआत है। यह वह पड़ाव है जहां से युवा अपने ज्ञान, विचार और दृष्टिकोण से समाज और देश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। राज्यपाल ने कहा कि भारत ने विश्व को ऐसे कई इंजीनियर दिए हैं जिन्होंने वैश्विक मंच पर देश का नाम रोशन किया है। कोटा को उन्होंने ‘औद्योगिक और शैक्षिक नगरी’ की उपाधि देते हुए कहा कि यह शहर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। अपने उद्बोधन में उन्होंने महात्मा बुद्ध के प्रसिद्ध वाक्य ‘अप्प दीपो भवः’ अपना दीपक स्वयं बनो को उद्धृत करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को चाहिए कि वह अपने भीतर प्रकाश उत्पन्न करे और अपनी मेधा से न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व को आलोकित करें। उन्होंने भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, एम. विश्वेश्वरैया, सुंदर … Read more

राजस्थान में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध: कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़

जयपुर, उद्योग एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने शुक्रवार को जोधपुर में औद्योगिक विकास से जुड़े विविध पक्षों पर स्थानीय उद्यमियों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ गहन विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर उन्होंने औद्योगिक प्रगति से संबंधित राज्य सरकार की भावी कार्ययोजना एवं नवीन पहलुओं की जानकारी देते हुए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उद्योग मंत्री  ने बताया कि राज्य सरकार सर्कुलर इकोनॉमी को आधार बनाकर औद्योगिक क्षेत्र में एक नई क्रांति की ओर अग्रसर है। इस नीति के अंतर्गत संसाधनों के पुनः उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे उद्योगों को पर्यावरण-संवेदनशील और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में आधुनिक मॉडल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना की जाएगी, जो विश्वस्तरीय अधोसंरचना से युक्त होंगे। इन पार्कों के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा तथा युवाओं के लिए व्यापक स्तर पर रोज़गार के अवसर सृजित होंगे। कर्नल राठौड़ ने घोषणा की कि राज्य सरकार का प्रयास है कि रीको (RIICO) के अंतर्गत शून्य कराधान (Zero Tax) व्यवस्था लागू की जाए, ताकि पूर्ण राजस्व को औद्योगिक अधोसंरचना के विकास में ही पुनर्निवेशित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह नीतिगत परिवर्तन राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को और अधिक सक्षम, प्रतिस्पर्धी तथा निवेशोन्मुख बनाएगा। उन्होंने कहा, "नीतिगत निर्णयों की ज़िम्मेदारी सरकार की है और आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में राजस्थान सरकार उद्योग जगत के सभी अपेक्षित सुधारों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कर्नल राठौड़ ने यह भी कहा कि औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने हेतु “सरकार – उद्योग – प्रशासन” की त्रिस्तरीय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोधपुर को विश्वस्तरीय औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने हेतु संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा Ease of Doing Business को सुगम एवं सुलभ बनाने के लिए उठाए जा रहे ये ठोस कदम राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक रूप से अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होंगे। बैठक में सांसद श्री राजेन्द्र गहलोत, लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष श्री घनश्याम ओझा, राज्यसभा , श्री प्रसन्नचन्द मेहता, मारवाड चैम्बर आफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज, राजस्थान स्टील एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री प्रकाश जीरावला, लघु उद्योग भारती के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष श्री शंतिलाल बालड, सहित 150 से अधिक प्रबुद्ध उद्यमियो ने भाग लिया।

‘राइजिंग राजस्थान’ एमओयू समीक्षा बैठक- राज्य सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। इस लक्ष्य को पूरा करने में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित निवेश एमओयू की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए इन निवेश एमओयू में शामिल सौर व बैटरी स्टोरेज आधारित परियोजनाओं के विकास के लिए विशेष रोडमैप तैयार किया जाए। श्री शर्मा शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 के तहत हुए एमओयू के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एमओयू के समयबद्ध क्रियान्वयन से प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिल रही है। उन्होंने अधिकारियों को निवेश समझौतों की प्रगति के लिए मिशन मोड पर काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता से एमओयू क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के दौरान हुए एमओयू की समीक्षा के लिए त्रि-स्तरीय व्यवस्था की गई है। जिसके तहत 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि वाले एमओयू की समीक्षा प्रतिमाह नियमित रूप से मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौतों में से अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है। निवेशकों से रखें संवाद, प्रगति से कराएं अवगत उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान बनाने के लक्ष्य को साकार करने में निवेश का अहम योगदान है। राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निवेशकों से निरंतर संवाद स्थापित रखें और मॉनिटरिंग करते हुए प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही, उन्होंने  कहा कि मुख्य सचिव स्तर पर नियमित रूप से अक्षय ऊर्जा से संबंधित एमओयू की नियमित समीक्षा की जाए। एकीकृत पावर कॉरिडोर अपनाने के हो प्रयास श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अक्षय ऊर्जा आधारित परियोजनाओं पंप स्टोरेज तथा बैटरी स्टोरेज जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी जोर दे रही है। प्रदेश में 6 हजार मेगावाट आवर की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकसित की जाने वाली सौर व बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाए तथा इसके लिए एकीकृत पावर कॉरिडोर सहित अन्य नवाचारों को अपनाए जाने के प्रयास किए जाएं।  मुख्यमंत्री ने बैठक में सौर ऊर्जा, कॉम्प्रेस्ड बायो गैस व बायो फ्यूल प्रोजेक्ट्स की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने प्रगतिरत एमओयू के क्रियान्वयन में तेजी लाने एवं शेष रहे एमओयू के श्रेणीवार विभाजन के साथ तय समय सीमा में धरातल पर लागू करने के संबंध में निर्देश दिए।  बैठक में मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं संबंधित जिला कलक्टर्स वीसी के माध्यम से जुड़े।

मान्यता वाले निजी स्कूलों के नए शैक्षणिक सत्र में एडमिशन पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक

बिलासपुर प्रदेश में बिना मान्यता संचालित निजी स्कूलों के खिलाफ हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने शुक्रवार को सख्त आदेश पारित किया। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आगामी आदेश तक बिना मान्यता वाले निजी स्कूलों में किसी भी नए छात्र का दाखिला नहीं किया जाएगा। साथ ही कोर्ट ने कहा कि जिन छात्रों का प्रवेश हो चुका है, उन्हें कक्षा से बाहर नहीं किया जाएगा। रजिस्ट्रार को आदेश दिया गया है कि ऐसी याचिकाएं स्वीकार न की जाएं, जिनमें दाखिला रद कराने की मांग हो, ताकि अभिभावकों को और परेशानी न उठानी पड़े। इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 5 अगस्त निर्धारित की गई है। विकास तिवारी की ओर से अधिवक्ता संदीप दुबे और मानस बाजपेई के माध्यम से जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें कहा गया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में बिना मान्यता के ऐसे स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें नर्सरी से कक्षा एक तक की शिक्षा दी जा रही है। यही नहीं एक मान्यता प्राप्त स्कूल के नाम पर, कई शाखाएं खोल ली गई हैं। कार्रवाई के नाम पर शिक्षा विभाग सिर्फ खानापूर्ति करता है और 25 हजार रुपये का नाममात्र का जुर्माना लगाकर स्कूलों को मान्यता मिलने तक की मोहलत दे देता है। इस बीच पूरा शैक्षणिक सत्र निकल जाता है और लाखों फीस की वसूली हो जाती है। डीपीआइ ने दी कोर्ट को गलत जानकारी 30 जून को हुई सुनवाई के बाद कोर्ट के निर्देश पर 11 जुलाई को संचालक, लोक शिक्षण विभाग (डीपीआइ) ने शपथपत्र प्रस्तुत किया। इसमें कहा गया कि नर्सरी से केजी-दो तक की कक्षाओं के लिए मान्यता लेना अनिवार्य नहीं है, जबकि कक्षा एक और उससे ऊपर की कक्षाओं के लिए मान्यता आवश्यक है। डीपीआइ की ओर से दी गई जानकारी पर हस्तक्षेपकर्ता विकास तिवारी के अधिवक्ताओं ने कोर्ट को अवगत कराया कि शासन ने सात जनवरी 2013 को अधिसूचना जारी की थी। इसके अनुसार नर्सरी से केजी-दो तक की कक्षाएं चलाने वाले स्कूलों के लिए भी मान्यता अनिवार्य है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने शिक्षा विभाग के सचिव को व्यक्तिगत शपथपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए पूछा है कि निदेशक, लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा कोर्ट में गलत जानकारी क्यों दी गई।

मंत्री सारंग ने आज नरेला विधानसभा अंतर्गत निर्माणाधीन शासकीय सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण किया

मंत्री सारंग ने किया निर्माणाधीन गोविंदपुरा शासकीय सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण मंत्री सारंग ने निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के दिये निर्देश मंत्री सारंग ने आज नरेला विधानसभा अंतर्गत निर्माणाधीन शासकीय सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण किया भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने शनिवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत निर्माणाधीन गोविंदपुरा शासकीय सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर के प्रत्येक खंड का बारीकी से अवलोकन किया और निर्माण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने निर्माण कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को निर्देश दिये कि निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण ढंग से और निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और शासकीय सांदीपनि विद्यालय इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। मंत्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय सांदीपनि विद्यालय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो न केवल सरकारी शिक्षा को मजबूती देगा, बल्कि निजी विद्यालयों की तुलना में कहीं अधिक सुव्यवस्थित और उन्नत सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गोविंदपुरा में बन रहा यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगा। गाइडलाइन के अनुरूप हो बैठक व्यवस्था मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सांदीपनि विद्यालयों को विकसित किया जा रहा है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार, समावेश और आधुनिकता सुनिश्चित हो सके। मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालय भवन में शाला कक्षों की बैठने की व्यवस्था का पुन: परीक्षण किया जाए और निर्माण कार्य पूरी तरह गाइडलाइन के अनुरूप हो। सांदिपनी विद्यालय में विद्यार्थियों को मिलेगी बेहतर शिक्षा मंत्री सारंग ने कहा कि गोविंदपुरा शासकीय सांदीपनि विद्यालय को मॉडल स्कूल एवं स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की वरीयता के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और समग्र विकास के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में आधुनिक क्लासरूम के साथ विज्ञान, गणित, कम्प्यूटर जैसे विषयों की प्रयोगशालाएं भी स्थापित की जा रही हैं। इसके अलावा बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए खेल मैदान, बास्केटबॉल कोर्ट, पुस्तकालय, डिजिटल शिक्षण कक्ष, और स्वच्छता की दृष्टि से पर्याप्त संख्या में शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

वैश्विक निवेश को साधने निकले सीएम मोहन यादव, 13 से 19 जुलाई तक दुबई और स्पेन में रहेंगे सक्रिय

भोपाल  सीएम डॉ. मोहन यादव 13 जुलाई से 19 जुलाई तक सात दिवसीय विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरान वे दुबई और स्पेन का दौरा करेंगे।। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करना  है। अपनी यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समृद्धि आए और सभी क्षेत्रों में समान रूप से अवसर मिले, इसी लक्ष्य के साथ प्रदेश सरकार आगे बढ़ रही है। पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने का कि ‘आज रात दिल्ली होते हुए स्पेन और दुबई की यात्रा पर रवाना हो रहा हूँ। जहां हम निवेश की संभावनाओं पर उद्योगपतियों से संवाद करेंगे, ताकि मध्यप्रदेश में और अधिक रोज़गार के अवसर आएं और विकास को नई गति मिले।’ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 जुलाई को भोपाल से दुबई के लिए रवाना होंगे जहां वे 15 जुलाई तक रहेंगे। इसके बाद 16 से 19 जुलाई तक वे स्पेन की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान उनकी दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों, व्यापार संगठनों और सरकारी प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकें होंगी। उन्होंने कहा कि ये यात्रा मध्यप्रदेश को औद्योगिक विकास और वैश्विक निवेश का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मध्य प्रदेश में उद्योग और रोजगार बढ़ाने के साथ निवेशकों को आमंत्रित करने के प्रयास लगातार जारी है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इसे खुद लीड कर रहे हैं, वे अलग अलग शहरों में जाकर मध्य प्रदेश की विशेषताएं, यहाँ उपलब्ध संसाधनों की जानकारी देकर निवेशकों को आमंत्रित कर रहे हैं साथ ही विदेशी निवेशकों को भी आमंत्रित कर रहे हैं जिसके सार्थक परिणाम भी सामने आ रहे हैं, मुख्यमंत्री डॉ यादव एक बार फिर निवेशकों को मध्य प्रदेश में आमंत्रित करने के लिए विदेश यात्रा पर जाने वाले हैं। राज्य शासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 13 से 19 जुलाई को दुबई और स्पेन की यात्रा पर रहेंगे। यह दौरा मध्य प्रदेश की वैश्विक निवेश रणनीति में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दुबई में मुख्यमंत्री निवेश को लेकर इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल कॉउंसिल के प्रतिनिधियों के साथ प्रमुख बैठक प्रस्तावित है, जहां मध्य प्रदेश की औद्योगिक तैयारियों और निवेश नीति को लेकर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। दुबई प्रवास पर इन बड़े ग्रुपों से करेंगे चर्चा  निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई में कार्यरत लुलु इंटरनेशनल ग्रुप, लैंडमार्क ग्रुप और नखील ग्रुप जैसे अंतर्राष्ट्रीय रिटेल और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय वार्ता करेंगे, जिनमें प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, रिटेल चेन और निवेश संबंधी अन्य सहयोग पर विचार किया जाएगा। 16 से 19 जुलाई तक स्पेन के प्रवास पर, बार्सिलोना में करेंगे संवाद  दुबई के बाद सीएम डॉ मोहन यादव 16 से 19 जुलाई तक स्पेन के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे बार्सिलोना में स्पेन की अग्रणी ऑटोमोबाइल कंपनियों और ग्रीन मोबिलिटी टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण संवाद करेंगे। बार्सिलोना में होने वाली बैठकों में टेक्सटाइल, गारमेंट और डिजाइन सेक्टर की अग्रणी कंपनियों से भी चर्चा की जाएगी, जिससे मध्य प्रदेश में पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी और वर्धमान सहित टेक्सटाइल क्लस्टर को और गति दी जा सके। MP की औद्योगिक और आर्थिक आत्मनिर्भरता का रोडमैप बनेगी यात्रा  सरकार के अनुसार इन निवेश यात्राओं की खास बात है कि निवेश पर रणनीतिक संवादों की प्रमुखता रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्देश्य निवेश के ज़रिए न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है, बल्कि युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ना भी है। यह निवेश यात्राएं मध्य प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक आत्मनिर्भरता का रोडमैप बनती जा रही हैं। पिछले वर्ष की थी यूके, जर्मनी, जापान की यात्रा  उल्लेखनीय है कि यूके, जर्मनी , जापान और अब दुबई से लेकर स्पेन तक मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह सतत प्रयास मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश केंद्र बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी संकल्प का प्रमाण है। इन यात्राओं के ज़रिए सामने आ रहे निवेश प्रस्ताव, संवाद और उद्योग समूहों का उत्साह इस बात का संकेत है कि मध्यप्रदेश अब उस मोड़ पर खड़ा है जहां अवसर केवल दस्तक नहीं दे रहे है, बल्कि आगे बढ़कर साझेदारी कर रहे हैं। निवेश और रोजगार पर रहेगा जोर मुख्यमंत्री दुबई में इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल काउंसिल के लोगों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे मध्यप्रदेश की उद्योग नीति और निवेश के मौके पर जानकारी देंगे। दुबई मिडिल ईस्ट का बड़ा व्यापारिक शहर है और वहां से प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और टूरिज़्म जैसे क्षेत्रों में निवेश लाने की कोशिश होगी। वहीं स्पेन में मुख्यमंत्री ऑटोमोबाइल, शिप मेकिंग और फैशन इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा करेंगे। स्पेन की डिजाइन, मशीनरी और टिकाऊ ढांचे की तकनीक से मध्यप्रदेश में नए मौके बन सकते हैं। इस यात्रा का मकसद है कि इन क्षेत्रों में तकनीक का आदान-प्रदान हो और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझेदारी मजबूत हो। साथ ही मध्यप्रदेश के युवाओं को रोज़गार मिले  और अलग अलग क्षेत्रों में विकास हो, ये भी इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य है।