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पुराने नियमों को बदला गया: संपत्ति के लिए नई गाइडलाइन लागू

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने संपत्तियों के गाइडलाइन निर्धारण संबंधी नियमों में बड़ा सुधार करते हुए नए नियम जारी किए हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर जमीन गाइडलाइन मूल्य निर्धारण में बड़ा बदलाव किया गया है. इससे रजिस्ट्री की प्रक्रिया अब आसान होगी. वहीं, भ्रम, विसंगतियां व अतिरिक्त शुल्क भी समाप्त होंगे, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी. पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी ने विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया था कि जमीन के गाइडलाइन मूल्य निर्धारण संबंधी वर्तमान नियम अत्यंत जटिल तथा विरोधाभासी हैं तथा सामान्यजन की समझ से बाहर हैं. इसके कारण आम लोगों को तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इन नियमों को सरल, संक्षिप्त तथा व्यक्तिनिरपेक्ष बनाया जाए. बताया गया है कि गाइडलाइन दरों की गणना इन नियमों के अनुसार की जाती है, जैसे मुख्य  मार्ग की दूरी क्या होगी, कौन से तल में होने पर कितना वैल्यूएशन होगा, किन-किन परिस्थितियों में कितने कितने मूल्य बढ़ेंगे आदि. इन नियमों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री के समय बाजार मूल्य का आकलन किया जाता है. गाइडलाइन दरों के निर्धारण संबंधी ये नियम वर्ष 2000 से बने हुए थे तथा इनमें कोई परिवर्तन या संशोधन नहीं हुआ था. बताया गया है कि गाइडलाइन दरों की गणना इन नियमों के अनुसार की जाती है, जैसे मुख्य मार्ग की दूरी क्या होगी, कौन से तल में होने पर कितना वैल्यूएशन होगा, किन-किन परिस्थितियों में कितने कितने मूल्य बढ़ेंगे आदि. इन नियमों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री के समय बाजार मूल्य का आकलन किया जाता है. गाइडलाइन दरों के निर्धारण संबंधी ये नियम वर्ष 2000 से बने हुए थे तथा इनमें कोई परिवर्तन या संशोधन नहीं हुआ था. वर्तमान नियमों में कई विसंगतियां थीं, जिसके कारण संपत्ति के बाजार मूल्य की वास्तविक और तार्किक रूप से गणना नहीं हो पाती थी. जैसे मुख्य मार्ग के आधार पर गाइडलाइन दरों की गणना का प्रावधान था, लेकिन इस पूरी गाइडलाइन में कहीं भी मुख्य मार्ग को परिभाषित नहीं किया गया था. मुख्यमंत्री व पंजीयन मंत्री के निर्देश पर गाइडलाइन संबंधी नियमों के पुनरीक्षण के लिए उद्देश्य निर्धारित किया गया था कि इन नियमों को सरल व संक्षिप्त और जनहितैषी बनाया जाए. साथ ही इसमें मानवीय हस्तक्षेप को कम करते हुए प्रक्रिया को सॉफ्टवेयर द्वारा स्वमेव लागू होने लायक प्रावधान तैयार किए जाएं. इन उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए बनाए गए नए जारी बाजार मूल्य गणना संबंधी उपबंध 2025 में कई मुख्य प्रावधान किए गए हैं. पूर्व प्रचलित उपबंध में 77 प्रकार के निर्धारण प्रावधान थे, जिन्हें घटाकर अब गणना संबंधी केवल 14 प्रावधान रखे गए हैं, जिन्हें समझना आम जनता के लिए बेहद आसान होगा. पूर्व उपबंध में नगरीय निकायों तथा इनमें कृषि, नजूल, डायवर्टेड- प्रत्येक अलग-अलग प्रकार की भूमि के लिए अलग-अलग प्रकार की गणना के प्रावधान थे. अब इन्हें युक्तिसंगत बनाते हुए एक ही प्रकार का प्रावधान किया गया है. सभी वर्ग के नगरों व भूमि के लिए अब हेक्टेयर दर की सीमा 0.14 हेक्टेयर कर दी गई है. निर्मित संरचनाओं के लिए केवल 8 दरें रखी गई हैं. कृषि, डायवर्टेड, नजूल एवं आबादी भूमि के लिए अब एक समान मूल्यांकन मानक लागू होगा, जिससे डायवर्टेड व नजूल भूमि होने मात्र से संपत्ति के बाजार मूल्य नहीं बढ़ेंगे तथा भ्रम व त्रुटियों की संभावना समाप्त होगी. दो फसली भूमि होने पर 25 प्रतिशत वृद्धि, गैर परंपरागत फसलों पर 25 प्रतिशत वृद्धि, नलकूप ट्यूबवेल होने पर उसकी अलग कीमत, बाउंड्रीवाल व फ्लिंट होने पर उसकी अलग कीमत वृद्धि करने जैसे प्रावधानों को हटा दिया गया है. इसका प्रत्यक्ष लाभ आम जनता को होगा. नए नियम में यह प्रावधान किया गया है कि जब कोई नया मोहल्ला, कॉलोनी या परियोजना विकसित हो तो उसके लिए विशेष रूप से गाइडलाइन दर का निर्धारण किया जाएगा. जमीन की सरकारी कीमतों में वृद्धि का प्रस्ताव लटका प्रदेश में अचल संपत्ति व जमीन की नई कलेक्टर गाइडलाइन दरें बढ़ाने का प्रस्ताव फिलहाल लटक गया है. पंजीयन विभाग ने 8 महीने पहले जमीन की गाइडलाइन दर में वृद्धि करने की प्रक्रिया शुरू की थी, वह लटकी हुई है. जबकि अचल संपत्ति व जमीन की कलेक्टर गाइडलाइन दर तैयार करने के लिए सर्वे हो चुका है. जिला समितियों द्वारा गाइडलाइन दर में डेढ़ से दो गुना तक वृद्धि प्रस्तावित है. निर्णय नहीं होने के कारण वर्तमान में 7 साल पुरानी गाइडलाइन दरें ही लागू हैं.

रेलवे का बड़ा फैसला: इन 3 फाटकों को किया जाएगा खत्म, लोगों को मिलेगी जाम से मुक्ति

जालंधर  शहर की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए रेलवे ने तीन प्रमुख रेलवे फाटकों पर अंडरब्रिज बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अलावलपुर, जल्लोवाल और करतारपुर रेलवे फाटकों को समाप्त कर लो-हाइट अंडरब्रिज बनाए जाएंगे। इन तीनों फाटकों से रोजाना 100 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं, जिसके कारण ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ गई थी। अब रेलवे द्वारा 10 करोड़ रुपये की इस योजना पर काम शुरू किया जाएगा। रेलवे के अंडरब्रिज निर्माण से शहरवासियों को मिलेगी राहत रेलवे ने इन तीनों फाटकों को बंद करने के लिए तकनीकी सर्वेक्षण पूरा कर लिया है और अब इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जल्द जारी किए जाएंगे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस अंडरब्रिज निर्माण से न केवल ट्रैफिक की समस्या हल होगी, बल्कि यह रेलवे की भी लागत में बचत करेगा। करतारपुर रेलवे फाटक सबसे व्यस्त करतारपुर का रेलवे फाटक शहर का सबसे व्यस्त फाटक है, जहां रोजाना 3 लाख से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। अंडरब्रिज बनने से इस फाटक पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को सुल्तानपुर लोधी और श्री गोइंदवाल साहिब जाने में भी आसानी होगी। इन तीन फाटकों पर अंडरब्रिज बनने से करीब 10 लाख लोग लाभान्वित होंगे, जिनमें गांवों के लोग और शहरवासियों को सीधे हाईवे कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा, यह योजना मानव रहित फाटकों को भी समाप्त कर देगी, जिससे सुरक्षित यात्रा में भी मदद मिलेगी।   गांवों से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी विशेष रूप से जल्लोवाल रेलवे फाटक के पास ब्यास पिंड से 10 गांवों को हाईवे से सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी, जिससे इन गांवों के निवासी सड़क यात्रा में सुविधा महसूस करेंगे। सभी फाटकों पर अंडरब्रिज बनने से हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, जिससे न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी बल्कि यात्रा में भी समय की बचत होगी। रेलवे द्वारा शुरू की गई इस योजना से शहर के ट्रैफिक में सुधार होगा और शहरवासियों को लंबे समय से परेशान कर रही फाटक के कारण होने वाली समस्याओं से निजात मिलेगी। इस कदम से शहर में यात्रा करना अब और भी आसान हो जाएगा।

छत्तीसगढ़ में जैव ईंधन के उत्पादन में 3,500 करोड़ रुपये का हो रहा निवेश

सीबीडीए द्वारा बायोफ्यूल एक्सपो तथा सेमीनार का आयोजन रायपुर, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण द्वारा राजधानी रायपुर में बायोफ्यूल एण्ड बायो एनर्जी एक्सपो का आयोजन 7 से 9 नवंबर तक स्थानीय श्रीराम बिजेनस पार्क में किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल रोडमैप विजन 2024-29 पर आयोजित सेमीनार में बायोफ्यूल तकनीक पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री सुमित सरकार ने छत्तीसगढ़ की जैव ईंधन रोडमैप की चर्चा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य को बायोफ्यूल के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की पहल की जा रही है।  सीईओ श्री सुमित सरकार ने बताया कि छत्तीसगढ़ में निजी कंपनियों ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024-2030 के अनुरूप, लगभग 3,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। गेल और बीपीसीएल जैसी ओजीएमसी ने विभिन्न यूएलबी में 8 एमएसडब्ल्यू/बायोमास आधारित संपीड़ित बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ओएनजीसी ग्रीन और एचपीसीएल ग्रीन वर्तमान में सीबीजी उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने के लिए विभिन्न स्थानों का सर्वेक्षण कर रही हैं।  राज्य में चावल, मक्का और चने के अवशेषों का उपयोग करके बायोएथेनॉल और कम्प्रेस्ड बायोगैस बनाने के लिए फीडस्टॉक-आधारित परीक्षण किया जा रहा हैं। इसके साथ ही कृषि अपशिष्ट को सब्सट्रेट के रूप में उपयोग करके एंजाइम उत्पादन परीक्षण और नए माइक्रोबियल स्ट्रेन का संवर्धन हो रहा है। उन्होंने बताया कि बायो-विमानन ईंधन के क्षेत्र में सीबीडीए अब बायोमास-आधारित हाइड्रोजन के उत्पादन की तैयारी कर रहा है, जिसका उपयोग बाद में हाइड्रोप्रोसेस्ड एस्टर और फैटी एसिड तकनीक के माध्यम से एसएएफ उत्पादन के लिए किया जाएगा। छत्तीसगढ़ में अधिशेष चावल को प्राथमिक फीडस्टॉक के रूप में उपयोग करके बायोएथेनॉल उत्पादन के लिए पहले ही एक मानक संचालन प्रक्रिया विकसित कर ली है। हाल ही में, राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई), कानपुर के सहयोग से, सीबीडीए बायोफ्यूल कॉम्प्लेक्स स्थल, ग्राम गोढ़ी, जिला दुर्ग में एक वैकल्पिक फीडस्टॉक स्थापित करने के लिए चुकंदर की खेती पर परीक्षण शुरू किया है। अगला कदम इथेनॉल उत्पादन के लिए इसकी क्षमता का परीक्षण करना है, जिससे भारत के 20 प्रतिशत मिश्रण लक्ष्य और उससे आगे की उपलब्धि में सहायता मिलेगी, जिससे इस पहल की निरंतर सफलता सुनिश्चित होगी। इस सेमीनार में गैल के सीजीएम श्री मोहम्मद नजीब कुरैशी और डीजीएम जितेन्द्र पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के पाइप लाईन नेटवर्क के बारे में जानकारी दी। बीपीसीएल के डीजीएम श्री संजय ठाकुर ने छत्तीसगढ़ में कम्प्रेस बायोगैस की संभावनाओं के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। इसी प्रकार रिलायंस इंडस्ट्रीज के डीजीएम श्री सुशील वर्मा ने धान से कम्प्रेस बायोगैस उत्पादन के बारे में जानकारी दी।   इसी प्रकार आरईवीवाय के इन्वारमेंटल साल्यूशन प्रा.लि. के फाउंडर डायरेक्टर डॉ. वनिता प्रसाद ने बायोगेस प्लांट के संचालन, एट्रीएम इनोवेशन प्रा.लि. पुणे के डायरेक्टर श्री राजेश दाते ने एनोरोबिक काम्पोस्टिंग सिस्टम, इंग्रोटेक एक्वा इंजीनियर्स प्रा.लि. संबलपुर के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुकांत कुमार मेहेर ने एसटीपी प्लांट से कम्प्रेस बायोगैस की उत्पादन की संभावनाओं और एईसी एग्रीटेक प्रा.लि. के सीईओ श्री जितेन्द्र नारायण ने कम्प्रेस बायोगैस पॉलिसी, प्रोक्योरमेंट और प्राइसिंग के बारे में जानकारी दी।

6 करोड़ 11 लाख का सरचार्ज हुआ माफ : मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई समाधान योजना 2025-26 को अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। अब तक 6 दिनों में ही 8163 उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। इनका 6 करोड़ 11 लाख रुपए सरचार्ज माफ हुआ है। उन्होंने ग्वालियर में पत्रकारों से चर्चा कर क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं के तहत हुए निर्माण एवं विकास कार्यों की भी जानकारी दी। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि तीन माह से अधिक के विलम्बित बिल के भुगतान पर मध्य प्रदेश सरकार ने सरचार्ज में भारी छूट देने का फैसला लिया है। इस फैसले के क्रियान्वयन के लिये समाधान योजना 2025-26 विगत 3 नवम्बर से शुरू होकर 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी। यह योजना दो चरणों में है। पहला चरण 3 नवम्बर से 31 दिसम्बर 2025 में 60 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत सरचार्ज माफ किया जा रहा है। इसी प्रकार दूसरा चरण 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक है, जिसमें में 50 से 90 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जा रहा है। योजना में दो प्रकार के भुगतान विकल्प दिये गये हैं। एकमुश्त भुगतान पर अधिकतम छूट रहेगी। 6 किश्तों में भुगतान की आसान सुविधा उपलब्ध करायी गई है। इस योजना में घरेलू , गैर घरेलू एवं औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं। इस योजना में पंजीकरण के लिये न्यूनतम भुगतान के लिये घरेलू उपभोक्ताओं पर बकाया राशि का 10 प्रतिशत एवं गैर घरेलू औद्योगिक उपभोक्ताओं पर बकाया राशि का 25 प्रतिशत राशि जमा कराने का प्रावधान है। मंत्री श्री तोमर ने बताया कि समाधान योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए नजदीकी विद्युत वितरण केन्द्र या मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in पर विजिट करें अथवा कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क करें। उन्होंने बताया कि समाधान योजना 2025-26 में मध्य प्रदेश के 91 लाख 84 हजार उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। जिन पर बकाया मूल राशि 8353.99 करोड़ रुपए है, एवं सरचार्ज की राशि 3812.75 करोड़ है, जो कि माफ़ी योग्य है, यह भुगतान करने के तरीके एवं समयावधि पर निर्भर करती है। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि 3 नवंबर से 8 नवंबर 2025 तक प्रदेश के कुल 8163 उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लिया है, जिनकी कुल 6 करोड़ 11 लाख की सरचार्ज राशि माफ़ की जा चुकी है एवं वितरण कम्पनियों को कुल 11 करोड़ 15 लाख की बकाया राशि प्राप्त हुई है। मध्यप्रदेश में तीन बिजली वितरण कंपनियां हैं, इसमें मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 10 करोड़ 31 लाख की बकाया राशि वसूल की गई है। इसी प्रकार पूर्व क्षेत्र वितरण कंपनी ने 45 लाख एवं पश्चिम क्षेत्र ने 84 लाख की राशि वसूल की है। ऊर्जा मंत्री ने ग्वालियर रीजन की जानकारी देते हुए बताया कि समाधान योजना के अंतर्गत लगभग 18 लाख उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। इनमें से 03 नवम्बर से अब तक 2484 उपभोक्ताओं ने लाभ ले लिया है। उन्होने बताया गया कि ग्वालियर जिले में 2 लाख 97 हजार उपभोक्ता इस योजना से लाभाविंत होंगे और अब तक 460 उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लेकर 1 करोड़ 7 लाख रूपये से भी अधिक राशि जमा कर 57 लाख रूपये सरचार्ज की छूट प्राप्त की है। मंत्री श्री तोमर ने कहा है कि लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता जल्दी आएं जल्दी पाएं का फार्मूला अपनाएं। प्रथम चरण में एकमुश्त बकाया राशि जमा कर 100 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठाएं। इसके लिए आप अन्य उपभोक्ताओं को भी प्रेरित करें जिससे समाधान योजना 2025-26 का ज्यादा से ज्यादा बकायदार उपभोक्ता लाभ उठा सकें। निर्माण एवं विकास कार्यों की दी जानकारी ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने ग्वालियर शहर में आर.डी.एस.एस. (रिवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) के अन्तर्गत निर्माणधीन कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि ग्वालियर शहर में तारागंज में नवीन 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र 2 करोड़ 92 लाख की लागत से तैयार किया जा रहा है, इससे तारागंज, सिकन्दरकम्पू, समाधिया कॉलोनी, आपागंज और आसपास के लगभग 6 हजार से भी अधिक उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सप्लाई मिल पायेगी। 33 के.व्ही लाईन के इन्टरकनेक्शन एवं बाईफरकेशन के लगभग 10 निर्माण कार्य किये जा रहे हैं, जिनकी लागत 7 करोड़ 30 लाख रूपये है। ग्वालियर शहर में ही 11 के.व्ही. लाईन के इन्टरकनेक्शन और बाईफरकेशन के लगभग 41 कार्य लगभग 6 करोड़ 67 लाख की सहायता से सम्पन्न कराये जा रहे हैं। श्री तोमर ने बताया कि ग्वालियर शहर की विद्युत व्यवस्था को सुदुढ करने के लिये 26 करोड़ की लागत से विभिन्न क्षेत्रों में अतिरिक्त 355 नवीन विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किये जा रहे है, इसके अलावा शहर की कुछ इलाकों में उच्चक्षमता की केबिल बिछायी जा रही है, जिसकी लागत 2 करोड़ है। मंत्री श्री तोमर ने एस.एस.टी.डी. योजनान्तर्गत ग्वालियर शहर में निर्माणाधीन कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि ग्वालियर शहर में लगभग 42 लाख 66 हजार की लागत से 33 के.व्ही. लाईनों को विस्तार किया जा रहा है, इसी प्रकार 2 करोड़ 53 लाख की सहायता से 11 के.व्ही. लाईनों का विस्तार किया जा रहा है और एक उपकेन्द्र पर स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि 39 लाख की सहायता से की जा रही है। मंत्री श्री तोमर ने बताया कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के ग्वालियर रीजन के 8 जिलों में 2025 की तुलना यदि 2020 से की जाये तो पिछले पांच वर्ष में ग्वालियर रीजन के अन्तर्गत 105 नवीन 33/11 के.व्ही. सबस्टेशन बनाये गये हैं, 683 कि.मी. नवीन 33 के.व्ही. लाईन एवं 2 हजार 110 कि.मी. लम्बी 11 के.व्ही. लाईन बिछायी गई है। उन्होंने आरडीएसएस योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अन्तर्गत 8 जिलों में (ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर) में 455 करोड़ रूपये की सहायता से 7 नवीन 33/11 के.व्ही. सब-स्टेशन और 490 कि.मी. लम्बी लाईन एवं क्षमता वृद्धि के कार्य और 2 हजार 383 कि.मी 11 के.व्ही. नवीन लाईन के कार्य किये जा रहे है। इसी तरह मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अन्तर्गत 8 जिलों में (ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर) में एस.एस.टी.डी. योजनान्तर्गत 455 करोड़ रूपये की सहायता से 7 नवीन 33/11 के.व्ही. सब-स्टेशन और 491 … Read more

तीन दिन बाद हाड़ कंपाने वाली सर्दी का अलर्ट, मौसम विभाग ने किसानों को दी अहम सलाह

रांची झारखंड में ठंड ने दस्तक दे दी है। धीरे-धीरे तापमान में गिरावट की वजह से ठंड बढ़ रही है, तो वही ठंडी हवा भी लोगों की मुसीबत बढ़ा रही है जिसकी वजह से कंपनी महसूस हो रही है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले अगले 4 दिनों तक झारखंड में लगातार ठंडी हवा चलेगी जिसकी वजह से तापमान में और गिरावट आएगी और लोगों को हांड कंपाने वाली ठंड का सामना करना पड़ेगा। 3 दिनों में तेजी से गिरेगा तापमान मौसम विभाग ने राज्य के सभी 24 जिलों के लिए ठंड बढ़ने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक 9 से 11 नवंबर तक मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं 10-20 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी। सुबह-शाम घना कोहरा छाने से दृश्यता 500 मीटर तक सिमट सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान में राज्य का औसत अधिकतम तापमान 26-29°C और न्यूनतम 15-18°C है, लेकिन अगले 72 घंटों में पारा 3-5 डिग्री नीचे लुढ़केगा। कोल्हान, संथाल परगना और उत्तरी छोटानागपुर में न्यूनतम तापमान 12-14°C तक पहुंच सकता है। दिसंबर तक राज्य में गिरेगा 8-10°C तक पारा मौसम वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक आनंद ने कहा-पश्चिमी विक्षोभ और ला नीना का असर है। दिसंबर तक राज्य में 8-10°C तक पारा गिर सकता है। मौसम विभाग की ओर से लगातार लोगों को बदलते मौसम के दौर में सावधान रहने की राय दी गई है और अपने स्वास्थ्य के प्रति खास ख्याल रखना है। वही किसान भाईयों को भी अपने खेतों में लगे सब्जियों की देखभाल करते रहना है वर्ना आपकी फसल बर्बाद हो सकती है।  

मध्यप्रदेश पुलिस का जुआ फड़़ो पर लगातार शिकंजा

एक सप्ताह में लगभग 35 लाख से अधिक का मशरूका जब्त भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा जुआ, सट्टा एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे सतत अभियान के तहत 1 नवम्बर 2025 से अब तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में जुओं की फड़़ पर छापामार कार्रवाही कर कुल 35 लाख 70 हजार से अधिक का मशरूका जप्त किया गया है। इन कार्रवाही में 87 जुआरियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध संबंधित धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। दमोह पुलिस की सराहनीय कार्यवाही थाना कोतवाली दमोह पुलिस ने पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में दिनांक 3 नवम्बर 2025 की रात्रि में बड़ी कार्रवाई की गई। मुखबिर की सूचना के आधार पर निरीक्षक थाना प्रभारी कोतवाली मनीष कुमार के नेतृत्व में शहर में जुआ खेल रहे 10 जुआरियों को पकड़ा। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 3 लाख 93 हजार 100 नगद राशि, 52 ताश के पत्ते, 11 मोबाइल फोन, 5 स्कूटी तथा 1 कार सहित कुल ₹23,18,100 का मशरूका जप्त किया। साथ ही एक अन्‍य कार्रवाही में 07 जुआरियों को पकड़कर 2 लाख 3 हजार रूपए नगद जब्‍त किए। मंदसौर (थाना कोतवाली): पुलिस द्वारा मंडीगेट के पास अवैध रूप से जुआ खेलते हुए 08 आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपियों से ₹4,76,300 नगद जप्त किया गया। कार्रवाई तीन थानों एवं नगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय की संयुक्त टीम द्वारा की गई, जिसमें 30 से अधिक पुलिस कर्मियों ने सहभागिता की। सतना (थाना उचेहरा): मुर्गी फार्म में रेड कर 12 जुआरी गिरफ्तार, 3 हजार 950 रूपए नगद बरामद। शिवपुरी (थाना दिनारा): 4 आरोपी गिरफ्तार, ₹7,750 नगद एवं ताश की गड्डी जप्त। शिवपुरी (थाना सतनवाड़ा): 6 जुआरी पकड़े गए, 11 हजार 400 रूपए एवं ताश की गड्डी जप्त। अनूपपुर (थाना रामनगर): दो जुआ फड़ों पर छापेमारी, 12 आरोपी गिरफ्तार, 7.20 लीटर अवैध शराब बरामद। छतरपुर (थाना बिजावर): दो स्थानों पर छापा, 12 जुआरी गिरफ्तार, 72 हजार रूपए नगद, 6 दोपहिया वाहन सहित कुल 4 लाख रूपए की संपत्ति जब्त। छिंदवाड़ा (चौकी सिंगोड़ी थाना अमरवाड़ा): 9 आरोपी गिरफ्तार, 8 लाख 150 रूपए नगद और ताश के पत्ते बरामद। सागर (थाना रहली): 3 आरोपी पकड़े गए, 1 हजार 400 रूपए नगद, मोबाइल एवं मोटरसाइकिल सहित कुल 91 हजार 400 रूपए की संपत्ति जब्त। इसी तरह सतना जिले के ही मैंहर-अमरपाटन में 4 आरोपी गिरफ्तार, 21 हजार 835 रूपए नगद एवं 3 एंड्रायड मोबाइल जब्त। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा राज्यभर में चलाए जा रहे इन सतत अभियानों का उद्देश्य समाज में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना एवं जुआ-सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। पुलिस की ऐसी कार्रवाइयाँ आगे भी निरंतर जारी रहेंगी ताकि समाज में शांति, सुरक्षा और अनुशासन की भावना बनी रहे।  

स्वास्थ्य विभाग पर सवाल: नसबंदी ऑपरेशन के दौरान दो महिलाओं की हालत गंभीर

दुर्ग दुर्ग जिला अस्पताल में शनिवार को नसबंदी के दौरान दो महिलाओं की मौत हो जाने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा सर्जरी के दौरान दी गई किसी दवा के रिएक्शन से हुआ। फिलहाल दवा के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। जानकारी के पूजा यादव (27), निवासी बजरंग नगर दुर्ग, नसबंदी ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल पहुंची थी। ऑपरेशन के दौरान उसे अचानक झटके आने लगे और शरीर में अकड़न महसूस हुई। हालत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।   वहीं सिकोला भाटा निवासी किरण यादव (30) ने उसी दिन सुबह सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद जब उसकी नसबंदी की जा रही थी, तभी उसे भी झटके आने लगे और शाम तक उसने भी दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि किरण पूरी तरह स्वस्थ थी और अचानक उसकी तबीयत बिगड़ना सभी के लिए सदमे जैसा था। पूजा यादव के दो छोटे बच्चे हैं, जबकि किरण यादव का नवजात शिशु है। दवाओं पर संदेह सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज के अनुसार पूजा यादव को नसबंदी के दौरान बुपीवाकेन 3 एमएल, मिडान 1 एमजी, और 2 आरएल (रिंगर लैक्टेट) दिया गया था। वहीं किरण यादव को बुपीवाकेन 2.2 एमएल, ऑक्सीटोसीन 10 आईयू, 2 आरएल और 1 डीएनएस दिया गया था। आंशका कि इन दवाओं में से किसी एक के रिएक्शन से दोनों की तबीयत बिगड़ी। नौ सर्जरी हुईं, दो में हादसा शनिवार को मदर-चाइल्ड यूनिट में कुल नौ सर्जरी की गई। इनमें पूजा की केवल नसबंदी थी, जबकि किरण की सिजेरियन के साथ नसबंदी की गई। बाकी सात महिलाओं की सर्जरी सामान्य रही। ऑपरेशन टीम में डॉ. उज्जवला देवांगन, डॉ. विनीता ध्रुवे, डॉ. रिंपल (स्त्री रोग विशेषज्ञ) और डॉ. पूजा वर्मा (एनेस्थेटिस्ट) शामिल थी। दवा का सैंपल लेकर जांच को भेजा सिविल सर्जन डॉ. मिंज ने बताया कि सर्जरी के दौरान दोनों महिलाओं को झटके और अकड़न की शिकायत हुई थी। उन्हें तत्काल आईसीयू में भर्ती कर उपचार दिया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद उपयोग की गई दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

सावधान! जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे पर बढ़ी परेशानी, निकलने से पहले देखें अपडेट

भोगपुर जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे पर पड़ते भोगपुर शहर में पिछले लंबे समय से ट्रैफिक समस्या से जूझ रहा है। हर रोज शहर में लगते लंबे ट्रैफिक जाम से शहरवासी परेशान हैं परंतु पुलिस और सिविल प्रशासन लोगों कि इस समस्या से बिल्कुल बेखबर हैं। सनद रहे कि चीनी मिल के चालू होने पर जब गन्नों की ट्रालियां सड़क पर आएंगी तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है, जिसका हल पुलिस और सिविल प्रशासन को समय रहते कर लेना चाहिए। भोगपुर शहर में लगते हर रोज लंबे ट्रैफिक जाम का मुख्य कारण चार लेन नेशनल हाईवे के दोनों तरफ कथित तौर पर गलत तरीकों से गाड़ियों की पार्किंग होना है, जिसके कारण चार लेन नेशनल हाईवे के केवल 2 मार्ग ही ट्रैफिक के लिए उपलब्ध रहते हैं, जबकि 2 मार्ग गाड़ियों की कथित तौर पर पार्किंग के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि नेशनल हाईवे के बीच पार्किंग की जाती गाड़ियां सारा दिन ही खड़ी रहती है, जिस वजह से ट्रैफिक जाम होने से शहर में लंबा जाम लग जाता है। वहीं ट्रैफिक को सुचारू करने के लिए कहीं भी कोई पुलिस मुलाजिम कोशिश करता हुआ नजर नहीं आता है। ट्रैफिक जाम में फंसे लोग परेशानी के कारण प्रशासन को कोसते रहते हैं। कई बार इस ट्रैफिक जाम में गंभीर हालातों में मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस भी फंस जाती हैं। वहीं शहर की ट्रैफिक समस्या की ओर पुलिस और सिविल प्रशासन को जल्द दूर करने के लिए कदम उठाने चाहिए, ताकि आम जनता को इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके।

हरियाणा पुलिस का एक्शन मोड: जींद में दबोचा गया गैंगस्टर, अवैध हथियार बरामद

जींद  हरियाणा पुलिस के ऑपरेशन ट्रैकडाउन के तहत जींद में एवीटी स्टाफ ने एक बदमाश को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से अवैध हथियार भी बरामद किया है। मामले की जानकारी देते हुए एवीटी स्टाफ के इंचार्ज एसआई कमल सिंह ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने प्रदेश में  अवैध गतिविधियों के खिलाफ ऑपरेशन ट्रैकडाउन चलाया है। इसके तहत एवीटी स्टाफ की टीम  HC जितेन्द्र सिहं की अगुवाई में जींद से कैथल रोड पर गश्त कर रहे थे। इस दौरान टीम ने गांव कंडेला में रजवाहा के पास एक नौजवान को देखकर नजरे चुराकर भागने लगा, जिसको शक के आधार पर पकड़ा। जब पुलिस ने उसे पकड़ा तो उसने अपना नाम नरेश वासी कंडेला बताया।  पुलिस ने तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक पिस्तौल और 32 बोर नाजायज बरामद हुए। पुलिस ने युवक से हथियार का कोई लाइसेंस और परमिट मांगा, तो वह पेश नहीं कर सका, जिस पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बता दें जींद के पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह के कुशल मार्गदर्शन में लगातार ऑपरेशन ट्रैकडाउन के तहत कार्रवाई की जा रही है।  

अमित शाह की तीखी टिप्पणी: सासाराम में कांग्रेस और आरजेडी नेतृत्व पर बोला हमला

सासाराम गृहमंत्री अमित शाह ने सासाराम में सभा को संबोधित करते हुए आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध घुसपैठियों के मुद्दे को उछाला तथा विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों के समय आतंकवादियों पर कार्रवाई ढीली रहती थी, जबकि नरेंद्र मोदी सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। अमित शाह ने कहा, “जब सोनिया, मनमोहन और लालू के समय था, तो आतंकवादी घुस आते थे, हमारे देश में हमला करते थे और भाग निकलते थे, कोई सवाल नहीं करता था। नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद उरी हमले के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक की गई और पुलवामा हमले के बाद हवाई कार्रवाई की गई। पाहलगाम में हमारे टूरिस्टों से उनके धर्म के बारे में पूछा गया और उन्हें मारा गया। 22 दिनों में हमने ऑपरेशन सिंदूर करके पाकिस्तान में घुसकर आतंकवाद को समाप्त करने का काम किया।” उन्होंने शस्त्राई स्वर में कहा, “यहां मां शाक्तिपीठ की पवित्र भूमि पर मैं कहता हूं, अगर आतंकवादी गोली चलाएंगे तो हम गोलाबारी से जवाब देंगे। क्या आप जानते हैं वह गोला कहां बनेगा? प्रधानमंत्री मोदी बिहार में डिफेंस कॉरिडोर बनाएंगे और एक आर्डनेंस फैक्ट्री स्थापित की जाएगी।” घुसपैठियों के मुद्दे पर अमित शाह ने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी नेता विशेषकर राहुल और तेजस्वी घुसपैठियों के समर्थन में यात्रा निकालते हैं। उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले राहुल और तेजस्वी ने एक यात्रा निकाली थी, ये यात्रा उन्होंने घुसपैठियों को बचाने के लिए निकाली थी। हमारे देश में घुसपैठिये हमारे युवाओं की नौकरियां छीन रहे हैं, गरीबों के राशन में अपना हिस्सा ले रहे हैं और देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन रहे हैं।” अमित शाह ने स्पष्ट किया, “राहुल और तेजस्वी जो करना चाहें, करने दें,  मैं आज सासाराम की धरती से यह कहता हूं कि हम बिहार और देश से एक-एक घुसपैठिए को निकालने का काम करेंगे। उन्होंने (राहुल और तेजस्वी) घुसपैठियों को अपना वोट बैंक बना लिया है। हमें घुसपैठियों के वोट नहीं चाहिए, हम सासाराम के युवाओं के वोट और मेहनती दीदियों के वोट से जीतने आए हैं।” सभा में अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमाओं के उल्लंघन तथा स्थानीय युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों पर जोर देते हुए सरकार की नीतियों का बचाव किया और जनता से बीजेपी का समर्थन मांगते हुए कहा कि वह बिहार और देश की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाते रहेंगे।