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प्रदेश में कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों के लिये ओलंपियाड

भोपाल  प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में तार्किक सोच, समस्या समाधान क्षमता और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करने के लिये केन्द्र सरकार के निर्देश पर सरकारी स्कूल के कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों के लिये गणित और विज्ञान विषय में ओलंपियाड का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय के सेकेण्डरी एजुकेशन विंग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश जारी किये हैं। सांत्वना समेत 10 विजेताओं को पुरस्कार ओलंपियाड में प्रत्येक विषय में 5 विद्यार्थी चयनित होंगे। गणित और विज्ञान मिलाकर कुल 10 विद्यार्थियों का चयन होगा। प्रत्येक विषय में प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं 2 सांत्वना पुरस्कार होंगे। प्रथम पुरस्कार स्वरूप 51 हजार रूपये, द्वितीय 31 हजार और तृतीय के लिये 21 हजार रूपये की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जायेगी। दो सांत्वना पुरस्कार 11-11 हजार रूपये के होंगे। ओलंपियाड परीक्षाएं विकासखंड और संभागीय मुख्यालयों पर होगी। विद्यार्थी गणित या विज्ञान किसी एक विषय में अथवा दोनों विषय में भाग ले सकता है। प्रथम परीक्षा का आयोजन विकासखंड मुख्यालय पर किया जायेगा। द्वितीय परीक्षा संभागीय स्तर पर आयोजित होगी। ओलंपियाड में भाग लेने विद्यार्थी की प्रविष्टि विद्यालय के प्राचार्य द्वारा 10 नवम्बर 2025 तक विमर्श पोर्टल पर प्राचार्य द्वारा की जायेगी। प्रतियोगिता से संबंधित सभी जानकारी सरकारी स्कूलों के हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों के प्राचार्यों को भेजी गई है।  

महासमुंद : कलेक्टर लंगेह ने जन चौपाल में सुनी लोगों की समस्याएं, दिए निराकरण के निर्देश

महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जन चौपाल में जिले के जनसामान्य की समस्याएं सुनी। कलेक्टर श्री लंगेह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त 48 आवेदनों को प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को उनके विभाग से संबंधित आवेदन प्रदान कर शीघ्र निराकरण करने के लिए निर्देशित किया। जन चौपाल में ग्राम साराडीह की पूनम साहू ने आगे की शिक्षा ग्रहण करने हेतु राष्ट्रीय प्रतिभा खोज अंतर्गत प्रोत्साहन राशि बाबत आवेदन किया। इसी तरह ग्राम भलेसर महासमुंद निवासी चंदन लाल साहू ने नोनी सुरक्षा योजना से संबंधी समस्या के निराकरण के लिए आवेदन, ग्राम छिलपावन निवासी कुशन्ती बाई ने ऋण की अवैध वसूली पर रोक लगाने, ग्राम ढाबाखार पिथौरा निवासी चन्द्रमणि सिदार ने सीसी रोड निर्माण हेतु, ग्राम घोंच पिथौरा निवासी गौरसिंग ने मुआवजा राशि दिलाने हेतु आवेदन किए। इसके अलावा पीएम जन धन योजना, भौतिक सत्यापन, हैंडपंप स्थापना, अवैध कब्जा, लंबित भुगतान, अनुदान राशि प्रज्ञा करने संबंधी आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि कुमार साहू सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ ने विश्व में रोशन किया बुंदेलखंड का नाम : खाद्य मंत्री राजपूत

आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप जीतने पर दी बधाई भोपाल  खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 के फाइनल में भारत की शानदार जीत की बधाई देते हुए मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के ग्राम घुवारा की महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ से फोन पर बात की। उन्होंने क्रांति गौड़ को जीत की बधाई देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है जब हमारी बेटियों ने पूरे विश्व में अपने देश व अपने बुंदेलखंड का नाम रोशन किया। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जब क्रांति गौड़ लौटकर आएंगी तो उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। क्रांति गौड़ ने धन्यवाद प्रेषित करते हुए कहा कि मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा है कि हमारे बुंदेलखंड का नाम विश्व में रोशन हुआ है। हम सभी बहुत खुश हैं कि सभी खिलाड़ियों की मेहनत से भारत ने महिला विश्व कप जीतकर नया इतिहास रचा है। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निरंतर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन कर आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करते हैं। देश के खिलाड़ियों ने विश्व में कई कीर्तिमान स्थापित कर देश का नाम रोशन किया है। भारतीय टीम की जीत पर पूरे देश में जश्न का माहौल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमारे बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ के लिए एक करोड़ की राशि की घोषणा की है। मंत्री श्री राजपूत ने इंडिया टीम की जीत पर सभी देशवासी एवं प्रदेशवासियों को बधाई दी।

आम जनता तक पहुंचे विभाग की उपलब्धियां और नवाचार की जानकारी : मंत्री सिंह

मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की 2 साल की उपलब्धियों की हुई समीक्षा भोपाल  स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने करीब पिछले 2 सालों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने के साथ अनेक नचावार भी किये हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों के साथ आम जनता तक पहुंचाये जाने की जरूरत है। मंत्री श्री सिंह मंगलवार को मंत्रालय में विभागीय उपलब्धियों की समीक्षा कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने विभाग की योजनाओं की बिन्दुवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि सरकारी स्कूलों के विकास में जनता का अधिक से अधिक सहयोग मिले, इसके लिये और प्रभावी तरीके से प्रयास किये जायेंगे। बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल और आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने विभाग में किये जा रहे नवाचारों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मौलिक चिंतन और कल्पनाशीलता से स्थापना दिवस समारोह को मिला अभिनव स्वरूप

अभ्युदय मध्यप्रदेश आयोजन के तीन दिन जनता के लिए रहे आनंददायी मुख्यमंत्री की पहल पर पहली बार हुआ तीन दिवसीय समारोह मध्यप्रदेश स्थापना की 70वीं वर्षगांठ बनी यादगार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर स्थापना दिवस पर एक दिन के स्थान पर तीन दिवसीय समारोह हुआ, जिसकी सभी जगह सराहना की जा रही है। भोपाल का लाल परेड ग्राउंड तीन दिन तक अनेक सांस्कृतिक आयोजनों का केन्द्र बना, जिसमें राजधानी के नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूर्व राज्यपाल श्री कप्तान सिंह सोलंकी, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के जनप्रतिनिधि, राज्य मंत्रि-मंडल मंडल के सदस्य, सांसद और विधायक भी 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' में शामिल हुए। मध्यप्रदेश के गठन 01 नवम्बर 1956 से अब तक राज्य स्थापना के समारोह भिन्न-भिन्न स्वरूप में होते रहे हैं। समारोह की गतिविधियां राज्य मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल उद्यान और पुराने रवीन्द्र भवन तक सीमित रहती थीं। गत दशक में लाल परेड में सांस्कृतिक आयोजन की शुरूआत जरूर हुई, लेकिन एक दिवसीय कार्यक्रम होने से राजधानी के बहुत से नागरिक इसका आनंद लेने से वंचित रह जाते थे। वर्ष 2025 प्रदेश स्थापना दिवस के यादगार कार्यक्रमों के लिए जाना जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय समारोह को नया स्वरूप देने का निर्णय लिया। समारोह का स्वरूप निर्धारित करते समय प्रदेश की गौरवशाली विभूतियों की जानकारी नागरिकों को देने का विचार महत्वपूर्ण था। सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन, शौर्य, न्याय और दानशीलता के गुणों ने इतिहास में स्थान बनाया है। उन्होंने विक्रम संवत्सर प्रारंभ किया। सम्राट विक्रमादित्य के योगदान से प्रदेश के नागरिक मंचीय प्रस्तुति और मीडिया के सभी माध्यमों द्वारा परिचित भी हुए। गायन, अभिनय और नृत्य की सभी ने की सराहना एक नवम्बर को 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' के अंतर्गत जहां प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल ने गीत-संगीत के सुर बिखेरे, वहीं ऐतिहासिक ड्रोन शो भी हुआ। इसी दिन विश्ववंद कार्यक्रम के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की संगीतमय जीवन यात्रा को सैकड़ों कलाकारों ने मंच पर प्रस्तुत किया। दो और तीन नवम्बर को सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य ने दर्शकों को सम्मोहित किया। पहली बार निरंतर दो दिन लाल परेड ग्राउंड पर महानाट्य की प्रस्तुति ने प्रदेश के सांस्कृतिक जगत में नया इतिहास बनाया है। ड्रोन-शो में आकाश पर आकर्षक आकृतियों ने दर्शकों का मोह लिया मन मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकास्ट) की महत्वपूर्ण भूमिका ड्रोन-शो के माध्यम से पहली बार उभरकर आयी। यह विज्ञान और संस्कृति का संगम था। विरासत से विकास पर केन्द्रित यह ड्रोन-शो दर्शकों को महाकाल मंदिर, सिंहस्थ की झलकियों और आकाश पर अंकित की गई अन्य स्मारकों, श्रद्धा स्थलों की आकृतियों से अद्भुत आनंद की अनुभूति करवाने वाला शो बन गया। ड्रोन-शो ने नागरिकों का मन मोहने का कार्य किया। कलाकारों का परिश्रम और हुनर दिखा मंच पर अभ्युदय मध्यप्रदेश में लगभग एक हजार कलाकारों की सहभागिता रही। 'विश्ववंद' की प्रस्तुति, सुगम संगीत, समूह नृत्य और महानाट्य में मंच पर प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले कलाकारों का परिश्रम और हुनर उनके दीर्घ अभ्यास के प्रमाण प्रस्तुत करने वाला रहा मंच के परे योगदान देने वाले, रूप सज्जा करने वाले सहयोगियों, मंच सज्जा करने वाले तकनीकी सहयोगियों और ध्वनि और प्रकाश से जुड़े कार्यों का संयोजन करने वाले कलाकारों का सृजन सभी प्रस्तुतियों में जान डालने वाला सिद्ध हुआ। निर्देशन से जुड़े कलाधर्मी पूरे कार्यक्रम को यादगार बनाने का संकल्प लेकर कार्य कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य की प्रस्तुति में सहयोगी विशाला, सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति के श्री संजीव मालवीय, श्री राजेश कुशवाह और अन्य कलाकारों की भूमिका की प्रशंसा की। मेरा भोला है भंडारी पर झूमा भोपाल का जन-जन, आंचलिक संस्कृति के दिखे रंग अभ्युदय मध्यप्रदेश के समारोह में न सिर्फ मुम्बई के जुबिन नौटियाल बल्कि चंडीगढ़ से आये हंसराज रघुवंशी ने भी समा बांधा। हंसराज हंस के गाये भजन मेरा भोला है भंडारी पर भोपाल का जन-जन झूम उठा। प्रदेश की बहुआयामी आंचलिक संस्कृति मटकी नृत्य, निमाड़ी जनजीवन के काव्य प्रसंग-गणगौर और विंध्याचल के अहिराई लाठी नृत्य के माध्यम से सामने आयी। बुंदेलखंड अंचल में मांगलिक अवसरों और तीज-त्यौहारों पर होने वाले बधाई नृत्य के साथ ही महाकौशल अंचल से आये गोण्ड जनजातीय कलाकारों ने नृत्य के कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अभ्युदय मध्यप्रदेश के तीसरे दिन युवा गायिका स्नेहा शंकर ने भी सुमधुर गायन प्रस्तुत किया। विजन डॉक्यूमेंट आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का बनेगा रोडमैप 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' के अंतर्गत प्रदेश को 2.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाले राज्य के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य को केन्द्र में रखकर बनाए गए विजन डॉक्यूमेंट मध्यप्रदेश@2047 एक महत्वपूर्ण कदम रहा। विजन डॉक्यूमेंट के विमोचन ने अभ्युदय मध्यप्रदेश का महत्व बढ़ा दिया। यह विजन डॉक्यूमेंट प्रदेश की अब तक की सबसे वृहद जनभागीदारी का प्रमाण भी है। प्रदेश के लगभग 4 लाख नागरिकों जिनमें विद्यार्थी, विषय-विशेषज्ञ, उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य लोगों ने उपयोगी सुझाव देकर इस डॉक्यूमेंट की रचना में अहम योगदान दिया है। यह डॉक्यूमेंट प्रदेश की सामूहिक दृष्टि का प्रतिबिंब बनेगा। जनआकांक्षाओं की अभिव्यक्ति और उनकी पूर्ति की दिशा में विजन डॉक्यूमेंट आर्थि‍क विकास, प्रदेश के विभिन्न अंचलों की विशेषताओं के अनुरूप रणनीति तैयार कर विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन में भागीदार बनने के लिए प्रेरित करेगा। 

छत्तीसगढ़ प्रकृति, संस्कृति और प्रगति का संगम प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर जनसंपर्क विभाग द्वारा “छत्तीसगढ़ प्रकृति, संस्कृति और प्रगति का संगम” थीम पर 25 वर्षों की विकास यात्रा को दर्शाने वाली प्रदर्शनी नवा रायपुर अटल नगर स्थित राज्योत्सव स्थल पर लगाई गई है। यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों , नागरिकों और आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रदर्शनी में कृषक उन्नति योजना, महतारी वंदन योजना, रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया, तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक में वृद्धि, चरण पादुका योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और घर-घर निर्मल जल अभियान जैसी योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की गई है। अंजोर विज़न 2047” के माध्यम से छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा, जनकल्याणकारी पहलों और नई संभावनाओं की जीवंत झलक दिखाई गई है।  कबीरधाम, राजिम, रायपुर और फिंगेश्वर से आए छात्र-छात्राओं एवं नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर राज्य की विकास गाथा की सराहना की। जनसम्पर्क विभाग की प्रदर्शनी में राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों से जुड़ी प्रचार सामग्री, पुस्तिकाएँ और ब्रोशर निःशुल्क वितरित किए जा रहे हैं। इनसे लोग जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास पहलों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं तथा अपने साथ ले जाकर अन्य लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं।

मंडी शुल्क की चोरी करने वाले के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश

उड़नदस्ते करेंगे आकस्मिक जाँच भोपाल फर्जी दस्तावेज के आधार पर कृषि उपज का क्रय-विक्रय कर मंडी शुल्क की चोरी करने वाले के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी। प्रबंध संचालक म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड श्री कुमार पुरुषोत्तम ने सभी आंचलिक अधिकारियों को ऐसे प्रकरणों की जाँच कर दण्डात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। प्रबंध संचालक श्री पुरुषोत्तम ने निर्देश दिये कि कुछ व्यापारियों और परिवहनकर्ताओं द्वारा मंडी शुल्क की चोरी कर मूंगफली का क्रय-विक्रय किया जा रहा है। इसके लिये उनके द्वारा फर्जी दस्तावेज बिल, बिल्टी, अनुज्ञा-पत्र तैयार कर मंडी शुल्क की चोरी की गयी है। मंडी बोर्ड द्वारा इस तरह के क्रय-विक्रय पर नजर रखने के लिये उड़नदस्ते गठित किये गये थे, जिन्होंने गवालियर, चम्बल, सागर और जबलपुर संभाग में कर चोरी पकड़ी गयी है। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि कृषि उपज के परिवहन के दौरान अनुज्ञा-पत्र पर दर्ज क्यूआर कोड का स्केन कर माल की प्राथमिकता चेकिंग की जाये। कर चोरी या गड़बड़ी प्राप्त होने पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराकर मंडी शुल्क की वसूली सुनिश्चित की जाये। 

वंदे मातरम्@150 कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने ली बैठक-, उत्सव के रूप में हो आयोजन – मुख्य सचिव

जयपुर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी 7 नवम्बर से पूरे प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय में संबंधित विभागों, संभागीय आयुक्तों एवं जिला कलेक्टरों के साथ उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।मुख्य सचिव ने उक्त बैठक में निर्देश दिए कि ‘वंदे मातरम्@150’ कार्यक्रम देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत उत्सव के रूप में मनाया जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने और नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना विकसित करने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य स्तरीय कार्यक्रमों के साथ-साथ जिलों में होने वाले आयोजनों का सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा कार्यक्रम स्थलों पर सेल्फी बूथ भी स्थापित किए जाएं। उन्होंने डीओआईटी विभाग को निर्देश दिए कि कार्यक्रमों के लाइव प्रसारण एवं अन्य तकनीकी तैयारियाँ समय पर पूर्ण की जाएं।  मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार ‘वंदे मातरम्@150’ के सभी कार्यक्रमों को देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत किया जाए तथा इसमें स्थानीय कलाकारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे अपनी रचनात्मक सोच से आमजन की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करें और सभी तैयारियाँ समय पर पूरी करें। उल्लेखनीय है कि ‘वंदे मातरम्@150’ राज्य स्तरीय कार्यक्रम 7 नवम्बर को जयपुर के एस.एम.एस. स्टेडियम में आयोजित होगा। इस अवसर पर सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी शिक्षण संस्थान, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, तकनीकी एवं मेडिकल कॉलेज, एनसीसी, एनएसएस, हिंदुस्तान स्काउट गाइड, पुलिस एवं आरएसी के जवान, सामाजिक संगठन और आमजन की भागीदारी रहेगी। इसी दिन अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर, सीकर, भीलवाड़ा और अलवर में जिला स्तर पर कार्यक्रम होंगे। इसके बाद 8 एवं 9 नवम्बर को शेष 31 जिलों में प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में आयोजित किए जायेगे। सभी सरकारी कार्यालयों में 10 नवम्बर को ‘वंदे मातरम्@150’ एवं स्वदेशी संकल्प कार्यक्रम, नगर निकाय कार्यालयों में 11 नवम्बर, पंचायती राज संस्थानों में 12 नवम्बर, सभी स्कूलों व छात्रावासों में 13 नवम्बर, उच्च शिक्षा संस्थानों में 14 नवम्बर और अस्पतालों व पुलिस थानों में 15 नवम्बर को कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 7 नवम्बर से 26 नवम्बर (संविधान दिवस) तक सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक वाचन किया जाएगा। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री भास्कर ए सावंत, प्रमुख शासन सचिव पर्यटन श्री राजेश कुमार यादव, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग श्रीमती गायत्री ए. राठौड़, प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास एवं आवासन विभाग डॉ. देबाशीष पृष्टी, शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग श्री रवि जैन, शासन सचिव डीओआईटी डॉ. रवि कुमार सुरपुर, सचिव सूचना एवं जनसंपर्क विभाग श्री सन्देश नायक सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे तथा संभागीय आयुक्त एवं जिला कलेक्टर वीसी से जुड़े।   

जनसुराज बनाम महागठबंधन: प्रशांत किशोर की पार्टी को मिलेगी कितनी सीटें, देखें सर्वे रिपोर्ट

पटना बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान चरम पर पहुंच चुका है। एनडीए और महागठबंधन की ओर से अपनी-अपनी जीत के दावे किए जा रहे हैं। इस बीच आए एक और सर्वे में बिहार में एक बार फिर नीतीश सरकार का अनुमान जाहिर किया गया है। आईएएनएस और मैटराइज की ओर से किए गए ओपिनियन पोल में एनडीए को 153 से 164 सीटें मिलने का अनुमान जाहिर किया गया है। वहीं, सर्वे ने प्रशांत किशोर की जनसुराज के प्रदर्शन को भी भांपने की कोशिश की है। ओपिनियन पोल के मुताबिक जनसुराज इस चुनाव में खाता तो खोल सकती है, लेकिन सीटों की संख्या प्रशांत किशोर के दावों से काफी कम रह सकती हैं। सर्वे में जनसुराज को एक से 3 सीटें ही मिलने का अनुमान जाहिर किया गया है। पार्टी को 4 फीसदी वोट मिलने का अनुमान जाहिर किया गया है। प्रशांत किशोर की पार्टी बिहार की 243 में से 238 सीटों पर लड़ रही है। पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार में व्यस्तता की वजह से खुद प्रशांत किशोर किसी सीट से नहीं लड़ रहे हैं। ओवैसी की एआईएमआईएम का क्या हाल महागठबंधन में शामिल होने में विफल रही असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को महज एक फीसदी वोट शेयर मिलने का अनुमान जाहिर किया गया है। ओवैसी की पार्टी के खाते में एक से दो सीटें जा सकती हैं। अन्य को 8 फीसदी वोट शेयर और 0-4 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की गई है। एनडीए को 153-164 सीटें मिलने का अनुमान भारतीय जनता पार्टी- 83-87 सीटें जनता दल यूनाइटेड- 61-65 सीटें हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा- 4-5 सीटें लोक जनशक्ति पार्टी- 4-5 सीटें राष्ट्रीय लोक मोर्चा- 1-2 सीटें महागठबंधन के लिए क्या अनुमान राष्ट्रीय जनता दल- 62-66 सीटें कांग्रेस- 7-9 सीटें सीपीआई (ML)- 6-8 सीटें सीपीआई- 0-1 सीट सीपीआई- (एम)- 0-1 सीट विकासशील इंसान पार्टी- 1-2 सीटें

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय एकात्मता विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का किया उद्घाटन

जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया   जयपुर राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा में “राष्ट्रीय एकात्मता : विविधता में एक चेतना” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया। उन्होंने संगोष्ठी के अंतर्गत जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि  राष्ट्र अनेक भाषा, संस्कृति, मतों, परंपराओं से मिलकर बनता है। राष्ट्र की एक सीमा होती है। राष्ट्र में उस देश का नागरिक रहता है। कोई दूसरे देश का नागरिक आता है तो उसे उस देश की नागरिकता लेनी पड़ती है। संगठित जनसमुदाय, निश्चित भूभाग, संस्कृति, परंपरा, एकता की भावना हमें एक सूत्र में बांधती है।  देश के नागरिकों में देश के मूल्यों, आदर्शों, मातृभूमि, समुदाय के प्रति निष्ठा और प्रेम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकता की भावना सिर्फ बातों में नहीं व्यक्ति के कर्मों में भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश जब बनता है तब एक देश से दूसरा देश बन जाता है। कारण अलग-अलग होते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे विघटन, हमारी गरीबी, हमारे एकसंघ नहीं होने का लाभ उठाकर अंग्रेजों ने देश कर अतिक्रमण कर लिया। वह हमने अंग्रेजों से वापस लिया। भारत से अनेक देश बने अफगानिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान और बांग्लादेश। एक राष्ट्र विकसित बनता है जब नागरिक एकजुट होकर देशप्रेम के साथ अपना सर्वस्व अर्पण करते हैं। नागरिक अपनी शक्ति, बुद्धि, त्याग, आर्थिक स्वावलंबन से देश को विकसित बनाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से हैं। पहले गांव में कच्चे मकान होते थे जो अब पक्के बन गए हैं क्योंकि लोगों के पास पैसा आया है। देश की अर्थव्यवस्था का विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि रामायण और महाभारत हमारी संस्कृति का मूल है। राम का नाम सभी भाषाओं में है। भजन – कीर्तन, व्याख्यान, भाषण, शिक्षण अलग-अलग भाषाओं में होता है मगर देवधर्म सबका एक ही है। एक ही गणेशजी की आरती अनेक भाषाओं में होती है मगर सबका भाव एक ही होता है। अनेक भाषा, खान-पान, वेशभूषा अलग-अलग होने के बावजूद हम सब एक हैं। हमारी संस्कृति ' भाषा अनेक – भाव एक', ' पथ अनेक – गंतव्य एक' की है।