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10 नवंबर से बदल जाएंगे पंजाब के स्कूलों के टाइम और सिस्टम, जानें क्या हुआ ऐलान

चंडीगढ़  श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित कार्यक्रम 4 नवंबर से राज्य भर में शुरू होंगे। पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग के सलाहकार दीपक बाली के साथ पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि इन कार्यक्रमों को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि हर आयु वर्ग, खासकर युवा और छात्र इनका हिस्सा बन सकें। उन्होंने कहा कि 10 नवंबर से पंजाब के सभी स्कूलों में नर्सरी से बारहवीं कक्षा तक 15 दिनों का अनिवार्य शैक्षणिक पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। सुबह की सभा के दौरान 10-12 मिनट का पहले से रिकॉर्ड किया गया पाठ सुनाया जाएगा, जिसमें श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, शहादत और खालसा पंथ की रचना के बारे में बताया जाएगा। इसके अलावा, सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, आई.टी.आई. और पॉलिटेक्निक कॉलेजों को 350वें शहीदी दिवस को समर्पित सेमिनार और कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की अद्वितीय शहादत किसी एक धर्म या संप्रदाय के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के मौलिक अधिकारों और सम्मान के लिए थी। पंजाब सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि गुरु जी की अद्वितीय शहादत की जानकारी पंजाब और देश के कोने-कोने तक पहुंचे और आने वाली पीढ़ियां इस महान बलिदान से प्रेरणा और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और अद्वितीय शहादत पर प्रकाश डालने वाला 45 मिनट का लाइट एंड साउंड शो सभी जिलों में आयोजित किया जाएगा। यह शो 4 नवंबर को पटियाला, जालंधर, फतेहगढ़ साहिब और पठानकोट से शुरू होगा, जिसके बाद राज्य के अन्य जिलों में भी यह शो आयोजित किया जाएगा। देश के विभिन्न हिस्सों से आयोजित होने वाले चार नगर कीर्तनों के बारे में उन्होंने बताया कि एक नगर कीर्तन 19 नवंबर को गुरुद्वारा छेवीं पातशाही श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) से आयोजित किया जाएगा। इस नगर कीर्तन में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पंजाब के सभी कैबिनेट मंत्री और विधायक भाग लेंगे, जबकि बाकी तीन नगर कीर्तन फरीदकोट, बठिंडा और गुरदासपुर से आयोजित किए जाएंगे। चारों नगर कीर्तन 22 नवंबर की शाम को श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेंगे। इन नगर कीर्तनों के दौरान सभी कैबिनेट मंत्री, विधायक और अधिकारी विनम्र सेवक के रूप में सेवा करेंगे। 350वें शहीदी पर्व को समर्पित कार्यक्रम 23 से 25 नवंबर तक श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित किए जाएंगे। ये कार्यक्रम 23 नवंबर को अखंड पाठ साहिब के साथ शुरू होंगे, उसके बाद सर्ब धर्म सम्मेलन, विरासत-ए-खालसा में एक प्रदर्शनी, शाम 5 बजे श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और बलिदान को दर्शाने वाला अपनी तरह का पहला ड्रोन शो और शाम 6 बजे कीर्तन दरबार होगा। दिन का समापन 'शहादत दी लो' के साथ होगा, जिसके तहत पवित्र शहर को मशाल जलाकर रोशन किया जाएगा। 24 नवंबर को नगर कीर्तन 'सीस भेट' श्री कीरतपुर साहिब से शुरू होकर श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगा। इतिहास में पहली बार, पंजाब विधानसभा श्री आनंदपुर साहिब में भाई जैता जी के स्मारक पर एक विशेष सत्र आयोजित करेगी। 25 नवंबर को श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद, प्रसिद्ध कीर्तनी जत्थे 9वें गुरु के भजनों का विविध कीर्तन करेंगे विभिन्न धर्मों के आध्यात्मिक नेताओं की भागीदारी के साथ एक सर्व-धर्म सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। इसलिए, गुरु तेग बहादुर जी के एकता और सद्भाव के सार्वभौमिक संदेश को उजागर करने के लिए पांचों तख्तों के जत्थेदारों, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष, श्री दरबार साहिब के मुख्य ग्रंथी, श्री श्री रविशंकर और लोकेश मुनि और अन्य प्रतिष्ठित धार्मिक हस्तियों को निमंत्रण भेजे जा रहे हैं। श्री आनंदपुर साहिब में विरासत-ए-खालसा में श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और शहादत को दर्शाने वाले 500 ड्रोन के साथ तीन दिवसीय (23 से 25 नवंबर) ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए सुगम परिवहन प्रदान करने के सभी प्रबंध किए हैं। पवित्र शहर में 500 ई-रिक्शा और 100 मिनी बसें चलेंगी, जिनमें श्रद्धालुओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, 23 से 25 नवंबर तक पंजाब की हर तहसील से श्री आनंदपुर साहिब के लिए एक विशेष मुफ्त बस सेवा भी शुरू की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं के लिए सुगम यात्रा सुनिश्चित होगी। 

तेज हो निर्माण कार्य, गुणवत्ता में लापरवाही होगी अक्षम्य : सीएम योगी

विरासत गलियारा का निरीक्षण करने के दौरान मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा, तैयारी के लिए जीडीए-नगर निगम के अफसरों को निर्देश गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि धर्मशाला बाजार से पांडेयहाता तक बन रहे विरासत गलियारा से किसी भी दुकानदार का हित कतई प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। जिन दुकानदारों की पूरी दुकान इस गलियारा के दायरे में आ गई है या फिर जिनकी दुकानों का आकार बहुत अधिक छोटा हो गया है, उन्हें एक कामर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाकर उसमें दुकानें दी जाएंगी। इस नई व्यवस्था के लिए सीएम योगी ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) और नगर निगम के अधिकारियों को जरूरी तैयारी करने के लिए निर्देशित किया है।  दुकानदारों को यह भरोसा और इसके अनुरूप कार्य करने के लिए जरूरी निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार शाम को विरासत गलियारा का निरीक्षण करने के दौरान दिए। टीपी नगर चौक से पैडलेगंज मार्ग पर बन रहे सिक्सलेन फ्लाईओवर का जायजा लेने के बाद सीएम योगी विरासत गलियारा के निर्माण कार्य को देखने-परखने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने विरासत गलियारा का निर्माण कार्य तेज करने और गुणवत्ता पर खास जोर देने के निर्देश कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए। चेतावनी भी दी कि गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही अक्षम्य होगी।  विरासत गलियारा का निरीक्षण करने के लिए सीएम योगी पांडेयहाता चौराहा, घंटाघर, हजारीपुर और जटाशंकर चौराहा पर रुके। वह सबसे पांडेयहाता चौराहा पहुंचे। शिवम टॉवर के पास ड्राइंग मैप देखने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गलियारा के निर्माण में जितने भी मकान और दुकान आए हैं, उनका मुआवजा हर हाल में दिया जाना सुनिश्चित होना चाहिए। कोई भी छूटना नहीं चाहिए। यदि किसी नागरिक की दुकान शत प्रतिशत प्रभावित हो गई हो या अत्यंत छोटी हो गई हो तो उनके कारोबारी समायोजन के लिए जीडीए या नगर निगम की तरफ से एक कामर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाए। यहां उन्होंने टूट रही दुकानों का मलबा निस्तारित करने, सड़क का स्लोप बेहतर करने और तारों को अंडरग्राउंड करने के निर्देश दिए।  पांडेयहाता चौराहा के बाद सीएम योगी ने घंटाघर में विरासत गलियारा के साथ ही घंटाघर के सुंदरीकरण प्रोजेक्ट की भी जानकारी ली। यहां उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विरासत गलियारा के तहत सड़क का निर्माण बीच-बीच मे न करके एक तरफ से किया जाए ताकि दुकानदारों को अपने दुकान को पुनर्व्यवस्थित करने में किसी तरह की परेशानी न हो।  विरासत गलियारा के निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हजारीपुर में भी रुके। निर्माण का लेआउट देखने के बाद उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि सड़क का निर्माण पूरी गुणवत्ता के साथ होनी चाहिए। गुणवत्ता में किसी तरह की खामी पाई गई तो जिम्मेदार लोग कड़ी कार्रवाई का सामना करने के तैयार रहेंगे। उन्होंने गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। चेताया कि समय पर काम पूरा न होने को भी लापरवाही माना जाएगा। गुणवत्ता हो या समय सीमा, दोनों के मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विरासत गलियारा का जायजा लेने के दौरान सीएम योगी का आखिरी पड़ाव जटाशंकर चौराहा था। यहां मुख्यमंत्री ने सड़क पर पर्याप्त पथ प्रकाश के लिए नाली के पार स्ट्रीट लाइट लगाने की हिदायत दी। साथ ही कहा कि सड़क का स्लोप अच्छा हो और नाले पर समतल स्लैब डालें जाएं ताकि इसका इस्तेमाल फुटपाथ के रूप में हो सके।

बलौदाबाजार : राज्योत्सव 2025 : दूसरी शाम रंग झरोखा की प्रस्तुति ने बांधा शमा, कठपुतली नृत्य ने खूब बटोरी तालियां

बलौदाबाजार छत्तीसगढ़ रजत जयंती अंतर्गत जिला स्तरीय तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा पंडित चक्रपाणी शुक्ल शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल मैदान में किया जा रहा है।  आयोजन क़े दूसरे दिन सांस्कृतिक संध्या में भिलाई क़े "रंग सरोवर" छत्तीसगढ़ की पुरातन व पारंपरिक शैलियों की झलकियां  में  भूपेन्द्र साहू एवं साथी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गीत, संगीत एवं नृत्य ने शमा बांधा। दर्शक अंतिम प्रस्तुति तक डटे रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में बिलासपुर की किरण मोईतरा द्वारा कठपुतली कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई जिसमें बड़े एवं  छोटे आकार क़े कठपुतलियों क़े  द्वारा नशामुक्ति का सन्देश एवं सुआ नृत्य  ने खूब तालियां बटोरी। इसके साथ ही झाँपी लोक सांस्कृतिक संस्था करमदा एवं सुर ओ चन्दम  बलौदाबाजार के कलाकारों ने भी दिलकश प्रस्तुति दी। कार्यक्रम क़े दौरान कलेक्टर दीपक सोनी, डी एफ ओ गणवीर धम्मशील एवं सी ई ओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल ने  स्वामित्व योजना अंतर्गत किसानों को स्वामित्व कार्ड, टीबी मुक्त एवं बाल विवाह मुक्त पंचायत को प्रशस्ति पत्र, हम होंगे कामयाब क़े तहत युवाओं क़ो प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम के कलाकारों को सम्मानित भी किया गया।

छत्तीसगढ़ बन रहा है टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का नया पावर सेंटर – मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नया रायपुर स्थित मेफेयर होटल में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ टेक स्टार्ट’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘टेक स्टार्ट’ का यह आयोजन राज्य में नवाचार और तकनीकी उद्यमिता को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस अवसर पर उन्होंने ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेताओं को सम्मानित किया और छत्तीसगढ़ शासन के साथ पार्टनरशिप एक्सचेंज करने वाली इकाइयों को एग्रीमेंट पत्र सौंपे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञों, उद्यमियों एवं प्रबुद्धजनों को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे विजनरी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सदैव बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया है। उनके ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य तय किया है, जिसके लिए विजन डॉक्यूमेंट भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत में लाखों स्टार्टअप कार्यरत हैं, जिनमें से अनेक यूनिकॉर्न बन चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी युवाओं की उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथैरेपिस्ट हैं, वहीं स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल नया रायपुर एयरो शो में फाइटर प्लेन उड़ाकर राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और सिंगल विंडो सिस्टम को सशक्त करते हुए 350 से अधिक सुधार किए हैं, जिससे छत्तीसगढ़ निवेश के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल हो गया है। औद्योगिक विकास के साथ-साथ आईटी और आईटीईएस सेक्टर में भी राज्य तीव्र गति से प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में आयोजित ‘आइडियाथॉन 2025’ में प्रदेशभर से 1800 से अधिक स्टार्टअप आइडिया प्राप्त हुए, जिनमें दूरस्थ अंचलों के युवाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन नवाचारों को मंच, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि रायपुर को आईटी और तकनीकी सेवाओं का केंद्र बनाने की दिशा में कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। एआई डेटा सेंटर पार्क और सेमीकंडक्टर प्लांट जैसी परियोजनाएं भी साकार हो रही हैं। श्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक राज्य सरकार को साढ़े सात लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने राज्य में तीव्र आर्थिक गतिविधियों और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के बढ़ते अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आपके साथ चट्टान की तरह खड़ी है। अपनी मेहनत और प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर ले जाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी की सफलता ही छत्तीसगढ़ का गौरव बनेगी। मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024 का उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और विजन 2047 के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि इस नीति में नवाचार, निवेश, रोजगार और स्टार्टअप के अवसरों को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने ई-वेस्ट मैनेजमेंट, राइजिंग सेक्टर और स्किल डेवलपमेंट जैसे उभरते क्षेत्रों में कार्य करने की आवश्यकता बताई तथा उद्यमियों से अपने सुझाव साझा करने का आग्रह किया मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार युवाओं और उद्यमियों के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को तकनीकी और औद्योगिक विकास का हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्यमियों और शासन के मध्य संवाद केवल विशेष अवसरों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि निरंतर होना चाहिए ताकि विचारों का आदान-प्रदान सतत रूप से होता रहे। मुख्यमंत्री ने ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेताओं को किया सम्मानित मुख्यमंत्री श्री साय ने टेक स्टार्ट कार्यक्रम के दौरान हाल ही में आयोजित ‘आइडियाथॉन 2025’ के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं द्वारा प्रस्तुत नवाचारी सृजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब युवा नवाचार से जुड़ते हैं, तो यह अत्यंत सुखद होता है और तकनीकी भविष्य को मजबूती प्रदान करता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एनआईटी रायपुर, रुंगटा बिजनेस इनक्यूबेटर और आईजीकेवीआर को इनक्यूबेटर के रूप में उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आइडियाथॉन 2025 में दिव्यांगजनों के लिए स्मार्ट बैंड के आइडिया के लिए आदर्श वर्मा को प्रथम पुरस्कार, सड़क किनारे पौधों की सुरक्षा हेतु ‘अटल कवच ट्री गार्ड’ के लिए जागृति और नरेंद्र शर्मा को द्वितीय पुरस्कार तथा स्मार्ट सुरक्षा हेलमेट के आइडिया के लिए अथर्व दुबे को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने निपुण वर्मा और अनुष्का सोनकर को भी उनके नवाचारी विचारों के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एग्रोफेब सस्टेनेबल स्टार्टअप के लिए करण चंद्राकर, वर्टेक्स सुइट के लिए सजल मल्होत्रा और लैरक एआई के लिए अमित पटेल को सम्मानित किया। राज्य सरकार के साथ ‘पार्टनरशिप एक्सचेंज’ हेतु समझौता पत्र सौंपे मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में माइटी स्टार्टअप हब, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, वाधवानी फाउंडेशन, नैस्कॉम फाउंडेशन, स्टार्टअप मिडिल ईस्ट, कार्व स्टार्टअप लैब और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य पार्टनरशिप एक्सचेंज के लिए समझौता पत्र भी वितरित किए। एआई आधारित नवाचारों का अवलोकन – युवाओं का उत्साहवर्धन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एआई (Artificial Intelligence) आधारित नवाचार स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टार्टअप टीमों द्वारा विकसित मॉडलों, तकनीकों और अनुप्रयोगों की बारीकी से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने युवा नवाचारकर्ताओं द्वारा तैयार किए गए समाधान, सॉफ्टवेयर, ऐप्लिकेशन और तकनीकी मॉडलों को देखकर उनकी उद्यमशीलता एवं शोध-क्षमता की सराहना की। निरीक्षण के दौरान उपस्थित युवा उद्यमियों ने अपने प्रोजेक्ट्स की उपयोगिता, बाज़ार संभावनाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे निरंतर नई तकनीक के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी पहचान बनाएँ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, निवेश आयुक्त श्रीमती ऋतु सैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, डीजी एसटीपीआई श्री अरविंद कुमार, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक उद्योग श्री प्रभात मलिक, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की उप सचिव सुश्री रेना … Read more

विशेष आर्टिकल: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा डेयरी क्षेत्र का क्रांतिकारी विकास

किसानों की आय दोगुनी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती तक लखनऊ  उत्तर प्रदेश, जो भारत का सबसे बड़ा दूध उत्पादक राज्य है, ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डेयरी क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास देखा है। 2017 से पहले दूध उत्पादन 29 मिलियन टन था, लेकिन 2025 तक यह 38.78 मिलियन टन (दैनिक 1,062 लाख लीटर) पहुंच गया – देश के कुल उत्पादन का 16%। योगी सरकार ने UP Dairy Policy 2022, NDDB-PCDF MoU, 9 नए ग्रीनफील्ड डेयरी प्लांट, 4,922 नई सहकारी दूध समितियां, महिला SHG सशक्तिकरण और गौ-आधारित नवाचार जैसे कार्यों से डेयरी को ग्रामीण रोजगार और आय वृद्धि का प्रमुख स्रोत बनाया। बजट 2025-26 में ₹2,000 करोड़ स्ट्रे कैटल प्रबंधन के लिए आवंटित, Amul-Parag सहयोग और गोबर-गौमूत्र से पेंट जैसे उत्पादों ने डेयरी को पर्यावरण-अनुकूल अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाया। ये प्रयास PM मोदी के 'डेयरी फॉर न्यूट्रिशन एंड लाइवलीहुड' विजन को साकार कर रहे हैं, जहां 1 करोड़+ ग्रामीण नौकरियां (विजन 2047) का लक्ष्य है। योगी सरकार के प्रमुख विकास कार्य: डेयरी क्षेत्र में क्रांति योगी सरकार ने डेयरी को तकनीकी, वित्तीय और संस्थागत मजबूती प्रदान की: 1.    UP Dairy Policy 2022:  o    नए डेयरी यूनिट्स के लिए 10% कैपिटल ग्रांट, मशीनरी पर 25% सब्सिडी। o    दूध प्रसंस्करण क्षमता में 25% वृद्धि। o    बुलंदशहर को 'नॉर्थ इंडिया का डेयरी कैपिटल' घोषित। 2.    NDDB-PCDF MoU (जून 2025):  o    कानपुर प्लांट (₹160 करोड़, 4 लाख लीटर/दिन क्षमता) का उद्घाटन। o    गोरखपुर और कन्नौज प्लांट्स का संचालन – पारदर्शी डिजिटल भुगतान, उच्च गुणवत्ता फीड। o    9 ग्रीनफील्ड प्लांट्स कुल मिलाकर। 3.    सहकारी समितियों का विस्तार:  o    4,922 नई दूध समितियां स्थापित, कुल 8,600+। o    21,000+ समितियों का कौशल प्रशिक्षण। o    1.6 लाख पशुओं का बीमा (2024-25)। 4.    महिला सशक्तिकरण और SHG:  o    41,000+ महिलाएं SHG के माध्यम जुड़ीं। o    बालिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी (झांसी) मॉडल – 1.35 लाख लीटर/दिन। o    डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर से बिचौलियों का अंत। 5.    गौ-आधारित नवाचार और स्ट्रे कैटल प्रबंधन:  o    गोबर से पेंट – सरकारी भवनों पर उपयोग। o    बजट 2025-26 में ₹2,000 करोड़ स्ट्रे कैटल के लिए। o    Amul-Parag सहयोग से निर्यात केंद्र। 6.    आंकड़ों में विकास:  पैरामीटर    2017 से पहले    2025 तक    वृद्धि दूध उत्पादन (मिलियन टन)    29.05    38.78    33%+ सहकारी समितियां    ~4,000    8,600+    2 गुना+ डेयरी प्लांट्स    110    119+    10%+ मार्केट साइज (₹ अरब)    स्थिर    1,837 (2024)    14% CAGR   प्रेरक उदाहरण: डेयरी से जीवन परिवर्तन 1.    बालिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी (झांसी, बुंदेलखंड):  o    2019 से पहले: 795 गांवों में महिलाएं बिचौलियों से पीड़ित। o    सरकारी सहायता: राष्ट्रीय आजीविका मिशन + UP ग्रामीण आजीविका मिशन, CM योगी द्वारा उद्घाटन। o    अब: 41,000+ महिलाएं, 1.35 लाख लीटर दूध/दिन, ₹150 करोड़ टर्नओवर, ₹13 करोड़ शुद्ध लाभ। o    प्रभाव: "योगी जी ने हमें घर से बाजार तक पहुंचाया। अब हम स्वतंत्र हैं।" 2.    बनास डेयरी लाभार्थी (वाराणसी-पूरवांचल):  o    पहले: 1 लाख किसान निम्न मूल्य पर दूध बेचते। o    सहायता: गिर गाय वितरण, ₹105 करोड़ बोनस (2025, PM मोदी द्वारा हस्तांतरण)। o    अब: आय दोगुनी, पलायन रुका, स्वास्थ्य-शिक्षा में सुधार। 3.    कानपुर डेयरी किसान (रामू यादव):  o    पहले: 5 भैंसें, ₹5,000 मासिक आय। o    सहायता: NDDB MoU से तत्काल भुगतान, प्रशिक्षण। o    अब: 20 पशु, ₹50,000 मासिक, गोबर पेंट से अतिरिक्त कमाई।   योगी आदित्यनाथ के प्रेरक भाषण: डेयरी पर दृष्टि CM योगी ने डेयरी को 'ग्रामीण आत्मनिर्भरता का आधार' बताया: •    NDDB MoU उद्घाटन (25 जून 2025, कानपुर):  "डेयरी क्षेत्र से किसानों की आय दोगुनी हो रही है। NDDB जैसे संस्थानों से पारदर्शिता और लाभ सुनिश्चित। महिलाओं के लिए यह सशक्तिकरण का माध्यम है। UP का दूध अब वैश्विक बाजार में छाएगा।" •    विश्व डेयरी समिट 2022 (ग्रेटर नोएडा):  "उत्तर प्रदेश 319 लाख मीट्रिक टन दूध उत्पादक है – 16% राष्ट्रीय योगदान। 9 नए प्लांट्स से किसानों को नई ऊंचाई मिलेगी। डेयरी पोषण और रोजगार का स्रोत है।" •    बजट समीक्षा सत्र 2025:  "गौ-रक्षा सांस्कृतिक नहीं, आर्थिक क्रांति है। ₹2,000 करोड़ से स्ट्रे कैटल को संसाधन बनाएंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।" •    बालिनी कंपनी उद्घाटन (2019):  "महिला SHG से ₹150 करोड़ टर्नओवर – UP का मॉडल, देश के लिए प्रेरणा। डेयरी महिलाओं की स्वतंत्रता का प्रतीक है।" •    X पर योगी जी:  #DairyRevolutionUP – "एक लीटर दूध, एक परिवार की खुशहाली!"   निष्कर्ष: डेयरी – UP का समृद्धि सूत्र योगी सरकार ने UP Dairy Policy 2022, NDDB सहयोग, महिला SHG और नवाचार से डेयरी क्षेत्र को उपेक्षा से उत्थान तक पहुंचाया। 38.78 मिलियन टन उत्पादन से ग्रामीण जीवन बदला, पलायन रुका और आय दोगुनी हुई। PM मोदी के विकसित भारत-2047 में UP डेयरी हब बनेगा! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश! (स्रोत: UP सरकार डेयरी विभाग, NDDB रिपोर्ट्स, बजट 2025-26, योगी जी के भाषण एवं आधिकारिक डेटा)

जगदलपुर: माओवाद छोड़ नई शुरुआत, वर्दी की जगह होटल की यूनिफॉर्म पहन नई जिंदगी

30 आत्मसमर्पित माओवादी सदस्यों को दिया जा रहा अतिथि सत्कार का प्रशिक्षण  जगदलपुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के माओवादियों ने जब आत्मसमर्पण किया, तब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील सरकार ने भी इन आत्मसमर्पित माओवादियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाए। जगदलपुर के निकट आड़ावाल में लाइवलीहुड कॉलेज में इन 30 आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास कार्ययोजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत गेस्ट सर्विस एसोसिएट का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल न केवल इन पूर्व माओवादी सदस्यों को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि बस्तर के पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास भी कर रही है। प्रशिक्षण का सफर-बंदूक से ग्राहक सेवा तक ये 30 आत्म समर्पित माओवादी जो कभी घने जंगलों में हिंसा के रास्ते पर थे, आज लाइवलीहुड कॉलेज के कैंपस में ग्राहक संवाद, होटल मैनेजमेंट और सॉफ्ट स्किल्स सीख रहे हैं। करीब 3 महीने के इस कोर्स में उन्हें होटल इंडस्ट्री की बारीकियां सिखाई जा रही हैं, ताकि वे बस्तर के होमस्टे, रिसॉर्ट्स और टूरिस्ट स्पॉट्स में आत्मविश्वास से काम कर सकें। एक पूर्व माओवादी रामू (परिवर्तित नाम) ने भावुक होकर कहा कि बस्तर के जंगल में हिंसा की जिंदगी ने सिर्फ दर्द दिया, अब लाइवलीहुड कॉलेज में सीखकर लगता है, असली आजादी यहीं है। अब स्वयं मेहनत कर घर-परिवार को खुशहाल बनाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदृष्टि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अमल से अब तक हजारों युवा सशक्त हो चुके हैं। बीजापुर जैसे संवेदनशील इलाकों में यह पुनर्वास का सुनहरा मॉडल साबित हो रहा है। नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में यह कदम मील का पत्थर है, जहां हिंसा की जगह विकास और रोजगार की कहानी लिखी जा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के पास हुई ट्रेन दुर्घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त किया

मुख्यमंत्री ने बिलासपुर कलेक्टर से बात कर दुर्घटना की ली जानकारी: प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान करने दिए निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के पास हुई ट्रेन दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे अत्यंत दुखद घटना बताया और कहा कि इस दुर्घटना में प्रभावित परिवारों के प्रति राज्य सरकार पूरी संवेदना के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने दूरभाष पर बिलासपुर जिला कलेक्टर से बात कर घटना की विस्तृत जानकारी लेते हुए प्रभावितों की  सहायता के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाए।  मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी दी कि  रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गई हैं और राहत-बचाव कार्यों में जुटी हैं। घायलों के उपचार के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ स्थिति पर नजर रखे हुए है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और उनके परिजनों को इस दुखद समय में धैर्य प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

उच्च गुणवत्ता वाली मोबाइल व इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

जयपुर मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड अभियान की राज्य स्तरीय ब्रॉडबैंड समिति की 15वीं बैठक मंगलवार को सचिवालय में हुई। मुख्य सचिव ने बैठक में राज्य स्तर पर टेलीकम्युनिकेशन परियोजनाओं में समयबद्धता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए टेलीकम्युनिकेशंस राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) नियम, कॉल बिफोर यू डिग (सीबीयूडी) मोबाइल ऐप, पीएम गतिशक्ति एनएमपी पोर्टल, बीएसएनएल 4जी सेचुरेशन प्रोजेक्ट सहित अन्य संबंधित विषयों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को  विभागीय स्तर पर भूमि आवंटन एवं वन विभाग की मंजूरी के लंबित प्रकरणों सहित अन्य आवश्यक कार्य आपसी समन्वय से पूर्ण करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जिससे राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली मोबाइल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो और ग्रामीण इलाकों में भी तेज और विश्वसनीय इंटरनेट सेवा उपलब्ध हो सके। मुख्य सचिव ने कहा कि ʻकॉल बिफोर यू डिगʼ मोबाइल ऐप खुदाई कार्यों के दौरान भूमिगत अवसंरचना को क्षति से बचाने के साथ-साथ संचार सेवाओं में व्यवधान को रोकने में सहायक है। इससे प्रदेश में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।  ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के दौरान हुए गड्ढे सही से भरें, आमजन को असुविधा न हो मुख्य सचिव ने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाने के दौरान जिन स्थानों पर गड्ढे खोदे गए हैं, उन्हें कार्य पूर्ण होने के बाद सही तरीके से भरना सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े। संबंधित अधिकारी कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और सड़कों तथा मार्गों को पूर्ववत स्थिति में बहाल करें। आमजन से संबंधित सुविधा पोर्टल- राजस्थान में मोबाइल रिकवरी प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से अधिक  बैठक में संचार साथी पोर्टल (http://www.sancharsaathi.gov.in) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि यह पोर्टल आमजन के लिए बहुत सुविधाजनक है। राज्य में गुम या चोरी हुए कुल मोबाइल हैंडसेट्स में से लगभग 69% मोबाइल फोन सफलतापूर्वक ट्रेस किए जा चुके हैं। साथ ही, सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आईडेंटी रजिस्टर) सेवा के माध्यम से देशभर में मोबाइल रिकवरी का औसत प्रतिशत 26.50% है जबकि राजस्थान में यह प्रतिशत 43.45% है।  उल्लेखनीय है कि संचार साथी पोर्टल नागरिकों को अनेक डिजिटल सुविधाएँ प्रदान करता है जिसमें टेफकॉप सेवा के माध्यम से उपयोगकर्ता उनके नाम पर कुल जारी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी तथा बिना अनुमति अतिरिक्त सिम कार्ड जारी होने की स्थिति में रिपोर्ट कर आसानी से उसे बंद करवा सकते हैं। इसके साथ ही, नो योअर मोबाइल (केवाईएम) सुविधा, फर्जी मोबाइल और सिम कार्ड की रोकथाम, जन-जागरूकता और शिकायत निवारण आदि महत्वपूर्ण सेवाएँ भी उपलब्ध हैं।  बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग श्री प्रवीण गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव, ऊर्जा विभाग, श्री अजिताभ शर्मा, प्रमुख शासन सचिव, उद्योग श्री आलोक गुप्ता प्रमुख शासन सचिव, राजस्व श्री दिनेश कुमार, प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास, डॉ. देबाशीष पृष्टी, शासन सचिव, डीओआईटीडॉ. रवि कुमार सुरपुर, डीडीजी (रूरल), दूरसंचार विभाग, केन्द्र सरकार श्री आनंद कटोच सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।   

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ से कोस्टा रिका को 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल का निर्यात रायपुर छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है कि प्रदेश से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (Fortified Rice Kernel – FRK) का निर्यात कोस्टा रिका को किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर कहा कि  छत्तीसगढ़ की पहचान न सिर्फ वैश्विक मंच पर सुदृढ़ हो रही है, बल्कि पोषण, गुणवत्ता और समृद्धि के क्षेत्र में राज्य की साख को नई ऊँचाई भी प्राप्त हो रही  है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में कुपोषण के खिलाफ छेड़ी गई उस मुहिम का विस्तार है, जो अब वैश्विक स्तर पर प्रभाव दिखा रही है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में नए अवसर और मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ावा देने वाला सराहनीय कदम है। साथ ही यह आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन-बी12 जैसे आवश्यक पोषक तत्वों का समावेश किया जाता है। यह प्रयास न केवल खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि समाज के पोषण स्तर को भी बेहतर बनाता है। अब छत्तीसगढ़ के उत्पाद वैश्विक बाजार में ‘पोषण के प्रतीक’ के रूप में उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को “आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़” की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह निर्यात छत्तीसगढ़ के किसानों, मिल संचालकों और उद्योगों की मेहनत, गुणवत्ता और समर्पण का परिणाम है। आज हमारा छत्तीसगढ़ केवल भारत का अन्नदाता नहीं, बल्कि पोषण, नवाचार और गुणवत्ता का वैश्विक ब्रांड बन रहा है। यह गर्व का क्षण है, जो हमारे प्रदेश को वैश्विक व्यापार और पोषण मिशन – दोनों में अग्रणी बनाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता न केवल आर्थिक समृद्धि की दिशा में राज्य को आगे बढ़ाएगी, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘कुपोषण मुक्त भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करके जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ से 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल की पहली खेप कोस्टा रिका के लिए निर्यात की गई है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुपोषण के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाते हुए यह वैश्विक स्तर पर किया गया प्रयास न केवल हमारे विदेशी व्यापार को सशक्त करता है, बल्कि हमारे पोषण मिशन को भी नई ऊर्जा प्रदान करता है।यह पहल हमारे किसानों, मिल संचालकों और निर्यातकों को नए बाजार, बेहतर मूल्य प्राप्ति और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के अवसर प्रदान करती है।

जिले में दवा दुकानों पर गाज! औषधि विभाग ने 20 मेडिकल स्टोर किए बंद, 30 को नोटिस थमाया

सिरसा हरियाणा औषधि विभाग ने सोमवार को सिरसा जिले में अवैध दवाइयों की बिक्री पर बड़ी कार्रवाई की। विभाग की 7 टीमों ने एक साथ 50 मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की, जिसमें रिकॉर्ड की जांच के दौरान कई गड़बड़ियां सामने आईं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 20 मेडिकल स्टोरों को तत्काल सील कर दिया गया, जबकि 30 संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इस अभियान का नेतृत्व पंचकूला से आए अधिकारी सुनील दहिया ने किया। टीमों ने सिरसा सहित इसमाइली, कालांगाली, ओवां, रोड़ी और बड़ागुड़ा क्षेत्रों में जांच की। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में नशे के मामलों में वृद्धि को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है। प्रशासन का कहना है कि जिले में दवाइयों के दुरुपयोग और नशे की आपूर्ति पर अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी।