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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की देव दीपावली तैयारियों की समीक्षा

काशी की सनातन परंपरा, गंगा आराधना और लोकआस्था का अद्वितीय संगम है देव दीपावली: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की देव दीपावली तैयारियों की समीक्षा 01 से 04 नवंबर तक आयोजित होगा गंगा महोत्सव, 05 नवंबर को गंगा तट पर भव्य देव दीपावली घाटों पर प्रकाश, सजावट, दीपदान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी उच्च गुणवत्ता व समयबद्धता से पूरी करने के निर्देश गंगा तट पर दीपदान का दृश्य श्रद्धा और अनुशासन की मिसाल बने, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहे: मुख्यमंत्री चेत सिंह घाट पर 25 मिनट की प्रोजेक्शन सहित प्रतिदिन 03 बार लेज़र शो होगा देव दीपावली में स्मार्ट लाइटिंग, थीम आधारित इंस्टालेशन, ड्रोन और सीसीटीवी मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु शौचालय, पेयजल, चिकित्सा, कंट्रोल रूम और सफाई कर्मियों की तैनाती 24×7 सक्रिय रखने का निर्देश नाविक समुदाय को देव दीपावली की गरिमा का हिस्सा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, उन्हें सुरक्षा उपकरण, लाइफ जैकेट और पूर्ण सहयोग दिया जाए क्लीन काशी, ग्रीन काशी, डिवाइन काशी’ के दर्शन से अभिभूत होंगे श्रद्धालु: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में 05 नवम्बर को वाराणसी में आयोजित होने वाली देव दीपावली 2025 की तैयारियों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने कहा कि देव दीपावली काशी की सनातन परंपरा, गंगा आराधना और लोकआस्था का अद्वितीय संगम है। यह पर्व भारत की उस अनादि परंपरा का सजीव प्रतीक है, जहाँ दीप केवल ज्योति नहीं, बल्कि धर्म, कर्तव्य और राष्ट्रभाव का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी की देव दीपावली का आयोजन इस प्रकार किया जाए कि यह भारत की सांस्कृतिक आत्मा और आध्यात्मिक चेतना का विश्व संदेश बने। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि देव दीपावली से पूर्व आयोजित गंगा महोत्सव (01 से 04 नवम्बर) और मुख्य आयोजन देव दीपावली (05 नवम्बर) की सभी तैयारियाँ समयबद्ध, व्यवस्थित और उच्च गुणवत्ता की हों। घाटों की प्रकाश सज्जा, दीपदान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जनसहभागिता की तैयारियाँ इस प्रकार हों कि श्रद्धा, अनुशासन और सौंदर्य का संतुलन प्रदर्शित हो। उन्होंने कहा कि गंगा तट पर दीपदान का दृश्य श्रद्धा और अनुशासन की मिसाल बने। इसके लिए घाटों पर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या अवरोध न हो। मुख्यमंत्री ने पर्यटन, नगर निगम, पुलिस, जल पुलिस, संस्कृति, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, विद्युत व स्वास्थ्य विभागों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे अपनी जिम्मेदारी के अनुरूप आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि देव दीपावली के अवसर पर घाटों पर स्मार्ट लाइटिंग, आकर्षक फ्लोरल डेकोरेशन, थीम-आधारित इंस्टालेशन तथा ड्रोन और सीसीटीवी मॉनिटरिंग की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि घाटों, गलियों और प्रमुख मार्गों की सफाई और सजावट पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा प्रत्येक घाट पर पर्याप्त सफाई कर्मी तैनात रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रहे और कमांड सेंटर से सीसीटीवी फीड की निगरानी निरंतर की जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त शौचालय, पेयजल व्यवस्था, चिकित्सीय सहायता और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए जाएँ। घाटों के समीप आपातकालीन नौका एवं एम्बुलेंस सेवाएँ उपलब्ध रहें। नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें लाइफ जैकेट, पंजीकरण टैग और निर्धारित रूट की जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री ने नमो घाट, राजघाट, राजेन्द्र प्रसाद घटा, दशाश्वमेध घाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर आयोजित होने वाले दीपोत्सव की तैयारियों की भी समीक्षा की और कहा कि वहाँ दीप सज्जा, पर्यटक सुविधाएँ और सुरक्षा उपाय उच्च स्तर पर किए जाएँ। उन्होंने कहा कि नाविक समुदाय काशी की परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, उनका उत्साह और योगदान देव दीपावली की गरिमा को और बढ़ाता है। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि उन्हें पर्याप्त सहयोग मिले और श्रद्धालुओं को सुरक्षित नौका सेवाएँ प्राप्त हों। बैठक में बताया गया कि चेत सिंह घाट पर 25 मिनट की प्रोजेक्शन सहित प्रतिदिन 03 बार लेज़र शो का आयोजन करने की योजना है। इसी तरह, काशी विश्वनाथ घाट और चेत सिंह घाट के बीच रेत की सैंड आर्ट इंस्टॉलेशन लगाई जाएगी। ग्रीन आतिशबाजी, लेज़र शो और संगीत कार्यक्रम के साथ काशी विश्वनाथ धाम घाट के सामने 10 मिनट का ग्रीन फायरक्रैकर शो आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देव दीपावली का आयोजन ‘क्लीन काशी, ग्रीन काशी, डिवाइन काशी’ के भाव को साकार करने वाला हो। घाटों से लेकर गलियों तक स्वच्छता, सुगमता और प्रकाश व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने यातायात प्रबंधन, पार्किंग, बैरिकेडिंग, शटल सेवाओं, विद्युत आपूर्ति और चिकित्सा सेवाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए ताकि किसी भी क्षेत्र में जाम या अव्यवस्था न हो। उन्होंने कहा कि गंगा तटों पर आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों, विद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला समूहों और धर्माचार्यों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। यह आयोजन जनसहयोग, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी का यह पर्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और आत्मबल का उत्सव है। काशी आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहाँ की पावनता, व्यवस्था और अनुशासन देखकर ‘अतिथि देवो भवः’ की भारतीय परंपरा को अनुभव करें।

कांग्रेस ने कसा शिकंजा: पार्टी में ‘अनुशासन अभियान’ 2 नवंबर से

चंडीगढ़ हरियाणा कांग्रेस में अब ‘अनुशासन की घंटी’ बज चुकी है। पार्टी अब ‘मनमानी की राजनीति’ नहीं, बल्कि ‘मर्यादा की राजनीति’ की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है। चरखी दादरी में मनीषा सांगवान के समर्थकों द्वारा प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह की मौजूदगी में किए गए हंगामे और नारेबाजी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को झकझोर कर रख दिया। यह घटना सिर्फ एक संगठनात्मक असहमति नहीं, बल्कि कांग्रेस की अनुशासन परंपरा पर सीधा सवाल थी और इसी ने पार्टी हाईकमान को ‘एक्शन मोड’ में ला दिया। तीन दिन पहले ही कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने हरियाणा के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति का गठन किया है। अब 2 नवंबर को चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में इस समिति की पहली अहम बैठक होने जा रही है। बैठक में तय होगा कि हरियाणा कांग्रेस में अब आगे अनुशासन तोड़ने वालों का क्या अंजाम होगा। यह बैठक केवल औपचारिक नहीं, बल्कि संगठन के भीतर ‘संविधान से ऊपर कोई नहीं’ का संदेश देने वाली सख्त शुरुआत मानी जा रही है। इस समिति की कमान पूर्व सांसद और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष धर्मपाल सिंह मलिक को सौंपी गई है। उन्हें पार्टी में संयम और सख्ती दोनों के प्रतीक के तौर पर देखा जा सकता है। उनके नेतृत्व में 2 अक्तूबर को होने वाली बैठक में समिति की कार्यप्रणाली तय की जाएगी। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बैठकों की तैयारी जोरों पर है और समिति के सभी सदस्यों को औपचारिक सूचना भेज दी गई है। समिति की घोषणा के बाद ही अब इसकी पहली रणनीतिक बैठक को लेकर संगठन के भीतर हलचल तेज है। बैठक में नहीं होंगे हुड्डा और राव यह बैठक केवल समिति सदस्यों की होगी, जिसमें प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा शामिल नहीं होंगे। राव नरेंद्र सिंह ने खुद निर्देश दिया है कि समिति पूरी तरह स्वायत्त होकर अपने फैसले और प्रक्रिया तय करे। सूत्रों का कहना है कि राव पिछले कुछ हफ्तों से अनुशासन और जवाबदेही को लेकर बेहद गंभीर हैं। चरखी दादरी की घटना के बाद उन्होंने साफ कहा था – ‘पार्टी की गरिमा सर्वोपरि है। कांग्रेस में कोई भी नेता या कार्यकर्ता संगठन से बड़ा नहीं हो सकता। अगर हम खुद पर नियंत्रण नहीं रखेंगे, तो जनता पर भरोसा कैसे कायम करेंगे।’ राव का यह बयान हरियाणा कांग्रेस में एक ‘नई कार्यशैली’ की नींव माना जा रहा है, जिसमें संगठन पहले, व्यक्ति बाद में होगा। समिति यानी अनुभव और कानून की जोड़ी समिति का गठन बेहद सोच-समझकर किया गया है। इसमें राजनीतिक अनुभव और कानूनी दृष्टि का संतुलित मेल दिखता है। चेयरमैन धर्मपाल सिंह मलिक के साथ जगाधरी विधायक अकरम खान, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी और पूर्व विधायक अनिल धन्तौड़ी शामिल हैं। वहीं अंबाला सिटी के वरिष्ठ अधिवक्ता रोहित जैन को सदस्य सचिव बनाया गया है ताकि अनुशासनात्मक मामलों में कानूनी स्पष्टता और प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके। मनीषा सांगवान विवाद ने खींची लकीर चरखी दादरी की घटना ने पार्टी में गहरी प्रतिक्रिया पैदा की थी। जब मनीषा सांगवान के समर्थकों ने सार्वजनिक मंच पर प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र की मौजूदगी में नारेबाजी की, तो कांग्रेस नेतृत्व ने इसे सीधा अनुशासन भंग माना। प्रदेश प्रभारी और केंद्रीय नेताओं ने इसे ‘संगठनात्मक मर्यादा के उल्लंघन’ के तौर पर देखा और तुरंत सख्ती के निर्देश दिए। इसी घटना के बाद यह समिति बनी ताकि आगे से किसी भी स्तर पर ‘भीड़ की राजनीति’ या ‘गुटों का दबाव’ पार्टी अनुशासन से ऊपर न जा सके। ‘डिसिप्लिन कोड’ का खाका होगा तैयार होगा बैठक में समिति ‘डिसिप्लिन कोड’ तैयार कर सकती है, जिसमें पहली गलती पर चेतावनी। दोहराने पर निलंबन और और बार-बार उल्लंघन करने पर निष्कासन जैसी तीन स्तरीय दंड प्रक्रिया प्रस्तावित की जा सकती है। साथ ही, समिति यह भी तय करेगी कि सोशल मीडिया पर अनुशासनहीन बयानबाजी, कार्यक्रमों में विरोध प्रदर्शन या वरिष्ठ नेताओं के प्रति असम्मानजनक व्यवहार को किस श्रेणी में रखा जाएगा। कमेटी की भी अपनी सीमाएं कांग्रेस संविधान के अनुसार, राज्य अनुशासन समिति विधायकों, पूर्व विधायकों, प्रदेश, जिला और ब्लॉक पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। लेकिन एआईसीसी सदस्यों, सांसदों और राष्ट्रीय पदाधिकारियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई का अधिकार नहीं है। ऐसे मामलों में समिति सिफारिशें तैयार कर पार्टी हाईकमान को भेजेगी। इससे यह स्पष्ट है कि समिति का मकसद ‘संगठन में डर नहीं, व्यवस्था पैदा करना’ है ताकि हर स्तर पर अनुशासन एक समान मानदंड से लागू हो। अनुशासन ही कांग्रेस की आत्मा है : धर्मपाल मलिक समिति चेयरमैन धर्मपाल सिंह मलिक ने कहा कि यह बैठक केवल दंडात्मक नहीं होगी, बल्कि संगठनात्मक मर्यादा को पुनर्स्थापित करने का संकल्प होगी। कांग्रेस में अनुशासन ही असली पहचान है, और जो इसे बनाए रखेगा वही संगठन का सच्चा सिपाही कहलाएगा। उन्होंने कहा कि कमेटी किसी गुट या व्यक्ति को निशाना नहीं बनाएगी, बल्कि यह सुनिश्चित करेगी कि हर कार्यकर्ता पार्टी के संविधान के दायरे में काम करे।

अकाली-भाजपा गठबंधन पर बोले कैप्टन अमरिंदर सिंह- ऐसा फैसला पंजाब की राजनीति बदल देगा

मोगा 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अकाली दल और भाजपा के बीच संभावित गठबंधन को लेकर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का अहम बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि समझौते तो होते हैं, लेकिन ऐसे फैसले राष्ट्रीय इकाई (नेशनल बॉडी) लेती है। गठबंधन पर अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान ही करता है। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह का माहौल इस समय बन रहा है और बड़ी संख्या में लोग भाजपा में शामिल हो रहे हैं, हो सकता है कि हमें किसी गठबंधन की ज़रूरत ही न पड़े। पंजाब सरकार की “नशे के खिलाफ युद्ध” मुहिम पर बोलते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि नशे को खत्म करने के लिए राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर सभी को एकजुट होकर लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि जितनी तरक्की भाजपा के शासनकाल में हुई है, उतनी किसी अन्य सरकार के समय नहीं हुई। देश की प्रगति के लिए भाजपा की सरकार ज़रूरी है। कैप्टन ने कहा, “मोदी का हर तरफ डंका बज रहा है। भारत की जीडीपी चीन से आगे निकल चुकी है। देश की तरक्की के लिए जरूरी है कि भाजपा की सरकार बनी रहे।” तरनतारन उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है क्योंकि वे वहां नहीं गए हैं। मजीठिया मामले पर क्या कहा बिक्रम मजीठिया से जुड़े मामले पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच हरप्रीत सिंह सिद्धू ने की थी, जिसकी बंद रिपोर्ट माननीय हाईकोर्ट में जमा कराई जा चुकी थी। ऐसे में दोबारा जांच करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा, “बिक्रम मेरा कोई रिश्तेदार नहीं है कि मैं उसका पक्ष लूं, लेकिन हमारे देश में हर काम कानून के दायरे में रहकर होना चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जिस तरह मजीठिया मामले में दोबारा जांच के आदेश दिए हैं, वह पूरी तरह गलत है।” 

मुख्यमंत्री ने की निर्माण कार्य की समीक्षा, जनवरी तक भवन निर्माण हर हाल में पूरा करने के निर्देश

भारत के शौर्य, स्वाभिमान और सांस्कृतिक वैभव का प्रेरणास्थल होगा छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने की निर्माण कार्य की समीक्षा, जनवरी तक भवन निर्माण हर हाल में पूरा करने के निर्देश संग्रहालय में केवल इतिहास का स्थिर प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की गौरवगाथा का जीवंत अनुभव हो: मुख्यमंत्री ‘शिवाजी एवं द ग्रेट एस्केप गैलरी’ में 7D तकनीक से आगरा किले से शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक मुक्ति का सजीव चित्रण होगा ‘अग्रदूतों की गैलरी’ में 1857 के अमर सेनानियों की गाथा आधुनिक तकनीक से प्रदर्शित होगी, लक्ष्मीबाई, नाना साहेब, तात्या टोपे जैसी विभूतियों को मिलेगा स्थान ‘त्योहारों’ और ‘नदियों’ की गैलरियों में उत्तर प्रदेश की आस्था, लोकजीवन और उत्सव परंपराओं का इंटरएक्टिव चित्रण होगा मुख्यमंत्री का निर्देश, हर गैलरी और स्थापत्य तत्व उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतिनिधित्व करे लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में आगरा में बन रहे छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय भारत के स्वाभिमान, सांस्कृतिक वैभव और वीरता का प्रेरणास्थल बनेगा। मुख्यमंत्री ने अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए और कहा कि भवन का निर्माण कार्य जनवरी तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए, ताकि संग्रहालय का स्वरूप देने का काम तय समय पर पूरा हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय केवल इतिहास का स्थिर प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक जीवंत अनुभव होना चाहिए, जहाँ आगंतुक भारत की गौरवगाथा को महसूस कर सकें। उन्होंने निर्देश दिया कि संग्रहालय की प्रत्येक गैलरी को ऐसी थीमैटिक और इंटरएक्टिव प्रस्तुति दी जाए, जिससे आगंतुक केवल दर्शक न रहकर सहभागी बनें। मुख्यमंत्री ने ‘शिवाजी एवं द ग्रेट एस्केप गैलरी’ के संबंध में निर्देश दिए कि इसमें आगरा किले से छत्रपति शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक मुक्ति की घटना को 7D तकनीक, डिजिटल साउंड, लाइट और विजुअल इफेक्ट्स के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए ताकि आगंतुक उस क्षण की वीरता और रणनीति को सजीव रूप में अनुभव कर सकें। उन्होंने कहा कि यह अनुभाग शिवाजी महाराज के स्वराज्य संकल्प का प्रतीक बने। मुख्यमंत्री ने ‘अग्रदूतों की गैलरी’ में प्रथम स्वाधीनता संग्राम 1857 के अमर सेनानियों से जुड़ी वस्तुओं, स्मृतियों और दस्तावेजों को सुरक्षित प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह गैलरी उन अग्रदूतों की गाथा कहे जिन्होंने स्वतंत्रता की नींव रखी। यहाँ झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहेब, तात्या टोपे और अनेक वीरों की स्मृतियाँ आधुनिक तकनीक के साथ प्रदर्शित हों। मुख्यमंत्री ने ‘त्योहारों की गैलरी’ के संबंध में कहा कि इसमें काशी की महाशिवरात्रि और देव दीपावली, ब्रज का श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और रंगोत्सव, तथा प्रयागराज का महाकुंभ जैसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्वों का जीवंत चित्रण हो। उन्होंने निर्देश दिया कि यहाँ केवल तस्वीरें न लगाई जाएं, बल्कि प्रत्येक पर्व को इंटरएक्टिव अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया जाए, जहाँ प्रकाश, ध्वनि, संगीत और रंगों के माध्यम से आगंतुक उत्सव का अनुभव कर सकें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ‘नदियों की गैलरी’ में गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा जैसी नदियों से जुड़ी आस्था, संस्कृति और लोकजीवन का सजीव चित्रण हो। साथ ही ‘देवासुर संग्राम’ जैसे अनुभाग के माध्यम से सृष्टि, धर्म और मानव मूल्यों की भारतीय व्याख्या को भी दर्शाया जाए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय परिसर में स्थापित सभी कलाकृतियाँ, मूर्तियाँ और स्थापत्य तत्व उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतिनिधित्व करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय की प्रत्येक दीवार, आंगन और कलाकृति बोलती हुई कहानी बने, जिसमें लोककला, पारंपरिक शिल्प और आधुनिक कला का समन्वय झलके। मुख्यमंत्री ने ‘आगरा गैलरी’ में शहर की स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए ताकि आगंतुकों को मुगलकालीन स्थापत्य, ब्रज संस्कृति और आधुनिक आगरा का समग्र परिदृश्य एक साथ देखने को मिले। उन्होंने ‘ओरिएंटेशन गैलरी’ को संग्रहालय की प्रस्तावना के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए, जहाँ आगंतुकों को संग्रहालय के उद्देश्य, छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उस कालखंड के सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश का परिचय मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय का उद्देश्य केवल अतीत का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा केंद्र बनना है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी गैलरियों और अनुभव क्षेत्रों में इंटरएक्टिव तकनीक, वर्चुअल रियलिटी, साउंड-लाइट शो और डिजिटल आर्काइव्स का प्रयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने संस्कृति विभाग और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि परियोजना की साप्ताहिक समीक्षा करते हुए सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता और समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय आगरा की पहचान को नई ऊँचाई देगा और उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक गौरव का जीवंत प्रतीक बनेगा।

कैलाश कुमार तिवारी की किस्मत चमकी: कृष्णा कल्याणपुर पट्टी से दो हीरे बरामद

पन्ना  पन्ना टाइगर रिजर्व के एक गाइड कैलाश कुमार तिवारी की कहानी इन दिनों सुर्खियों में है. मॉनसून के दौरान जंगल के गेट बंद हुए, तो कैलाश ने खाली समय में अपनी किस्मत आजमाई और पन्ना के हीरा खनन क्षेत्र कृष्णा कल्याणपुर पटी में खदान लगा दी. नतीजा हैरान करने वाला रहा. उन्हें अपनी पहली ही कोशिश में दो चमचमाते हुए हीरे मिले. कैलाश तिवारी ने दोनों हीरे पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा करा दिए हैं. हीरा अधिकारी रवि पटेल ने हीरों की क्वालिटी की पुष्टि की है. इनमें पहला हीरा 1.56 कैरेट और जेम्स क्वालिटी (Gems Quality) का है. यह सबसे महंगा और डिमांड वाला होता है. जबकि दूसरा हीरा 1.35 कैरेट का है. यह मेले किस्म (Melee Quality) का कम चमक वाला, लेकिन मूल्यवान होता है.  हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया, "इन दोनों हीरों को आगामी नीलामी में इन्हें रखा जाएगा. जेम्स क्वालिटी के हीरे की हीरा बाजार में अच्छी डिमांड होती है." कैलाश तिवारी पन्ना टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को जंगल सफारी कराते हैं. उन्होंने बताया कि हर साल 30 जून से मॉनसून के चलते पार्क बंद हो जाता है. खाली समय का सदुपयोग करने के लिए उन्होंने हीरा कार्यालय से बकायदा पट्टा लिया और किस्मत आजमाई. कड़ी मेहनत के बाद उन्हें मंगलवार, 28 अक्टूबर को ये बेशकीमती रत्न मिले.  कैलाश ने कहा कि वह बहुत खुश हैं कि उन्हें पहली ही बार में हीरे मिल गए. नीलामी से मिलने वाले पैसों से वह अपने बच्चों की अच्छी पढ़ाई-लिखाई कराएंगे.

लखनऊ, कानपुर, आगरा समेत छह जिलों में होगा स्पेशल प्रोजेक्ट, CM के निर्देश जारी

लखनऊ  यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के औद्योगिक और अवसंरचनात्मक विकास को लेकर बड़ा निर्देश जारी किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में बन रहे एक्सप्रेसवे सिर्फ सड़कों का नेटवर्क नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक रीढ़ हैं, जो आने वाले वर्षों में उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे. मुख्यमंत्री ने यह बातें उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहीं. बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य दिसंबर तक हर हाल में पूरा कराया जाए. सीएम ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को जोड़ेगा और उत्तर प्रदेश के विकास का नया मार्ग बनेगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्य की गति के साथ-साथ गुणवत्ता पर भी कोई समझौता न हो. हर परियोजना की साप्ताहिक समीक्षा रिपोर्ट तैयार की जाए और समय-सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल किया जाए. एक्सप्रेसवे नेटवर्क को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में विकसित किए जा रहे नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर भी विस्तृत चर्चा की. इनमें मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे, नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे, और विंध्य एक्सप्रेसवे व विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नई परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करते समय भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा प्रस्तावित एक्सप्रेसवे और हाइवे नेटवर्क को ध्यान में रखा जाए, ताकि दोहराव से बचते हुए एक संतुलित, समन्वित और एकीकृत सड़क तंत्र विकसित किया जा सके. उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश का भविष्य ऐसे ही प्रोजेक्ट्स पर निर्भर है, जो सुविधा, सुरक्षा और निवेश तीनों पहलुओं को साथ लेकर चलें. छह जिलों में विशेष काम, डिफेंस कॉरिडोर पर सीएम का जोर मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़े सभी नोड्स लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट में विशेष काम की रूपरेखा तय करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इन छह जिलों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए जाएं, ताकि स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर रक्षा उद्योग से जोड़ा जा सके. इससे न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि प्रदेश की आत्मनिर्भरता को भी बल मिलेगा. सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा प्रतिभाशाली हैं. अगर उन्हें सही दिशा और प्रशिक्षण मिले, तो वे रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में देश की ताकत बन सकते हैं. हमारे डिफेंस कॉरिडोर का उद्देश्य केवल उद्योग लगाना नहीं, बल्कि युवाओं के हाथों में हुनर देना भी है. बैठक में बताया गया कि डिफेंस कॉरिडोर के लिए अब तक 30,819 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. कुल 5039 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है, और कई कंपनियों ने अपने प्रोजेक्ट्स पर काम भी शुरू कर दिया है.  भूमि आवंटन पर सख्त निर्देश न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी ने भूमि आवंटन नीति पर भी सख्ती दिखाई. उन्होंने कहा कि अगर किसी निवेशक को भूमि आवंटन के तीन वर्ष के भीतर परियोजना पर काम शुरू नहीं किया गया, तो ऐसा आवंटन स्वतः निरस्त कर दिया जाए. उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि भूमि उपयोग की पारदर्शी निगरानी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि हर निवेशक अपनी प्रगति की रिपोर्ट समय-समय पर साझा करे. उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेशकों का स्वागत है, लेकिन भूमि उन्हीं को मिलेगी जो प्रदेश के विकास के प्रति गंभीर हैं. जो केवल जमीन लेकर बैठे रहेंगे, उन्हें कोई रियायत नहीं दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निवेशकों को आगे की सुविधाएं और प्रोत्साहन केवल तभी दिए जाएं, जब उनके प्रोजेक्ट्स जमीन पर वास्तविक प्रगति दिखाएं. एक्सप्रेसवे के किनारे बनेगा औद्योगिक तंत्र बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं. यूपीडा ने इन क्षेत्रों में बिजली, जलापूर्ति, ट्रक टर्मिनल, हेल्थ-इमरजेंसी और अन्य आधारभूत सुविधाओं के लिए समयबद्ध योजना तैयार की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे केवल यात्रा का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये भविष्य में उद्योग, व्यापार और रोजगार के मुख्य केंद्र बनने जा रहे हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होने वाले क्लस्टरों में एमएसएमई और स्थानीय उद्यमियों को भी प्राथमिकता दी जाए, ताकि छोटे उद्योगों को भी बड़ी परियोजनाओं से लाभ मिल सके. निवेश के लिए आकर्षक माहौल बनाने पर फोकस बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए कई नीतियों को और सरल और पारदर्शी बनाया गया है. यूपीडा ने हाल ही में भूमि आवंटन, पंजीकरण और परियोजना अनुमोदन की प्रक्रिया को ऑनलाइन और सिंगल विंडो सिस्टम के तहत लागू किया है. सीएम योगी ने कहा कि निवेशकों को भरोसा और सुविधा दोनों मिले, यही हमारी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश का सबसे सुरक्षित और स्थिर निवेश केंद्र बन चुका है. एक्सप्रेसवे, औद्योगिक पार्क और डिफेंस कॉरिडोर इस परिवर्तन के सशक्त प्रतीक हैं.  नई परियोजनाओं पर आगे बढ़ेगा यूपी बैठक में यह भी तय हुआ कि आने वाले समय में प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में नए लिंक एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. विंध्य और पूर्वांचल क्षेत्रों को जोड़ने वाला विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे विकास के नए द्वार खोलेगा. इसके अलावा, चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे मध्य भारत के औद्योगिक गलियारों से उत्तर प्रदेश की सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक परियोजना केवल सड़क निर्माण का काम नहीं, बल्कि रोजगार, उद्योग और सामाजिक विकास का माध्यम है.  

स्ट्रॉन्ग मौसम प्रणाली का प्रभाव: 24 घंटे में MP के पूर्वी जिलों में 4.5 इंच तक बारिश का खतरा

भोपाल   अरब सागर में बने डिप्रेशन (अवदाब) और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय डीप डिप्रेशन (गहरा अवदाब) के साथ देश के उत्तरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) प्रभावी है। इन तीनों मौसमी प्रणालियों का संयुक्त असर अब मध्य प्रदेश में भी दिखाई दे रहा है। बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन में तेज हवाओं के चलते दिन का तापमान सामान्य से नीचे चला गया। उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अरब सागर में उठे 'मोंथा' चक्रवात का प्रभाव भी प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है। हवा की रफ्तार बढ़ने से ठंडक में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गुरुवार को भी सिस्टम का असर रहेगा। खासकर पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में सिस्टम स्ट्रॉन्ग होगा। 12 जिले- सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, जबलपुर, कटनी और पन्ना में हल्की बारिश, गरज-चमक और आंधी का असर बना रहेगा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी हवा की रफ्तार आम दिनों की तुलना में अधिक रहेगी। पूर्वी और दक्षिणी जिलों में अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भी सिस्टम का असर जारी रहेगा। खासकर पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश में यह सिस्टम और अधिक सक्रिय रहेगा। अगले 24 घंटे में इन 12 जिलों-सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में 2.5 से 4.5 इंच तक बारिश की संभावना है। वहीं, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, जबलपुर, कटनी और पन्ना जिलों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी का असर बना रहेगा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी हवाएं आम दिनों की तुलना में तेज गति से चलने की संभावना है। 2 नवंबर तक बना रहेगा बारिश का दौर हालांकि मध्य प्रदेश से मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि बारिश का सिलसिला अभी थमा नहीं है। 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक प्रदेश में बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी। 30 अक्टूबर को सबसे अधिक वर्षा गतिविधि रहने की उम्मीद है। इस बार कड़ाके की सर्दी के आसार मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, नवंबर से सर्दी का दौर शुरू होकर जनवरी के अंत तक चरम पर रहेगा। इस बार फरवरी तक ठंडक बनी रहने की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि यह सर्दी 2010 के बाद की सबसे तीव्र ठंड साबित हो सकती है। सर्दियों के दौरान सामान्य से अधिक वर्षा भी देखने को मिल सकती है। 'मोंथा' तूफान का भी असर, हवा की रफ्तार बढ़ी, पारा लुढ़का इधर, तूफान 'मोंथा' का असर भी प्रदेश में देखने को मिल रहा है। कई शहरों में हवा की रफ्तार बढ़ गई है। इस वजह से ठंड का असर भी बढ़ा है। बुधवार को दिन के तापमान की बात करें तो 20 शहर ऐसे रहे, जहां पारा 26 डिग्री से नीचे रहा। भोपाल में 25.2 डिग्री, इंदौर में 25.1 डिग्री, उज्जैन में 23 डिग्री, जबलपुर में 28.8 और ग्वालियर में पारा 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, बैतूल में 26.5 डिग्री, दतिया-गुना में 25.6 डिग्री, धार में 24.9 डिग्री, पचमढ़ी में 24 डिग्री, रायसेन में 27.4 डिग्री, रतलाम में 24.6 डिग्री, श्योपुर में 24.4 डिग्री, शिवपुरी में 24 डिग्री रहा। पूर्वी हिस्से के छिंदवाड़ा, दमोह, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, रीवा, सागर, सतना, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया और बालाघाट में पारा 28 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इधर, रात के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। आगे यह अलर्ट…2 नवंबर तक बारिश का दौर बता दें कि मध्य प्रदेश से मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है, लेकिन बारिश का दौर जारी है। 31 अक्टूबर, 1-2 नवंबर को भी प्रदेश में बारिश का दौर बना रहेगा। 30 अक्टूबर को बारिश की ज्यादा एक्टिविटी रहेगी। नवंबर-जनवरी में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में नवंबर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाता है, जो जनवरी तक रहता है। लेकिन इस बार फरवरी तक ठंड का असर रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले सर्दियों के मौसम में 2010 के बाद सबसे भीषण ठंड का एहसास हो सकता है। सर्दियों के दौरान इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश भी देखने को मिल सकती है। पूरे एमपी से विदा हो चुका मानसून मौसम विभाग के अनुसार, पूरे प्रदेश से मानसून विदा हो गया है। इस साल मानसून 3 महीने 28 दिन एक्टिव रहा। 16 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी और 13 अक्टूबर को वापसी हुई। इस बार प्रदेश में मानसून की 'हैप्पी एंडिंग' रही। भोपाल, ग्वालियर समेत 30 जिलों में 'बहुत ज्यादा' बारिश दर्ज की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला गुना है। जहां पूरे सीजन में 65.7 इंच पानी गिर गया, जबकि श्योपुर में 216.3% बारिश हुई। शाजापुर ऐसा जिला है, जहां सबसे कम 28.9 इंच (81.1%) ही बारिश हुई है। मानसूनी सीजन में मौसम विभाग ने प्रदेश में 106 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान जताया था, लेकिन 15 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर गया। इंदौर, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर संभाग के 50 जिलों में बारिश का कोटा फुल रहा। वहीं, भोपाल, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के 4 जिले- उज्जैन, शाजापुर, बैतूल और सीहोर में 81.1 से 98.6 प्रतिशत बारिश हुई। इन जिलों में कोटा पूरा नहीं हो पाया। इनमें से 3 जिले उज्जैन, सीहोर और बैतूल में आंकड़ा 94% से ज्यादा ही है। इस वजह से ये सामान्य बारिश के आसपास है, लेकिन शाजापुर 'बारिश की भारी कमी' की कैटेगरी में है। यहां कोटे का 81 प्रतिशत पानी ही गिरा।  

140 साल पुराने रणजीत हनुमान मंदिर में अन्नकूट का आयोजन, पूड़ी-भजियों से सजी प्रसादी

इंदौर  इंदौर के करीब 140 साल पुराने रणजीत हनुमान मंदिर में शुक्रवार को चलित अन्नकूट है। यहां 50 हजार भक्तों के लिए प्रसादी में पूड़ी, राम भाजी, नुक्ती, भजिए बनाए जा रहे हैं। अन्नकूट महोत्सव चलित स्वरूप में होगा यानी भक्त लाइन से आकर पैकेट में पूड़ी, सब्जी, नुक्ती बाँटी जयेगी।  चलित अन्नकूट महोत्सव का यह दूसरा साल है। दो साल पहले तक मंदिर के ही ग्राउंड में भक्तों को सुव्यवस्थित रूप से बैठाकर भोजन कराया जाता था।इसमें काफी समय लगता था और भक्तों को काफी इंतजार करना पड़ता था। इसे देखते हुए व्यवस्था में बदलाव किया गया।मंदिर के ग्राउंड में तैयार हो रही प्रसादी मंदिर परिसर में बने ग्राउंड में 4 से ज्यादा अस्थायी भट्टियां बनाई हैं। बुधवार को भट्टी पूजन करने के साथ ही नुक्ती बनाने का काम शुरू हो गया। गुरुवार रात 12 बजे तक ये भट्टियां चलती रहेगी। 8 क्विंटल बेसन से नुक्ती बनाई जा रही है। अलग-अलग भट्टियों पर तेल में बेसन से नुक्ती बनाई जा रही थी, जिसके बाद नुक्ती को चाशनी में डाला जा रहा था।बाद में इन नुक्ती को एक बड़े थाल में निकालकर मंदिर के अन्न क्षेत्र में रखा गया। इसके अलावा 8 क्विंटल बेसन से भजिए बनेंगे।गुरुवार को राम भाजी और पूड़ियां तलने का काम किया जाएगा। राम भाजी बनाने के लिए भक्त मंडल की महिला सदस्य भी इसमें अपनी भागीदारी देंगी। वे गुरुवार सुबह 9 बजे से ही मंदिर परिसर में सब्जी को धोने और काटने का काम करेगी। इसके लिए मंदिर के वॉट्सऐप ग्रुप पर भी मैसेज भेजा गया है।जिसमें लिखा है कि भोग में बनने वाली राम भाजी की सब्जी सुधारने में जो सेवा देना चाहते है वे सुबह 9 बजे मंदिर परिसर में आमंत्रित है। इसमें बड़ी संख्या में महिला सदस्य शामिल होंगी। मंदिर स्थापना से ही होता आया है अन्नकूट महोत्सव मंदिर के मुख्य पुजारी पं.दीपेश व्यास ने बताया कि मंदिर को करीब 140 साल हो चुके हैं। मंदिर की स्थापना के साथ ही अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया जाता आ रहा है और हनुमान जयंती के बाद आने वाले मंगलवार को इसमें भंडारे का आयोजन किया जाता है। मंदिर की परंपरानुसार बाबा की आरती होने के बाद शहर के 101 मंदिरों में यहां से प्रसाद भी भेजा जाएगा। 200 से 250 लोगों की टीम तैयार कर रही प्रसादी मंदिर में पिछले 12 सालों से प्रसादी तैयार करने वाले महेश गर्ग ने बताया कि मंदिर में काम करने के लिए 200 से 250 लोगों की टीम लगती है। बुधवार सुबह 8 बजे भट्टी पूजन हुआ जो गुरुवार रात 12 बजे तक जारी रहेगा। 50 हजार लोगों के लिए प्रसादी तैयार की जा रही है। भोजन प्रसादी तैयार करने में 100 से 150 लोग लगातार लगे रहते है। महोत्सव शुरू होने के बाद परोसगारी करने के लिए 100 लोगों की टीम बढ़ जाती है। इस प्रकार 200 से 250 लोगों की टीम इसमें लगती है जो भोजन तैयार करने से लेकर परोसगारी करने में लगती है। 600 से 700 भक्त मंडल के सदस्य संभालेंगे व्यवस्था पं.दीपेश व्यास ने बताया कि गुरुवार को अन्नकूट महोत्सव के लिए भक्त मंडल के 600 से 700 सदस्य अपनी सेवा देंगे। वे अलग-अलग व्यवस्थाओं को संभालेंगे। इसमें भक्तों की एंट्री से लेकर उनके बाहर निकलने तक पैकेट देने से लेकर प्रसादी परोसने तक की व्यवस्था भक्त मंडल के सदस्य संभालेंगे। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की व्यवस्था भी यहां रहेगी। 100 से ज्यादा पुलिस बल भी यहां तैनात रहेगा जो व्यवस्थाओं को संभालेगा। इसके अलावा पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहेंगे। ग्राउंड में बैठते थे भक्त, व्यवस्था में किया बदलाव पं.व्यास ने बताया कि मंदिर परिसर के ग्राउंड में 1700 से 1800 भक्त एक बार प्रसादी ग्रहण करने के लिए बैठते थे, इसके चलते ग्राउंड के बाहर भक्तों की भारी भीड़ जमा हो जाती थी और कई घंटे उन्हें इंतजार करना पड़ता था। कई बार धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन जाती थी। जिससे भक्तों का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसे देखते हुए पिछले साल ही व्यवस्था में बदलाव किया गया और चलित अन्नकूट की शुरुआत की गई। चलित अन्नकूट से भक्तों को प्रसादी के लिए ज्यादा समय नहीं लगेगा। 15 से 20 मिनट के अंदर ही भक्तों को प्रसादी आसानी से मिल सकेगी। अलग-अलग काउंटर पर भक्तों को पैकेट, पूड़ी-सब्जी, नुक्ती-भजिए की प्रसादी मिल जाएगी और वे प्रसादी लेकर ग्राउंड के बाहर जा सकेंगे।

राजनीतिक घमासान: तेज प्रताप को RJD समर्थकों ने खदेड़ा, तेजस्वी जिंदाबाद के नारों से हुआ विरोध

पटना  बिहार के महनार विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा करने पहुंचे लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को भारी विरोध का सामना करना पड़ा. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के समर्थक तेज प्रताप को खदेड़ना शुरू कर दिए. भीड़े ने जमकर 'तेजस्वी यादव जिंदाबाद' और 'लालटेन छाप जिंदाबाद' के नारे लगाए. यह घटना तब हुई, जब तेज प्रताप यादव जनशक्ति जनता दल (JJD) के उम्मीदवार जय सिंह राठौर के लिए वोट मांगने पहुंचे थे.  महनार से JJD उम्मीदवार जय सिंह राठौर ने इस घटना को RJD के गुंडों द्वारा अंजाम देने की बात कही है. राठौर ने पूरा आरोप यहां के RJD उम्मीदवार रविंद्र सिंह पर लगाया है. सभा वाली जगह पर फजीहत  तेज प्रताप यादव महनार विधानसभा क्षेत्र के हीरानंद उच्च विद्यालय के प्रांगण में जनसभा करने पहुंचे थे. शाम 5:00 बजे से लेकर 6:00 के आसपास तक उन्होंने सभा को संबोधित किया. इसी दौरान RJD समर्थकों ने तेज प्रताप के सामने जमकर 'लालटेन छाप जिंदाबाद', 'तेजस्वी यादव जिंदाबाद' के नारे लगाए. आक्रोशित समर्थकों ने तेज प्रताप के काफिले को कुछ दूर तक खदेड़ कर भगाया. तेज प्रताप हेलीकॉप्टर से पहुंचे थे, लेकिन वक्त ज्यादा होने की वजह से हेलीकॉप्टर उन्हें उतार कर फिर उड़ान भर लिया. इसके बाद तेज प्रताप सड़क के रास्ते से सभा वाली जगह पहुंचे थे और बाइ रोड ही अपने इलाके महुआ के लिए रवाना हो रहे थे, जब RJD समर्थकों ने उनका विरोध किया. JJD उम्मीदवार ने लगाया साजिश का आरोप… JJD उम्मीदवार जय सिंह राठौर ने पूरे घटना को लेकर बताया कि जनसभा के दौरान उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई, लेकिन सभा कर लौटते वक्त आरजेडी के समर्थकों ने नारेबाजी की. राठौर ने कहा कि RJD उम्मीदवार रविंद्र सिंह ने साजिश की तरह इस घटना को अंजाम देने की बात कही है. टिकट खरीदने और जंगलराज का आरोप जय सिंह राठौर ने आरोप लगाया कि रविंद्र सिंह ने 15-16 करोड़ रुपए में टिकट खरीदा है और 5-6 करोड़ रुपया चुनाव में खर्च करेंगे, लोगों को पैसा और दारू देंगे. उन्होंने कहा कि जीत नहीं होगी तो इसी तरीके का हमला करवाएंगे और जंगल राज स्थापित करना चाहते हैं, लेकिन जनता सब जान चुकी है. राठौर ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग भी की है. परिवार में गहराता तनाव… पिछले कुछ दिनों से लालू यादव के परिवार में तनाव चल रहा है. तेज प्रताप के द्वारा पार्टी बनाए जाने के बाद तनाव और ज्यादा गहरा हो गया. हाल ही में 'जन नायक' विवाद पर भी तेज प्रताप ने तेजस्वी के खिलाफ बयानबाजी की थी. तेज प्रताप यादव ने कहा, ''तेजस्वी यादव लालू प्रसाद यादव की छत्रछाया में रहकर खुद को जननायक बता रहे हैं, जबकि सच्चे जननायक वे होते हैं जो जनता से सीधे जुड़कर उनके बीच में काम करते हैं. लालू प्रसाद यादव, कर्पूरी ठाकुर, डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी जैसे लोग असली जननायक हैं.' इसके अलावा, चुनाव कैंपेन को लेकर भी बयानबाजी हुई थी. पिछले दिनों तेज प्रताप ने कहा था कि अगर तेजस्वी उनके खिलाफ प्रचार करने महुआ आएंगे, तो वो भी राघोपुर प्रचार करने जाएंगे.

OYO होटल में छापेमारी, वाराणसी में वेश्यावृत्ति गिरोह का खुलासा

वाराणसी  वाराणसी पुलिस ने कैंटोनमेंट क्षेत्र स्थित होटल टाउन हाउस में बुधवार की दोपहर छापेमारी कर सेक्स रैकेट का खुलासा किया। देह व्यापार की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने पांच युवतियों को अलग-अलग कमरों से आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा। छापेमारी के दौरान होटल का मैनेजर और कुछ अन्य कर्मचारी मौके से भाग निकले। हालांकि पुलिस ने होटल के एक अन्य मैनेजर अमन राय को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ी गई युवतियों में एक रशियन युवती भी शामिल थी। पुलिस के पहुंचते ही उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया। पुलिस ने काफी देर तक दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन जब युवती ने बात नहीं मानी तो टीम ने दरवाजे का लॉक तोड़ दिया। कमरा खुलने पर पता चला कि युवती मौके का फायदा उठाकर फरार हो गई। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में पूरे होटल की छानबीन कर रही है। OYO फ्रेंचाइजी के तहत चल रहा था होटल जानकारी के मुताबिक, वाराणसी निवासी पीयूष जायसवाल के पास शहर में OYO के तहत चार होटल हैं, जिनमें होटल टाउन हाउस भी शामिल है। यहां गाजीपुर निवासी उमेश यादव को मैनेजर बनाया गया था, जो पुलिस की कार्रवाई से पहले ही भाग गया। पुलिस को शक है कि इन होटलों में लंबे समय से देह व्यापार का धंधा चलाया जा रहा था। इस मामले पर एडीसीपी नीतू कादयान ने बताया कि होटल में मानकों के विपरीत गतिविधियां हो रही थीं। यहां देह व्यापार जैसी अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। उन्होंने बताया, होटल से चार युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया है। होटल का मालिक, संचालक और स्टाफ फिलहाल फरार हैं। सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। होटल को किया गया सील फिलहाल पुलिस ने होटल को सील कर दिया है और फरार आरोपियों की तलाश में टीमों को लगाया गया है। साथ ही शहर के अन्य होटलों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।