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ग्वालियर में अदनान सामी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज

 ग्वालियर प्रसिद्ध गायक अदनान सामी पर ग्वालियर की एक इवेंट आर्गेनाइजर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इवेंट आर्गेनाइजर लावण्या सक्सेना ने जिला न्यायालय में परिवाद दायर किया है जिसमें कहा है कि अदनान सामी की टीम ने रद्द हुए म्यूजिक कान्सर्ट की 17 लाख 62 हजार रुपये की एडवांस राशि अब तक वापस नहीं की है। लावण्या सक्सेना ने 27 सितंबर 2022 को ग्वालियर में अदनान सामी का एक म्यूजिक कान्सर्ट आयोजित करने की योजना बनाई थी। इस कार्यक्रम के लिए कुल 33 लाख रुपये की फीस तय हुई, जिसमें से लावण्या ने 17.62 लाख रुपये का एडवांस भुगतान अदनान सामी की टीम को कर दिया था। हालांकि, एडवांस राशि प्राप्त होने के कुछ समय बाद ही अदनान सामी की टीम ने कार्यक्रम रद्द कर दिया। उस समय टीम की ओर से यह कहा गया था कि बाद में नई तारीख तय की जाएगी। लेकिन कार्यक्रम दोबारा आयोजित नहीं हो सका। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की इसके बाद जब लावण्या ने अपनी एडवांस राशि वापस मांगी, तो टीम ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। पैसे न लौटाए जाने से परेशान होकर लावण्या सक्सेना ने चार सितंबर को थाना इंदरगंज में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने 11 सितंबर को एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव को शिकायत सौंपी और छह अक्टूबर को आइजी अरविंद सक्सेना के कार्यालय में भी आवेदन दिया, लेकिन वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। आखिरकार लावण्या ने 27 अक्टूबर 2025 को जिला न्यायालय ग्वालियर का दरवाजा खटखटाया। अब इस मामले की सुनवाई 24 नवंबर को होगी।

20 साल जेल काटने के बाद लौटा था घर, नीतीश कटारा केस का दोषी सुखदेव सड़क दुर्घटना में मरा

कुशीनगर करीब 23 साल पहले देश की सबसे चर्चित आपराधिक घटनाओं में से एक नीतीश कटारा हत्याकांड के दोषी सुखदेव यादव उर्फ पहलवान की एक सड़क हादसे में मौत हो गई है। यह हादसा, मंगलवार की रात दस बजे के आसपास यूपी के कुशीनगर के बघौचघाट मोड़ पर हुआ। एक तेज रफ्तार स्कार्पियो की चपेट में आकर एक बाइक पर सवार तीन लोगों में से एक की मौके पर मौत हो गई। जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्कार्पियो को कब्जे में लेते हुए दोनों घायलों को सीएचसी पहुंचाया जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाद में पता चला कि हादसे में जिस शख्स की मौत हुई है वह 1992 के देश के चर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड में 20 साल की सजा काटकर आया सुखदेव यादव था। सुखदेव कुछ महीने पहले ही घर आया था। कुशीनगर के चौराखास थाना क्षेत्र के तरुवनवा के कुम्भिया टोला का रहने वाला सुखदेव यादव पुत्र विश्वनाथ यादव (उम्र-55 साल) अपने ही गांव के विजय गुप्ता (उम्र-45 साल) और भागवत सिंह (उम्र-50 साल) के साथ मंगलवार को किसी रिश्तेदारी में गया थे। वहां से तीनों एक ही बाइक पर देर रात वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान फाजिलनगर कस्बे के बघौचघाट मोड़ पर तेज गति आ रहे स्कार्पियो की चपेट में आ गए। इस हादसे में सुखदेव यादव की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को सीएचसी फाजिलनगर पहुंचाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद ठोकर मारने वाला वाहन डिवाइडर से टकरा गया। मृतक सुखदेव यादव देश के चर्चित कांड नीतीश कटारा की हत्या के जुर्म में 20 साल की सजा काटने के बाद चार महीने पहले रिहा होकर घर आया था। बता दें कि इस मामले को लेकर लंबी कानूनी प्रक्रिया चली और जब कोर्ट ने हत्या में सजा काट चुके दोषियों की रिहाई का आदेश दिया तो नितीश कटारा की मां ने इसके विरोध भी किया था। इस सम्बन्ध में चौकी प्रभारी मधुरिया ब्रह्मा उपाध्याय ने बताया कि ठोकर मारने वाला वाहन पुलिस के कब्जे में है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी। विकास यादव के साथ सह दोषी था सुखदेव नीतीश कटारा हत्याकांड में पूर्व मंत्री डीपी यादव के बेटे विकास यादव और उनके चचेरे भाई विशाल यादव को 25 साल की जेल की सजा मिली थी। जबकि सह-दोषी सुखदेव यादव को इस मामले में 20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी। तीनों पर एक विवाह समारोह से नीतीश कटारा का अपहरण करने और फिर विकास की बहन भारती यादव के साथ उसके कथित संबंधों के कारण उसकी हत्या करने का दोषी ठहराया गया था ।  

CRPF के वीर K-9 ‘EGO’ को अंतिम विदाई, बहादुरी से बचाई थीं साथियों की जान

सुकमा  सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के वीर K-9 डॉग “EGO” को आज दोरनपाल मुख्यालय में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। 28 अक्टूबर 2025 को अपने सेवा काल के दौरान देश की सुरक्षा में अद्वितीय योगदान देने और कई जवानों की जान बचाने वाले “EGO” का निधन हो गया। उसकी विदाई के समय जवानों और अधिकारियों की आँखें नम थीं, हर कोई अपने साथी को भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहा था। IED की खोज और ट्रैकिंग में दिखाया अदम्य साहस “EGO” 74 बटालियन, सीआरपीएफ का एक अत्यंत दक्ष और साहसी के-9 था। अपने कार्यकाल में उसने कई महत्वपूर्ण अभियानों में हिस्सा लिया और विशेष रूप से नक्सल प्रभावित इलाकों में IED (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की खोज और ट्रैकिंग में असाधारण भूमिका निभाई। उसकी सूझबूझ और सतर्कता से कई बार बड़े हादसे टले और दर्जनों जवानों की जानें बचीं। जवानों ने दी अंतिम सलामी आज श्रद्धांजलि समारोह में कमांडेंट हिमांशु पांडे समेत बड़ी संख्या में अधिकारी और जवान उपस्थित रहे। सभी ने “EGO” के पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाकर उसे अंतिम सलामी दी। वातावरण में भावनात्मक मौन छा गया जब बटालियन के जवानों ने अपनी ड्यूटी के साथी को सैल्यूट किया। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कमांडेंट हिमांशु पांडे ने कहा, “EGO केवल एक ड्यूटी डॉग नहीं था, बल्कि हमारे बटालियन परिवार का हिस्सा था। उसने हमेशा अपनी सेवा, निष्ठा और बहादुरी से हम सबका सिर गर्व से ऊँचा किया। उसका योगदान और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।” सीआरपीएफ परिवार ने दी श्रद्धांजलि सीआरपीएफ परिवार ने “EGO” की निष्ठा, वीरता और सेवाभाव को नमन करते हुए कहा कि ऐसे योद्धा सदैव स्मरणीय रहेंगे। उसकी स्मृति आने वाली पीढ़ियों को कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण का संदेश देती रहेगी। EGO ने भले ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया हो, लेकिन उसकी बहादुरी और योगदान हमेशा सीआरपीएफ के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।

सांस लेना हुआ मुश्किल… हरियाणा का ये शहर प्रदूषण में नंबर-1, NHAI पर गिरी गाज

बहादुरगढ़ औद्योगिक शहर बहादुरगढ़ की हवा अब खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। मंगलवार को एक्यूआई (AQI) 347 दर्ज किया गया, जिसके साथ ही बहादुरगढ़ देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। अक्तूबर के 28 दिनों में लोगों को सिर्फ पांच दिन ही साफ हवा नसीब हुई, जबकि बाकी दिन शहर रेड, ऑरेंज या यलो जोन में रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्थिति को देखते हुए एनएचएआई को नोटिस जारी किया है और शहर में पानी का छिड़काव बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। दिवाली के बाद लगातार बिगड़ रही हवा की गुणवत्ता पर्यावरण मॉनिटरिंग रिपोर्ट के अनुसार, अक्तूबर महीने में बहादुरगढ़ में हवा की गुणवत्ता के तहत बनाए इतने जोन….     6 दिन यलो जोन      8 दिन ऑरेंज जोन      8 दिन रेड जोन  दिवाली के बाद से प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। सोमवार को शहर का AQI 381 तक पहुंच गया था, जो मंगलवार को घटकर 347 रहा। हालांकि यह अब भी गंभीर श्रेणी में शामिल है। सुबह से शाम तक शहर स्मॉग की चादर में ढका रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि छठ पर्व पर हुई आतिशबाजी और कम हवा की गति के कारण प्रदूषण का स्तर और बढ़ गया।   स्वास्थ्य पर असर, मरीजों की संख्या में वृद्धि नागरिक अस्पताल में आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और थकावट जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो सीएक्यूएम (CAQM) की ओर से ग्रैप-3 (GRAP-III) लागू किया जा सकता है। सोमवार रात हवा की गति 10 से 14 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जिससे थोड़ी राहत मिली, लेकिन मंगलवार दोपहर बाद यह घटकर 4 से 8 किलोमीटर प्रति घंटे रह गई, जिससे AQI फिर बढ़ने लगा। एनएचएआई को नोटिस, कार्रवाई के निर्देश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ अमित दहिया ने बताया कि शहर में टैंकरों और एंटी-स्मॉग गन से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, लेकिन फिलहाल प्रदूषण में कमी की संभावना कम है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाईपास और सर्विस लेन पर उड़ने वाली धूल प्रदूषण का प्रमुख कारण है। इस पर कार्रवाई के लिए एनएचएआई को नोटिस जारी किया गया है। बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि इन क्षेत्रों में नियमित पानी का छिड़काव किया जाए, अन्यथा नियमों की अवहेलना पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तेजस्वी यादव का विजन दस्तावेज़ — महागठबंधन ने पेश किया ‘तेजस्वी प्रण’ घोषणा पत्र

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन ने मंगलवार को अपना संयुक्त घोषणापत्र जारी किया, जिसे ‘तेजस्वी प्रण' (RJD Manifesto 2025) नाम दिया गया है। विपक्षी गठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार एवं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव , कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, उप मुख्यमंत्री पद के चेहरा एव विकासशील इंसान पार्टी के नेता मुकेश सहनी , भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और कई अन्य नेताओं की मौजूदगी में यह चुनावी घोषणा पत्र जारी किया गया। इस घोषणापत्र में कई बड़े-बड़े वादे किए गए हैं। इस मौके पर तेजस्वी (RJD Manifesto 2025) ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह दलों और दिलों का प्रण है। एक-एक घोषणा दिल से लिया गया प्रण है। एक-एक प्रण को प्राण झोंककर पूरा करना पड़े तो भी हम लोग इसे पूरा करेंगे।'' महागठबंधन ने वादा किया है कि सरकार बनने के 20 दिन के भीतर ही हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का विधेयक लाया जाएगा। उसने यह भी कहा कि सरकार बनने पर बिहार में वक्फ संशोधन कानून पर रोक लगाई जाएगी। हमने नया बिहार बनाने के लिए संकल्प पत्र जारी किया वहीं, VIP प्रमुख और महागठबंधन की तरफ से उप-मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार मुकेश सहनी ने कहा, "…आज हमने एक नया बिहार बनाने के लिए संकल्प पत्र जारी किया है। अगले 30-35 सालों तक हमने बिहार की जनता के बीच रहना है, सेवा करनी है। हमने आज जो संकल्प लिया है हर एक संकल्प हम पूरा करेंगे। बता दें कि बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में छह नवंबर और 11 नवंबर को मतदान होना है। मतगणना 14 नवंबर को होगी। 

चौंकाने वाला खुलासा: बिहार में पहले चरण के 33 उम्मीदवारों पर हत्या के केस दर्ज

पटना बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में मैदान में उतरे 1,303 उम्मीदवारों में से 423 (32 प्रतिशत) पर आपराधिक मामले हैं और इनमें से 354 (27 प्रतिशत) उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले हैं। ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स' (एडीआर) और ‘बिहार इलेक्शन वॉच' ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 121 सीट पर मतदान होगा। 33 उम्मीदवारों पर हत्या का आरोप रिपोर्ट के अनुसार, 33 उम्मीदवारों पर हत्या से संबंधित मामले, 86 उम्मीदवारों के खिलाफ हत्या के प्रयास जैसे मामले और 42 उम्मीदवार महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों में आरोपी हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि दो उम्मीदवारों के खिलाफ दुष्कर्म के मामले भी दर्ज हैं। जानें राजनीतिक दलों की स्थिति पार्टियों के हिसाब से बात करें तो जनसुराज पार्टी के 114 उम्मीदवारों में से 50 (44 प्रतिशत), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 89 में से 18 (20 प्रतिशत), राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 70 में से 53 (76 प्रतिशत), जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के 57 में से 22 (39 प्रतिशत), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 48 में से 31 (65 प्रतिशत), आम आदमी पार्टी (आप) के 44 में से 12 (27 प्रतिशत), कांग्रेस के 23 में से 15 (65 प्रतिशत) उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन दलों के अलावा भाकपा (माले) के 14 में से 13 (93 प्रतिशत), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 13 में से सात (54 प्रतिशत), भाकपा के सभी पांच उम्मीदवार (100 प्रतिशत) और माकपा के तीन में से तीनों उम्मीदवारों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। गंभीर मामलों में RJD के 60, BJP के 56% उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस गंभीर मामलों के संदर्भ में राजद के 70 में से 42 (60 प्रतिशत), भाजपा के 48 में से 27 (56 प्रतिशत), भाकपा (माले) के 14 में से 9 (64 प्रतिशत), कांग्रेस के 23 में से 12 (52 प्रतिशत), जनसुराज पार्टी के 114 में से 49 (43 प्रतिशत), लोजपा (रामविलास) के 13 में से पांच (38 प्रतिशत), जदयू के 57 में से 15 (26 प्रतिशत), बसपा के 89 में से 16 (18 प्रतिशत), भाकपा के पांच में से चार (80 प्रतिशत) और माकपा के तीनों उम्मीदवार पर गंभीर आरोप हैं। 40 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति संपत्ति के मामले में 1,303 में से 519 (40 प्रतिशत) उम्मीदवार करोड़पति हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उम्मीदवारों की औसत घोषित संपत्ति 3.26 करोड़ रुपये है। रिपोर्ट में शैक्षिक योग्यता का भी जिक्र हैं, जिसमें 519 (40 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने स्वयं को पांचवीं से 12वीं पास बताया जबकि 651 (50 प्रतिशत) उम्मीदवार स्नातक या उससे अधिक शिक्षित हैं। प्रथम चरण में महिला उम्मीदवारों की हिस्सेदारी नौ प्रतिशत है। बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में छह व 11 नवंबर को मतदान होगा और मतगणना 14 नवंबर को होगी।  

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का निर्देश: सभी राजनीतिक दल करें बीएलए की नियुक्ति

भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने मंगलवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ निर्वाचन सदन, भोपाल में बैठक की। बैठक में उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2025 की प्रक्रिया की जानकारी दी और सभी राजनीतिक दलों से अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) की अनिवार्य नियुक्ति करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर की दूसरी चरण की तारीखें घोषित की जा चुकी हैं, जिनमें मध्यप्रदेश भी शामिल है। प्रदेश में पुनरीक्षण प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ हो चुकी है और मतदाता सूची फिलहाल फ्रीज कर दी गई है। नागरिक अपने नाम की स्थिति voters.eci.in या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर देख सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ तीन बार घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में सम्मिलित हो सके। नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए क्रमशः फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 भरना आवश्यक होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति एन्यूमरेशन फॉर्म में मिथ्या जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ जुर्माना या कारावास का प्रावधान है। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय श्रीवास्तव, सुरभि तिवारी, राजेश यादव, कांग्रेस से जेपी धनोपिया, भाजपा से भगवानदास सबनानी और एसएस उप्पल, तथा आम आदमी पार्टी से सुमित चौहान उपस्थित रहे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा ने बताया कि प्रक्रिया के दौरान नागरिक पासपोर्ट, जन्म प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, निवास या जाति प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेजों से अपनी पात्रता सिद्ध कर सकेंगे। पुनरीक्षण की प्रमुख तिथियां – 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक बीएलओ प्रशिक्षण – 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर-घर सर्वेक्षण – 9 दिसंबर को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025 से 9 जनवरी 2026 तक दावा-आपत्तियां – 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 

आर्थिक गड़बड़ियों पर शिकंजा: ED ने कई व्यापारियों के घरों पर मारा छापा

राजनांदगांव प्रदेश में प्रवर्तन निदेशालय की टीम बुधवार की सुबह से ही सक्रिय हो गई है. राजनांदगांव में बड़े कारोबारियों के ठिकानों पर ईडी का छापा पड़ा है. बताया जा रहा है शहर में तीन जगहों पर जांच एजेंसी की टीम पहुंची है. 10 गाड़ियों में पहुंची अधिकारियों की टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है. जानकारी के मुताबिक, रायपुर से करीब 10 गाड़ियों में आई अधिकारियों की टीम ने सुबह 5:30 बजे से शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी शुरू की. ईडी की टीम ने भारत माता चौक स्थित राधाकृष्ण अग्रवाल के निवास, सत्यम विहार कॉलोनी में यश और रोमिल नहाटा के घर और कामठी लाइन स्थित मनीष भंसाली के यहां कार्रवाई की है. मौके पर दस्तावेजों की जांच की जा रही है. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई माइनिंग (खनन) से जुड़े कारोबारियों, सप्लायर और ब्रोकर से संबंधित बताई जा रही है. हालांकि, ईडी की यह कार्रवाई किस विशेष मामले से जुड़ी हुई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है.

रहस्यमय हालात में युवक की मौत, पेड़ पर झूलता मिला शव

दुर्ग पाटन थाना क्षेत्र के पंदर ग्राम पंचायत में युवक का पेड़ से लटका शव मिला है. मृतक की पहचान अरुण कुमार साहू (24 वर्षीय) के रूप में हुई है. घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है. ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है. जानकारी के मुताबिक, पन्दर ग्राम पंचायत के खेल मैदान में बरगद पेड़ पर फांसी से लटका हुआ युवक मिला है. मृतक अरुण कुमार साहू (24 वर्षीय) ग्राम कुम्हली, जामगांव का रहने वाला था. ग्रामीणों के अनुसार मामला प्रेम प्रसंग का बताया जा रहा. घटना की खबर गांव में फैलते ही लोगों की भीड़ घटनास्थल पर लग गई है. सूचना के बाद पाटन पुलिस मौके पर पहुंची है. मौके से एक बाइक और कुछ दैनिक सामाग्री (पर्स, मेजरिंग टेप, माचिस) बरामद किया गया है. शव को फंदे से नीचे उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है.

करोड़ों का टैक्स नहीं चुकाया तो निगम का डंडा चला, गुरुग्राम में कई इमारतें सील

गुरुग्राम  गुरुग्राम नगर निगम गुरुग्राम ने टैक्स बकायेदारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को निगम की टैक्सेशन टीम ने सख्त कार्रवाई करते हुए पालम विहार स्थित वासुदेव ग्रेनाइट्स की बिल्डिंग को सील कर दिया। इस संपत्ति पर 1 करोड़ 19 लाख 86 हजार 642 रुपए का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था, जिसे बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद चुकाया नहीं गया। नगर निगम ने बताया कि संपत्ति मालिक को समय-समय पर कई बार टैक्स भुगतान के नोटिस जारी किए गए, लेकिन भुगतान न होने पर सीलिंग का अंतिम कदम उठाना पड़ा। कार्रवाई की अगुवाई जोनल टैक्सेशन अधिकारी राजेश यादव ने की। उन्होंने बताया कि सभी जोनों में बकायेदारों की सूची तैयार कर ली गई है और जिन संपत्तियों पर लंबे समय से टैक्स बकाया है, उनके खिलाफ बिना किसी रियायत के कार्रवाई जारी रहेगी। ‘भुगतान करें, वरना संपत्ति सील होगी’ नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टैक्स वसूली में अब किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। जिन्होंने अब तक टैक्स नहीं जमा कराया है, उन्हें तुरंत भुगतान करने की सलाह दी गई है, अन्यथा उनकी संपत्तियां भी सील या कुर्क की जा सकती हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह सख्ती सिर्फ राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि वित्तीय अनुशासन स्थापित करने और टैक्स भुगतान की संस्कृति मजबूत करने के लिए की जा रही है। टैक्स से ही बनते हैं शहर के रास्ते निगम के अनुसार, शहर के विकास, सड़क, जल आपूर्ति, सफाई व्यवस्था और आधारभूत ढांचे के रखरखाव के लिए टैक्स की रकम जरूरी है। इसलिए नागरिकों से अपील की गई है कि वे टैक्स को बोझ नहीं, बल्कि शहर के विकास में अपना योगदान समझें।