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इतिहास रचेगा पंजाब पुलिस विभाग, कर्मियों की संख्या पहली बार एक लाख पार

राजपुरा  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंजाब पुलिस में कर्मियों की संख्या पहली बार एक लाख के आंकड़े को पार कर जाएगी क्योंकि राज्य सरकार द्वारा एक बड़ी भर्ती अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पटियाला स्थित लॉ यूनिवर्सिटी में पंजाब पुलिस के जांच अधिकारियों के लिए एनडीपीएस एक्ट पर एक कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस कार्यशाला में पंजाब पुलिस के लगभग 730 कर्मियों को एनडीपीएस अधिनियम की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की क्षमता पर कोई संदेह नहीं है, लेकिन पुलिस विभाग के लिए समय के साथ चलना ज़रूरी है। अगर अपराधी अपडेट हो रहे हैं, तो पुलिस को भी अपडेट करने के लिए एक अनूठा कार्यक्रम तैयार किया गया है। जांच अधिकारियों को साक्ष्य प्रबंधन, एनडीपीएस की विभिन्न धाराओं, बीएनएस में बदलाव और अन्य तकनीकी जानकारियां प्रदान करके उन्हें पूरी तरह से अपडेट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस से संबंधित इस अनूठे कार्यक्रम का आयोजन करने वाला पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर जगह एक बुरा इंसान होता है जिसके कारण सभी को बदनामी का सामना करना पड़ता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सभी बुरे हैं। मुख्यमंत्री ने हॉल में मौजूद पंजाब पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों को निष्ठा और ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि हमें पंजाब को अच्छे लोगों की सूची में शामिल करने के लिए सेवा करनी है, बुरे लोगों की सूची में नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर शानदार प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि नशे के विरुद्ध युद्ध के लिए एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा करने की ज़रूरत है, जिसके लिए नागरिकों को इस लड़ाई में पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना चाहिए। सीमा पार से नशों की तस्करी के लिए ड्रोन के इस्तेमाल को देखते हुए, इसके लिए एक उन्नत ड्रोन-रोधी प्रणाली शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि निजी नशा मुक्ति केंद्रों की कड़ी निगरानी और पुनर्वास केंद्रों में इस्तेमाल होने वाले नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए आज कैबिनेट द्वारा एक नया कानून पारित किया गया है।

मौसम अलर्ट: श्योपुर, मुरैना समेत मध्यप्रदेश के 11 जिलों में चार दिन तक बारिश जारी

भोपाल  राजधानी भोपाल में मोंथा तूफान का असर देखा जा रहा है. मौसम वैज्ञानिकों ने मध्य प्रदेश में तीन अलग-अलग सिस्टम एक्टिव होने के चलते कुल 11 जिलों में भारी बारिश का अनुमान किया है. मंगलवार को मोंथा तूफान के असर से सात जिलों में बारिश हुई थी, जिससे भोपाल और इंदौर शहर अछूता नहीं था. रिपोर्ट के मुताबिक मोंथा तूपान का असर मंगलवार को मध्य प्रदेश में देखा गया, जब तीन अलग-अलग सिस्टम एक्टिव होने से कुल सात जिलों में जमकर बारिश हुई. मोंथा तूफान का ही असर कहेंगे कि मौसम वैज्ञानिकों ने बुधवार को श्योपुर, मुरैना समेत 11 जिलों में बुधवार को भारी बारिश का अलर्ट भेजा है.  मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट मौसम विभाग ने (29 अक्टूबर) के लिए श्योपुर, मुरैना, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, वर्तमान सिस्टम के प्रभाव से अगले चार दिन तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर बने सिस्टम की वजह से नमी लगातार आ रही है, जिससे बादल छाए रहेंगे और मौसम ठंडा रहेगा। अगले चार दिनों तक मध्य प्रदेश में है बारिश के आसार मोंथा तूफान के असर से मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा. जिन 11 जिलों में बारिश का अनुमान किया गया है, उन जिलों में बारिश के चलते दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को कड़ाके वाली ठंड का एहसास होगा.   छत्तीसगढ़ में चक्रवातीय तूफान का असर बढ़ने की संभावना मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में चक्रवातीय तूफान मोंथा के असर से कई जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी है. इनमें दक्षिण छत्तीसगढ़ के पांच जिलों क्रमशः नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिले शामिल हैं, जहां रेड अलर्ट जारी किया गया है. भोपाल-इंदौर में चली तेज आंधी 28 अक्टूबर को ग्वालियर, रतलाम, धार, बैतूल, श्योपुर, शिवपुरी, रीवा, मुरैना और उमरिया में अच्छी बारिश हुई। वहीं राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और शाम को तेज आंधी चली। रतलाम में करीब 3 इंच, ग्वालियर में 2.5 इंच, जबकि शिवपुरी में 1.5 इंच बारिश दर्ज की गई। बारिश से कई जिलों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर का दिन का तापमान 25 साल में सबसे कम 19.5°C तक पहुंच गया। मंगलवार को 9 जिलों में पानी गिरा सिस्टम की एक्टिविटी होने की वजह से मंगलवार को बैतूल, धार, रतलाम, मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, रीवा और उमरिया में बारिश हुई। भोपाल में तेज आंधी का असर देखने को मिला। बारिश की वजह से कई जिलों में फसलों को नुकसान भी पहुंचा है। बता दें कि मध्य प्रदेश से मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है, लेकिन बारिश का दौर जारी है। 29, 30 और 31 अक्टूबर को भी तेज बारिश हो सकती है। 30 अक्टूबर को सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।   अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के दो सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर में बना डिप्रेशन तेजी से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा है, जबकि बंगाल की खाड़ी में बना तूफान ‘मोंथा’ आंध्र प्रदेश तट को पार कर चुका है। इन दोनों सिस्टम्स से मिलने वाली नमी की वजह से मध्य प्रदेश के ऊपर ट्रफ लाइन एक्टिव है, जिससे लगातार बारिश हो रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 48 घंटे तक बादल और गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 30 और 31 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम 30 अक्टूबर (गुरुवार) को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी है। ऑरेंज अलर्ट: सतना, रीवा, सीधी, शहडोल, अनूपपुर और सिंगरौली में 4 से 8 इंच तक वर्षा संभव। येलो अलर्ट: पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, झाबुआ, अलीराजपुर और बड़वानी। 31 अक्टूबर (शुक्रवार) को भी कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा। भारी बारिश का अलर्ट: झाबुआ, अलीराजपुर, बैतूल, पांढुर्णा, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और शहडोल। मौसम विभाग का कहना है कि, 1 नवंबर तक प्रदेश का मौसम ऐसा ही रहेगा और 2 नवंबर से बादल छंटने लगेंगे। इसके बाद धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगेगी। 25 साल में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन लगातार बारिश और बादलों की वजह से ग्वालियर का तापमान 19.5°C तक गिर गया, जो अक्टूबर महीने में 25 सालों का सबसे ठंडा दिन रहा। श्योपुर में भी तापमान 13.3°C तक लुढ़क गया। वहीं खंडवा में अधिकतम तापमान 31.5°C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नवंबर से फरवरी तक इस बार ठंड सामान्य से ज्यादा रहेगी। 2010 के बाद की सबसे ठंडी सर्दी इस बार महसूस की जा सकती है। ‘ला-नीना’ की परिस्थितियां बनने से सर्दियों के दौरान भी सामान्य से ज्यादा बारिश और तेज ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। नवंबर-जनवरी में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाता है, जो जनवरी तक रहता है। इस बार फरवरी तक ठंड का असर रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले सर्दियों के मौसम में 2010 के बाद सबसे भीषण ठंड का एहसास हो सकता है। सर्दियों के दौरान इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश देखने को मिल सकती है, उत्तर-पश्चिम भारत के इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अधिक संख्या में प्रभावित करेंगे। मौसम विभाग ने भी जल्द ही ला-नीना परिस्थितियां विकसित होने की पुष्टि की है। पूरे एमपी से विदा हो चुका है मानसून मौसम विभाग के अनुसार, पूरे मध्य प्रदेश से मानसून विदा हो गया है। इस साल मानसून 3 महीने 28 दिन एक्टिव रहा। 16 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी और 13 अक्टूबर को वापसी हुई। इसके बावजूद बारिश का दौर बना हुआ है। अक्टूबर का आखिरी सप्ताह भी बारिश वाला ही रहेगा। इसके बाद ठंड का असर शुरू हो जाएगा। इस बार प्रदेश में मानसून की 'हैप्पी एंडिंग' रही। भोपाल, ग्वालियर … Read more

मुख्य सचिव को चुनाव आयोग का अलर्ट: बिना अनुमति अफसरों के तबादले नहीं होंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने राज्य के कलेक्टरों, एसडीएमों और तहसीलदारों के तबादलों पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया है. यह फैसला मुख्य रूप से विशेष गहन पुनरक्षिण कार्य (Special Intensive Revision – SIR) के महत्व को देखते हुए लिया गया है, जो मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित है.आयोग के निर्देशानुसार ये तबादले अब 7 फरवरी 2026 तक नहीं किए जाएंगे. MP में अफसरों के ट्रांसफर पर रोक! दरअसल, राज्य में कलेक्टर, SDM (जॉइंट कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर) और तहसीलदारों के ट्रांसफर 7 फरवरी तक नहीं हो पाएंगे. चुनाव आयोग ने चीफ सेक्रेटरी को निर्देश जारी कर कहा है कि SIR प्रोसेस पूरा होने तक इन अधिकारियों का ट्रांसफर न किया जाए. बहुत ज़रूरी होने पर ही चुनाव आयोग से परमिशन लेकर ट्रांसफर किए जा सकेंगे. सरकार इस दौरान सीनियर IAS अधिकारियों का ट्रांसफर कर सकेगी और इस पर कोई रोक नहीं होगी. भारत निर्वाचन आयोग ने इसको लेकर जारी निर्देश में मुख्य सचिव से साफ तौर पर कहा है कि मतदाता सूची के काम में जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (जॉइंट कलेक्टर या डिप्टी कलेक्टर), सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (तहसीलदार या नायब तहसीलदार) के तबादले एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने के बाद नहीं होंगे। आयोग ने कहा है कि मुख्य सचिव की यह भी जिम्मेदारी होगी कि किसी भी विधानसभा क्षेत्र में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी का पद रिक्त नहीं होना चाहिए ताकि आयोग द्वारा तय टाइमलाइन में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की कार्यवाही की जा सके। इस काम में आवश्यक बीएलओ और सुपरवाइजर्स की कमी भी नहीं हो, इसका ध्यान कलेक्टर और राज्य शासन रखेगा। 7 फरवरी 2026 के बाद होंगे तबादले बता दें कि तबादलों पर रोक SIR यानी विशेष गहन पुनरक्षिण कार्य के कारण  लगाई गई है. मूल्यांकन/प्रशिक्षण 28 अक्टूबर से 3 नवंबर, 2025 तक होगी.  घर-घर जाकर गिनती 4 नवंबर से 4 दिसंबर, 2025 तक होगी.   प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 9 दिसंबर, 2025 को किया जाएगा. दावे/आपत्तियों की का समय 9 दिसंबर, 2025 से 8 जनवरी, 2026 तक होगा. फाइनल वोटर लिस्ट 7 फरवरी 2026 को पब्लिश की जाएगी. निर्देशों के मुताबिक ये ट्रांसफर अब 7 फरवरी, 2026 तक नहीं किए जाएंगे. अपर कलेक्टर प्रभावित नहीं, संभागायुक्त मॉनिटरिंग करेंगे चुनाव आयोग ने वैसे तो तबादले से संभागायुक्तों को सीधे तौर पर प्रतिबंधित नहीं किया है लेकिन मतदाता सूची के परीक्षण की पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभागायुक्तों को सौंपी गई है। इसलिए संभागायुक्त भी तबादले से बचे रह सकते हैं। जिलों में पदस्थ अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी जो अपर कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत की जिम्मेदारी निभाते हैं वे जरूर चुनाव आयोग के तबादला प्रतिबंध के दायरे में नहीं आएंगे। सरकार उनके तबादले कर सकती है। आईपीएस, एसपीएस और सीनियर आईएएस पर भी रोक नहीं चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया है कि पुलिस अधीक्षक, आईजी और अन्य सीनियर आईपीएस के अलावा एसडीओपी, सीएसपी, डीएसपी स्तर के अधिकारी या टीआई भी किसी तरह के तबादले के प्रतिबंध में नहीं रहेंगे। सरकार चाहे तो मंत्रालय और विभिन्न विभागों में पदस्थ सीनियर आईएएस अफसरों के भी तबादले कर सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये अधिकारी मतदाता सूची के रजिस्ट्रीकरण की कार्यवाही से किसी तरह से सीधे तौर पर नहीं जुड़े हैं। कलेक्टरों, संभागायुक्तों को आज मिलेगी ट्रेनिंग उधर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी तथा संभागायुक्तों को SIR की ट्रेनिंग देगा। इसको लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि कलेक्टरों, संभागायुक्तों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये दी जाने वाली ट्रेनिंग में उपस्थित रहने के निर्देश शासन स्तर पर जारी किए जाएं। चुनाव से जुड़ी मुख्य तारीखें     मूल्यांकन/प्रशिक्षण: 28 अक्टूबर से 3 नवम्बर 2025     घर-घर गणना: 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025     प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशन: 9 दिसम्बर 2025     दावे/आपत्तियों की अवधी: 9 दिसम्बर 2025 से 8 जनवरी 2026     अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन: 7 फरवरी 2026  

मध्य प्रदेश में100 दिन तक चलेगी SIR प्रक्रिया, हर मतदाता तक बीएलओ तीन बार पहुंचेंगे

भोपाल   मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण यानी एसआइआर की प्रक्रिया शुरू हो गई। बताया गया है कि अब एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता ही रहेंगे। इसके अलावा एक परिवार के सभी सदस्यों का नाम एक ही पोलिंग बूथ में होगा। जिला प्रशासन ने स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया। छह चरणों में प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अंतिम चरण सात फरवरी 2026 को मतदाता सूची का फाइनल प्रकाशन का रहेगा। करीब 100 दिन तक चलने वाली प्रक्रिया में हर मतदाता तक बीएलओ कम से कम तीन बार पहुंचेगा। आप अपना नाम मतदाता सूची में बनाए रखना चाहते हैं तो अपनी पहचान, जन्म के साथ माता-पिता की पहचान जन्म और इसी तरह के दस्तावेज संभालकर रख लें। एसआइआर के तहत आपसे जो गणना फार्म जमा कराया जाएगा, उसमें इनकी जरूरत होगी। हर मतदाता का अलग गणना फार्म होगा प्रकाशित हर मतदाता का एक गणना फार्म होगा। फार्म पर मतदाता का पुराना फोटो व डिटेल रहेगी। फार्म में मतदाता को पुराने फोटो के पास बने बॉक्स में नया फोटो जोडऩा होगा। गणना फार्म में जन्म दिनांक दर्ज करना होगा। आधार नंबर वैकल्पिक होगा। पिता का नाम व उनका मतदाता नंबर, माता का नाम व उनका मतदाता नंबर भी दर्ज करना होगा। इसमें मतदाता व बीएलओ को हस्ताक्षर होंगे। कहीं वोटर लिस्ट से कट न जाए आपका नाम, मतदाता सूची अभियान में इन बातों का रखें ध्यान देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट की समीक्षा का ऐलान चुनाव आयोग ने कर दिया है. इसके दायरे में 51 करोड़ वोटर आएंगे. 28 अक्टूबर से ये प्रक्रिया शुरू भी हो गई है, जो 103 दिनों तक  यानी 7 फरवरी तक चलेगी. 103 दिन की प्रक्रिया में वोटर लिस्ट का अपडेशन होगा. इसमें बंगाल, तमिलनाडु जैसे चुनावी राज्यों को भी शामिल किया गया है. अगर आप भी वोटर्स हैं और आपकी वोटर आईडी में किसी तरह के बदलाव की जरूरत है तो एसआईआर प्रक्रिया में जरूर हिस्सा लें. मसलन, अगर आप बिहार से यूपी या दिल्ली स्थायी तौर पर प्रवास कर चुके हैं तो आपको नया अपडेशन कराना चाहिए.ऐसा न हो कि बिहार में पुराने पते पर न होने से आपका नाम कट जाए और नई जगह रजिस्टर न कराने से दिल्ली में भी आपका नाम न जुड़ पाए. बीएलओ तीन बार घर जाएंगे बीएलओ वोटर लिस्ट समीक्षा के दौरान घर-घर जाकर फॉर्म भरवाएंगे. हर वोटर के यह फॉर्म रहेगा. अगर परिवार बाहर है तो दूसरे या तीसरे प्रयास में इसमें शामिल हो सकता है. बीएलओ 3 बार फॉर्म भरवाने की कोशिश करेगा. फिर भी कोई आवास पर नहीं मिलता है तो बूथ लेवल ऑफिसर नोटिस दे सकता है. इसके बाद भी एसआईआर में शामिल न होने पर आपका नाम हटाया जा सकता है. BLO या BLA से संपर्क साधें मौजूदा जो वोटर हैं, उन्हें एसआईआर से घबराने की जरूरत नहीं है. SIR में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) या बूथ लेवल एजेंट (BLA) वोटर को संबंधित फॉर्म देंगे. मतदाता उनका मिलान कराएगा. अगर आपका नाम दो जगह वोटर लिस्ट में है तो एक जगह से हटवाना होगा. अगर मतदाता सूची में नाम नहीं है तो ऐड कराने के लिए फॉर्म भरें. इसके लिए स्थायी पते समेत संबंधित दस्तावेज देने होंगे. किसी विदेशी या अवांछनीय व्यक्ति का नाम है तो उसे भी हटाया जाएगा. एक महीने में अपील संभव अगर आपका नाम किसी वजह से मतदाता सूची से कट गया है तो जब दिसंबर में ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी तो उसमें चेक करें. एक महीने में अपील कर सकते हैं.‎ डीएम और जिलाधिकारी के फैसले के खिलाफ राज्य निर्वाचन आयोग ‎सीईओ तक अपील कर सकते हैं.‎हेल्पलाइन 1950 पर कॉल कर सकते हैं. बीएलओ या जिला चुनाव कार्यालय से संपर्क साध सकते हैं. Voter List में कैसे Check करें नाम वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक करना है तो electoralsearch.eci.gov.in और voters.eci.gov.in पर EPIC नंबर डालकर लिस्ट में नाम चेक कर सकते हैं. फोन पर NVSP ऐप डाउनलोड कर वोटर लिस्ट देख सकते हैं. डिजिटल वोटर आईडी कार्ड भी निकाल सकते हैं.  SIR की 3 बड़ी बातें 18 साल से अधिक उम्र के नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे  वोटर लिस्ट में सामने आने वाली गलतियां सुधारी जाएंगी मृत लोगों या दूसरी जगहों पर स्थायी प्रवास पर नाम हटाए जाएंगे इन राज्यों में होगा एसआईआर अंडमान निकोबार छत्तीसगढ़ गोवा गुजरात केरल लक्षद्वीप मध्य प्रदेश पुडुचेरी राजस्थान तमिलनाडु उत्तर प्रदेश पश्चिम बंगाल काम की बातें——     51 करोड़ वोटर्स इन 12 राज्यों के दायरे में      फॉर्म 7 और फॉर्म 8 वोटर आईडी कार्ड में सुधार के लिए      फॉर्म 6 नाम जुड़वाने से जुड़े एनरोलमेंट फॉर्म के लिए     फॉर्म 8 सुधार के साथ नाम कहीं और वोटर लिस्ट में दर्ज कराने के लिए चुनाव आयोग ने जिन 12 राज्यों में एसआईआर का ऐलान किया है. उनमें  बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं. गोवा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में 2027 में चुनाव होना है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में वर्ष 2028 में चुनाव कराया जाना है. SIR के अभियान में कब क्या     28 अक्टूबर से 3 नवंबर- प्रिटिंग एंड ट्रेनिंग     4 नवंबर से 4 दिसंबर- घर-घर जाकर सत्यापन     ड्रॉफ्ट वोटर लिस्ट- 9 दिसंबर तक     आपत्ति, दावे-9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक     सुनवाई, सत्यापन-9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026     फाइनल वोटर लिस्ट- 7 फरवरी 2026 SIR में आधार कार्ड समेत ये डॉक्यूमेंट मान्य आधार कार्ड पेंशनर आई कार्ड कोई सरकारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट हाईस्कूल मार्कशीट वन अधिकार प्रमाणपत्र स्थायी निवास प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम फैमिली रजिस्टर में नाम रजिस्ट्री जैसे भू रिकॉर्ड

राजधानी में shocking मामला: पति ने पत्नी को धमकी देकर तीन तलाक

भोपाल  राजधानी भोपाल से तलाक का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी को बंदूक की नोक पर तीन तलाक दे दिया. घटना के बाद डरी-सहमी महिला थाने पहुंची और पूरी कहानी पुलिस को बताई. शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर उसकी लाइसेंसी बंदूक भी जब्त कर ली है. मामला भोपाल के अशोक कॉलोनी का है, जहां पीड़िता अपने रिश्तेदार के घर रह रही थी. आरोपी पति दानिश फर्नीचर की दुकान चलाता है. रविवार की रात वह अपनी पत्नी के रिश्तेदार के घर लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर पहुंचा. महिला ने जैसे ही उसने पति को देखा, वह डर के मारे कमरे में जाकर छिप गई. तभी आरोपी ने चैनल गेट के बाहर खड़े होकर तीन बार 'तलाक-तलाक-तलाक' बोल दिया और वहां से चला गया. पीड़िता ने थाने पहुंचकर पुलिस को बताया कि उसके पति ने धमकी देकर रिश्ता खत्म किया. महिला की शिकायत के बाद थाना प्रभारी यूपीएस चौहान ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.  थाना प्रभारी चौहान ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. पति का व्यवहार आक्रामक था और दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे. महिला के माता-पिता नहीं हैं, इसलिए वह पिछले कुछ समय से अपने रिश्तेदार के घर में रह रही थी.  महिला सोमवार को थाने आई और उसने बताया कि उसका पति बंदूक लेकर आया था और उसे धमकाते हुए तीन तलाक दे दिया. आरोपी के पास लाइसेंसी बंदूक थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है. 

बारिश बनी सर्दी की दस्तक: राजस्थान के 11 जिलों में यलो अलर्ट, ठंड ने बढ़ाई कंपकंपी

जयपुर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातों के असर से राजस्थान में बारिश का सिलसिला जारी है। बुधवार को भी राज्य के 11 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को कई जिलों में 1 से 5 इंच तक बारिश दर्ज हुई, जिससे नदियां, बांध और झीलें लबालब हो गईं। ऐसा पहली बार देखने को मिला जब अक्टूबर में बांधों के गेट खोलने पड़े हों। बारिश के साथ दिनभर बादल छाए रहने  से मौसम में ठंडक घुल गई। जयपुर, अजमेर, बीकानेर, भरतपुर, उदयपुर और कोटा संभागों में दोपहर बाद हल्की शीतलहर चलने लगी। अचानक बढ़ी सर्दी के असर के चलते लोग गर्म कपड़ों में नजर आने लगे हैं। भीलवाड़ा में मंगलवार को सीजन का सबसे सर्द दिन दर्ज हुआ। यहां अधिकतम तापमान सिर्फ 19.6 डिग्री सेल्सियस, जो प्रदेश के कई शहरों के रात के तापमान से भी कम रहा। वहीं सिरोही में सबसे सर्द रात दर्ज की गई। यहां न्यूनतम तापमान 15.3 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से 12 डिग्री तक नीचे दर्ज किया जा रहा है।  बूंदी के नैनवा में सबसे ज्यादा 130 मिमी बारिश हुई, जबकि भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा, उदयपुर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और बारां में 3-4 इंच तक वर्षा दर्ज की गई। भारी बरसात से बीसलपुर बांध में पानी की आवक बढ़ी, जिसके बाद एक गेट खोलकर निकासी की गई। उदयपुर की झीलों का जलस्तर भी बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 30 अक्टूबर की शाम से बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगेगी और 2 नवंबर तक मौसम शुष्क रहेगा। रात के तापमान में गिरावट के चलते सर्दी में और इजाफा होगा। प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान  (तापमान 28 अक्टूबर का डिग्री सेल्सियस में है) शहर अधिकतम न्यूनतम अजमेर 21 17.2 भीलवाड़ा 19.6 18.2 बनस्थली (टोंक) 25.2 17.2 अलवर 24.2 18.8 जयपुर 21.8 18.4 पिलानी 26.2 18 सीकर 23.5 18.7 कोटा 20.7 19 चित्तौड़गढ़ 20.3 18.3 उदयपुर 20.2 18.2 बाड़मेर 32.2 20.2 जैसलमेर 31.9 17.8 जोधपुर 27.8 20.3 बीकानेर 30 20.4 चूरू 27.6 19.1 श्रीगंगानगर 30.5 19.3 नागौर 26.6 16.9 डूंगरपुर 22.1 20 जालोर 27.7 20.8 सिरोही 20.4 15.3 करौली 20.8 19.4 दौसा 22.5 18.7 प्रतापगढ़ 20.8 19.9 झुंझुनूं 25.7 19.7

अब्दुल बारी सिद्दीकी का बड़ा बयान: तेजस्वी यादव को जननायक बनने में लगेगा समय

पटना जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी के साथ राजनीतिक लड़ाई तेज होती जा रही है। वहीं, महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार और राजद नेता तेजस्वी यादव को 'जननायक' बताने पर राजद के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने आपत्ति जताई है। उन्होने कहा कि अभी उन्हें जननायक बनने में वक्त लगेगा। आरजेडी महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि तेजस्वी यादव को अभी जननायक बनने में समय लगेगा। क्योंकि वो लालू यादव की विरासत हैं। वह उनकी राह पर चलने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने के बाद राजद के पटना स्थित केंद्रीय कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगाया गया, जिसमें तेजस्वी यादव को 'बिहार का नायक' (जननायक) के रूप में बताया गया। वहीं, तेजस्वी को ‘जननायक’ बताने पर एनडीए ने भी आपत्ति जताई है। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए दो चरण में 06 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान कराया जाना है। 14 नवंबर को मतगणना होगी और चुनाव की प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी हो जाएगी। बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है।

अतिथि शिक्षकों के वेतन पर हाई कोर्ट का निशाना: नियमित पद का न्यूनतम वेतन क्यों रोका गया?

 जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने राज्य शासन से पूछा है कि प्रदेश के शासकीय स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को नियमित स्वीकृत पद का न्यूनतम वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा है। कोर्ट ने मुख्य सचिव, वित्त विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव, आयुक्त लोक शिक्षण सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता देवास निवासी विकास कुमार नंदानिया व अन्य की ओर से अधिवक्ता विनायक प्रसाद शाह व पुष्पेंद्र शाह ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि सरकार नियमित स्वीकृत पद पर भर्ती नहीं करते हुए अतिथि शिक्षकों की भर्ती कर रही है। प्रदेश में लगभग 90 हजार अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। इन अतिथि शिक्षकों से नियमित शिक्षकों के सभी काम करवाए जाते हैं, लेकिन नियमित के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन नहीं दिया जाता है। इसके अलावा अतिथि शिक्षकों को नियमित शिक्षकों के समान छुट्टी का लाभ भी नहीं मिलता है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के कई निर्णयों का हवाला दिया गया जिनमें यह निर्धारित किया है कि न्यूनतम वेतन से कम वेतन देना संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।  

चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई, होटल से करोड़ों की नकदी जब्त

पटना बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले पटना जिले के बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र में पुलिस की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। दरअसल पुलिस ने होटल में छापेमारी करके लाखों रुपए की बरामदगी की है। मिली जानकारी के अनुसार, पैसों की बरामदगी सालिमपुर थाना क्षेत्र के फोर लेन स्थित एक होटल से की गई। बताया जा रहा है कि स्थानीय अंचलाधिकारी (सीओ) और सालिमपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मिलकर होटल में छापा मारा। इस दौरान एक कमरे से 10 लाख 36 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। फिलहाल पुलिस नकदी जब्त कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। बता दें कि बिहार में चुनावों के चलते आदर्श आचार संहिता लागू है। जिस कारण भारी मात्रा में कैश को लेकर आने जाने पर प्रतिबंध है। वहीं बिहार मे 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान होना है। ऐसे में इतनी भारी मात्रा में नकदी की बरामदगी ने सियासी माहौल में खलबली मचा दी है।  

मध्य प्रदेश में निगम-मंडलों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू, सभी विभागों में अलग-अलग समय पर होगी भर्ती

भोपाल  मध्य प्रदेश भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित किए जाने के बाद राजनीतिक नियुक्तियों का दौर आरंभ हो गया है। विधानसभा चुनाव 2023 के बाद से ही निगम- मंडल और आयोग में नियुक्ति के लिए कई नेता इंतजार कर रहे थे, अब लगभग दो वर्ष बाद सरकार नियुक्तियों के लिए तैयार तो हुई है लेकिन एकसाथ नियुक्तियां करने के बजाय छोटी-छोटी सूची निकालने की तैयारी है। पिछले सप्ताह दिव्यांगजन आयुक्त के पद पर अजय खेमरिया की नियुक्ति का आदेश निकालने के बाद अब निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष पद पर अटल बिहारी वाजपेयी मप्र हिंदी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. खेमसिंह डेहरिया की नियुक्ति करने की प्रक्रिया चल रही है। इस आयोग का कार्यकाल लगभग एक वर्ष पूर्व समाप्त हो गया था, लेकिन नियुक्ति न होने से पद एक्सटेंशन पर चल रहा है। नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है सूत्रों के मुताबिक फिलहाल कई विभागों के अधीन आने वाले निगम- मंडलों में नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। उच्च शिक्षा विभाग के अधीन आने वाले निजी विनियामक आयोग में सचिव के पद पर दिनेश गुर्जर की नियुक्ति किए जाने की संभावना है। इसके अलावा आयोग के प्रशासनिक सदस्य के रूप में सेवानिवृत्त आइएएस महेश चौधरी को नियुक्त किए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ते भी दिए जाएंगे विधानसभा चुनाव के बाद जब डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया गया था, तब चौधरी उनके ओएसडी नियुक्त हुए थे। इसके बाद अब राजनीतिक नियुक्तियां आरंभ होंगी। मध्य प्रदेश में भाजपा ने कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने की योजना बनाई है। इसके तहत दीनदयाल अंत्योदय समितियों का पुनर्गठन भी किया जाएगा, जो प्रशासनिक अधिकार और सरकारी योजनाओं की निगरानी का काम करेंगी। कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने के साथ-साथ उन्हें यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ते भी दिए जाएंगे। यह योजना 34 साल बाद पहली बार लागू की जा रही है। मिलेंगे प्रशासनिक अधिकार पहले चरण में गांव से राजधानी भोपाल तक दीनदयाल अंत्योदय समितियों का गठन किया जाएगा। इन्हें मध्य प्रदेश (लोक अभिकरणों के माध्यम से) दीनदयाल अंत्योदय कार्यक्रम का क्रियान्वयन अधिनियम 1991’ और 20 सूत्रीय कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन कमेटी के तहत अधिकार संपन्न बनाया जाएगा। एक्ट होने के कारण इन समितियों को कई तरह के प्रशासनिक अधिकार भी मिल जाएंगे। इसके बाद सहकारी समितियों के चुनाव करवाकर गांव से लेकर राजधानी तक की सहकारी समितियों में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। सत्ता में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सत्ता में कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने के माडल पर काम कर रही भाजपा सरकार ने सरकारी योजनाओं की राजधानी से ग्राम पंचायत स्तर तक निगरानी के लिए दीनदयाल अंत्योदय समितियों के पुनर्गठन का रास्ता साफ कर दिया है। दीनदयाल अंत्योदय समितियों में राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री और जिला स्तर पर प्रभारी मंत्री अध्यक्ष होंगे। हर स्तर पर गठित समितियों में एससी और एससी वर्ग की महिलाओं के लिए पद आरक्षित रहेंगे। यानी सत्ता में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।