samacharsecretary.com

बिहार विधानसभा चुनाव: NDA 30 अक्टूबर को करेगा घोषणा पत्र जारी, फोकस रहेगा युवाओं और रोजगार पर

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा नीत एनडीए का घोषणापत्र 30 अक्टूबर को जारी किया जा सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एनडीए राज्य में घोषणापत्र को 'विकसित बिहार' शीर्षक के साथ जारी करेगा। बिहार में एनडीए के घोषणापत्र में छात्र, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र पर अधिक फोकस किया जा सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से 25 अक्टूबर को खगड़िया में रैली के दौरान इसके संकेत दिए गए थे। उन्होंने कहा था, "बिहार डबल इंजन से लैस होकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ चला है। एनडीए सरकार बिहार को आगे ले जाने के लिए तैयार है। हमारी स्पष्ट नीति है, स्कूल-कॉलेज में पढ़ाई, टाइम पर दवाई, खेतों में सिंचाई और हर घर में पानी की सप्लाई।" अमित शाह ने कहा था, "इन चार सूत्रों पर हमारा बिहार अब आगे बढ़ने वाला है।" बिहार में एनडीए के घटक दलों में भारतीय जनता पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। 2025 के बिहार चुनाव में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और महागठबंधन के बीच है। राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन में कांग्रेस, भाकपा, भाकपा-माले, माकपा और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल हैं। हालांकि, बिहार में महागठबंधन मंगलवार शाम को अपना घोषणापत्र जारी करेगा। तेजस्वी यादव पहले ही नाई, कुम्हार, बढ़ई, लोहार, माली और मोची जैसी मेहनतकश जातियों के स्वरोजगार, आर्थिक उत्थान और उन्नति के लिए 5 साल के लिए 5 लाख की एकमुश्त ब्याज रहित राशि देने की घोषणा कर चुके हैं। महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने यह भी घोषणा की कि उनकी सरकार आने पर त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्राम कचहरी सदस्यों को पेंशन दी जाएगी। ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों का 50 लाख रुपये तक का बीमा कराया जाएगा। सरकार 'जन वितरण प्रणाली' के तहत वित्तीय सहायता भी बढ़ाएगी और प्रति क्विंटल भुगतान की दर भी बढ़ाएगी।

विशेष आर्टिकल :विकसित भारत @2047 की ओर: उत्तर प्रदेश का समर्थ और स्वावलंबी सफर

विशेष आर्टिकल : विकसित भारत @2047: समर्थ और विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 'समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047: समृद्धि का शताब्दी परिव' अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान न केवल राज्य को 2047 तक विकसित बनाने का ब्लूप्रिंट है, बल्कि एक जन आंदोलन के रूप में उभर चुका है, जिसमें 57 लाख से अधिक नागरिकों ने सुझाव दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू यह अभियान तीन मुख्य थीम्स – आर्थिक शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति – पर आधारित है, जो 12 क्षेत्रों (कृषि, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि) को कवर करता है। आइए, जानें कैसे यह अभियान उत्तर प्रदेश को आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहा है, लोगों की जिंदगियां बदल रहा है, और भाजपा सरकार का यह कदम लाखों को लाभ पहुंचा रहा है। अभियान का ब्लूप्रिंट: एक नजर में 'विकसित भारत @2047' उत्तर प्रदेश के संदर्भ में 'विकसित यूपी @2047' के रूप में लागू हो रहा है, जिसका लक्ष्य है राज्य की जीडीपी को 9.3% से बढ़ाकर 16% करना, और 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना। अभियान की शुरुआत 3 सितंबर 2025 को लोक भवन में हुई, जहां 400 से अधिक विशेषज्ञों ने कार्यशाला में भाग लिया। मुख्य घटक: थीम फोकस क्षेत्र लक्ष्य 2047 तक आर्थिक शक्ति कृषि, उद्योग, निवेश, पर्यटन 16% वार्षिक विकास दर, 20% रोजगार वृद्धि सृजन शक्ति आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, हरित विकास विश्व स्तरीय सड़कें, सोलर सिटी, AI-आधारित स्मार्ट गांव जीवन शक्ति स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा जीरो पॉवर्टी, 100% साक्षरता, डिजिटल स्वास्थ्य कवरेज अभियान के तहत 75 जिलों में नोडल अधिकारी, बुद्धिजीवी और जनप्रतिनिधियों ने सुझाव एकत्र किए, जो अब विजन डॉक्यूमेंट का आधार बनेंगे। अभियान से प्रदेश में विकास: आंकड़ों की चमकती तस्वीर 2017 से पहले 'बीमारू' राज्य के रूप में जाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज विकास का इंजन बन चुका है। 'विकसित यूपी @2047' अभियान ने इस गति को और तेज किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार: • आर्थिक वृद्धि: 2017-25 में जीडीपी 2.5 गुना बढ़ी, 2025-47 के लिए 16% विकास दर का लक्ष्य। राज्य 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनेगा। • रोजगार सृजन: 40 लाख+ नई नौकरियां, ग्रामीण युवाओं के लिए 49.86 लाख टैबलेट/स्मार्टफोन वितरित। • इंफ्रास्ट्रक्चर: 95+ संस्थानों को NAAC मान्यता, 67 को राष्ट्रीय रैंकिंग। ग्रामीण सड़कें दोगुनी, 240 करोड़ पौधे लगाए गए। • सामाजिक विकास: शून्य गरीबी का लक्ष्य, स्वास्थ्य और शिक्षा में 100% कवरेज। 24-घंटे विधानसभा बहस में सभी विभागों ने 2025-47 का रोडमैप पेश किया। यह अभियान न केवल सरकारी प्रयास है, बल्कि जन भागीदारी का प्रतीक है – 57 लाख सुझावों से विजन डॉक्यूमेंट तैयार हो रहा है। अभियान से बदली जिंदगियां: प्रेरक सफलता कहानियां 'विकसित यूपी @2047' ने साधारण लोगों को सशक्त बनाया है। यहां कुछ चुनिंदा कहानियां हैं: • अयोध्या की मेयर गिरीश पति त्रिपाठी: अभियान के तहत अयोध्या को सोलर सिटी बनाने पर फोकस। नॉन-टैक्स रेवेन्यू दोगुना, करोड़ों पर्यटकों के लिए स्वच्छ पर्यावरण। "अभियान ने हमें तकनीक-आधारित विकास का रोडमैप दिया," वे कहती हैं। • मथुरा के महावन नगर पंचायत अध्यक्ष मंजू देवी: 10,000 की आबादी वाले क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति। ग्रामीण युवाओं को उच्च शिक्षा का अवसर, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि। "अभियान ने हमारे छोटे गांव को वैश्विक सपनों से जोड़ा," मंजू बताती हैं। • ग्रामीण युवा उद्यमी रामू (फर्जाबाद): अभियान के सुझावों से कृषि-आधारित स्टार्टअप शुरू, 20 युवाओं को रोजगार। पहले मजदूरी, अब मासिक ₹50,000 आय। "विकसित यूपी ने मेरी किस्मत पलट दी," रामू कहते हैं। ये कहानियां दर्शाती हैं कि अभियान ने ग्रामीण से शहरी तक, हर स्तर पर बदलाव लाया – जीरो पॉवर्टी से लेकर डिजिटल इंडिया तक। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरक भाषण: अभियान को जन आंदोलन बनाने का संकल्प मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियान को बार-बार 'समृद्धि का शताब्दी परिव' बताया है। उनके प्रमुख भाषण: • 3 सितंबर 2025 (लॉन्च पर, लोक भवन): "यदि उत्तर प्रदेश 8 वर्षों में बीमारू से विकास इंजन बन सकता है, तो 2047 तक विकसित राज्य बनना संभव है। यह अभियान हर नागरिक को विकास का साझेदार बनाएगा।" उन्होंने IIT कानपुर की चर्चाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य फिर से ज्ञान और उद्योग का केंद्र बनेगा। • 14 अगस्त 2025 (24-घंटे विधानसभा बहस समापन): "विकसित भारत तभी संभव जब हर राज्य अपनी जिम्मेदारी निभाए। उत्तर प्रदेश इस मिशन का अग्रदूत बनेगा। विजन-2047 दस्तावेज 25 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं का आईना है।" उन्होंने 1947-2017 की समीक्षा और 2017-2047 का रोडमैप पेश किया। • 26 सितंबर 2025 (57,000 ग्राम प्रधानों को संबोधन): "ग्राम प्रधान अभियान के सच्चे वास्तुकार हैं। ग्रामोदय से राष्ट्रोदय तक की यात्रा में गांव-गांव सुझाव लाएं।" ये उद्गार योगी जी की दृष्टि को दर्शाते हैं, जहां विकास समावेशी और जन-केंद्रित है। भाजपा सरकार का सराहनीय कदम: लाखों लाभार्थी, राष्ट्रीय मॉडल भाजपा सरकार का यह अभियान लाखों लोगों का सहारा बन चुका है। 53 लाख+ सुझाव, 57,000 ग्राम प्रधानों की भागीदारी, और 400+ विशेषज्ञों की कार्यशालाएं – ये आंकड़े साबित करते हैं कि बड़े पैमाने पर लाभ हो रहा है। 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा, सिंगल-यूज प्लास्टिक प्रतिबंध, और 36 करोड़ पौधरोपण जैसे कदम पर्यावरणीय विकास सुनिश्चित कर रहे हैं। यह योजना न केवल उत्तर प्रदेश को मजबूत कर रही, बल्कि विकसित भारत के लिए मॉडल भी बन रही है – पारदर्शी, डिजिटल और जन-भागीदारी आधारित। निष्कर्ष: विकसित यूपी @2047 – सपनों का साकार रूप 'समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047' अभियान उत्तर प्रदेश को वैश्विक नेता बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। 57 लाख सुझावों से तैयार विजन डॉक्यूमेंट न केवल विकास का रोडमैप है, बल्कि लाखों लोगों की बदली किस्मत का प्रमाण। योगी सरकार ने साबित किया कि जब जनता साझेदार बने, तो असंभव भी संभव हो जाता है। आइए, हम सब मिलकर इस शताब्दी संकल्प को साकार करें। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।

बेरोजगार युवाओं के लिए खुशखबरी! 30 अक्टूबर को मिल सकती है सरकारी नौकरी

गुड़गांव जिले के युवा बेरोजगारों की मौज होने वाली है। मंडल रोजगार कार्यालय की तरफ से युवाओं को नौकरी के लिए सुनहरा अवसर दिया जा रहा है। मंडल रोजागार कार्यालय की तरफ से अपने कार्यालय में विभिन्न कंपनियों के माध्यम से एक रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में 10वीं पास से लेकर ग्रेजुएट युवाओं को नौकरी प्राप्त करने का सुनहरा अवसर दिया जाएगा। मंडल रोजगार अधिकारी के मुताबिक, 30 अक्टूबर को प्रातः 9.30 बजे लघु सचिवालय स्थित पांचवी मंजिल पर कमरा नम्बर 513-514 में रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। मेले में विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां भाग ले रही है, जिनमें 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएट पास बेरोजगार प्रार्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।   मेले में लाभ लेने के इच्छुक प्रार्थी रोजगार कार्यालय का पहचान पत्र, योग्यता के दस्तावेज तथा बायोडाटा साथ लेकर आएं। जिन प्रार्थियो का पंजीकरण रोजगार कार्यालय में नहीं है वह भी रोजगार विभाग के पोर्टल HREX.GOV.IN पर पंजीकरण करने उपरांत भाग ले सकते है। पंजीकरण कार्य रोजगार कार्यालय में भी किया जा रहा है।  

देश-समाज पर चिंतन: जबलपुर में RSS का अभियान और शताब्दी वर्ष हिंदू सम्मेलन

जबलपुर   राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी मंडल की बैठक के पहले संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि बैठक में देश की सामाजिक हालातों पर चिंतन होगा। इसमें बस्ती-मंडल स्तर पर होने वाले हिंदू सम्मेलन की कार्ययोजना पर बात होगी। इसके अलावा शताब्दी वर्ष पर प्रारंभ होने वाले सघन गृह संपर्क अभियान पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरसंघचालक समेत सरकार्यवाह, सहकार्यवाह के अलावा अखिल भारतीय पदाधिकारी और प्रांत के पदाधिकारियों समेत 407 लोग इस बैठक में शामिल होंगे। 30 अक्टूबर से एक नवंबर के बीच तीन दिवीसीय यह बैठक होगी। पत्रकारवार्ता संघ की बैठक स्थल कचनार क्लब में हुई। सुनील आंबेकर ने कहा कि गृह संपर्क अभियान में विशिष्टजनों से संपर्क किया जाएगा। इसके अलावा हिंदू धर्म के लिए त्याग बलिदान देने वाले गुरु तेग बहादुर के 350वीं शहीदी वर्ष पर विशेष साहित्य और कार्यक्रम तय होंगे। इसी तरह भगवान बिरसा मुंडा की भी 15 नवंबर को 150वीं जयंती है इन पर भी विशेष साहित्य और कार्यक्रम पर बैठक में चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि युवाओं को संघ से विशेषरूप से जोड़ने के लिए विशेष आयोजन होंगे। पंच परिवर्तन के कार्यक्रम से प्रेरित संस्था,व्यक्तियों, मठ, मंदिरों, सामाजिक शैक्षणिक संस्था से शताब्दी वर्ष के दौरान संपर्क किया जाएगा। यह व्यापक अभियान होगा इसके लिए स्तर पर संपर्क किया जाएगा। इसमें ऐसी महिला,माताओं से भी संपर्क होगा। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय बैठक में समाज जीवन पर होने वाली बातों के अलावा देश की सुरक्षा जैसे विषयों पर भी चिंतन किया जाएगा। इसके अलावा शताब्दी वर्ष को लेकर देश में जहां-जहां भी जो कार्यक्रम हुए उस पर बैठक में चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष पर देशभर में सरसंघचालक डा.भागवत और सरकार्यवाह, सह सरकार्यवाह का प्रवास है। इस दौरान कई कार्यक्रम बन रहे हैं जिसमें वे सार्वजनिक रूप से भी कई स्थानो पर संवाद करेंगे।

दिल्ली जाने वालों के लिए बड़ा अलर्ट: इन वाहनों की एंट्री पर लगा बैन, 1 नवंबर से लागू नियम

चंडीगढ़  हरियाणा से दिल्ली जाने वाले पहले ही अलर्ट हो जाएं। दरअसल दिल्ली में प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता की सरकार ने 1 नवंबर से नया नियम लागू किया है, जिसके तहत दिल्ली में अब BS-VI, सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही आ सकेंगी। इसके अलावा अन्य गाड़ियों पर बैन रहेगा।  इसको लेकर दिल्ली के ट्रांसपोर्ट विभाग ने एक नोटिस जारी किया है। नोटिस में लिखा गया है कि 1 नवंबर से दिल्ली के अंदर और बाहर BS-6 इंजन की रजिस्टर्ड गाड़िया नहीं आ सकेंगी। दिल्ली में केवल BS-VI, सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही आ सकती हैं । वहीं, 31 अक्टूबर 2026 तक BS-4 इंजन की गाड़ियों की एंट्री हो सकती हैं। वहीं, दिल्ली में रजिस्टर्ड कॉमर्शियल गाड़ियां ही दिल्ली में चल सकती हैं। बता दें CAQM की बैठक में 1 नवंबर से प्रदूषण फैलाने वाले कॉमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर व्यापक प्रतिबंध लगाने को मंजूरी दी गई थी। ये है बैन वाली गाड़ियों की लिस्ट दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS-VI डीजल मालवाहक वाहन BS-4 श्रेणी के वाहन पुरानी EoL श्रेणी के वाहन, जिनका रजिस्ट्रेशन खत्म हो चुका है।   इन वाहनों को मिलेगी छूट  BS-VI, सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। वहीं, BS-IV श्रेणी के हल्के मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों को 31 अक्टूबर 2026 तक संचालन की अनुमति दी गई है। इसके बाद इन पर भी रोक लगा दी जाएगी।   गौर रहे कि दिल्ली में सर्दियों के मौसम में प्रदूषण की समस्या बढ़ जाती है। हर साल अक्टूबर-नवंबर में राजधानी की वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच जाती है। इसी के चलते सरकार की कदम उठाया गया है जो दिल्ली के साथ एनसीआर के 5 बड़े जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और सोनीपत में भी लागू किया जाएगा।  

इंदौर के अंदाज में देपालपुर में बनेगा नया स्वच्छता पार्क, 39 लाख की परियोजना

देपालपुर  देपालपुर को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने एक नई पहल की है। जिस तरह इंदौर के देवगुराड़िया स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड पर उद्यान तैयार किया गया है, उसी तर्ज पर अब देपालपुर के ट्रेंचिंग ग्राउंड पर भी 39 लाख रुपए की लागत से “स्वच्छता पार्क” विकसित किया जाएगा। इस पार्क में एमआरएफ प्लांट, कम्पोस्ट यूनिट, एफएसटीपी प्लांट स्थापित किए जाएंगे और पुराने कचरे का निपटान बायोरेमीडिएशन तकनीक से किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा ताकि यह क्षेत्र स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण बन सके। निरीक्षण में मिली कई खामियां, आयुक्त ने दिए सुधार के निर्देश हाल ही में निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ई-बस से देपालपुर पहुंची और वहां की सफाई व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त के साथ अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, कार्यपालन यंत्री अश्विनी जनवदे, मनीष पांडे, सौरभ माहेश्वरी, श्रद्धा तोमर, अंकुश जैन, अमित दुबे और एनजीओ प्रतिनिधि मौजूद रहे। टीम ने पाया कि देपालपुर में 300 से अधिक आवारा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बाजार और घरों से कचरे का सही से पृथक्करण नहीं किया जा रहा है। इस पर आयुक्त यादव ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को कचरा सेग्रीगेशन और शुल्क वसूली बढ़ाने की दिशा में जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वॉटर प्लस और थ्री स्टार रेटिंग के साथ सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने के लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग जरूरी है। स्वच्छता पार्क का लेआउट हुआ फाइनल, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य देपालपुर के ट्रेंचिंग ग्राउंड पर बनने वाले स्वच्छता पार्क के लिए लेआउट भी फाइनल कर दिया गया है। आयुक्त ने बताया कि कचरा संग्रहण वाहनों में विभाजन (पार्टिशन) करवाया जाएगा ताकि गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग निपटान किया जा सके। जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा और देपालपुर की स्वच्छता व्यवस्था को इंदौर की तरह सुदृढ़ किया जाएगा। इस पहल से न केवल सफाई व्यवस्था में सुधार होगा बल्कि क्षेत्र का पर्यावरण भी बेहतर बनेगा। जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार, सीवरेज प्लांट होगा पुनः संचालित देपालपुर के जनप्रतिनिधियों ने इंदौर नगर निगम का धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि इंदौर की तर्ज पर अब देपालपुर को भी नंबर वन बनाने का जो संकल्प लिया गया है, वह सराहनीय कदम है। देपालपुर में कुल 15 वार्ड और चार जोन हैं। निरीक्षण के दौरान सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बंद मिला, जिसे शीघ्र चालू कराया जाएगा। अगले तीन सप्ताह के भीतर इंदौर निगम की टीम यहां मैदानी कार्य शुरू कर देगी। इसके अलावा स्वच्छता पार्क के विकास के लिए सीएसआर फंड से भी आर्थिक सहयोग लिया जाएगा। टीम ने गलियों में कचरा, जाम नालियां और डस्टबिनों में मिक्स कचरा मिलने पर सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।  

29 अक्टूबर को सरकारी स्कूलों के 6 लाख विद्यार्थियों का क्षमता-आधारित मूल्यांकन

सरकारी स्कूलों के 6 लाख विद्यार्थियों का 29 अक्टूबर को होगा क्षमता-आधारित बेसलाइन आकलन परीक्षण होगा शिक्षा की गुणवत्ता के सुधार में उपयोगी भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 29 अक्टूबर बुधवार को प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक के छह लाख से अधिक विद्यार्थियों का बेसलाइन आकलन (बेंचमार्क परीक्षण) किया जा रहा है। यह आकलन कोई सामान्य परीक्षा नहीं, बल्कि एक क्षमता-आधारित (कॉम्पिटेंसी बेस्ड) मूल्यांकन है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों का रटे हुए तथ्यों के आधार पर नहीं, बल्कि विषयों की मूल अवधारणाओं की समझ और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग करने की क्षमता के आधार पर आकलन करना है। इस पूरी प्रक्रिया को एक तीसरे पक्ष (थर्ड पार्टी) द्वारा संपन्न कराया जा रहा है, जिससे मूल्यांकन की निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सकेगी। इस आकलन के लिए लोक शिक्षण संचालनालय को केन्द्र सरकार की कंपनी 'EdCIL India का सहयोग प्राप्त होगा। इस बेसलाइन आकलन का प्रमुख उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी की वर्तमान शैक्षणिक स्थिति और उनकी सीखने की कमजोरियों या अंतरालों (लर्निंग गैप) का पता लगाना है। इस आकलन से यह जानने का प्रयास होगा कि विद्यार्थी वास्तव में कितना सीख और समझ पाया है। इस आकलन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल समस्याओं की पहचान तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि आकलन के परिणामों के आधार पर विद्यार्थियों को उनकी कमजोरियों को दूर करने के लिए विशेष उपचारात्मक (रेमेडी) शिक्षण सामग्री और सहायता भी प्रदान की जाएगी। इससे शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया में सुधार होगा और हर बच्चे को उसकी जरूरत के अनुसार शैक्षणिक सहायता मिल सकेगी। लोक शिक्षण संचालनालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह आकलन हमारे लिए एक डाटा-आधारित नीति निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। इससे हमें यह समझने में मदद मिलेगी कि हमारे शिक्षण कार्यक्रमों में कहाँ सुधार की आवश्यकता है ताकि हमारे सभी विद्यार्थी न केवल परीक्षाओं में बल्कि जीवन में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें। यह आकलन ईक्विप-लेप योजना के अंतर्गत किया जा रहा है इससे प्रदेश के शैक्षिक परिदृश्य में एक सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है।  

विदेश में काम दिलाने के नाम पर सौदा! 3500 डॉलर में बेचे जा रहे आगरा के युवा

आगरा  उत्तर प्रदेश की ताजनगरी से बड़ा ही अजब-गजब मामला सामने आया है. आगरा की पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. यहां उन्नाव और इंदौर के रहने वाले दो लड़कों को गिरफ्तार किया है. ये लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देते थे. जब युवा उनकी बातों में आ जाते तो उन्हें कंबोडिया और थाईलैंड में 3500 डॉलर के हिसाब से बेच देते थे. इसके बाद दूसरे देशों में बैठे इनके आका खरीदे गए युवाओं को साइबर ठगी की ट्रेनिंग देकर उनको अपने गैंग में शामिल करते थे. एडीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि युवाओं के लापता होने की लगातार जानकारी मिल रही थी. इस पर साइबर क्राइम, साइबर सेल और साइबर इंटेलिजेंस की टीम जांच पड़ताल में जुट गई थी. जांच के दौरान टीम ने उन्नाव के रहने वाले आतिफ खान और इंदौर के रहने वाले अजय कुमार शुक्ला को गिरफ्तार किया. जब इनसे कड़ाई से पूछताछ की तो जो सच पता चला उसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई. इन शातिरों ने पुलिस को बताया कि यह लोग देश के अलग अलग हिस्सों से बेरोजगार युवाओं को खोजते थे. फिर विदेश में नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनको कंबोडिया और थाईलैंड में बेच देते थे. इसके बदले में इन शातिरों को प्रति युवा के बदले 3500 डॉलर दिए जाते थे. विदेश में बैठे इनके आका खरीदे गए युवाओं को साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट समेत डिजिटल तरीकों की ट्रेनिंग देते थे. फिर ट्रेनिंग के बाद इन युवाओं को साइबर ठगी के गैंग में शामिल किया जाता था. अभी तक यह शातिर लगभग 50 से ज्यादा युवाओं को कंबोडिया और थाईलैंड में बेच चुके है. अब पुलिस इनके अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है.  

पहली बार मैपकॉस्ट विशेष भूमिका में, ड्रोन-शो होगा अब तक का विशाल विजुअल सेलेब्रेशन

बहुआयामी होगा प्रदेश का 70वां स्थापना दिवस समारोह पहली बार मैपकॉस्ट विशेष भूमिका में, ड्रोन-शो होगा अब तक का विशाल विजुअल सेलेब्रेशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव अक्टूबर माह में 4 बार कर चुके हैं समारोह के स्वरूप की समीक्षा भोपाल प्रदेश का 70वां स्थापना दिवस समारोह बहुआयामी होगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम भव्य और दिव्य रूप में मनाया जाएगा। आगामी एक से तीन नवम्बर तक भोपाल स्थित लाल परेड ग्राउंड में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इस दौरान बहुरंगी शिल्प मेला, सुगम संगीत, नाटक, जनजातीय लोक नृत्य, ड्रोन शो आदि होंगे। समारोह में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकॉस्ट) पहलीबार तकनीकी मार्गदर्शन देकर विशेष भूमिका में सामने आ रहा है। भोपाल के आकाश पर सबसे विशाल विजुअल सेलेब्रेशन पहलीबार दिखाई देगा। मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक विरासत, स्थापत्य कला, पयर्टन महत्व और जनजातीय सभ्यता को इस ड्रोन-शो में देखा जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्थापना दिवस समारोह के स्वरूप पर इस माह चार बार बैठकों में समीक्षा की है। गहन मंथन और चिंतन के बाद समारोह को मनोरंजन के साथ सार्थक संदेश देने का आयोजन बनाने के उद्देश्य से रचना की गई है। समारोह की थीम 'उद्योग और रोज़गार वर्ष 2025' के अनुरूप प्रदेश में हुए नवाचारों और विकास के विशेष प्रयासों पर केन्द्रित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर स्थापना दिवस समारोह की गतिविधियों में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के हितग्राहियों को भी शामिल किया गया है। जिलों में हो रहे कार्यक्रम भी उद्योग और रोज़गार की थीम के अनुरूप होंगे। प्रमुख उद्योगपतियों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले व्यक्तियों और समूहों की उपलब्धियों को भी शामिल किया जा रहा है। प्रदेश के सभी अंचलों में समान रूप से गतिविधियां होंगी। जिलों की प्रगति और उपलब्धियों को जिला स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। स्व-सहायता समूह और आईटीआई, पॉलिटेक्निक सहित अन्य संस्थाओं द्वारा युवाओं, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों, कृषक संगठनों द्वारा किसान कल्याण के लिए संचालित गतिविधियों के प्रदर्शन भी समारोह का हिस्सा होंगे। विरासत से विकास प्रदशर्नी स्थापना दिवस पर जननायकों के जीवन और अवदान पर भोपाल और जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। साथ ही 'एक जिला-एक उत्पाद', सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या के सील और सिक्के, मंदिर स्थापत्य तथा भारतीय ऋषि परम्परा पर प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में एक से 3 नवम्बर तक वन मेला, ड्रोन टैक वर्कशॉप और एक्सपो, मध्यप्रदेश की पारंपरिक कला प्रदर्शनी, प्रदेश में विरासत से विकास, प्रदेश की बावड़ियों, भोज और भोपाल आदि विषय पर प्रदर्शनी और देशज व्यंजनों का मेला भी आयोजित किया जाएगा। पार्श्व गायक  जुबिन नौटियाल एक नवम्बर को देंगे प्रस्तुति मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के कार्यक्रम अभ्युदय मध्यप्रदेश के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में एक नवम्बर को भोपाल में प्रसिद्ध पार्श्व गायक  जुबिन नौटियाल प्रस्तुति देंगे। लाल परेड ग्राउंड में होने वाले इस कार्यक्रम में कृष्ण के भक्ति पदों की प्रस्तुति के साथ ही विरासत से विकास की थीम पर ड्रोन-शो होगा। साथ ही आतिशबाजी भी होगी। दो और तीन नवंबर को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महानाट्य-सम्राट विक्रमादित्य की प्रस्तुति होगी। दो एवं तीन नवम्बर को सुगम संगीत की प्रस्तुतियां भी होंगी। औद्योगिक विकास की उपलब्धियां होगी प्रदर्शित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आत्मनिर्भर भारत और आत्म निर्भर मध्यप्रदेश के लिए हुए नवाचारों, विकास के विशेष प्रयासों और जनकल्याणकारी गतिविधियों के प्रस्तुतिकरण के निर्देश दिए हैं। इसके परिपालन में "रोज़गार के मंदिर हैं उद्योग'' थीम पर स्थापना दिवस समारोह में विविधगतिविधियाँ हो रही हैं। कार्यक्रम में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के हितग्राहियों को भी शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा जिलों में प्रमुख उद्योगपतियों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले व्यक्तियों और समूहों की उपलब्धियों को भी शामिल किया जाएगा। प्रदेश के सभी अंचलों में समान रूप से गतिविधियां होंगी। स्व-सहायता समूह और आईटीआई, पॉलिटेक्निक सहित अन्य संस्थाएँ युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों को प्रदर्शित करेंगी। कृषक संगठन भी किसान कल्याण की गतिविधियों का प्रदर्शन समारोह का हिस्सा बना रहे हैं। कुल मिलाकर इस वर्ष प्रदेश के स्थापना दिवस समारोह को नया स्वरूप प्रदान किया गया है।

नई योजना: मध्यप्रदेश के 5 जिलों को जोड़कर बनेगा मेट्रोपॉलिटन रीजन

भोपाल  मेट्रोपॉलिटन रीजन का खाता 200 करोड़ रुपए से खुलेगा। भोपाल और आसपास के पांच जिलों को मिलाकर प्राधिकरण तय किया जा रहा है। रीजन के तहत करीब 10 हजार करोड़ रुपए के काम प्रस्तावित है। इसमें संबंधित जिलों के मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल क्षेत्रों तक एप्रोच तैयार करने से लेकर पब्लिक यूटिलिटी विकसित करने सहित अन्य काम पूरे किए जाएंगे। गौरतलब है कि भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन की प्लानिंग भोपाल विकास योजना से तैयार कराई जा रही है। शासन स्तर से इस पर प्राधिकरण को मार्ग दर्शन दिया जा रहा है। बीएमआर के लिए शासन से नियम सितंबर 2025 तक ही जारी हो गए थे। अब बजट समेत डिटेल प्लान तय किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में काम शुरू हो पाएगा। अभी बीडीए प्लान के लिए एजेंसी तय करने में लगा है। इससे पहले बीएमआर का सेटअप तय होगा। बीएमआर में मौजूदा मास्टर प्लान -बीएमआर के लिए तय नियमों में स्पष्ट किया है कि भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर जिलों के मौजूदा मास्टर प्लान बीएमआर में मर्ज हो जाएंगे। यानी इनके प्रावधानों को ही लागू किया जाएगा। बीएमआर का प्लान बनेगा तो ये रहेंगे। -पांच जिलों को मिलाकर एक महानगर पालिका पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित होगा। यानी पूरी बस सेवाएं एक कंपनी, एक एजेंसी में आ जाएगी। भोपाल की बीसीएलएल जैसी कंपनी इसमें मिला दी जाएगी। -भोपाल नगर निगम, जिला पंचायत समेत संबंधित जिलों के नगरीय निकायों को भी बीएमआर में मिला दिया जाएगा। मौजूदा पार्षदों के बहुमत के आधार पर सदन जैसी कार्रवाई तय होगी। बीएमआर के लिए बजट समेत तमाम बातें तय हो रही है। शासन की एसओपी में ही शुरुआती बजट 200 करोड़ रुपए तय है। स्थापना के लिए इसका उपयोग होगा। तय नियमों के अनुसार प्लान बनवाया जा रहा है। तय समय में ये तैयार होगा। – संजीव सिंह, संभागायुक्त व अध्यक्ष बीडीए