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ITOT लखनऊ ने लिखा सफलता का इतिहास, 10 में से 9 ट्रेड्स में प्रशिक्षु रहे प्रथम — CM योगी के विजन को मिला बल

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ मंगलवार को एक अद्भुत दृश्य की गवाह बनी, जब आईटीओटी अलीगंज के प्रशिक्षार्थियों ने पूरे प्रदेश को गौरव का अहसास कराया. राष्ट्रीय स्तर पर अपने कौशल का परचम लहराने वाले इन युवा प्रशिक्षकों का सम्मान समारोह औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान परिसर में धूमधाम से आयोजित किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन “स्किल्ड इंडिया” और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिबद्धता “कौशलयुक्त उत्तर प्रदेश” को साकार करने की दिशा में यह एक बड़ी उपलब्धि रही. अखिल भारतीय CITS परीक्षा 2025 में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान पाने वाले 16 प्रशिक्षार्थियों और संस्थान स्तर पर चयनित 15 प्रशिक्षुओं को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया. प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित प्रशिक्षार्थियों की गौरवगाथा आईटीओटी अलीगंज के प्रशिक्षार्थियों ने इस वर्ष फिर इतिहास रचा है. भारत सरकार द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगिता में 10 ट्रेड्स में से 9 ट्रेड्स के प्रशिक्षुओं ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. इनमें कु. साक्षी चौरसिया (C.S.A.) और कु. प्रीति कांडू (इलेक्ट्रीशियन) को गत 4 अक्टूबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सम्मानित किया गया. जब साक्षी और प्रीति के नाम राष्ट्रीय मंच से पुकारे गए, तो पूरा लखनऊ गर्व से झूम उठा. यह न सिर्फ संस्थान की, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की जीत थी. आईटीओटी लखनऊ ने देश में रचा मानक समारोह के मुख्य अतिथि कपिल देव अग्रवाल ने प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विज़न और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प को आईटीओटी लखनऊ ने साकार किया है. उन्होंने कहा कि भारत के 151 CITS संस्थानों में उत्तर प्रदेश का आईटीओटी लखनऊ राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान पर आना केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि यह हमारे युवाओं की प्रतिभा और अनुशासन की पहचान है. प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित हमारे प्रशिक्षार्थी प्रदेश के लिए प्रेरणा हैं. अब उत्तर प्रदेश के युवा प्रशिक्षक पूरे देश में कौशल विकास का स्तर ऊंचा उठा रहे हैं. मंत्री ने संस्थान के निदेशक (प्राविधिक) डी.के. सिंह और उनके प्रशिक्षक दल की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता उनके नेतृत्व, परिश्रम और निरंतर गुणवत्ता सुधार के प्रयासों का परिणाम है. गुणवत्ता का पर्याय बना आईटीओटी लखनऊ इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने कहा कि आईटीओटी लखनऊ ने जिस गुणवत्ता के साथ प्रशिक्षकों को तैयार किया है, वह अन्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के लिए एक आदर्श है. उन्होंने कहा कि यहां से प्रशिक्षित प्रशिक्षक जब देशभर के आईटीआई में जाएंगे, तो उनकी मेहनत और दक्षता भारत में प्रशिक्षण की नई ऊंचाइयां तय करेगी. संस्थान के निदेशक (प्राविधिक) डी.के. सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि हमारे प्रशिक्षकों, अधिकारियों और स्टाफ के सामूहिक परिश्रम का नतीजा है. उन्होंने कहा कि आईटीओटी लखनऊ प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य कर रहा है. नए प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ जिला स्तर पर भी सभी कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाई जा रही है. सम्मान, प्रेरणा और भविष्य की उड़ान कार्यक्रम के अंत में सम्मानित प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र और प्रतीक चिह्न प्रदान किए गए. उनके चेहरों पर गर्व और आत्मविश्वास की चमक थी, मानो कह रहे हों कि उत्तर प्रदेश का कौशल अब किसी से कम नहीं. आईटीओटी अलीगंज की यह उपलब्धि सिर्फ एक संस्थान की नहीं, बल्कि उस नई दिशा की कहानी है, जिसमें उत्तर प्रदेश के युवा ‘रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले’ बन रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप, आईटीओटी लखनऊ आज उस भारत की नींव तैयार कर रहा है, जो कौशल, आत्मनिर्भरता और उत्कृष्टता पर टिका है.

राष्ट्रीय सुरक्षा को नई ढाल: सीआईएसएफ ने संभाली भाखड़ा बांध परियोजना की जिम्मेदारी

चंडीगढ़ भारत की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक भाखड़ा बांध परियोजना की सुरक्षा की सुरक्षा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) करेगी। सीआईएसएफ यूनिट बीडीपी नंगल का भाखड़ा बांध परियोजना (बीडीपी), नंगल में एक आधिकारिक अधिष्ठापन समारोह हुआ। इस अवसर पर नवज्योति गोगोई, महानिरीक्षक, सीआईएसएफ (उत्तरी खंड), एम. के. यादव, उप महानिरीक्षक, सीआईएसएफ (उत्तरी क्षेत्र-II) तथा मनोज त्रिपाठी, अध्यक्ष, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) सहित सीआईएसएफ यूनिट बीडीपी नंगल के कमांडेंट प्रतीक रघुवंशी उपस्थित रहे। यह समारोह बांध की सुरक्षा को राज्य पुलिस से औपचारिक रूप से सीआईएसएफ को हस्तांतरित करने का प्रतीक बना। भाखड़ा बांध, हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सतलुज नदी पर स्थित एक विशाल कंक्रीट गुरुत्वाकर्षण बांध है, जिसकी ऊंचाई 226 मीटर और लंबाई 518 मीटर है। यह बांध गोबिंद सागर जलाशय का निर्माण करता है, जो 168 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और 9.34 बिलियन क्यूबिक मीटर जल संग्रहण क्षमता रखता है। सीआईएसएफ के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक भाखड़ा बांध की सुरक्षा संबंधित राज्य पुलिस बलों द्वारा बीबीएमबी की देखरेख में की जा रही थी। किन्तु तोड़फोड़ और आतंकवादी गतिविधियों के बढ़ते खतरों को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने मई 2025 में 296 सशस्त्र कर्मियों वाली सीआईएसएफ की एक समर्पित इकाई की तैनाती को स्वीकृति प्रदान की थी। उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ अब भाखड़ा बांध के मुख्य दीवारों, जलद्वारों, बिजलीघरों, नियंत्रण कक्षों तथा प्रवेश द्वारों की निगरानी एवं सुरक्षा का दायित्व संभालेगी। राज्य पुलिस बलों को बीबीएमबी की समग्र सुरक्षा व्यवस्था में सहायक भूमिका में रखा गया है ताकि समन्वित सुरक्षा तंत्र सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ की तैनाती से भाखड़ा बांध परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिली है और यह कदम भारत की जल, ऊर्जा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

यूपी का ये शहर बना ‘स्मॉग सिटी’ — दिल्ली से ज्यादा प्रदूषित, जानिए क्या है वजह

मुजफ्फरनगर वायु प्रदूषण की स्थिति जिले में नियंत्रण से बाहर हो गई है। सोमवार को मुजफ्फरनगर का एक्यूआइ (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 313 पर पहुंच गया, जो दिल्ली के 301 से भी अधिक है। हालत यह है कि अब प्रदेश में सबसे प्रदूषित शहरों में दूसरे स्थान पर है, जबकि देश में सातवें स्थान पर पहुंच गया है। जनपद की हवा में निरंतर जहरीले तत्व घुल रहे हैं, जिस कारण हवा में दबाव बढ़ रहा है। प्रदूषण के बारीक कण सांस के माध्यम से फेफड़ों तक पहुंच रहे हैं। इससे अस्थमा रोगियों के अलावा बच्चों, वृद्धों को खतरा हो सकता है। दीपावली में पटाखों के शोर-शराबा और धूम-धड़ाका के कारण वायु प्रदूषण की मात्रा निरंतर बढ़ रही है। दिल्ली-एनसीआर में शामिल मुजफ्फरनगर पर भी वायु प्रदूषण का साया मंडरा रहा है। पिछले एक सप्ताह से स्थिति में उतार-चढ़ाव बना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सोमवार को चार बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) का बुलेटिन जारी किया। उसके अनुसार उत्तर प्रदेश में पहले स्थान पर गौतमबुद्धनगर का एक्यूआइ 327 रहा, जबकि दूसरे स्थान पर मुजफ्फरनगर का एक्यूआइ 313 रहा, जो खतरनाक श्रेणी है। जिले में पीएम-2.5 की मात्रा 150 माइक्रोघन मीटर से अधिक रही है। ऐसी ही स्थिति पीए-10 की रही है। लगातार खराब हो रही हवा में सुधार के प्रयास कमतर किए जा रहे हैं। ग्रेप-2 की पाबंदियों को लागू कराने में विभाग दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। जिस कारण निरंतर प्रदूषण की मात्रा बढ़ रही है। जहरीली होती हवा के कारण सांस लेना मुश्किल हो सकता है। इसका प्रभाव सबसे अधिक अस्थमा रोगियों पर पड़ता है। कड़ाई से लागू की जाएं पाबंदी तो बने बात : क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप)-2 की पाबंदियां लागू की है। खुले में पड़ी निर्माण सामग्री, सड़कों से उड़ती धूल तथा कोयला भट्ठियों का संचालन के साथ पुराने वाहन भी खूब दौड़ रहे हैं। जिसके चलते स्थिति अधिक घातक सिद्ध हो सकती है। ग्रेप में शामिल सरकारी विभाग पाबंदियों को लागू कराने में हीलाहवाली कर रहे हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी गीतेशचंद्रा ने बताया कि ग्रेप में शामिल सभी विभागों को निरंतर उनके हिस्से में आने वाले कार्यों को करने के निर्देश दिए गए हैं। औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण भी शुरू कराया गया है। सभी इकाइयों को वायु प्रदूषण नियंत्रण करने के निर्देश दिए हैं। देश में सातवां सबसे प्रदूषित शहर बहादुरगढ़ : 387 धारुहेड़ा : 334 मानेसर : 330 गौतमबुद्धनगर : 327 फतेहाबाद : 323 बल्लभगढ़ : 319 मुजफ्फरनगर : 313 दिल्ली : 301 दस दिन में एक्यूआइ की बढ़त तिथि : एक्यूआइ 18 अक्टूबर : 276 19 अक्टूबर : 237 20 अक्टूबर : 197 21 अक्टूबर : 210 22 अक्टूबर : 273 23 अक्टूबर : 295 24 अक्टूबर : 185 25 अक्टूबर : 205 26 अक्टूबर : 191 27 अक्टूबर : 313

रायसेन जिले में लगाए जाएंगे 78 हजार से अधिक स्‍मार्ट मीटर

रायसेन में 808 स्मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को सितंबर माह में मिली एक लाख 97 हजार से अधिक की रियायत भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्‍मार्ट मीटर अभियान के तहत रायसेन जिले में 78 हजार 854 स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किये जाएंगे। इसमें से अब तक एक हजार 919 से अधिक स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किये जा चुके हैं। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ता के लिए फायदेमंद है इसलिए सभी को स्‍मार्ट मीटर लगाने में कंपनी का सहयोग करना चाहिए। स्‍मार्ट मीटर से अनेक फायदे हैं, जैसे रीडिंग में कोई गड़बड़ी नहीं होती है, मीटर रीडर भी घर पर रीडिंग लेने नहीं आता है, ऑटो‍मैटिक सटीक व पारदर्शी रीडिंग होती है। उपभोक्‍ता रियल टाइम खपत का डाटा भी देख सकते हैं।अगले महीने कितना बिल आ सकता है, यह फॉरकास्‍ट भी उपाय एप के माध्‍यम से देख सकते हैं। यह बात मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के निदेशक (पीडीटीसी) श्री अनिल कुमार खत्री ने स्‍मार्ट मीटर से होने वाले लाभ तथा मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्‍ता हित में चलाई जा रही शासन की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय सभागार रायसेन में आयोजित मीडिया कार्यशाला में कही। महाप्रबंधक (स्‍मार्ट मीटरिंग सेल) श्री सी.के.पवार ने बताया कि रायसेन वृत्‍त में 808 स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को सितंबर 2025 माह में एक लाख 97 हजार 200 रूपए की छूट प्रदान की गई है। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को नए टैरिफ आर्डर के अनुसार अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई बिजली पर 20 प्रतिशत की छूट मिल रही है। इसके तहत इनमें से स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। यह उपभोक्ता श्रेणियों के लिए विशिष्ट नियमों और शर्तों के आधार पर दिन के विभिन्न समय के दौरान खपत की अवधि के अनुसार ऊर्जा शुल्क पर लागू होगी।  

मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दल बीएलए की अनिवार्य रूप से करें नियुक्ति : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 के बारे में दी गई जानकारी भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने मंगलवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ निर्वाचन सदन भोपाल में बैठक की। इस दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 की प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण की एसआईआर की तारीखों की घोषणा कर दी है इसमें मध्यप्रदेश भी शामिल हैं। प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से उन्होंने आग्रह किया है कि वे अनिवार्य रूप से बीएलए की नियुक्त कर दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होते ही मतदाता सूची फ्रीज कर दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट वोटर्स.डॉट.ईसीआई.इन पर जाकर 2003 की मतदाता सूची को देखा जा सकता है। इसके अलावा मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान तीन बार बीएलओ घर घर जाकर सर्वे करेगा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, हटवाने के लिए फॉर्म 7 और सुधार या संशोधन के लिए मतदाता को फॉर्म 8 भरना होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने बताया कि एन्यूमरेशन फार्म भरने में यदि कोई व्यक्ति मिथ्या घोषणा करता है तो जुर्माने या कारावास के लिए दंडनीय होगा। बैठक के दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय श्रीवास्तव, श्रीमती सुरभि तिवारी और राजेश यादव सहित कांग्रेस पार्टी से श्री जेपी धनोपिया, भाजपा से श्री भगवानदास सबनानी एवं एसएस उप्पल, आम आदमी पार्टी से श्री सुमित चौहान उपस्थित रहे। 28 अक्टूबर से 7 फरवरी 2026 तक चलेगी प्रक्रिया मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया 28 अक्टूबर से शुरू होकर 8 फरवरी 2026 तक चलेगी। इस बीच 28 से 3 नवंबर तक बीएलओ को ट्रेनिंग दी जाएगी। बीएलओ द्वारा 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर घर जाकर सर्वे किया जाएगा। मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन 9 दिसंबर को किया जाएगा। दावा आपत्तियों के आवेदन 9 दिसंबर से 9 जनवरी 2026 तक लिए जाएंगे। दस्तावेजों का सत्यापन 9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद 7 फरवरी 2026 को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। एसआईआर के दौरान लगने वाले सांकेतिक दस्तावेज (सम्पूर्ण नहीं)     केंद्रीय / राज्य सरकार / सार्वजनिक उपक्रम द्वारा नियमित कर्मचारी / पेंशनर को जारी पहचान पत्र / पेंशन भुगतान आदेश     भारत में किसी सरकारी / स्थानीय निकाय / बैंक / डाकघर / एलआईसी / सार्वजनिक उपक्रम द्वारा 01.07.1987 से पूर्व जारी कोई पहचान पत्र / प्रमाण-पत्र / दस्तावेज़     सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र     पासपोर्ट     किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड / विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिक/शैक्षणिक प्रमाण-पत्र     सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र     -वन अधिकार प्रमाण-पत्र     सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या अन्य जाति प्रमाण-पत्र।     राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ उपलब्ध हो)     राज्य/स्थानीय निकाय द्वारा तैयार पारिवारिक रजिस्टर     सरकार द्वारा जारी भूमि / मकान आवंटन प्रमाण-पत्र     आधार के लिए, आयोग के पत्र संख्या 23/2025-ERS/Vol.II दिनांक 09.09.2025 (अनुलग्नक II) द्वारा जारी निर्देश लागू होंगे।  

अखिलेश यादव का बिहार मिशन शुरू, तय हुई जनसभाओं की तारीखें — जानिए कहाँ-कहाँ जाएंगे

लखनऊ  लोकसभा उपचुनाव और आगामी सियासी समीकरणों के बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव अब बिहार में चुनावी बिगुल फूंकने जा रहे हैं। 3 नवंबर को अखिलेश यादव बिहार के दौरे पर रहेंगे और इंडिया गठबंधन के प्रत्याशियों के समर्थन में तीन जनसभाएं करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव की पहली जनसभा पूर्वी चंपारण में होगी, जहां वे गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करेंगे। इसके बाद वे सिवान पहुंचेंगे, जहां दूसरी जनसभा निर्धारित है। तीसरी जनसभा कैमूर जिले में होगी, जहां अखिलेश यादव अजीत सिंह के समर्थन में जनता से वोट की अपील करेंगे। यह दौरा न सिर्फ गठबंधन को मजबूती देने की दिशा में अहम माना जा रहा है, बल्कि सपा की बिहार में सियासी उपस्थिति दर्ज कराने की रणनीति का हिस्सा भी बताया जा रहा है। इंडिया गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी, आरजेडी, कांग्रेस और वाम दल मिलकर एक साझा मोर्चे के रूप में मैदान में हैं। अखिलेश यादव की यह जनसभाएं बिहार की सियासत में गठबंधन के लिए एकजुटता का संदेश मानी जा रही हैं।

दो वर्ष में अर्जित विशेष उपलब्धियां दिखेंगी विकास प्रदर्शनी में: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

राजधानी भोपाल सहित जिलों में भी होंगे कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले मंत्रीगण को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्थापना दिवस पर राजधानी और जिलों में विशेष कार्यक्रम होंगे। प्रदेश में गत 2 वर्ष में अर्जित महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी विकास प्रदर्शनी के माध्यम से दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि लाल परेड ग्राउंड और रवीन्द्र भवन परिसर इन कार्यक्रमों के केंद्र होंगे। एक नवंबर को रवीन्द्र भवन में जहां 2 वर्ष में निवेश संवर्धन सहित अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित की जाएंगी वहां ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त निवेश से अर्जित उपलब्धियों की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी। इस अवसर पर डिजिटल सेवाओं, मध्यप्रदेश ई-सेवा और इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल का लोकार्पण होगा। उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 के तहत हुए कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। वर्ष 2026 के लिए आगामी वर्ष की थीम की घोषणा भी की जाएगी। समृद्ध मध्यप्रदेश@ 2047 दृष्टि पत्र का विमोचन भी होगा। यह दृष्टिपत्र सुखद मध्यप्रदेश, संपन्न मध्यप्रदेश और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश की परिकल्पना पर आधारित है। लाल परेड मैदान भोपाल में महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंथन एवं प्रसिद्ध पार्श्वगायक श्री जुवैन नोटियाल का गायन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह दृष्टि पत्र मिशन "ज्ञान" अर्थात गरीब, युवा ,अन्नदाता और नारी सहित प्रदेश के सर्वांगीण विकास पर केन्द्रित है। अंगदान से मिल रहा लोगों को नया जीवन, देहदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश में अंगदान और देहदान की भावना विकसित हो रही है। हाल ही में भोपाल के एक ऑटो चालक श्री गणेश की दो किडनियां और दिल तीन लोगों को प्रत्यारोपित किया गया। साथ ही उनके कार्निया से भी दो लोगों को रोशनी मिलेगी। ऑटो ड्राइवर के परिवार का यह योगदान सराहनीय है। इस भावना को प्रोत्साहित करने के लिए अंगदान करने वाले व्यक्तियों के अंतिम संस्कार में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा है। हाल ही में उज्जैन के श्री किशन सिंह भाटिया के परिवार और अन्य कई परिवारों द्वारा देहदान की पहल की गई है जो समाज के लिए प्रेरक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से आग्रह किया कि अपने प्रभार के जिलों में देहदान की भावना के प्रचार प्रसार में सहयोग करें ताकि अपने किसी परिजन की मृत्यु के बाद दिवंगत व्यक्ति के अंग अन्य जरूरतमंद लोगों को प्रत्यारोपित करने की प्रेरणा मिलेगी। जीवनकाल में ही अंगदान या देहदान के संकल्प को सार्वजनिक कर ऐसे दान के माध्यम से व्यक्ति जीवन के बाद भी परिवार सहित समाज में याद रखा जाता है। भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर मनाएंगे जनजातीय गौरव दिवस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि आगामी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस भव्य रूप से मनाया जाएगा। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के समापन पर प्रदेश में एक से 15 नवंबर तक राजधानी से ग्राम पंचायत तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। स्वतंत्रता के संघर्ष में भगवान बिरसा मुंडा के योगदान पर शिक्षण संस्थानों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। 

विभागीय पारदर्शिता, दक्षता और सेवा वितरण को सुदृढ़ करेगी नवीन वेबसाइट : आयुष मंत्री परमार

आयुष विभाग की नवीन वेबसाइट का शुभारम्भ भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को भोपाल निवास स्थित कार्यालय में आयुष विभाग की नवीन वेबसाइट का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि नई वेबसाइट विकसित होने से विभागीय सेवाओं को तेजगति मिलेगी। साथ ही विभागीय गतिविधियों एवं सेवाओं की जानकारी आमजन तक सुलभ एवं पारदर्शी रूप से उपलब्ध होगी। आयुष मंत्री श्री परमार ने कहा कि आयुर्वेद, भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़ा विषय है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद पुनः विश्वमंच पर स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से व्यापक रूप से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के संकल्प के अनुरूप विभाग आयुष चिकित्सा सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह वेबसाइट आयुष विभाग की पारदर्शिता, दक्षता और सेवा वितरण को और अधिक सुदृढ़ करेगी। उल्लेखनीय है कि एमपीएसईडीसी द्वारा विकसित यह वेबसाइट, भारत सरकार की वेबसाइट गाइडलाइन और मानकों के अनुरूप विकसित की गई है। इस अवसर पर आयुक्त आयुष श्रीमति उमा आर माहेश्वरी, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी संचालनालय आयुष डॉ. कीर्ति राठौर एवं संयुक्त संचालक एमपीएसईडीसी श्री धर्मेन्द्र कोष्ठा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

लाडो लक्ष्मी योजना में महिलाओं की घटती भागीदारी पर CM सैनी सख्त, कहा- जागरूकता की कमी चिंता का विषय

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने गरीब महिलाओं के कल्याण के लिए लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की थी, जिसके तहत पात्र महिलाओं को 2100 रुपए मासिक दिए जाने हैं लेकिन महिलाएं गुलाबी और पीला राशनकार्ड कट जाने के डर से इस योजना में रुचि नहीं दिखा रही। इसके चलते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष नाराजगी और चिंता जाहिर की। हरियाणा दिवस पर एक नवम्बर को इन महिलाओं को मासिक भत्ते की पहली किस्त दी जानी है। प्रदेश सरकार के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक एक लाख रुपए वार्षिक तक आय वाली 23 से 60 साल की उम्र की महिलाओं की संख्या 19 लाख 62 हजार है, मगर 25 अक्तूबर तक सिर्फ 6 लाख 20 हजार महिलाओं ने भत्ता प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है।  अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को रिपोर्ट दी है कि महिलाओं में इस बात का डर है कि उनके खातों में 2100-2100 रुपए मासिक आते ही परिवारों की वार्षिक आय 25-25 हजार रुपए बढ़ जाएगी, जिससे वह अंत्योदय परिवारों की सूची से बाहर हो सकते हैं। ऐसे परिवारों की महिलाएं जागरूकता के अभाव में और डर की वजह से लाडो लक्ष्मी योजना का भत्ता प्राप्त करने के लिए आवेदन नहीं कर रही हैं।  समाज कल्याण विभाग, पंचायत विभाग और क्रिड के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचना दी कि महिलाओं में गुलाबी व पीले राशनकार्ड कट जाने का डर है। 25 से 50 हजार रुपए वार्षिक आय वाले अंत्योदय परिवारों के गुलाबी कार्ड बनाए जाते हैं, जबकि 50 हजार से 1.80 लाख रुपए वार्षिक तक आय वाले परिवारों के पीले बी.पी.एल. कार्ड बनाने का प्रावधान है। 1.80 लाख रुपए से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों के हरे (ए.पी.एल.) कार्ड बनते हैं। गुलाबी कार्डधारकों की सरकार 35 किलो गेहूं हर माह प्रदान करती है। गुलाबी व पीले राशनकार्ड धारकों को मिलने वाली सुविधाएं भी काफी हैं।   women are not showing interest in Lado Laxmi Yojana, haryana hindi news, Haryana news, Hindi news, अधिकारियों से मिली रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परिवारों की वार्षिक आय 1.40 लाख रुपए वार्षिक तक है, उनकी महिलाओं को भी लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100-2100 रुपए प्राप्त करने के लिए आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाए। अब पंचायत सचिवों और क्रिड में कार्यरत सी.पी.एल.ओ. को लिस्ट देकर गांवों में भेजा जा रहा है, ताकि वे पात्र महिलाओं को चिन्हित कर उनके मौके पर ही लाडो लक्ष्मी योजना के तहत आवेदन करा सकें। हरियाणा के समाज कल्याण विभाग ने अभी तक जो सीमा निर्धारित की है, उसके मुताबिक जिन महिलाओं ने 25 अक्तूबर तक आवेदन कर दिया है, उन्हें ही एक नवम्बर को 2100-2100 रुपए मिल पाएंगे लेकिन मुख्यमंत्री ने 25 अक्तूबर की इस सीमा को हटाने के लिए कहा है, ताकि 31 अक्तूबर तक भी आवेदन करने वाली महिलाओं को शगुन की राशि प्रदान की जा सके। 31 अक्तूबर तक आवेदन करने वालों को यदि सरकार ने भते की राशि प्रदान की तो यह संख्या आठ से 10 लाख भी हो सकती।    

गेहूं पर स्टॉक सीमा तय, 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगा आदेश

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर दर्ज करनी होगी स्टॉक की जानकारी भोपाल भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत विशिष्ट खाद्य पदार्थों पर लाइसेंसी अपेक्षाएं, स्टॉक सीमाएं और संचलन प्रतिबंध हटाना (संशोधन) आदेश, 2025 जारी किया गया है। इस आदेश के अनुसार देशभर में गेहूं पर नई स्टॉक सीमा 31 मार्च 2026 तक के लिए लागू की गई है। मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि भारत सरकार ने सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में गेहूं के लिए अधिकतम स्टॉक सीमा निर्धारित की है। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि व्यापारी / थोक विक्रेता के अधिकतम स्टॉक सीमा 2000 मीट्रिक टन, प्रत्येक रिटेल आउटलेट के लिए 8 मीट्रिक टन, बिग चेन रिटेलर में प्रत्येक आउटलेट के लिए 8 मीट्रिक टन, बशर्ते अधिकतम मात्रा कुल दुकानों की संख्या 8 गुणा होना चाहिए। यह अधिकतम स्टॉक होगा जो उनके सभी रिटेल आउटलेट और डिपो पर एक साथ रखा जा सकता है। इसी प्रकार प्रोसेसर के लिए मासिक स्थापित क्षमता के 60 प्रतिशत को 2025-26 के शेष महीनों से गुणा के बराबर रखना होगा। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि आदेश के तहत संबंधित विधिक इकाइयों को अपने स्टॉक की जानकारी खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। यदि किसी के पास निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक है, तो उसे अधिसूचना जारी होने की तारीख से 15 दिनों के भीतर निर्धारित सीमा तक लाना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश गेहूं (अधिकतम स्टॉक सीमा एवं स्टॉक घोषणा, नियंत्रण आदेश – संशोधन, 2025) का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इस आदेश के माध्यम से विभागीय और जिला प्रशासन के अधिकारी जांच तलाशी और अभिग्रहण की कार्यवाही करने में सक्षम होंगे। मंत्री श्री राजपूत ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार द्वारा यदि भविष्य में स्टॉक सीमा की अवधि या मात्रा में कोई परिवर्तन किया जाता है, तो राज्य में वह संशोधन स्वतः प्रभावी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और अनावश्यक जमाखोरी व कृत्रिम मूल्य वृद्धि पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।