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रायपुर : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं और सुविधाओं की समीक्षा की

रायपुर : उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने पुनर्वास केंद्र में सुविधाओं की ली समीक्षा बैठक आत्मसमर्पित नक्सलियों के कल्याण एवं पुनर्वास हेतु दिए आवश्यक दिशा निर्देश रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा ने आज अपने बीजापुर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास केंद्र में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की।  शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों की बुनियादी आवश्यकताओं का संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि उनके दैनिक जरूरतों जैसे नाश्ता, भोजन, वस्त्र, खेलकूद की सामग्री, योगाभ्यास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए साथ ही उनके लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन-प्रशासन के वरिष्ठ जनों से नियमित संवाद की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे लोगों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उनकी रुचि एवं योग्यता के अनुसार उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे वे मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए परिजनों से मिलने की तिथि तय करने एवं यदि उनके परिवारजन किसी जेल में बंद हैं, तो उनसे मिलने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।  शर्मा ने कहा कि सभी पुनर्वासित व्यक्तियों को कम से कम एक बार रायपुर भ्रमण (एक्सपोज़र विज़िट) पर ले जाया जाए, ताकि वे समाज और विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। इसके साथ ही उन्होंने पुनर्वास केंद्र के प्रत्येक सदस्य को निःशुल्क मोबाइल फोन उपलब्ध कराकर परिवार नियमित संपर्क बनाए रखने में सहयोग करने को कहा। बैठक में दंतेवाड़ा विधायक  चैतराम अटामी, एडीजी नक्सल ऑपरेशन  विवेकानंद सिन्हा, बस्तर संभाग आयुक्त  डोमन सिंह, आईजी बस्तर  सुंदरराज पी., डीआईजी  कमलोचन कश्यप, कलेक्टर  संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, डीएफओ  रंगानाथन रामाकृष्णन वाय सहित अन्य जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की जिला अस्पताल और जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सतना जिला अस्पताल में बनने वाले 150 बिस्तर वाले नवीन हास्पिटल के भवन का निर्माण अक्टूबर 2026 में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि जिला अस्पताल से लेकर उप स्वास्थ्य केन्द्र तक स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार कर मातृ-मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर कम करने के लगातार प्रयास करें।  शुक्ल शुक्रवार को सतना में जिला अस्पताल सहित मैहर और सतना जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं की उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी, सांसद सतना गणेश सिंह, महापौर योगेश ताम्रकार, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एलके तिवारी, डीन मेडीकल कॉलेज डॉ. एसपी गर्ग, सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला और पीआईयू के अधिकारी उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने जिला चिकित्सालय सतना के परिसर में 32 करोड 54 लाख 97 हजार रूपये की लागत से बनने वाले 150 बिस्तर वाले अस्पताल के एकीकृत भवन के निर्माण कार्य की समीक्षा की। पीआईयू के अधिकारियों ने बताया कि जिला अस्पताल परिसर में 32 करोड 54 लाख 97 हजार रूपये की लागत से 100 बिस्तरीय वार्ड, 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हास्पीटल ब्लाक (सीसीएचबी) एवं एन्टीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) के एकीकृत भवन का निर्माण किया जायेगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पताल में डॉक्टर और पैरामेडीकल स्टाफ प्राइवेट अस्पतालों की तुलना में बहुत बेहतर है। कलेक्टर और सीएमएचओ एयर एम्बुलेंस की सुविधा की मानीटरिंग करें। उप मुख्यमंत्री ने सेवा पखवाडा के दौरान आयोजित स्वास्थ्य शिविरों और जिले की सामुदायिक स्वास्थ्य संस्थाओं, प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थाओं, उप स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य सेवाओं तथा गतिविधियों की विकासखण्डवार समीक्षा की।  

महिला सशक्तिकरण की मिसाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश बना राष्ट्रीय मॉडल

नारी शक्ति से आत्मनिर्भर भारत का संकल्प साकार कर रहा है मध्यप्रदेश गांव से लेकर ग्लोबल मंच तक उभर रहीं महिलाएं भोपाल  जब किसी राज्य का नेतृत्व केवल योजनाएं नहीं बनाता, बल्कि स्वयं जनभावनाओं के साथ जुड़कर उन्हें सशक्त करता है, तब एक नई क्रांति जन्म लेती है। मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण की यही क्रांति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आकार ले रही है। एक ओर जहां राज्य की महिलाएं आर्थिक, सामाजिक और डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश पूरे देश के लिए “महिला सशक्तिकरण मॉडल” के रूप में उभर कर सामने आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्पष्ट मानना है कि जब तक नारी सक्षम नहीं होगी, समाज समृद्ध नहीं हो सकता। यही सोच आज प्रदेश की नीतियों, योजनाओं और जमीनी बदलावों में साफ नजर आती है। उन्होंने ग्रामीण स्व-सहायता समूहों से लेकर शहरी महिला उद्यमिता, सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा तक, बहुआयामी हस्तक्षेपों के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाने की मजबूत आधारशिला रखी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नेतृत्व क्षमता, दूरदर्शी सोच और समाज के हर वर्ग को जोड़ने की रणनीति ने यह सिद्ध कर दिया है कि अगर संकल्प मजबूत हो, तो परिवर्तन संभव है। आज मध्यप्रदेश की महिलाएं घरेलू भूमिकाओं से निकलकर उद्यम, प्रशासन, शिक्षा, और नवाचार के हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं। ‘लाड़ली बहना’ से आत्मनिर्भरता की ओर कदम मध्यप्रदेश में ‘लाड़ली बहना योजना’ सबसे प्रभावशाली पहल बन चुकी है। इस योजना के तहत अब तक 1.26 करोड़ महिलाओं को प्रतिमाह 1551.86 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहनों को भाई दूज से 1500 रुपये की राशि देने का निर्णय लिया है। अब तक 43 हज़ार 376 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने के साथ-साथ डिजिटल लेन-देन में दक्ष बन रही हैं। ‘लखपति दीदी’ से बदली गांव की तस्वीर मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शुरू की गई ‘लखपति दीदी योजना’ के अंतर्गत प्रदेश की 1 लाख से अधिक महिलाएं प्रति वर्ष ₹1 लाख से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। लक्ष्य है कि 5 लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों के माध्यम से 62 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए। ये महिलाएं अब लघु उद्योग, कृषि, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र में नए अवसर सृजित कर रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता में महिला केंद्रित योजनाएं राज्य की लोकप्रिय ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ के तहत 2024-25 में 2.73 लाख बालिकाओं का पंजीकरण किया गया और 223 करोड़ रुपये की छात्रवृत्तियाँ वितरित की गईं। अब तक इस योजना से 50 लाख से अधिक बेटियाँ लाभान्वित हो चुकी हैं।  स्वच्छता क्षेत्र में, किशोरियों के लिए 19 लाख से अधिक सैनिटेशन किट्स वितरित की गईं और 57 करोड़ रुपये की सहायता दी गई, जिसे यूनिसेफ ने भी सराहा है। महिला सुरक्षा बनी प्राथमिकता राज्य में महिला हेल्पलाइन 181, 112 आपात सेवा, महिला पुलिस थाने, साइबर हेल्पलाइन, और महिला आरक्षी भर्ती जैसे कदमों ने महिला सुरक्षा की दिशा में ठोस बदलाव लाए हैं। अब तक 1.5 लाख से अधिक महिलाओं को समय पर सहायता प्रदान की जा चुकी है। राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिनिधित्व में बढ़त राज्य सरकार ने सरकारी सेवाओं में 35% और स्थानीय निकायों में 50% आरक्षण देकर महिलाओं को निर्णयात्मक भूमिकाओं में आगे बढ़ाया है। वर्ष 2025-26 के जेंडर बजट में 19,021 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है और महिला कल्याण पर कुल 1.21 लाख करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन: परंपरा से भविष्य की दिशा लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती पर आरंभ देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन महिलाओं को स्टार्टअप, निवेश, और कौशल विकास से जोड़ रहा है। अब तक 8.10 करोड़ रुपये के निवेश पत्र वितरित किए जा चुके हैं। उद्यमिता को मिली उड़ान एमएसएमई क्षेत्र में 850 से अधिक इकाइयों को 275 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जिससे महिला उद्यमिता को मजबूत आधार मिला है। रेडीमेड गारमेंट उद्योग में कार्यरत महिलाओं को प्रतिमाह ₹5000 की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। मध्यप्रदेश अब केवल भूगोलिक दृष्टि से देश के हृदय में नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की धड़कन भी यहीं से तेज़ हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में यह राज्य आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में “नारी शक्ति” को केंद्र में रखते हुए नई इबारत लिख रहा है — जो आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय नहीं, वैश्विक मॉडल बन सकता है।  

महागठबंधन की ताकत दिखाएंगे ये 20 स्टार प्रचारक, सपा ने ब‍िहार चुनाव के लिए की ल‍िस्‍ट जारी

लखनऊ बिहार चुनाव में सीधे लड़ने के बजाय इंडी गठबंधन को समर्थन दे रही सपा अब प्रचार युद्ध में भागीदारी को भी तैयार है। पार्टी गठबंधन के प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार के लिए 20 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। सूची में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, उनकी पत्नी मैनपुरी सांसद डिंपल यादव के साथ हाल ही जेल से रिहा हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां का नाम भी शामिल है। नवंबर की शुरुआत में सपा प्रमुख की जनसभा का कार्यक्रम भी तय किया जा रहा है। सपा की ओर से जारी स्टार प्रचारकों की सूची में प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगाेपाल यादव और राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव का नाम शामिल रही है। परिवार के सदस्यों के मामले में अखिलेश व डिंपल के साथ केवल पूर्व सांसद एवं विधायक तेज प्रताप सिंह यादव को ही जगह दी गई है। सूची में ज्यादातर सांसद को जगह दी गई है और जातीय समीकरणों के हिसाब से नाम से तय किए गए हैं। सूची में दूसरे नंबर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा का नाम है। उनके अलावा सांसद अफजाल असांरी, अवधेश प्रसाद, बाबू सिंह कुशवाहा, नरेश उत्तम पटेल, रमाशंकर विद्यार्थी राजभर, लाल जी वर्मा, छोटेलाल खरवार, राजीव राय, सनातन पांडेय, इकरा हसन, प्रिया सरोज व लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद, विधायक ओम प्रकाश सिंह, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष काशीनाथ यादव और प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सोलंकी का नाम भी शामिल हैं। वहीं सपा प्रमुख ने बिहार में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने के लिए गठबंधन को बधाई दी। शुक्रवार को अजमेर में उन्होंने कहा कि हमें भरोसा है कि बिहार की जनता तेजस्वी यादव और इंडी गठबंधन को बिहार का विकास करने और युवाओं का भविष्य संवारने का मौका देगी।  

परिक्रमा सुरक्षा अलर्ट: संभल में 300 पुलिसकर्मी तैनात, 24 को रूट डायवर्जन लागू

संभल शनिवार से शुरू हो रही 24 कोसीय परिक्रमा की सुरक्षा व्यवस्था के लिए चक्र तैयार हो गया है। लगभग तीन सौ पुलिस कर्मियों के हवाले यहां की निगरानी होगी। जिसमें दो सीओ, आठ थाना प्रभारी, सात प्रभारी निरीक्षक भी रहेंगे। सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सोनी व एसडीएम विकास चंद्र भी मौजूद रहेंगे। इसके अतिरिक्त डेढ़ कंपनी पीएसी, दमकल वाहन व यातायात पुलिस कर्मियों को भी अलग अलग स्थान पर तैनात किया गया है। एएसपी उत्तरी कुलदीप सिंह ने बताया कि तीर्थ परिक्रमा के लिए सहायक पुलिस अधीक्षक/ क्षेत्राधिकारी संभल आलोक भाटी व क्षेत्राधिकारी असमोली कुलदीप कुमार को अपने सर्किल का प्रभारी बनाया गया है। जो सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेते रहेंगे। इसके साथ ही परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले हयातनगर, नखासा, कोतवाली, रायसत्ती, असमोली, ऐचौड़ा कंबोह व हजरतनगर गढ़ी थाना प्रभारियों के साथ सात अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक व 65 उप निरीक्षकों को भी तीर्थों व परिक्रमा मार्ग पर अलग अलग स्थान पर तैनात किया गया है।   इसके साथ ही वंशगोपाल मंदिर से लेकर पूरे परिक्रमा मार्ग पर 54 प्वाइंट बनाए गए हैं। जहां करीब तीन सौ से अधिक पुलिस कर्मियों, महिला कांस्टेबल, होमगार्ड, यातायात पुलिस कर्मी को तैनात किया गया है। इसके साथ ही वंशगोपाल तीर्थ व चंद्रेश्वर महादेव मंदिर पर दमकल के साथ पीएसी जवान व पुलिस बल मौजूद रहेगा। परिक्रमा शुरू होने से पहले ही वंशगोपाल तीर्थ पर पुलिस बल तैनात कर दिया है। उधर, परिक्रमा मार्ग पर नीमसार तीर्थ पर दर्शन व विश्राम कर सभी श्रद्धालु अपनी यात्रा को पूरा करते हुए आगे बढ़ेंगे। जहां वह संभल बाइपास से होते हुए चंदौसी मार्ग पर पहुंचेंगे और यहां रास्ते से करीब चार किलोमीटर मुख्य मार्ग पर चलकर गांव भवानीपुर की ओर मुड़ जाएंगे। यहां इस मार्ग पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रहती है। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से चंदौसी की ओर से जाने वाले भारी वाहनों को चंदौसी में संभल तिराहे से बहजोई की ओर मोड़ दिया जाएगा। इसके साथ ही संभल मुरादाबाद मार्ग पर बाइपास पर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी और इसलिए वाहनों को चंदौसी चौराहा से होकर गुजारा जाएगा। सुरक्षा एक नजर में एएसपी उत्तरी सीओ – दो थाना प्रभारी – आठ प्रभारी निरीक्षक – सात उप निरीक्षक – 65 हेड कांस्टेबल – 190 महिला कांस्टेबल – 20 पीएसी – डेढ़ कंपनी दमकल – चार वाहन क्यूआरटी – छह पार्किंग स्थल – चार (दो वंशगोपाल मंदिर व दो चंद्रेश्वर महादेव मंदिर) मिश्रित आबादी के सात स्थान, रहेगी विशेष नजर संभल : परिक्रमा मार्ग पर वैसे तो पुलिस अधिकारियों की ओर से भारी संख्या में भारी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। लेकिन इसके साथ ही परिक्रमा मार्ग में कुछ ऐसे भी स्थान है। जहां पर मिश्रित आबादी पर प्रशासन की विशेष निगाह रहेगी। जहां बदल गुंबद, नाहरठेर, गांव खानपुर, फिरोजपुर, भवानीपुर, हैवतपुर व चंदायन मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र है। जिसके चलते वहां पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।  

हमीदिया हॉस्पिटल में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों व नागरिकों के स्वास्थ्य प्रबंधन का जायजा लिया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया हॉस्पिटल में बच्चों और नागरिकों के स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से सहायता के दिए निर्देश कार्बाइड गन प्रभावितों से मिले अस्पताल में भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्बाइड गन से प्रभावितों से भोपाल हमीदिया हॉस्पिटल के ब्लॉक 2 की 11वीं मंजिल स्थित नेत्र रोग वार्ड में भेंट की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिकित्सा विशेषज्ञों से रोगियों के उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त कर समुचित इलाज के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी कार्बाइड गन से प्रभावित बच्चों और नागरिकों के उचित इलाज के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से भी सहायता के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे प्रकरणों की निरंतर मॉनीटरिंग की जा रही है। घातक कार्बाइड गन के निर्माण और विक्रय को अवैध होने के नाते थाना स्तर पर छापामारी और जाँच की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जा रही है। अधिकांश घायलों ने स्वयं उपयोग की कार्बाइड गन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नारियलखेड़ा निवासी  प्रशांत मालवीय, गरीब नगर छोला के  करण पंथी, भानपुर के  आरिश और परवलिया सड़क के  अंश प्रजापति से भेंट की। इनमें अधिकांश किशोर हैं।  अंश प्रजापति ने बताया कि वे अन्य युवकों के कार्बाइड गन उपयोग करने से घायल हुए हैं। वहीं  प्रशांत,  करण और  आरिश ने स्वयं कार्बाइड गन का उपयोग करते हुए घायल होने की बात स्वीकार की। परिजन ने उपचार पर संतोष व्यक्त किया हमीदिया अस्पताल में दाखिल इन रोगियों के अभिभावकों ने भी परिवार के सदस्यों द्वारा कार्बाइड गन के उपयोग को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। रोगियों के परिजन ने हमीदिया अस्पताल में किए जा रहे उपचार पर संतोष व्यक्त किया।  करण पंथी के परिवार ने कहा कि उन्होंने गरीब नगर में अन्य परिवारों को भी कार्बाइड गन का उपयोग न करने का परामर्श दिया है। अब सभी जागरूक हो चुके हैं और बस्ती में कोई भी इसका उपयोग नहीं कर रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के हमीदिया अस्पताल के अवलोकन के अवसर पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य विभाग  संदीप यादव और आयुक्त जनसंपर्क  दीपक कुमार सक्सेना उपस्थित थे।  

लोहिया संस्थान यूपी: 96 वैकेंसी, जानें आवेदन प्रक्रिया कब से होगी शुरू?

लखनऊ लोहिया संस्थान प्रशासन करीब 10 साल बाद गैर शैक्षिक पदों पर भर्ती करने जा रहा है। इस संबंध में विज्ञापन जारी कर दिया गया है। नवम्बर के दूसरे सप्ताह से ऑनलाइन आवेदन की विंडो वेबसाइट पर खुलेगी। अधिकारियों ने जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का दावा किया है। लोहिया संस्थान में करीब 1200 बेड हैं। ज्यादातर बेड हमेशा भरे रहते हैं। प्रतिदिन 3000 से 4000 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने व संस्थान को चलाने के लिए 11 प्रकार के पदों पर भर्ती की जाएगी। लगभग 96 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। इसका विज्ञापन वेबसाइट पर आ गया है। संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने बताया कि नवम्बर के दूसरे सप्ताह से अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन करीब एक महीने तक कर सकेंगे। इससे जुड़ी समस्त जानकारी संस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट होगा। निदेशक ने बताया कि सबसे ज्यादा सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट के 26 व स्टोनोग्राफर के 24 पद हैं। इन पदों पर होगी भर्ती असिस्टेंट सिक्योरिटी ऑफिसर, जूनियर एकाउंट ऑफिसर, स्टोरकीपर, जूनियर इंजीनियर, लाइब्रेरियन, रिसेप्शनिस्ट, वर्कशाप टेक्नीशियन, स्टेनोग्राफर के पद भरे जाएंगे।  

सर्दी ने दी दस्तक: चंडीगढ़ में आने वाले दिनों का मौसम कैसा रहेगा

चंडीगढ़ 2 दिनों तक जमकर बजे पटाखों से 500 पारा पहुंचा पी.एम. 2.5 और पी.एम. 10 का लेवल पर अब गिरकर सामान्य हो रहा है। पटाखों का शोर थमते ही शहर के हर हिस्से की आबोहवा में प्रदूषण का स्तर कम हुआ।  शहर तीनों ही ऑब्जर्वेटरी में 2 दिन जो पी.एम. 2.5 का लेवल कई घंटों तक 500 तक चला गया था, वो बुधवार रात और वीरवार को पूरे दिन 325 के अधिकतम स्तर से ऊपर नहीं गया। शहर का 174 तक जा पहुंचा एयर क्वालिटी इंडैक्स भी 50 प्वाइंट गिरकर 122 पर आ गया है। लेकिन आने वाले दिनों में अब रातें जरूर ठंडी होने जा रही है क्योंकि हिमाचल के ऊंचे इलाकों में वीरवर दोपहर गिरी बर्फ और शिमला व आसपास पौने घंटे तक हुई बारिश के बाद अब पहाड़ों की ठंडक का असर चंडीगढ़ तक जरूर जाएगा। वैसे भी इन दिनों 17 से 18 डिग्री की हलकी ठंड में शहर की रातें दाखिल हो चुकी है। दिन में भी पारा भले 34 डिग्री को छू रहा लेकिन धूप म्म चुभन नहीं है। आने वाले दिनों में शहर की आबोहवा में हलकी ठंड और घुल सकती है।   

सर्विस क्वालिटी सर्वे में पुणे ने मारी बाज़ी, इंदौर एयरपोर्ट चौथे स्थान पर, चूहे ने गिराई रैंकिंग

इंदौर  इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट की रैंकिंग में इस तिमाही में गिरावट दर्ज की गई है। एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (एएसक्यू) सर्वे की तीसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) की रिपोर्ट के अनुसार इंदौर एयरपोर्ट देश में एक पायदान नीचे खिसककर चौथे स्थान पर पहुंच गया है। पिछली तिमाही में यह तीसरे स्थान पर था, जबकि पहली तिमाही में भी चौथे स्थान पर रहा था। यात्री को चूहे द्वारा काटने की घटना का भी एयरपोर्ट की छवि पर असर पड़ा है। इसके पहले दूसरे तिमाही के बराबर 4.93 अंक रहने के बावजूद इंदौर को चौथी रैंकिंग से संतोष करना पड़ा। वाराणसी एयरपोर्ट ने अपनी रैंकिंग में 0.02 अंकों का सुधार कर 4.94 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया। एशिया पैसेफिक की इंटरनेशनल रैंकिंग में भी इंदौर एयरपोर्ट को पांच पायदान का नुकसान हुआ है। अब यह 98 एयरपोर्ट में 58वें से 63वें स्थान पर पहुंच गया है। पुणे एयरपोर्ट नंबर वन देश में इस समय पुणे एयरपोर्ट 4.96 अंकों के साथ पहले स्थान पर है, जबकि गोवा दूसरे और वाराणसी को 4.94 अंक के साथ तीसरा स्थान पर रहा। इंदौर एयरपोर्ट को 4.93 अंक प्राप्त हुए हैं। अच्छी बात यह है कि गोवा और वाराणसी से इंदौर के अंक में केवल 0.1 का ही अंतर है। एएसक्यू सर्वे एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (एसीआई) द्वारा किया जाता है, जिसमें सालाना 18 लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही वाले एयरपोर्ट शामिल किए जाते हैं। एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि यात्रियों की शिकायतों और सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। लक्ष्य है कि आने वाली तिमाही में इंदौर एयरपोर्ट फिर से शीर्ष में अपनी जगह बनाए। सफाई और शॉपिंग सुविधाओं पर कम अंक इस तिमाही में यात्रियों से 31 बिंदुओं पर प्रतिक्रिया ली गई, जिनमें से 24 बिंदुओं पर इंदौर एयरपोर्ट के अंक घटे हैं। सबसे कम स्कोर शॉपिंग व वैल्यू फॉर मनी, वाशरूम की स्वच्छता और टॉयलेट्स की मेंटेनेंस पर मिला। हालांकि, सुरक्षा जांच और कर्मचारियों की मददगार प्रवृत्ति के बिंदुओं पर एयरपोर्ट को बेहतर अंक मिले हैं। चूहे के काटने की घटना का असर सितंबर 2025 में एयरपोर्ट पर एक यात्री को चूहे के काटने की घटना ने भी इंदौर एयरपोर्ट की छवि को नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद प्रबंधन ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को हटाया और सफाई व पेस्ट कंट्रोल कंपनियों पर जुर्माना लगाया था। देश के शीर्ष 10 एयरपोर्ट पुणे, गोवा, वाराणसी, इंदौर, चेन्नई, गुरुग्राम, कोलकाता, रायपुर, बस्तर और पटना एयरपोर्ट इस तिमाही के टॉप-10 में शामिल हैं। इन पाइंट पर होता है सर्वे     एयरपोर्ट पहुंचने में आसानी।     टर्मिनल पर प्रवेश के लिए साइन बोर्ड।     हवाई अड्डे पर पहुंचने के लिए परिवहन साधन की कीमत।     अपने चेक इन क्षेत्र को आसानी से खोजें।     चेक इन पर प्रतीक्षा समय।     सुरक्षा प्रस्ताव में प्रतीक्षा समय।     सुरक्षा जांच कर्मचारियों की निष्ठा और मदद करना।     कस्टम और पासपोर्ट काउंटर पर प्रतीक्षा।     काउंटर स्टाफ की निष्ठा और मदद करने का उद्देश्य।     रेस्तरां, बार, कैफे की कीमत के अनुरूप होना।     दुकान व रेस्तरां के कर्मचारियों का मदद करना।     टर्मिनल में अपना रास्ता तलाशने में आसानी।     उड़ान की जानकारी के डिस्पले।     टर्मिनल में चलने की दूरी और कनेक्ट करने में आसानी।     चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता।     मनोरंजन और विश्राम के विकल्प।     टॉयलेट की उपलब्धता।     टॉयलेट की स्वच्छता।     स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा स्वच्छता।     माहौल और वातावरण।     स्टाफ की शिष्टता और मदद करने का रवैया।  

ऐतिहासिक धरोहर की वापसी: देपालपुर की सूरजकुंड बावड़ी का हुआ जोर्णोद्धार

देपालपुर की ऐतिहासिक सूरजकु़ंड बावड़ी का हुआ जोर्णोद्धार प्राचीन बावड़ी का देवी अहिल्याबाई होल्कर के काल में भी हुआ था जोर्णोद्धार भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने राज्य सरकार के जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश के सभी नगरीय निकायों की जल संरचनाओं के संरक्षण और जोर्णोद्धार की पहल जनभागीदारी से की थी। इसके अच्छे परिणाम भी सामने आये हैं। आज नगरीय निकायों के नागरिकों विशेषकर युवाओं ने जल संरचनाओं के संरक्षण का संकल्प लिया है। देपालपुर की सूरजकुंड बावड़ी इंदौर जिले के देपालपुर में मंगलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में स्थित ऐतिहासिक सूरजकुंड बावड़ी अब एक बार फिर अपने प्राचीन स्वरूप में लौट आई है। यह बावड़ी ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। स्थानीय मान्यता के अनुसार इसका निर्माण 11वीं शताब्दी में परमार वंश के शासन काल के दौरान किया गया था। इसके बाद लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर सूरजकुंड बावड़ी का पुननिर्माण कराया, जिससे यह बावड़ी नगर वासियों के लिये स्वच्छ जल का प्रमुख स्त्रोत बन गई। समय के साथ इस ऐतिहासिक बावड़ी की देख-रेख में कमी आयी और यह बावड़ी सूखने की कगार पर पहुंच गई। बावड़ी की उपेक्षा के कारण इसकी सीढ़ियां और मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गये। अमृत 2.0 में हुआ कार्य नगरीय विकास की अमृत 2.0 योजना में ऐतिहासिक बावड़ी के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ किया गया। ग्रामीण वासियों के उत्साह ने भी इस कार्य को गति दी। अब यह जल संरचना केवल देपालपुर के लिये ही नहीं बल्कि प्रदेशभर के लिये प्रेरणा स्त्रोत बनकर उभरी है। जल संरक्षण का उद्देश्य पानी के साथ पर्यावरणीय स्थिरता, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय पारिस्थितिकि तंत्र के सुदृढ़ीकरण का भी है। बावड़ी के संरक्षण से जल गुणवत्ता एवं मात्रा में सुधार, क्षतिग्रस्त सीढ़ियों एवं मार्गों का पुनर्निमाण, प्लास्टिक एवं ठोस अपशिष्ट की सफाई, हरियाली एवं लैंडस्केपिंग कार्य के साथ स्थानीय समुदाय की सहभागिता और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा की गई है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी जल संरक्षण के क्षेत्र में जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार पर जोर दिया है। स्थानीय समुदाय की भागीदारी एवं संकल्प सूरजकुंड बावड़ी के संरक्षण में स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने संकल्प के साथ काम किया है। उनका कहना है कि हम सब ऐतिहासिक बावड़ी को अब कभी गंदा नहीं होने देंगे। यह हमारी ऐतिहासिक धरोहर है, जिसे हमारे बुजुर्गों ने देखा और संजोया है, हम सब चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ियां भी ऐतिहासिक बावड़ी पर गर्व करें।