samacharsecretary.com

अब आपदाओं से पहले मिलेगी अलर्ट सूचना, रायपुर में ‘सचेत’, ‘दामिनी’ और ‘मेघदूत’ ऐप करेंगे सुरक्षा सुनिश्चित

रायपुर अब बाढ़, आकाशीय बिजली, चक्रवात, भूकंप और लू जैसी आपदाओं की जानकारी लोगों को पहले ही मिल सकेगी। भारत सरकार ने समय रहते अलर्ट देने के लिए ‘सचेत’, ‘दामिनी’ और ‘मेघदूत’ मोबाइल ऐप विकसित किए हैं, जिन्हें गूगल प्ले स्टोर से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। आपदा संबंधी किसी भी स्थिति में तत्काल मदद के लिए टोल फ्री नंबर 1070 भी जारी है। आकाशीय बिजली से सबसे ज्यादा जान-माल की हानि होती है। ऐसे में ‘दामिनी ऐप’ बिजली गिरने के खतरे का 10-30 किलोमीटर पहले अलर्ट दे देता है और बचाव के उपाय भी बताता है। वहीं ‘मेघदूत ऐप’ किसानों के लिए बेहद उपयोगी है, क्योंकि यह मौसम पूर्वानुमान, तापमान, वर्षा और हवा की दिशा जैसी सटीक जानकारी उपलब्ध कराता है, जिससे किसान अपनी फसल से जुड़े फैसले समय पर ले सकते हैं। इसी तरह ‘सचेत ऐप’ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा संचालित है, जो रीयल-टाइम चेतावनी भेजकर नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर जाने में मदद करता है। यह ऐप जीपीएस आधारित अलर्ट, आपातकालीन संपर्क और राहत केंद्रों की जानकारी भी उपलब्ध कराता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन ऐप्स के उपयोग से समय रहते सतर्कता बढ़ेगी और जन-धन की हानि में बड़ी कमी आएगी।

महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वास्थ्य संरक्षण को बढ़ावा देने रायपुर में उठाया गया अहम कदम

रायपुर : महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल नियद नेल्लानार ग्रामों में बीपीएल परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन में प्राथमिकता रायपुर महिला सशक्तिकरण, स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण परिवारों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी गैस कनेक्शन जारी करने की मंजूरी दी गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ के “नियद नेल्लानार योजना” में शामिल ग्रामों के बीपीएल परिवारों को प्राथमिकता से लाभ प्रदान किया जाएगा। खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों की बैठक लेकर योजना के पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि “सुशासन तिहार” और “नियद नेल्लानार योजना” के तहत पात्र 1.59 लाख माताओं-बहनों को उज्ज्वला कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। सुकमा कलेक्टर श्री देवेश कुमार धु्रव ने संबंधित अधिकारियों को चिन्हांकित ग्रामों में विशेष शिविर आयोजित कर आवेदन प्राप्त करने, लाभार्थियों का सत्यापन करने तथा गैस सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। स्वच्छ रसोई ईंधन की उपलब्धता से महिलाओं को धूम्ररहित रसोई, समय की बचत, स्वास्थ्य सुरक्षा, सुविधा और सम्मानपूर्ण जीवन की दिशा में नई मजबूती प्राप्त होगी।

पच्चीस बरसों में कोरिया ने शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में बनाई नई पहचान

रायपुर : मजबूत सड़कें समृद्धि और आत्मनिर्भरता की रीढ़ पच्चीस बरसों में कोरिया ने शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में बनाई नई पहचान कोरिया में 589 किलोमीटर की 151 सड़कों और 7 वृहद पुलों के निर्माण  रायपुर, छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा है। इस दौरान राज्य के प्रत्येक जिले में विकास की गाथाएँ लिखी जा रही है। इसी कड़ी में कोरिया जिला भी इससे अछूता नहीं है। जिले में बीते 25 वर्षों में सड़क निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इससे जिले में समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है। वर्ष 2000 में जब राज्य का गठन हुआ था, तब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना या मुख्यमंत्री ग्राम गौरवपथ जैसी योजनाओं का नाम तक ग्रामीण अंचलों में नहीं सुना गया था। लेकिन वर्ष 2025 तक का यह 25 वर्ष का सफर, सड़कों के निर्माण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हुआ है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 97 सड़कों का निर्माण किया गया, जिनकी कुल लंबाई 495.12 किलोमीटर है। वहीं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में 25 सड़कों का निर्माण जिसकी लंबाई 83.20 किलोमीटर है और मुख्यमंत्री ग्राम गौरवपथ योजना के अंतर्गत 29 सड़कें जिसकी लंबाई 10.40 किलोमीटर का निर्माण हुआ। इसके साथ ही 7 पुलों के निर्माण ने आवागमन को और सुगम बना दिया है। जिले के इन सड़कों और पुलों ने न केवल ग्रामीण अंचलों को जोड़ने का काम किया, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाएँ भी खोली हैं। जो गांव पहले वर्षों से एक-दूसरे से कटे हुए थे, अब सहज संपर्क में हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देते हुए सड़कों के जाल को मजबूती देने पर विशेष ध्यान दिया है। इससे दूरस्थ अंचलों में रहने वाले आम नागरिकों, स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ-साथ पर्यटन के क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिला है। 25 वर्षों की इस विकास यात्रा ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण समृद्धि और आत्मनिर्भरता की रीढ़ हैं। कोरिया जिले की धरती अब पर्यटन, व्यवसाय और आधुनिक जीवनशैली की नई राहों पर आगे बढ़ रही है।

टूरिस्टों के लिए अब सफारी का नया अंदाज: इटावा पार्क में चलें आकर्षक मिनी बसों में

इटावा इटावा सफारी पार्क में आने वाले पर्यटकों को सफारी की सैर कराने के लिए दो नई आकर्षक मिनी बस पहुंच रहीं हैं। इन बसों में पर्यटकों की सुविधा के हिसाब से डिजाइन किया गया है। अभी राजगीर सफारी में इसी तरह की बसों से पर्यटकों को सैर कराई जाती है अब यह बसें इटावा सफारी में भी पर्यटकों को घुमाएंगी। इनमें बैठकर पर्यटक आसानी से वन्य जीवों के दीदार कर सकेंगे। सफारी में जो व्यवस्था की गई है उसमें लायन सफारी में शेर खुले में भ्रमण कर रहे हैं और पर्यटक बंद वाहनों से इनका दीदार करते हैं। इस कार्य में अब इन बसों की सेवाएं भी ली जाएंगी।   इसके साथ ही इन बसों में यह व्यवस्था भी की गई है कि सफारी के वन्यजीवों के बारे में भी पर्यटकों को बसों में बैठे बैठे पूरी जानकारी मिलेगी। सफारी के शेरों का इतिहास भी बताया जाएगा। सफारी पार्क के निदेशक डा. अनिल पटेल ने बताया कि दो नई बसों की खरीद की गई है। जल्द ही यह सफारी पार्क पहुंच जाएंगी। इससे पर्यटकों का आवागमन सुगम होगा।  

SSC CHSL परीक्षा 2025: स्लॉट फुल होने पर भी मिलेगी दूसरी तिथि या शहर चुनने की सुविधा

 प्रयागराज SSC CHSL Exam 2025 कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने संयुक्त उच्च माध्यमिक स्तर परीक्षा (सीएचएसएल)-2025 के लिए एक बड़ा बदलाव करते हुए अभ्यर्थियों को अपनी परीक्षा का शहर, तिथि और पाली (शिफ्ट) खुद चुनने की सुविधा शुरू कर दी है। यह सुविधा 28 अक्टूबर की रात 11 बजे तक कैंडिडेट पोर्टल पर लाइव रहेगी।  पहले जैसी चयन व सबमिशन प्रक्रिया होगी कर्मचारी चयन आयोग ने यह भी बताया कि चुनी गई तिथि पर स्लाट उपलब्ध नहीं है तो उम्मीदवार या तो दूसरी तिथि चुन सकते हैं या दूसरा शहर चुन सकते हैं। फिर पहले जैसा ही चयन और सबमिशन प्रक्रिया अपनानी होगी।   एसएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर सुविधा आयोग के अनुसार उम्मीदवारों को एसएससी की आधिकारिक वेबसाइट के कैंडीडेट पोर्टल पर लाग-इन करना होगा। इसके बाद अभ्यर्थी शहर, परीक्षा तिथि और शिफ्ट पर क्लिक करके स्लाट चुन सकेंगे। अभ्यर्थियों को आवेदन के समय दिए गए तीन पसंदीदा शहरों में उपलब्ध स्लाट दिखाई देंगे। किसी शहर में स्लाट उपलब्ध होने पर हरा रंग का ‘सेलेक्ट’ विकल्प दिखेगा। मनचाहा स्लाट के बाद ओटीपी वेरीफिकेशन मनचाहा स्लाट चुनने के बाद उम्मीदवार को ओटीपी वेरीफिकेशन के साथ ‘वैलीडेट एंड सबमिट’ करना होगा। 28 अक्टूबर रात 11 बजे तक स्लाट नहीं चुनने पर सिस्टम अपने आप उपलब्ध स्लाट आवंटित कर देगा। यह परीक्षा 12 नवंबर से शुरू होनी है। ऐसे में शहर आवंटन की जानकारी तीन नवंबर से पोर्टल पर उपलब्ध होगी। उम्मीदवार अपनी परीक्षा का शहर, तारीख और पाली की जानकारी उसी दिन देख सकेंगे। प्रवेशपत्र परीक्षा तिथि से तीन–चार दिन पहले डाउनलोड किए जा सकेंगे। अन्य परीक्षाओं में लागू हो सकता है निर्णय अब तक एसएससी की परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र और तिथि आयोग द्वारा आवंटित किए जाते थे, लेकिन अब एसएससी ने पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाते हुए उम्मीदवारों को सीधा विकल्प चुनने का अधिकार दिया है। यह सुविधा फिलहाल सीएचएसएल-2025 के लिए एक बार के रूप में लागू की गई है। अन्य परीक्षाओं में लागू होने को लेकर निर्णय बाद में लिया जाएगा।  

सड़कें बंद, ट्रैफिक प्लान तैयार: पटना में 2 दिन की व्यवस्था

पटना छठ पर्व के मौके पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पटना ट्रैफिक पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान जारी किया है। 27 और 28 अक्तूबर को शहर के कई मुख्य मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव रहेगा। खासकर इन दो दिनों में अशोक राजपथ और जेपी गंगा पथ पर वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगी। दो दिन रहेगा ट्रैफिक प्रतिबंध 27 अक्तूबर को दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक और 28 अक्तूबर को देर रात 2 बजे से सुबह 8 बजे तक अशोक राजपथ और जेपी गंगा पथ पर वाहनों की आवाजाही बंद रहेंगी। इन अवधियों में केवल एम्बुलेंस, अग्निशामक, मरीज/शव वाहन और छठव्रतियों के वाहन ही चल सकेंगे। अन्य सभी निजी और व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। अशोक राजपथ पर कारगिल चौक से दीदारगंज तक पूर्ण प्रतिबंध छठ पूजा के दौरान कारगिल चौक से दीदारगंज के बीच ट्रैफिक पूरी तरह बंद रहेगा। केवल प्रशासनिक और आपातकालीन वाहन ही गुजर सकेंगे। अशोक राजपथ के सभी प्रवेश द्वार बंद रहेंगे। हालांकि, खजांची रोड से पटना कॉलेज और साइंस कॉलेज परिसर में छठव्रतियों के वाहनों के लिए विशेष पार्किंग व्यवस्था की गई है। वैकल्पिक रूट और डायवर्जन कारगिल चौक से शाहपुर तक छठव्रतियों के वाहनों को जाने की अनुमति होगी। दीघा मोड़ से आशियाना मोड़ (उत्तर से दक्षिण दिशा में) तक 27 अक्तूबर को दोपहर 2 बजे से शाम 6:30 बजे तक और 28 अक्तूबर को सुबह 3 बजे से 6 बजे तक यातायात बंद रहेगा। इस दौरान वाहन रामजीचक मोड़ से नहर रोड होकर नेहरू पथ की ओर डायवर्ट किए जाएंगे। जेपी गंगा पथ पर पूर्ण प्रतिबंध 27 और 28 अक्तूबर को जेपी गंगा पथ पर दीघा गोलंबर से दीदारगंज तक दोनों लेन में ट्रैफिक पूरी तरह बंद रहेगा। किसी भी वाहन को पार्किंग की अनुमति नहीं होगी और यू-टर्न लेने या घूमने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दीघा पहुंचने वाले वाहन एलसीटी अंडरपास से बाहर निकलेंगे। वहीं, जेपी सेतु पूर्वी घाट और गेट-93 घाट की ओर जाने वाले वाहनों को रेलवे ब्रिज के पूरब वाले रास्ते से निर्धारित स्थल तक ही पार्किंग की अनुमति होगी।

भारत की डिफेंस क्षमता का प्रदर्शन जबलपुर में, व्हीकल फैक्ट्री में होगा बड़ा कॉन्क्लेव, कॉरिडोर बनेगा गेमचेंजर

जबलपुर  7 से 9 नवंबर तक जबलपुर में एक डिफेंस कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है. यह आयोजन जबलपुर के व्हीकल फैक्ट्री में होगा. इसमें भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अलावा निजी क्षेत्र की कंपनियां भी अपने उत्पादों की जानकारी देगी. जबलपुर के जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इस आयोजन से जबलपुर के आसपास डिफेंस कॉरिडोर पर भी चर्चा शुरू हो जाएगी. रक्षा मंत्रालय की कंपनियों के उत्पादों का प्रदर्शन व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर के जनसंपर्क अधिकारी गौरव दीक्षित ने बताया कि, ''7 नवंबर से 9 नवंबर तक जबलपुर के व्हीकल फैक्ट्री के परिसर में एक डिफेंस कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है. इसमें देशभर की रक्षा मंत्रालय की कंपनियों के उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा. यह आयोजन देश में बड़े शहरों में होता था, लेकिन इस बार यह मौका जबलपुर की व्हीकल फैक्ट्री को मिला है.'' जबलपुर में रक्षा मंत्रालय की कई बड़ी फैक्ट्रियां हैं जिनमें भारतीय सेना की जरूरत के लिए उत्पाद तैयार किए जाते हैं.'' व्हीकल फैक्ट्री खमरिया व्हीकल फैक्ट्री खमरिया भारत की कुछ बड़ी फैक्ट्री में से एक है. इसमें सेना के उपयोग में आने वाले वाहन बनाए जाते हैं. जैसे सामान्य स्टाफ वाहन, लॉजिस्टिक्स वाहन, बुलेटप्रूफ वाहन, हल्के बख्तरबंद वाहन, माइन प्रोटेक्टेड वाहन और विशेषज्ञ भूमिका वाले वाहन जैसे रॉकेट लॉन्चर, स्व-चालित हॉवित्जर, वाटर बॉवर्स, ईंधन टैंकर, फील्ड एम्बुलेंस, टिपर, बैटरी कमांड पोस्ट, जनरेटर सेट, लाइट रिकवरी वाहन, फील्ड आर्टिलरी ट्रैक्टर, किचन कंटेनर आदि का निर्माण और संयोजन करता है. इनके अलावा कुछ विशेष वहां भी तैयार किए जाते हैं जिनमें शहर की ही दूसरी फैक्ट्री का सहयोग भी लिया जाता है. गन कैरिज फैक्ट्री जबलपुर जबलपुर की फैक्ट्रियां एक दूसरे के सहयोग से चलती है, क्योंकि कुछ सामान एक फैक्ट्री में बनता है तो कुछ दूसरी फैक्ट्री में बनता है. गन कैरिज फैक्ट्री सेना के उपयोग में आने वाले 8/8 ट्रक बना रही है. इन ट्रक्स की खासियत यह होती है कि उनके आठों चकों में ताकत होती है और यह किसी भी विपरीत परिस्थिति में चल सकते हैं. 1. वीएफजे-जीसीएफ 105 मिमी ट्रक-माउंटेड सेल्फ-प्रोपेल्ड गन सिस्टम, 6X6 और 4X4 कॉन्फ़िगरेशन में 2. वीएफजे-जीसीएफ शारंग टोड गन 3. धनुष हॉवित्जर का निर्माण जीसीएफ में और ट्रैक्टर का निर्माण वीएफजे में किया गया 4. वीएफजे-जीसीएफ 8X8 155 मिमी ट्रक-माउंटेड सेल्फ-प्रोपेल्ड गन सिस्टम    ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया भारत में गोला बारूद बनाने वाली सबसे बड़ी फैक्ट्री है. इसमें हजारों की तादाद में अभी भी कर्मचारी काम करते हैं. भारत की तीनों सेनाओं के लिए यहां पर गोला बारूद तैयार किया जाता है. ऑपरेशन सिंदूर में जी L-70 बम ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई थी. वह जबलपुर का ही बना हुआ था. रूस की मदद से भी पिकोरा बम बनाया जा रहा है. ग्रे आयरन फाउंड्री ग्रे आयरन फाउंड्री यह रक्षा मंत्रालय की एक छोटी फैक्ट्री है, लेकिन इसका काम बहुत महत्वपूर्ण है. रक्षा मंत्रालय में कई ऐसे लोहे के सामानों की जरूरत पड़ती है जो बाजार में नहीं मिलते, इसलिए इन्हें ढालकर बनाया जाता है. इसलिए इस यूनिट को अलग ही तैयार किया गया था. इनके अलावा जबलपुर में कुछ दूसरी छोटी फैक्ट्रियां भी हैं, जिनमें सेना के उपयोग के सामान बनाए जाते हैं. इस कॉन्क्लेव में इन सभी का प्रदर्शन किया जाएगा. जबलपुर केंट विधानसभा के विधायक अशोक रोहाणी का कहना है कि, ''इस कॉन्क्लेव के जरिए इस बात पर भी चर्चा होगी कि जबलपुर में एक डिफेंस कॉरिडोर बनाया जाए. जहां रक्षा मंत्रालय के उपयोग में आने वाले कल पुर्जे और हथियार तैयार किया जा सके और इसमें निजी निवेश भी आ सके. जबलपुर की बड़ी फैक्ट्रियां इन छोटे निवेशों के लिए एक अच्छा माहौल बनाती हैं. जबलपुर में उत्पादित होने वाले रक्षा उत्पादों का बाजार केवल भारत में ही है. इन कंपनियों में बनने वाले सामानों को भारत निर्यात भी करता है और दुनिया के कई देश भारत से यह सामान खरीदते हैं. रक्षा से जुड़ा हुआ सामान बनाना रोजगार का एक बड़ा अवसर बन सकता है. अब देखना है कि इस कॉन्क्लेव के जरिए मध्य प्रदेश क्या फायदा उठा पाता है.

रोबोटिक खच्चर से बदलेंगे रणक्षेत्र के नियम, ग्राउंड रोबोटिक म्यूल आतंकी सर्च और फायरिंग में सक्षम

चंडीगढ़   आतंक ग्रस्त व संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में ग्राउंड रोबोटिक म्यूल (खच्चर) के जरिये अब सर्च ऑपरेशन और आसान हो जाएंगे। चार कैमरों से लैस यह ऐसा उपकरण है जो न केवल इलाकों की रेकी करेगा बल्कि इमरजेंसी में दुश्मन व आतंकियों पर फायरिंग भी कर सकता है। खड्ग-2 कोर की एक रेजिमेंट के अधीनस्थ यह उपकरण तैयार किया गया है जो अभी अंडर ट्रायल है लेकिन जल्द ही यह सेना की ताकत बनेगा। घाटी के विभिन्न आतंकी व सीमा क्षेत्रों मे कई बार विभिन्न सैन्य ऑपरेशनों के दाैरान सेना को ऐसे इलाकों की रेकी करनी पड़ती है जहां जोखिम बहुत ज्यादा होता है। भवनों, खंडहरों व घरों में आतंकियों के छिपे रहने की सूचना पर वहां बिना क्लीयरेंस सैन्य कार्रवाई में जोखिम और बढ़ जाता है। इस स्थिति में इन क्षेत्रों में जवानों की ओर से रेकी करने पर उनकी जान को ज्यादा खतरा रहता है। अब यह काम सेना का ग्राउंड रोबोटिक खच्चर करेगा ताकि जवानों की जान पर खतरे और जोखिम को कम किया जा सके। इसके अलावा युद्ध की स्थिति में जवानों तक मेडिकल सामग्री और गोला-बारूद के बक्से पहुंचाने में भी इस उपकरण का इस्तेमाल किया जा सकेगा। संबंधित रेजिमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि बतौर ट्रायल इसे सेना की कुछ यूनिटों को उपलब्ध करवाया गया है और इसके अच्छे परिणाम भी सामने आ रहे हैं। उपकरण की खासियत     इस मानवरहित जमीनी उपकरण से सेना को खुफिया, निगरानी व टोही अभियानों में मदद मिलेगी।     यह रोबोटिक खच्चर सीढ़ी भी चढ़ सकेगा जबकि ऊंचाई व ढलान पर भी चढ़ने में कोई दिक्कत नहीं होगी।     यह उपकरण चार यूएचडी और एचडी फ्रंट कैमरों से लैस है। वीडियो और ऑडियो सिस्टम भी इंस्टाॅल है।     इसमें वाई-फाई, एलटीई, मैनेट नेटवर्क व रेडियो कनेक्टिविटी की सुविधा भी रहेगी।     इसका वजन 52 किलोग्राम है जबकि इसका ऑपरेशनल समय तीन घंटे है।     इसकी स्पीड 10 किलोमीटर प्रति घंटा होगी और यह -20 डिग्री सेल्सियस व +45 डिग्री सेल्सियस में काम कर सकेगा।     इसकी पेलोड क्षमता 10 किलोग्राम है। इसमें चार सेंसर लगाए गए हैं।     रोबोटिक खच्चर 25 सेंटीमीटर का एक पग रखकर आगे-पीछे चल सकेगा। इसमें 1 किलो का डी-मोट कंट्रोलर भी इंस्टॉल होगा।     50 मीटर वाई-फाई सुविधा के चलते इसे मोबाइल से भी कनेक्ट कर ऑपरेट किया जा सकता है।  

छठ पूजा 2025 में व्रती रहें सावधान: 36 घंटे बिना पानी के व्रत में ऐसे रखें शरीर हाइड्रेट और फिट

पटना लोकआस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ अब शनिवार के नहाय-खाय के साथ आरंभ हो जांएगे। दीपावली के बाद शुरू होने वाले इस पर्व का सबसे कठिन चरण होता है 36 घंटे का निर्जला व्रत, इसमें व्रती बिना अन्न और जल ग्रहण किए सूर्य देव की उपासना करते हैं। यह तपस्या जितनी आस्था से जुड़ी है, उतनी ही शारीरिक सहनशक्ति की भी परीक्षा है। चिकित्सकों का कहना है कि थोड़ी-सी सावधानी रखकर श्रद्धालु अपनी आस्था और स्वास्थ्य दोनों की रक्षा कर सकते हैं। व्रत से पहले भरपूर नींद लें और धूप से बचें राजधानी के चिकित्सकों के अनुसार व्रत शुरू करने से पहले पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है, ताकि शरीर को ऊर्जा मिल सके। व्रत के दौरान धूप में अधिक देर तक रहने से बचना चाहिए, इससे डिहाइड्रेशन और थकान की समस्या न हो। हार्ट, बीपी या शुगर के मरीज व्रत शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें और स्वास्थ्य जांच करा लें। बीपी के मरीज दवाओं को लेकर बरतें सावधानी आईजीआईसी के निदेशक डॉ. सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बीपी के मरीजों को व्रत से पहले अपनी दवाओं में सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक असर करने वाली दवाएं न लें, क्योंकि इनके कारण व्रत के दौरान बीपी असंतुलित हो सकता है। कम असर अवधि वाली दवाएं ही डॉक्टर की सलाह से लें और पर्व के बाद तीन-चार दिनों तक लगातार बीपी जांच करते रहे। इस दौरान उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे मरीजों को नमक का सेवन सीमित रखना चाहिए और शरीर में पानी की कमी न होने दें। हार्ट, बीपी और शुगर मरीजों के लिए जरूरी सुझाव आईजीआईसी के उप निदेशक डॉ. रोहित कुमार ने बताया कि हार्ट, बीपी व शुगर के मरीज व्रत से पहले डाक्टर से परामर्श लें और दवाओं की डोज एडजस्ट कराएं। अगर हार्ट, बीपी या शुगर का स्तर ज्यादा है तो व्रत के दौरान विशेष सकर्तकता बरते। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए खरना के प्रसाद के दौरान तरल पदार्थों का सेवन करें। शरीर को आराम दें, अधिक मेहनत वाले कामों से बचें। दवाओं का सेवन समय पर करें। ब्लड प्रेशर और शुगर की नियमित जांच करें। किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। पारण के समय भी रखें सावधानियां पटना वीमेंस कॉलेज में क्लीनिकल न्यूट्रीशियन एंड डायटेटिक्स विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. सुप्रिया ने बताया कि 36 घंटे के निर्जला व्रत के बाद पारण के समय शरीर को धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि व्रत तोड़ने की शुरुआत ठेकुआ के साथ पानी या नींबू पानी से करें, ताकि शरीर धीरे-धीरे हाइड्रेट हो सके। तुरंत भारी या तला-भुना भोजन न खाएं, इससे पेट खराब हो सकता है। व्रत के बाद पहले फल, जूस या हल्का नाश्ता लें और एक-दो घंटे बाद ही सामान्य भोजन करें। पूरे दिन में छोटे-छोटे आहार लेते रहें ताकि पाचन तंत्र पर अचानक भार न पड़े।  

प्रदेश में 45 रोड सेफ्टी एंड एनफोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट से होगी निगरानी, नागरिकों को मिलेगी फेसलेस सुविधा

प्रदेश में 45 रोड सेफ्टी एण्ड एनफोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट से निगरानी,  नागरिकों को फेसलेस सुविधा भोपाल  प्रदेश में वाहन चेकिंग की पारदर्शी व्यवस्था लागू करने तथा सुशासन के उद्देश्य से प्रदेश के समस्त परिवहन चेकपोस्टों को बंद कर दिया गया है। इनके स्थान पर परिवहन विभाग ने 45 "रोड सेफ्टी एण्ड एनफोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट" प्रारम्भ कर दिए हैं। इन पर पदस्थ प्रवर्तन बल द्वारा बॉडीवोर्न कैमरों की निगरानी में पीओएस मशीन के माध्यम से वाहनों के विरुद्ध ऑनलाइन चालानी कार्यवाही की जा रही है। "इज ऑफ डुइंग बिजनेस" के अंतर्गत इन प्वाइंट पर द्वारा अहम निर्णय लेते हुए प्रदेश में प्रवेश करने वाले अन्य राज्यों के वाहनों द्वारा ई-चेकपोस्ट मॉड्यूल के माध्यम से ऑनलाइन मोटरयान कर जमा करने की सुविधा दी गई है। परिवहन विभाग ने इस वर्ष 5 हजार 693 करोड़ रूपये का राजस्व संग्रहण का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष 2024-25 में परिवहन विभाग ने करीब 4 हजार 875 करोड़ रूपये का राजस्व संग्रहण किया था। यह राजस्व वर्ष 2023-24 के मुकाबले 5.83 प्रतिशत अधिक रहा है। प्रदेश में बनाये गये सुविधा केन्द्र परिवहन विभाग की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा आम जनता को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाहनों के रजिस्ट्रेशन, परमिट तथा ड्राइविंग लाइसेंस आदि से संबंधित अधिकतर सेवाओं को एनआईसी के पोर्टल "वाहन" तथा "सारथी" के माध्यम से फेसलेस प्रदान किया जाना प्रारम्भ किया गया है, जिसमें आवेदक को कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होती। आमजन को परिवहन विभाग की सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में सहायता करने के लिए सीएससी सेंटर्स के अतिरिक्त एमपी ऑनलाइन सेंटर्स को भी राज्य सरकार द्वारा सुविधा केन्द्र के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। आम जनता की सुविधा के लिये वाहनों के पंजीयन प्रमाण पत्र एवं ड्राइविंग लाइसेंस डिजिटल रूप से रख सकने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा आवेदकों को ड्राइ‌विंग लाईसेंस एवं पंजीयन प्रमाण पत्र इलेक्ट्रानिक रूप में जारी किया जाना प्रारंभ किया गया है। नकदी रहित उपचार सुविधा सड़क दुर्घटना में घायलों के त्वरित उपचार के लिये "सड़क दुर्घटना पीडितों का नगदी रहित उपचार स्कीम-2025" सुचारू रूप से क्रियान्वित की गई है, जिसके तहत पीड़ित ऐसी दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिन की अवधि के लिये किसी भी नाम निर्दिष्ट अस्पताल में प्रति पीड़ित एक लाख पचास हजार रूपये तक की रकम के नकदी रहित उपचार करा सकता है। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल पीड़ितों को गोल्डल आवर के अंदर अस्पताल तक में जाकर उन‌की सहायता करने वाले राह-वीरों को प्रोत्साहन स्वरूप 25 हजार रूपये एवं सर्टिफिकेट प्रदान किया जा रहा है।