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दवा कीमतों में बढ़ोतरी से झारखंड में मरीजों की परेशानी बढ़ी

मेदिनीनगर (पलामू)  पलामू समेत राज्य में जीवनरक्षक दवाओं की कीमतों पर ईरान-अमेरिका युद्ध और पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ने का दोहरा असर देखने को मिल रहा है। इसके चलते जीवनरक्षक दवाओं की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। मधुमेह, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और थायरायड जैसी बीमारियों की नियमित दवाएं महंगी होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। पहले जहां मरीज एक महीने की दवाएं एक साथ खरीद लेते थे, अब वे केवल दो सप्ताह की दवाएं ही खरीद पा रहे हैं। कीमतों में बढ़ोतरी का असर दवा कारोबारियों के मुनाफे पर भी पड़ा है। जीएसटी में कटौती का लाभ महंगाई में बेअसर केंद्र सरकार द्वारा दवाओं पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किए जाने के बावजूद दवाओं के एमआरपी में वृद्धि के कारण इसका लाभ उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रहा है। 23 दिसंबर 2025 से लागू इस कटौती के बाद भी बढ़ी हुई एमआरपी के चलते मरीजों को राहत नहीं मिल रही है। वहीं पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ी है, जिससे दवा कारोबारियों के मार्जिन पर भी असर पड़ा है। प्लेटिनम महंगा होने से कैंसर की दवाओं पर असर कैंसर के उपचार में उपयोग होने वाले प्लेटिनम की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे सिस्प्लैटिन, कार्बोप्लाटिन और ऑक्सालिप्लाटिन जैसी दवाओं की उपलब्धता और कीमत दोनों प्रभावित हुई हैं। सितंबर 2025 में प्लेटिनम की कीमत 3869 रुपये प्रति ग्राम थी, जो अब बढ़कर लगभग 8000 रुपये प्रति ग्राम हो गई है। इसके चलते दवा कंपनियां बढ़ी हुई लागत पर दवाएं उपलब्ध कराने में असमर्थता जता रही हैं। इन दवाओं की कीमत 100 रुपये से लेकर 5000 रुपये प्रति डोज तक है। साथ ही बुखार और सामान्य बीमारियों में उपयोग होने वाली पैरासिटामोल जैसी दवाओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दवा निर्माण के कच्चे माल के साथ-साथ पैकिंग मैटेरियल जैसे प्लास्टिक दाना, बोतल व अन्य सामग्री के दाम बढ़ने से भी दवाओं की कीमतों पर असर पड़ा है। -रमेश कुमार शुक्ला, प्रदेश महासचिव, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट आर्गनाइजेशन उत्पादन और लॉजिस्टिक लागत में लगातार बढ़ोतरी फार्मा उद्योग के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। ऐसे में दवाओं की कीमत नियंत्रण और उनकी नियमित उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। -मृत्युंजय शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट आर्गनाइजेशन

दिल्ली में यमुना को स्वच्छ बनाने का अभियान तेज, सीएम ने लोगों से की अपील

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को गीता कॉलोनी स्थित दशमेश घाट पर आयोजित ‘मां यमुना रिवरबैंक क्लीनलिनेस ड्राइव’ में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने यमुना को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यमुना में पूजा सामग्री और अन्य कचरा डालकर हम अपनी आस्था को ही नुकसान पहुंचा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से ही यमुना को उसका पुराना स्वरूप लौटाया जा सकता है। सुबह 6 बजे से चला सफाई अभियान मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न सामाजिक संगठनों के स्वयंसेवकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुबह 6 बजे से ही सफाई अभियान में हिस्सा लिया। इस दौरान यमुना तट और नदी से सैकड़ों टन कचरा हटाया गया। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी है। लगातार जारी रहेगा अभियान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कोई एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक सतत अभियान है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और नागरिकों को इससे जोड़ा जाएगा, ताकि यमुना को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाया जा सके। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि पीएम के स्वच्छ भारत विजन से प्रेरित यह अभियान यमुना संरक्षण को जनभागीदारी का आंदोलन बनाने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 'मेरी यमुना, मेरा कर्तव्य' अभियान के तहत 12 टन से अधिक कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण किया गया था। इस बार अभियान को और व्यापक स्वरूप दिया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए यमुना को स्वच्छ और जीवनदायिनी बनाया जा सके। यमुना सफाई अभियान के तहत चिल्ला गांव घाट, निजामुद्दीन घाट, गांधी नगर घाट, पुराना लोहे पुल घाट, सिग्नेचर ब्रिज-वजीराबाद घाट, सोनिया विहार के विभिन्न घाट, निगम बोध घाट, यमुना बैंक, कालिंदी कुंज समेत 28 प्रमुख स्थलों पर एक साथ सफाई अभियान चलाया जाएगा। करीब 500 सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और स्वयंसेवी संगठनों भी इस अभियान में भागीदार होंगे। इस दौरान दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट समेत दिल्ली सरकार के मंत्री अलग-अलग घाटों पर मौजूद रहकर अभियान का नेतृत्व करेंगे। नागरिकों को यह संकल्प भी दिलाया जाएगा कि वे पूजा सामग्री, प्लास्टिक, कचरा और अन्य अपशिष्ट यमुना में नहीं डालेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। आस्था और पर्यावरण दोनों की रक्षा जरूरी रेखा गुप्ता ने कहा कि लोग धार्मिक अनुष्ठानों के बाद पूजा सामग्री यमुना में प्रवाहित कर देते हैं, लेकिन इससे नदी प्रदूषित होती है। उन्होंने सवाल किया कि यदि यमुना ही प्रदूषित रहेगी तो हम किस देवी-देवता को प्रसन्न कर पाएंगे। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी मानने की अपील की। नदी में कचरा फेंकने से बचने की अपील मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार का कचरा यमुना में न डालें। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभा रही है, लेकिन स्थायी बदलाव तभी संभव है जब आम लोग भी इस अभियान का हिस्सा बनें।  

छत्तीसगढ़ में डीलिस्टिंग मुद्दे पर सियासत तेज, मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस के आरोपों को किया खारिज

रायपुर. डीलिस्टिंग को लेकर पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह भगत के बयान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पलटवार करते हुए कहा कि यह कांग्रेस का भ्रम है. कांग्रेस को सही जानकारी हासिल करनी चाहिए. कांग्रेसी आधी-अधूरी बातें करते हैं. दरअसल, धर्मांतरित लोगों के आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सियासी बयानबाजी बढ़ गई है. पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने बयान के जरिए एक बार फिर से इस मुद्दे को उठाया है. इससे पहले यह बड़ा राजनीतिक मुद्दा बने मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस पर आधी-अधूरी जानकारी होने का आरोप मढ़ते हुए समाप्त करने की कोशिश की है. मुख्यमंत्री साय ने इसके साथ बिलासपुर-जशपुर दौरे को लेकर कहा कि जशपुर जिले को रेल सुविधा को लेकर कहा कि जशपुर गृह जिला है. रेल सेवा से अछूता है. प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात में रेल सुविधा की बात अवगत कराए थे. इसमें अब त्वरित कार्रवाई हो रही है. उन्होंने कहा कि जल्द इसकी स्वीकृति मिलेगी. रेल मार्ग के जुड़ने से जशपुर जिले को फायदा होगा. व्यापार, लोगों के आवागमन में फायदा मिलेगा. वहीं कांग्रेस केप्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी के आने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उनका मामला है. आए-जाए जो भी करें. 

Beas River Alert: नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह

चंडीगढ़. भीषण गर्मी के कारण पहाड़ों में जमी बर्फ पिघलने से नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले कुछ दिनों के दौरान ब्यास नदी के पानी में भी भारी वृद्धि होने की खबर मिली है। सूत्रों के अनुसार पिछले 4 दिनों के भीतर ही करीब 10 हजार क्यूसेक पानी बढ़ने की पुष्टि हुई है। हालांकि, अभी इन नदियों में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन फिर भी ब्यास नदी के किनारे बसे किसानों और गुर्जर बिरादरी के लोगों के लिए यह चिंता का विषय जरूर बन गया है। यह भी पता चला है कि पोंग डैम में भी पानी का स्तर 20 फीट से अधिक की ऊंचाई पर जा चुका है। डैम की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन नदियों में किसी भी समय और पानी छोड़ा जा सकता है। इस नाजुक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सब-डिवीजनल मेजिस्ट्रेट बाबा बकाला साहिब के कार्यालय में एक फ्लड कंट्रोल रूम (बाढ़ नियंत्रण कक्ष) भी स्थापित किया जा चुका है। यह कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे नदी के जलस्तर और आसपास के हालातों पर पैनी नजर रखेगा ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति का तुरंत सामना किया जा सके। 

मध्य प्रदेश में युवाओं के लिए खुशखबरी, सीएम मोहन यादव बोले- पुलिस भर्ती प्रक्रिया होगी नियमित

भोपाल. मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा है कि पूरी कोशिश है कि पुलिस के स्वीकृत पदों में एक भी रिक्त नहीं रहे। राज्य सरकार हर साल भर्ती करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंधन कर रही है। अब तक पुलिस विभाग में 22 हजार अलग-अलग पदों पर भर्ती की जा चुकी है। हां, पुलिस अपनी पूरी क्षमता से सुशासन और प्रदेशवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए कार्य करे। उन्होंने यह भी कहा कि संभागीय स्तर पर कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठकें होंगी, जिनमें वह खुद भी उपस्थित रहेंगे। पुलिस मुख्यालय में शनिवार को आईजी कांफ्रेंस में उन्होंने यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा, थानों में शुचिता का माहौल रहे। पेट्रोलिंग के लिए छोटी और तंग गलियों में उपयुक्त व्यवस्था हो, गश्त बढ़ाएं। देखें कि पेट्रोलिंग में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आए। वरिष्ठ अधिकारी आकस्मिक निरीक्षण करें और निगरानी भी करें। वर्षाकाल से पहले नगरीय निकायों के सहयोग से खतरनाक बिल्डिंगों को चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही की जाए। यह देखा जाए कि कोई भी बाजार देर रात तक संचालित न हो। सिंहस्थ-2028, करोड़ों श्रद्धालुओं का आस्था पर्व है। इस आयोजन में संवेदनशीलता, सक्रियता, सतर्कता और सेवा भाव से पुलिस, आदर्श व्यवस्था का उदाहरण देश-दुनिया में प्रस्तुत करे। कार्यक्रम में डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा मैदानी पुलिस कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा की नई व्यवस्था प्रारंभ की गई है, जिससे शासन की प्राथमिकताओं और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप पुलिस कार्यों की नियमित निगरानी होगी। बैठक में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, समस्त जोनल पुलिस महानिरीक्षक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साइबर अपराधों की रोकथाम को दें सर्वोच्च प्राथमिकता- सीएम सीएम ने आगे कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरुकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नशामुक्ति, मानव तस्करी पर नियंत्रण, महिला और बच्चों की सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने तथा धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में साइबर अपराध, संगठित अपराध, माफिया गतिविधियां, भूमि संबंधी अपराध, सामाजिक चुनौतियों के नए स्वरूप सामने आ रहे हैं। इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी दक्षता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के साथ कार्य करना होगा। प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आमजन की सहभागिता से व्यापक जनजागरण अभियान संचालित किए जाने चाहिए। सांप्रदायिक ताकतों पर नियंत्रण के लिए निरंतर सजग रहना जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा, धार में भोजशाला से संबंधित न्यायालय के निर्णय को प्रदेश पुलिस ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर लागू कराया। भोजशाला में वसंत पंचमी के अवसर पर शांति पूर्ण स्थिति कायम रखने में भी पुलिस की अहम भूमिका रही। सांप्रदायिक ताकतों को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस को निरंतर सजग रहना होगा।

नमक उत्पादकों के लिए नए नियम, लीज नवीनीकरण और 6 माह की छूट मंजूर

जयपुर राजस्‍थान सरकार द्वारा नमक उत्‍पादकों के हित को ध्‍यान में रखते हुए भूखंड आवंटन से संबंधित नियमों में संशोधन किया गया है। राज्य में नमक उद्योग को बढावा देने के लिए वतर्मान में प्रचलित नियमों में संशोधन कर राजस्‍थान (लवण क्षेत्रों में भूखंड आवटंन) संशोधन नियम, 2026 जारी किए गए हैं। नए नियमों के अनुसार, अब नमक उद्योग के लिए भूखंड आवंटन ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा। पूर्व में यह प्रक्रिया लॉटरी आधारित थी। साथ ही, नियमों में अपील किए जाने, नमक इकाइयों के वर्गीकरण संबंधी प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। जिन जिलो में नमक उत्‍पादन हेतु लवणीय भूमि उपलब्‍ध है, उनमें अब  सर्वे सीमांकन और भूखंडो के मापन के बाद आवंटन की कार्यवाही की जा सकेगी। इन नियमों की लंबे समय से नमक उत्‍पादको द्वारा  मांग की जारी रही थी। वर्तमान में लीज नवीनीकरण से वंचित नमक उत्‍पादक इकाइयों का नवीनीकरण किए जाने से नमक उद्यमियों को राहत मिलेगी।  नए लवण क्षेत्रों मे आवंटन की राह खुलेगी, जिससे इस क्षेत्र में और अधिक निवेश होगा। इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा। 300 इकाइयां नवीनीकरण से थी वचिंत, अब 6 माह की छूट मिलेगी पूर्व के नियमों में लीज समाप्‍त होने के चार वर्ष पश्‍चात नवीनीकरण करने को कोई प्रावधान नही होने से लगभग 300 नमक उत्‍पादक इकाइयां लीज नवीनीकरण से वंचित थी, जिसके कारण नमक उत्‍पादक काफी परेशान थे। राज्‍य सरकार द्वारा ऐसी इकाईयों को 6 माह की एकमुश्‍त छूट प्रदान कर नमक उत्‍पादकों को काफी राहत प्रदान की है। इस छूट से नमक उत्‍पादक इकाईयों का लीज नवीनीकरण हो सकेगा और राज्‍य सरकार को राजस्‍व में भी लाभ मिलेगा ।

खाद्य प्रसंस्करण में यूपी ने मारी बड़ी छलांग, महाराष्ट्र-बंगाल पीछे

लखनऊ  समृद्ध कृषि आधार और योगी आदित्यनाथ सरकार की निवेशक-अनुकूल नीतियों के दम पर उत्तर प्रदेश आज पूरे देश में 'खाद्य प्रसंस्करण महाशक्ति' (Food Processing Powerhouse) के रूप में उभर चुका है। बेहतर बुनियादी ढांचा, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और कुशल कार्यबल की बदौलत प्रदेश में इस समय रिकॉर्ड 3,50,883 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां संचालित हो रही हैं। इस ऐतिहासिक आंकड़े के साथ ही यूपी ने इस क्षेत्र में देश में पहला स्थान हासिल कर लिया है, जो राज्य की बदलती औद्योगिक तस्वीर का सबसे बड़ा प्रमाण है। 3.5 लाख इकाइयों के साथ महाराष्ट्र-बंगाल को पछाड़ा आंकड़ों पर गौर करें तो उत्तर प्रदेश ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े औद्योगिक राज्यों को मीलों पीछे छोड़ दिया है। जहां यूपी में 3,50,883 इकाइयां काम कर रही हैं, वहीं पश्चिम बंगाल (3,22,590) और महाराष्ट्र (2,29,372) काफी पीछे हैं। देश की कुल 24.59 लाख इकाइयों में अकेले उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 14 से 15 प्रतिशत है। मजबूत नीतिगत समर्थन और प्रचुर कच्चे माल की उपलब्धता ने इस सेक्टर को एक नई संजीवनी दी है। रोजगार के अवसर: 2.5 लाख से अधिक श्रमिकों को मिला काम योगी सरकार की कृषि और उद्योग हितैषी नीतियों का सीधा असर रोजगार सृजन पर भी दिख रहा है। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के इस अभूतपूर्व विस्तार से प्रदेश के 2.5 लाख से ज्यादा श्रमिकों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। चूंकि यूपी दूध, गन्ना और सब्जियों के उत्पादन में पहले से ही देश में नंबर-1 है, इसलिए इन उद्यमों को कच्चे माल की कभी कमी नहीं होती, जिससे उत्पादन और रोजगार का चक्र निर्बाध रूप से चल रहा है। कृषि प्रधान यूपी: 9 फसलों के उत्पादन में देश का 'नंबर वन' खाद्य प्रसंस्करण की इस सफलता का सबसे बड़ा श्रेय यूपी की उपजाऊ धरती को जाता है। आम, अमरूद, आलू, मटर, लौकी, सिंघाड़ा, तरबूज, खरबूजा और शिमला मिर्च के उत्पादन में उत्तर प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर है। देश में उत्पादित होने वाले 336.21 लाख मीट्रिक टन आम में से 61.94 लाख मीट्रिक टन और 50.23 लाख मीट्रिक टन अमरूद में से 11.49 लाख मीट्रिक टन हिस्सा अकेले यूपी का है। आलू और लौकी उत्पादन में बेताज बादशाह सब्जियों के उत्पादन में यूपी का कोई सानी नहीं है। देश के कुल 598.89 लाख मीट्रिक टन आलू उत्पादन में यूपी का योगदान 250.66 लाख मीट्रिक टन है। इसी तरह, भारत में मटर के 72.38 लाख मीट्रिक टन उत्पादन में से यूपी 37.62 लाख मीट्रिक टन उगा रहा है। लौकी और सिंघाड़ा के उत्पादन में भी प्रदेश अव्वल है। राष्ट्रीय फल-सब्जी उत्पादन में यूपी का शानदार योगदान तरबूज, खरबूजा और शिमला मिर्च की खेती में भी यूपी के किसानों ने शानदार काम किया है। कुल मिलाकर, देशभर के 1214.75 लाख मीट्रिक टन फल उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी 14.44 प्रतिशत (175.42 लाख मीट्रिक टन) है। वहीं, देश के कुल 2210 लाख मीट्रिक टन सब्जी उत्पादन में यूपी 19.73 प्रतिशत (435.93 लाख मीट्रिक टन) का योगदान दे रहा है।  

डीओपी योजना 2.0 के तहत डाक सेवा ऐप पर बढ़ीं बैंकिंग सुविधाएं

 फरीदाबाद  भारतीय डाक विभाग की डीओपी योजना 2.0 के तहत मोबाइल बैंकिंग एप पर अब उपभोक्ता ई-पासबुक घर बैठे ही डाउनलोड कर सकेंगे। प्राइवेट बैंकों की तरह अपने उपभोक्ताओं को सुविधाएं देने की दिशा में डाक विभाग नियमित रूप से अपनी डिजिटल सेवाओं को लगातार बढ़ा रहा है। प्ले स्टोर पर डाक सेवा के नाम से मौजूद यह ऐप केवल मोबाइल बैंकिंग एप नहीं है, बल्कि डाक विभाग से संबंधित समग्र जानकारी इसी एप्लीकेशन पर मौजूद हैं। फरीदाबाद के सिस्टम इंजीनियरिंग विंग के वरिष्ठ प्रबंधक संजय वर्मा ने बताया कि मोबाइल एप डाक सेवा बहुत तेजी से डाउनलोड की जा रही है। इसे बनाने का मकसद भी यही था कि लोग अपने घर बैठे ही बैंकिंग संबंधी कामकाज निपटा सके। इस एप्लीकेशन पर बैंकिंग संबंधी ई पासबुक सेवा को चालू कर दिया गया है, बाकि लेनदेन संबंधी ऐप भी जल्द ही लांच होगा। बता दें, भारतीय डाक विभाग देश का सबसे बड़ा बैंकिंग नेटवर्क हैं। देश भर में इसके 1.64 लाख से ज्यादा डाकघर हैं, जहां बचत बैंक खाते संचालित किए जाते हैं। अधिकांश लोगों का विश्वास डाक विभाग पर आज भी अन्य प्राइवेट बैंकों के मुकाबले ज्यादा है। अपने उपभोक्ताओं को प्राइवेट बैंकों की तरह सुविधाएं के लिए प्रयासरत विभागीय अधिकारी डिजिटल योजना के तहत नियमित रूप से सुधार की तरफ बढ़ रहे हैं।

Punjab Holiday News: सरकार ने वीरवार को घोषित किया सार्वजनिक अवकाश, सरकारी दफ्तर और स्कूल रहेंगे बंद

चंडीगढ़. गर्मी के बीच कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार पंजाब में गुरुवार, 18 जून को सरकारी छुट्टी का ऐलान किया गया है। इस दिन श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस को लेकर सरकारी छुट्टी का ऐलान किया गया है। इस दौरान पंजाब में सरकारी दफ्तर, कॉर्पोरेशन, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और दूसरे सरकारी संस्थान बंद रहेंगे। गौरतलब है कि पंजाब के स्कूलों में पहले से ही गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं। इसी बीच इस छुट्टी के चलते विभिन्न दफ्तरों में काम कर रहे कर्मचारियों को राहत मिलेगी।  

रेलवे का बड़ा बदलाव: आलमनगर–उतरेटिया होकर चलेंगी कई ट्रेनें, यात्रियों को वैकल्पिक रूट से सफर

 लखनऊ  रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए ) ने लखनऊ स्टेशन के एयर कानकोर्स निर्माण कार्य के लिए 14 से 23 जून तक प्लेटफार्म नंबर चार का मेगा ब्लाक लिया है। इस कारण 21 ट्रेनें 14 से 23 जून तक लखनऊ न आकर आलमनगर-ट्रांसपोर्टनगर-उतरेटिया होकर चलेंगी। इन ट्रेनों को आलमनगर और उतरेटिया स्टेशन पर पांच मिनट का ठहराव मिलेगा। यह ट्रेनें आलमनगर-ट्रांसपोर्टनगर होकर चलेंगी     14307 प्रयागराज संगम–बरेली एक्सप्रेस     14241 प्रयागराज संगम–सहारनपुर नौचंदी एक्सप्रेस     14242 सहारनपुर–प्रयागराज संगम नौचंदी एक्सप्रेस     15075 शक्तिनगर–टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस     15073 सिंगरौली–टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस     15074 टनकपुर–सिंगरौली त्रिवेणी एक्सप्रेस     15076 टनकपुर–शक्तिनगर त्रिवेणी एक्सप्रेस     13037 हावड़ा–देहरादून एक्सप्रेस     13035 हावड़ा–देहरादून एक्सप्रेस     13038 देहरादून–हावड़ा एक्सप्रेस     13036 देहरादून–हावड़ा एक्सप्रेस     13257 दानापुर–आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस     13258 आनंद विहार टर्मिनल–दानापुर एक्सप्रेस     14523 बरौनी–अम्बाला कैंट एक्सप्रेस     14524 अम्बाला कैंट–बरौनी एक्सप्रेस     15127 बनारस–नई दिल्ली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस     15128 नई दिल्ली–बनारस काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस     15119 बनारस–देहरादून जनता एक्सप्रेस     15120 देहरादून–बनारस जनता एक्सप्रेस     14229 प्रयागराज संगम–योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस     14230 योगनगरी ऋषिकेश–प्रयागराज संगम एक्सप्रेस 15 से ऐशबाग तक चलेगी सहारनपुर वंदे भारत  सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस 15 जून से ऐशबाग से संचालित होगी। इसी तरह 55061 नकहा जंगल-डालीगंज पैसेंजर का विस्तार भी 15 जून से ऐशबाग तक होगा। 55061 नकहा जंगल-ऐशबाग पैसेंजर डालीगंज से सुबह 9:12 बजे, लखनऊ सिटी से 9:20 बजे छूटकर ऐशबाग 9:55 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन ऐशबाग से शाम पांच बजे छूटकर लखनऊ सिटी से 5: 11 बजे होते हुए नकहा जंगल की ओर रवाना होगी।