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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप को दिखाई हरी झंडी

रक्षा मंत्री की घोषणा, आगामी वित्तीय वर्ष में 3,000 करोड़ टर्नओवर और 500 करोड़ जीएसटी राजस्व देगी यूनिट राजनाथ सिंह ने सीएम योगी को सराहा, बोले- गुंडाराज से डिफेंस हब तक योगी सरकार में निवेशकों का बढ़ा भरोसा रक्षा मंत्री बोले- भारत की वैश्विक पहचान में हुआ इजाफा, अब ‘टेकर’ नहीं, ‘गिवर’की भूमिका में लखनऊ, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ शनिवार को एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस की स्थानीय इकाई से निर्मित सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलों के प्रथम बैच को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि धनतेरस के शुभ अवसर पर चार मिसाइलों की डिलीवरी के साथ भारत की रक्षा क्षमता और आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाला यह कदम न केवल सैन्य सफलता का, बल्कि आर्थिक समृद्धि और रोजगार सृजन का भी प्रतीक है। उन्होंने ब्रह्मोस को 'भारत की बढ़ती स्वदेशी ताकत का प्रतीक' बताते हुए पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अब उसकी एक-एक इंच जमीन ब्रह्मोस की पहुंच में है। लोकार्पण से डिलीवरी तक पांच महीनों की तेज रफ्तार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह मेरे लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि आज लखनऊ में ब्रह्मोस की स्टेट-ऑफ-द-आर्ट बूस्टर बिल्डिंग का लोकार्पण हो रहा है। अभी थोड़ी ही देर पहले इसी प्रांगण में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण करने का भी मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ। रुद्राक्ष को तो हम रूद्र, यानी भगवान महादेव का अंश मानते हैं। मेरी महादेव से यही प्रार्थना है कि उनका आशीर्वाद इस अत्याधुनिक सुविधा पर और हम सभी देशवासियों पर सदा बना रहे। उन्होंने लखनऊ की जनता को बधाई देते हुए कहा कि लखनऊ मेरे लिए केवल संसदीय क्षेत्र नहीं, बल्कि मेरी आत्मा में बसने वाला शहर है। राज्य और राजधानी के तीव्र विकास को देखकर जो संतोष और गर्व की अनुभूति होती है, वह आज इस रक्षा क्षेत्र से जुड़ी उपलब्धि के कारण और भी गहरी हो गई है। पांच महीनों की तेज रफ्तार राजनाथ सिंह ने कहा कि 11 मई 2025 को इस आधुनिक सुविधा का उद्घाटन हुआ था और मात्र पांच महीनों में ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप तैयार होकर डिलीवर हो रही है। मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि जिस गति और दक्षता से यह कार्य पूरा हुआ है, वह केवल रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि लखनऊ और उत्तर प्रदेश की विश्वसनीयता का भी प्रमाण है। आज ब्रह्मोस की विश्वसनीयता के साथ-साथ लखनऊ की पहचान भी और अधिक मजबूत हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने इस परियोजना के लिए हर संभव सहयोग और समर्थन दिया। पीक टाइम में सैकड़ों रोजगार देगी यूनिट उन्होंने कहा कि यह सुविधा करीब 200 एकड़ में फैली हुई है और लगभग 380 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की गई है। पीक टाइम पर सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि अनुमान है कि यहां से प्रतिवर्ष लगभग 100 मिसाइल सिस्टम थलसेना, वायुसेना और नौसेना को उपलब्ध कराए जाएंगे। अगले वित्तीय वर्ष में इस इकाई का टर्नओवर 3,000 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा, जो 500 करोड़ रुपए का जीएसटी राजस्व उत्पन्न करेगा। ब्रह्मोस स्वदेशी शक्ति का प्रतीक रक्षा मंत्री ने ब्रह्मोस की क्षमताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्रह्मोस सिर्फ एक मिसाइल नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती स्वदेशी ताकत का प्रतीक है। यह परंपरागत वॉरहेड, उन्नत गाइडेड सिस्टम और सुपरसोनिक गति के साथ लंबी दूरी तक सटीक प्रहार करने में सक्षम है। गति, सटीकता और शक्ति का यह अनूठा संयोजन ब्रह्मोस को विश्व की सर्वश्रेष्ठ मिसाइल प्रणालियों में शुमार करता है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि ब्रह्मोस आज भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना—तीनों की रीढ़ बन चुका है। ऑपरेशन सिंदूर ने ब्रह्मोस के प्रति पैदा किया विश्वास उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि आज का अवसर केवल एक लॉन्चिंग इवेंट नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देने वाला क्षण है कि भारत अपने सपनों को हकीकत में बदलने की ताकत रखता है। ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस ने न केवल अपनी तकनीकी श्रेष्ठता साबित की, बल्कि यह भी दिखाया कि यह भारत की सुरक्षा का सबसे बड़ा व्यावहारिक प्रमाण है। इस ऑपरेशन ने सिद्ध किया कि जीत अब हमारे लिए कोई घटना नहीं, बल्कि हमारी आदत बन चुकी है। ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस का जो प्रैक्टिकल प्रदर्शन हुआ है, उसने न केवल देशवासियों बल्कि पूरी दुनिया में ब्रह्मोस के प्रति एक गहरा विश्वास और आत्मविश्वास पैदा किया है। ट्रेलर था ऑपरेशन सिंदूर, पिक्चर अभी बाकी है संबोधन का सबसे कड़ा हिस्सा पाकिस्तान को संबोधित करते हुए आया, जहां रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की एक-एक इंच जमीन ब्रह्मोस की पहुंच में है। ऑपरेशन सिंदूर इसका ट्रेलर था, जिसने पाकिस्तान को अहसास दिला दिया कि अगर भारत पाकिस्तान को जन्म दे सकता है तो समय आने पर वह…इसके आगे मुझे बोलने की जरूरत नहीं…आप सब समझदार हैं। उन्होंने कहा कि इस सफलता ने ब्रह्मोस को वैश्विक स्तर पर साबित कर दिया। देश को यह विश्वास हो गया है कि हमारे विरोधी अब ब्रह्मोस की मारक क्षमता से नहीं बच सकते। हमें संकल्प लेना होगा कि इस आदत को न केवल बनाए रखना है, बल्कि इसे और मजबूत करना है।" गुंडाराज से डिफेंस हब तक बदला उत्तर प्रदेश रक्षा मंत्री ने उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप पर जोर देते हुए कहा कि मैं यहां सिर्फ रक्षा सेक्टर की ही बात नहीं कर रहा। मैं उस बड़े परिवर्तन की भी बात करना चाहता हूं जो उत्तर प्रदेश में हो रहा है। हम सब जानते हैं कि कभी उत्तर प्रदेश की पहचान गुंडाराज और बिगड़े हुए लॉ एंड ऑर्डर से की जाती थी। लोग डर के माहौल में रहते थे और निवेशक यहां आने से कतराते थे। पर आज, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह स्थिति बदल चुकी है। उनके दृढ़ नेतृत्व और नीतिगत निर्णयों ने प्रदेश में विश्वास लौटाया है। लखनऊ सिर्फ तहजीब नहीं, अब तकनीक का भी शहर उन्होंने लखनऊ को तहजीब का शहर बताते हुए कहा कि लखनऊ अब केवल तहजीब का शहर नहीं रहा, बल्कि टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रीज का केंद्र बन चुका … Read more

आत्मनिर्भरता की ज्योति: बिहान समूह की महिलाओं ने दीपावली को बनाया खास

बिहान समूह की महिलाओं की प्रेरणादायक पहल रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती महोत्सव के अवसर पर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की महिलाओं ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि ग्रामीण प्रतिभा को सही दिशा, मार्गदर्शन और मंच प्राप्त हो, तो वे अवसर को आजीविका का माध्यम बनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम बढ़ा सकती हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित बिहान योजना से जुड़ी ग्राम केवटटोला, मोहला और भोजटोला की महिलाओं ने सामूहिक प्रयासों से अपने पारंपरिक ज्ञान और रचनात्मकता का उपयोग करते हुए दीपावली के उपयोगी उत्पाद जैसे रंगोली पाउडर, रुई की बाती, माता लक्ष्मी की मिट्टी से निर्मित मूर्तियाँ, अगरबत्ती, मिट्टी के दीये, मटके, पारंपरिक साड़ियाँ एवं मनिहारी सामग्री स्वयं तैयार कीं। समूह की महिलाओं ने उत्पादों की गुणवत्ता और पारंपरिक स्वरूप बनाए रखा, जिससे बाजार में अच्छी डिमांड रही। त्योहार के आरंभ से पूर्व ही महिलाओं ने मोहला के साप्ताहिक बाजार में अपने उत्पादों की बिक्री प्रारंभ की। हस्तनिर्मित वस्तुओं को ग्राहकों द्वारा मिली सराहना ने महिलाओं का उत्साह और आत्मविश्वास दोनों बढ़ाया। बिक्री से प्राप्त आय ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप  से आत्मनिर्भरता बनाया है। इस पहल में शामिल कई महिलाओं ने पहली बार घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर व्यवसायिक गतिविधियों में भाग लिया। उन्होंने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के पश्चात उन्हें प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त हुआ, जिसके परिणामस्वरूप उनमें आत्मविश्वास विकसित हुआ। यह पहल केवल आय का स्रोत नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान और सशक्तिकरण का माध्यम भी सिद्ध हुई। बिहान योजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना एवं उन्हें आजीविका के स्थायी साधन उपलब्ध कराना है। मोहला की महिलाओं की दीपावली के अवसर पर आरंभ हुई यह आर्थिक यात्रा केवल एक पर्व तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण महिला उद्यमिता, स्वावलंबन और सामुदायिक विकास की दिशा में एक नई शुरुआत है। 

सफर बिना झंझट के: पंजाब से हिमाचल जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी

श्री आनंदपुर साहिब  पंजाब से हिमाचल जाने वाले लोगों का सफर आसान होगा । दरअसल, पंजाब के शिक्षा, सूचना और जनसंपर्क मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा है कि पंजाब-हिमाचल सीमा के साथ लगते नीम-पहाड़ी क्षेत्र चंगर के लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए पंजाब सरकार अब इस इलाके की तस्वीर बदलने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। मंत्री बैंस ने बताया कि 80 करोड़ रुपये की लिफ्ट सिंचाई योजना का काम युद्ध स्तर पर जारी है। इसके साथ ही 8 करोड़ रुपये की लागत से नया जल ट्रीटमेंट और स्टोरेज प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है, जिसके जरिए चंगर वासियों को शुद्ध पीने का पानी मुहैया कराया जाएगा। अपने सोशल मीडिया संदेश में बैंस ने चंगर निवासियों को आश्वासन दिया कि उनके भरोसे को पूरी तरह कायम रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि तारापुर से समलाह तक 11 किलोमीटर लंबी और 18 फुट चौड़ी सड़क का निर्माण करवाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों तक आसान पहुंच बनेगी। हरजोत बैंस ने बताया कि लंबे समय से किसानों को खेतों में पानी की कमी की समस्या झेलनी पड़ रही थी। इसे दूर करने के लिए पंजाब सरकार ने यह लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिससे अब हर खेत तक नहरी पानी पहुंच रहा है। उन्होंने आगे कहा कि “अब हम यही पानी ट्रीट करके लोगों को पीने योग्य बनाएंगे।” इसके लिए 8 करोड़ रुपये की लागत से नया वाटर ट्रीटमेंट और स्टोरेज सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिससे पहाड़ी इलाके के हर घर तक साफ़ और सुरक्षित पानी पहुंचेगा। बैंस ने बताया कि तारापुर-समलाह मार्ग का काम लगभग पूरा हो चुका है। वहीं मस्सेवाल-समलाह 11 किलोमीटर सड़क के लिए टेंडर हो चुका है और दीवाली व विश्वकर्मा दिवस के बाद काम शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कोटला-समलाह रोड को भी 18 फुट चौड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब से चंगर तक, कीरतपुर साहिब-बिलासपुर रोड और कोटला रूट से समलाह तक जाने वाली सभी सड़कों को एक समान चौड़ा और मज़बूत बनाया जा रहा है। हरजोत बैंस ने यह भी बताया कि चंगर के पहाड़पुर में “गुज्जर भवन” का निर्माण किया जाएगा, जो क्षेत्र की संस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। इसके लिए फंड जारी हो चुका है और जल्द ही नींव पत्थर रखा जाएगा।

पीएम आवास योजना में प्रदेश के 49 लाख परिवारों को मिला अपना घर

खुद के घर की खुशी से बढ़कर कुछ नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सबको आवास देना ही हमारा लक्ष्य आवास हितग्राहियों के लिये है यह विशेष दीवाली पीएम आवास योजना में प्रदेश के 49 लाख परिवारों को मिला अपना घर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम आवास योजना के अंतर्गत नीमच में तैयार 348 एएचपी आवास कॉलोनी का किया वर्चुअल लोर्कापण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अपना घर हर किसी का सपना होता है। अपने घर की खुशी से बढ़कर और कुछ नहीं होता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 4 करोड़ से अधिक लोगों को उनका मकान बनाकर दिया है। प्रधानमंत्री का खुद का कोई घर नहीं है, लेकिन देश के सभी नागरिकों को मकान देना उन्होंने अपना लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नीमच के 348 परिवार अपने सालों पुराने सपने को हकीकत में बदलते देख रहे हैं। यह दिवाली उनके जीवन की सबसे सुंदर दीपावली बनकर आई है, क्योंकि इस बार सभी अपने घर में में दिवाली मनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से नगर पालिका नीमच द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत अफोर्डेबल हाऊसिंग प्रोजेक्ट के तहत निर्मित आवासों की सुंदर कॉलोनी का वर्चुअल लोकार्पण कर हितग्राहियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां 348 परिवारों को गृह प्रवेश कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नए घर के लाभार्थियों से संवाद कर सभी को धनतेरस के दिन मिले नये आवास और पंच दिवसीय दीपोत्सव की मंगलकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि जब गरीब का घर रोशन होता है, तभी देश में सच्ची दीपावली होती है। आज मध्यप्रदेश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। लक्ष्मी-गणेश की कृपा से मध्यप्रदेश जन-कल्याण और विकास की दीपावली मना रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी नीयत साफ है, हमारी नीतियां गरीबों को सशक्त करने की हैं एक दौर वो भी था जब गरीबों के नाम पर योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन उनका लाभ कई पुश्तों के बाद भी गरीब को नहीं मिल पाता था। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से हितग्राहियों को छत ही नहीं, स्वाभिमान और सुरक्षा दोनों मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 योजना के तहत हम 10 लाख आवास बनाएंगे। हम इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। पीएम आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश को बेस्ट परफार्मिंग स्टेट अवॉर्ड की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला है। नीमच तो हमेशा से ही इस मामले में अव्वल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज ही नीमच जिले में 134 करोड़ की लागत से पीएम आवास के 348 घरों की चाबियां सौंपी जा रही हैं। जिसमें 144 मकान EWS के, 144 मकान LIG और 60 मकान MIG के शामिल हैं। साथ ही 33 कमर्शियल प्लॉट भी हैं। आज जो मल्टी स्टोरी आवास प्रदान किए जा रहे हैं, यह सिर्फ मकान नहीं, बल्कि एक पूरा परिसर विकसित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यहां चमचमाती सड़कें, व्यवस्थित नालियां, ओवरहेड टैंक और सीवरेज पंपिंग स्टेशन की व्यवस्था की गई है। स्ट्रीट लाइट, सुरक्षा के लिए गेट और बाउंड्री वॉल बनाई गई हैं। बच्चों के खेलने के लिए पार्क की स्थापना की गई है। कैंपस में हेल्थ केयर सेंटर (प्राथमिक उपचार केन्द्र), बस स्टॉप, फायर सुविधा भी है। यहां स्कूल बनाने के लिए भूमि भी आरक्षित की गई है। यानी हर ज़रूरत का पूरा ध्यान रखा गया है। यह समेकित परियोजना एक सच्चे मायनों में सम्मानजनक जीवन और बेहतर भविष्य की नींव रखती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा संकल्प है कि प्रदेश में हर गरीब के पास पक्का मकान हो। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से शहरी गरीबों को पक्के घर देने की दिशा में मिशन मोड पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पीएम आवास योजना के तहत अब तक 49 लाख से अधिक परिवारों का अपने घर का सपना पूरा हुआ है। 40 लाख से अधिक ग्रामीण और 8 लाख से अधिक शहरी परिवारों को अपनी छत मिली है। हमारे गांव और शहर दोनों एक साथ मुस्कुरा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच में बहुत जल्द मेडिकल कॉलेज बनेगा और हवाई सेवाओं से भी जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि नीमच की भादवा माता मध्यप्रदेश की वैष्णो देवी हैं। भादवा माता मंदिर के विकास के लिए भी सभी प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बहनें हमारा मान हैं। बहनों के खाते में लाड़ली बहना योजना की राशि पहुंच गई है, भाईदूज से 250 रुपए अलग से दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भाइयों को भी हमने भावांतर योजना का उपहार दिया है। अब हमारी सरकार कोदो-कुटकी का उपार्जन भी करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश दीयों की दिवाली भी मना रहा है और दिलों की दिवाली भी मना रहा है। आज दोहरी खुशी का मौका है, त्यौहार की खुशी के साथ-साथ अपने घर का सपना साकार हुआ है। मुख्यमंत्री ने नव गृह प्रवेश करने वाले सभी हितग्राहियों की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम को नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार ने भी संबोधित किया। उन्होंने बताया कि आज नगर पालिका क्षेत्र नीमच में 348 घरों की पीएम आवास कॉलोनी सहित नीमच विधानसभा क्षेत्र की 25 ग्राम पंचायतों को स्वच्छता रथ भी दिए गए हैं। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सु निर्मला भूरिया ने वर्चुअली सहभागिता की। नीमच में हुए कार्यक्रम में मंदसौर-नीमच सांसद सुधीर गुप्ता, पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा, विधायक माधव मारू, जिलाध्यक्ष मती खंडेलवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में नीमच की नगर पालिका अध्यक्ष मती स्वाति चोपड़ा ने सभी का आभार व्यक्त किया।  

लखनऊ इकाई में उत्पादित सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलों के प्रथम बैच का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं सीएम योगी ने किया फ्लैग ऑफ

– एयरफ्रेम और एवियोनिक्स, वारहेड भवन में पीडीआई तथा ब्रह्मोस सिम्युलेटर उपकरणों का प्रेजेंटेशन भी दिखाया गया – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिसर में ही रुद्राक्ष के पौधे का वृक्षारोपण भी किया – स्टोरेज ट्रॉली प्रदर्शन और मोबाइल ऑटोनमस लॉन्चर का भी हुआ प्रदर्शन – डीजी (ब्रह्मोस) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जीएसटी का 40 करोड़ रुपये का बिल का सौंपा लखनऊ, राजधानी लखनऊ में शनिवार को आत्मनिर्भर भारत का एक नया अध्याय लिखा गया, जब ब्रह्मोस एयरोस्पेस लिमिटेड की लखनऊ इकाई में उत्पादित सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलों के पहले बैच का फ्लैग ऑफ केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। भारत माता की जय’ के जयघोष के बीच जब मिसाइलों का पहला जत्था रवाना हुआ तो समारोह गर्व, गौरव और देशभक्ति से गूंज उठा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यना ने कहा कि ब्रह्मोस केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपने मित्र देशों की रक्षा करने का सबसे सक्षम हथियार है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयास से ब्रह्मोस लखनऊ में विकसित हुआ है, जो देश की खुशहाली का माध्यम बना है। जब व्यक्ति सुरक्षित रहता है, तभी चैन की नींद सोता है। लखनऊ में बनी मिसाइल पूरे देशवासियों की सुरक्षा और समृद्धि की गारंटी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' संकल्प को साकार करने का यह क्षण प्रफुल्लित करने वाला है। उन्होंने कहा कि यह मिसाइल न केवल भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि दुनिया में अपने मित्र देशों की रक्षा करने का सबसे सक्षम हथियार भी है। ब्रह्मोस के माध्यम से भारत अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ मित्र राष्ट्रों की सुरक्षा जरूरतों को भी पूरा करने में सक्षम हो गया है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। सीएम योगी ने 2018 के पहले इन्वेस्टर्स समिट का जिक्र करते हुए कहा कि लखनऊ में ही प्रधानमंत्री ने दो डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर की घोषणा की थी, जिसमें से एक उत्तर प्रदेश को मिला। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी और चित्रकूट के 6 नोड्स में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं। लखनऊ में ब्रह्मोस, झांसी में भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) और अमेठी में एके-203 जैसे प्रोजेक्ट चल रहे हैं। अब तक 2,500 एकड़ से अधिक लैंड इन 6 नोड्स में उपलब्ध कराई गई है, जिससे 15,000 से अधिक नौजवानों को नौकरियां मिली हैं। देश की सुरक्षा और रोजगार दोनों की पूर्ति कर रहा है उत्तर प्रदेश- सीएम उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस केंद्र में आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग डिग्रीधारक युवा काम कर रहे हैं, जो देश की सुरक्षा और रोजगार दोनों की पूर्ति कर रहे हैं। यह आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। सीएम योगी ने बताया कि राज्य सरकार आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू के साथ मिलकर दो ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित कर रही है, जिससे डिफेंस टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह लखनऊ की भूमि अब राष्ट्र रक्षा, उद्योग, रोजगार और विकास के चारों आयामों को एक साथ साध रही है। यही उत्तर प्रदेश के बदलते चेहरे और आत्मनिर्भर भारत की पहचान है।” लखनऊ की लैंड अब सोना उगल रही है- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि आज डीजी ब्रह्मोस ने 40 करोड़ का जीएसटी चेक सौंपा है। हर वर्ष 100 ब्रह्मोस मिसाइल बनेंगी, जो बढ़कर 150 तक पहुंचेंगी, तो 150-200 करोड़ जीएसटी मिलेगा। यह 'आम के आम और गुठली के दाम' जैसा है। लखनऊ की लैंड अब सोना उगल रही है। यह देश की सुरक्षा की पूर्ति कर रही है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही है। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर डीआरडीओ को और लैंड उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। आईआईटी कानपुर और बीएचयू के साथ दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर काम प्रगति पर है- सीएम सीएम योगी ने झांसी में 56,000 एकड़ के नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का जिक्र किया और कहा कि चित्रकूट में एक्सप्रेस-वे पर नोड विकसित हो रहा है। आईआईटी कानपुर और बीएचयू के साथ दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर काम चल रहा है। उन्होंने मेक इन इंडिया को मेक फॉर द वर्ल्ड बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयास से ब्रह्मोस लखनऊ में विकसित हुआ है, जो देश की खुशहाली को वितरित करने का माध्यम बना है। जब व्यक्ति सुरक्षित रहता है, तभी चैन की नींद सोता है। लखनऊ में बनी मिसाइल पूरे देशवासियों की सुरक्षा और समृद्धि की गारंटी है। फ्लैग ऑफ सेरेमनी के साथ विभिन्न कार्यक्रमों का हुआ आयोजन कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने बूस्टर भवन का उद्घाटन भी किया, जो ब्रह्मोस प्रोजेक्ट की क्षमता विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही दोनों ने बूस्टर डॉकिंग प्रक्रिया का प्रदर्शन भी देखा। इसी क्रम में एयरफ्रेम और एवियोनिक्स, वारहेड भवन में पीडीआई (प्री डिस्पैच इंस्पेक्शन) तथा ब्रह्मोस सिम्युलेटर उपकरणों का प्रेजेंटेशन भी दिखाया गया। इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिसर में ही रुद्राक्ष के पौधे का वृक्षारोपण भी किया। इस दौरान स्टोरेज ट्रॉली प्रदर्शन और मोबाइल ऑटोनमस लॉन्चर का प्रदर्शन भी हुआ। कार्यक्रम के दौरान डीजी (ब्रह्मोस) डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक चेक और जीएसटी बिल सौंपा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद बृजलाल, डॉ. दिनेश शर्मा, संजय सेठ, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक राजेश्वर सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि व रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अधिकारीगण मौजूद रहे।

एम्स से सुभाष नगर तक भोपाल मेट्रो का CMRs निरीक्षण खत्म, जल्द दौड़ेगी मेट्रो

भोपाल  अक्टूबर में भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर संचालन का जो लक्ष्य रखा गया था, अब वह पूरा होने के करीब है। मेट्रो प्रबंधन ने संचालन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली से आई कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम द्वारा दूसरे चरण का निरीक्षण पूरा करा लिया है। सीएमआरएस की तीन सदस्यीय टीम ने 15 और 16 अक्टूबर को एम्स से सुभाष नगर स्टेशन तक प्रायोरिटी कॉरिडोर का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य लाइन, ट्रैक, विद्युत और यांत्रिक (ई एंड एम) सिस्टम, स्टेशन भवन और परिचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। यह भोपाल मेट्रो की अंतिम परीक्षा मानी जा रही है। अब सिर्फ ‘ओके टू रन’ रिपोर्ट का इंतजार है। इससे पहले 25 सितंबर को मुख्य रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) और उनकी टीम ने डिपो और रोलिंग स्टॉक का परीक्षण किया था। वहीं इस बार सीएमआरएस टीम ने सभी स्टेशनों पर सुरक्षा और तकनीकी मानकों की समीक्षा की ताकि संचालन शुरू होने से पहले सभी सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित और मानक अनुरूप हों। CMRS की दूसरी जांच में डिपो से AIIMS Bhopal तक के आठ मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे। इस जांच में यात्रियों के लिए सुविधाओं पर खास ध्यान दिया गया। इसमें स्टेशन के आने-जाने के रास्ते, लिफ्ट, एस्केलेटर, शौचालय, कंट्रोल रूम, आग से सुरक्षा के इंतजाम, ट्रैक और बिजली की व्यवस्था, टेलीकॉम नेटवर्क और सुरक्षा व्यवस्थाएं शामिल हैं। स्टेशनों की सुंदरता बढ़ाने के कामों को भी देखा गया। CMRS की दूसरी जांच का यह हिस्सा प्राथमिकता वाले कॉरिडोर के एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्से को कवर करेगा। यह हिस्सा सुभाश नगर डिपो को AIIMS Bhopal से जोड़ता है। इस खंड में आठ मेट्रो स्टेशन हैं और यह शुरुआती यात्री सेवा का मुख्य आधार बनेगा। MPMRCL के अधिकारियों ने बताया कि CMRS की यह जांच मेट्रो के संचालन की सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए बहुत ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि जांच में हर छोटी-बड़ी चीज़ का बारीकी से मुआयना किया जा रहा है। स्टेशन के अंदर और बाहर की सुरक्षा व्यवस्थाएं, यात्रियों के लिए आरामदायक माहौल और आपातकालीन स्थिति से निपटने के इंतजामों को परखा जा रहा है। यह भी बताया गया कि मेट्रो के ट्रैक और बिजली की सप्लाई की जांच भी की जा रही है ताकि संचालन के दौरान कोई दिक्कत न आए। टेलीकॉम नेटवर्क की जांच यह सुनिश्चित करेगी कि यात्रियों को संचार की कोई समस्या न हो। इस पूरे प्रोजेक्ट में MPMRCL के अधिकारी पूरी मेहनत से लगे हुए हैं ताकि भोपालवासी जल्द से जल्द इस आधुनिक सुविधा का लाभ उठा सकें। दिवाली के बाद होगा अंतिम निरीक्षण मेट्रो प्रबंधन के अनुसार अब अगला कदम सीसीआरएस द्वारा अंतिम निरीक्षण है। उनकी स्वीकृति मिलने पर ही भोपाल मेट्रो को ‘ओके टू रन’ रिपोर्ट जारी होगी। रिपोर्ट मिलते ही राजधानी के लोगों का लंबे समय से चल रहा इंतजार खत्म हो जाएगा और भोपाल मेट्रो अपने पहले चरण में एम्स से सुभाष नगर तक दौड़ने लगेगी।  

दिवाली से पहले भोपाल में पटाखा गन हादसा: आंख डैमेज, एम्स ने दी सावधानी बरतने की सलाह

भोपाल भोपाल में पटाखा गन से 11 साल के बच्चे की आंख की पलक जल गई। पुतली पर सफेदी (ल्यूकोकोरिया) छा गई। इस साल दिवाली का यह पहला केस गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) के नेत्र विभाग में पहुंचा है। अब बच्चे की आंख बचाने के लिए शनिवार को सर्जरी की जाएगी। बच्चा पटाखा गन लोड करने के बाद चेक कर रहा था। ऊस वक्त गन चल गई, जिससे पटाखा उसकी आंख में लग गया। GMC के नेत्र विभाग के मुताबिक बच्चे को प्राथमिक उपचार दे दिया गया है। सभी जांचें पूरी कर ली गई हैं। रिपोर्ट आने के बाद नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएस कुबरे सर्जरी करेंगे।दूसरी ओर, भोपाल एम्स ने दिवाली को लेकर एडवाइजरी जारी की है। जिसमें बताया है कि इस त्योहार पटाखे फोड़ते वक्त क्या करना चाहिए और किससे बचना है। बता दें, पिछली दिवाली पर ऐसे ही हादसों में 52 लोग झुलसे थे। पिछली दिवाली पर 91 वर्षीय बुजुर्ग की साड़ी में दीये से आग लग गई थी। 70% झुलसने के बाद उन्हें एम्स भोपाल लाए थे। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, जलने के 15 मरीज एम्स, 13 जेपी और 24 हमीदिया पहुंचे थे। 6 मरीजों को सर्जरी की जरूरत पड़ी थी। आंखों के सबसे ज्यादा मरीज दिवाली पर सबसे ज्यादा मरीज आंखों की चोटों के साथ अस्पताल पहुंचते हैं। बीते साल एम्स में 14 साल के बच्चे और 29 वर्षीय युवक की आंखों की रोशनी चली गई थी। वहीं, हमीदिया में दो मरीज 50% से ज्यादा झुलसे थे। उनका इलाज बर्न एंड प्लास्टिक विभाग में हुआ था और करीब 20 दिन बाद डिस्चार्ज किया गया। एम्स ने जारी की एडवाइजरी एम्स भोपाल ने कहा कि दीपावली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सामूहिक कल्याण का अवसर है। इस अवसर पर एम्स के बर्न्स और प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने जरूरी सावधानियां साझा की हैं। केमिकल और थर्मल इंजरी के साथ आते हैं मरीज गांधी मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग की विशेषज्ञ डॉ. अदिति दुबे ने बताया कि दिवाली पर बर्न से संबंधित कई इंजरी आती हैं। मुख्य रूप से ये केमिकल और थर्मल दो प्रकार की होती हैं। केमिकल इंजरी में आंखों में चूना या सफाई और रंगरोगन में उपयोग होने वाली सामग्री चली जाती है। वहीं, थर्मल इंजरी के अधिकतर केस पटाखों से जलने के होते हैं। डॉ. दुबे ने कहा कि पटाखों से लगने वाली चोटें लंबे समय तक दिक्कत देती हैं, क्योंकि विस्फोट से पहले थर्मल बर्न होता है और उसके बाद उसमें मौजूद केमिकल से हुआ नुकसान देर तक असर दिखाता है। हर साल की तरह इस बार भी नेत्र विभाग पूरी तरह अलर्ट है। उन्होंने अपील की कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह से जले तो सीधे अस्पताल पहुँचे। आंखों में समय रहते इलाज मिलने से रोशनी बचने की संभावना अधिक रहती है।

रिटायर्ड डीएसपी सहित तीन लोगों के खिलाफ सतना में बिजली चोरी की कार्रवाई

 सतना सतना जिले के बिरसिंहपुर विद्युत वितरण केन्द्र के अंतर्गत आने वाले गुझवां गांव में शुक्रवार को विद्युत विभाग के जेई सुनील मिश्रा के नेतृत्व में विषुत विभाग की जांच टीम ने छापा मारते हुए सेवानिवृत्त डीएसपी समेत दो अन्य पर विद्युत चोरी का मामला दर्ज किया है। इस बड़ी कार्रवाई से पूरे गांव में हलचल मचा दी है और अन्य लोगों में भी विद्युत चोरी को लेकर दशहत का माहौल है। विद्युत विभाग की टीम के मुताबिक रिटायर्ड डीएसपी रामकीर्ति शुक्ला के परिसर में अवैध रूप से 'कटिया फांस' कर बिजली का उपयोग किया जा रहा था। इस मामले में बिजली चोरी का एक प्रकरण दर्ज किया गया है। इसी अभियान के तहत, गुझवा गांव के गुलाब गुप्ता के खिलाफ भी बिजली चोरी का एक अन्य प्रकरण दर्ज किया गया है। विद्युत वितरण केंद्र ने इन दोनों ही मामलों में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। जेई सुनील मिश्रा ने बताया कि बिजली चोरी रोकने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

आपात स्थिति में मदद अब सिर्फ कॉल दूर! PGI ने दिया नया 24×7 संपर्क नंबर

चंडीगढ़  पी.जी.आई. के एडवांस्ड आई सेंटर ने दिवाली की पूरी तैयारी के साथ अपनी आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत कर दिया है। दिवाली से जुड़ी सभी संभावित आंखों की आपात स्थितियों से निपटने के लिए पी.जी.आई. ने विशेष टीमें बनाई हैं। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि 22 डॉक्टरों और एक अलग एनेस्थीसिया टीम वाली विशेष टीमें 20 से 22 अक्टूबर तक 24 घंटे तैनात रहेंगी। खास तौर पर दिवाली के दिन 20 अक्टूबर को पूरी टीम दिन-रात आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहेगी। आंखों के सभी ऑपरेशन बिना किसी इंतजार के किए जाएंगे और इस्तेमाल होने वाला सारा सामान मुफ्त दिया जाएगा। डॉक्टरों के अनुसार पांच साल के आंकड़े बताते हैं कि हर साल औसतन 60 से ज्यादा लोग पटाखे फोड़ते समय आंखों में चोट लगने की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचते हैं। इनमें से 60 से 70 प्रतिशत गंभीर होते हैं, जिससे कभी-कभी हमेशा के लिए आंखों की रोशनी चली जाती है। इसलिए इस बार जन जागरूकता और बचाव पर विशेष जोर दिया गया है। इस तरह करें आंखों की रक्षा  दिवाली खुशी और रोशनी का त्योहार है, लेकिन पटाखों से निकलने वाली गर्मी, रोशनी और रसायन आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए थोड़ी सी सावधानी इस त्योहार को और भी सुरक्षित बना सकती है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि पटाखे फोड़ते समय कम से कम 6 से 8 फीट की दूरी बनाए रखें और सुरक्षा चश्मा पहनें। पटाखों का इस्तेमाल केवल खुली जगहों पर ही करें और बच्चों को अकेले पटाखे न फोड़ने दें। पास में पानी की एक बाल्टी और प्राथमिक चिकित्सा किट रखें। सूती कपड़े पहनना ज्यादा सुरक्षित है, क्योंकि सिंथेटिक कपड़े जल्दी आग पकड़ सकते हैं। ऐसा न करें अगर आपकी आंखों में चिंगारी या धूल चली जाए, तो उन्हें रगड़ने के बजाय तुरंत अपने नजदीकी नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। अगर आपको कोई जलन या चोट लगे, तो अपनी आंखों को हल्के कपड़े से ढक लें और तुरंत अस्पताल जाएं। दोबारा पटाखे न फोड़ें और न ही दूसरों पर फेंकें। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि दिवाली के दौरान सभी आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। आंखों से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति के लिए, लोग मोबाइल नंबर 9814014464 और लैंडलाइन नंबर 0172-2756117 पर संपर्क कर सकते हैं। पीजीआई टीम ने दिवाली पर सुरक्षा और संवेदनशीलता, दोनों का ध्यान रखने की अपील की है, क्योंकि एक पल की लापरवाही आंखों की रोशनी छीन सकती है। सुरक्षित रहें, जिम्मेदारी से त्योहार मनाएं और इस दिवाली को सचमुच 'रोशनी की दिवाली' बनाएं, न कि अंधेरे की।

बिहार चुनाव: JMM के लिए चर्चा जारी, सुदिव्य कुमार सोनू ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की

रांची झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव को उन सीटों के बारे में सूचित कर दिया है, जिन पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) बिहार में चुनाव लड़ने को इच्छुक है। घाटशिला सीट पारंपरिक रूप से झामुमो का गढ़ रही है बिहार विधानसभा के लिए दो चरणों में, छह नवंबर और 11 नवंबर को मतदान होना है तथा मतगणना 14 नवंबर को होगी। सोनू ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने हाल में पटना में एक बैठक के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा की थी, जिसमें झामुमो की भागीदारी से ‘इंडिया' गठबंधन को मिलने वाले संभावित लाभों को रेखांकित किया गया था, विशेष रूप से मतों के एकीकरण के संदर्भ में। मंत्री ने कहा कि उन्होंने छह अक्टूबर को राजद के साथ हुई गठबंधन की बैठक में ये मुद्दे उठाए थे। मंत्री ने बताया कि उसी बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राजद नेता तेजस्वी यादव आपस में इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। घाटशिला में 11 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के बारे में सोनू ने कहा कि यह सीट पारंपरिक रूप से झामुमो का गढ़ रही है। मालूम हो कि घाटशिला उपचुनाव मतदान 11 नवंबर को होगा जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। इस निर्वाचन क्षेत्र में 2.56 लाख मतदाता हैं, जिनमें 1.31 लाख महिला मतदाता हैं। एक अधिकारी ने बताया कि कुल 231 स्थानों पर 300 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।