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ग्वालियर में पर्यटन को नया आयाम, नैरोगेज संग्रहालय बनेगा हेरिटेज हब

ग्वालियर  केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के निर्देशों के बाद अब ग्वालियर में ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। सिंधिया के विजन के तहत ग्वालियर का नैरोगेज संग्रहालय (Narrow Gauge Museum) अब एक भव्य “हेरिटेज हब” के रूप में विकसित किया जाएगा। रेलवे बोर्ड की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (हेरिटेज) आशिमा मेहरोत्रा और डिप्टी डायरेक्टर (हेरिटेज) राजेश कुमार ने गुरुवार को पुराने एरिया मैनेजर कार्यालय स्थित नैरोगेज संग्रहालय और लोको शेड का गहन निरीक्षण किया।  ग्वालियर का नैरोगेज म्यूजियम बनेगा शानदार हेरिटेज हब निरीक्षण के दौरान रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह संग्रहालय एक अमूल्य ऐतिहासिक धरोहर है, जिसे संवारकर पर्यटन का केंद्र बनाया जाएगा। इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए एडीईएन, एडीईई और एसीएम कार्यालयों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि पूरा परिसर एक समर्पित नैरोगेज म्यूजियम के रूप में विकसित हो सके।  सिंधिया के निर्देशों का असर – तेजी से आगे बढ़ा प्रोजेक्ट केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अफसरों को हाल ही में ग्वालियर म्यूजियम को नागपुर नैरोगेज म्यूजियम की तर्ज पर विकसित करने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत अफसरों ने अब प्रोजेक्ट को गति दी है।   सिंधिया के निर्देशों के बाद तय हुई बड़ी योजनाएं  संग्रहालय का विस्तार: पुराने और जर्जर क्वार्टर हटाकर म्यूजियम का विस्तार किया जाएगा।  आधुनिक सुविधाएं: बच्चों के लिए टॉय ट्रेन, डिजिटल स्क्रीन, फोटो गैलरी, कैफेटेरिया और ऑडियो-विजुअल डिस्प्ले जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।  नई ट्रेनें और स्टॉपेज: ग्वालियर से भोपाल इंटरसिटी ट्रेन शुरू करने के साथ, संपर्क क्रांति जैसी प्रमुख ट्रेनों का ग्वालियर में स्टॉपेज बढ़ाने की योजना है।  नया रूट: ग्वालियर-इटावा रेल रूट पर भी नई ट्रेन प्रारंभ करने की तैयारी।  निरीक्षण में शामिल अधिकारी इस मौके पर प्रयागराज से आए मुख्य चल शक्ति अभियंता आर.डी. मौर्य, एडीआरएम नंदीश शुक्ला, सीडब्लूएम शिवाजी कदम, सीनियर डीएमई गौरव यादव, एडीईएन अजीत मिश्रा और स्टेशन डायरेक्टर वी.के. भारद्वाज सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।  ग्वालियर की पहचान को मिलेगा नया रूप! इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद ग्वालियर न केवल अपनी ऐतिहासिक धरोहर के लिए जाना जाएगा बल्कि यह हेरिटेज टूरिज्म का नया केंद्र बनेगा। सिंधिया के विजन से शहर को नई पहचान मिलने की उम्मीद है — ग्वालियर अब इतिहास और आधुनिकता का संगम बनेगा!

सर्दियों की चेतावनी: हरियाणा के 5 शहरों में 18 डिग्री से नीचे पारा, मौसम विभाग की भविष्यवाणी

चंडीगढ़ हरियाणा में ठंड ने दस्तक दे दी है। सुबह और शाम के समय ठंड का अहसास ज्यादा होता है। हालांकि दिन में धूप निकलने से तापमान में वृद्धि दर्ज की जा सकती है, लेकिन हवाओं में नमी के चलते गर्मी का अहसास नहीं होता। वहीं पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी देखा जा सकता है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में आए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण हवा में मौजूद नमी के कारण सुबह और रात में तापमान गिर रहा है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के आगे जाने से 14 अक्टूबर तक मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान मौसम साफ रहने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान हवाओं में फिर से बदलाव उत्तर और उत्तर पश्चिमी होने से रात के तापमान में हल्की गिरावट होने की संभावना है।  8 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिमी हवाओं का दौर शुरू हुआ था। इससे रात का तापमान लगातार गिर रहा है। हिसार में 10 सितंबर को न्यूनतम तापमान 16.7 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं 5 शहर हिसार, करनाल, फरीदाबाद, कैथल और महेंद्रगढ़ में तापमान 18 डिग्री से नीचे चल रहा है। वहीं दक्षिण हरियाणा के नारनौल में अधिकतम तापमान लगातार चौथे दिन भी तापमान सामान्य से 7.4 डिग्री कम रहा। इसी तरह रोहतक में तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री कम चल रहा है।  बता दें कि हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के कारण अक्टूबर के 9 दिनों में करीब 30 एमएम बारिश हो चुकी है। आमतौर पर इस दौरान 4 एमएम बारिश होती है, मगर इस बार 649 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। इससे पहले 2004 में पूरे अक्टूबर में 58.4 एमएम बारिश हुई थी। बारिश के कारण हरियाणा के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे चला गया है।

नशे के कारोबार पर करारा प्रहार: करोड़ों की अवैध अफीम डोडा चूरा जब्त

बांसवाड़ा बांसवाड़ा सदर थाना पुलिस ने उदयपुर मार्ग पर डांगपाड़ा गांव के समीप नाकाबंदी के दौरान एक पिकअप से 7 क्विंटल 88 किलो से अधिक ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा पकड़ा। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत एक करोड़ 18 लाख से अधिक बताई जा रही है। पुलिस ने अवैध रूप से डोडा चूरा परिवहन करने पर जोधपुर निवासी चालक को गिरफ्तार किया है। साथ ही डोडाचूरा और पिकअप को जब्त कर लिया है। पुलिस के अनुसार महानिरीक्षक उदयपुर रेंन्ज गौरव श्रीवास्तव एवं जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देशन पर सदर थाना अधिकारी बुधाराम विश्नोई के नेतृत्व में की जा रही नाकाबंदी के दौरान यह सफलता मिली। थानाधिकारी विश्नोई के नेतृत्व में थाना सदर की टीम उदयपुर मार्ग पर डांगपाडा में नाकाबंदी कर रही थी। नाकाबंदी के दौरान प्रतापगढ की तरफ से तेज गति से एक पिकअप वाहन आया। पुलिस ने चालक को रूकने का ईशारा किया, लेकिन चालक नाकाबंदी तोड़कर पिकअप सहित भागने लगा। भागने पर पुलिस टीम ने पीछा कर करीब 300-400 मीटर की दूरी पर ओवरटेक कर पिकअप रुकवाई। इस पर चालक भागने की कोशिश करने लगा तो पुलिसकर्मियों ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पूछने पर उसने अपना नाम फैसल खान पिता अब्दुल गफार निवासी उचियारडा थाना सदर बिलाडा जिला जोधपुर बताया। नाकाबंदी तोड़कर भागने का कारण पूछा तो वह कोई संतोष जनक जबाव नहीं दे पाया। पिकअप में भरे माल के बारे पूछने पर घबरा गया। उसने पिकअप में अफीम का डोडा चूरा भरा होना बताया। पुलिस ने मौके पर ही कार्रवाई कर आरोपी फैसल के कब्जे से 37 कट्टों में भरा 7 क्विटल 88 किलो 556 ग्राम अवैध अफीम डोडाचूरा जब्त किया। इसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ 18 लाख 35 हजार रुपए बताई गई।    

कोल्डरिफ कफ सिरप दिल्ली में भी प्रतिबंधित, औषधि विभाग ने बताया ‘मानक गुणवत्ता से कम’

नई दिल्ली कई बच्चों की जान लेने वाली कफ सिरप Coldrif के खिलाफ लगातार एक्शन लिया जा रहा है. दवा की बिक्री पर रोक लगाने वाले राज्यों या केंद्र शासित प्रदेश में दिल्ली का नाम भी शामिल हो गया है. दिल्ली सरकार ने अपने आदेश के जरिए Colddrif सिरप की बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन पर रोक लगा दी. इससे पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने खुदरा और थोक दवा विक्रेताओं को तत्काल प्रभाव से Colddrif कफ सिरप की बिक्री और खरीद रोक लगा दिया. वहीं मणिपुर ने ‘अत्यधिक विषाक्त’ रसायन वाले दो कफ सिरप ब्रांड पर अपने यहां रोक लगा दी. दिल्ली सरकार के औषधि नियंत्रण विभाग ने अपने सार्वजनिक नोटिस में कोल्डरिफ कफ सिरप (Coldrif Syrup) को “मानक गुणवत्ता से कम” (Not of Standard Quality) घोषित किया है. यह सिरप स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाया गया है क्योंकि इसमें डाइथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) 46.28% पाया गया है, जो शरीर के लिए बहुत ही विषैला होता है. सिरप का इस्तेमाल नहीं करने की अपील जिस दवा Coldrif Syrup (Paracetamol, Phenylephrine Hydrochloride, Chlorpheniramine Maleate Syrup) की बिक्री पर रोक लगाई गई है, वो मई 2025 में मैन्यूफैक्चर हुआ था और उसकी एक्सपायरी डेट अप्रैल 2027 थी. इस दवा की निर्माता कंपनी तमिलनाडु की कांचीपुरम जिले की कंपनी श्रीसेन फार्मा कंपनी (Sresan Pharmaceutical Manufacturer) है. आदेश के अनुसार, सभी दवा विक्रेताओं, वितरकों और थोक व्यापारियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे इस कफ सिरप की खरीद, बिक्री और ड्रिस्ट्रीब्यूशन तुरंत रोक दें. आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे इस सिरप का इस्तेमाल न करें. कंपनी का मालिक 10 दिन की रिमांड पर इस बीच मध्य प्रदेश में 20 से ज्यादा बच्चों की मौत की जिम्मेदार कोल्ड्रिफ बनाने वाली श्रीसेन फार्मा कंपनी के मालिक रंगनाथन गोविंदन को कल शुक्रवार को छिंदवाड़ा की एक कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. विशेष जांच दल (एसआईटी) के प्रमुख जितेंद्र जाट ने बताया कि रंगनाथन को 2 दिन पहले गुरुवार को तमिलनाडु से हिरासत में लिया गया था. फिर उन्हें चेन्नई की एक कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर लिए जाने के बाद परासिया शहर में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौतम गुर्जर के समक्ष पेश किया गया. कोर्ट ने रंगनाथन को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया. वहीं छिंदवाड़ा के अतिरिक्त जिलाधिकारी धीरेंद्र सिंह नेत्री का कहना है कि अब तक दूषित कोल्ड्रिफ सिरप की वजह से 22 बच्चों की मौत हो चुकी है. अधिकारियों के अनुसार, छिंदवाड़ा और कई अन्य जिलों के बच्चों की मौत संदिग्ध रूप से किडनी खराब होने की वजह से हुई है, जिसका संबंध खराब कोल्ड्रिफ कफ सिरप लेने से है. राज्य के कुछ बच्चों का नागपुर में इलाज चल रहा है. उनका कहना है कि जिस फैक्टरी में कफ सिरप बनाया जा रहा था, उसे सील कर दिया गया है. बंगाल ने भी लगाई अपने यहां रोक दूसरी ओर, मणिपुर सरकार ने कल शुक्रवार को कफ सिरप के 2 ब्रांड पर रोक लगा दिया, जिनमें ‘अत्यधिक विषाक्त रसायन’ मिले हैं. राज्य के औषधि नियंत्रण विभाग ने मणिपुर में इन दोनों उत्पादों की बिक्री और सेवन पर रोक लगा दिया है तथा सभी खुदरा विक्रेताओं, वितरकों और दुकानदारों से कहा गया है कि वे प्रभावित बैचों को तुरंत दुकानों से हटा लें और इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट भी दें. मणिपुर की तरह बंगाल केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन (बीसीडीए) ने भी अपने यहां सभी खुदरा और थोक दवा विक्रेताओं को तत्काल प्रभाव से कफ सिरप की बिक्री और खरीद रोकने का निर्देश दिया है. साथ ही इस इस सिरप का स्टॉक नहीं करने की चेतावनी भी दी. इससे पहले भी कई राज्य इस पर रोक लगा चुके हैं.  

मादक पदार्थ नियंत्रण को लेकर बड़ी पहल, राज्य में बनी नार्को कोऑर्डिनेशन समिति

भोपाल  मध्य प्रदेश शासन ने नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन (एनसीओआरडी) समिति का पुनर्गठन किया गया है। यह समिति राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी, उनकी अवैध खेती और नशे से जुड़ी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी। समिति में गृह, चिकित्सा शिक्षा, सामाजिक न्याय, वन, कृषि, वाणिज्यिक कर और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव शामिल होंगे। साथ ही पुलिस महानिदेशक, एनसीबी, डीआरआई, सीबीएन, ईडी, राज्य एड्स नियंत्रण समिति, डाक विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी सदस्य बनाए गए हैं। यह समिति राज्य में नशे की रोकथाम से जुड़े सभी पहलुओं पर नीति और रणनीति तैयार करेगी। इसके तहत ड्रग्स की तस्करी पर निगरानी, बंदरगाहों और सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाले अवैध परिवहन को रोकना, नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना और नशा मुक्ति केंद्रों की स्थापना जैसे कार्य किए जाएंगे। इसके अलावा समिति राज्य में फोरेंसिक जांच क्षमता को बढ़ाने, अवैध मादक फसलों की खेती वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक विकास कार्यक्रम चलाने और केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड के उपयोग की निगरानी भी करेगी। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि इस समिति के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी पर सख्त नियंत्रण किया जा सके और समाज में नशा मुक्त वातावरण तैयार किया जाए। 

ऐतिहासिक फैसला: पंजाब सरकार की नई नीति से लाखों लोगों को मिलेगा फायदा

पंजाब पंजाब सरकार लगातार नागरिकों की भलाई और कल्याण के लिए नई पहलें कर रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब में स्टेट मेंटल हेल्थ पॉलिसी की शुरुआत की गई है। यह घोषणा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर की। इस पहल को मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने और मानसिक विकारों, विशेषकर डिप्रेशन, से निपटने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। नई नीति का मुख्य उद्देश्य लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सभी नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस नीति के माध्यम से पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर व्यक्ति को मानसिक रूप से स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य मानसिक स्वास्थ्य नीति सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें नागरिकों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि अक्सर मानसिक रूप से प्रभावित व्यक्ति अपनी समस्याओं को अकेले झेलते हैं, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में शामिल किया जाएगा, ताकि जरूरतमंदों को तुरंत और प्रभावी इलाज मिल सके। 

असमय ठंड ने दी आहट: क्यों गिर रहा है पारा अक्तूबर में ही?

जयपुर राजस्थान में इस बार पिछले साल के मुकाबले सर्दी जल्दी पड़नी शुरू हो गई है। प्रदेश में अक्टूबर के शुरुआती सप्ताह में बारिश और उसके बाद उत्तरी हवाओं के प्रभाव से तापमान में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। सीकर, झुंझुनूं, दौसा और अजमेर जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 7 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया है, जिससे सुबह-शाम ठंड का अहसास बढ़ गया है। सीकर में न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि झुंझुनूं में 17.1, दौसा में 16.4, अजमेर में 16, और भीलवाड़ा में 17.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जयपुर में 19.4, अलवर में 18.4, कोटा में 20.1, चित्तौड़गढ़ में 18.3, प्रतापगढ़ में 18.1 और करौली में 18.9 डिग्री तापमान रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक राज्यभर में मौसम शुष्क बना रहेगा। रात के तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन दिन में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री तक की मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। दिन के समय धूप खिली रहने से हल्की गर्माहट महसूस की जा रही है। अधिकतम तापमान में भी गिरावट बीते 24 घंटों में कई जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। सीकर में दिन का तापमान 29.5 डिग्री, झुंझुनूं में 29.2, अजमेर में 30.2, जयपुर में 31, अलवर में 30, और भीलवाड़ा में 31.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं बाड़मेर में सबसे अधिक 35.4 डिग्री और जैसलमेर में 35.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। अन्य प्रमुख शहरों में तापमान इस प्रकार रहा:     कोटा: 30.9     चित्तौड़गढ़: 32.3     जोधपुर: 32.7     बीकानेर: 32.4     श्रीगंगानगर: 32.5     नागौर: 31.5     जालौर: 33.5     पाली: 29.6     करौली और दौसा: 30.4     प्रतापगढ़: 30.1     सिरोही: 31.4     फतेहपुर: 30.7     लूणकरणसर: 31.8 आगे कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अक्टूबर के मध्य तक प्रदेश में वर्षा की कोई संभावना नहीं है। राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा, और केवल हल्की सर्दी का अहसास बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगेगी।

MP ट्रैवल मार्ट 2025 का आगाज़ आज, पर्यटन और सिनेमा जगत की हस्तियों का लगेगा जमावड़ा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (एमपीटीएम) 2025 का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास राज्यमंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी करेंगे। मुख्यमंत्री शुभारंभ से पहले विशिष्ट आमंत्रित डेलीगेट के साथ वन-ऑन-वन मीटिंग्स में पर्यटन निवेश और सहयोग के अवसरों पर विचार-विमर्श करेंगे। इसी अवसर पर भारत भवन में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में पर्यटन विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। इस समझौते का उद्देश्य राज्य में एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारकों के आसपास पर्यटन अधोसंरचना और सुविधाओं का विकास करना है। कार्यक्रम में इंडियन एसोसिएशन फॉर टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) के प्रेसिडेंट रवि गोसाईं, अभिनेता रघुवीर यादव, हर्षिल टूर एण्ड ट्रेवल्स के प्रवीण शाह, आईएचसीएल के प्रवीण चंदेर कुमार और क्यूरियस जर्नी की मिशेल इमेलमेन सहित 700 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। इसमें 27 देशों के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटर, 150 घरेलू टूर ऑपरेटर और 355 सेलर्स उपस्थित होंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर रायसेन जिले में गोल्फ कोर्स और खंडवा जिले में वेलनेस रिसॉर्ट के लिए निवेशक विनायक कालानी को लैटर ऑफ अवॉर्ड देंगे। इसके अलावा कर्ली टेल्स, बालाजी टेलीफिल्म और अतावी बर्ड फाउंडेशन के साथ पर्यटन क्षेत्र में सहयोग के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति के प्रभाव आकलन रिपोर्ट का विमोचन भी इस कार्यक्रम में किया जाएगा। मध्य प्रदेश में हनुवंतिया, मांडू और तामिया में टेंट सिटी की स्थापना के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड दिए जाएंगे। ओरछा में टेंट सिटी के संचालन के लिए आगमन संस्था को और हेलीकॉप्टर सेवा के लिए जेट सर्व एविएशन प्रालि व ट्रांस भारत एविएशन प्रालि को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किया जाएगा। फैम ट्रिप्स के माध्यम से देश-विदेश से आए 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने खजुराहो, पन्ना, ओरछा, भीमबेटका, मढ़ई, पचमढ़ी, इंदौर, महेश्वर, मांडू, उज्जैन, जबलपुर, कान्हा, पेंच और भोपाल के पर्यटन स्थलों का अनुभव किया। इन यात्राओं में प्रतिनिधियों ने स्थानीय जीवनशैली, लोककला, हस्तशिल्प और ग्रामीण परिवेश से जुड़कर 'अतुल्य मध्य प्रदेश' की असली आत्मा का अनुभव किया। इस भव्य आयोजन से मध्य प्रदेश पर्यटन के प्रचार-प्रसार को नई गति मिलेगी और राज्य में निवेश के अवसरों में वृद्धि होगी। 

रंगनाथन ने कोर्ट में कहा-अपराध की जानकारी नहीं, SIT ने शुरू की गहन पूछताछ

भोपाल  मध्य प्रदेश के 23 बच्चों की जान लेने वाले कोल्ड्रिफ कफ सीरप की निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मास्युटिकल के मालिक जी. रंगनाथन को परासिया की स्थानीय कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। चेन्नई से गिरफ्तार कर एसआइटी शुक्रवार सुबह उसे लेकर परासिया पहुंची। शाम करीब पांच बचे कड़ी सुरक्षा के बीच उसे न्यायाधीश संतोष उइके की कोर्ट में प्रस्तुत किया। यहां पुलिस ने पूछताछ के लिए 10 दिन की पुलिस हिरासत की मांग की। इस पर कोर्ट ने सहमति देते हुए उसे 20 अक्टूबर (10 दिन) तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मीडिया के प्रश्नों पर रंगनाथन ने कहा, 45 वर्षों से यही काम (दवा बनाने का) कर रहा हूं। और कुछ नहीं कहना। कोल्ड्रिफ की बिक्री के लालच ने ले ली बच्चों की जान दवा कंपनियों, डाक्टरों और दवा विक्रेताओं के बीच गठजोड़ पुराना है। यह कई बार सामने आ चुका है कि कंपनियां अपनी दवाएं लिखने के लिए डाक्टरों को महंगे उपहार और परिवार सहित विदेश में छुट्टियों तक का लुभावना प्रस्ताव भी देती हैं। मध्य प्रदेश में अमानक कोल्ड्रिफ सीरप से 23 बच्चों की मृत्यु के मामले में भी कुछ ऐसा ही है। आरोपित डा. प्रवीण सोनी का इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भले ही बचाव कर रहा हो लेकिन जांच में यह सामने आया है कि डा. प्रवीण सोनी ने सभी बच्चों को कोल्ड्रिफ ही लिखा। यह उसकी पत्नी ज्योति के स्वामित्व वाले संचालित मेडिकल स्टोर से बेचा गया। दरअसल, जहरीला कफ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक रंगनाथन गोविंदन को शुक्रवार को चेन्नई से गिरफ्तार कर परासिया लाया गया था. शाम करीब 5:30 बजे उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शैलेन्द्र उईके की अदालत में पेश किया गया. इस दौरान आरोपी रंगनाथन ने अपनी पैरवी खुद की. उसने कहा- मैं हार्ट पेशेंट हूं, हाई ब्लड शुगर और हाई बीपी का भी मरीज हूं. मेरी कंपनी के सिरप की सप्लाई तीन राज्यों में होती है, वहां से किसी ने कोई शिकायत नहीं की है. मुझे कोई जानकारी नहीं आरोपी रंगनाथन गोविंदन की दलील के बाद कोर्ट ने उससे पूछा कि तुम्हें किस अपराध में गिरफ्तार किया गया है? इस पर रंगनाथन पहले तो चुप रहा, फिर कुछ देर बाद कहा- मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है. इसके बाद अदालत ने उसे 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया. परिजनों के भी बयान दर्ज इधर, मामले की जांच कर रही पुलिस की टीम ने उन परिजनों के बयान दर्ज किए हैं जिनके बच्चों की मौत किडनी फेलियर के कारण हुई है. कुछ बच्चों के परिजन खुद बयान देने थाने पहुंचे, जबकि कुछ को पुलिस लेकर आई. बयान दर्ज होने के दौरान आरोपी रंगनाथन थाने में ही मौजूद था. इससे पहले पुलिस सुबह 11 बजे उसे थाने लेकर आई थी. 5 घंटे की लंबी पूछताछ बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया था. एसआईटी को फरार कर्मचारी की तलाश मामले की जांच कर रही एसआईटी अब श्रीसन फार्मा से जुड़े डिस्ट्रीब्यूटर्स, सप्लायर्स और कंपनी के डायरेक्टर्स पर नजर रख रही है. कंपनी के 10 से ज्यादा फरार कर्मचारी और कारोबारियों को लगातार तलाश किया जा रहा है. ये सभी कांचीपुरम की कफ सिरप फैक्ट्री में काम करते थे. आरोपी ने खुद पैरवी की, बोला- क्याें गिरफ्तार किया जानकारी नहीं रंगनाथन गोविंदन (75) को यह भी नहीं पता कि उसे किस जुर्म में पकड़ा गया है। चेन्नई से गिरफ्तार कर परासिया लाए गए रंगनाथन को शुक्रवार शाम 5:20 बजे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शैलेन्द्र उईके की अदालत में पेश किया गया। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्याम साहू ने बताया कि किसी भी वकील ने रंगनाथन की पैरवी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद रंगनाथन ने पैरवी खुद की। कहा- ‘मैं हार्ट पेशेंट हूं, हाई ब्लड शुगर और हाई बीपी का मरीज हूं। मेरी कंपनी के सिरप की सप्लाई पांच राज्यों में होती है, वहां से किसी ने शिकायत नहीं की।’ जब कोर्ट ने पूछा- ‘तुम्हें किस जुर्म में गिरफ्तार किया गया है?’ इस पर रंगनाथन चुप हो गया। कुछ देर बाद बोला- ‘मुझे कोई जानकारी नहीं है।’ कोर्ट ने उसे 10 दिन की पुलिस रिमांड (20 अक्टूबर तक) पर भेज दिया। पुलिस ने उन परिजनों के बयान दर्ज किए हैं जिनके बच्चों की मौत किडनी फेलियर के कारण हुई थी। कुछ परिजन खुद बयान देने थाने पहुंचे, जबकि कई को पुलिस लेकर आई। बयान दर्ज होने के दौरान आरोपी रंगनाथन थाने में ही मौजूद था। इससे पहले पुलिस सुबह 11 बजे थाने लेकर आई थी। 5 घंटे पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। डॉक्टर और कंपनी के बीच संबंधों की पड़ताल जांच का एक अहम हिस्सा यह भी होगा कि कंपनी का डॉक्टर प्रवीण सोनी से क्या सीधा संपर्क रहा था। स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट में डॉक्टर सोनी का नाम पहले ही सामने आ चुका है, जिन पर इलाज के दौरान बच्चों को वही सिरप देने का आरोप है जो जहरीला पाया गया था। SIT अब इस कड़ी को जोड़ने की कोशिश करेगी कि क्या डॉक्टर और कंपनी के बीच कोई आर्थिक या कारोबारी संबंध रहा है। प्रतिबंधित दवा निर्माण का खुलासा भी होगा जांच एजेंसियों को यह भी संदेह है कि श्रीसन कंपनी लंबे समय से प्रतिबंधित या अमानक कफ सिरप का निर्माण कर रही थी। अब रिमांड के दौरान गोविंदन से यह स्पष्ट कराया जाएगा कि ऐसी दवा का उत्पादन कब से चल रहा था, उसमें कौन-कौन से रसायन उपयोग किए गए, और निर्माण के बाद दवा की गुणवत्ता जांच किस स्तर पर की जाती थी। आरोपी से पूछताछ जारी एसपी अजय पांडे ने बताया कि आरोपी रंगनाथन गोविंदन को 10 दिन की रिमांड पर लिया है. अब उससे पूछताछ की जा रही है. पता लगाया जा रहा है कि कफ सिरप कोल्ड्रिफ में जहरीला डायइथिलीन ग्लाइकोल कब से मिलाया जा रहा था, इसे कहां-कहां सप्लाई किया गया. नागपुर के डॉक्टर ने 16 सितंबर को ही बताया था दवा से खराब हो रही किडनी मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और बैतूल में अमानक कोल्ड्रिफ सीरप से 23 बच्चों की मौत के मामले में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। 'डेथ"का अलर्ट देने वाले नागपुर के कलर्स अस्पताल के … Read more

दिनदहाड़े गोलीकांड: मेडिकल स्टोर मालिक को बनाया निशाना, पुलिस ने शुरू की जांच

तरनतारन  तरनतारन में एक बड़ी घटना सामने आई है। दरअसल, हलका खेमकरण के अंतर्गत भिखीविंड में बलेर रोड पर स्थित बाबा दीप सिंह जी मेडिकल स्टोर के मालिक वरिंदर सिंह पुत्र फकीर सिंह निवासी माड़ी मेघा के साथ गोलीबारी की घटना घटी। जानकारी के अनुसार, वरिंदर सिंह अपनी दुकान पर लौट रहा था, तभी पीछे से आए मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने उसकी जांघों में गोली मार दी। इस दौरान वरिंदर सिंह घायल हो गया और उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल, गोलीबारी करने वाले मोटरसाइकिल सवार दोनों लोगों की पहचान नहीं हो पाई है। इस संबंध में भिखीविंड थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।