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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोटेगांव पहुंचकर मंत्री पटेल की माताजी के निधन पर दी श्रद्धांजलि

शोकाकुल परिजन से मिलकर दी सांत्वना भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को नरंसिहपुर जिले के गोटेगांव में पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल के निवास पहुंचे और उनकी पूज्य माताजी श्रीमती यशोदा पटेल के निधन पर गहन शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत श्रीमती यशोदा पटेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने दुख की इस कठिन घड़ी में शोकाकुल पटेल परिवार से भेंटकर उन्हें सांत्वना दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दिवंगत माताजी से पूर्व में भेंट हुई थी। किसी के भी जीवन में मां की कोई प्रतिपूर्ति नहीं हो सकती है। मंत्री श्री प्रहलाद एवं परिजनों ने माताजी की हर जरूरत का हमेशा ध्यान रखा। माताजी का आशीर्वाद सदैव हम सबको मिलता रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा को मोक्ष प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार और वे स्वयं व्यक्तिगत रूप से दु:ख की इस घड़ी में पटेल परिवार के साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिवंगत माताजी सादा जीवन, उच्च विचार की प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने धर्मपरायण और सात्विक जीवन जिया। उनके आचार-विचार हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। इस दौरान स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, विधायक श्री महेन्द्र नागेश, वरिष्ठ समाजसेवी श्री मुलायम सिंह पटेल, श्री सरदार सिंह पटेल, पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, कमिश्नर जबलपुर श्री धनंजय सिंह भदौरिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बावड़िया पहुंचकर शोक संवेदना प्रकट की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को हरदा जिले के ग्राम बावड़िया में श्री राजेंद्र सिंह राजपूत के निवास पर पहुँचकर उनके पिता स्व. दयाराम राजपूत के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने और शोक संतप्त परिवार को दुख की इस घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। इस दौरान केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री डी.डी. उइके, म.प्र. के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन विभाग मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री श्री कमल पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गजेन्द्र शाह, पूर्व विधायक टिमरनी श्री संजय शाह सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।

स्मार्ट मीटर की वजह से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी, बिजली विभाग ने क्यों किया ये कदम?

सुलतानपुर उपभोक्ताओं की बिल संबंधी समस्या के निदान और अन्य सहूलियतों के लिए बिजली विभाग की ओर से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। ये मीटर सुविधा के बजाय संकट का कारण बन गए हैं। उपभोक्ताओं के पास अचानक बैलेंस समाप्त होने का संदेश आ रहा, जिससे उन्हें जोर का झटका लगता है। बिना आवेदन या सहमति के मीटर प्रीपेड कैसे हो जा रहे, इसको लेकर उपभोक्ता परेशान हैं। विभागीय अधिकारी गोलमोल जवाब दे रहे हैं। जिले में अब तक 27725 स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, इनमें 10775 प्रीपेड हो चुके हैं। प्रीपेड हुए मीटरों वालों उपभोक्ताओं के यहां बकाया माइनेस में दिखाकर कनेक्शन काटने का संदेश आ रहा है। ग्राहकों का कहना है कि मीटर की रीडिंग तेज चल रही है, जिससे कई गुणा अधिक बिल आ रहा है। ऐसे पीड़ित उपभोक्ता बिजली उपकेंद्रों का चक्कर काट रहे हैं। प्रस्तुत है यह रिपोर्ट…   केस एक: निजामपट्टी निवासी पूनम पटवा ने एक किलोवाट का कनेक्शन लिया है। बीते मार्च में उनके यहां स्मार्ट मीटर लगाया गया। तीन माह तक बिल नहीं आया। जून में 47 हजार का बिल आया। लोड के हिसाब से कई गुणा अधिक बिल आने से वह परेशान हैं। बीते दिनों उनके कनेक्शन नंबर 9615823582 पर बैलेंस समाप्त और माइनस 770.3 होने पर विच्छेदन से बचें, तुरंत रिचार्ज कराने का संदेश आया, तो वे चौंक गईं। ऐसा तब है जबकि प्रीपेड के लिए कोई सहमति या आवेदन नहीं लिया गया। केस दो: जेल रोड निवासी हरिश्चंद्र श्रीवास्तव का एक किलोवाट का कनेक्शन है। बताया कि फरवरी में उनके यहां स्मार्ट मीटर लगाया गया था। पहले की अपेक्षा इस मीटर से बिल काफी अधिक आ रहा है। कुछ दिनों पहले उनके कनेक्शन संख्या 5120672000 पर बैलेंस समाप्त और रिचार्ज करने संबंधी संदेश आया। तब से परेशान हैं। केस तीन: चुनहा निवासी चंदा देवी ने भी एक किलोवाट का ही कनेक्शन लिया है। इनके भी मोबाइल पर बैलेंस समाप्त माइनस 1828.27 का संदेश आया है। उनके बेटे भोले ने बताया कि इससे अच्छा पहले वाला ही मीटर था। बिल सही कराने के लिए दौड़ रहा हूं। कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। मुख्यालय से प्रीपेड होते मीटर अधिशासी अभियंता विद्युत परीक्षण खंड आरएस वर्मा ने बताया कि घरों और प्रतिष्ठानों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर पावर कारपोरेशन से संचालित किए जा रहे हैं। वहीं से प्रीपेड किए जा रहे हैं। यहां से मीटरों की निगरानी की जाती है। उन्होंने बताया कि ज्यादा बिल आने की शिकायत आने पर चेक मीटर लगाकर जांच की जाती है।  

‘चिराग’ योजना के तहत हरियाणा में EWS बच्चों के लिए फंड जारी, स्कूलों को सीधे मिलेगा भुगतान

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) श्रेणी के विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति के लिए 1 करोड़ 24 लाख 87 हजार 200 रुपये जारी किए हैं। यह राशि मुख्यमंत्री हरियाणा समान शिक्षा राहत, सहायता व अनुदान (चिराग) योजना के अंतर्गत दी जा रही है। इस धनराशि से निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे ईडब्ल्यूएस छात्रों की अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक की पूर्ण फीस की प्रतिपूर्ति की जाएगी। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह भुगतान जिलेवार किया जाएगा। सबसे अधिक राशि सिरसा जिले को 23 लाख 62 हजार 800 रुपये मिलेगी, जबकि हिसार को 18 लाख 74 हजार 400 और भिवानी को 17 लाख 55 हजार रुपये मिलेंगे। इसके अलावा फरीदाबाद को 7 लाख 12 हजार 800 और जींद को 17 लाख 68 हजार 800 रुपये का भुगातन होगा। करनाल को 5 लाख 28 हजार, नूंह को 16 लाख 23 हजार 600, सोनीपत को 9 लाख 37 हजार, कुरुक्षेत्र को 3 लाख 16 हजार 800, पानीपत को 5 लाख 1 हजार 600, अंबाला और रेवाड़ी को 52-52 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि वे लंबे समय से इस प्रतिपूर्ति का इंतजार कर रहे थे। सरकार की ओर से भुगतान में देरी के कारण उन्हें वित्तीय मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। कई स्कूल संचालकों ने तो हाल ही में सरकार को अल्टीमेटम तक दे डाला था कि यदि शीघ्र राशि जारी नहीं हुई तो वे नए शैक्षणिक सत्र में ईडब्ल्यूएस छात्रों का दाखिला रोकने पर मजबूर होंगे। शिक्षा विभाग ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यह व्यय स्वीकृत बजट के भीतर ही किया जाएगा और नियमों के अनुरूप खर्च होना चाहिए। यह राशि ‘2202-जनरल एजुकेशन-02 सेकेंडरी एजुकेशन-110 असिस्टेंस टू नॉन-गवर्नमेंट सेकेंडरी स्कूल्स (94) चीफ मिनिस्टर पॉलिसी फॉर इक्वल एजुकेशन रिलीफ, 34 अदर चार्जेज’ हेड से देय होगी। इस निर्णय से राज्य के हजारों ईडब्ल्यूएस छात्रों और निजी स्कूलों को बड़ी राहत मिलेगी। शिक्षा विभाग के निदेशक जितेंद्र कुमार ने कहा है कि विभाग सुनिश्चित करेगा कि राशि निर्धारित समय में ही स्कूलों तक पहुंचे और छात्र निर्बाध शिक्षा प्राप्त कर सकें। निजी स्कूल संचालक अब उम्मीद कर रहे हैं कि भविष्य में सरकार समय पर प्रतिपूर्ति की राशि जारी करेगी, ताकि गरीब बच्चों की पढ़ाई पर कोई असर न पड़े और स्कूलों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।

जीएसपी में सेंट्रल जोन की वर्कशॉप में भविष्य की स्किलिंग और शिक्षा-प्रशिक्षण एकीकरण पर हुआ मंथन

भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने अपने वर्चुअल संदेश में कहा कि विभिन्न राज्यों और संस्थानों की सक्रिय भागीदारी हमारे मज़बूत स्किलिंग इकोसिस्टम की झलक है। उन्होंने एनसीवीईटी को बधाई देते हुए कहा कि अवार्डिंग बॉडीज और असेसमेंट एजेंसियों के लिए नए मानक तय किए गए हैं। योग्यताओं को राष्ट्रीय कौशल योग्यताओं के ढाँचे (NSQF) से जोड़ा गया है साथ ही प्रशिक्षकों व अवसरों के प्रशिक्षण की व्यवस्था को सशक्त बनाया गया है। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि ये सुधार न केवल युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ा रहे हैं, बल्कि सॉफ्ट स्किल्स और जीवन कौशल के माध्यम से आधुनिक उद्योगों और तकनीकी क्षेत्रों में नए अवसर भी खोल रहे हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश की पहल, जैसे संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क और राज्य कौशल विकास मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि कौशल विकास एक कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं के सशक्तिकरण का मिशन है, जो विकासित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएगा। नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (एनसीवीईटी), भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा मध्यप्रदेश शासन के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग और संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल के सहयोग से सोमवार को सेंट्रल जोन के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग एवं अवेयरनेस वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वर्कशॉप का उद्देश्य कौशल विकास एवं प्रशिक्षण (VET) इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाना, गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करना और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के अनुरूप वोकेशनल एजुकेशन के एकीकरण को गति देना है। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने वीडियो संदेश में कहा कि कौशल विकास केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्रीय अनिवार्यता है और भारत के भविष्य को गति देने वाली ताकत है। उन्होंने एनसीवीईटी द्वारा आयोजित जोनल वर्कशॉप की श्रृंखला को सराहते हुए कहा कि ये प्लेटफॉर्म अवार्डिंग बॉडीज, उच्च शिक्षा संस्थानों, राज्य बोर्ड्स और स्किल मिशन्स को साझा अनुभव और दिशा प्रदान करते हैं। राज्यमंत्री श्री चौधरी ने नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क, NEP 2020 में स्किल्स के एकीकरण, पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत नए जॉब रोल्स तथा Skilling for AI Readiness (SOAR) पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत को “भविष्य की स्किल राजधानी” बनाने के लिए हर युवा को वैश्विक प्रतिस्पर्धा योग्य कौशल से लैस करना आवश्यक है। श्री विनीता अग्रवाल, कार्यकारी सदस्य, एनसीवीईटी ने कहा कि एनसीवीईटी राष्ट्रीय रेगुलेटर के रूप में गुणवत्ता मानकों की सुरक्षा और पहचान ढांचे की मजबूती पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा को न केवल रोजगारपरक बल्कि युवाओं के लिए आकर्षक बनाने की आवश्यकता है। श्री नीना पाहुजा, कार्यकारी सदस्य, एनसीवीईटी ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, जीवन कौशल, उद्योग सहयोग और एआई जैसी नई स्किल्स के एकीकरण पर बल दिया। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह ने कहा कि कौशल विकास, कौशल उन्नयन और क्षमता निर्माण ही भारत की विकास यात्रा की वास्तविक आधारशिला है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि युवाओं को उद्योग-संबंधित कौशल से सशक्त करना न केवल देश की कार्यशक्ति को मजबूत बनाता है, बल्कि नवाचार, उत्पादकता और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करता है। तकनीकी सत्रों में एनसीवीईटी, एमएसडीई और विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रक्रियागत सुधार, सामान्य लागत मानक, और केंद्र-राज्य स्किलिंग पहलों के समन्वय पर विस्तृत विचार साझा किए। पैनल चर्चाओं में शिक्षा और उद्योग के विशेषज्ञों ने वोकेशनल एजुकेशन को उच्च शिक्षा और सामान्य शिक्षा के साथ जोड़ने, नवाचार अपनाने और युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने की दिशा में विचार प्रस्तुत किए। वर्कशॉप में सभी प्रतिभागियों ने इस संकल्प को दोहराया कि सरकार, नियामक संस्थाएं, उद्योग और शिक्षा जगत मिलकर केंद्रीय क्षेत्र में एक भविष्य कार्यबल तैयार करेंगे और भारत को वैश्विक कौशल शक्ति बनाने में सहयोग करेंगे।  

सजग पुलिस ने मंदिर डकैती रचने वालों को पकड़ा, सात साल जेल की सजा

भिंड विशेष न्यायाधीश डकैती क्षेत्र क्रमांक-1 मनोज कुमार तिवारी के न्यायालय ने सोमवार को डकैती की योजना बनाते हुए पकड़े गए पांच आरोपितों को दोषी मानते हुए सात-सात वर्ष का कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन के अनुसार घटना 23 मई 2019 की है। पुलिसकर्मियों ने छिपकर आरोपियों की बातचीत सुनी रात लगभग 11 बजे थाना रौन के प्रभारी अमर सिंह सिकरवार को मुखबिर से सूचना मिली कि बहादुरपुरा और बघेली के बीच स्थित एक ट्यूबवेल पर 4-5 व्यक्ति छिपे हुए हैं। वे कालिका माता मंदिर पर डकैती डालने की योजना बना रहे हैं। सूचना की पुष्टि करने थाना प्रभारी फोर्स मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों ने छिपकर आरोपितों की बातचीत सुनी। वे आपस में चर्चा कर रहे थे कि मंदिर में रहने वाले पुजारी के पास काफी माल होगा और उसी रात वहां डकैती डालनी है।   घेराबंदी कर पांचों आरोपी गिरफ्तार बातचीत सुनने के बाद थाना प्रभारी ने पुलिस फोर्स के साथ चारों ओर से घेराबंदी कर पांचों आरोपितों को मौके पर ही पकड़ लिया। पुलिस ने सुखपाल सिंह उर्फ सुक्कू से 12 बोर की दुनाली बंदूक, 2 कारतूस, राघवेंद्र सिंह उर्फ कन्हैया से 12 बोर की अधिया, एक कारतूस, अतुल सिंह से 315 बोर का कट्टा, एक कारतूस, शैलेंद्र सिंह से 12 बोर की दुनाली बंदूक, 2 कारतूस, पूरन सिंह से 12 बोर की बंदूक, 2 कारतूस जब्त किए। न्यायालय में 8 गवाह पेश किए पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। साथ ही प्रकरण न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में 8 गवाह पेश किए। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल आठ साक्षियों को न्यायालय में परीक्षित कराया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद आरोपित सुखपाल सिंह उर्फ सुक्कू, राघवेंद्र सिंह उर्फ कन्हैया, अतुल सिंह, तीनों निवासी ग्राम बहादुरपुरा थाना रौन, शैलेंद्र सिंह और पूरन सिंह निवासी तखत की गढ़िया जिला भिंड को सात-सात साल की सजा सुनाते हुए 25-25 जुर्माना किया है।  

वीडियो वायरल: MP में अंतरधार्मिक जोड़े के साथ हुई सार्वजनिक मारपीट, पुलिस ने 6 को किया गिरफ्तार

सिवनी रास्ता रोककर युवक से सरेआम मारपीट करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने छह आरोपितों को गिरफ्तार कर 29 सितंबर सोमवार को न्यायालय में पेश कर दिया है। फरार एक अन्य आरोपित की तलाश की जा रही है। मारपीट की घटना 27 सितंबर की दोपहर की बताई जा रही है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार बुर्का पहनी युवती के साथ बस स्टैंड से पैदल जा रहे युवक को कुछ युवक ने रोक लिया। बाद में युवक से मारपीट की गई। मामले की शिकायत पीड़ित ने 28 सितंबर को कोतवाली थाना में दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने सात आरोपितों पर धारा 126(2),296, 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस का अपराध दर्ज कर छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।   युवक से की गई मारपीट कोतवाली थाना प्रभारी किशोर वामनकर ने बताया कि छपारा नांदियाकला निवासी अमन साहू कालेज से टीसी लेकर अपने दोस्त अंकित साहू के साथ बस स्टैंड के पास मेडिकल स्टोर से दवाई लेने पैदल जा रहा था। तभी रास्ते में पड़ोस गांव निवासी बहन की सहेली मिलने पर वह उससे बातचीत करने लगा। इसी बीच छोटी पुलिस लाइन निवासी असीम बैग ने अपनी बाइक से आकर दोनों का रास्ता रोककर पूछा तो किस लड़की के साथ घूम रहा है। इस दौरान गंदी-गंदी गालियां दी गई, जिसका विरोध करने पर असीम बैग और उसके दोस्तों अब्दुल मुजाहिद, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद हस्सान खान, नसीम, साकिब व नोमान ने हाथ-मुक्का से मारपीट की गई। आरोपियों को कोर्ट में किया गया पेश शिकायत पर कार्रवाई करते पुलिस ने छह आरोपितों मुजाहिद पुत्र मुजीब बैग (19) भगतसिंह वार्ड, आदिल पुत्र नूर मोहम्मद (19) हड्डी गोदाम, साकिब पुत्र यूनुस खान (21) पिंजारी मोहल्ला, मोहम्मद नसीम उर्फ अनीस पुत्र शेख रमजान (40) केजीएन कालोनी, मोहम्मद हस्सान पुत्र नूर मोहम्मद (19) भगतसिंह वार्ड, असीम पुत्र अलीम मिर्जा (18) छोटी पुलिस लाइन निवासी को गिरफ्तार कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश कर दिया है। एक फरार आरोपित नोमान की तलाश की जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो इस घटना का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने कहा है कि अवैध गतिविधियों व शहर में गुंडागर्दी कर अशांति फैलाने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी। कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी किशोर बामनकर, एसआई दयाराम शरणागत, एएसआई दिनेश रघुवंशी, जसवंत ठाकुर, आरक्षक अमित रघुवंशी, अजेन्द्र पाल, प्रतीक बघेल, सिध्दार्थ दुबे, दिलीप उइके व आरक्षक चालक इरफान शामिल रहे।

कृषि महाविद्यालय रायपुर में हिंदी पखवाड़े पर चित्रकला एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित

 रायपुर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि महाविद्यालय, रायपुर में हिंदी पखवाड़े के अवसर पर विविध साहित्यिक एवं रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राजभाषा हिंदी प्रकोष्ठ के निर्देशानुसार महाविद्यालय के शिक्षकों के सहयोग से चित्रकला एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे, एनईपी समन्वयक डॉ. एस. बी. वेरुलकर, प्लेसमेंट सेल एवं एन.इ.पी. सारथी  सुश्री अनुष्का चौरसिया के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।     कार्यक्रम के अंतर्गत “नशा मुक्त भारत” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता तथा “विकसित भारत 2047 के निर्माण में हिंदी की भूमिका” विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। महाविद्यालय के 155 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मकता, अभिव्यक्ति कौशल और सामाजिक चेतना का परिचय दिया।          चित्रकला प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने नशा मुक्ति को लेकर सारगर्भित संदेश प्रस्तुत कर समाज को जागरूक करने का प्रयास किया। वहीं वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्रों ने हिंदी भाषा की प्रासंगिकता और उसकी भूमिका पर सशक्त तर्क रखते हुए विकसित भारत 2047 के परिकल्पना में इसकी महत्ता को स्पष्ट किया।     विद्यार्थियों की सक्रिय और ऊर्जावान भागीदारी इस आयोजन की प्रमुख विशेषता रही। हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत यह आयोजन विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्रीय चेतना और संवाद कौशल को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर चयनित विद्यार्थियों को दिनांक 30 सितंबर, 2025 को आयोजित हिंदी पखवाड़ा के समापन दिवस पर पुरस्कृत किया जाएगा।

पंजाब की सियासत में भूचाल: कांग्रेस के भीतर गुटबाज़ी हुई तेज़

जालंधर संगठन सृजन अभियान के तहत जिला कांग्रेस शहरी के प्रधान पद को लेकर मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। जिला कांग्रेस शहरी में “कुर्सी का संग्राम” को लेकर सग्राम चल रहा है और गुटबाजी से हाईकमान चिंतित है। इसी के चलते आब्जर्वर व सह आब्जर्वरों ने फिर कमान संभालनी पड़ी है। कांग्रेस भवन जालंधर में आज ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की तरफ से नियुक्त आब्जर्वर राजेश लिलोठिया ने सभी दावेदारों के साथ एक बार फिर अहम बैठक कर पैनल गठन को लेकर मंथन किया। बैठक में पंजाब प्रदेश कांग्रेस की ओर से नियुक्त सह आब्जर्वर टीना चौधरी, विकास सोनी और शाम सुंदर अरोड़ा भी मौजूद रहे।मीटिंग के अलावा आब्जर्वर और सह आब्जर्वरों ने कई पार्षदों, विभिन्न सेल के पदाधिकारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। इससे संगठनात्मक हालात का जमीनी स्तर पर अंदाजा लगाया जा सके। हालांकि आज भी कई दावेदार अपनी-अपनी लिस्टें और समर्थकों के साथ दबदबा दिखाने में जुटे दिखाई दिए। हाईकमान किस पर भरोसा जताएगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। अब इतना तय है कि इस खींचतान ने कांग्रेस संगठन की अंदरूनी कमजोरी और गुटबाजी को पूरी तरह उजागर कर दिया है। आज आब्जर्वर से मीटिंग करने वाले दावेदारों में जिला कांग्रेस शहरी के प्रधान राजिंदर बेरी, प्रदेश यूथ कांग्रेस के महासचिव दीपक खोसला, प्रदेश कांग्रेस के महासचिव मनु बडिंग, महिला कांग्रेस की कोऑर्डिनेटर डा. जसलीन सेठी, पूर्व पार्षद पति रवि सैनी, पार्षद बंटी नीलकंठ, पार्षद पवन कुमार, कांग्रेस व वाल्मीकि नेता राजेश भट्टी और राजकुमार राजू, युवा नेता संजय सहगल, दिनेश कुमार, हामिद मसीह व अन्य मौजूद रहे। वहीं 16 में से किसी एक को जिला प्रधान बनाए जाने की स्थिति में बाकी 15 दावेदारों में गुटबाजी और धड़ेबंदी की आशंका जताते हुए आब्जर्वर लिलोठिया ने सभी दावेदारों को स्पष्ट अनुशासन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मजबूती और संगठन की एकजुटता सर्वोपरि है। किसी एक के प्रधान बनने पर बाकी दावेदारों को अनुशासन में रहते हुए कंधे से कंधा मिलाकर काम करना होगा। वहीं राजेश लिलोठिया द्वारा प्रत्येक दावेदार से 100-100 समर्थकों की लिस्ट सौंपने के मैसेज के बाद कई दावेदारों ने लिस्टों को मोबाइल नंबरों सहित ऑब्जर्वर को सौंप दिया। उन्होंने साफ कर दिया कि इन समर्थकों से कभी भी संपर्क कर फीडबैक लिया जा सकता है। कुछ दावेदारों ने लिस्ट तत्काल सौंप दी, जबकि कुछ ने 1-2 दिन का समय मांगा। ब्लॉक प्रधानों की राय, ”बेरी को रिपीट करो” आब्जर्वर राजेश लिलोठिया और सह आब्जर्वरों ने जालंधर नॉर्थ, सैंट्रल, वैस्ट और कैंट विधानसभा हलकों के ब्लॉक कांग्रेस प्रधानों में शामिल राजेश जिंदल टोनू, दीपक शर्मा मोना, रछपाल जाखू, हरमीत सिंह, जगदीप सिंह पवार, प्रेम नाथ के साथ भी बैठक की गई। जबकि नॉर्थ हलका-1 के ब्लाक प्रधान जगजीत सिंह कंबोज के अमेरिका में होने के कारण वह मौजूद नहीं हुए। इस दौरान कई ब्लॉक प्रधानों ने साफ राय दी कि 2027 के विधानसभा चुनाव अब महज डेढ़ साल दूर हैं। ऐसे समय जिला प्रधान में बदलाव करना उचित नहीं होगा। उनका कहना था कि मौजूदा जिला प्रधान राजिंदर बेरी को ही रिपीट किया जाए। उन्होंने दलील दी कि यदि अगले विधानसभा चुनाव में बेरी को टिकट मिलती है तो अन्य दावेदारों का पैनल हाईकमान के पास पहले से मौजूद है। उस समय किसी नए चेहरे को जिला प्रधान बनाया जा सकता है। हालांकि, कुछ दावेदारों ने बाद में ऑब्जर्वर से मिलकर इस पर आपत्ति भी जताई। उनका कहना था कि मौजूदा ब्लॉक प्रधानों की नियुक्ति खुद राजिंदर बेरी ने की है, इसलिए उनका झुकाव और समर्थन बेरी के पक्ष में होना स्वाभाविक है।

भोपाल में मंच से कहा—’गैर‑हिंदुओं से प्रसाद मत खरीदो, मिले तो उन्हें सबक सिखाओ’ : साध्वी प्रज्ञा की टिप्पणी.

भोपाल पूर्व भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर का एक बयान सुर्खियों में है। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यक्रम में मंदिरों के पास प्रसाद बेचने वालों पर नजर रखने को कहा है। कहा कि अगर कोई गैर हिंदू प्रसाद बेचता दिखे तो उसकी जितनी पिटाई कर सकते हो पिटाई करो फिर शासन के हवाले करो। भोपाल की पूर्व भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने रविवार को अपने एक बयान से विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने भोपाल में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के एक कार्यक्रम में हिंदू श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे ग्रुप बनाकर जांच करें कि मंदिरों के आसपास कौन प्रसाद बेच रहा है। अगर प्रसाद बेचने वाला हिंदू नहीं हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई करें। प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि अगर आपको कोई गैर-हिंदू प्रसाद बेचता हुआ मिले तो उसकी जितनी पिटाई कर सकते हो करो और फिर शासन के हवाले कर दो। उन्होंने आगे कहा कि श्रद्धालुओं को गैर-हिंदू विक्रेताओं से प्रसाद खरीदने से मना कर देना चाहिए और उन्हें इसे बेचने या मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। उन्होंने घरों को हथियारबंद करने की बात दोहराते हुए कहा कि हां, मैंने कहा था कि आपको अपने घरों में हथियार रखने चाहिए। मैंने आग्रह किया कि हथियार धारदार रखे जाएं ताकि परिवार अपनी रक्षा कर सकें। उन्होंने कहा कि अगर दुश्मन आपके घर की दहलीज पार करे तो उसे दो टुकड़े कर दो। उन्होंने आगे कहा कि जब हमारी बेटियों और बहनों को उनके घरों से उठाया जाता है, उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े करके सड़क पर बिखेर दिए जाते हैं, तो हमें बहुत पीड़ा होती है। इस पीड़ा को दूर करने के लिए जब दुश्मन आपके घर की दहलीज लांघने की कोशिश करे तो आपको उन्हें बीच से काट देना चाहिए। दुर्गा वाहिनी का काम हर घर में एक दुर्गा तैयार करना है। हर घर में हथियार रखने का आह्वान करना है। हम हर घर में नियम और कानून का पालन करते हैं, क्योंकि यह देश हमारा है। प्रज्ञा ठाकुर ने अपने भाषण में राष्ट्रवादी विषयों का हवाला दिया। उन्होंने उन लोगों की आलोचना की जिन्होंने राष्ट्र की सांस्कृतिक परंपराओं को विफल बताया।