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मध्यप्रदेश को एक और सोने की सौगात: कटनी में जल्द शुरू होगा खनन, इमलिया गोल्ड ब्लॉक तैयार

कटनी   मध्य प्रदेश की धरती बहूमूल्य खनिज तत्वों से भरी पड़ी है. पन्ना में हीरे की खदानें कई सालों से चल रही हैं. पन्ना से सटे छतरपुर जिले में बहुतायत मात्रा में हीरे के भंडार मिले हैं. अब मध्य प्रदेश में सोने के भंडार भी लगातार मिल रहे हैं. हाल ही में सिंगरौली में सोने का खनन करने के लिए सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. अब कटनी में सोने का भंडार मिला है. सिंगरौली के साथ ही कटनी में सोने के खनन का काम शुरू किया जा रहा है. मुंबई की कंपनी से कटनी प्रशासन का एमओयू कटनी जिले के स्‍लीमनाबाद क्षेत्र में इमलिया गोल्‍ड ब्‍लॉक की माइनिंग से जल्‍दी ही स्‍वर्ण खनन का कार्य शुरू हो जाएगा. इसके लिए  शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन कलेक्‍टर आशीष तिवारी और मुंबई की खनिज पट्टा धारक कंपनी प्रोस्‍पेक्‍ट रिसोर्स मिनरल्‍स कंपनी के डायरेक्‍टर अविनाश लांडगे के बीच गोल्‍ड ब्‍लॉक की माइनिंग लीज का एग्रीमेंट हुआ. निजी कंपनी को 50 साल के लिए खदान लीज पर कटनी कलेक्‍टर आशीष तिवारी ने बताया "ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्‍यम से मुंबई की प्रोस्‍पेक्‍ट रिसोर्स मिनरल्‍स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को 50 वर्ष की अवधि के लिए स्‍लीमनाबाद क्षेत्र के ग्राम इमलिया में 6.510 हेक्टेयर क्षेत्र का पट्टा दिया गया है. सोने की खदान शुरू होने से जहां राज्य सरकार का खजाना भरेगा तो वहीं, कटनी जिले में रोजगार की भी संभावना बढ़ गई है." सोने की खदान शुरू होने से कटनी के युवाओं में खुशी की लहर है. कटनी में 14 लाख टन मिनरल्स मिलने की उम्मीद कटनी जिले के खनिज विभाग के उपसंचालक रत्‍नेश दीक्षित ने बताया "कटनी जिले में नये खनिज स्त्रोतों के रूप में स्‍वर्ण (सोना) की खदान में सोने के साथ-साथ बेसमेटल, चांदी, जिंक, लेड (सीसा) और कॉपर भी निकलेगा. जल्‍दी ही कंपनी इमलिया से सोना निकालने के लिये यहां अपना पूरा मशीनरी सिस्‍टम लगाएगी. भू-गर्भशास्त्रियों के प्राथमिक रिपोर्ट में इमलिया गोल्‍ड माइन में करीब 14 लाख टन मिनरल मिलना संभावित है." कटनी जिले में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर कटनी जिले के स्‍लीमनाबाद के इमलिया गोल्‍ड माइंस से उत्‍खनन कार्य शुरू होने के बाद यहां बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर बनंगे. सरकार को भी राजस्‍व से खासी आय प्राप्ति होगी. इससे जिले और समूचे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी. अभी तक केवल कर्नाटक से ही गोल्‍ड की माइनिंग हो रही थी. लेकिन अब मध्‍यप्रदेश के सिंगरौली व कटनी जिले में भी सोने का खनन शुरू होने जा रहा है. कटनी जिले में चूना, बॉक्साइट, लाइमस्‍टोन व क्रिटिकल मिनरल्‍स बहुतायत में उपलब्‍ध है. सिंगरौली जिले में भी सोने का खनन शुरू सिंगरौली जिले में भी चकरिया गोल्ड ब्लॉक के स्वर्ण खनन पर काम शुरू हो गया है. इससे उत्साहित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा ''मध्य प्रदेश के खनन क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है और प्रदेश मिनरल प्रदेश ऑफ इंडिया बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.'' सिंगरौली में सोने के भंडार के खनन के लिए नीलामी प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है. चकरिया गोल्ड ब्लॉक का ई-नीलामी के जरिए प्रक्रिया को पूरा किया जा चुका है. चकरिया गोल्ड ब्लॉक में 23.57 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है. यहां 1 लाख 33 हजार 785 टन सोने के भंडार का अनुमान लगाया गया है. 

मध्यप्रदेश के प्राइवेट स्कूलों का बड़ा फैसला: RTE के तहत पढ़ रहे 10 हजार बच्चों की पढ़ाई 1 अक्टूबर से बंद

भोपाल   मध्यप्रदेशके प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत दर्ज बच्चों की पढ़ाई पर संकट गहरा गया है। प्राइवेट स्कूलों ने आरटीई के तहत दर्ज बच्चों को न पढ़ाने राज्य शिक्षा केन्द्र को अल्टीमेटम दिया है। फीस विवाद इसका कारण बना है। निजी स्कूल संचालकों ने कहा कि 30 सितंबर तक विभाग फीस चुकाए। तीन साल की फीस बकाया है। भोपाल शहर में करीब 12 सौं निजी स्कूलों में करीब 10 हजार बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश हुआ है। एसोसिएशन ने कहा कि फीस न मिली तो बच्चों को पढ़ाने में असमर्थ होंगे। ये है पूरा मामला निजी स्कूल एसोसिएशन के अजीत सिंह के मुताबिक प्राइवेट स्कूलों में सरकार ने आरटीई के तहत बच्चों का दाखिला(RTE School Admission) कराया गया है। प्रदेश में हर साल एक से ज्यादा एडमिशन कराए जा रहे है। इन बच्चों की फीस सरकार देती है। लेकिन करीब तीन साल हो गए। प्रदेश के अधिकांश स्कलों में आरटीई के दाखिलों की फीस की प्रतिपूर्ति नहीं की गई है। स्कूल संचालकों ने कहा त्योहारी सीजन, शिक्षकों का वेतन फीस के भरोसे स्कूल एसोसिएशन के मुताबिक प्राइवेट स्कूल में शिक्षको का वेतन फीस के भरोसे है। प्रतिपूर्ति न होने से त्योहारी सीजन में परेशानी होगी। स्कूलों को आर्थिक परेशानी आ रही है। एसोसिएशन के मुताबिक स्कूल इससे पहले भी फीस की मांग कर चुके है। राज्य शिक्षा केन्द्र को ज्ञापन दिए लेकिन सुनवाई नहीं हुई। एक नजर में     शहर में 1200 निजी स्कूल     आइटीई में 10000 बच्चों का हुआ प्रवेश।     तीन साल से फीस की नहीं हुई प्रतिपूर्ति।     (एसोसिएशन के मुताबिक) 3 साल की फीस बकाया तीन साल की फीस बकाया है। स्कूलों की आर्थिक स्थिति खराब है। तीस सितंबर तक फीस की प्रतिपूर्ति नहीं हुई तो आरटीई के तहत दर्ज(RTE School Admission) बच्चों को प्राइवेट स्कूल पढ़ाने में असमर्थ रहेंगे। राज्य शिक्षा केन्द्र को इसका पत्र दे चुके हैं। – अजीत सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन

साइबर क्राइम पर लगाम लगाने मैदान में उतरेंगे 500 कमांडो, IIT इंदौर में होगी खास ट्रेनिंग

 इंदौर  दुनिया में हर साल 1.5 ट्रिलियन डॉलर की साइबर ठगी हो रही है। भारत 10 वें नंबर पर है। 5 साल में अपराध 238 प्रतिशत बढ़े हैं। सेंटर फॉर साइबर क्राइम ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर, बेंगलूरु के बनाए साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन मैन्युअल के अनुसार, 2029 तक ठगी 15.63 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी। ऐसे में केंद्र सरकार साइबर कमांडो तैयार कर रही है। राज्य सरकार ने भी टीम तैयार करनी शुरू कर दी है। 2028 तक ऐसे 500 कमांडो तैनात किए जाएंगे। इसके लिए आइआइटी इंदौर में 1-2 माह में कोर्स शुरू किया जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान साइबर क्राइम रोकने ये कमांडो तैनात होंगे। मध्यप्रदेश को मिले पांच हाल ही में साइबर सेल के वरिष्ठ अफसरों व एसपी की सेंटर फॉर साइबर क्राइम ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर बेंगलूरु में ट्रेनिंग हुई। सरकार तकनीकी पढ़ाई करने वाले एसआइ व वरिष्ठ अफसरों को ट्रेनिंग दिला रही है। ऐसे 5 हजार कमांडो तैयार करने की योजना है। आइआइटी कानपुर, धनबाद, मद्रास, रुड़की में कोर्स शुरू हो गया है। देश में 50 कमांडो तैयार हुए हैं। पांच मध्यप्रदेश को मिले हैं। 2 करोड़ में एक बैच -प्रस्ताव के अनुसार आइआइटी इंदौर में कमांडो की ट्रेनिंग होगी। -एक बैच में 50 कमांडो तैयार किए जाएंगे। -इस पर करीब दो करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है। अन्य आइटी यूनिवर्सिटी में भी ट्रेनिंग होगी। साइबर अपराध: दुनिया में भारत 10 वें नंबर पर     रूस     यूक्रेन     चीन     यूनाइटेड स्टेट्स     नाइजीरिया     रोमानिया     नॉर्थ कोरिया     यूनाइटेड किंगडम     ब्राजील     भारत (स्रोत: साइबर क्राइम इंडेक्स) साइबर अपराधों से लड़ने के लिए आइआइटी इंदौर में साइबर कमांडो तैयार किए जाएंगे। सरकार को प्रस्ताव भेजा है। अनुमति मिलते ही ट्रेनिंग शुरू करेंगे। सिंहस्थ के पहले सभी जिलों में साइबर कमांडो तैनात किए जाएंगे। – ए. साईं मनोहर, एडीजी, साइबर सेल

कक्षा से खेत तक: प्रोफेसर बनीं ‘मशरूम क्वीन’, जानिए सफलता का मंत्र

सोनीपत हमारे समाज में यह माना जाता रहा है कि खेतीबाड़ी तो सिर्फ पुरुष ही संभाल सकते हैं, मगर सोनीपत की प्रोफेसर सोनिया दहिया ने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत के बूते इस मिथक को तोड़ दिया। सोनिया दहिया एक असिस्टेंट प्रोफेसर हैं जो हरियाणा के सोनीपत जिले से हैं। उन्होंने अपने पति विजय दहिया के साथ मिलकर मशरूम की खेती में जबरदस्त सफलता हासिल की है। सोनिया दहिया को 'हरियाणा की मशरूम लेडी' के नाम से भी जाना जाता है। बायोटेक्नाेलॉजी में पीएचडी सोनिया दहिया मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत हैं। उनके पति विजय दहिया दिल्ली स्थित महाराजा सूरजमल संस्थान में गणित के एसोसिएट प्रोफेसर हैं। कोरोना काल में जब सभी संस्थान बंद थे, तब खाली समय में कुछ नया करने के विचार से सोनिया दहिया ने सोनीपत से सटे अपने गांव बड़वासनी में खाली पड़ी अपनी एक एकड़ जमीन पर मशरूम की खेती करने का आइडिया दिया।  मशरूम फार्म की विशेषताएं सोनिया दहिया के फार्म में हाई-टेक और कंट्रोल्ड एनवायरमेंट में बटन मशरूम उगाए जाते हैं। उनके फार्म में करीब 20 ग्रामीण महिलाएं काम करती हैं जिन्हें स्थायी रोजगार मिला हुआ है। सोनिया दहिया महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का समर्थन करती हैं और उन्हें रोजगार प्रदान करने के लिए प्रयासरत हैं ।   सफलता के मंत्र सोनिया दहिया का मानना है कि व्यवसाय शुरू करने के लिए किसी सही समय का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि शुरुआत करना ही सबसे बड़ा कदम होता है।उन्होंने अपने अनुभव से सीखा है कि मशरूम की खेती करना मुश्किल काम नहीं है और इसकी खेती उन लोगों के लिए अच्छा ऑप्शन है जो पारंपरिक नौकरी को छोड़कर खुद का काम शुरू करना चाहते हैं ⁴।  

पंजाबियों के लिए खुशखबरी: अब इस रूट पर दौड़ेगी वंदे भारत ट्रेन

पंजाब  पंजाब वासियों को रेलवे ने बड़ी सौगात दी है। अब फिरोजपुर से दिल्ली के किए वंदे भारत चलाई जाएगी। जानकारी के अनुसार ये ट्रेन बुधवार को छोड़कर हफ्ते में 6 दिन फिरोजपुर से दिल्ली के बीच चलेगी। इससे यात्रियों को खूब फायदा होगा।  इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है और प्रधानमंत्री मोदी इसे जल्द ही मंजूरी देंगे। इसे लेकर रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने जानकारी दी है। आपको बता दें कि फिरोजपुर के लोगों द्वारा दिल्ली के लिए वंदे भारत चलाने की लंबे समय से मांग की जा रही थी।  केंद्र के इस ऐलान के बाद अब लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। ट्रेन फिरोजपुर कैंट से चलकर बठिंडा, धूरी, पटियाला, अंबाला कैंट, कुरुक्षेत्र और पानीपत होते हुए दिल्ली पहुंचेगी। इसके साथ ही चंडीगढ़-राजपुरा रेलवे लाइन को भी मंजूरी मिल गई है और इससे मालवा क्षेत्र के लोगों को खूब फायदा होगा। यह ट्रैक 18 किलोमीटर लंबा होगा जो मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला से गुजरेगा।   

त्योहारी भीड़ में मिलेगी राहत: रेलवे की ओर से रिकॉर्ड 12,000 स्पेशल ट्रेनें

नई दिल्ली  दीवाली और छठ पूजा पर घर जाने वालों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। इस साल फेस्टिव सीज़न पर घर के जाने वालों के लिए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव  ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि रेलवे का लक्ष्य  इस साल 12000 स्पेशल ट्रेनें चलाने का है, जबकि पिछले साल चलाई गई 7,500 ट्रेनों से काफ़ी ज़्यादा है। यह कदम त्योहारी सीजन में ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। 1 अक्टूबर से 15 नवंबर तक चलेंगी ट्रेनें- रेल मंत्री के अनुसार ये स्पेशनल ट्रेनें 1 अक्टूबर से 15 नवंबर तक चलाई जाएंगी। रेलवे ने अब तक 10,000 स्पेशल ट्रेनों की अधिसूचना जारी कर दी है। इन ट्रेनों में से 150 ट्रेनें पूरी तरह से अनारक्षित होंगी, ताकि आखिरी समय में यात्रा करने वाले यात्रियों को भी परेशानी न हो। वंदे भारत स्लीपर पर अपडेट अश्विनी वैष्णव ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वंदे भारत स्लीपर की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और दूसरी रेक का इंतजार किया जा रहा है, जो 15 अक्टूबर तक आ जाएगी। इसके बाद दो वंदे भारत स्लीपर कमीशनिंग  एक साथ शुरू की जाएंगी। रेल मंत्री ने कुछ नए रूट्स पर चलने वाली ट्रेनों के बारे में भी जानकारी दी है। लखनऊ जंक्शन और सहारनपुर के बीच नई वंदे भारत एक्सप्रेस यात्रा के समय को कम करेगी, जबकि मदार जंक्शन (अजमेर) और दरभंगा के बीच चलने वाली नई साप्ताहिक अमृत भारत एक्सप्रेस निम्न और मध्यम आय वर्ग के यात्रियों के लिए उपयोगी होगी। रेल मंत्री ने यह भी बताया कि भारतीय रेलवे की समय पालनता में सुधार हुआ है।  यह कदम दिवाली और छठ पूजा के दौरान लाखों लोगों की यात्रा को और आसान और सुविधाजनक बनाएगा।  

भ्रष्टाचार पर शिकंजा: सत्येंद्र जैन की करोड़ों की संपत्तियां ED ने जब्त कीं

नई दिल्ली  जाँच के परिणामस्वरूप, ईडी ने 31 मार्च 2022 को सत्येंद्र कुमार जैन के स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था और 27 जुलाई 2022 को अभियोजन शिकायत (पीसी) दर्ज की थी। माननीय न्यायालय ने 29 जुलाई 2022 को पीसी का संज्ञान लिया।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली के पूर्व मंत्री और आप नेता सत्येंद्र कुमार जैन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने कथित रूप से उनके द्वारा नियंत्रित कंपनियों से जुड़ी 7.44 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की हैं। यह कार्रवाई 15 सितंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है। ईडी ने 24 अगस्त को सीबीआई के मामले से सत्येंद्र कुमार जैन, उनकी पत्नी पूनम जैन और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि सत्येंद्र कुमार जैन ने दिल्ली सरकार में मंत्री के रूप में रहते हुए 14 फरवरी 2015 से 31 मई 2017 की अवधि के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित की थी। सीबीआई ने 3 दिसंबर 2018 को सत्येंद्र कुमार जैन, पूनम जैन और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। जांच के बाद, ईडी ने 31 मार्च 2022 को सत्येंद्र कुमार जैन के स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया और 27 जुलाई 2022 को अभियोजन शिकायत (पीसी) दर्ज की थी। कोर्ट ने 29 जुलाई 2022 को पीसी का संज्ञान लिया।  

मध्यप्रदेश बना ई-पंजीयन व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को संपदा 2 के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने के लिए मंत्रीगण ने दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भारत सरकार द्वारा संपदा 2 के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार 2025 से सम्मानित करने पर उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी अभिवादन किया। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा सहित सभी मंत्रीगण ने बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक में पहले अपने संबोधन में कहा कि संपदा-2 से पेपरलेस-फेसलेस रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी बना है। मध्यप्रदेश, ई-पंजीयन व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। यह प्रणाली नागरिकों को बिना कार्यालय आए, सुरक्षित और सरल पंजीयन की सुविधा देती है। मध्यप्रदेश ने डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत अस्पतालों में साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा जिलों के सभी अस्पतालों में साफ-सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट की दर से प्राप्त होगी बिजली मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा पखवाड़ा में नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश को महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। मुरैना में पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के माध्यम से 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली प्राप्त होगी। ई-रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया से प्राप्त यह प्रति यूनिट दर, देश में न्यूनतम है। मध्यप्रदेश पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर के चार अवार्ड मिलने पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर के चार अवार्ड मिलने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश टूरिज्म के नवाचार किडजानिया एक्सपीरियंस सेंटर को मेडैक्स गोल्ड अवार्ड प्राप्त हुआ है। यह अवार्ड बेस्ट एक्सपीरियंशियल मार्केटिंग कैंपेन और बेस्ट ट्रैवल एंड टूरिज्म मार्केटिंग कैंपेन श्रेणी में मिला है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड को दो प्रतिष्ठित अवार्ड क्रमशः बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड अवार्ड और गोल्डन बैनयन अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा का पीएम मित्रा पार्क की सौगात के लिए माना आभार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई पीएम मित्रा पार्क की सौगात के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पार्क लगभग 2158 एकड़ में विकसित होगा और यहां विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस पार्क के लिए देश की अग्रणी टेक्सटाइल कंपनियों ने 23 हजार 146 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। पार्क से लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे और कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों को लाभ होगा। नवरात्रि के पहले दिन से आरंभ हुआ जीएसटी बचत उत्सव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा सशक्त नारी सशक्त परिवार और पोषण अभियान का आरंभ भैसोला धार से किया गया, यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भैसोला धार से आदि सेवा पर्व प्रारंभ करने, एक बगिया मां के नाम अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में जागरूकता के लिए सुमन सखी चैटबॉक्स की लॉन्चिंग, एक करोड़वें सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं कॉउंसलिंग कार्ड के वितरण, 15 लाख हितग्राही महिलाओं के खातों में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की 400 करोड़ रुपए राशि से अधिक के अंतरण के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवरात्रि के प्रथम दिवस से जीएसटी सुधार लागू करने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे देश के सभी वर्गों को लाभ होगा, यह देश का जीएसटी बचत उत्सव है।  

दिव्यांगजन मानव अधिकार संरक्षण में सांकेतिक भाषा सहायक : मंत्री कुशवाहा

दिव्यांगजन में है दिव्य-शक्ति विद्यमान भोपाल  सामाजिक न्याय दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा है कि "सांकेतिक भाषा मानव अधिकारो के संरक्षण में सहायक होती है।" उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन में दिव्य शक्तियां विद्यमान हैं, केवल उन्हें अवसर की आवश्यकता है। मंत्री श्री कुशवाहा सामाजिक न्याय विभाग के सभागार में राज्य स्तरीय सांकेतिक भाषा दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री कुशवाहा ने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार संरक्षण के लिए राज्य से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास जारी हैं, इसी कड़ी में यूनाइटेड नेशन द्वारा 2017 में 23 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इसी दिन प्रति वर्ष सांकेतिक भाषा दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सामाजिक न्याय विभाग सांकेतिक भाषा को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से साइन लेंग्वेज पर कार्य किया जा रहा है। जो संस्थाएं इस क्षेत्र में काम कर रही हैं, उन्हें केंद्र और राज्य सरकार द्वारा आर्थिक अनुदान के साथ अन्य सहयोग प्रदान किया जा रहा हैं। मध्यप्रदेश में डेफ केन फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे प्रयास प्रशंसानीय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के समृद्ध भारत के सपने को साकार बनाने में दिव्यांगजन की भागीदारी भी आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा 'विकलांगता' के स्थान पर 'दिव्यांगता' शब्द दिया गया है। इसका आशय है कि दिव्यांगजन में देवीय-कृपा से दिव्य शक्तियाँ हैं। यह वर्ग खेलकूद से लेकर हर क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि डेफ फाउंडेशन द्वारा मूकबधिर वर्ग को दो और चार पहिया वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस बनाने तथा मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम की पुस्तकों की ब्रेनलिपि में बनाने की माँग पर शासन स्तर पर शीघ्र विचार किया जायेगा। विधायक श्री भगवानदास सबनानी ने कहा कि दिव्यांगजन में प्रतिभा की कमी नहीं है, वह हम सब की तरह सामान्य जीवन जी सकते है। मूकबधिर होने की स्थिति में अपनी भावनाऐं शब्दों से नहीं सांकेतिक भाषा में व्यक्त करते है। चिकित्सा के क्षेत्र में नये अविष्कार और खोज से अब इनका इलाज संभव हो पा रहा है। यह सुखद समाचार है। परशुराम बोर्ड के अध्यक्ष पं. विष्णु राजौरिया ने कहा कि सांकेतिक भाषा, मूकबधिर जन के लिये संजीवनी है। उन्होंने कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाली संस्थाओं के बच्चों और प्रशिक्षकों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में डेफ केन फाउंडेशन की श्रीमती प्रीति सोनी द्वारा तैयार किया गीत, अशासकीय संस्था माधुरी आयाम, अशासकीय संस्था उमंग गौरव दीप और आशा निकेतन के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। साथ ही बच्चों को स्मृति चिंह देकर प्रोत्साहित भी किया गया।  

विकसित भारत का संकल्प पूरा करने में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका : जल संसाधन मंत्री सिलावट

भारत रत्न सर श्री विश्वेश्वरैया की प्रतिमा का किया अनावरण भोपाल  जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत रत्न सर श्री मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैया विलक्षण प्रतिभा के धनी, दूरदृष्टा और अत्यंत कुशल अभियंता थे, जिन्होंने संघर्षों के बीच कार्य करते हुए उत्कृष्ट अभियांत्रिकी के मानदण्डों को स्थापित किया। उनसे प्रेरणा लेकर सभी अभियंता पूरी निष्ठा, भाव और समर्पण के साथ देश के विकास में अपना पूरा योगदान दें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जल अभियांत्रिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहा है। जल संरक्षण में देश में प्रदेश अव्वल है। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट मंगलवार को प्रमुख अभियंता जल संसाधन कार्यालय परिसर में सर श्री मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैया की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर प्रतिवर्ष उत्कृष्ट कार्य करने वाले 5 अभियंताओं को सम्मानित करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभियंता एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि सर श्री विश्वेश्वरैया की कर्मठता, विद्वता, कौशल और समर्पण ने आधुनिक भारत के निर्माण की मजबूत नींव रखी। उनके द्वारा अभियांत्रिकी क्षेत्र में किये गये कार्य भविष्य में भी अभियंताओं के लिये प्रेरणा-स्रोत रहेंगे। जल प्रबंधन के क्षेत्र में उनका कार्य अद्वितीय है। आज उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया है, जो हमें निरंतर उनके कार्यों की याद दिलाती रहेगी। वे भारत के गौरव थे, आज उन्हें पूरा विश्व याद करता है। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जल संसाधन, जल प्रबंधन और जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हो रहा है। प्रदेश में 3 बड़ी परियोजनाओं केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल और तापी मेगा रीचॉर्ज पर कार्य हो रहा है। ये परियोजनाएँ पूरे प्रदेश की तस्वीर बदल देंगी। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर लगभग 52 लाख हेक्टेयर हो गया है। अगले वर्ष तक इसे 65 लाख हेक्टेयर और वर्ष 2027 तक 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। राजगढ़ जिले की मोहनपुरा-कुण्डालिया परियोजना जल संरक्षण की विलक्षण परियोजना है। गत दिनों प्रदेश में चलाया गया 'जल गंगा संवर्धन अभियान' अत्यंत सफल रहा। 'एक पेड़ माँ के नाम' पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण अभियान है। हर खेत तक पानी पहुँचाना हमारा संकल्प है। भारत की आत्मा गाँव में बसती है और सिंचाई का रकबा बढ़ने से गाँव समृद्ध होंगे और देश भी समृद्ध होगा। अभियंताओं को किया सम्मानित जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने विभाग के पूर्व और वर्तमान अभियंताओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रमुख अभियंता श्री विनोद कुमार देवड़ा, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता श्री राजीव शुकलेकर, श्री आर.के. तिवारी, श्री एम.एस. डाबर, श्री भरत गोस्वामी ने भी संबोधन दिया।