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वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण का कार्यक्रम किया गया

पलेरा हलकाई कुशवाहा ने बताया कि वन विभाग जतारा वन प्रशिक्षण अलपुर प्रताप नगर बेड क्रमांक 2 वृक्षारोपण कार्य वन परीक्षित बेड गार्डन एवं वन अधिकारी के द्वारा वृक्षारोपण का कार्य हुआ संपन्न वन विभाग के इस पहल की सराहना भी की जा रही है कई पौधे लगाए गए इसमें फलदार के साथ-साथ अन्य कोई भी पौधे सम्मिलित रहे

स्टॉप डायरिया 2025 अभियान के तहत ग्राम चांटी में जनजागरूकता कार्यक्रम किया गया आयोजित

स्टॉप डायरिया 2025 अभियान के तहत ग्राम चांटी में जनजागरूकता कार्यक्रम किया गया आयोजित ग्रामीणों को डायरिया से बचाव और स्वच्छता के प्रति किया गया जागरूक, बच्चों की रही विशेष भागीदारी एमसीबी/भरतपुर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम चांटी स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में दिनांक 2 जुलाई 2025 को जल जीवन मिशन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के संयुक्त तत्वाधान में “स्टॉप डायरिया कैंपेन 2025” के अंतर्गत एक प्रभावी जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल की अनिवार्यता और डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई, जिससे आयोजन जन सहभागिता की दृष्टि से अत्यंत सफल और प्रभावी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का संचालन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता ओंकार सिंह, सहायक अभियंता जयंत कुमार चंदेल और उप अभियंता मनमोहन सिंह के मार्गदर्शन एवं आदेशानुसार किया गया। इस अवसर पर जिला परियोजना समन्वयक (मॉनिटरिंग) अनिमेष कुमार तिवारी, आईएसए प्रतिनिधि निहाल डिक्सना, आईईसी समन्वयक नवीन कुमार एवं हैंडपंप तकनीशियन सुशील बंजारे ने डायरिया की रोकथाम, सुरक्षित पेयजल के उपयोग, स्वच्छ शौचालय व्यवहार और हाथ धोने की आदतों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डायरिया जैसी बीमारियाँ सामान्य लगने के बावजूद गंभीर परिणाम दे सकती हैं, यदि समय रहते स्वच्छता और शुद्ध जल की महत्ता को नहीं समझा गया। कार्यक्रम में बच्चों को रोचक गतिविधियों और सवाल-जवाब के माध्यम से स्वच्छता से जुड़ी अहम जानकारियाँ दी गईं, वहीं महिलाओं को घर-परिवार में जल संरक्षण, जल उबालने, नलों एवं हैंडपंप की स्वच्छता बनाए रखने जैसे जरूरी उपायों पर जागरूक किया गया। “स्वच्छ गाँव, शुद्ध जल, बेहतर कल” की भावना को लेकर चलाया जा रहा यह अभियान ग्रामीण स्वास्थ्य और जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक प्रभावशाली पहल है, जो आने वाले समय में जनस्वास्थ्य को सशक्त बनाएगा।

कलेक्टर अध्यक्षता में कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति पर महत्वपूर्ण बैठक 4 जुलाई को

एमसीबी जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और मादक पदार्थों की रोकथाम को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया जा रहा है। यह बैठक कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में 04 जुलाई 2025 को सायं 5.00 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित होगी।         बैठक में जिले में अपराध नियंत्रण, नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई, सड़क सुरक्षा के प्रभावी उपायों और शांति व्यवस्था को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी विभागों के संबंधित अधिकारियों से निर्धारित तिथि और समय पर अनिवार्य रूप से बैठक में उपस्थित रहने का आग्रह किया है।

इंदौर के द्वारकापुरी इलाके में ड्यूटी पर तैनात एक जवान ने खुद को गोली मार ली

इंदौर  इंदौर के द्वारिकापुरी थाना क्षेत्र में शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे पुलिस विभाग में तैनात 28 वर्षीय सिपाही अनुराग भागोर ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना दिग्विजय मल्टीस्टोरी बिल्डिंग के एक फ्लैट में हुई। आत्महत्या के समय अनुराग के साथ सिपाही मोहित भी मौजूद था। मोहित ने बताया कि अनुराग ड्यूटी के दौरान आ रहे फोन कॉल्स रिसीव नहीं कर रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल भिजवाया गया। पत्नी से विवाद की आशंका, 7 दिन से मायके में रह रही थी शुरुआती जांच में सामने आया है कि अनुराग का अपनी पत्नी रानू से विवाद चल रहा था। डेढ़ साल पहले दोनों ने प्रेम विवाह किया था। रानू धार जिले के मांडव की रहने वाली है और बीते सात दिनों से अपने मायके में है। जानकारी के अनुसार, पत्नी का भाई करंट लगने से घायल हो गया था और उसका इलाज अरविंदो हॉस्पिटल में चल रहा है। अनुराग ड्यूटी के कारण घर और अस्पताल नहीं जा पा रहा था, जिससे दोनों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। अनुराग का ट्रांसफर बना तनाव का कारण, दस साल से था विभाग में अनुराग मूल रूप से अलीराजपुर का रहने वाला था। इससे पहले वह सर्राफा थाने में पदस्थ था, लेकिन हाल ही में उसका ट्रांसफर द्वारिकापुरी थाने में हुआ था। परिजनों के अनुसार ट्रांसफर के बाद उसका ड्यूटी शेड्यूल और ज्यादा कड़ा हो गया था। अनुराग के परिवार में बड़ा भाई अविनाश और छोटा भाई देवेंद्र है। वह तीन भाइयों में मंझला था। पिता वेटरनरी विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। बुआ के बेटे राजेंद्र ने बताया कि अनुराग पिछले दस साल से पुलिस विभाग में कार्यरत था। आईडीए की बिल्डिंग में तैनात था अनुराग, फ्लैट पुलिस विभाग को अलॉट जिस फ्लैट में यह दर्दनाक घटना हुई, वह इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी (आईडीए) की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में स्थित है। यहां अक्सर नशाखोरी और विवाद की घटनाएं होती रहती हैं, इसलिए पुलिस बल की ड्यूटी लगाई जाती है। अनुराग भी यहां ड्यूटी पर तैनात था। यह फ्लैट पुलिस विभाग को आवंटित किया गया है। पड़ोसी श्यामलाल बामनिया, जो पंडिताई का कार्य करते हैं, ने बताया कि वे रात 11 बजे शादी से लौटे थे, लेकिन किसी तरह की कोई आवाज उन्हें नहीं सुनाई दी।    

इंदौर एयरपोर्ट पहली बार 6 महीने में 22 लाख यात्रियों ने भरी उड़ान, आंकड़ा 40 लाख पार करने की ओर; पिछले साल से 3 लाख ज्यादा

इंदौर  इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने इस साल यात्रियो के आंकड़े में लंबी छलांग लगाई है। इंदौर एयरपोर्ट के इतिहास में इस साल पहली बार 6 महीने में ही यात्रियों की संख्या 22 लाख को पार कर गई है।  इंदौर एयरपोर्ट अथॉरिटी के मिली रिपोर्ट के अनुसार जून में कुल 2,712 उड़ानों का संचालन हुआ, जबकि मई में यह संख्या 2,890 थी। बावजूद इसके, जून में कुल 3,67,664 यात्रियों ने सफर किया, जो मई के मुकाबले करीब 1,896 ज्यादा है। ट्रैवल एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया के अनुसार, जुलाई में स्कूल-कॉलेज खुलने से यात्रियों की संख्या कम हो सकती है। जनवरी से जून 2025 के बीच इंदौर एयरपोर्ट से कुल 16,735 उड़ानों का संचालन हुआ और 22,05,576 यात्रियों ने सफर किया। यह पहली बार है जब छह माह में इंदौर एयरपोर्ट की यात्री संख्या 22 लाख के पार पहुंची है। वहीं ट्रैवल एजेंट्स का कहना है कि अप्रैल में हुए आतंकी घटनाक्रम के बाद उत्तर भारत का पर्यटन प्रभावित हुआ था। लेकिन जून में हालात सामान्य होने से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे हिल स्टेशनों की ओर एक बार फिर पर्यटक लौटे, जिससे यात्री संख्या में उछाल आया। इंदौर एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या माह        2023         2024       2025 जनवरी    248231    320079    377207 फरवरी    259988    313541    362458 मार्च    273364    334785    369372 अप्रैल    289399    295665    363107 मई    352326    318326    365768 जून    305511    311576    367664 40 लाख के आंकड़े को पार कर जाएगा इस साल यात्रियों का आंकड़ा इंदौर एयरपोर्ट से बढ़ते यात्रियों के आंकड़ों को देखते हुए इस सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर यात्रियों के बढ़ने का यहीं ट्रेंड रहा तो यहां के 87 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब यात्रियों का आंकड़ा 40 लाख को पार कर जाएगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी की रिपोर्ट के मुताबिक 1 जनवरी 2023 से 31 जून 2023 तक इंदौर एयरपोर्ट से 17 लाख 1 हजार 819 यात्रियों ने सफर किया था। वहीं पिछले साल यानी 1 जनवरी 2024 से लेकर 31 जून 2024 तक 18 लाख 93 हजार 972 यात्रियों ने सफर किया था। वहीं इस साल 1 जनवरी 2025 से 30 जून 2025 तक 22 लाख 5 हजार 576 यात्री इंदौर एयरपोर्ट से यात्रा कर चुके हैं। यानी कि इस साल 2024 के मुकाबले 3 लाख 11 हजार 604 यात्री ज्यादा इंदौर एयरपोर्ट पर आना-जाना कर चुके हैं। इन आंकड़ों ने इंदौर को एक बार फिर सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बना दिया है। इंदौर एयरपोर्ट से उड़ानों का संचालन माह        2023    2024    2025 जनवरी    2095    2520    2861 फरवरी    1928    2568    2637 मार्च    2159    2642    2872 अप्रैल    2375    2482    2763 मई    2542    2589    2890 जून    2400    2502    2712 2019 में 30 लाख यात्रियों ने किया था सफर 2023 में इंदौर एयरपोर्ट से 35 लाख 39 हजार 406 यात्रियों ने सफर किया है। उड़ानों और यात्रियों की संख्या के मान से यह इतिहास में इंदौर के सबसे बड़े आंकड़े हैं। इससे पहले साल 2019 में इंदौर से 30 लाख 24 हजार 364 यात्रियों ने सफर किया था।  

प्रदेश में युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार :अब कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं

रायपुर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और संतुलित बनाने की दिशा में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से बेहतर परिणाम मिले हैं। प्रदेश में युक्तियुक्तकरण के पूर्व कुल 453 विद्यालय शिक्षक विहीन थे। युक्तियुक्तकरण के पश्चात एक भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। इसी प्रकार युक्तियुक्तकरण के पश्चात प्रदेश के 5936 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में से 4728 विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना की गई है जो कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक सार्थक कदम है, जिससे निःसंदेह उन विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। बस्तर एवं सरगुजा संभाग के कुछ जिलों में शिक्षकों की कमी के कारण लगभग 1208 विद्यालय एकल शिक्षकीय रह गये हैं। निकट भविष्य में प्रधान पाठक एवं व्याख्याता की पदोन्नति तथा लगभग 5000 शिक्षकों की सीधी भर्ती के द्वारा शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में पूर्ति कर दी जावेगी, जिससे कोई भी विद्यालय एकल शिक्षकीय नहीं रहेगा तथा अन्य विद्यालयों में भी जहां शिक्षकों की कमी है, शिक्षकों की पूर्ति की जाएगी। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में निहित प्रावधानों के तहत की गई है, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्तर पर 2008 के सेटअप की प्रासंगिकता नहीं रह गई है। ऐसे अधिकारी-कर्मचारी जो किसी भी प्रकार की अनियमितता में संलिप्त पाये गये, उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है।

MP के 31 जिलों में आज और कल भारी बारिश के आसार, जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे बंद, नर्मदा नदी में मंदिर डूबा

भोपाल  मध्यप्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। टीकमगढ़ में गुरुवार रात 12 बजे से सुबह 7:30 बजे तक भारी बारिश हुई। करीब 8 घंटे में 6 इंच पानी गिर गया। शुक्रवार सुबह जब लोगों की नींद खुली तो घरों में पानी भर गया था।  डिंडौरी में 24 घंटे में 7 इंच बारिश हुई है, यहां सड़कों पर दो फीट से ज्यादा पानी भरा हुआ है। सिवनी नदी का पानी पुल पर आने से जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे बंद हो गया है। जिले में नर्मदा नदी में मंदिर डूब गया। वहीं, गुना में शुक्रवार अलसुबह हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया। सड़कें तालाब बन गईं। एबी रोड पर तीन फीट तक जमा है। यहां गाड़ियां भी डूब गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, श्योपुर, शिवपुरी और गुना में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 8 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, विदिशा, रायसेन, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, राजगढ़, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में भारी बारिश हो सकती है। बाकी जिलों में भी बारिश का दौर बना रहेगा। मानसूनी द्रोणिका मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। अलग-अलग स्थानों पर चार मौसम प्रणालियां भी सक्रिय हैं। इस वजह से अधिकतर जिलों में रुक-रुककर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश (Rain in Madhya Pradesh) हो रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, शुक्रवार-शनिवार को ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। शेष क्षेत्रों में भी बौछारें पड़ने के असार हैं। ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सागर, छतरपुर, दमोह, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी में आज और कल भारी आरिश के आसार हैं। एमपी के उत्तरी क्षेत्र में हो रही अच्छी बारिश उत्तर-पूर्वी अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल एवं उससे लगे उत्तरी ओडिशा पर बने चक्रवात से होकर जा रही है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मौजूदा मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में ही अच्छी बारिश हो रही है। गुरुवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक रीवा में 23, खजुराहो में 21, दतिया में 19, मंडला में 16, मलाजखंड में 14, शिवपुरी में 12, दमोह में नौ, उमरिया में पांच, इंदौर एवं जबलपुर में चार, सीधी में दो और भोपाल में एक मिलीमीटर बारिश हुई। श्योपुर और खजुराहो के ऊपर बनी है मानसून द्रोणिका मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, मानसून द्रोणिका वर्तमान में बीकानेर, श्योपुर, खजुराहो, डाल्टनगंज, दीघा से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। पश्चिमी राजस्थान के मध्य में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात सक्रिय है। पश्चिम बंगाल और उससे लगे उत्तरी ओडिशा पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात है, जो दक्षिण-पश्चिम की तरफ झुका हुआ है।

सीएम मोहन यादव स्टूडेंट्स को दिया मेगा गिफ्ट, 94,234 छात्रों को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपए की सहायता राशि बैंक खातों में की ट्रांसफर

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार, 4 जुलाई को राज्य के 94,234 मेधावी छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपए की सहायता राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की। यह राशि “प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना” के तहत दी जा रही है। इस योजना के लिए राज्य सरकार कुल 238 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह भी पहुंचे है। 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले छात्रों को मिली राशि मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को यह लाभ मिला। योजना के तहत छात्रों को सीधे उनके बैंक खाते में ₹25,000 की राशि भेजी जाती है ताकि वे अपनी पसंद का लैपटॉप खरीद सकें। इस साल 94 हजार 234 छात्रों को कुल ₹235.58 करोड़ की राशि दी गई। सीएम ने कहा- यह आर्थिक मदद नहीं, प्रतिभा का सम्मान है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस योजना को सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि प्रदेश की मेधा शक्ति को सम्मान देने का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि आज के युग में तकनीक सफलता की कुंजी है, और एक लैपटॉप छात्रों को भविष्य संवारने में मदद कर सकता है। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सभी जिलों में किया जाएगा। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि भाग लेंगे। 500 से अधिक विद्यार्थी और शिक्षक इस राज्य स्तरीय आयोजन में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे। पिछले साल भी 89 हजार से ज्यादा छात्रों को मिली थी राशि 2023-24 में सरकार ने 89,710 छात्रों को ₹224.27 करोड़ की राशि दी थी। यह योजना वर्ष 2009-10 से लागू है। पिछले 15 वर्षों में अब तक 4.32 लाख विद्यार्थियों को लगभग ₹1,080 करोड़ की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में इस अवसर पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देवास में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, शहडोल में राजेन्द्र शुक्ल, सिवनी में करण सिंह वर्मा, सिंगरौली में संपतिया उइके, और ग्वालियर में तुलसीराम सिलावट सहित अन्य मंत्रीगण, सांसद और विधायक उपस्थित रहेंगे।  

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का विजन – विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लिए डिजिटल क्रांति को नई गति देने पर बल

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत 2047 के साथ विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्यों को पूर्ण करने एवं सहज, सरल, त्वरित और पारदर्शिता के साथ सुचारू शासन की दिशा में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों, विशेष रूप से बस्तर एवं सरगुजा संभागों में नए मोबाइल टॉवर लगाने तथा फाइबर नेटवर्क लाइन बिछाने जैसे कार्यों में तेजी लाई जाए। आने वाले समय में राज्य में समय सीमा के भीतर चरणबद्ध रूप से 5,000 से अधिक मोबाइल टॉवर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0 के माध्यम से वर्तमान में विभिन्न विभागों की 85 ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार करते हुए 250 अन्य ऑफलाइन सेवाओं को भी ऑनलाइन सेवाओं में तब्दील किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि योजनाओं का लाभ लोगों को घर बैठे ही ऑनलाइन प्राप्त होगा, तो इससे समय की बचत होगी तथा कार्यालय आने-जाने में होने वाला खर्च भी कम होगा। इसके साथ ही टीयर-थ्री के अनुरूप स्टेट डाटा सेंटर को अपग्रेड करने की भी बात कही गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में प्रदेश में विभाग द्वारा संचालित प्रमुख परियोजनाओं—अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, नियद नेल्लानार एवं L.W.E. सैचुरेशन डैशबोर्ड, भारतनेट फेस-2, छत्तीसगढ़ स्टेट डाटा सेंटर (CGSDC), आधार एनरोलमेंट इन-हाउस मॉडल, ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0, सीजी स्वान, ई-प्रोक्योरमेंट तथा कैपेसिटी बिल्डिंग सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक ने विगत सवा साल में विभाग द्वारा अर्जित महत्वपूर्ण उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विगत 4 वर्षों से लंबित डाटा सेंटर के अपग्रेडेशन की निविदा प्रक्रिया पूर्ण की गई, खनिज 2.0 पोर्टल का गो लाइव किया गया, वाई-फाई मंत्रालय योजना तथा ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल सफलतापूर्वक शुरू हुए। इसके साथ ही भारतनेट फेज-2 परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया एवं अटल मॉनिटरिंग पोर्टल डैशबोर्ड का निर्माण कर 19 विभागों की 100 योजनाओं के KPI इसमें प्रदर्शित किए गए हैं। इस बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभात मलिक सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री यादव आज अनूपपुर और सिंगरौली में आयोजित कार्यक्रम में 950 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे

अनूपपुर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 4 जुलाई को अनूपपुर जिले में 443.31 करोड़ रूपये लागत के 114 विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण और सिंगरौली में आयोजित कार्यक्रम में 503 करोड़ 9 लाख 19 हजार रूपये लागत के 54 विकास कार्यों की सौगात देंगे। कोतमा में लोकार्पण-भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव अनूपपुर जिले के कोतमा में आयोजित कार्यक्रम में जल संसाधन एक, मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के 28, राजस्व के एक, लोक शिक्षण/स्कूल शिक्षा के 2, राज्य शिक्षा केंद्र के 21, लोक निर्माण विभाग के 2, नगरीय प्रशासन एवं विकास के 3, जनजातीय कार्य के एक, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के एक और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के एक कुल 61 कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे। जिनकी अनुमानित लागत 365.39 करोड़ रुपये है। साथ ही 9 विभागों के 53 कार्यों जिनकी लागत 77.92 करोड़ रुपये है का लोकार्पण करेंगे।   सिंगरौली जिले में लोकार्पण और शिलान्यास मुख्यमंत्री सिंगरौली जिले के सरई में हायर सेकण्डरी स्कूल परिसर में जनजातीय और महिला सम्मेलन में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री सम्मेलन में सिंगरौली जिले को 503 करोड़ 9 लाख 19 हजार रुपए के 54 निर्माण कार्यों की सौगात देंगे। समारोह में मुख्यमंत्री 104 करोड़ 67 लाख 26 हजार रुपए की लागत के 20 निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री 398 करोड़ 41 लाख 93 हजार रुपए की लागत के 34 निर्माण कार्यों का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंगरौली जिले में सांदीपनि हायर सेकण्डरी स्कूल चकरिया एवं हिरवाह, विद्युत सब स्टेशन हरफरी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, 8 सड़कों का डामरीकरण, कालेज भवन बरगवां, लोक सेवा केन्द्र माड़ा एवं सरई और आयुष विंग के निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 11 सड़क, मेडिकल कालेज में 400 बिस्तर के अस्पताल भवन, एकल नल जल योजनाओं, नगर निगम सिंगरौली में सड़क निर्माण, नाली निर्माण सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विधानसभा क्षेत्र चितरंगी के 13, विधानसभा क्षेत्र सिंगरौली के 25, विधानसभा क्षेत्र देवसर के 15 तथा विधानसभा क्षेत्र धौहनी के एक निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे।