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उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा- देश की ताकत और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में फार्मेसी के विद्यार्थी दें योगदान

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा है कि फार्मेसी के सेक्टर में ज्यादा से ज्यादा काम करते हुए अपनी स्वदेशी औषधियों के व्यापार को बढाने और इसके उत्पादन पर ध्यान देने लिए और अधिक मेहनत और परिश्रम करने की जरूरत है। आज दुनिया के कई देश हमारे देश में उत्पादित स्वदेशी दवाओें का उपयोग करते हैं। हमारा लक्ष्य है कि दुनिया के ज्यादा से ज्यादा देश हमारे देश की उत्पादित औषधियों का उपयोग करें। मंत्री श्री परमार शनिवार को इंदौर के ऑक्सफोर्ड इन्टरनेशनल कॉलेज में “इंडियन फार्मासिस्ट इनावेशन टू इम्पेक्ट फॉर विकसित भारत-2047” की थीम पर आयोजित दो दिवसीय 12वें विजन फार्मा राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ कर सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर परिषद के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी डॉ. छगनभाई पटेल, फार्मा विजन के राष्ट्रीय संयोजक श्री अनिकेत सेल्के, श्री वीरेन्द्र सोलंकी, ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल कॉलेज के चेयरमेन श्री अक्षांशु तिवारी, कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. प्रिया जैन, फार्मा विजन की स्टेट कॉन्वेनर सुश्री कामाक्षा गौड़ विशेष रूप से मौजूद थे। मंत्री श्री परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करते हुए कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों से अपील की है कि विकसित भारत के संकल्प को अपना संकल्प मानते हुए कार्य करें। देश की ताकत और उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में फार्मेंसी के विद्यार्थी निश्चित रूप से बड़ा योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश 2047 तक ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होगा और दुनिया के कई देशों में भी ऊर्जा की पूर्ति करने वाला देश बनेगा। उन्होंने कहा कि किसानों ने अन्न और खाद्यान्न के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बना दिया है। किसानों ने अन्न के भण्डार भरे हैं। भारत 2047 तक अन्य देशों के भरण-पोषण करने की सामर्थ्य रखने वाला देश बनेगा। मंत्री श्री परमार ने कहा कि शीघ्र ही फार्मेंसी के सिलेबस में आयुर्वेद के सिलेबस को भी जोड़ने का काम किया जायेगा। इस पर एक्सपर्ट द्वारा विचार-विमर्श किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आवश्यकता के अनुसार फार्मेंसी के साथ एलोपैथिक , होम्योपेथिक और आयुर्वेदिक के लिये एक कॉमन सिलेबस तैयार किया जायेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में 11 नये आयुर्वेदिक कॉलेज खोलने का संकल्प लिया गया था, जिसमें से 8 कॉलेजों की भारत सरकार द्वारा मान्यता दे दी गई है। अगले वर्ष से ही नये कॉलेज प्रारंभ किये जाएंगे। मंत्री श्री परमार ने बताया कि आने वाले समय में परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिये सभी परीक्षाओं का डिजिटल वेल्यूवेशन किया जायेगा , जिससे परीक्षार्थी ऑनलाईन अपनी कापी देख सकेंगे। श्री परमार ने कहा कि भारत फिर से विश्वगुरू बनने की ओर अग्रसर है। ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. प्रिया जैन ने बताया कि दो दिवसीय 12वें विजन फार्मा राष्ट्रीय अधिवेशन में फार्मा से संबंधित कई सत्र होंगे। सुश्री कामाक्षा गौड़ ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में देश के विभिन्न कॉलेजों के फार्मेसी विद्यार्थी उपस्थित थे।

कृषि मंत्री की बड़ी घोषणा: राज्य सरकार मंजूरी दे तो सोयाबीन खरीदी जाएगी समर्थन मूल्य पर

हरदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को हरदा पहुंचे। उन्होंने खिरकिया ब्लाक के बावड़िया गांव में एक शोकाकुल परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त कर पौधारोपण किया। मीडिया के सोयाबीन को समर्थन मूल्य पर खरीदने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य सरकार का है। इस संबंध में राज्य सरकार से प्रस्ताव मिलने पर समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीदने की अनुमति दी जाएगी। इससे पहले जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रों पर दरें कम हो रही हैं। 22 सितंबर से कृषि यंत्रों की दरों में पांच प्रतिशत की कमी आएगी, जिससे किसानों को इन्हें खरीदने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई किसान 35 एचपी का ट्रैक्टर खरीदता है तो उसे सीधे 63 हजार रुपये की बचत होगी। इसी तरह बागवानी के लिए जो किसान ट्रैक्टर खरीदता है उस पर उसे 23 हजार रुपये तक की बचत होगी। कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि एक दिन पहले शुक्रवार को उन्होंने कृषि यंत्र बनाने वाली विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। प्रतिनिधियों से कहा कि जीएसटी की दरों का सीधा लाभ किसानों को मिलना चाहिए ताकि उन्हें खेती के कार्यों में मदद मिले और उनका आर्थिक विकास हो सके। कई जगह हुआ स्वागत, महिलाओं ने बताई समस्या कृषि मंत्री कार के माध्यम से जिले में पहुंचे। जिले में प्रवेश करते ही छीपानेर में उन्होंने कुछ महिलाओं से मिलाकात की। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि उन्हें लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं तो महिलाओं ने कहा कि उन्हें हर माह राशि प्राप्त हो रही है। कुछ महिलाओं ने कहा कि उन्हें राशि नहीं मिल रही है, जिस पर उन्होंने मामले की जांच कराकर समाधान निकालने का आश्वासन दिया। अबगांवखुर्द में कृषि मंत्री का किसानों और जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया।  

देवीपाटन की यात्रा आसान! नवरात्र में रोडवेज चलाएगी 40 स्पेशल बसें

बलरामपुर 22 सितंबर से शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर पर शारदीय नवरात्र मेला शुरू हो रहा है। नवरात्र में श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचाने व लाने के लिए परिवहन निगम ने 40 बसों का संचालन करने की तैयारी की है। साथ ही वहां यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए चेकपोस्ट व पूछताछ केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक गोपी नाथ दीक्षित ने बताया कि शारदीय नवरात्र में शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में दर्शनार्थी जुटते हैं। इसे देखते हुए बसें संचालित की जाएगी। इससे दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है।   बताया कि 40 बसों का संचालन तुलसीपुर से किया जाएगा। बलरामपुर चौराहे पर अस्थाई चेकपोस्ट भी बनाया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए पूछताछ केंद्र भी खोला जाएगा। इसके लिए 10 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। बताया कि पूछताछ केंद्र पर तीन चरण में आठ-आठ घंटे की ड्यूटी कर्मचारी करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर बसों का फेरा भी बढ़ाया जाएगा। बताया कि इस बार निकटतम जिले में संचालन की जा रही बसों का भी फेरा तुलसीपुर तक किया जाएगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया- मुरैना ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना ने ग्रीन ऊर्जा और स्टोरेज को दी नई दिशा

पीक-ऑवर्स में 440 मेगावॉट की सप्लाई होगी सुनिश्चित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। मुरैना की यह परियोजना ‘सेवा पखवाड़ा’ के दौरान राष्ट्र को समर्पित है। उन्होंने कहा कि ”मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना से पूरे देश में ग्रीन ऊर्जा उत्पादन और स्टोरेज की नई राह खुलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना परियोजना में प्राप्त की गई सफलता के आधार पर लंबे समय की ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना में प्राप्त किया गया कम टैरिफ प्रदर्शित करता है कि नवकरणीय ऊर्जा भी डिस्कॉम के लिए अधिक किफायती हो सकता है। मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गत् दिवस प्राप्त निविदा में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना में 2.70 रुपये प्रति यूनिट, अब तक की सबसे कम टैरिफ दर प्राप्त हुई है। यह देश की पहली परियोजना है, जिसमें 3 रुपये प्रति यूनिट से कम पर फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी उपलब्ध होगी। यह परियोजना 95 प्रतिशत वार्षिक उपलब्धता के साथ भारत की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बन गई है। अब तक देशभर की परियोजनाओं में केवल 50% पीक ऑवर्स उपलब्धता और 85% वार्षिक उपलब्धता सुनिश्चित हो पाती थी। मुरैना परियोजना इस ट्रेंड को बदलते हुए पीएम ऑवर्स में 95% आपूर्ति के नए मानक स्थापित करेगी। परियोजना की संरचना और क्षमता मुरैना सोलर पार्क को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया गया है, जिसने पहले भी प्रतिष्ठित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित किया है। मुरैना परियोजना से उत्पादित बिजली राज्य द्वारा खरीदी जाएगी। मुरैना सोलर पार्क में 2 यूनिट स्थापित की जा रही हैं, प्रत्येकइकाई से तीनों चरणों में 220 मेगावॉट क्षमता ऊर्जा का उत्पादन होगा।         पहला चरण: वास्तविक समय पर सौर ऊर्जा (220 मेगावॉट तक)         दूसरा चरण: शाम के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (बैटरी में संचित सौर ऊर्जा से)         तीसरा चरण: सुबह के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (रात्रि में ग्रिड से चार्ज बैटरी से) इस नवाचार से बैटरी का उपयोग दिन में दो बार संभव होगा, जिससे लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। कुल मिलाकर सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में 440 मेगावॉट सप्लाई सुनिश्चित होगी। मुरैना परियोजना दो परियोजनाओं का मिश्रण है, जिसमें पहलाएक सामान्य सिंगल-चार्ज कम्पोजिट सोलर प्रोजेक्ट,जिसमें बैटरी को सोलर एनर्जी से चार्ज जाता है।दूसरा स्टोरेज एज ए सर्विस प्रोजेक्ट है, जिसमें अतिरिक्त ग्रिड पॉवर से रात के समय बैटरी दोबारा चार्ज की जाएगी। इससे सुबह के पीक ऑवर्स की आपूर्ति की जाएगी। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि बैटरी, दिन में दो बार उपयोग की जाएगी। यह परियोजना सुनिश्चित करती है कि राज्य ग्रिड में उपलब्ध रात के समय अतिरिक्त बिजली का उपयोग सुबह की पीक ऑवर्समें विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा। मुरैना परियोजना पीक ऑवर्सऔर दिन के समय में समान स्तर की आपूर्ति (प्रत्येक इकाई से 220 मेगावाट) के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करती है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह द्वारा नियोजित भविष्य की परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त करता है जो दिन और रात के समय एक फ्लेटप्रोफाईलकी बिजली की आपूर्ति करते हुए एक ऐसीपरियोजना की आधारशिला रखेगी जो पूरे 24 घंटों के लिए समान स्तर की बिजली की आपूर्ति करे। यह नवकरणीय ऊर्जा को पारंपरिक ऊर्जा के समान निश्चितता प्रदान करेगा और इसे तकनीकी और व्यावसायिक रूप से समतुल्य बना देगी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा ई-रिवर्स नीलामी 19 सितंबर, 2025 को 25 वर्षों के लिए निर्धारित2.70 रूपये प्रति यूनिटके ऐतिहासिक टैरिफ के साथ संपन्न हुई, नीलामी प्रक्रिया लगभग 12 घंटे चली। यह पूरे भारत में एफडीआरईनिविदाओं के लिए एक मील का पत्थर है,परियोजना के ई-रिवर्स ऑक्शन में 16 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया। यह क्षमता की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन था। ऑक्शन में अडानी रिन्यूएबल्स, एनटीपीसी रिन्यूएबल्स, रिन्यू सोलर, एसीएमई, एंजी एनर्जी, दिलीप बिल्डकॉन, एमबी पॉवर जैसी कंपनियाँ शामिल थीं।     यूनिट-1 के लिए Ceigall India Ltd ने 2.70 रूपये प्रति यूनिट।     यूनिट-2 के लिए Acme Solar Holding Ltd ने 2.764 रूपये प्रति यूनिट की दर पर यह निविदा हासिल की।इस ऑक्शनमें प्राप्त टैरिफ से स्पष्ट है कि डिस्पेजेबल नवकरणीय ऊर्जा (बैटरी भंडारण के साथ सौर ऊर्जा के संयोजन से सक्षम) कोयला आधारित बिजली की तुलना में अधिक किफायती हो गई है। निवेशकों के लिए भरोसेमंद मॉडल परियोजना का विकास रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जिसने रीवा और आगर जैसी परियोजनाओं को सफलतापूर्वक विकसित किया है। RUMSL द्वारा  परियोजना को निविदा से पहले निवेश के लिए तैयार किया गया। International Finance Corporation द्वारा Transaction Advisor के रूप में मध्यप्रदेश में तैयार की गई जोखिम मुक्त परियोजनाओं ने समय-समय पर साबित किया है कि बैंकेएबल अनुबंध, पूरी तरह से भूमि एकत्रीकरण, सक्रिय पारेषण योजना, वित्तपोषण और अनुबंध सहित साइट तैयार करना, पर्यावरण और सामाजिक जोखिमों को पर्याप्त रूप से कम करना, साथ ही एक पारदर्शी और विकासक अनुकूल निविदा प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बेहतर मूल्य निर्धारण से उल्लेखनीय बचत होती है। पार्क डेवलपर के रूप में RUMSL भूमि और आंतरिक बिजली निकासी का बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा, जबकि MP Transco परियोजना के लिए आवश्यक बाहरी विद्युत निकासी हेतु बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है। इस परियोजना में एक मजबूत 3-स्तरीय payment security mechanism है, जिसमें बेहतर bankability के लिए राज्य गारंटी शामिल है तथा procurer default और assured procurement of excess energy के लिए उचित termination compensation और reduced offtake तथा ग्रिड अनुपलब्धता के लिए compensation दिया गया है। परियोजना, चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए मुरैना परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। एनर्जी ट्रांजिशन में मील का पत्थर मुरैना भारत की एनर्जी ट्रांजिशनमें एक नया मोड़ है; उम्मीद है कि इस तरह के उत्साहजनक परिणाम देश को कोयला आधारित बिजली की तुलना … Read more

नौकरी में अनुचित शर्त असंवैधानिक, ग्वालियर कोर्ट ने विधवा को न्याय दिलाया

ग्वालियर हाई कोर्ट की ग्वालियर पीठ ने एक शासकीय सेवक की विधवा को पारिवारिक पेंशन दिए जाने का आदेश सुनाया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि नियमित सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर विधवा को पारिवारिक पेंशन मिलनी चाहिए। दस वर्ष से कम सेवा अवधि की शर्त नहीं लगाई जा सकती है। याचिकाकर्ता कमलीबाई के पति की 1998 में सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी। उनकी कुल शासकीय सेवा अवधि सात साल छह माह आठ दिन थी। विभाग ने 10 साल की सेवा पूरी नहीं होने का हवाला देकर पेंशन देने से मना कर दिया था। कोर्ट ने पेंशन नियम 1976 की धारा 47 का हवाला दिया। इसके अनुसार सेवा में रहते हुए मृत्यु होने पर परिवार को पेंशन का अधिकार है।   नियम सिर्फ सेवानिवृत्ति पर लागू होता है- कोर्ट कोर्ट ने कहा कि नियम 43(2) सिर्फ सेवानिवृत्ति पर लागू होता है। सेवा में मृत्यु की स्थिति में नियम 47 लागू होगा। कोर्ट ने विभाग के दो जुलाई 2012 के आदेश को रद कर दिया है। कोर्ट ने दो माह के भीतर याचिकाकर्ता की पेंशन तय करने और भुगतान का आदेश दिया है। साथ ही बकाया पेंशन पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी निर्देश दिया है।  

ऑडियो वायरल: डांसिंग कॉप रंजीत सिंह पर अब पैसे की मांग का आरोप

इंदौर  इंदौर के प्रसिद्ध 'डांसिंग कॉप' रंजीत सिंह से जुड़ा विवाद और गहरा गया है, क्योंकि आरोप लगाने वाली युवती राधिका सिंह ने शनिवार को एक नया ऑडियो क्लिप जारी किया है जिसमें रंजीत पर एक अन्य महिला से पैसे मांगने का आरोप है।  इंदौर के ट्रैफिक हवलदार और 'डांसिंग कॉप' के नाम से मशहूर रंजीत सिंह पर गंभीर आरोप लगाने वाली युवती राधिका सिंह ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है, जिससे रंजीत की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। राधिका ने शनिवार तड़के लगभग 5:30 बजे इंस्टाग्राम पर दो नई पोस्ट साझा कीं, जिनमें एक ऑडियो क्लिप भी शामिल है। इन पोस्ट के जरिए राधिका ने रंजीत पर एक अन्य महिला से पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। इसी बीच, शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने के बाद रंजीत सिंह को शहर के शेल्बी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। युवती ने ऑडियो पोस्ट कर लगाए नए आरोप राधिका ने शनिवार सुबह एक वीडियो के साथ ऑडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा, "ये तुम्हारा फेमस सेलेब्रिटी… हाथ जोड़कर पैसे मांग रहा है, किसी और औरत से… उसने शेयर किया है। ऑडियो रिकॉर्डिंग भी है इसकी… ऐसी भीख मांग कर चला रहा था यह अपनी जिंदगी। ऑडियो सुनकर और मजा आया। मुझे यह किसी अन्य महिला ने भेजा है।" राधिका ने यह भी दावा किया है कि जिस महिला से पैसे मांगे गए, वह भी जल्द ही रंजीत के खिलाफ सामने आएगी।   अस्पताल में भर्ती रंजीत सिंह, हालत स्थिर शेल्बी अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विवेक जोशी ने रंजीत सिंह के स्वास्थ्य पर जानकारी देते हुए बताया, "रंजीत सिंह को गुरुवार को सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनका ब्लड प्रेशर काफी बढ़ा हुआ था। अब उनकी हालत ठीक है और बीपी भी सामान्य है। आज (शनिवार) उन्हें आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो कल (रविवार) उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।" कई और लड़कियों को धमकी देने का दावा अपनी दूसरी पोस्ट में राधिका ने दावा किया कि रंजीत सिंह से पीड़ित और भी कई लड़कियां हैं। उसने लिखा, "और कई लड़कियां हैं। कुछ तो मैरिड हैं, इसलिए सामने नहीं आना चाहतीं। कुछ को इसने (रंजीत) पुलिस की धमकी दी है। अब सब खुश हैं कि सीखो इससे सबक।" 

आयुष विभाग को ई-मॉनिटरिंग सिस्टम एवं नागरिक सेवाओं के सशक्तिकरण के लिए मिला स्कॉच अवार्ड

भोपाल  नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में शनिवार को आयोजित एक गरिमामयी समारोह में स्कॉच फाउंडेशन द्वारा आयुष विभाग के अपर सचिव श्री संजय मिश्रा को, विभाग की उत्कृष्ट पहलों के लिए प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान विशेष रूप से ई-मॉनिटरिंग सिस्टम के विकास और नागरिक सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में किए गए विभागीय प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति है। डिजिटल नवाचार की पहल अपर सचिव आयुष श्री संजय मिश्रा ने बताया कि विभाग में सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से ई-मॉनिटरिंग सिस्टम की परिकल्पना एवं कार्यान्वयन की पहल की। इस प्रणाली के माध्यम से प्रदेशभर के अस्पतालों की गतिविधियों की नियमित निगरानी, आंकड़ों का वास्तविक समय पर संकलन एवं विश्लेषण तथा सेवा प्रदायगी की स्थिति पर सतत नियंत्रण संभव हो पाया। इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ी, बल्कि अस्पतालों में नागरिकों को समय पर और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकीं। ओपीडी संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि अपर सचिव आयुष श्री मिश्रा के नेतृत्व में आरंभ की गई इस डिजिटल निगरानी व्यवस्था और नागरिक-केंद्रित सुधारों के परिणामस्वरूप प्रदेश के आयुष अस्पतालों में ओपीडी संख्या मात्र एक वर्ष में 8 लाख प्रतिमाह से बढ़कर 22 लाख प्रतिमाह तक पहुँच गई। यह वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि सुदृढ़ प्रबंधन और तकनीक का सही उपयोग किया जाए तो पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियाँ भी आधुनिक समय में अत्यंत प्रासंगिक और प्रभावी हो सकती हैं। अधोसंरचना और सेवाओं का विस्तार विभागीय प्रयासों से प्रदेश के 2 हजार 250 आयुष संस्थानों में आधारभूत संरचना को सशक्त किया गया। अस्पतालों में आवश्यक उपकरणों, औषधियों और मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। साथ ही, ई-मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता को निरंतर उन्नत किया गया, जिससे नागरिकों का विश्वास और संतोष दोनों बढ़े। सामूहिक प्रयासों का परिणाम श्री मिश्रा ने कहा कि यह सम्मान केवल मेरा व्यक्तिगत गौरव नहीं है, बल्कि पूरे आयुष विभाग, मध्यप्रदेश की टीम भावना और समर्पण का परिणाम है। मैं इस पुरस्कार को प्रदेश के सभी आयुष चिकित्सा अधिकारियों और समस्त आयुष कार्मिकों को समर्पित करता हूँ, जिनके अथक परिश्रम से यह सफलता संभव हुई। यह उपलब्धि, हमें माननीय आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार जी, प्रमुख सचिव, आयुक्त आयुष तथा विभागीय टीम के सक्रिय मार्गदर्शन और सहयोग से प्राप्त हुई है, जिनकी प्रेरणा और नेतृत्व ने इस नवाचार को गति प्रदान की। भविष्य की राह श्री मिश्रा ने कहा कि इस सम्मान ने मुझे और मेरी टीम को नई ऊर्जा और संकल्प दिया है। भविष्य में हमारा लक्ष्य है कि आयुष स्वास्थ्य सेवाएँ प्रत्येक नागरिक तक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण रूप से पहुँचें तथा मध्यप्रदेश को एक राष्ट्रीय वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया जा सके।  

जीएसटी रिफॉर्म मूलरूप से हर एक भारतीय पर से टैक्स का बोझ कम करने के लिए है- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा- Next-Gen GST Reform नीतिगत समायोजन के साथ ही मोदी सरकार के एक दशक के अथक, स्थिर और दूरदर्शी आर्थिक प्रबंधन की परिणति है  जीएसटी रिफॉर्म को लेकर अभियान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विधायकों और मंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की बैठक – व्यापारियों से लेकर ग्राहकों तक पहुंचेंगे जनप्रतिनिधि, बताएंगे स्वदेशी उत्पाद और जीएसटी रिफॉर्म के फायदें  – जीएसटी रिफॉर्म से किसान से लेकर व्यापारी, विद्यार्थी और महिलाओं को होगा सीधा फायदा, हर वर्ग को बताएं रिफॉर्म से होने वाले फायदें – ‘घटी जीएसटी, मिला उपहार, धन्यवाद मोदी सरकार’ के स्लोगन के साथ ग्राहकों और व्यापारिक संगठनों से करें मुलाकात – हर प्रतिष्ठानों पर लगेगा ‘गर्व से कहो यह स्वदेशी है’ का पोस्टर, आत्मनिर्भर व विकसित भारत में स्वदेशी उत्पादों से होने वाले लाभ को बताएं  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश सरकार में शामिल एनडीए के सभी विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक कर ‘जीएसटी रिफॉर्म जागरूकता अभियान’ के पहले चरण (22 सितंबर से 29 सितंबर 2025) की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अभियान का उद्देश्य जीएसटी में किए गए सुधारों को व्यापक रूप से जन-जन तक पहुंचाना और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों को इसे प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया, ताकि त्योहारी सीजन में व्यापारियों, दुकानदारों और आम जनता को इसका पूरा लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान का नेतृत्व सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा उनके इलाके में हर रोज अलग-अलग स्थानों पर होगा। मुख्यमंत्री खुद इस अभियान में शामिल होंगे। साथ ही दोनों उपमुख्यमंत्री भी इस अभियान लगातार सात दिन आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सांसद, मंत्री, विधायक, एमएलसी और पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों में रोजाना 1-2 घंटे बाजारों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। जिलों में प्रभारी मंत्री स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कर उन्हें अभियान से जोड़ेंगे, ताकि यह पहल हर स्तर पर प्रभावी हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतिदिन अलग-अलग बाजारों का दौरा किया जाएगा। दुकानदारों को गुलाब का फूल भेंट कर धन्यवाद दें। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को बताएं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग के अनुसार जीएसटी रिफॉर्म लागू किया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि दुकानों पर ‘गर्व से कहो यह स्वदेशी है’ का पोस्टर लगाएं। साथ ही, दुकानदारों से आग्रह करें कि वे अपने यहाँ स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिले। अभियान के दौरान यह संदेश दें कि स्वदेशी केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत के श्रम, हुनर और परिश्रम की पहचान है। स्थानीय और भारतीय उत्पादों को अपनाने से ही आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत का सपना साकार होगा। दुकानदारों और ग्राहकों को प्रेरित करें कि वे गर्व के साथ स्वदेशी सामान का उपयोग करें, जिससे देश की आर्थिक प्रगति को गति मिले। त्योहारों की खरीदारी के मौके पर ग्राहकों से संवाद कर उन्हें बताएं कि जीएसटी रिफॉर्म से आम जनता को सीधा लाभ मिल रहा है, जिससे सस्ता सामान उपलब्ध हो रहा है। ग्राहकों को भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही, ग्राहकों के छोटे-छोटे वीडियो बनाए जाएंगे, जिसमें वे सस्ते सामान मिलने पर प्रधानमंत्री को धन्यवाद देंगे। ये वीडियो अभियान के सकारात्मक प्रभाव को उजागर करेंगे। सभी जनप्रतिनिधि दुकानदारों और ग्राहकों को सरल भाषा में समझाएंगे कि जीएसटी रिफॉर्म ने व्यापार को आसान बनाया है, जनता को सस्ता सामान उपलब्ध कराया है और स्वदेशी उत्पादों के प्रयोग से भारत आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनेगा। हर स्तर पर जागरूकता फैलाने का प्रयास होगा, ताकि यह सुधार व्यापारी और उपभोक्ता दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रभारी मंत्री अपने प्रभार वाले जनपदों में जाएं और वहां के स्थानीय निकायों और व्यापरिक संगठनों, किसानों और आम जनता से मुलाकात कर उन्हें इसका फायदा बताएं। इसे एक साथ पूरे प्रदेश में लागू करें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इसमें शामिल करें। उन्होंने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म से वस्तुएं सस्ती होंगी, लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, इससे निवेश आएगा और रोजगार का सृजन होगा। आम लोगों को इसके बारे में जागरूक करना जरूरी है। त्योहारों में खरीदारी करने वाले लोगों से भी संवाद करें।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देगा, बल्कि स्वदेशी को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता के सहयोग से ही ये सुधार अपने लक्ष्य तक पहुंचेंगे। इससे विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प पूरा हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से उनके अगले सात दिन के कार्यक्रम की रूपरेखा भेजने और उसे तत्परता से लागू करने का निर्देश दिया।

सशक्तिकरण की ओर: जागरूकता संगोष्ठी का सेलम इंग्लिश स्कूल, रायपुर में भव्य एवं सफल आयोजन

रायपुर चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया, छत्तीसगढ़ डायोसीज़ के तत्वावधान में सेलम इंग्लिश स्कूल, मोती बाघ, रायपुर में आज “सशक्तिकरण की ओर: जागरूकता संगोष्ठी” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम समाज में शिक्षा, अवसर और आत्मनिर्भरता की भावना को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित हुआ। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों को केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी एवं शैक्षिक योजनाओं की जानकारी देना तथा बच्चों और युवाओं को एक उज्ज्वल भविष्य की ओर प्रेरित करना था। “बच्चों का भविष्य शिक्षा और आत्मनिर्भरता से ही सुरक्षित होगा। योजनाएं तभी सफल होंगी जब हम उनका लाभ समय पर उठाएँ।” सशक्तिकरण का संकल्प कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने एक स्वर से शिक्षा को जीवन का सबसे बड़ा हथियार मानते हुए इन योजनाओं का लाभ उठाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर गेस्ट स्पीकर्स के रूप में आमंत्रित श्री अल्बर्ट कुजूर और श्रीमती शालिनी टोप्पो ने विस्तार से विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। विशेष रूप से उन्होंने PM-VIKAS (प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन) योजना की उप-योजनाओं – सीखो और कमाओ, नई रोशनी, नई मंजिल, उस्ताद और हमारी धरोहर – पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि ये योजनाएं न केवल कौशल विकास और रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराती हैं बल्कि भारत की पारंपरिक कलाओं और शिल्पों को भी नई ऊर्जा देती हैं। “गरीबी शिक्षा की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए। सरकार ने रास्ता दिखाया है, अब हमें आगे बढ़कर उसका लाभ लेना है।” छात्रवृत्तियों से शिक्षा के नए आयाम कार्यक्रम में प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति – ₹5,000/- तक। स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति – ₹7,000/- तक। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों हेतु – ₹10,000/- तक की सहायता। यह संदेश बच्चों और अभिभावकों दोनों के लिए अत्यंत उत्साहवर्धक रहा। वक्ताओं ने कहा कि “गरीबी शिक्षा की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए। सरकार ने रास्ता दिखाया है, अब हमें आगे बढ़कर उसका लाभ लेना है।” आयोजकों की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम में सीएनआई डायोसीज़ की बिशप, द राइट रेव. डॉ. सुषमा कुमार और डायोसीज़ सेक्रेटरी श्री नितिन लॉरेंस की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। उनके प्रेरक विचारों ने उपस्थित जनसमूह के भीतर विश्वास और आत्मबल का संचार किया। सेलम स्कूल की प्रभारी प्राचार्य, श्रीमती रुपिका लॉरेंस, ने मंच से छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा – “आज का यह आयोजन केवल एक संगोष्ठी नहीं, बल्कि एक आंदोलन है। अगर हमारे बच्चे शिक्षित होंगे, आत्मनिर्भर होंगे, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र मजबूत होगा। हमें इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने बच्चों को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाना है।” “हमारा लक्ष्य है कि हर बच्चा पढ़े, सीखे और अपनी प्रतिभा से समाज को रोशन करे। यह संगोष्ठी उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।” भविष्य की दिशा आयोजकों ने घोषणा की कि इस तरह की संगोष्ठियां आगे भी निरंतर आयोजित की जाएंगी, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय जागरूक होकर शिक्षा और सरकारी योजनाओं से अधिकतम लाभ उठा सके। सेलम इंग्लिश स्कूल ने इस पहल को सफल बनाने के लिए चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया, छत्तीसगढ़ डायोसीज़ का विशेष आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी अतिथियों, गेस्ट स्पीकर्स, वक्ताओं और उपस्थित लोगों का हार्दिक आभार प्रकट किया गया। “शिक्षा ही वह दीपक है जो अंधकार मिटाकर हर घर में उजाला कर सकती है।” जनहित का संदेश यह संगोष्ठी वास्तव में समुदाय के सशक्तिकरण, शिक्षा और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि “शिक्षा ही वह दीपक है जो अंधकार मिटाकर हर घर में उजाला कर सकती है।”

मारीच की तरह छिपा था आरोपी, गोली लगते ही शूटर ने दिया एनकाउंटर: CM योगी

लखनऊ   यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई गोलीबारी के मामले में एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार एक शूटर की तुलना राक्षस 'मारीच' से की। लखनऊ के लोक भवन में एक समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा, 'आपने कल देखा कि महिला संबंधी अपराध में शामिल एक अपराधी दूसरे राज्य से यूपी आया था। वह संभवतः 'मारीच' (वेश बदलने में माहिर राक्षस) की तरह घुसा था। लेकिन जब यूपी पुलिस की गोली उसे लगी, तो वह चिल्ला रहा था कि वह गलती से उत्तर प्रदेश में घुस आया और अब कभी ऐसा दुस्साहस नहीं करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, हर उस अपराधी को राज्य से बाहर जाना ही करना होगा जो महिला सुरक्षा को नुकसान पहुंचाएगा, जो उनके सम्मान और आत्मनिर्भरता में बाधा बनने की कोशिश करेगा। बरेली पुलिस के अनुसार, फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित पैतृक घर पर गोलीबारी करने वाले पांच शूटरों में से एक आरोपी रामनिवास को उसके साथी अनिल के साथ शुक्रवार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने बताया कि मुठभेड़ बरेली में हुई, जिसमें आरोपी रामनिवास के पैर में गोली लगी। घटना के वायरल वीडियो में रामनिवास हाथ जोड़कर जमीन पर लेटा हुआ दिख रहा है और कह रहा है, बाबा के यूपी में कभी नहीं आएंगे साहब। पुलिस ने आरोपी के पास से .32 बोर की पिस्तौल, चार कारतूस और चार खोखे बरामद किए। आर्य ने बताया कि पूछताछ में रामनिवास ने गोलीबारी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और यह भी बताया कि वह घटना के बाद से फरार था।