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कुड़मी समाज का बड़ा आंदोलन कल से, झारखंड में थमेगी रेल सेवा?

रांची   आदिवासी कुड़मी समाज ने कल 20 सितंबर से अनिश्चितकालीन ‘रेल टेका डहर छेका’ आंदोलन की घोषणा की है. यह आंदोलन झारखंड, बंगाल और ओड़िशा तीनों राज्यों में एक साथ चलाया जायेगा. आंदोलन के कारण तीनों ही राज्यों में कल शनिवार को रेल यातायात प्रभावित होने की प्रबल संभावना है. इसके मद्देनजर रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने भी व्यापक तैयारी की है. रेल परिचालन में बाधा डालने वालों की होगी गिरफ्तारी आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार ने बताया कि आंदोलन को लेकर जिला प्रशासन के साथ बैठक हुई है. तय किया गया है कि सभी प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त बल की तैनाती होगी. साथ ही, धारा 144 लागू रहेगी. जो भी व्यक्ति रेल परिचालन में बाधा डालने की कोशिश करेगा, उसे तत्काल गिरफ्तार किया जायेगा. आंदोलन के लिए 40 स्टेशन चिह्नित इधर रांची रेल मंडल ने कहा है कि फिलहाल ट्रेनों को रद्द या मार्ग परिवर्तित करने का निर्णय नहीं लिया गया है. सीनियर डीसीएम शुचि सिंह ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. जरूरत पड़ने पर ही ट्रेनों के संचालन को लेकर कदम उठाए जायेंगे. आंदोलन के तहत झारखंड में 40 रेलवे स्टेशनों को चिह्नित किया गया है. इनमें प्रमुख स्टेशन हैं मूरी, टाटीसिलवे, मेसरा, राय, खलारी, बड़काकाना, गोला, जगेश्वर बिहार, चरही, चंद्रपुरा, प्रधानखंटा, पारसनाथ, हेसालौंग, चक्रधरपुर, सोनुवा, चाकुलिया, गोड्डा और जामताड़ा. क्या है कुड़मी समाज की मांग? मालूम हो कुड़मी समाज को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग को लेकर को लेकर आदिवासी कुड़मी समाज ने आंदोलन की घोषणा की है. कुड़मी समाज के वरीय केंद्रीय उपाध्यक्ष छोटेलाल महतो ने दावा किया कि 1931 की जनगणना में कुड़मी समाज को एसटी सूची में शामिल किया गया था, लेकिन 1950 में जो नयी सूची तैयार की गयी उसमें बाकी जनजातियों के नाम बने रहे, सिर्फ कुड़मी समाज का नाम हटा दिया गया. “हमारा नाम क्यों हटाया गया, इसका कोई आधार नहीं है. यह एक भूल थी और अब इसे सुधारना चाहिए.”

कार्यक्रम स्थल के पास हुआ दर्दनाक हादसा, शिवकुमारी जायसवाल के परिजनों की मौत पर सीएम मोहन यादव ने रद्द किया दौरा

सीधी   सीधी। सीधी जिले के जेठूला गांव में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सीएम डॉ मोहन यादव के कार्यक्रम स्थल के नजदीक खड़े ट्रक में एक एसयूवी घुस गई। हादसा इतना भीषण था कि इसमें तीन लोगों की मौत हो गई। ये तीनों बीजेपी नेता के परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। वहीं, तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। उनको इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ट्रक शुक्रवार के दिन बहरी में होने वाले सीएम के कार्यक्रम के लिए टेंट और अन्य सामान लेकर जा रहा था। दरअसल, दर्दनाक सड़क हादसा सीधी-सिंगरौली नेशनल हाईवे पर गुरुवार की शाम हुआ। इस हादसे में मयापुर बीजेपी मंडल अध्यक्ष शिवकुमारी जायसवाल के परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि टकराने के बाद बोलेरो का हिस्सा ट्रक के नीचे जा घुसा। इसे जेसीबी की मदद से बाहर निकालना पड़ा। इस हादसे पर सीएम मोहन यादव ने दुख जताया है। सीएम के कार्यक्रम की चल रही थी तैयारी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सिहावल विधानसभा के बहरी तहसील के जेठूला गांव में सीएम डॉ मोहन यादव का कार्यक्रम प्रस्तावित है। सीएम शुक्रवार को यहां पर सोन नदी पर बने पुल का उद्घाटन करने वाले हैं। इसकी तैयारी के लिए टेंट से लोड ट्रक खड़ा था। इसमें पीछे से आ रही तेज रफ्तार एसयूवी बोलेरो जा घुसी। हादसे के बाद सिंहावल विधायक विश्वामित्र पाठक ने सीएम से कार्यक्रम स्थगित करने की अपील की थी। कैंसिल हुआ सीएम का दौरा विधायक ने सीएम से अपील में कहा कि हमारे मंडल अध्यक्ष के परिवार की तीन लोगों की मौत हुई है। इसलिए किसी और दिन कार्यक्रम करें। वहीं, हादसे पर सीएम ने दुख जताते हुए शु्क्रवार के दिन अपना प्रस्तावित सीधी दौरा रद्द कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया में लिखा कि सीधी में हुई सड़क दुर्घटना में तीन लोगों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। दुर्घटना में घायलों को इलाज और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए प्रशासन को निर्देशित किया है। उन्होंने बाबा महाकाल से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को श्रीचरणों में स्थान दें। साथ ही घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। बोलेरो में 6 लोग थे सवार मिली जानकारी के अनुसार जगदीश जायसवाल का बेटा प्रिंस घर से कार लेकर निकला था। पहले तो इसमें दो लोग सवार थे। लेकिन रास्ते में कुछ और लोग बैठे तो कुल 6 लोग हो गए। इस दौरान कार ट्रक से जाकर टकरा गई। हादसे में धर्मेंद्र पिता चूड़ामणि जायसवाल और गीता उर्फ आदित्य पिता रघुनाथ की मौत हो गई। इसके साथ ही एक मृतक की पहचान सोहैब के रूप में हुई। वह राहतगढ़ का रहने वाला था। मृतक सीएम के कार्यक्रम के लिए टेंट की व्यवस्था करने वाले दल के साथ आया था।

अभियान में स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण सहित चल रही हैं अन्य गतिविधियां

भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म-दिन 17 सितम्बर से प्रदेश में शुरू हुए 'सेवा पखवाड़ा' अभियान में सामूहिक भागीदारी से सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई का अभियान चल रहा है। इसी के साथ महिला सशक्तिकरण सहित अन्य गतिविधियां भी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही हैं। सेवा पखवाड़ा अभियान 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक निरंतर चलेगा। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के निर्देश पर 1250 से अधिक स्वच्छता श्रमदान गतिविधियाँ हुईं। स्वच्छता लक्षित इकाइयों पर विशेष ध्यान देकर सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया। इस आयोजन में 6 हजार से अधिक जन-प्रतिनिधि और एक लाख 50 हजार से अधिक सामाजिक संगठन के सदस्य, युवा, विद्यार्थी, स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर और सफाई मित्र शामिल हुए। जन-प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता ही सेवा अभियान का उद्देश्य न केवल सफाई को बढ़ावा देना बल्कि नागरिकों के बीच स्वच्छता को निंरतर उत्सव के रूप में आत्मसात करना है। नर्मदापुरम जिले की विभिन्न तहसीलों और विकासखण्डों में स्वच्छता को लेकर साफ-सफाई अभियान चलाया गया। इटारसी में जन-सामान्य को स्वच्छता का संदेश दिया गया। नागरिकों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने की समझाइश दी गई। हरदा जिले में अननान नदी के तट पर श्रमदान किया गया। नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती, नागरिकों और अधिकारी-कर्मचारियों ने श्रमदान किया। बैतूल में कलेक्टर श्री नरेन्द्र सूर्यवंशी के निर्देश पर कोठी बाजार और गंज क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रबंधन को लेकर जागरूकता एवं कार्यवाही की गयी। स्वच्छता अमले ने व्यापारियों को पॉलिथिन का उपयोग न करने के स्थान पर कपड़े के थैले का उपयोग करने की समझाइश दी। प्रशासनिक कार्यवाही करते हुए अमले ने सिंगल यूज प्लास्टिक का यूज करने वाले व्यापारियों पर 16 हजार रुपये चालान की राशि वसूल की और 54 किलो पॉलीथिन जप्त किया। अनूपपुर जिले के अमरकंटक में वन एवं पर्यावरण और प्रभारी मंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने अभियान के अंतर्गत पौध-रोपण किया। प्रभारी मंत्री ने नर्मदा नदी के दक्षिण घाट पर बेल का पौधा रोपित किया। उनके साथ महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों ने नींबू, जामुन, आम और अमरूद के पौधे लगाये। शहडोल में मोहनराम तालाब की साफ-सफाई की गयी। नगर के गाँधी स्टेडियम में एनसीसी, एनएसएस, स्कूल के छात्र-छात्राओं, नगरपालिका के स्टॉफ ने मानव श्रंखला बनाकर स्वच्छता का संदेश दिया। दमोह जिले के पथरिया में पशुपालन राज्यमंत्री श्री लखन पटेल 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा को मजबूत कर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य स्तर को सुधारा जा सकता है। कार्यक्रम में 8वाँ राष्ट्रीय पोषण माह और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी दी गयी। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को गर्भावस्था के समय दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी दी गयी। अभियान में 'एक पेड़ माँ के नाम' कार्यक्रम में नागरिकों ने फलदार पौधे लगाये। सागर में सामूहिक भागीदारी से स्वच्छता कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम दीनदयाल चौराहे पर लगी पं. दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति की सफाई से किया गया और माल्यार्पण किया गया। बस स्टैण्ड पर नागरिकों की भागीदारी से सफाई की गयी। कार्यक्रम में विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, महापौर सागर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी एवं नागरिक शामिल हुए। जिले के खुरई में डम्प साइट स्थानों पर सफाई करवायी गयी। जन-सामान्य को स्पॉट के कायाकल्प का संकल्प दिलाया। कचरा गाड़ी में ही डालने के लिये प्रेरित किया गया। सुरखी में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर और रक्तदान शिविर लगाया गया। कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत शामिल हुए।  

कुंवारों के लिए नो एंट्री — गाजियाबाद सोसाइटी के गेट पर लगा चौंकाने वाला पोस्टर

गाजियाबाद गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार स्थित गौर सिद्धार्थम सोसाइटी में अविवाहित युवाओं को किराये पर फ्लैट देने पर रोक लगा दी गई है। इसके लिए सोसाइटी के मेन गेट पर 'बैचलर टेनेंट आर नॉट अलाउड' के पोस्टर लगाए गए हैं।सोसाइटी निवासी अरुण सिंह ने बताया कि हाल ही में सोसाइटी के एक फ्लैट में किराये पर रहने वाले तीन-चार युवकों को साइबर क्राइम की टीम ने छापा मारकर गिरफ्तार किया था। उनके पास से 25 लाख रुपये नकद और एक पिस्टल भी बरामद हुई थी। इससे सोसाइटी का नाम भी बदनाम हुआ। इसी तरह के कुछ और मामले हैं, जहां किराये पर रह रहे अविवाहित युवक देर रात तक शोर गुल करते हैं। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। वहीं, सोसाइटी में रहने वाले सभ्य लोगों के साथ महिलाओं और बच्चों के लिए भी ऐसी गतिविधियां ठीक नहीं हैं। इससे उन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में सोसाइटी के लोगों ने बीते शनिवार को प्रबंधन ऑफिस में एक बैठक की। इस बैठक में यह फैसला लिया गया कि अब किसी भी अविवाहित युवक को सोसाइटी में किराये पर फ्लैट नहीं दिया जाएगा। बैठक के अगले ही दिन सोसाइटी के गेट पर बड़े पोस्टर-बैनर लगा दिए गए। असल में गाजियाबाद शिक्षा क्षेत्र के रूप में तेजी से उभरा है। यहां दूर-दूर से युवा पढ़ाई के लिए आते हैं और किराये पर रहते हैं। इस तरह की अनैतिक गतिविधियों से अन्य युवाओं के लिए भी परेशानी हो सकती है। सोसाइटी में देर रात तक शोर-गुल करते हैं युवा सोसाइटी निवासियों के मुताबिक, सोसाइटी में करीब 500-600 किरायेदार हैं। इनमें से 150-200 फ्लैटों में अविवाहित किरायेदार रहते हैं। कई युवा देर रात तक पार्टी और शोरगुल कर माहौल खराब करते हैं। अब जब तक इनका एग्रीमेंट है तभी तक इन्हें अनुमति है। इसके बाद इनका एग्रीमेंट नहीं बढ़ाया जाएगा। इसकी जानकारी सभी को दे दी गई है।

इस जिले में बनेगा मॉडल बस डिपो, इलेक्ट्रिक बस सेवा का होगा शुभारंभ

पानीपत  पानीपत में पुराने बस स्टैंड को ई-बस डिपो में परिवर्तित किया गया है। डिपो में 40 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी, जिनकी उपलब्धता को लेकर हरियाणा सिटी बस सर्विस लिमिटेड से बातचीत जारी है। माना जा रहा है कि 23 सितंबर को नई इलेक्ट्रिक बस स्टैंड का उद्घाटन होगा। यदि बसों की उपलब्धता में देरी हुई तो अक्टूबर के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा ई-बस डिपो का उद्घाटन किया जाएगा। शहर में बनाए जाएंगे 14 नए बस स्टॉप  पानीपत के ई-बस बेड़े में 40 नई बसें शामिल होंगी, जो शहर के साथ-साथ आस-पास के कस्बों तक सेवा प्रदान करेंगी। शहर में 14 नए बस स्टॉप बनाए जाएंगे, जबकि समालखा, शाहरपुर, असंध और घरौंडा क्षेत्र में भी अलग से बस स्टॉप होंगे। इसके अलावा, सिटी बस सेवा शामली तक संचालित की जाएगी। डिपो में आवश्यक सुविधाओं और बस स्टॉप के ठहराव की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। फिलहाल शहर में पांच इलेक्ट्रिक सिटी बसें चल रही हैं, जिनके अच्छे रिस्पांस के बाद 40 नई बसें खरीद ली गई हैं, जिनका संचालन अप्रैल से शुरू होगा।  इलेक्ट्रिक बसों की अधिकतम गति तय  इलेक्ट्रिक बसों की अधिकतम गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। इससे अधिक गति पर कंट्रोल रूम को सूचना मिलती है और चालक को जवाब देना होता है, जिससे यात्रा सुरक्षित बनी रहेगी। प्रदेश में कुल 450 अत्याधुनिक और वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 2450 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत है, जो यात्रियों को आरामदायक एवं प्रदूषण रहित सफर उपलब्ध कराएगी। अक्टूबर के पहले सप्ताह में डिपो शुरू हो जाएगाः रोडवेज जीएम पानीपत रोडवेज के जीएम विक्रम कांबोज ने बताया कि ई-बस डिपो का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और फिनिशिंग का काम जारी है। विभाग की ओर से अभी उद्घाटन के लिए आधिकारिक सूचना नहीं आई है, लेकिन उम्मीद है कि अक्टूबर के पहले सप्ताह में डिपो शुरू हो जाएगा। उद्घाटन की तारीख बसों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी और आदेश मिलने पर सूचना दी जाएगी।

त्योंथर क्षेत्र को मिलेगा विकास का तोहफा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे 162 करोड़ के कार्यों का शुभारंभ

निवेशकों को प्रदान करेंगे भूमि आवंटन पत्र भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितम्बर को रीवा जिले के त्योंथर विधानसभा क्षेत्र के चाकघाट में निवेशक उद्यमियों से चर्चा कर औद्योगिक क्षेत्र घूमा में निवेश करने वाले उद्योगपतियों को भूमि आवंटन-पत्र प्रदान करेंगे। साथ ही 162 करोड़ 31 लाख रुपए की लागत के 5 निर्माण कार्यों का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक क्षेत्र विकास निगम द्वारा 124 करोड़ 45 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र, लोक निर्माण विभाग द्वारा 1.6 किलोमीटर लंबाई के पहुंच मार्ग, ग्राम कठौती मझगवां से चौहान बस्ती तक 3.5 किलोमीटर की सड़क, ग्राम चिल्ला से त्योंथर मार्ग पर टमस नदी में मीर बहरी घाट पर पुल निर्माण, ग्राम मझगवां डीही से लठिया तालाब तक 3.8 किलोमीटर लम्बाई के पहुंच मार्ग का शिलान्यास करेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की फिल्म चलो जीते हैं की मुक्त कंठ से सराहना

प्रधानमंत्री मोदी के जीवन से सीख देती है 'चलो जीते हैं': मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वक्तव्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की फिल्म चलो जीते हैं" की मुक्त कंठ से सराहना 24 सितंबर तक पूरे प्रदेश में फिल्म का प्रदर्शन होगा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के बाल्यकाल की परिस्थितियों पर एक आदर्श फिल्म है, जो अतीत से वर्तमान में लाकर छोड़ती है। आधे घंटे की अवधि में फिल्म कथा सार को समेटना एक अद्भुत प्रयोग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को सिनेपोलिस बंसल प्लाजा, भोपाल में "चलो जीते हैं" फिल्म का शो देखने के बाद मीडिया से चर्चा में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुक्त कंठ ने फिल्म की सराहना की। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, विधायक  रामेश्वर शर्मा,  भगवानदास सबनानी, पूर्व मंत्री मती अर्चना चिटनिस तथा बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की जन्म वर्षगांठ के अवसर पर 18 से 24 सितंबर तक पूरे प्रदेश में फिल्म "चलो जीते हैं" का प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी के बाल्यकाल और जीवन पर केंद्रित फिल्म के सेवा पखवाड़े के अंतर्गत संगठन द्वारा प्रदेश भर में प्रदर्शन की पहल सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म देखने के बाद कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  मोदी ने 17 सितंबर को मध्यप्रदेश के जनजाति बहुल धार जिले में अपना 75वां जन्मदिवस मनाया। राष्ट्र नायक  मोदी का गौरव पक्ष और शालीन पक्ष इस फिल्म में देखने को मिलता है। "चलो जीते हैं" फिल्म में  मोदी ने ध्येय वाक्य "चलो जीते हैं" को लेकर कठिनाइयों के बीच जीते हुए अपने जन्म और जीवन को सिद्ध किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोयले की खदान से हीरा निकले तो खदान धन्य हो जाती है। प्रधानमंत्री  मोदी दुनिया के सबसे बड़े गणतंत्र का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने जीवन में अन्य परेशानियां झेलते हुए अपने साथी विद्यार्थी को भी सहारा दिया। वे किस तरह युक्ति निकालते हैं, आज यह दुनिया के सामने है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के दीर्घायु और शतायु होने की कामना की। प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है। वर्ष 2019 तक वे और भी शक्तिशाली बनकर पूरे विश्व को संदेश देंगे। भारत विश्व में सिरमौर बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के समय में नई तकनीक और बड़े खर्चे से फिल्में बनती हैं, लेकिन इस शॉर्ट फिल्म में सीमित साधनों के उपयोग से अल्प अवधि में बिना मध्यांतर की फिल्म बनाकर फिल्म का मूल कथा पक्ष दृढ़ इच्छा शक्ति का फिल्मांकन बखूबी किया गया है। इस नाते फिल्म निर्माण में यह नया प्रयोग भी है। फिल्म अतीत का वर्तमान से तादात्म्य मिलाकर मोदी जी के पूरे जीवन पर प्रकाश डालती है। इसके लिए फिल्म निर्माता बधाई के पात्र हैं। इस शॉर्ट फिल्म को सभी नागरिकों को देखना चाहिए। उल्लेखनीय है कि "चलो जीते हैं" वर्ष 2018 में बनी एक शॉर्ट फिल्म है, जो प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के बचपन से प्रेरित है। यह फिल्म बॉलीवुड स्टार्स वाली कमर्शियल मूवी नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक लघु फिल्म है। फिल्म के निर्देशक  महावीर जैन, निर्माता  भूषण कुमार, महावीर जैन हैं। फिल्म की कहानी एक छोटे बालक की है जो अपने जीवन में "दूसरों की सेवा" और "देशभक्ति" को सबसे बड़ा धर्म मानता है। फिल्म में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के बचपन से जुड़े आदर्श और संस्कारों को दर्शाया गया है। फिल्म "चलो जीते हैं" में बड़े स्टार कलाकार नहीं हैं बल्कि ज्यादातर नए कलाकारों ने काम किया है। इस फिल्म में बालक नरेन्द्र (नन्हें मोदी) की मुख्य भूमिका में समर्थ शुकला, नरेन्द्र के मित्र के रूप में राहुल पटेल, बाल कलाकार आरोही राय और आदित्य शामिल हैं। यह फिल्म मुख्यत: बाल नरेन्द्र मोदी के विचारों और समाजसेवा की सोच पर केंद्रित है, इसलिए इसमें स्टार कॉस्ट से ज्यादा संदेश और प्रेरणा पर जोर दिया गया है। फिल्म 6 वर्ष बाद रिलीज हुई है।  

राजनीतिक तैयारी: भाजपा हर क्षेत्र में बढ़ाएगी वोटर बेस, हर विधानसभा में 5-7 हजार नए मतदाता

पटना  विधान सभा चुनाव 2022 में 53 सीटें ऐसी थीं जिनमें जीत हार का अंतर पांच हजार से कम का रहा था। इनमें से 15 सीटें तो ऐसी थी जिनमें एक हजार से कम मतों से जीत-हार हुई थी। यही वजह है कि पार्टी ने हर विधान सभा सीट पर पांच से सात हजार नए मतदाता पंजीकृत कराने की रणनीति बनाई है। दरअसल, वर्ष 2022 के विधान सभा चुनाव में 53 सीटें ऐसी थीं जिनमें जीत हार का अंतर पांच हजार से कम का रहा था। इनमें से 15 सीटें तो ऐसी थी जिनमें एक हजार से कम मतों से जीत-हार हुई थी। यही वजह है कि पार्टी ने हर विधान सभा सीट पर पांच से सात हजार नए मतदाता पंजीकृत कराने की रणनीति बनाई है। लॉगइन फीचर्स: अपनी पसंदीदा खबरों को लाइक कर, उन्हें बुकमार्क करें और कमेंट के जरिए अपनी राय साझा करें!  

विदेश में नौकरी का मौका: योगी सरकार की योजना से 25 हजार युवा होंगे लाभान्वित

लखनऊ उत्तर प्रदेश का सेवायोजन विभाग इस साल 25 हजार अभ्यर्थियों को विदेश रोजगार के लिए भेजेगा। अभी तक उप्र से सेवायोजन विभाग द्वारा 5978 निर्माण श्रमिकों को इजराइल भेजा जा चुका है। जिनके द्वारा प्रदेश को 1400 करोड़ का रिमिटेन्स प्राप्त हुआ है। निदेशक नेहा प्रकाश ने गुरुवार को बताया कि कैबिनेट द्वारा प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिये उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया गया है। 5978 निर्माण श्रमिकों को इजराइल भेजा इस क्रम में सेवायोजन विभाग द्वारा गत वर्ष 5978 निर्माण श्रमिकों को इजराइल भेजा जा चुका है। जिसके द्वारा 1400 करोड़ का रिमिटेन्स प्रदेश को प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि अभी एक दिन पूर्व मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अधीन गठित राज्य संचालन समिति की बैठक भी हुई थी। 25000 अभ्यर्थियों को विदेश में रोजगार देने का लक्ष्य उन्होंने ने बताया कि सेवायोजन विभाग द्वारा मिशन के माध्यम से इस वर्ष 25000 अभ्यर्थियों को विदेश में रोजगार देने एवं देश में निजी क्षेत्र में 300000 अभ्यर्थियों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ 400000 अभ्यर्थियों की कॅरियर कॉउन्सिलिंग कराये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर नेहा प्रकाश ने बताया कि रोजगार मिशन की कार्ययोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का पता लगाने के लिए इन्डस्ट्री एसोसिएशन जैसे फिक्की, एसोचैम, सीआईआई, इत्यादि के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाएगी। जिससे आगामी वर्षों में उद्योगों में उत्पन्न होने वाले रोजगार की जानकारी के लिये दीर्घकालीक रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि विदेशों में रोजगार मांग के सर्वेक्षण के लिए एम्बेसी के सहयोग से विदेशों में रोड शो, इन्डस्ट्रीज के साथ कोलेबोरेशन, डेलीगेशन विजिट की जाएगी। साथ ही पोस्ट प्लेसमेन्ट सर्पोट के अन्तर्गत एम्बेसी के माध्यम से लोकल गार्जियनशीप की व्यवस्था किये जाने के निर्णय एवं इन्टीग्रेटेड कॉल सेंटर का संचालन 2437 किया जाएगा।

त्योहारों को लेकर DC का बड़ा निर्देश, प्रशासन हुआ अलर्ट

अमृतसर जिला मैजिस्ट्रेट एव डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने त्यौहारी सीजन में पटाखों की बिक्री व पटाखे चलाने संबंधी माननीय सुप्रीमो कोर्ट के आदेशानुसार प्रशासनिक निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत प्रशासन की तरफ से जारी अस्थायी लाइसैस धारक ही पटाखों की बिक्री कर सकते हैं और ग्रीन पटाखे ही बेचे जा सकते हैं और ग्रीन पटाखे ही चलाए जा सकते हैं। ग्रीन पटाखे जो कि लीथियम, मरकरी, आरसैनिक, सिक्का, थोरियम साल्ट आदि के बिना बनें होंगे सिर्फ वही ग्रीन पटाखे चलाए जा सकते हैं। दीवाली व भगवान वाल्मीकि प्रकाशोत्सव पर सात 8 बजे से लेकर 10 बजे तक, गुरुपुर्व वाले दिन सुबह 4 बजे से लेकर 5 बजे तक और रात को 9 से 10 बजे तक पटाखे चलाए जा सकते हैं। इसी प्रकार से क्रिसमिस वाले दिन रात 11.55 बजे से लेकर सुबह 12.30 बजे तक नववर्ष पर रात 11.55 बजे से लेकर सुबह 12.30 बजे तक ही पटाखे चलाए जा सकते हैं। प्रशासन की तरफ से निर्धारित समय से पहले व बाद में पटाखे चलाने पर पूर्णतय प्रतिबंध है। इसके अलावा वैबसाइट-ई कामर्स आदि पर पटाखे नहीं बेचे जा सकते हैं। विवाह शादी समागम में पटाखे चलाने के लिए मैरिज पैलेस मालिक की तरफ से लाइसैंस लेना होगा, शोभा यात्रा, नगर कीर्तन, प्रभात फेरी व अन्य समागमों में पटाखे चलाने के लिए भी लाइसैंस लेना होगा।