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वाणिज्यिक कर विभाग की बड़ी कार्रवाई कर 9 करोड़ 59 लाख की जीएसटी चोरी पकड़ी

फर्जी चालान व ई-वे बिल से आयरन स्क्रेप की फर्जी खरीद दिखाई   जयपुर राज्य में बोगस, फेक फर्मो द्वारा की जा रही राजस्व क्षति रोकने के लिए राज्य कर विभाग सर्तक है। विभाग के मुख्य आयुक्त श्री कुमार पाल गौतम के निर्देशन में इस सम्बंध निरन्तर की जा रही कार्रवाई की कड़ी में  प्रवर्तन शाखा प्रथम की टीम ने जयपुर स्थित विश्वकर्मा इण्डस्ट्रियल एरिया में  आयरन एवं स्क्रेप का कागजी कारोबार करने वाली दो फर्मों बाबा मैटल्स तथा खण्डेलवाल एण्टरप्राईजेज पर एक साथ सर्च और सर्वे की कार्रवाई की। मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर 29 सितम्बर तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।   मुख्य आयुक्त ने बताया कि कार्रवाई से पूर्व विभाग ने जीएसटी पोर्टल पर दोनों फर्मो के खरीद फरोख्त संबंधी आंकड़ो का विश्लेषण किया तथा अपने गुप्त स्त्रोतों से इन फर्मो की व्यापारिक गतिविधियों की सूचना जुटाई । इस दौरान पाया गया कि दोनों फर्मो का संचालन मास्टरमाइंड महेन्द्र खण्डेलवाल द्वारा किया जा रहा है। विभागीय जांच में स्पष्ट हुआ कि महेन्द्र खण्डेलवाल द्वारा अपनी दोनों फर्मो में कूटरचित बोगस बिलों के आधार पर कुल 53 करोड़ 27 लाख रूपये की खरीद दिखाकर 9 करोड़ 59 लाख रूपये की राजस्व हानि की गई है। महेन्द्र खण्डेलवाल ने सुनियोजित तरीके से राज्य के बाहर स्थित आयरन एवं स्क्रेप के बोगस कारोबारियों से संबंध स्थापित किये तथा दिल्ली, उत्तरप्रदेश, आगरा स्थित बोगस फर्मो से बिलों की खरीद कर  आगत कर (आईटीसी) का अनुचित लाभ लेकर राजस्व की हानि की।  श्री गौतम ने बताया कि जब विभाग ने इन फर्मो में माल की खरीद के लिए निर्मित ई-वे बिलों की गहनता से पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आये। ई-वे बिल में जिन वाहनों का नम्बर दर्ज किया गया था, उनका फर्मों के घोषित व्यवसाय स्थल, गोदाम आदि पर आगमन होना नही पाया गया। इनमें से कई वाहनो का संचालन तो राज्य के बाहर होना पाया गया। इस प्रकार मास्टरमाइंड महेन्द्र खण्डेलवाल द्वारा आगत कर दुरूपयोग (आईटीसी मिसयूज) की सोची समझी रणनीति के तहत माल की वास्तविक आपूर्ति प्राप्त किये बिना ही कूटरचित ई-वे बिलों का निर्माण किया गया और केवल कागजी संव्यवहार के द्वारा बोगस बिलों से खरीद दिखाकर मिथ्या आगत कर का लाभ प्राप्त कर राजस्व की क्षति की गई।  श्री गौतम ने बताया कि सर्च कार्यवाही के पश्चात् बोगस कारोबारी महेन्द्र खण्डेलवाल विभाग को चकमा देकर भूमिगत हो गया। मास्टरमांइड ने अपना मोबाइल फोन बन्द कर लिया और रोज नये ठिकाने बदलता रहा। विभाग के बार-बार सम्मन जारी करने पर भी पेशी पर उपस्थित नही हुआ। जिस पर मुख्य आयुक्त के सुपरविजन में प्रवर्तन शाखा प्रथम की टीम गठित की गई और मास्टरमाइंड के सभी संभावित ठिकानों, रिश्तेदारो के घरों पर रैकी करवायी गयी। टीम के कई सदस्य बोगस ग्राहक बनकर आयरन एवं स्क्रेप कारोबारियों से सम्पर्क करते रहे। इसी बीच टीम को अपने गुप्त स्त्रोतो से किसी सामाजिक कार्यक्रम में मास्टरमाइंड के उपस्थित होने के सूचना मिली। जिस पर टीम के दो सदस्य कैटरिंग वाले बनकर कार्यक्रम में शामिल हो गये और बाकी टीम को सूचित कर अभियुक्त महेन्द्र खण्डेलवाल को आरजीएसटी/सीजीएसटी एक्ट 2017 के प्रावधानो के तहत राजस्व चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार कर आर्थिक अपराध न्यायालय में पेश किया गया। अभियुक्त को 29 सितंबर तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। विभाग द्वारा सम्पूर्ण प्रकरण की गहनता से जाँच की जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आह्वान: स्वदेशी अपनाएं, MP को समृद्ध और भारत को आत्मनिर्भर बनाएं

स्वेदशी अपना कर मध्यप्रदेश को समृद्ध और देश को आत्मनिर्भर बनाकर बने देशभक्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री  मोदी के स्वदेशी अपनाने के आहवान का प्रदेशवासी करें अनुसरण लोगों के रोजगार और जीवनयापन का माध्यम हैं स्वदेशी सामग्री भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'स्वदेशी अपनाओ-मध्यप्रदेश समृद्ध बनाओ, स्वदेशी अपनाओ-देश को आत्मनिर्भर बनाओ' के संदेश के माध्यम से प्रदेशवासियों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि हमें गांव-गावं, शहर-शहर स्वदेशी का अभियान चलाना है। प्रदेशवासी स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों पर गर्व करें और गर्व से कहें कि हम स्वदेशी हैं। प्रदेश के छोटे दुकानदार, व्यापारी स्वदेशी वस्तुओं के क्रय-विक्रय को प्रोत्साहन दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से गुरूवार को जारी अपने संदेश के माध्यम से प्रदेशवासियों से यह विचार साझा किये। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे स्तर पर वस्तुओं के निर्माता अपने ढंग से अपनी क्षमता, योग्यता और कौशल के आधार पर स्वदेशी वस्तुओं के उत्पादन में अपनी मेहनत लगाते हैं। इससे हमारी हजारों सालों से चली आ रही आत्मनिर्भरता की परम्परा भी जीवित रहती है। स्वदेशी वस्तुओं की सुंगध और प्रभाव ही अलग है, यह सामग्री कई लोगों को रोजगार का अवसर देकर गरीब परिवारों के जीवनयापन का माध्यम बनती है और देश की आर्थिक समृद्धि का मार्ग भी स्वदेशी से ही प्रशस्त होता है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के स्वदेशी अपनाने के आहवान का सभी प्रदेशवासी अनुसरण करें। त्यौहारों के समय होने वाली खरीददारी में भी स्वदेशी वस्तुओं को अपनाया जाए। भारत को विश्व में सबसे शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित करने की सामर्थ्य स्वदेशी में ही है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी ने स्वदेशी के माध्यम से ही पूरे देश को एक सूत्र में पिरोया था। आज भी भारत को विश्व में सबसे शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित करने की सामर्थ्य स्वदेशी में ही है। इसी आधार पर प्रधानमंत्री  मोदी देशवासियों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं स्वदेशी के अभियान समर्पित हैं। 'स्वदेशी अपनाओ देशभक्त कहलाओ' के भाव के साथ पूरा प्रदेश इस अभियान के साथ है।  

मंगला पशु बीमा योजन से पशुधन सुरक्षित, भविष्य सुनिश्चित ग्रामीण सेवा शिविर में शकुन्तला को मिली पशु बीमा पॉलिसी

जयपुर धौलपुर की बसेड़ी ग्राम पंचायत के झील गांव निवासी शकुन्तला देवी परिवार की अतिरिक्त आय के लिए भैंस पालती है क्योंकि वह और उसका पति पीतम सिंह अपनी छोटी सी जोत के कारण खेती पर निर्भर नहीं रह सकते। किसी भी पशु की मृत्यु उसके परिवार की आर्थिक स्थिति को परेशानी में डाल देती है लेकिन मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की दूरगामी सोच से राज्यभर में 17 सितम्बर से संचालित ग्रामीण सेवा शिविर अभियान के पहले ही दिन शकुन्तला की दोनों भैंसों का मंगला पशु बीमा किया गया। झील के अटल सेवा केन्द्र में आयोजित शिविर से पहले ही पशुपालन विभाग के कार्मिक शकुन्तला समेत ग्राम पंचायत के प्रत्येक घर पहुंचे तथा उन्होंने सूची बनाई कि किस परिवार को किस योजना का पात्र होने के बावजूद अभी तक लाभ नहीं मिला है।  इस योजना में बीमित गाय, भैंस और ऊंट का 40 हजार रूपये तथा बकरी व भेड़ का 4 हजार रूपये का 1 वर्ष अवधि के लिए निःशुल्क बीमा किया जाता है। शकुन्तला ने राज्य सरकार की इस योजना का निःशुल्क लाभ मिलने पर मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा का आभार व्यक्त किया है।  शकुन्तला को कैंप में मंगला पशु बीमा योजना की पॉलिसी दी गई। इससे यह परिवार प्रसन्न है कि राजस्थान सरकार के इस कार्यक्रम के तहत इन्हें आर्थिक सुरक्षा कवच व गारंटी प्राप्त हुई है।  इसी प्रकार खानपुर में लगे कैम्प में 60 वर्षीय श्री ग्यासीलाल की वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत हो गई और उन्हें पहली बार पीपीओ नम्बर प्राप्त हुआ। ग्यारसीलाल ने इस जनोन्मुखी अभियान के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।

संसदीय कार्य मंत्री ने केरू के बड़ली में ग्रामीण सेवा शिविर का किया अवलोकन

शिविरों के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास एवं सुशासन की पहुंच हुई सुनिश्चित: पटेल शिविर में विभिन्न विभागों की स्टॉल्स का किया निरीक्षण   जयपुर संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने गुरुवार को पंचायत समिति केरू की ग्राम पंचायत बड़ली में ग्रामीण सेवा शिविर का अवलोकन किया। श्री पटेल ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिवस को सेवा पखवाड़ा के रूप में मनाया जा रहा है। इस पखवाड़े के तहत आयोजित होने वाले ग्रामीण सेवा शिविर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत को धरातल पर उतारने के प्रयासों का हिस्सा हैं। इन शिविरों के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास एवं सुशासन की पहुंच सुनिश्चित हुई है।  शिविरों से आमजन को मिलेगा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ संसदीय कार्य मंत्री ने कहा ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से केन्द्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुंचाया जाएगा। शिविरों में रास्ते खोलना, आपसी सहमति से विभाजन एवं नामान्तकरण,लम्बित नोटिसों की तामीली एवं फार्मर रजिस्ट्री संबंधी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मूल निवास, जाति प्रमाण-पत्र एवं स्वामित्व योजना के तहत स्वामित्व पट्टा वितरण और किसान गिरदावरी एप द्वारा गिरदावरी की जा रही है। श्री पटेल ने कहा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीबी मुक्त भारत अभियान से जुड़े कार्य और पीएमजेएवाई कार्ड का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, पालनहार योजना और मुख्यमंत्री घुमंतू आवास योजना जैसी योजनाओं के लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना के तहत 10 हजार और गांवों का बीपीएल सर्वे किया जा रहा है। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा सभी ग्रामवासी इन शिविरों का अधिकाधिक लाभ लें एवं आस-पड़ोस के लोगों को भी प्रेरित करें। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से भी आह्वान किया कि वे इन शिविरों में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।  विभागीय अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश शिविर में संसदीय कार्य मंत्री ने फॉर्मर रजिस्ट्री के लक्ष्य शत प्रतिशत प्राप्त करने, एनएफएसए के तहत शत प्रतिशत ई- केवाईसी करने और  बड़ली में स्वीकृत जीएसएस के लिए भूमि आवंटन के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मंगला पशु बीमा की पॉलिसी का किया वितरण इस दौरान उन्होंने शिविर में विभिन्न विभागों की स्टॉल्स का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों से योजनाओं और उनकी क्रियान्विति के संबंध में सम्पूर्ण जानकारी ली।  उन्होंने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत  लाभार्थी श्रीमती नम्रता और विशना देवी को पॉलिसी वितरित की | टीबी मुक्त भारत के तहत पोषण किट का वितरण किया गया। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान और हरियालो राजस्थान के तहत कार्यक्रम स्थल पर पौधारोपण किया। शिविर में राजस्व संबंधी कार्य हुए संपादित तहसीलदार जोधपुर श्री कृष्णपाल सिंह ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा शिविर में काश्तकारों के शुद्धि पत्र के 10 प्रकरण, सहमति से विभाजन का 1 प्रकरण, रास्ते के 2 प्रकरण,नामांतरण के 10 प्रकरणों पर आवश्यक कार्यवाही कर राहत प्रदान की गई। ये रहे उपस्थित शिविर में सरपंच श्री किशनाराम कटारिया, पंचायत समिति श्री बाबूसिंह राजपुरोहित,श्री गोविंद टाक, श्री सुमेर सिंह राजपुरोहित,श्री महेन्द्र सिंह बेरू,विकास अधिकारी केरू श्री गिरधारीराम, सहायक अभियंता (डिस्कॉम) श्री मनीष रोहड़ीवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।

प्रदेश सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ हर समस्या का कर रही समाधान: जोगाराम पटेल

जयपुर संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने गुरुवार  को ग्राम पंचायत सांगरिया में सीवरेज के गंदे पानी की निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था का जायजा लिया।श्री पटेल ने कहा मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ हर समस्या का समाधान कर रही है। उन्होंने कहा सांगरिया में सीवरेज के पानी की त्वरित निकास से आमजन को राहत मिली है। उन्होंने कहा नगर निगम द्वारा अस्थाई एवं त्वरित समाधान के लिए हेलीपेड सर्किल से कुड़ी नाले में आवश्यक संसाधन लगाकर गंदे पानी की निकासी की जा रही है और सांगरिया की भावी आवश्यकता को ध्यान में रखकर डीपीआर भी बनाई जा रही है। क्षेत्र में फॉगिंग करने के दिए निर्देश संसदीय कार्य मंत्री ने दूरभाष पर नगर निगम आयुक्त श्री सिद्धार्थ पालानीचामी को गंदे पानी के कारण मच्छरों से बीमारियां फैलने की आशंका के मद्देनजर क्षेत्र में फॉगिंग करने के निर्देश दिए। स्वनिधि योजना से छोटे व्यापारियों का हो रहा आर्थिक सशक्तिकरण संसदीय कार्य मंत्री ने हेलीपेड सर्किल विवेक विहार स्थित सरस मिनी बूथ पर जनसुनवाई की और चाय का आनंद लिया। इस दौरान उन्होंने यूपीआई के माध्यम से डिजिटल पेमेंट कर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा डबल इंजन की सरकार द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना से छोटे व्यापारियों एवं बेरोजगार युवाओं को सब्सिडी एवं कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाकर उनका आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। ग्रामवासियों में जताया मंत्री का आभार सरपंच सांगरिया श्री तेजाराम चौधरी ने कहा 14 सितम्बर को माननीय मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने जिला कलक्टर और नगर निगम आयुक्त को मौके पर बुलाकर ग्रामवासियों को आश्वाशन दिया था कि आज ही गंदे पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी। उसी दिन वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम सीवरेज के गंदे पानी का निकासी शुरू हो गई। इसलिए आज ग्रामवासियों के एक प्रतिनिधि मंडल द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

बड़ी सफलता! छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने नक्सली ठिकाना ध्वस्त किया, तीन इनामी नक्सली मारे गए

रायपुर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा और बीजापुर जिलों में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दो अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 12 लाख रुपए के इनामी तीन माओवादी मारे गए, जिनमें एक महिला माओवादी भी शामिल है। दोनों ही मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री और दस्तावेज भी बरामद किए हैं। सुकमा जिले में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस दौरान 5 लाख की इनामी महिला माओवादी बूस्की नुप्पों (35) मारी गई। वह मलांगीर एरिया कमेटी की सक्रिय सदस्य (एसीएम) थी और सुकमा एवं दंतेवाड़ा में दर्ज 9 गंभीर मामलों की आरोपी थी। इसके पास से 315 बोर रायफल, रायफल कारतूस, वायरलेस सेट, डेटोनेटर, कोर्डेक्स वायर, जिलेटिन रॉड, पिट्ठू बैग, बारूद, रेडियो, बंडा, नक्सली साहित्य एवं दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है। सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि विश्वसनीय सूचना के आधार पर डीआरजी की टीम ने जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें यह सफलता मिली। वहीं, बीजापुर जिले की मुठभेड़ में दो इनामी नक्सली मारे गए। यह मुठभेड़ 17 सितंबर को हुई। बीजापुर के दक्षिण-पश्चिमी जंगलों में भी माओवादियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में दो इनामी माओवादी ढेर कर दिए गए। ये दोनों हाल ही में ग्रामीणों और एक शिक्षादूत की हत्या में शामिल थे। मारे गए माओवादियों की पहचान रघु हपका (33) के रूप में हुई है। इसके ऊपर 5 लाख रुपए का इनाम रखा गया था। दूसरे माओवादी की पहचान सुक्कु हेमला (32) के रूप में हुई है, जो बीजापुर थाना का रहने वाला था। इसके ऊपर 2 लाख रुपए का इनाम रखा गया था। इनके पास से 303 रायफल, मैग्जीन, जिंदा कारतूस, बीजीएल लांचर, सेल, बैटरी, कार्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, पिट्ठू बैग, माओवादी वर्दी, दवाइयां और अन्य नक्सली सामग्री बरामद हुई है। बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि डीआरजी, एसटीएफ और कोबरा 202 एवं 205 की टीम ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन में इन दोनों इनामी माओवादियों को ढेर किया।

सोशल मीडिया पर बदलाव: अनिल विज ने ‘X’ बायो से हटाया मंत्री पद का ज़िक्र

अंबाला  हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने बुधवार देर रात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बायो में बदलाव करते हुए मिनिस्टर (Minister) शब्द हटा दिया। पहले उनका बायो अनिल विज मिनिस्टर हरियाणा इंडिया (Anil Vij Minister Haryana, India) लिखा था, जिसे अब बदलकर अनिल विज अंबाला कैंट हरियाणा इंडिया (Anil Vij Ambala Cantt Haryana, India) कर दिया गया है। बीजेपी के बेबाक छवि वाले नेता अनिल विज सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर करते रहे हैं, हालांकि पार्टी नेतृत्व के प्रति असंतोष पर वह सीधी टिप्पणी करने से बचते हैं। हाल ही में उन्होंने अंबाला छावनी में अपनी ही पार्टी पर निशाना साधते हुए लिखा था, “अंबाला छावनी में कुछ लोग ऊपर वालों की कृपा से समानांतर भाजपा चला रहे हैं। हमें क्या करना चाहिए? पार्टी को भारी नुकसान हो रहा है।” उन्होंने अपने समर्थकों से इस पर सुझाव भी मांगे थे, लेकिन बाद में इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि इससे पहले भी अनिल विज अपने सोशल मीडिया बायो में बदलाव कर सुर्खियां बटोर चुके हैं। पिछले साल उन्होंने अपने ‘X’ हैंडल से ‘मोदी का परिवार’ टैगलाइन हटा दी थी। हालांकि बाद में इसे वापस जोड़ते हुए स्पष्टीकरण जारी किया और कहा कि वह भाजपा के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। इस बार ‘Minister’ शब्द हटाने को लेकर भी उनके रुख और इरादों पर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विज ही टैग हैः अनिल विज बदलाव को लेकर जब द ट्रिब्यून ने उनसे बात की तो विज ने स्पष्ट किया कि उन्होंने ‘Minister’ शब्द लोकप्रियता के लिए नहीं रखा था। उन्होंने कहा, “मैं अपनी व्यूअरशिप और फॉलोअर्स को मंत्री पद के नाम से नहीं बढ़ाना चाहता। मेरे फॉलोअर्स तब ज्यादा तेजी से बढ़ रहे थे, जब बायो में ‘Minister’ टैग नहीं था। अब ‘विज’ ही एक टैग है, मुझे किसी और टैग की जरूरत नहीं।” विज ने बताया कि करीब एक साल पहले उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट से भी ‘Minister’ टैग हटा दिया था।

भोपाल को मेट्रो की सौगात: अक्टूबर से शुरू होगी सेवा, हाईटेक डिपो बनकर तैयार

भोपाल  अक्टूबर में भोपाल मेट्रो(Bhopal Metro) का कमर्शियल रन शुरू होने के साथ ही सुभाष नगर डिपो का उपयोग बढ़ जाएगा। अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ डिजाइन किए इस डिपो की छत पर सोलर पैनल लगाने की योजना है ताकि ऊर्जा की जरूरतों को पूरा कर सके। इसे एक पर्यावरण-अनुकूल डिपो बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। यह डिपो मेट्रो के ऑरेंज लाइन (करोद से एम्स) के लिए बनाया है। 140 करोड़ रुपए हुए खर्च सुभाष नगर डिपो का निर्माण जुलाई 2023 में पूरा हो गया था। यह मेट्रो परियोजना के पहले चरण में सबसे पहले पूरे होने वाले काम में से एक था। यह डिपो सुभाष नगर में स्थित है. जो कि ऑरेंज लाइन के एक छोर के पास है। यह ट्रेनों की आवाजाही को आसान बनाता है। इसमें कई रैम्प और ट्रैक बनाए गए हैं जो मेट्रो ट्रेनों को मुख्य लाइन से डिपो तक लाते और ले जाते हैं। भोपाल को मिलेंगे 27 रैक सुभाष नगर मेट्रो डिपों में मेट्रो ट्रेनों की दैनिक जांच, मरम्मत और धुलाई का काम किया जाएगा। यहां ट्रेनों की स्वचालित धुलाई के लिए वॉशिंग प्लांट भी बनाया गया है। ट्रेनों की नियमित तकनीकी जांच के लिए इंस्पेक्शन शेड और मरम्मत के लिए रिपेयर वर्कशॉप भी बनाया गया है। डिपो को ऐसे डिजाइन किया गया है कि भविष्य में बढ़ने वाली ट्रेनों की संख्या को भी संभाल सके। भोपाल मेट्रो क्यों है खास? सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम सितंबर के मध्य में निरीक्षण करेगी। साफ-सुथरे प्लेटफॉर्म, आधुनिक टिकटिंग सिस्टम और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था भोपाल मेट्रो को खास बनाएंगे। यह मेट्रो न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी। प्रायोरिटी कॉरिडोर पर तेजी से काम भोपाल मेट्रो के पहले चरण में प्रायोरिटी कॉरिडोर पर काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। इस कॉरिडोर में स्टेशनों के कॉनकोर्स लेवल पर कंट्रोल रूम, सिस्टम रूम और यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाओं का निर्माण चल रहा है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म लेवल पर भी काम जोरों पर है।  सुभाष नगर में मेट्रो डिपो के साथ-साथ एडमिन बिल्डिंग में कंट्रोल रूम और अन्य महत्वपूर्ण सिस्टम रूम तैयार किए जा रहे हैं। अधिकारियों का लक्ष्य है कि 30 सितंबर तक प्रायोरिटी कॉरिडोर का सारा काम पूरा हो जाए। सीएमआरएस की टीम करेगी निरीक्षण मेट्रो संचालन से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम 15 सितंबर के बाद भोपाल पहुंचेगी। यह टीम मेट्रो के डिपो, ट्रेन और मेन लाइन का निरीक्षण करेगी। इंदौर मेट्रो की तर्ज पर भोपाल में भी दो चरणों में निरीक्षण होगा। पहले चरण में डिपो और ट्रेन की जांच होगी, जबकि दूसरे चरण में मेन लाइन का निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए मेट्रो प्रबंधन ने सभी जरूरी दस्तावेज सीएमआरएस के पोर्टल पर अपलोड कर दिए हैं। निरीक्षण की तारीख जल्द ही तय की जाएगी। डिपो और मेन लाइन का काम पूरा मेट्रो के डिपो और मेन लाइन का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। डिपो में ट्रेनों के रखरखाव और संचालन से जुड़े सभी जरूरी सिस्टम तैयार हैं। मेन लाइन पर भी निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि अक्टूबर में मेट्रो को प्रायोरिटी कॉरिडोर पर दौड़ाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। भोपालवासियों के लिए क्या होगा खास? भोपाल मेट्रो के शुरू होने से शहरवासियों को यातायात का एक आधुनिक, तेज और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। सुभाष नगर से एम्स तक का सफर आसान और समय की बचत करने वाला होगा। मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं जैसे कि साफ-सुथरे प्लेटफॉर्म, टिकटिंग सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध होगी। यह मेट्रो न केवल भोपाल की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अनुकूल होगी। भोपाल मेट्रो का भविष्य पहले चरण की सफलता के बाद भोपाल मेट्रो के अगले चरणों पर भी काम शुरू होगा, जिससे शहर के अन्य हिस्सों को भी मेट्रो से जोड़ा जाएगा। यह प्रोजेक्ट भोपाल को एक स्मार्ट और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अक्टूबर में मेट्रो के शुरू होने का इंतजार भोपालवासियों को बेसब्री से है। जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, शहर में उत्साह बढ़ता जा रहा है। भोपाल मेट्रो के फायदे 1. तेज और समय की बचत     ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी।     सुभाष नगर से एम्स तक का सफर मिनटों में तय होगा।  2. सुविधाजनक यात्रा     साफ-सुथरे प्लेटफॉर्म, एस्केलेटर, लिफ्ट और आधुनिक टिकटिंग सिस्टम।     यात्रियों के लिए आरामदायक कोच और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था।  3. ट्रैफिक दबाव में कमी     सड़कों पर निजी गाड़ियों का बोझ घटेगा।     शहर के मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या कम होगी।  4. पर्यावरण के लिए फायदेमंद     प्रदूषण और धुएं का स्तर घटेगा।     इलेक्ट्रिक आधारित मेट्रो, ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देगी।  5. आर्थिक और सामाजिक विकास     मेट्रो स्टेशन के आसपास बिज़नेस और रोजगार के नए अवसर।     शहर का बुनियादी ढांचा और इमेज स्मार्ट सिटी जैसी होगी।  6. सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन     महिलाओं, छात्रों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित यात्रा का विकल्प।     जीपीएस और सीसीटीवी आधारित निगरानी।  कुल मिलाकर, भोपाल मेट्रो न सिर्फ़ यात्रियों के लिए आरामदायक सफर देगी, बल्कि शहर को स्मार्ट और प्रदूषण मुक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

सेवा पखवाड़ा अभियान में स्वयं सेवी संस्थाएँ बढ़ चढ़कर हो शामिल: स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह

महिलाओं के संर्वागीण विकास में मध्यप्रदेश पीछे नहीं : स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह सेवा पखवाड़ा अभियान में स्वयं सेवी संस्थाएँ बढ़ चढ़कर हो शामिल: स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह मध्यप्रदेश महिलाओं के विकास में अग्रणी: स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह का बयान भोपाल स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश में शुरू हुए सेवा पखवाड़ा अभियान में स्वयं सेवी संगठन कल्याण के कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। इस प्रयास से हम समाज के अधिकतम लोगों की सेवा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सेवा पखवाड़े में नारी सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह बुधवार को विदिशा में 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार' अभियान के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के कल्याण के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक योजनाएं चलाई हैं। जरूरत इस बात की है कि इन योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक पहुँचे। इसके लिये हम सबको मिलकर समन्वय के साथ प्रयास करना पड़ेगा। शिशुओं के स्वास्थ्य की चर्चा करते हुए मंत्री  सिंह ने कहाकि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिये महिलाओं को जागरूक किया जाना जरूरी है। उन्होंने पखवाड़े के दौरान महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये नवाचार किये जाने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम को विधायक  मुकेश टंडन ने भी संबोधित किया। कलेक्टर  अंशुल गुप्ता ने जानकारी दी कि जिले में महिलाओं, बालिकाओं और शिशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिये कैम्प आयोजित किये जायेंगे। जिला प्रशासन का प्रयास होगा की अधिक से अधिक नागरिक कैम्प में शामिल हो। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मती गीता कैलाश रधुवंशी, विदिशा नगर पालिका अध्यक्ष मती प्रीति राकेश शर्मा एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे। रक्तदाताओं से की चर्चा स्कूल शिक्षा मंत्री ने रक्तदान करने वाले व्यक्तियों से चर्चा कर उनका उत्साहवर्धन किया। रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र वितरित किये गये। कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य से जुड़ी जाँच के लिये बनाये गये स्टॉलों पर पहुँचकर व्यवस्था की जानकारी ली। कार्यक्रम स्थल में टीबी रोग, सिकल सेल,एनीमिया, शुगर, बीपी सहित विभिन्न प्रकार की जाँच की व्यवस्था की गई थी।  

आज तक माओवादी लगाते थे पोस्टर, अब पुलिस ने संभाली कमान — वॉन्टेड नक्सलियों के लिए ग्रामीणों से सहयोग की अपील

खांजूर/ कांकेर कांकेर जिले में पुलिस ने अंदरूनी गांवों में वांछित माओवादियों के बैनर लगाकर उन पर इनाम घोषित किया है। पुलिस ने बुधवार को परलकोट क्षेत्र के अंदरूनी और माओवादी प्रभावित इलाकों में एक अनोखी पहल शुरू की। पुलिस ने यहां के गांवों और जंगलों में वांछित माओवादियों के पोस्टर और बैनर लगाए हैं, ताकि स्थानीय लोगों की मदद से इन माओवादियों को पकड़ा जा सके। इस कदम को माओवाद के खिलाफ लड़ाई में एक नया मोड़ माना जा रहा है। इन पोस्टरों में वांछित माओवादियों की तस्वीरें, उनके नाम और उन पर घोषित इनाम की जानकारी दी गई है। साथ ही, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें इन माओवादियों के बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। अक्सर, स्थानीय लोग माओवादियों के बारे में बहुत कुछ जानते हैं, लेकिन डर की वजह से वे पुलिस को नहीं बताते। इन पोस्टरों से न केवल उन्हें जानकारी मिलेगी, बल्कि उन्हें यह भी एहसास होगा कि उनकी मदद से इन अपराधियों को पकड़ा जा सकता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य माओवादियों को उनके अपने गढ़ में ही कमजोर करना है। जब स्थानीय आबादी उनके खिलाफ हो जाएगी और उनके बारे में जानकारी देना शुरू कर देगी, तो उनके लिए छिपना और अपनी गतिविधियों को अंजाम देना मुश्किल हो जाएगा। पुलिस को सफलता की उम्मीद यह पहला मौका नहीं है जब पुलिस ने इस तरह की रणनीति अपनाई है, लेकिन इस बार इसे और बड़े पैमाने पर और व्यवस्थित तरीके से लागू किया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पहल से उन्हें वांछित माओवादियों को पकड़ने में बड़ी सफलता मिलेगी और क्षेत्र में शांति बहाल करने में मदद मिलेगी। यह देखना बाकी है कि यह पहल कितनी प्रभावी साबित होती है, लेकिन यह साफ है कि पुलिस माओवाद के खिलाफ लड़ाई में नए और रचनात्मक तरीके अपना रही है। पोस्टर में पांच लाख के इनामी माओवादियों के नाम पुलिस द्वारा एक बैनर में माओवादी बसंती आंचल, पुष्पा हेमला, रामा कुंजाम, श्रवण मरकर, विश्वनाथ, रामको मंडावी, रानी उर्फ उमा, जानकी सोरी पर पांच-पांच लाख रुपये और मनीषा कोर्राम, जमली मंडावी, कुमारी मंगली, कमला पददा दर्रो पर एक-एक लाख का इनाम घोषित है। इसके अलावा, अन्य स्थानों पर अलग-अलग माओवादियों के नाम और इनाम का भी उल्लेख किया गया है।