samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री साय बोले – पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से 2027 तक 5 लाख हितग्राहियों को किया जाएगा लाभान्वित

छत्तीसगढ़ में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना हमारा लक्ष्य, देश में प्रति व्यक्ति बिजली खपत में छत्तीसगढ़ काफी आगे रायपुर, छत्तीसगढ़ विद्युत उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत मार्च 2027 तक प्रदेश के 1 लाख 30 हजार घरों की छतों पर सौर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन हमारा प्रयास इससे भी आगे बढ़कर इसे 5 लाख छतों तक पहुँचाने का है। इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को बड़ी सब्सिडी दी जा रही है। 1 किलोवॉट से 3 किलोवॉट क्षमता तक के सोलर संयंत्र लगाने पर 30 हजार से लेकर 78 हजार रुपये तक की केंद्रीय सहायता सीधे बैंक खाते में दी जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार भी अतिरिक्त सब्सिडी दे रही है। इससे उपभोक्ताओं को कुल लागत का 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में आयोजित 97वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस “फोरम ऑफ रेगुलेटर्स” को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज हम अपने राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। इन 25 वर्षों में हमारी उत्पादन क्षमता करीब 30,000 मेगावाट तक पहुँच गई है। स्टेट सेक्टर, निजी क्षेत्र और केंद्रीय सेक्टर की भागीदारी से आज छत्तीसगढ़ की धरती से 30 हजार मेगावाट से अधिक बिजली का उत्पादन हो रहा है। हाल ही में हमने 32 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता वाले बिजलीघरों की स्थापना के लिए एमओयू किए हैं। इनमें ताप विद्युत, पंप स्टोरेज, परमाणु, बैटरी स्टोरेज और सौर ऊर्जा परियोजनाएँ शामिल हैं। हमारा लक्ष्य आने वाले वर्षों में 60 हजार मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन करने वाला राज्य बनने का है। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि प्रति व्यक्ति बिजली खपत के मामले में छत्तीसगढ़ देश से काफी आगे है। यहाँ खपत 2,211 यूनिट है, जबकि भारत में यह औसत केवल 1,255 यूनिट है। छत्तीसगढ़ अपनी आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन कर रहा है और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। हम अपने राज्य के साथ ही पड़ोसी राज्यों को भी बिजली उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दो दिन पहले ही हमने कैबिनेट बैठक में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 2030 तक लागू रहने वाली नीति में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को औद्योगिक नीति में प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री साय ने देश के विभिन्न राज्यों से आए विद्युत नियामक आयोगों के अध्यक्षगण, पदाधिकारियों और विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश के ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति के लिए जो गहन विचार-विमर्श हुआ है, इसका उपभोक्ताओं सहित हम सभी को दूरगामी लाभ मिलेगा। उन्होंने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ को चुनने हेतु विशेष आभार भी प्रकट किया। इस अवसर पर केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष  जिश्नु बरुआ, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष हेमंत वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव   सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव  रोहित यादव सहित राज्य विद्युत नियामक आयोग के अन्य सदस्य एवं अन्य राज्यों से आए सदस्यगण उपस्थित थे।

स्वास्थ्य में सुधार: पंजाब के मुख्यमंत्री मान डिस्चार्ज

चंडीगढ  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को बृहस्पतिवार को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। मान को पांच सितंबर को थकान और हृदय गति सामान्य नहीं होने की शिकायत के बाद मोहाली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन ने बुधवार को कहा था कि मान की हालत में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अस्पताल से बाहर निकलते समय मुख्यमंत्री ने लोगों की ओर हाथ हिलाया और हाथ जोड़कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने सोमवार को अस्पताल से ही ‘वीडियो कॉन्फ्रेंस’ के माध्यम से मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की थी। मान स्वास्थ्य कारणों से आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर भी नहीं जा सके थे।

अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने ली अधिकारियों की बैठक

रायपुर,  छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष में आयोजित होने वाले राज्योत्सव पर भारतीय वायु सेना का शौर्य प्रदर्शन होगा। सेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम आसमान में आकर्षक करतब दिखायेगी। इस शौर्य प्रदर्शन में वायु सेना के हेलीकॉप्टर भी हिस्सा लेंगे। अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू की अध्यक्षता में राज्योत्सव की तैयारियां को लेकर आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में विमानन विभाग एवं वायु सेना के अधिकारियों ने विभिन्न तकनीकी जानकारी प्रस्तुत की। अपर मुख्य सचिव साहू ने वायु सेना के शौर्य प्रदर्शन के संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों को तैयारियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में लोक निर्माण, परिवहन, संस्कृति, जनसंपर्क, गृह और सामान्य प्रशासन विभाग सहित जिला प्रशासन रायपुर के अधिकारी शामिल हुए।

इस जिले में पुलिस महकमे में हड़कंप! 78 पुलिसकर्मियों की नई पोस्टिंग, 29 दरोगा भी शामिल

सुलतानपुर  उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है। सुलतानपुर पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने विभाग में व्यापक स्तर पर स्थानांतरण किए हैं। इस फेरबदल में 29 दरोगा समेत 78 पुलिसकर्मियों को नई तैनाती मिली। एसपी ने ट्रांसफर के आदेश का तत्काल पालन कराने का निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस कर्मचारी नई तैनाती स्थल पर रिपोर्ट करने को कहा है। सुलतानपुर पुलिस लाइन से 29 उपनिरीक्षकों (दरोगा) को जिले के विभिन्न थानों में भेजा गया है। इनमें कोतवाली नगर, लम्भुआ थाना, अखंडनगर थाना, कादीपुर समेत कई थाने शामिल हैं। स्थानांतरित किए गए अधिकारियों में सुनील कुमार, मेवालाल भारती, नंदलाल, विनोद मिश्र, शिव बहादुर सिंह समेत कई वरिष्ठ उपनिरीक्षक और उपनिरीक्षक शामिल हैं। इसके साथ ही 27 दीवान (हेड कांस्टेबल) और 22 आरक्षियों (सिपाही) को भी विभिन्न थानों में नई तैनाती दी गई है। पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने ट्रांसफर कर मुख्य आरक्षी शाहिद खान को थाना लम्भुआ, रंजीत सिंह रावत को थाना सन्मुआ और शाहनवाज अहमद को थाना चौदा भेजा दिया है। इसके साथ ही लक्ष्मीराम और राजेंद्र प्रताप सिंह को शिवगढ़ थाने में तैनात किया गया है। वहीं पुलिस कोतवाली देहात में रुद्रमणि यादव और शिवशंकर, थाना कोठनगर में महेंद्र सिंह, फतेहपुर में रंजीत कुमार की तैनाती की गई है। बंधुआकला थाने में मो. फरहान खान, राघवेंद्र सिंह और हवलदार राम को भेजा गया है। सभी स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को तत्काल नई तैनाती स्थल पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें अनुपालन आख्या पुलिस अधीक्षक के गोपनीय कार्यालय में जमा करनी होगी।  

रायपुर रेलवे स्टेशन पर जनरल टिकट काउंटर बदला, अब यहां मिलेगा टिकट

रायपुर रेलवे स्टेशन पर अनारक्षित टिकट काउंटर को रेलवे आरक्षण केंद्र में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. यानी अब कुछ दिनों बाद यात्रियों को मिलने वाली जनरल टिकट आरक्षण केंद्र के अंदर से ही मिलेगी. तब तक यात्रियों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए रेलवे के वाणिज्य विभाग ने व्यापक व्यवस्था की है. वाणिज्य विभाग के अधिकारियों, निरीक्षकों और सुपरवाइजरों द्वारा भीड़ की लगातार निगरानी की जा रही है. जानकारी के मुताबिक अब तक एक काउंटर को शिफ्ट किया गया है, जिसके बदले तीन अतिरिक्त ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) और चार मोबाइल टिकट सुविधा प्रदान करने वाले कर्मचारियों को तैनात किया गया है. अगले 24 घंटों में एक और एटीवीएम शिफ्ट किया जाएगा, जबकि 48 घंटों में दूसरा एटीवीएम और 48 से 72 घंटों के भीतर सभी अनारक्षित टिकट काउंटर रेलवे आरक्षण केंद्र में पूरी तरह स्थानांतरित हो जाएंगे. यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए वाणिज्य विभाग के कंट्रोल रूम में हर घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है. इसके अलावा, 24×7 मुख्य वाणिज्य निरीक्षक और चीफ सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं. वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी स्वयं स्थिति का जायजा ले रहे हैं और अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ हर घंटे समीक्षा कर रहे हैं.

मध्य प्रदेश के लिए अलर्ट: 15 और 16 सितंबर को भारी बारिश का तांडव होने वाला है

भोपाल  मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश का दौर थम गया है। हालांकि, गुरुवार को बालाघाट के मलाजखंड में भारी बारिश हुई। नर्मदापुरम, मंडला और नरसिंहपुर में भी बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग की मानें तो मध्यप्रदेश में अगले 2 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जरूर रह सकता है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 15-16 सितंबर से नया सिस्टम बनने के बाद फिर से पूरे प्रदेश में तूफानी बारिश(Heavy Rain) का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग की मानें तो पूर्वी मध्यप्रदेश में 14 और 15 सितंबर और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 15 से 17 सितंबर तक अतिभारी बारिश की संभावना है। मौजूदा समय में प्रदेश में कोई सिस्टम एक्टिव नहीं है। वहीं 15 सितंबर से नया सिस्टम बन सकता है। जिसके बाद एक बार फिर से पूरा प्रदेश भीगने की संभावना है।मध्यप्रदेश में अगले 4 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जरूर रह सकता है। 15-16 सितंबर से नया सिस्टम बनने के बाद फिर से पूरे प्रदेश में तेज बारिश का दौर शुरू होगा । जानकारी के मुताबिक, भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है। कई जिले ऐसे हैं, जहां आंकड़ा डेढ़ सौ प्रतिशत के पार है। श्योपुर में कुल 213 प्रतिशत पानी गिर चुका है। एमपी में कोटे से 4.4 इंच ज्यादा बारिश बता दें, प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 41.6 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 34.2 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.4 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। 4.6 इंच पानी ज्यादा गिर गया है। 30 जिले-भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है। कई जिले ऐसे हैं, जहां आंकड़ा डेढ़ सौ प्रतिशत के पार है। श्योपुर में कुल 213 प्रतिशत पानी गिर चुका है। ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं। 30 में से भोपाल संभाग के चार, इंदौर संभाग के दो, जबलपुर के चार, ग्वालियर-चंबल के 8, सागर-उज्जैन संभाग के 4-4, रीवा संभाग के 3 और शहडोल संभाग का एक जिला शामिल हैं। नर्मदापुरम संभाग के किसी भी जिले में कोटा पूरा नहीं हुआ। गुना में 65 इंच बारिश, मंडला-श्योपुर दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा बारिश वाले टॉप-5 जिलों की बात करें तो गुना नंबर-1 पर है। यहां 65 इंच बारिश हो चुकी है। मंडला में 57 इंच, श्योपुर में 56.3 इंच, शिवपुरी में 54.3 इंच और अशोकनगर में 54.1 इंच पानी गिरा है। वहीं, खरगोन में सबसे कम 25.7 इंच बारिश हो चुकी है। बुरहानपुर में 25.9 इंच, खंडवा में 26.8 इंच, शाजापुर में 26.8 इंच और बड़वानी में 26.9 इंच बारिश हुई है।

हाई कोर्ट का फैसला: कांकेर सांसद की आपत्तियां खारिज, चुनाव याचिका पर सुनवाई जारी

रायपुर/बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कांकेर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग की ओर से दायर उस अंतरिम आवेदन को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने चुनाव याचिका को प्रथम दृष्टया निरस्त करने की मांग की थी. न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास ने 11 सितंबर को आदेश सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना में हुई कथित अनियमितताओं के पर्याप्त तथ्य पेश किए हैं, इसलिए मामला मेरिट पर सुनवाई योग्य है. क्या है पूरा मामला? कांकेर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग के खिलाफ कांकेर निवासी बिरेश ठाकुर ने 18 जुलाई 2024 को चुनाव याचिका दायर की थी. इसमें उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव परिणाम रद्द करने, कई बूथों की पुनः मतगणना और 15 मतदान केंद्रों पर पुनः मतदान की मांग की थी. याचिका में आरोप है कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी व छेड़छाड़, वोटिंग डेटा के प्रसारण में देरी और वोटों की गिनती में गंभीर अनियमितताएं हुईं. कई मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान और गई. गिनती की मांग की याचिकाकर्ता ने गोंडरदेही, डोंडी लोहारा और कई अन्य विधानसभा क्षेत्रों के बूथों पर वोटों के अंतर और डेटा ट्रांसमिशन में हेरफेर की आशंका जताई है. सांसद नाग ने जताई आपत्ति निर्वाचित सांसद भोजराज नाग ने दलील दी कि याचिका में भ्रष्ट आचरण का कोई ठोस आरोप नहीं है, इसलिए यह रिपजेंटेशन आफ पीपुल एक्ट, 1951 की धारा 81, 82 और 83 का उल्लंघन है और इसे खारिज किया जाना चाहिए. साथ ही चुनाव आयोग को पक्षकार नहीं बनाया गया, इसलिए याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. याचिका वकील के जरिए दाखिल की गई, जबकि कानून के मुताबिक उम्मीदवार को खुद याचिका दाखिल करनी चाहिए. तीन नवंबर को होगी अगली सुनवाई हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई तीन नवंबर 2025 को निर्धारित की है. अब अदालत याचिकाकर्ता के आरोपों और साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर यह तय करेगी कि कांकेर लोकसभा चुनाव 2024 का परिणाम बरकरार रहेगा या नहीं. क्या कहा कोर्ट ने कोर्ट ने कहा कि याचिका में सभी आवश्यक तथ्य और साक्ष्य मौजूद हैं. याचिकाकर्ता ने स्पष्ट रूप से ईवीएम में गड़बड़ी, डेटा ट्रांसमिशन में देरी और मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं का जिक्र किया है, जो विस्तृत सुनवाई योग्य हैं. न्यायालय ने साफ किया कि चुनाव आयोग को पक्षकार बनाने की कोई कानूनी आवश्यकता नहीं है और याचिका धारा 81, 82, 83 के अनुरूप है. याचिका बीरेश ठाकुर ने विधिवत रूप से दाखिल की है, सभी पन्नों पर उनके हस्ताक्षर मौजूद हैं. सांसद भोजराम की आपत्ति में दम नहीं, इसलिए याचिका खारिज नहीं की जा सकती.

देश पर बड़ा हमला रचने की साजिश फेल, रांची से दानिश नामक आतंकी गिरफ्तार

रांची  पाकिस्तानी आतंकी मॉड्यूल से जुड़े आंतकियों की भारत देश में बड़ा हमला करने की योजना थी. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक उक्त मॉड्यूल का मास्टरमाइंड रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र के न्यू तबारक लॉज से गिरफ्तार अशरफ दानिश उर्फ अशहर दानिश है. इस मॉड्यूल से जुड़े संदिग्ध दानिश को एक कंपनी का सीइओ, गजबा और प्रोफेसर जैसे अलग-अलग नामों से जानते थे. दिल्ली पुलिस और झारखंड एटीएस सहित देश के अन्य एजेंसियों की कार्रवाई में दानिश सहित 5 संदिग्धों को पकड़ने के बाद इसका खुलासा हुआ है. 6 महीने से सभी संदिग्धों पर नजर रख रही थी पुलिस छापेमारी के दौरान जांच एजेंसियों ने मुंबई के सूफियान अबुबकर खान और आफताब अंसारी को मंगलवार को दिल्ली से पकड़ा. वहीं तेलंगाना के निजामाबाद से हुजैफा यमन और मध्य प्रदेश के राजगढ़ से कामरान कुरैशी को भी गिरफ्तार किया है. उक्त लोगों की संदिग्ध गतिविधियों की खुफिया जानकारी मिलने के बाद से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और राज्यों की एजेंसियां बीते 6 महीने से उनलोगों पर नजर रख रही थी. पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आयी है कि मॉड्यूल से जुड़े संदिग्ध पाकिस्तान में अपने हैंडलर्स से संपर्क में रहते हुए देश में बड़े पैमाने पर हमले की तैयारी कर रहे थे. देश में होने वाला था बड़ा आतंकी हमला आंतरिक समूह में दानिश का कोड गजवा नेता था. लेकिन समय रहते संदिग्धों की गिरफ्तारी से देश में बड़ा आतंकी घटना को रोकने में सुरक्षा एजेंसियों को सफलता मिली है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अलकायदा संब कॉन्टिनेंट मॉड्यूल के कनेक्शन का पर्दाफाश किया था. इसका मास्टरमाइंड रेडियोलॉजिस्ट डॉ इश्तियाक को एटीएस के सहयोग से रांची से गिरफ्तार किया गया था. जांच में यह बात भी सामने आयी है कि संदिग्ध पाकिस्तानी मॉड्यूल के तहत आंतरिक संगठन बनाकर काम कर रहे थे. सभी कट्टरपंथी लड़के हैं. मामले में कुल 11 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से पांच को गिरफ्तार किया जा चुका है. बाकी से पूछताछ जारी है.  

भोपाल में लव जिहाद और दुष्कर्म के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, मकान जमींदोज

भोपाल मध्यप्रदेश के भोपाल में टीआईटी कॉलेज में हुए लव जिहाद मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस मामले में मुख्य आरोपी फरहान खान, साद और साहिल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है. प्रशासन ने इन तीनों के घरों को अवैध अतिक्रमण मानते हुए बुलडोजर चलाने का फैसला किया है. ये मकान रायसेन रोड के अर्जुन नगर में स्थित है और शासकीय जमीन पर बने होने का दावा किया गया है. प्रशासन ने तीनों आरोपियों को उनके मकानों से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किया था. इस नोटिस में 4 सितंबर तक का समय दिया गया था, लेकिन आरोपियों ने अतिक्रमण नहीं हटाया. अब तहसीलदार ने 13 सितंबर को बुलडोजर कार्रवाई का अंतिम नोटिस भेजा है. अगर अब भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन मकानों को तोड़ने की कार्रवाई करेगा. कब्जा खाली नहीं किया गया वर्ष 1984 में इनके परिजनों को पट्टे पर जमीन दी गई थी, लेकिन लीज की अवधि पूरी होने के बाद इसे रिन्यू नहीं कराया गया। इसके बावजूद 600 वर्गफीट से अधिक पर कब्जा जमाकर मकान खड़ा कर लिया गया। तहसीलदार न्यायालय ने 19 अगस्त को ही आदेश दे दिया था कि आरोपियों के मकान अतिक्रमण हैं और इन्हें हटाया जाए। चार सितंबर तक का समय दिए जाने के बाद भी कब्जा खाली नहीं किया गया। जमीन की लीज खत्म अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तय कर दी है। एसडीएम रवीश श्रीवास्तव ने कहा कि जब जमीन की लीज खत्म हो चुकी है तो यह कब्जा अवैध है। सरकार और जिला प्रशासन किसी भी कीमत पर इस तरह की गैरकानूनी हरकतें बर्दाश्त नहीं करेगा। शुक्रवार या शनिवार को बुलडोजर चलाकर मकान जमींदोज कर दिए जाएंगे। यह मामला तब सामने आया जब टीआईटी कॉलेज की एक छात्रा ने फरहान खान, साद और साहिल के खिलाफ दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया. छात्रा ने बताया कि फरहान ने पहले हिंदू नाम का इस्तेमाल कर उसका विश्वास जीता और फिर उसका यौन शोषण किया. उसने आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और अन्य लड़कियों को भी निशाना बनाने की कोशिश की. इस मामले में भोपाल पुलिस ने बागसेवनिया, अशोका गार्डन और जहांगीराबाद थानों में कई FIR दर्ज की हैं. पुलिस ने फरहान और साहिल के खिलाफ 250 पन्नों का चालान विशेष जज नीलम मिश्रा की अदालत में पेश किया है, जिसमें 57 गवाहों की सूची और मेडिकल रिपोर्ट शामिल हैं. मामले की सुनवाई जिला कोर्ट में चल रही है. आरोपियों पर POCSO एक्ट, भारतीय दंड संहिता और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के तहत कार्रवाई हो रही है.  

झारखंड में SIR लागू करने की तैयारी, बिहार के मॉडल पर काम तेज

रांची  झारखंड में जल्द ही मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) होने वाला है. राज्य में एसआइआर की तैयारियां शुरू कर दी गयी है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी(सीइओ) के रविकुमार ने कहा कि चुनाव आयोग पूरे देश में मतदाता सूची का एसआइआर कर रहा है. इसी क्रम में झारखंड में भी एसआइआर होगा. 17 सितंबर तक जमा करें रेशनलाइजेशन रिपोर्ट के रविकुमार ने कहा कि सभी जिले 17 सितंबर तक सभी विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केंद्रों का रेशनलाइजेशन पूरा करते हुए रिपोर्ट जमा करें. 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची के मिलान का कार्य भी जल्द पूरा करें. कंप्यूटर ऑपरेटर व बीएलओ का प्रशिक्षण भी संपन्न करें. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिलों के चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों को पीपीटी के माध्यम से मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के दौरान ध्यान में रखे जानेवाले बिंदुओं की जानकारी दी. स्वीप के माध्यम से लोगों को करें जागरूक सभी जिलों के इआरओ, एइआरओ व उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक में के रविकुमार ने कहा कि पदाधिकारी एसआइआर के दौरान लोगों को पूरी जानकारी मिलना सुनिश्चित करते हुए स्वीप के माध्यम से उनको जागरूक भी करें. इस मौके पर उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित थे.