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सब इंस्पेक्टर भर्ती विवाद: हाईकोर्ट ने रद्दीकरण पर लगाई रोक, अगली सुनवाई डिवीजन बेंच में

जयपुर राजस्थान में बहुप्रतीक्षित सब इंस्पेक्टर भर्ती-2021 की परीक्षा रद्द करने में एक बड़ा मोड़ आ गया है। सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने एकल पीठ द्वारा भर्ती रद्द करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। अब यह मामला जस्टिस एसपी शर्मा की खंडपीठ में सुनवाई के लिए तय किया गया है। अमर सिंह व अन्य चयनित सब इंस्पेक्टरों ने एकल पीठ के फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की है। अपील में कहा गया है कि पेपर लीक का मामला व्यापक स्तर पर नहीं हुआ था, बल्कि यह कुछ व्यक्तियों तक ही सीमित था। आरपीएससी सदस्यों द्वारा लीक पेपर भी केवल उनके बच्चों और रिश्तेदारों तक पहुंचा था। ऐसे में पूरी भर्ती को रद्द करना कानून सम्मत नहीं है। अपीलकर्ताओं ने यह भी दलील दी कि भर्ती की सभी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उन्हें नियुक्ति दी गई है। इस प्रकार उनके अधिकार सृजित हो चुके हैं और अब उन्हें नियुक्ति से वंचित करना न्यायसंगत नहीं होगा। कई चयनित उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए अन्य सरकारी नौकरियां छोड़ी थीं। ऐसे में संपूर्ण भर्ती को निरस्त करना उनके साथ गंभीर अन्याय होगा। ट्रेनी एसआई की ओर से वरिष्ठ वकील आरएन माथुर, कमलाकर शर्मा, अलंकृता शर्मा और तनवीर अहमद पैरवी करेंगे। वहीं दूसरी ओर जिन याचिकाकर्ताओं के पक्ष में सिंगल बेंच का फैसला आया था, उन्होंने हाईकोर्ट में कैविएट दायर कर रखी है। उनके वकील हरेन्द्र नील ने कहा कि हम डिवीजन बेंच में भी मजबूती से अपना पक्ष रखेंगे। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट भी यह स्पष्ट कर चुका है कि यदि सही और गलत में छंटनी संभव न हो, तो भर्ती रद्द करना ही न्यायोचित कदम है। ऐसे में डिवीजन बेंच का फैसला हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित करेगा।

सीएम योगी ने लोकभवन में किया नियुक्ति पत्र का वितरण

… तो महाभारत के बहुत रिश्ते बाकी का जीवन जेल में बिताने को मजबूर होंगेः मुख्यमंत्री  प्रदेश में नवचयनित 1112 कनिष्ठ सहायक व 22 एक्सरे टेक्नीशियन को वितरित किया गया नियुक्ति पत्र  सीएम योगी ने लोकभवन में किया नियुक्ति पत्र का वितरण एक परिवार के लोग पैसा लेकर भर्ती करते थे और जनता को लूटते थेः सीएम योगी  सीएम का तंजः उनके कारनामे यूपी को विकास की बुलंदियों को छूने के बजाय गर्त की ओर धकेल रहे थे सीएम ने स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों को भी गिनाया, बोले-जब व्यक्ति ही स्वस्थ नहीं तो व्यवस्था कैसे स्वस्थ होगी नकारात्मकता फैलाने वालों पर बोले सीएम- वे कहीं की फोटो कहीं लगाकर नकारात्मकता फैलाएंगे और शासन, विभाग व आपकी छवि को खराब करेंगे लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2016  समेत पहले की भर्ती प्रक्रियाओं पर निशाना साधा। कहा कि हमें कई भर्तियों को सीबीआई को देना पड़ा था। एक व्यक्ति आठ-आठ जगह नाम लिखाकर पैसा लिए जा रहा था, जब जांच हुई तब पता चला। यह एक परिवार के वही लोग हैं, जो पैसा लेकर भर्ती करते थे और यूपी की जनता को लूटते थे। अभी भी जांच चल रही है। समय पर जांच हो जाएगी तो महाभारत के बहुत रिश्ते बाकी का जीवन जेल में बिताने को मजबूर होंगे। उनके कारनामे यूपी को विकास की बुलंदियों को छूने की बजाय गर्त की ओर धकेल रहे थे। इन लोगों ने यूपी को बीमारू बना दिया। इससे पहचान का संकट हो गया। नौजवान को नौकरी नहीं, बेटी असुरक्षित, व्यापारी असहाय, किसान आत्महत्या को मजबूर होता था। परंपरागत उद्यम बंदी के कगार पर जा रहे थे। अराजकता का वातावरण था। त्योहारों से पहले दंगे शुरू हो जाते थे, लेकिन 8 वर्ष से हर जनपद, समुदाय और व्यक्ति उत्साह व उमंग के साथ त्योहारों में सहभागी बनता है। आज सामाजिक सौहार्द भी है, जो राष्ट्रीय एकता को संबल देता है। लोगों का उत्साह व उमंग यूपी के विकास का जज्बा लेकर आगे बढ़ाने में भी बड़ी भूमिका का निर्वहन कर रहा है।  सोमवार को प्रदेश में 1112 कनिष्ठ सहायक व 22 एक्सरे टेक्नीशियन को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया। मुख्यमंत्री ने लोकभवन स्थित मुख्य कार्यक्रम में नवचयनितों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया।  स्वस्थ व्यक्ति ही सशक्त समाज और समर्थ राष्ट्र के निर्माण में कर सकता भूमिका का निर्वहन सीएम योगी ने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दे सकता है। स्वस्थ व्यक्ति ही सशक्त समाज और समर्थ राष्ट्र के निर्माण में भूमिका का निर्वहन कर सकता है। जब व्यक्ति ही स्वस्थ नहीं तो व्यवस्था कैसे स्वस्थ होगी। जब व्यवस्था ही अस्वस्थ हो जाएगी तो उसके सारे पिलर ध्वस्त दिखाई देंगे। 2017 के पहले व्यवस्था में यही घुन लग चुका था, जो उसे खोखला किए जा रहा था, लेकिन पीएम मोदी के विजनरी लीडरशिप में यूपी ने समस्या के समाधान के साथ ही सभी मानकों को प्राप्त किया। उसी का परिणाम है कि पिछले 8 वर्ष में साढ़े 8 लाख युवाओं को अनेक सरकारी सेवा में लेने में हम सफल हुए हैं।  अब समय पर शुरू और संपन्न होती है प्रक्रिया मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पारदर्शी प्रक्रिया समय पर शुरू और संपन्न होती है। 8 वर्ष में 2. 19 लाख पुलिसकार्मिकों की भर्ती हुई है। हाल में ही 60,244  पुलिस कार्मिकों की भी भर्ती भी हुई। पहली बार जब हमारी सरकार ने पुलिस भर्ती प्रारंभ की थी तो ट्रेनिंग की समस्या खड़ी हुई। भर्ती 50 हजार की निकाली, लेकिन हमारे पास ट्रेनिंग सेंटर नहीं थे। जब रिव्यू किया तो पता चला कि केवल तीन हजार कार्मिकों की ही ट्रेनिंग एक साथ हो सकती है। तब मिलिट्री, पैरा मिलिट्री, अन्य राज्यों के ट्रेनिंग सेटर लेकर किसी प्रकार प्रशिक्षण पूरा कर पाए। इस बार 60,244 पुलिस कर्मियों को यूपी के अंदर ही ट्रेनिंग मिल रही है।  निष्पक्ष चयन प्रक्रिया नए यूपी की तस्वीर को करती है प्रस्तुत सीएम ने कहा कि निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से चयन की प्रक्रिया नए यूपी की तस्वीर को प्रस्तुत करती है। पिछले साढ़े 8 वर्ष में चिकित्सा स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग ने लंबी छलांग लगाने में सफलता प्राप्त की है। हर क्षेत्र में कुछ न कुछ नया परिवर्तन करके दिखाया है। यह परिवर्तन पीएम मोदी के विकसित भारत के संकल्पना को आगे बढ़ाने का क्रम है। 70 वर्ष तक हम लोग केवल 13 लाख करोड़ तक पहुंचे थे, लेकिन इस वित्तीय वर्ष के अंत तक यूपी की अर्थव्यवस्था 35 लाख करोड़ की बनने जा रही है। जो कार्य 70 वर्ष में नहीं हो पाया,  उससे भी ढाई गुना वृद्धि और बेहतर गति आठ-साढ़े वर्ष में दी है। यूपी के नौजवानों को प्रदेश में नौकरी की गारंटी मिली।  सीएम ने चिकित्सा शिक्षा व चिकित्सा स्वास्थ्य की नियुक्तियों को गिनाया  सीएम ने चिकित्सा शिक्षा व चिकित्सा स्वास्थ्य की नियुक्तियों का जिक्र करते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग की 1354 स्टाफ नर्स, 7182 एएनएम, 1102 विशेषज्ञ चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र दिया गया। चिकित्सा शिक्षा विभाग के 278 एसोसिएट प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई। यूपी के बड़े-बड़े चिकित्सा संस्थान के लिए 2142 स्टाफ नर्स की भर्ती की गई। यह सभी आज यूपी के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। सीएम ने कहा कि पहले यूपी में 17 मेडिकल कॉलेज थे। 40 मेडिकल कॉलेज बनने में 100 वर्ष से अधिक लगे। पिछले साढ़े 8 वर्ष में सरकारी व निजी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज की संख्या 80 से ऊपर पहुंचाने में सफल हुए हैं। एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज यूपी की पहचान बन रही है। आज सिर्फ एडमिशन ही नहीं होते, बल्कि उसमें प्रोफेसर,  क्लर्कियल स्टाफ, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, टेक्नीशियन आदि की भी भर्ती होती है। हर मेडिकल कॉलेज में बड़े पैमाने में भर्ती प्रक्रिया बढ़ाने का कार्य किया गया।  पहले डॉक्टर व दवा नहीं मिलती थी, अब सभी सुविधाएं मिल रहीं  सीएम ने कहा कि पहले हॉस्पिटल बंद मिलता था। डॉक्टर होते थे तो दवा नहीं, दवा है तो डॉक्टर नहीं। दवा और डॉक्टर है तो बिजली नहीं है, लेकिन अब जनपद में लोगों को हर सुविधाएं मिल रही हैं। यूपी मेडिकल कॉरपोरेशन के माध्यम से दवाइयां भी उपलब्ध हो रही हैं तो 5.34 करोड़ से अधिक परिवारों को यूपी में आयुष्मान कार्ड से लाभान्वित किया जा रहा … Read more

एक्वीफर मैपिंग का लक्ष्य गंगा नदी के किनारे जल संचयन के उपायों को बनाना है बेहतर

नमामि गंगे मिशन: प्रयागराज में एक्वीफर मैपिंग प्रबंधन से नदियों को मिलेगा नया जीवन   एक्वीफर मैपिंग का लक्ष्य गंगा नदी के किनारे जल संचयन के उपायों को बनाना है बेहतर परियाेजना में स्मार्ट जल प्रबंधन प्रणाली, रिमोट सेंसिंग और ड्रोन तकनीकी का किया जा रहा उपयोग    अध्ययन के माध्यम से लगभग 200 किलोमीटर लंबी, लगभग 4 किलोमीटर चौड़ी तथा 15–25 मीटर गहरी दबी हुई प्राचीन नदी की पहचान की गई लखनऊ/ प्रयागराज  राष्ट्रीय गंगा मिशन (नमामि गंगे) के तहत प्रयागराज में एक्वीफर मैपिंग (Aquifer Management)परियोजना का लक्ष्य गंगा नदी के किनारे जल संचयन के उपायों को बेहतर बनाना और जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए एक स्थायी प्रणाली विकसित करना है। इस परियोजना में नवाचार और तकनीकी दृष्टिकोण को शामिल किया गया है, जिसमें स्मार्ट जल प्रबंधन प्रणाली, रिमोट सेंसिंग और ड्रोन तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है।  यह प्रणाली न केवल जल आपूर्ति में सुधार करेगी, बल्कि नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने में मदद करेगी। इसके अलावा, जल स्रोतों के संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्रीय जल संकट को हल करने के लिए तकनीकी दृष्टिकोणों का कार्यान्वयन किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में पानी की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।     जलमग्न जलाशय प्रबंधन परियोजना से हुई प्राचीन नदी की पहचान  नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र (प्रयागराज से कानपुर के मध्य) में पेलियो-चैनलों पर केंद्रित एक्वीफर मानचित्रण के दौरान एक उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त हुई है। वैज्ञानिकों ने इस अध्ययन के माध्यम से लगभग 200 किलोमीटर लंबी, लगभग 4 किलोमीटर चौड़ी तथा 15–25 मीटर गहरी दबी हुई प्राचीन नदी की पहचान की है। यह उपलब्धि भारत के इतिहास और संस्कृति के अध्ययन में एक नया अध्याय जोड़ती है।इस परियोजना के अंतर्गत उपग्रह चित्रण तकनीक, भू-स्थानिक आंकड़ों तथा नवीनतम वैज्ञानिक उपकरणों का प्रयोग कर प्राचीन नदी मार्गों एवं भूगर्भीय जलाशयों का विस्तृत मानचित्रण किया गया।     भूजल मानचित्रण और स्थायी पुनर्भरण की दिशा में कदम  एक्वीफर अध्ययनों से पता चलता है कि यह प्राचीन नदी लगभग 3,500–4,000 मिलियन क्यूबिक मीटरतक जल भंडारण क्षमता रखती है। 150 से अधिक प्रबंधित एक्वीफर मैपिंग पुनर्भरण (MAR) स्थल चिह्नित किए गए हैं, जहां पुनर्भरण संरचनाएं बनाई जाएंगी ताकि भूजल स्तर बढ़ सके और नदी का आधार प्रवाहस्थायी बना रहे।  पहले चरण में 20–25 प्रबंधित एक्वीफर मैपिंग पुनर्भरण स्थल विकसित किए जाएंगे, जिन पर सीएसआईआर–एनजीआरआई द्वारा वैज्ञानिक निगरानी हेतु स्वचालित जल-स्तर संकेतक स्थापित किए जाएंगे। प्रस्तावित प्रबंधित एक्विफर पुनर्भरण संरचनाओं का आकार 5 मीटर × 5 मीटर × 3 मीटर होगा, जो प्रभावी पुनर्भरण सुनिश्चित करेगा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश राज्य भूजल एवं सिंचाई विभागके सहयोग से संचालित की जा रही है, जो एक्विफर पुनर्जीवन की दिशा में एक निर्णायक कदम है।     गंगा की अविरल धारा हेतु सतत प्रयास  प्रयागराज में एक्विफर मानचित्रण परियोजना के सफल कार्यान्वयन से भूजल पुनर्भरण में वृद्धि होगी और नदी के प्रवाह में सुधार होगा, जिससे नमामिगंगे मिशनके अविरल गंगा की दृष्टि को बल मिलेगा। नवीनतम तकनीकों का उपयोग अधोसंरचना विकास में किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप नदी प्रवाह और भूजल पुनर्भरण को बढ़ाने के बेहतर उपाय विकसित हुए हैं। भू-जलाशय प्रणालियों के माध्यम से आगामी वर्षों में जल-संकट की समस्या से निपटने के लिए स्थायी और तकनीकी समाधान प्रदान किए जा रहे हैं।     नदी पारिस्थितिकी तंत्र का पुनर्निर्माण और जल संरक्षण में नया मोड़  नमामि गंगे मिशन के तहत चलाए जा रहे शोध और प्रौद्योगिकी आधारित प्रयास नदी पारिस्थितिकी तंत्र के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन प्रयासों के तहत जलमग्न जलाशय प्रबंधन, उन्नत रिमोट सेंसिंग, जीआईएस आधारित डेटाबेस, और इन्फ्रास्ट्रक्चरल समाधान लागू किए जा रहे हैं, जो नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को पुनः स्थापित करने के साथ-साथ जल संरक्षण के लिए स्थायी उपाय सुनिश्चित करेंगे। इन पहलों से न केवल जलवायु परिवर्तन और जल संकट के प्रभावों को कम किया जाएगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए गंगा और अन्य नदियों के संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।     भविष्य के नदी संरक्षण के लिए मजबूत आधार  नमामि गंगे मिशन के तहत प्रयागराज में एक्वीफर मैपिंग परियोजना जैसे नवाचारी प्रयास न केवल गंगा नदी के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये देशभर में जल संकट से निपटने के लिए भी एक मजबूत दिशा दिखा रहे हैं। अत्याधुनिक तकनीकी उपायों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इन पहलों से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का मुकाबला करना, जल संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन और जल पुनर्भरण के उपायों को लागू करना संभव हो रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए राहत सामग्री से भरे ट्रकों को दिखाई हरी झंडी

बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री मानवीय संवेदना की महत्वपूर्ण कड़ी- सीएम योगी – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए राहत सामग्री से भरे ट्रकों को दिखाई हरी झंडी – योगी सरकार ने निभाई मानवीय जिम्मेदारी, उत्तराखंड, हिमाचल और पंजाब को 48 ट्रकों में भेजी राहत सामग्री – सीएम योगी ने हिमाचल और उत्तराखंड राज्य को दी 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि – संकट की घड़ी में उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता तीनों राज्यों के अपने बहन-भाइयों के साथ खड़ी है- सीएम योगी – राहत सामग्री व सहायता राशि लेकर बाढ़ प्रभावित राज्यों में जाएंगे योगी सरकार के मंत्री व विधायक – समय पर किए गए प्रावधानों की वजह से बाढ़ की आपदा से बचा है यूपी- सीएम योगी – बरसात में दुर्भाग्यपूर्ण मौत पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा दे रही सरकार- मुख्यमंत्री  – सीएम योगी ने की जनता से अपील, आपदा के समय सतर्कता और बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है- सीएम योगी सहारनपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सहारनपुर से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बाढ़ प्रभावित नागरिकों के लिए राहत सामग्री से लदे 48 ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सरोवर पोर्टिको, अंबाला रोड पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि राहत सामग्री मानवीय संवेदना की महत्वपूर्ण कड़ी है। संकट की इस घड़ी में उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता इन तीनों राज्यों के अपने बहन-भाइयों के साथ खड़ी है। इस दौरान सीएम योगी ने इस मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को पांच-पांच करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि भी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से राहत सामग्री के रूप में उत्तराखंड, हिमाचल और पंजाब के नागरिकों के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रहे 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि विकास के नित नए प्रतिमान स्थापित हो रहे हैं, साथ ही आपदा से निपटने के लिए सरकार के प्रयास अत्यंत प्रभावी साबित हो रहे हैं। एनडीआरएफ, आपदा मित्र और स्थानीय पुलिस जैसी संस्थाएं सक्रिय होकर राहत कार्य में अपनी भूमिका निभाती हैं। सीएम योगी ने कहा कि जब समाज और स्वयंसेवी संगठन पीड़ितों के साथ खड़े हो जाते हैं, तो सरकार के प्रयासों को और मजबूती मिलती है। समय पर किए गए प्रावधानों की वजह से बाढ़ की आपदा से बचा है यूपी- सीएम योगी उत्तर प्रदेश में बाढ़ को सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए योगी ने कहा कि इस वर्ष अभी तक राज्य इस आपदा से बचा हुआ है, हालांकि निचले स्तर पर जल-भराव हुआ है। व्यापक पैमाने पर बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए समय पर किए गए प्रावधानों का परिणाम है कि आज हम इस आपदा को नियंत्रण के करीब पहुंच चुके हैं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का जिक्र किया, जहां बाढ़ आई है, जैसे यमुना नदी का क्षेत्र—सहारनपुर, बागपत, गौतम बुद्ध नगर से लेकर प्रयागराज तक, जहां गंगा से मिलती है। साथ ही बिजनौर से बलिया तक गंगा के मुहाने, सरयू, घाघरा, रामगंगा और हिंडन नदी के इलाकों में पुख्ता व्यवस्था की गई है। इन नदियों में अगर जल ओवरफ्लो से जन-धन की हानि हुई, तो सरकार ने तत्काल राहत सामग्री पहुंचाई है। दुर्भाग्यपूर्ण मौत पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा- मुख्यमंत्री  सीएम योगी ने कहा कि यूपी में बरसात के समय अगर कोई जंगली जानवर, सांप या बिच्छू किसी व्यक्ति को काटता है और दुर्भाग्यपूर्ण मौत होती है, तो पीड़ित परिवार को सरकार चार लाख रुपये का मुआवजा तत्काल उपलब्ध करवाती है। आपदा से अगर किसी गरीब का मकान गिर गया, तो नया आवास बनाने के लिए धन उपलब्ध कराया जाता है। अगर जमीन और मकान नदी में विलीन हो गया या कटान की चपेट में आ गया, तो परिवार को जमीन का पट्टा और मकान बनाने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। जहां गांव जल-प्लावित हुए, वहां सुरक्षित शिविरों में पहुंचाने के साथ ब्रेकफास्ट, दोपहर और शाम का भोजन, बच्चों के लिए दूध और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की गई है। सीएम योगी ने हिमाचल और उत्तराखंड राज्य को दी 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता सीएम योगी ने कहा कि जो सामग्री उत्तर प्रदेश में वितरित की जाती है, उसी को आज इन 48 ट्रकों के माध्यम से उत्तराखंड, हिमाचल और पंजाब के बहनों-भाइयों के लिए उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि अगर कहीं आपदा आएगी, उत्तर प्रदेश सहायता के लिए तैयार रहेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और हिमाचल में बादल फटने और अतिवृष्टि से बड़ी तबाही हुई है, इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार और नागरिकों की ओर से पांच करोड़ रुपये की सहायता उत्तराखंड को और पांच करोड़ रुपये हिमाचल सरकार के राहत कोष के लिए उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। योगी सरकार के मंत्री व विधायक लेकर जाएंगे सहायता राशि इस सहायता को पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कुंवर बृजेश सिंह उत्तराखंड जाएंगे, जबकि मंत्री जसवंत सैनी हिमाचल प्रदेश की राहत सामग्री और धनराशि लेकर जाएंगे। पंजाब के लिए सहारनपुर के नगर विधायक राजीव गुम्बर राहत सामग्री लेकर जाएंगे। सीएम ने कहा कि ये प्रतिनिधि वहां जाकर उत्तर प्रदेश वासियों की संवेदना प्रेषित करेंगे और सामग्री सौंपेंगे। जब पूरा देश संकट में एकजुट होता है, तो संकट, संकट नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि  इन सभी के बावजूद, अगर अन्य सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी, तो उत्तर प्रदेश सरकार और 25 करोड़ की जनता हर पीड़ित के साथ खड़ी है और हर प्रकार का सहयोग करने के लिए तत्पर रहेगी। बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है- सीएम योगी सीएम ने जनता से अपील की कि आपदा के समय सतर्कता और सावधानी बरतें। जल ज्यादा आने पर डायरिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं, इसलिए पानी उबालकर पिएं। घर के आसपास पानी एकत्र न होने दें, ताकि डेंगू और मलेरिया के लार्वा न पनपें। साफ-सफाई और छिड़काव का ध्यान रखें। अगर सांप या जहरीला कीड़ा काटे, तो झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़कर तत्काल डॉक्टर के पास जाएं। … Read more

प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सीएम योगी ने दिए आदेश

प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया की होगी सघन जांच प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सीएम योगी ने दिए आदेश  हर मंडल में होगा विशेष जांच टीम का गठन, शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता व प्रवेश प्रक्रिया की गहन जांच करेगी टीम 15 दिन में शासन को भेजनी होगी रिपोर्ट, अनियमितता पर होगी कठोर कार्रवाई शैक्षणिक संस्थानों की जांच की पूरी प्रक्रिया पर मंडलायुक्त रखेंगे प्रत्यक्ष निगरानी  सीएम योगी की अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं  लखनऊ  उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रमों की मान्यता व प्रवेश प्रक्रिया की गहन जांच के आदेश दिए हैं।  हर मंडल में विशेष जांच टीम का होगा गठन मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अब प्रत्येक मण्डलायुक्त अपने-अपने मण्डल के तहत आने वाले सभी जनपदों में विशेष जांच टीम गठित करेंगे। इन टीमों में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एक पुलिस विभाग का अधिकारी और एक शिक्षा विभाग का अधिकारी अनिवार्य रूप से शामिल होगा। यह टीम जमीनी स्तर पर जांच कर संस्थानों की मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया की हकीकत सामने लाएगी। शैक्षणिक संस्थाओं के शपथपत्र और मान्यता-पत्र होंगे अनिवार्य जांच के दौरान प्रत्येक शैक्षणिक संस्था से शपथ पत्र लिया जाएगा। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि संस्थान केवल उन्हीं कोर्सों का संचालन कर रहा है, जिन्हें नियामक निकाय, विश्वविद्यालय या बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। इसके साथ ही, संचालित सभी कोर्स की सूची और उनके मान्यता-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र का दाखिला बिना मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम में नहीं होना चाहिए। अनियमितता पर होगी कठोर कार्रवाई अगर जांच में किसी संस्थान में अवैध प्रवेश या बिना मान्यता के कोर्स संचालित पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, ऐसे संस्थानों को छात्रों से लिया गया संपूर्ण शुल्क ब्याज सहित वापस करना होगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि छात्रों का भविष्य किसी भी हाल में दांव पर नहीं लगाया जाएगा। 15 दिन में शासन को भेजनी होगी रिपोर्ट जांच प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। प्रत्येक जनपद स्तर पर जांच पूरी कर 15 दिनों के भीतर शासन को समेकित रिपोर्ट भेजना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह कार्यवाही सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। जांच की पूरी प्रक्रिया पर मंडलायुक्त प्रत्यक्ष निगरानी रखेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

नवचयनितों ने निष्पक्ष ढंग से मिली नियुक्ति के अनुभव किए साझा

मिशन रोजगार  पहले की सरकारों में नियुक्ति के लिए देनी पड़ती थी रिश्वत, अब ये गुजरे जमाने की बात नवचयनितों ने निष्पक्ष ढंग से मिली नियुक्ति के अनुभव किए साझा   बोले- शुचिता व पारदर्शिता से मिली नौकरी, ईमानदारी से करेंगे जनसेवा  योगी सरकार युवाओं के प्रति है समर्पित, आज का कार्यक्रम इसका प्रत्यक्ष प्रमाण  लखनऊ  योगी सरकार के मिशन रोजगार के तहत उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग में चयनित 1,112 कनिष्ठ सहायकों एवं 22 एक्सरे टेक्नीशियन को नियुक्ति पत्र दिया गया। इनमें से कई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन सभागार में नियुक्ति पत्र दिया। नवचयनितों ने एक सुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सीएम योगी के प्रयासों से हम युवाओं को कड़ी मेहनत का फल प्राप्त हुआ है। चयनित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए उनका आभार जताया। अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष व शुचितापूर्ण हुई भर्ती प्रक्रिया का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमें बिना भेदभाव, बिना कोई पैसे दिए और बिना किसी सिफारिश के सिर्फ  योग्यता के आधार पर नौकरी मिल रही है।  योगी सरकार की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शी नीति से युवाओं को मिल रही सरकारी नौकरी  उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में कनिष्ठ सहायक के पद पर नियुक्त हुईं सीतापुर की पंखुड़ी गुप्ता मानती हैं कि ये सरकार की बहुत बड़ी सफलता है। आज युवा कड़ी मेहनत के दम पर पारदर्शी तरीके से चयनित होकर सरकारी नौकरी पा रहे हैं। इस वजह से मुझे भी सरकारी नौकरी मिल पाई है। मैं मुख्यमंत्री जी को दिल से धन्यवाद देती हूं। युवाओं के उज्जवल भविष्य के प्रति संकल्पित हैं मुख्यमंत्री: वैभव  कनिष्ठ सहायक सीतापुर के वैभव मिश्रा ने अपने भाव साझा करते हुए कहा कि सरकार युवाओं के प्रति समर्पित है। आज का कार्यक्रम इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने मुख्यमंत्री से नियुक्ति पत्र मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि योगी सरकार तेज रफ्तार से युवाओं को नियुक्ति दे रही है।  मुख्यमंत्री जी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के प्रति कृत संकल्पित हैं। रिकॉर्ड युवाओं की निष्पक्ष नियुक्तियां इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं।  अब सिर्फ काबिलियत के दम पर मिलती है नियुक्ति  श्रद्धा शुक्ला ने कहा कि पहले की सरकारों में नियुक्ति के लिए रिश्वत देनी पड़ती थी, लेकिन आज नियुक्ति सिर्फ काबिलियत के दम पर मिलती है। सरकारी नौकरी के लिए रिश्वत गुजरे जमाने की बात हो गई। मुख्यमंत्री जी ने पारदर्शी प्रक्रिया से नियुक्ति देकर उत्तम प्रदेश का नया मार्ग बनाया है। इस नौकरी के लिए सिफारिश या एक रुपये रिश्वत भी नहीं देनी पड़ी। इसके लिए मुख्यमंत्री जी का दिल से आभार व्यक्त करती हूं। योगी सरकार नौकरी देने से लेकर सुरक्षा देने में हैं संवेदनशील अयोध्या के आदित्य पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की वजह से हम सभी निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बन पा रहे हैं। सरकार सुरक्षा से लेकर रोजगार देने तक संवेदनशील है। आठ वर्ष में महिलाओं को भी बड़ी तादाद में नियुक्तियां दी गई हैं। सीएम योगी के नेतृत्व में महिलाएं खुद को सुरक्षित और मजबूत महसूस कर रहीं है। योगी जी हमारे लिए नंबर 1 हैं। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एशिया कप जीतने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 वर्ष बाद पुन: एशिया कप-2025 जीतने पर भारतीय पुरुष हॉकी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय टीम की यह ऐतिहासिक विजय सभी खिलाड़ियों की दृढ़ इच्छा शक्ति, अद्वितीय खेल कौशल एवं टीम भावना का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हॉकी नर्सरी के रूप में प्रतिष्ठित भोपाल सहित पूरे मध्यप्रदेश ने हॉकी के अनेक दिग्गज खिलाड़ी भारत को दिए हैं। भारतीय टीम की इस अद्वितीय विजय पर सभी गौरवान्वित है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामनाएं कीं। उल्लेखनीय है कि बिहार के राजगीर में रविवार को खेले गए फाइनल मैच में भारत की हॉकी टीम ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराया। भारतीय टीम ने 8 साल के अंतराल के बाद पुरुष एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट का खिताब पर कब्जा किया है।  

शिक्षा और स्वास्थ्य पर सीएम योगी का बड़ा विजन

विकसित यूपी @2047’ 'शिक्षित बचपन और स्वस्थ परिवार' की नींव पर यूपी बनेगा विकसित – शिक्षा और स्वास्थ्य पर सीएम योगी का बड़ा विजन – 2047 तक यूपी में हर घर को मिलेगा मेडिकल इंश्योरेंस कवरेज – 2 नए एम्स, 3 फार्मा पार्क और 2 मेडिकल डिवाइस पार्क बनेंगे यूपी में – डिजिटल क्लासरूम और एडटेक से बदलेगी शिक्षा की तस्वीर – 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने को शिक्षा-स्वास्थ्य पर जोर – बीते आठ साल में 40 लाख बच्चों का बढ़ा नामांकन – आरटीई से 4.3 लाख बच्चों तक पहुंची शिक्षा की रोशनी – ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक स्कूलों में 19 मूलभूत सुविधाएं की गईं सुनिश्चित लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विकसित यूपी @2047’ का विजन सामने रखते हुए साफ कर दिया है कि आने वाले 22 वर्षों में उत्तर प्रदेश का भविष्य 'शिक्षित बचपन और स्वस्थ परिवार' की थीम पर गढ़ा जाएगा। इसका लक्ष्य है कि प्रदेश को न केवल 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाया जाए, बल्कि समाज के हर वर्ग को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से सशक्त किया जाए। स्वास्थ्य क्षेत्र की रणनीतिक दिशा विजन 2030 और 2047 के लक्ष्यों के तहत प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापक रूप से सुदृढ़ करने की योजना बनाई गई है। 2030 तक 50 प्रतिशत घरों और 2047 तक सभी घरों को मेडिकल इंश्योरेंस से कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को एसडीजी टारगेट के अनुरूप लाना प्राथमिकता में है। इसके साथ ही प्रदेश में 2 नए एम्स, 3 नए फार्मा पार्क और 2 नए मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना होगी। स्वास्थ्य कार्यबल की घनत्व को बढ़ाकर 40 प्रति हजार तक ले जाने का रोडमैप तैयार किया गया है। मेडिकल टूरिज्म, बाल पोषण और हेल्थकेयर रिसर्च को रणनीतिक स्तंभ बनाकर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है। ज्ञान और कौशल के केंद्र के रूप में स्थापित होगा यूपी ‘ज्ञानदीप व युवा शक्ति’ के तहत 2047 तक उत्तर प्रदेश को वैश्विक कार्यबल तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए फाउंडेशनल लिटरेसी और न्यूमेरसी (FLN) को मजबूत किया जाएगा और स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम, ई-लर्निंग और एडटेक को बड़े पैमाने पर लागू किया जाएगा। शिक्षकों के प्रशिक्षण और रिसर्च-इनोवेशन को बढ़ावा देने पर विशेष बल रहेगा। साथ ही उद्योग 4.0 की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए युवाओं को स्किलिंग और ड्यूल एजुकेशन सिस्टम के जरिए तैयार किया जाएगा। समावेशी शिक्षा और वैश्विक स्तर की वर्कफोर्स ट्रेनिंग को यूपी की नई पहचान बनाकर प्रदेश को ज्ञान और कौशल के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। 2017 से पहले चुनौतियों का था अंबार 2017 से पहले प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही क्षेत्रों की स्थिति बेहद चिंताजनक थी। ग्रामीण इलाकों में स्कूलों की पहुंच सीमित थी और अधिकांश संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। शिक्षक अनुपस्थिति, किताबों और शिक्षण संसाधनों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई अधूरी रह जाती थी, जिसके चलते बड़े पैमाने पर छात्र ड्रॉपआउट दर बढ़ रही थी। इसी तरह स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी कमजोर थी, जहां पर्याप्त मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण आमजन को बुनियादी इलाज तक आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता था। 2017 से 2025 तक हुए व्यापक सुधार और उठाये गये ठोस कदम बीते साढ़े आठ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिले हैं। स्कूल चलो अभियान और शारदा कार्यक्रम के तहत 40 लाख नए बच्चों का नामांकन हुआ, वहीं आरटीई विस्तार से शिक्षा का अधिकार पाने वाले बच्चों की संख्या 22 हजार से बढ़कर 4.3 लाख तक पहुंच गई और 638 करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति सुनिश्चित की गई। इसके साथ ही ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 19 मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराया गया, जबकि अटल आवासीय विद्यालय प्रदेश के 18 मंडलों में संचालित होकर गरीब और वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। प्रोजेक्ट अलंकार से माध्यमिक स्कूलों में पुस्तकालय, लैब, हॉल, पेयजल, शौचालय और विद्युतिकरण जैसी सुविधाओं को जोड़ा गया। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी यूपी ने उठाए ऐतिहासिक कदम बीते वर्षों में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य केंद्रों के नेटवर्क का विस्तार किया गया, जबकि जन औषधि केंद्रों और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी पहलों ने गरीबों और जरूरतमंदों को बड़ी राहत पहुंचाई। अब विजन 2030 और 2047 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को वैश्विक मानकों तक ले जाने के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है, जिससे हर नागरिक को बेहतर और सुलभ इलाज उपलब्ध हो सके। शिक्षा और स्वास्थ्य से प्रदेश बनेगा 6 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी प्रदेश की जीएसडीपी को 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए तैयार रोडमैप के अनुसार 2025 में 353 बिलियन डॉलर से शुरुआत कर 2030 तक इसे 1 ट्रिलियन डॉलर, 2036 तक 2 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए आने वाले 22 वर्षों तक औसतन 16 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) बनाए रखनी होगी। विजन के अनुसार 2047 तक प्रति व्यक्ति आय 26 लाख रुपये तक पहुंचाने और भारत की जीडीपी में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी को 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है।

विधायक बनीं दो माह पहले, अब विनेश फोगाट ने बेटे की पेश की पहली झलक

जुलाना जुलाना से कांग्रेस विधायक एवं पूर्व रेसलर विनेश फोगाट ने लगभग सवा दो माह बाद बेटे की फोटो को सोशल मीडिया पर डाला है। फोटो में बेटे के मुंह पर इमॉजी लगाई गई है। जन्म के बाद यह पहला फोटो शेयर हुआ है। इसमें बेटे के नाम की जानकारी भी दी गई है।  दो माह पहले बनी थी मां  एक जुलाई 2025 को रेसलर विनेश फोगाट ने दिल्ली के अपोलो अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। जन्म के बाद से ही परिवार के अलावा सोशल मीडिया पर बेटे के साथ विनेश का फोटो नहीं आया था। शनिवार देर शाम को विनेश फोगाट ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर बेटे के साथ फोटो शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने इसका नाम कृधव रखा है। विनेश ने ये भी लिखा कि उनके पिता ने कृष्ण भगवान को हमेशा अपने हृदय में, आस्था में, प्रार्थनाओं में, जीवन के हर पल में धारण किया है और आज वह भक्ति हमारे बेटे के नाम (कृष्ण + माधव) के नाम से कृधव में जीवित है।  पेरिस ओलिंपिक से हुई थीं डिस्क्वालिफाई इसके आगे विनेश ने लिखा है कि ईश्वर करे कि उसका जीवन उसके नाम की तरह दिव्य हो, और उसकी मुस्कान की तरह आनंदमय हो। पेरिस ओलिंपिक से डिस्क्वालिफाई होने के बाद विनेश खुलकर राजनीतिक मंच पर कांग्रेस के साथ आई थी। हालांकि दिल्ली में खिलाड़ियों के आंदोलन के दौरान भी कांग्रेस समेत अन्य  दलों ने खिलाड़ियों का समर्थन किया था। विनेश फोगाट ने साल 2024 में पेरिस ओलिंपिक में भाग लिया था। वहां विनेश ने 50 किलोग्राम वेट कैटेगरी में 6 अगस्त 2024 को एक ही दिन में तीन मैच खेले थे। प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने टोक्यो ओलिंपिक की चैंपियन यूई सुसाकी को हरा दिया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने यूक्रेन और सेमीफाइनल में क्यूबा की रेसलर को पटखनी दी। विनेश ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला रेसलर बनी थीं। इसके बाद वह डिस्क्वालिफाई हुई तो राजनीति में आई। पहली ही बार में वह कांग्रेस की टिकट पर जुलाना से विधायक बनीं। 

नई फ्लाइट सेवा: हिसार-जयपुर मार्ग, इस दिन से उड़ानें शुरू, तुरंत करें बुकिंग

हिसार   हिसार के महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से जयपुर के लिए हवाई सेवा 12 सितंबर से शुरू होगी। इसके लिए टिकटों की बुकिंग शुरू हो गई है। सप्ताह में एक दिन शुक्रवार को शाम 5.35 बजे हिसार से जयपुर के लिए फ्लाइट रवाना होगी जो 6.40 बजे जयपुर पहुंचेगी। ऑनलाइन टिकट बुकिंग साइट पर हिसार से जयपुर का किराया 1957 रुपये बताया जा रहा है। हिसार से जयपुर की दूरी करीब 340 किलोमीटर है। सड़क मार्ग से सफर में छह से सात घंटे लगते हैं। हवाई जहाज से केवल 1 घंटा 5 मिनट में जयपुर पहुंचा जा सकेगा। बता दें हरियाणा नागरिक उड्डयन विभाग ने हिसार-दिल्ली-अयोध्या-हिसार के लिए 14 अप्रैल को हवाई यात्रा का शुभारंभ किया था। 9 जून को हिसार-चंडीगढ़-हिसार हवाई सेवा का संचालन शुरू किया गया था। अगस्त के आखिर तक करीब 2510 यात्री हिसार से अयोध्या के लिए हवाई यात्रा कर चुके हैं। हिसार-चंडीगढ़-हिसार के लिए 500 और हिसार-दिल्ली के लिए 1300 यात्री हवाई सेवा का लाभ उठा चुके हैं। हरियाणा नागरिक उड्डयन विभाग ने एलांयस एयर को विमान सेवाओं को और विस्तार देने के लिए हिसार से जम्मू के अलावा अहमदाबाद तक विमान यात्रा शुरू करने के लिए पत्र भेजा है। जम्मू और अहमदाबाद के लिए सप्ताह में दो दिन हवाई सेवा का अनुरोध किया है। विभाग को अनुमति मिलते ही हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए भी हवाई सेवाएं शुरू होंगी। यह रहेगा शेड्यूल दिल्ली से जयपुर सुबह 9:40 बजे-सुबह 10:45 बजे जयपुर से हिसार सुबह 11:10 बजे-दोपहर 12:15 बजे हिसार से अयोध्या दोपहर 12:35 बजे-दोपहर 2:35 बजे अयोध्या से हिसार दोपहर 3:00 बजे-शाम 5:00 बजे हिसार से जयपुर शाम 5:35 बजे-शाम 6:40 बजे जयपुर से दिल्ली शाम 7:10 बजे-शाम 8:15 बजे हिसार से दिल्ली के लिए अब सप्ताह में सिर्फ एक दिन सीधी हवाई सेवा 12 सितंबर से हिसार से दिल्ली के लिए सीधी हवाई सेवा सप्ताह में दो दिन के बजाय एक दिन ही संचालित की जाएगी। अभी तक एलायंस एयर की तरफ से सप्ताह में दो दिन शुक्रवार व रविवार को फ्लाइट है। कंपनी के निर्धारित रूट के अनुसार सुबह दिल्ली से विमान हिसार आता है और यहां से अयोध्या जाता है। इसके बाद यही विमान वापसी में हिसार और यहां से दिल्ली के लिए उड़ान भरता है। नए शेड्यूल के अनुसार दिल्ली के लिए शुक्रवार की उड़ान का रूट बदलकर जयपुर से जोड़ दिया जाएगा। अब सिर्फ रविवार को ही दिल्ली के लिए सीधी हवाई सेवा मिलेगी। 12 सितंबर से जयपुर के लिए हवाई सेवा का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। यह सेवा फिलहाल सप्ताह में एक दिन मिलेगी। टिकटों की बुकिंग शुरू हो गई है।– मोहन यादव, निदेशक, हिसार एयरपोर्ट