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मध्य प्रदेश के नीमच-मंदसौर से डोडा चूरा तस्करी का नया मार्ग, अधिकारियों में चिंता

 नीमच  अफीम उत्पादन के लिए देशभर में प्रसिद्ध मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिले मंदसौर और नीमच इन दिनों डोडा चूरा तस्करी का नया केंद्र बनकर उभर रहे हैं। राजस्थान के रास्ते दिल्ली, पंजाब और हरियाणा तक डोडा चूरा सप्लाई का रूट तस्करों ने तैयार कर लिया है। सात माह में 30 किलो से लेकर 300 किलो तक डोडा चूरा तस्करी के दो दर्जन से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में नीमच जिले का एक पुलिसकर्मी खुद डोडा चूरा तस्करी के आरोप में पकड़ा जा चुका है। प्रतिबंधित डोडा चूरा को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के बाहरी इलाकों में पानी या चाय में मिलाकर नशे के रूप में उपयोग किया जाता है। सस्ता नशा होने से इसकी बड़ी मांग रहती है। ट्रक, एंबुलेंस और निजी वाहनों के माध्यम से इसकी तस्करी के मामले में सामने आए हैं। सिर्फ मप्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अधीन अफीम की खेती होती है। अफीम वर्ष 2024-25 में समूचे देश में 1 लाख 6 हजार 390 किसानों को अफीम की खेती का लाइसेंस दिया गया, इनमें से 56 हजार 874 चीरा और 49 हजार 516 सीपीएस पद्धति से दिए गए। अकेले मप्र में चीरा पद्धति से 26 हजार 96 किसानों को लाइसेंस दिए गए। इन लाइसेंसी किसानों के पास लगभग 18 लाख 26 हजार 720 किलो डोडा चूरा की पैदावार होने का अनुमान है। वास्तविकता यह है कि 1 अप्रैल 2016 से केंद्र सरकार डोडाचूरा पर प्रतिबंध लगा चुकी है और नष्टीकरण कराने की बात कह चुकी है। इसके बाद से ही मप्र की आबकारी नीति से डोडा चूरा को हटा दिया गया है लेकिन नष्टीकरण को लेकर आज तक को कोई स्पष्ट नीति नहीं है, जिसका फायदा उठाकर तस्कर डोडा चूरा को प्रदेश से बाहर नशे के आदी लोगों तक पहुंचा रहे हैं और काली कमाई कर रहे हैं। डोडाचूरा का उपयोग डोडा चूरा का विशुद्ध रूप से उपयोग नशे के लिए किया जाता है। राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और अन्य स्थानों पर डोडा चूरा की मांग रहती है। इन क्षेत्रों में नशे के आदी लोग डोडा चूरा को पानी में गलाकर व छानकर उस पानी का उपयोग नशे के लिए करते हैं। इसे चाय में मिलाकर भी पीया जाता है। डोडा चूरा में मार्फिन का प्रतिशत काफी कम 0.02 प्रतिशत होने से भी यह हल्के नशे के रूप में प्रयोग किया जाता है। अब तक हुई कार्रवाई     26 जुलाई को नीमच कैंट थाने के आरक्षक राजेंद्र सिंह को नारायणगढ़ पुलिस ने डोडा चूरा की तस्करी करते पकड़ा। इसके बाद एसपी अंकित जायसवाल ने आरक्षक को बर्खास्त कर दिया।     21 अगस्त को नीमच सिटी पुलिस ने एक आरोपित के पास से 300 किलो डोडा चूरा पकड़ा।     1 सप्ताह पहले नयागांव पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर 280 किलो डोडा चूरा व दो अवैध पिस्टल मय कारतूस के जब्त की।     मंदसौर और नीमच में पहले भी डोडा चूरा तस्करी में एबुलेंस तक का उपयोग हुआ है और कार्रवाई कर एंबुलेंस जब्त की गई है। पुलिस के अलावा केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो और मप्र पुलिस की नारकोटिक्स विंग भी तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करती है। डोडा चूरा नष्ट करने के लिए समिति गठित     जिला स्तर पर डोडा चूरा नष्टीकरण की प्रक्रिया के लिए समिति गठित है। इसमें कलेक्टर, एसपी, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारी व जिला आबकारी अधिकारी सदस्य हैं। विकासखंड स्तर पर इसी अनुक्रम में समिति है। डोडा चूरा नष्टीकरण के संबंध में आधिकारिक रूप से स्पष्ट नीति नहीं है। – एनपी सिंह, जिला आबकारी अधिकारी नीमच तस्करी रोकने के लिए निरंतर हो रही कार्रवाई     जिला स्तरीय समिति की दो बार बैठक हो चुकी है। डोडा चूरा नष्टीकरण का विषय नीतिगत है। इसके संबंध में राज्य शासन स्तर पर निर्णय लिया जाना है। रही बात डोडा चूरा नष्टीकरण की तो पुलिस और अन्य एजेंसियों द्वारा जब्त डोडा चूरा का नष्टीकरण समय-समय पर किया जाता है। तस्करी रोकने के लिए भी निरंतर कार्रवाई की जाती है। – अंकित जायसवाल, एसपी नीमच तस्करों के खिलाफ की जाती है कार्रवाई     डोडा चूरा नष्टीकरण का विषय नीतिगत विषय है। इसके संबंध में मैं कुछ नहीं कहना चाहूंगा। मादक पदार्थ के नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय समन्वय समिति की मासिक एवं त्रैमासिक बैठक होती है, जिसमें सभी संबंधित विभाग के अधिकारी शामिल होते हैं। कार्रवाई की जानकारी भी बैठक में रखी जाती है। जिले में तस्करों के खिलाफ कार्रवाई भी जारी है। – हिमांशु चंद्रा, कलेक्टर नीमच  

जल विभाग का ऐलान: दुर्ग में कल शाम से नहीं आएगा पानी, आज ही भर लें स्टोर

दुर्ग मंगलवार की शाम को शहर के आधे हिस्से में पानी की आपूर्ति नहीं होगी. क्योंकि मालवीय नगर चौक में मेन राइजिंग पाइपलाइन के बड़े लीकेज के लिए 24 एमएलडी इंटकवेल को शटडाउन में लिया गया है. रिपेयर के बाद बुधवार से जलापूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है. मालवीय नगर चौक में दिस मेन राइजिंग पाइप लाइन जिसका डाया 600 एमएम हैं वह लंबे समय से लीकेज है. रिपेयर करने में हो रही देरी की वजह से लीकेज की साइज लगातार बढ़ती जा रही है. इस वजह से उस पाइपलाइन से जुड़े दो और पाइप से दूसरे इलाके की टंकियां भी नहीं भर पा रही है. जिसका असर घरों में की जाने वाली जलापूर्ति पर पड़ रहा है.  निगम प्रशासन ने 2 सितंबर को उसे रिपेयर करने का निर्णय लिया है. इसके लिए 24 एमएलडी से फिल्टर प्लांट तक पानी की सप्लाई बंद रखी जाएगी. इस वजह से पद्मनाभपुर, शक्ति नगर, हनुमान नगर, गिरधारी नगर, शंकर नगर, शनिचरी बाजार पानी टंकी से जुड़े एरिया में मंगलवार की सुबह तो नलों में पानी आएगा लेकिन शाम को जलापूर्ति नहीं होगी. जल विभाग की एमआईसी मेंबर लीना दिनेश देवांगन के मुताबिक प्रभावित इलाके के – लिए टैंकरों की व्यवस्था की गई है. बता दें कि बारिश के सीजन की शुरुआत से ही दुर्ग की जनता को अनेक बार लीकेज व अन्य दिक्कतों के कारण पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है.

गुरदास मान ने बाढ़ प्रभावितों के लिए किया बड़ा दान, लाखों रुपए मदद में

पंजाब  पंजाब में लगातार हो रही बारिश के कारण कई गांव बाढ़ की मार झेल रहे हैं, जिसे देखते हुए कई समाजसेवी संस्थाओं के साथ-साथ पंजाब के कलाकार भी बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद कर रहे हैं। इसी कड़ी में पंजाबी गायक गुरदास मान भी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष में 25 लाख रुपये दान करने की घोषणा की है। बता दें कि इससे पहले बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा और पंजाबी गायक रंजीत बावा, बब्बू मान और सतिंदर सरताज ने भी पंजाब के बाढ़ पीड़ितों की मदद करने की घोषणा की थी। 

छत्तीसगढ़ राज्य दंत सम्मेलन 2025 : रायपुर में तीन दिन तक चलेगी विशेषज्ञों की महागोष्ठी

रायपुर राजधानी में तीन दिवसीय बहुप्रतीक्षित छत्तीसगढ़ राज्य दंत सम्मेलन (CGSDC 2025) होने जा रहा है. यह सम्मेलन 12, 13 और 14 सितंबर को आयोजित होगा. राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में देशभर से सैकड़ों दंत चिकित्सक शिरकत करेंगे. यह आयोजन दंत चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक साबित होगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जासवाल की मौजूदगी में सम्मेलन का उद्घाटन होगा. इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वक्ता एवं सेलिब्रिटी डेंटिस्ट डॉ. संदीश मायेकर, डॉ. चंद्रशेखर यवगल, सहित कई विशेषज्ञ दंत चिकित्सकों को स्माइल डिज़ाइनिंग, लेजर डेंटिस्ट्री और आधुनिक तकनीकों पर व्याख्यान देंगे. इनके विचार और अनुभव से दंत चिकित्सकों को नई दिशा मिलेगी. नवनिर्मित बालाजी डेंटल कॉलेज में 12 सितंबर को विशेष हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा. इस आयोजन की बागडोर डॉ. वैभव तिवारी, डॉ. विवेक लाठ और उनकी टीम के हाथों में होगी, जो इसे सफल बनाने में निरंतर प्रयासरत हैं. वैज्ञानिक सत्रों, कौशल विकास कार्यशालाओं एवं नेटवर्किंग अवसरों से परिपूर्ण CGSDC 2025 न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत के दंत चिकित्सा क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा.

नगर निगम की गलती? इंदौर में चौराहों के नाम बदलने पर कार्रवाई संभव

 इंदौर  चंदन नगर में रातोरात चौराहों के नाम बदलकर बोर्ड लगाने के मामले में जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट निगमायुक्त शिवम वर्मा को सौंप दी है। रिपोर्ट में सहायक इंजीनियर वैभव देवलासे और सब इंजीनियर राम गुप्ता की गलती सामने आई है। निगमायुक्त सोमवार को रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दे सकते हैं। चंदन नगर क्षेत्र में पिछले दिनों कई सड़कों के नाम बदलते हुए बोर्ड लगा दिए गए थे। चंदूवाला रोड को गौसिया रोड, मिश्रावाला रोड को ख्वाजा रोड और लोहा गेट रोड को रजा गेट नाम दे दिया गया था। सोशल मीडिया पर इन बोर्ड की तस्वीर वायरल होने के बाद पूरे शहर में बवाल मचा था। शिकायत महापौर पुष्यमित्र भार्गव तक पहुंची जिसके बाद निगम ने कार्रवाई करते हुए बोर्ड हटा दिए थे। इस मामले में जांच के लिए निगमायुक्त ने अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट निगमायुक्त को सौंप दी है। रिपोर्ट में प्रथमदृष्टत: सहायक इंजीनियरों को इस गड़बड़ी के लिए दोषी माना गया है। रिपोर्ट में कहा है कि सहायक इंजीनियर देवलासे ने बोर्ड पर नाम गलत होने के बावजूद ठेकेदार द्वारा दी गई डिजाइन को जस का तस स्वीकार कर लिया। उन्हें बोर्ड पर नाम गलत होने की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को देनी थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसी तरह गलत नाम वाले बोर्ड की डिजाइन सब इंजीनियर गुप्ता ने देखी, उन्होंने ही इस डिजाइन को अप्रूव किया था। जांच में यह बात भी सामने आई है कि ठेकेदार कंपनी ने अधिकारियों को नामों की जानकारी दिए बगैर डिजाइन बनाई और सोशल मीडिया पर ही इसकी मंजूरी लेकर बोर्ड तैयार कर लगवा दिए। हमने रिपोर्ट दे दी है     जांच समिति ने मामले की जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट निगमायुक्त को सौंप दी है। रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई होनी है, वह निगमायुक्त ही तय करेंगे। – अभय राजनगांवकर, अपर आयुक्त इंदौर नगर निगम  

बाढ़ से तबाही जारी: पंजाब में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन, जानें हालात

जालंधर/चंडीगढ़  पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक कुल 14936 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पूरी मशीनरी, एन.डी.आर.एफ, एस.डी.आर.एफ, सेना और पंजाब पुलिस के जवान बाढ़ में लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए दिन-रात डटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि जिला अमृतसर से 1700, बरनाला से 25, फाजिल्का से 1599, फिरोजपुर से 3265, गुरदासपुर से 5456, होशियारपुर से 1052, कपूरथला से 362, मानसा से 163, मोगा से 115, पठानकोट से 1139 और जिला तरन तारन से अब तक 60 व्यक्तियों को बाढ़ के पानी से सुरक्षित निकाला गया है। मुंडियां ने कहा कि जैसे-जैसे निकाले गए लोगों की संख्या बढ़ रही है, उसी अनुसार राहत शिविरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। इस समय राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों में 122 राहत शिविर चल रहे हैं, जिनमें 6582 व्यक्तियों को ठहराया गया है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि अमृतसर में 16, बरनाला में 1, फाजिल्का में 7, फिरोजपुर में 8, गुरदासपुर में 25, होशियारपुर में 20, कपूरथला में 4, मानसा में 1, मोगा में 5, पठानकोट में 14, संगरूर में 1 और पटियाला में 20 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए गए हैं कि इन शिविरों में आवश्यक सुविधाओं की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि अमृतसर के शिविरों में 170, बरनाला में 25, फाजिल्का में 652, फिरोज़पुर में 3987, गुरदासपुर में 411, होशियारपुर में 478, कपूरथला में 110, मानसा में 163, मोगा में 115, पठानकोट में 411 और जिला संगरूर के राहत शिविरों में 60 व्यक्ति ठहरे हुए हैं।   हरदीप सिंह मुंडियां ने बाढ़ में जान माल की रक्षा के लिए दिन रात डटे एन.डी.आर.एफ, एस.डी.आर.एफ, सेना, पंजाब पुलिस और समाजसेवी संस्थाओं का इस कठिन समय में सहयोग देने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस समय गुरदासपुर में एन.डी.आर.एफ की 6 टीमें और फाजिल्का, फिरोजपुर, पठानकोट तथा अमृतसर में 1-1 टीम तैनात है। इसी तरह कपूरथला में एस.डी.आर.एफ. की 2 टीमें सक्रिय हैं। कपूरथला, गुरदासपुर, फिरोजपुर और पठानकोट में सेना, नौसेना और वायुसेना भी मोर्चा संभाले हुए हैं, जबकि बी.एस.एफ. की 1-1 टीम गुरदासपुर और फिरोजपुर में राहत कार्यों में लगी हुई है। पंजाब पुलिस और फायर ब्रिगेड भी कपूरथला और फिरोजपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की मदद कर रही है। उन्होंने बताया कि इस समय कपूरथला में 15 नावें, फिरोजपुर में 12 नावें और पठानकोट में 4 नावें लगाई गई हैं, जबकि जहां कहीं भी एयरलिफ्ट की आवश्यकता होती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। राजस्व मंत्री ने बताया कि बाढ़ के कारण अब तक पंजाब के कुल 1312 गांव प्रभावित हुए हैं। इनमें अमृतसर के 93, बरनाला के 26, बठिंडा के 21, फतेहगढ़ साहिब का 1, फाजिल्का के 92, फिरोजपुर के 107, गुरदासपुर के 324, होशियारपुर के 86, जालंधर के 55, कपूरथला के 123, लुधियाना के 26, मालेरकोटला के 4, मानसा के 77, मोगा के 35, पठानकोट के 81, पटियाला के 14, रूपनगर के 2, संगरूर के 22, एस.ए.एस. नगर का 1, एस.बी.एस. नगर के 3, श्री मुक्तसर साहिब के 74 और तरनतारन के 45 गांव शामिल हैं।

बिहार विधानसभा: राहुल गांधी से तेजस्वी यादव की सीटों पर फैसला कब?

पटना 20-22 नवंबर तक बिहार में नई सरकार का गठन होना है। भारत निर्वाचन आयोग तमाम गतिरोधों के बीच इसकी तैयारी में जुटा है। मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण में दावा-आपत्ति का आज अंतिम दिन है। चुनाव के लिए मतदानकर्मियों की ट्रेनिंग को लेकर भी तैयारी चल रही है। सत्ता पक्ष में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के अंदर सीट बंटवारे का ब्लू प्रिंट तैयार है। दूसरी तरफ विपक्ष के नेता आज, यानी 1 सितंबर तक वोटर अधिकार यात्रा के बहाने चुनाव आयोग को ही निशाने पर रखने में व्यस्त है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और राष्ट्रीय स्तर पर बने गठबंधन- इंडिया को लेकर यह यात्रा इसलिए की कि वह राष्ट्रीय जनता दल पर सीटों के लिए दबाव बना सके। लेकिन, वह वक्त अब निकला जा रहा है। सीटों पर तैयारी के लिए संभावित प्रत्याशी अधीर हो रहे हैं। कह तो यह भी रहे हैं कि अब तुरंत सीटें नहीं बांटी गई तो लोकसभा चुनाव की तरह कहीं राजद सीधे सिंबल लेकर प्रत्याशी को भेज न दे। मतलब, कुल मिलाकर यही है कि विपक्ष को अगर चुनाव का पूर्ण बहिष्कार नहीं करना है तो सीटें बांटकर प्रत्याशी को हरी झंडी देना ही होगा। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को लालू दे चुके हैं सबक चुनावी तैयारी के लिए अब सितंबर का ही समय है। ऐसे में आज राहुल गांधी पटना में हैं। वोटर अधिकार यात्रा का अंतिम दिन है। पूरे देश से विपक्षी नेताओं को बुलावा गया है। कई चेहरे रहेंगे। लेकिन, असल बात तो बिहार चुनाव है। चुनाव बहिष्कार की बात कई बार की गई, लेकिन ऐसा कुछ होता नहीं दिख रहा। सभी दलों के संभावित प्रत्याशी दिन-रात सीटों के असमंजस से चिंता में हैं और मेहनत भी कमोबेश कर रहे हैं। सीटें फाइनल होतीं तो मेहनत बढ़ जाती। ऐसे में सबसे ज्यादा कांग्रेस के अंदर भी राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को लेकर है। लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस सीधे-सीधे राजद से सीटों के बंटवारे पर बात नहीं कर सकी। जब तक करती, तब तक कई लोगों को राजद ने सिम्बल देकर नामांकन के लिए भेज दिया। बाकी के साथ उस समय कांग्रेस में आए राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव भी इस लेटलतीफी का शिकार हुए थे, जब बीमा भारती को राजद ने टिकट दे दिया और उन्हें निर्दलीय उतरना पड़ा। कागज पर 19 विधायकों वाली पार्टी, 70 सीटों पर दावा कांग्रेस के प्रदेश स्तर के नेता बिहार में 70 सीटों पर पार्टी की दावेदारी पक्की बात रहे हैं। कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में 19 सीटें जीतकर आई थी। कागज पर उसके पास इतने विधायकों की संख्या है, हालांकि इनमें से दो विधायक पिछले साल नीतीश कुमार सरकार के बहुमत परीक्षण के समय से पाला बदल कर सत्ता के साथ बैठ रहे हैं। खैर, उनकी सदस्यता नहीं गई है। इसलिए, कांग्रेस 19 मौजूदा विधायकों की सीट के अलावा 51 अन्य सीटों पर दावा कर रही है। वामपंथी दलों ने कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा में समर्थकों को जुटाकर अपनी ताकत का एहसास करा दिया है। वह तो राजद से डील वैसे भी कर ही लेगी। असल संकट कांग्रेस का रहता है। बिहार में जब महागठबंधन सरकार थी, तब एक अदद मंत्री पद के बढ़ाने के लिए तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह को तेजस्वी यादव के कई चक्कर लगाने पड़े थे। मंत्री पद बढ़वाने से पहले महागठबंधन सरकार ही गिर गई। ऐसे में कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार वोटर अधिकार यात्रा के अंतिम दिन पटना में कार्यकर्ता-समर्थन की शक्ति दिखाने के लिहाज से भी आ रहे हैं। कांग्रेस ने ऑनलाइन आवेदन मंगा रखे हैं, कई नए फॉर्मूले भी कांग्रेस ने बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए खुला आमंत्रण दे रखा है। कांग्रेस ने टिकट के इच्छुक सभी कांग्रेसियों से ऑनलाइन आवेदन जमा करने के लिए एक क्यूआर कोड जारी किया था। 12 मई से यह प्रक्रिया चल रही है। इसके पहले कांग्रेस ने राज्य की सभी 243 विधानसभा सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों का सर्वे भी किया था। इसके बाद क्यूआर कोड से आवेदन की प्रक्रिया शुरू करते हुए पार्टी ने कहा था कि वह सशक्त, सक्रिय और निष्ठावान कार्यकर्ता को खुद भी दावेदारी दिखाने के लिए मौका देना चाहती है। कांग्रेस ने क्यूआर कोड स्कैनर के माध्यम से आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए 6 प्रमुख मापदंड तय किए थे, जिनमें उनकी भौतिक के साथ वर्चुअल उपस्थिति को लेकर भी दावेदारी देखी जानी थी। कांग्रेस के पास इसके जरिए भी आवेदन आया है और पहले से विधायक, पूर्व विधायक और पार्टी के कई पदाधिकारी सीटों की लाइन में हैं। ऐसे में जमीनी स्तर पर प्रदेश कांग्रेस में सीट बंटवारे के मुद्दे को जल्द सुलझाने की मांग भी उठ रही है।

RPSC विवाद और वोटिंग में धोखाधड़ी पर सचिन पायलट ने उठाए सवाल, केंद्र को लिया आड़े हाथों

टोंक कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और टोंक विधायक सचिन पायलट कल एक दिवसीय दौरे पर टोंक पहुंचे। कांग्रेस कमेटी कार्यालय में जोरदार स्वागत के बाद पायलट ने कार्यकर्ताओं से संवाद किया और राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाले नगर निकाय और पंचायत राज के चुनावों पर भी नजर रखनी होगी। सचिन पायलट ने कहा कि देश में भाजपा ने वोट चोरी की है और राहुल गांधी अब सबूतों के साथ वोट अधिकार यात्रा निकाल रहे हैं। पायलट ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के चयन में बदलाव और निर्वाचन आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने 45 दिन में सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने के नियम पर भी निशाना साधा और पूछा कि लाखों, करोड़ों डेटा स्टोर करने की क्षमता होने के बावजूद पोलिंग बूथ की वीडियो फुटेज क्यों डिलीट की जा रही है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने छह महीने अध्ययन करके फर्जी वोट और गलत मतदाता नामों का डेटा इकट्ठा किया है। देश में गरीब, दलित और शोषित वर्ग के मतदाता हैं, क्या उनके नाम काट दिए जाएंगे? पायलट ने कहा कि वे निर्वाचन आयोग से सिर्फ जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन बिना जांच के लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि अधिकारी झूठ बोलकर अपनी गड़बड़ियों को छुपा रहे हैं और लोकतंत्र की मूल भावना को कमजोर कर रहे हैं। पायलट ने एसआई भर्ती परीक्षा रद्द होने और आरपीएससी में गड़बड़ी पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्होंने इसकी शुरुआत वहीं से की थी और इसका पुनर्गठन होना चाहिए था, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मंत्री जोगाराम पटेल और अन्य अधिकारियों पर भी निशाना साधा। पायलट ने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं है, पूरी प्रक्रिया पर कार्रवाई होनी चाहिए, वरना भविष्य में फिर दोबारा गड़बड़ी हो सकती है। वोट अधिकार यात्रा को लेकर उन्होंने कहा कि इसे सभी गठबंधन दलों का समर्थन प्राप्त है। टीएमसी और अन्य गठबंधन नेता भी इस यात्रा में शामिल हैं। पायलट ने कहा कि वोट का अधिकार प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और किसी को इसे छिनने की अनुमति नहीं दी जाएगी। राजस्थान में भी कांग्रेस इसी अभियान को आगे बढ़ाएगी और ग्रामीण, शहरी क्षेत्रों में जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

एम्स, हमीदिया और जेपी अस्पताल में बदलते मौसम के चलते मरीजों की संख्या बढ़ी

भोपाल भोपाल में मौसम अचानक करवट बदल रहा है। कभी तेज बारिश, कभी कड़ी धूप और फिर उमस। इस वजह से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। एम्स, हमीदिया और जेपी अस्पताल की ओपीडी में बीते दो दिन में ही 20 हजार से ज्यादा मरीज पहुंचे। यह संख्या पिछले हफ्ते की तुलना में करीब चार हजार ज्यादा है। सबसे ज्यादा असर बच्चों पर दिख रहा है। जेपी अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। सामान्य दिनों में जहां 60 बच्चे आते थे, अब यह संख्या 170 तक पहुंच गई है। इनमें ज्यादातर बच्चे वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण से पीड़ित हैं। करीब सात से आठ प्रतिशत बच्चों को गंभीर हालत में भर्ती करना पड़ रहा है। इनमें सांस लेने में तकलीफ और फेफड़ों का इंफेक्शन देखने को मिल रहा है। आरएसवी वायरस बना चिंता की वजह डॉक्टरों के मुताबिक, इस समय रेस्पीरेट्री सिंसेशियल वायरस (आरएसवी) बच्चों में ज्यादा एक्टिव है। यह वायरस सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण देता है, लेकिन छोटे बच्चों में यह न्यूमोनिया और ब्रोंक्योलाइटिस का कारण बन सकता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, हर साल दुनियाभर में करीब 30 लाख बच्चे आरएसवी से प्रभावित होते हैं। हालांकि, यह वायरस बच्चों को ज्यादा प्रभावित करता है, लेकिन कमजोर इम्यूनिटी वाले बुजुर्ग और दिल या अस्थमा के मरीज भी इसके शिकार हो सकते हैं। दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन के कारण टाइफाइड और उल्टी-दस्त के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों ने बचाव के तरीके बताए जेपी अस्पताल के डॉ. पियूष पंचरत्न का कहना है कि कई परिजन मेडिकल स्टोर से मनमर्जी की दवाएं देकर बच्चों का इलाज करने की कोशिश करते हैं, जिससे स्थिति बिगड़ जाती है। बच्चों को केवल पैरासिटामाल दी जा सकती है, लेकिन लक्षण बने रहें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार ह्यूमन राइनोवायरस और ई-कोलाई बैक्टीरिया भी सक्रिय हैं, जो वयस्क मरीजों को प्रभावित कर रहे हैं। ज्यादातर मरीज एक से दो हफ्ते में सामान्य दवाओं से ठीक हो जाते हैं। लेकिन मरीजों को सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। यह लक्षण दिखने पर सतर्क रहें गले में खराश, तेज सर्दी, लगातार खांसी, बुखार, पेट दर्द या थकान जैसे लक्षण दिखें तो लापरवाही न करें और तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं। ये उपाय करना जरूरी     हमेशा उबला या शुद्ध पानी पिएं।     ठंडी और बासी चीजों से बचें।     बच्चों को अन्य बीमार बच्चों से दूर रखें और बीमारी की स्थिति में स्कूल न भेजें।     गले में खराश हो तो गुनगुने पानी से गरारे करें।     मास्क का इस्तेमाल करें और स्वच्छता का ध्यान रखें। क्यों बढ़ रहीं बीमारियां     लगातार बदलता मौसम     धूल और गंदगी से फैलता संक्रमण     लोगों द्वारा लापरवाही और सावधानी न बरतना इसका प्रमुख कारण है। बदलते मौसम का दिख रहा असर     मौसम बदलते ही मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों को निर्देश दिए हैं कि हर मरीज को पर्याप्त समय दें और उन्हें विस्तार से समझाएं कि बीमारी से कैसे बचा जा सकता है। – डॉ. राकेश श्रीवास्तव, सिविल सर्जन, जेपी अस्पताल  

यूपी में पेट्रोल-डीजल खरीदने के लिए जरूरी नया नियम, CM योगी ने किया सख्त निर्देश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों को कम करने और लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जागरूक करने के मकसद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब अगर आप बाइक या स्कूटी पर बिना हेलमेट पेट्रोल पंप पहुंचते हैं, तो आपको पेट्रोल नहीं मिलेगा। कब से शुरू हुआ ये नियम? सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक, 1 सितंबर यानी आज (1 सितम्बर) सोमवार से पूरे उत्तर प्रदेश में 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' अभियान की शुरुआत हो गई है। यह अभियान 30 सितंबर 2025 तक चलेगा। अभियान का मकसद क्या है? इस अभियान का उद्देश्य किसी को सजा देना नहीं है, बल्कि लोगों को यह समझाना है कि हेलमेट पहनना जरूरी है और यह आपकी जान बचा सकता है। यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि लोग लापरवाही ना करें और हेलमेट पहनने की आदत डालें। कौन-कौन देखेगा अभियान की निगरानी? हर जिले में जिलाधिकारी (DM) के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन विभाग, पुलिस, जिला प्रशासन और खाद्य एवं रसद विभाग इसकी निगरानी कर रहे हैं। सूचना विभाग लोगों को इस बारे में जागरूक करेगा। लखनऊ में आज पहला दिन? लखनऊ के पेट्रोल पंपों पर पहले ही पोस्टर और बोर्ड लगा दिए गए थे। पंप कर्मियों ने लोगों से कहा कि 'हेलमेट पहनिए, तभी पेट्रोल मिलेगा।' बहुत से लोग नियम मानते नजर आए, लेकिन जो बिना हेलमेट पहुंचे उन्हें वापस लौटना पड़ा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील सीएम योगी ने प्रदेश के लोगों से अपील की कि 'पहले हेलमेट, फिर ईंधन।' इसका मकसद सिर्फ आपकी सुरक्षा है। हेलमेट से आपकी जान बच सकती है।