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यमुना के 18 गेट खुले, दिल्ली में बढ़ा बाढ़ का खतरा; हरियाणा के अंबाला में विज ने किया दौरा

अंबाला पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। अंबाला की टांगरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और यह 8 फीट के खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी है। सिंचाई विभाग के अनुसार, जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और आसपास के डीएवी रिवर साइड सहित कई स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। हरियाणा के ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने टांगरी नदी के आसपास के क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि नदी के किनारे बसी कॉलोनियों के लोगों को जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। साथ ही, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। टांगरी बांध पर सिंचाई विभाग और पुलिस की टीमें तैनात हैं, जो लगातार जलस्तर पर नजर रख रही हैं। यमुनानगर के साथ उगते उत्तराखंड के पहाड़ों पर भारी बारिश होने से यमुना नदी पर बने हथिनी कुंड बैराज का एकाएक जलस्तर बढ़ गया। ऐसे में शुक्रवार को यमुना नदी का जलस्तर 50 हजार क्यूसेक को पार कर 67,034 क्यूसेक दर्ज किया गया। इसमें यमुना में 58,514, पश्चिमी यमुना में 7010 व पूर्वी यमुना में 1510 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। उधर, जलस्तर बढ़ने पर फिर से बैराज के 18 गेट खोल दिए गए और पानी को दिल्ली की तरफ डायवर्ट कर दिया गया। ऐसे में दिल्ली में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उधर, सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है जिले के साथ लगते कैचमेंट एरिया में भारी बारिश हो रही है, ऐसे में यमुना नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा बैराज के कर्मचारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के लिए आदेश दिए गए हैं। साथ ही हर घंटे बैराज पर जलस्तर की उपस्थिति दर्ज होने के बाद रिपोर्ट देने की बात कही गई है।  

धारा 82 नोटिस के तहत मुख्तार अंसारी की पत्नी को कोर्ट ने किया नोटिस

मऊ  उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में माफिया मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा अंसारी के खिलाफ न्यायालय ने अहम कदम उठाया है. कोर्ट ने उन्हें आखरी 82 की नोटिस जारी की है. यह कार्रवाई उन मामलों से जुड़ी है जिनमें अफसा अंसारी पर दलित की जमीन पर कब्जा करने और अन्य आरोपों के तहत मुकदमे दर्ज हैं. नोटिस गैंगस्टर एक्ट के तहत जारी की गई है, ताकि कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके. यह है मामला यूपी की मऊ पुलिस ने गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा अंसारी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. अफसा लंबे समय से फरार है और मऊ न्यायालय ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट और धारा 82 के तहत कार्रवाई का आदेश दिया था. इसी आदेश के अनुपालन में मऊ पुलिस की टीम गुरुवार देर शाम अफसा के मोहम्मदाबाद स्थित दर्जी टोला मोहल्ले के बंद आवास पर पहुंची और वहां नोटिस चस्पा कर मुनादी कराई. अफसा पर आरोप और इनाम अफसा अंसारी पर 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, चोरी, आपराधिक अतिक्रमण और गैंगस्टर एक्ट शामिल हैं. मऊ पुलिस ने उसके खिलाफ मामला संख्या 129/2020 दर्ज किया था और गिरफ्तारी के लिए 50 हजार का इनाम घोषित किया गया है. इसके अलावा, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में लुकआउट नोटिस जारी किया है, ताकि अफसा देश छोड़कर न भाग सके. अफसा अंसारी 2021 से फरार है. उसके पति मुख्तार अंसारी की 28 मार्च 2024 को जेल में हार्ट अटैक से मृत्यु के बाद भी अफसा सामने नहीं आई. पुलिस को आशंका थी कि वह अपने पति के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकती है, लेकिन वहां भी नहीं दिखी. इसके चलते मऊ और गाजियाबाद पुलिस ने उसके खिलाफ कई संपत्तियों को जब्त किया है, जिनमें 9.44 करोड़ का प्लॉट, 3.76 करोड़ की जमीन और होटल गजल शामिल हैं. पुलिस की कार्रवाई और जनता से अपील मऊ पुलिस ने सीओ सिटी धनंजय मिश्रा के नेतृत्व में कई जगहों पर छापेमारी की, लेकिन अफसा का पता नहीं चल सका. उसके खिलाफ धारा 299 (सीआरपीसी) के तहत कार्रवाई शुरू की गई है और उसका नाम मक्रूल रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है. पुलिस ने जनता से अपील की है कि अफसा की जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा.

जनवरी में मिली थी जमानत, आसाराम ने अब जोधपुर जेल में किया सरेंडर

 जोधपुर नाबालिग से रेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम ने शनिवार, 30 अगस्त को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर कर दिया है। राजस्थान हाई कोर्ट ने 27 अगस्त को उसकी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसे यह कदम उठाना पड़ा। आसाराम को जनवरी 2025 में पहली बार 12 साल बाद अंतरिम जमानत मिली थी। उसने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जमानत मांगी थी। जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, आसाराम की तबीयत स्थिर है और उसे अस्पताल में भर्ती होने या लगातार चिकित्सा देखभाल की जरूरत नहीं है। अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल के मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि आसाराम ने पिछले कुछ महीनों में इलाज के लिए कई यात्राएं की हैं और विभिन्न शहरों के अस्पतालों में सलाह ली है, लेकिन किसी भी अस्पताल में नियमित फॉलोअप नहीं कराया है। कोर्ट ने आसाराम के वकील की उस दलील को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने एम्स जोधपुर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्वास्थ्य में गिरावट की बात कही थी। जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने फैसले में कहा था कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार आसाराम की तबीयत स्थिर है। उसे हॉस्पिटल में भर्ती होने या लगातार चिकित्सा देखभाल की जरूरत नहीं है। आसाराम जनवरी 2025 में 12 साल के बाद पहली बार जमानत मिली थी। सबसे पहले जानिए- अंतरिम जमानत कैंसिल करते हुए कोर्ट ने क्या कहा था… अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल में मेडिकल बोर्ड की ओर से दी गई रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि आसाराम ने पिछले 3-4 महीनों में इलाज के लिए कई यात्राएं की हैं। उसने कई शहरों में अलग-अलग हॉस्पिटल में इलाज भी कराया है, लेकिन किसी भी हॉस्पिटल में नियमित फॉलोअप नहीं कराया है। वकील के दलील को किया खारिज 27 अगस्त की सुनवाई में आसाराम के वकील निशांत बोड़ा ने कहा था कि- 21 अगस्त को आसाराम को एम्स जोधपुर ले जाया गया था। वहां के डॉक्टरों ने उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के बारे में एक रिपोर्ट दी है। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। बेटे से भी हुई थी मुलाकात अपनी करीब साढ़े सात महीने की जमानत के दौरान आसाराम ने 11 साल बाद अपने बेटे नारायण साईं से भी मुलाकात की थी। नारायण साईं 25 जून को सूरत जेल से जोधपुर स्थित आसाराम के आश्रम पहुंचे थे।

छत्तीसगढ़ व्यापम में स्टाफ नर्स भर्ती 2025, ऐसे करें आवेदन 225 पदों पर

रायपुर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की ओर से स्टाफ नर्स के 225 पदों के लिए आवेदन मंगाए गए हैं। लिखित भर्ती परीक्षा के लिए अभ्यर्थी 3 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 4 से 6 सितंबर तक त्रुटि सुधार कर सकेंगे। परीक्षा 21 सितंबर को संभावित है। रायपुर में 55, बिलासपुर में 55, सरगुजा में 57 और बस्तर में 58 पदों पर भर्ती की जाएगी। आवेदनकर्ता को छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी होना अनिवार्य है। अभ्यर्थी को बीएससी नर्सिंग या पीबीबीएससी नर्सिंग या जनरल नर्सिंग एवं वरिष्ठ प्रसूति विज्ञान प्रशिक्षण उत्तीर्ण होना चाहिए।

हमारा स्वाभिमान है स्वदेशी उत्पाद, हमारी संस्कृति ही हमें जोड़ती है स्वदेशी भाव से: CM यादव

स्वदेशी उत्पादों का उपयोग है सच्ची राष्ट्रसेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारा स्वाभिमान है स्वदेशी उत्पाद हमारी संस्कृति ही हमें जोड़ती है स्वदेशी भाव से स्वदेशी अभियान के पोस्टर एवं जन अभियान परिषद के ब्रोशर का किया विमोचन जनअभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के मध्य हुआ एमओयू स्वदेशी से जुड़े रहने के संकल्प के तहत सभी ने ली शपथ मुख्यमंत्री ने किया स्वदेशी से स्वावलंबन विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय संगोष्ठी का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री एवं जनअभियान परिषद के अध्यक्ष डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वदेशी वस्तुएं केवल उत्पाद ही नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, धरोहर और हमारे मान-सम्मान का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया "वोकल फॉर लोकल" अभियान भारतीयता की इसी भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम है। हमारे देशी उत्पाद न केवल विदेशी उत्पादों से अधिक मजबूत, किफायती और गुणवत्तायुक्त हैं, बल्कि इन्हें खरीदने पर हमें अधिकतम लाभ भी मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आत्मीय आह्वान किया कि हर भारतीय नागरिक को न केवल स्वयं स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करना चाहिए, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। यही देश प्रेम हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। स्वदेशी भावना ही सच्ची राष्ट्रसेवा का सहज मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में जनअभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में 'स्वदेशी से स्वावलंबन' विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि कर इस एक दिवसीय संगोष्ठी का विधिवत् शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनअभियान परिषद द्वारा स्वदेशी अभियान के लिए तैयार किए गए पोस्टर एवं ब्रोशर का भी विमोचन किया। इस ब्रोशर में स्वदेशी वस्तुओं की सूची दी गई है। कार्यक्रम में जन अभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के मध्य स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार की जनजागृति के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में इस एमओयू का दोनों संगठनों द्वारा परस्पर आदान-प्रदान भी किया गया। कार्यक्रम का आरंभ वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। आरंभ में आयोजकों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तुलसी का पौधा भेंटकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण की दिशा में विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का अधिकाधिक उपयोग ही देश के प्रति प्रेम और सच्ची राष्ट्र सेवा है। हम सभी को अपने जीवन में देशी उत्पादों का उपयोग बढ़ाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्वदेशी भाव से सदैव जुड़े रहने के संकल्प के तहत कार्यक्रम में उपस्थित सभी को स्वदेशी उत्पादों का ही उपयोग करने की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को 'राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस' की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लघु उद्योगों से ही हमारी अर्थव्यवस्था कायम है। भारतीय वस्तुओं और भारतीय तकनीक की विश्व में धूम मची है। वैश्विक स्तर पर हमारे देश में निर्मित वस्तुओं की मांग बढ़ी है। यह वैश्विक मांग हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान भाव को और पोषित करती है। उन्होंने कहा कि पूरा राष्ट्र स्वदेशी के प्रति वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध है। हमारी संस्कृति ही हमें स्वदेशी का भाव सिखाती है। हम देशी वस्तुओं के प्रति अपने अंर्तमन से जुड़े हुए हैं। यह भावना ही स्वदेशी उत्पादों को और बेहतर स्वरूप देने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि जन अभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच दोनों का लक्ष्य एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश में धार्मिक, आध्यात्मिक और वन पर्यटन बढ़ाने की दिशा में ठोस काम किए हैं। महाकाल लोक के निर्माण के बाद वर्ष 2024 में 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आए। हम हर सेक्टर में आगे बढ़ रहे हैं। पर्यटन के अलावा हम एमएसएमई यानि छोटे उद्योग और खनन क्षेत्र में निहित संभावनाओं को तलाशने के लिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में कॉन्क्लेव कर रहे हैं। ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की गई है। यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश में रोजगारपरक उद्योग स्थापित करने वाले उद्योगपतियों और निवेशकों को किफायती दरों पर भूमि, बिजली, पानी के साथ-साथ प्रति श्रमिक 5 हजार रूपए प्रोत्साहन राशि भी दे रहे हैं। इससे प्रदेश में नए उद्योग-धंधे लगेंगे, जिसका सीधा लाभ मध्यप्रदेश के निवासियों को मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह के रूप में मिट्टी के गणेश की प्रतिमा भेंट की गई। संगोष्ठी में बैतूल विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि स्वदेशी एक बड़ा विषय है। राज्य सरकार स्वदेशी के प्रति जागरूकता और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही है। हम सभी अपने मानस में, अपने आचरण में स्वदेशी भाव लाएं, तभी हमारा देश विकसित और समृद्ध बनेगा। हम अपनी संस्कृति और धरोहर को बचाए रखें और सरकार के स्वदेशी भाव से जुड़े हर काम, हर अभियान में सहयोगी बनें। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर जागृति लाएंगे, तभी तो स्वदेशी की भावना हर नागरिक तक पहुंचेगी। जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर ने कहा कि यह राज्य स्तरीय संगोष्ठी स्वदेशी जागरण मंच के सहयोग से आयोजित की गई है। दोनों संगठन स्वदेशी के प्रति जागृति लाने के लिए प्राण-प्रण से जुटे हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 25 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2025 तक जनअभियान परिषद 'स्वदेशी जागरण सप्ताह' मनाएगा। हम इसे जन-जन का अभियान बनाएंगे। उन्होंने बताया कि हम सरकार के हर अभियान को प्रदेश के हर नागरिक तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। विगत 30 मार्च से 30 जून तक चले 'जल गंगा संवर्धन अभियान' में जन अभियान परिषद ने 40 लाख लोगों की सहभागिता कराई। 'एक पेड़ मां के नाम अभियान' के तहत जन अभियान परिषद ने 17 लाख से अधिक पौधे रोपने में मदद की और करीब 1.5 लाख से अधिक महिलाओं को इस अभियान से जोड़ा। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हम मिट्टी के गणेश की स्थापना के लिए लक्षित होकर काम कर रहे हैं। इस वर्ष के गणेशोत्सव में हमने प्रदेश के 10 लाख से अधिक घरों में … Read more

किसानों की खुशखबरी: पन्ना में 4.90 कैरेट का हीरा, जल्द होगी नीलामी

पन्ना हीरों की नगरी पन्ना एक बार फिर चर्चा में है. शुक्रवार को 4 किसान हीरा कार्यालय पहुंचे. उनके चेहरे हीरे की तरह चमक रहे थे क्योंकि उन्हें अपने खेत में नायाब और बेशकीमती हीरा मिला था. जिसकी कीमत लाखों में आंकी गई. सभी किसान अब अपने-अपने सपने को पूरा करने की प्लानिंग बना रहे हैं. बता दें कि 4 किसानों ने अपने खेत में हीरा खोदने की अनुमति ली थी. हीरा मिलते ही खिल उठे किसानों के चेहरे दरअसल, ग्राम जरुआपुर में 4 पार्टनर दिलीप मिस्त्री, अभिलाष कुल्लू, प्रकाश मजूमदार और किशोर सरदार ने मिलकर हीरे की एक खदान ली थी. इस खदान में वे 4 महीने से लगातार हीरे खोज रहे थे. शुक्रवार को खुदाई के दौरान उन्हें एक बेशकीमती हीरा दिखा. हीरा देख किसानों के चेहरे खिल उठे. उनके चेहरे पर एक चमक दिखाई दे रही थी. वे उसे जमा कराने तत्काल हीरा कार्यालय पहुंचे. 10 लाख आंकी जा रही है हीरे की कीमत सभी किसान, पन्ना के हीरा कार्यालय पहुंचे. जहां, बताया गया कि यह हीरा अच्छी क्वालिटी का है और साफ और चमकदार दिखाई दे रहा है. बताया गया कि इस हीरे को जेम्स क्वालिटी का हीरा कहा जाता है. दिलीप मिस्त्री ने अपने नाम से डायमंड को हीरा कार्यालय में जमा कराया. जब उसे चेक किया गया तो हीरा करीब 4.90 कैरेट का निकला. जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई जा रही है. पहली बार हीरा पाकर किसान खुश बेशकीमती हीरा मिलने के बाद किसानों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. अभिलाष कुल्लू बताते हैं कि "दिलीप मिस्त्री और प्रकाश मजूमदार को पहले भी कई हीरे मिल चुके हैं. लेकिन मैं पहली बार हीरे के खदान में पार्टनर बना था और यह पहली बार है जब मुझे हीरा मिला है. इससे मुझे बहुत ज्यादा खुशी है. इस हीरे से जो भी पैसे मुझे मिलेंगे उससे मैं और हीरे की खदान लगाएंगे." वहीं, दूसरे खदान के पार्टनर्स ने कहा कि वे अपने बिजनेस को बड़ा करेंगे और खेत-खलिहान में भी इस पैसे को लगाएंगे. आगामी नीलामी में होगी हीरे की होगी बिक्री प्रकाश मजूमदार बताते हैं कि "इस खदान में पहले भी कई हीरे मिले हैं, जिसे हीरा कार्यालय में जमा किया गया है. शुक्रवार को भी एक अच्छी क्वालिटी का हीरा मिला है. इससे बहुत खुशी हो रही है. इसे आगामी नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा. इसकी जो भी धनराशि मिलेगी, सभी पार्टनर बराबर बराबर बांट लेंगे और अपने-अपने काम धंधे में लगाएंगे." बेशकीमती हीरे ने इन किसानों के किस्मत खोल दी है. आगामी नीलामी में हीरे की बिक्री जाएगी. जिसके बाद किसानों को इसके पैसे दिए जाएंगे और किसान अपने मन में सजाए सभी सपने पूरे कर सकेंगे. 

CM साय का सख्त बयान: PM के खिलाफ टिप्पणी देशवासियों का अपमान है

रायपुर  बिहार में प्रधानमंत्री पर की गई अभद्र टिप्पणी का असर छत्तीसगढ़ में भी दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इसकी निंदा की है। इसी कड़ी में CM साय सोशल मीडिया में वीडियो जारी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि यह पूरे भारत की आत्मा और संस्कृति पर चोट है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री का जीवन हर भारतवासी के लिए प्रेरणा है। एक साधारण परिवार से निकलकर, मां के संघर्षों और संस्कारों से गढ़ा पुत्र आज पूरी निष्ठा से राष्ट्र सेवा में समर्पित है और विश्व मंच पर भारत का गौरव बढ़ा रहा है। ऐसे में उनका अपमान वास्तव में 140 करोड़ भारतीयों की भावनाओं का अपमान है।” सीएम साय ने आगे कहा कि बिहार की जनता निश्चित रूप से इस तरह की ओछी और नकारात्मक राजनीति को खारिज करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी। उन्होंने इस घटना को भारतीय राजनीति के स्तर के पतन का “काला धब्बा” करार दिया।

बीजापुर में नक्सली आतंक! शिक्षादूत को अगवा कर दी दर्दनाक मौत

बीजापुर नक्सलियों का खूनी खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है. शिक्षादूत लगातार उनके निशाने पर आ रहे हैं. शुक्रवार को नक्सलियों ने गंगालूर क्षेत्र में पदस्थ एक शिक्षादूत को अपहरण कर जंगल ले गए और उसकी हत्या कर दी. नक्सलियों की बढ़ती हिंसक वारदातें पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. जानकारी के मुताबिक, नेन्द्रा में पदस्थ शिक्षादूत कल्लू ताती को नक्सलियों ने शुक्रवार शाम को स्कूल से लौटते समय अगवा कर लिया था.  देर रात अपहरण के बाद उसकी हत्या कर दी गई. मृतक मूल रूप से तोड़का गांव का निवासी था. 27 अगस्त को सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने एक शिक्षादूत की निर्मम हत्या कर दी थी. घटना सिलगेर इलाके के मंडीमरका में हुई, मृतक का नाम लक्ष्मण बारसे बताया गया. वह मूल रूप से बीजापुर के ग्राम पेगड़ापल्ली का निवासी था और लक्ष्मण सिलगेर में शिक्षादूत के रूप में कार्यरत था. बता दें कि क्षेत्र में बीते 24 घंटे के दौरान नक्सलियों की यह दूसरी कायराना करतूत है. शुक्रवार को जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूरी पर ही एक 27 वर्षीय युवक की बेरहमी से हत्या कर दी थी. बंद पड़े स्कूलों के पुनः संचालन के बाद से बीजापुर जिले में 6 और सुकमा जिले में 5 शिक्षादूतों की नक्सलियों द्वारा हत्या की जा चुकी है. लगातार नक्सलियों के खूनी खेल से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.

AI से झूठ पकड़ेगा, जबलपुर इंजीनियरिंग छात्रों का स्टार्टअप और ई-कॉमर्स आइडिया चर्चा में

जबलपुर  सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में कैंपस टायकून 3.0 का आयोजन किया गया. इसमें इंजीनियरिंग से जुड़े हुए छात्रों ने ऐसे शानदार बिजनेस मॉडल पेश किए, जिन पर यदि काम किया जाए तो वह किसी को भी करोड़पति बना सकता है. वहीं, इन छात्रों के सबसे अच्छे आइडिया आगे आईआईटी में भेजे जाते हैं और इन्हें सरकारी योजनाओं के जरिए फायदा पहुंचाने की कोशिश की जाती है. छात्रों ने दिए सफल स्टार्टअप के शानदार आइडिया जबलपुर गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में शार्क टैंक की तर्ज पर कैंपस टायकून नाम का आयोजन किया जाता है. इसमें छात्र-छात्राएं अपने बिजनेस आइडिया शेयर करते हैं. इन बिजनेस आइडिया को कैसे आगे बढ़ाया जाए इसके लिए उसके जानकार छात्रों की मदद करते हैं. शुक्रवार को कॉलेज में कैंपस टायकून के कार्यक्रम का आयोजन हुआ. जिसमें ऐसे कई शानदार आइडिया आए जो सफल स्टार्टअप हो सकते हैं. लाइ डिटेक्टर विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बुरहानुद्दीन बैंक वाला जबलपुर सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के एआई डिपार्टमेंट के छात्र हैं. अभी उनकी पढ़ाई चल ही रही है लेकिन उनके दिमाग में एक ऐसा आइडिया आया है, जो पुलिस और सेना में काम करने वाले अधिकारियों के लिए फायदे का हो सकता है. बुरहानुद्दीन ने एक ऐसे सॉफ्टवेयर की कल्पना की है, जिसमें किसी अपराधी से सच उगलवाया जा सकता है. इसके लिए बॉडी सेंसिटिव कैमरे और मेडिकल इक्विपमेंट को एक कंप्यूटर से जोड़ा जाएगा और इन पर आने वाली रीडिंग एक सॉफ्टवेयर रीड करेगा. यह सॉफ्टवेयर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आधार पर बनाया गया है. इसमें बुरहानुद्दीन का दावा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इस लाइ डिटेक्टर सिस्टम से किसी भी शातिर से शातिर अपराधी का मुंह खुलवाया जा सकेगा और इसमें उन्हें थर्ड डिग्री भी नहीं देनी होगी. अपराधी यदि झूठ बोलेगा तो तुरंत पकड़ा जाएगा इसमें वे 100 पैरामीटर शामिल करने वाले हैं जिन पर ये सिस्टम निगाह रखेगा. बुरहानुद्दीन का कहना है कि "यह सिस्टम सेना और पुलिस के लिए बहुत काम का हो सकता है" एंटरटेनिंग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म इसी तरह कॉलेज के छात्र आशीष कुमार झा और उनके साथियों ने अनुभव किया था कि ई-कॉमर्स वेबसाइट पर जब तक किसी को जरूरत नहीं होती तब तक उन्हें कोई नहीं खोलता. ज्यादातर लोग अपना समय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिताते हैं. इसलिए आशीष कुमार झा और उनकी टीम ने एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया है, जिसमें सेलर एंटरटेनमेंट तरीके से कंटेंट बनाएगा और उनके प्लेटफार्म पर कंटेंट शेयर किया जाएगा. यदि किसी को कोई सामान खरीदना है तो उसे किसी दूसरी वेबसाइट पर जाने की जरूरत नहीं होगी. वह डायरेक्ट इसी वेबसाइट से सामान खरीद सकेगा. कैंपस टायकून का आयोजन आशीष कुमार झा कहते हैं कि "अभी तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अलग है और ई-कॉमर्स बिज़नेस अलग है. यदि इन दोनों को एक साथ जोड़कर एक प्लेटफार्म बनाया जाएगा तो ई-कॉमर्स को बढ़ाया जा सकता है और यह एंटरटेनिंग भी होगा." आशीष झा और उनकी टीम ने इस प्लेटफार्म को तैयार भी कर लिया है. इन लोगों का कहना है कि "अभी हमारे वेबसाइट पर 50 यूजर हैं लेकिन यदि इस सिस्टम को उन्हें और बड़ा करना है तो इसमें इन्वेस्टमेंट की जरूरत है. यदि कोई इन्वेस्टर उनके इस सिस्टम में पैसा लगा देता है तो इंटरनेट पर एक नया प्लेटफार्म तैयार हो जाएगा, जो मौजूदा ई-कॉमर्स वेबसाइट से बिल्कुल हटकर होगा." छात्रों ने दिए कई सफल और गजब के आइडिया गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज के कंप्यूटर एंड साइंस के हेड ऑफ द डिपार्टमेंट जितेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि "कैंपस टायकून एक अनोखा आयोजन है. यह तीसरा मौका है जब हमने यह आयोजन करवाया है. इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले छात्र गजब के आइडिया लेकर आते हैं. अब तक ऐसे कई आइडिया आए हैं जिन्हें हमने मदद की है. कुछ ऐसे आइडिया भी है, जिन्हें विकसित करने पर काम चल रहा है. हमने कुछ आइडियाज आईआईटी को भी भेजा है." 'स्टार्टअप को मिलेगी हर जरूरी मदद' गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज की फोर्थ ईयर स्टूडेंट और आयोजक शशांक भार्गव का कहना है कि "इससे पहले भी इंजीनियरिंग कॉलेज में कैंपस टायकून का आयोजन करवाया गया है. इस कार्यक्रम में छात्रों के आइडिया पर सवाल जवाब होता है और सवाल जवाब करने के लिए हमारी टीम एक्सपर्ट्स को बुलाती है, जिन्हें व्यापार की समझ है. इसमें कुछ लोग मनोविज्ञान से जुड़े होते हैं, कुछ व्यापार से जुड़े होते हैं और कुछ तकनीकी ज्ञान रखते हैं. यही लोग मिलकर यह तय करते हैं कि कौन सा आइडिया सबसे बेहतर है, जिसे इनक्यूबेट किया जा सकता है." 'नए स्टार्टअप खोजने का बेहतरीन तरीका' व्यापार के क्षेत्र से जुड़ी प्रीति चौधरी का कहना है कि "कैंपस टायकून नए स्टार्टअप को खोजने का बड़ा अच्छा तरीका है. कॉलेज के छात्र-छात्राओं में गजब के आइडिया हैं. यदि इन्हें इसी स्तर पर शासन की योजनाओं से जोड़कर मदद दे दी जाए तो इसके जरिए नए उद्योगपति खड़े किए जा सकते हैं."  कैंपस टायकून के इस आयोजन में ऐसे कई नए और शानदार आइडिया आए, जिन्हें इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष के छात्रों ने रखा. यदि इन पर थोड़ा-थोड़ा काम किया जाए तो यह बेहतरीन बिजनेस आइडिया हो सकते हैं, जो कामयाब व्यापार खड़ा कर सकता है. इस तरह के आयोजन हर कॉलेज में होना चाहिए. हमारे बीच में कई ऐसे छात्र हो सकते हैं, जिनके पास व्यापार और कारोबार के नए तरीके हों. यदि इन्हें विकसित किया जाएगा तो देश को कई नए स्टार्टअप मिल सकते हैं. इससे देश आर्थिक तरक्की कर सकता है और बेरोजगारी खत्म हो सकती है.

शराब घोटाले केस: 10 आबकारी अफसरों को सुप्रीम कोर्ट की राहत, दो डायरेक्टर भेजे गए रिमांड पर

रायपुर छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए 32,00 करोड़ के शराब घोटाला केस में 28 आबकारी अफसरों में से दस को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टीस सूर्यकांत,जायमाला बागची और विपुल पंचोली की बेंच ने मामले की सुनवाई की। जिसमें दस आबकारी अधिकारियों को निचली अदालत (ईओडब्ल्यू-एसीबी की विशेष कोर्ट) में अगली पेशी में 23 सितंबर को उपस्थित होकर व्यक्तिगत जमानत बांड पेशकर अग्रिम जमानत प्राप्त करने निर्देशित किया है, जबकि शेष 18 आबकारी अधिकारियों की जमानत पर सोमवार एक सितंबर को सुनवाई नियत की गई है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर 10 अक्टूबर तक जवाब मांगा है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो(ईओडब्ल्यू) ने शराब घोटाला केस में आबकारी विभाग के 29 अफसरों के खिलाफ पिछले महीने विशेष न्यायालय में चालान पेश किया था। इनमें से छह रिटायर हो चुके हैं जबकि एक की मृत्यु हो गई है। शेष 22 अधिकारियों को सरकार ने निलंबित कर दिया था। इन पर वर्ष 2019 से 2023 के बीच 15 जिलों में पोस्टिंग के दौरान 90 करोड़ रुपए की अवैध वसूली करने का आरोप है। सभी अधिकारियों ने गिरफ्तारी के डर से 11 दिन पहले बिलासपुर हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। जहां सभी की जमानत याचिका खारिज हो गई थी। इसके बाद सभी ने सुप्रीम कोर्ट में रूख किया। याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पैरवी की। इन अधिकारियों को मिली राहत सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित आबकारी अधिकारी अरविंद कुमार पाटले,जनार्दन सिंह कौरव,विकास कुमार गोस्वामी,नोहर सिंह ठाकुर,इकबाल एहमद खान,अनंत कुमार सिंह,नीतू नोतानी ठाकुर,विजय सेन, दिनकर वासनिक, अनिमेष नेताम को निचली अदालत में जमानत बांड पेश कर जमानत लेने के निर्देश दिए गए है। वहीं जबकि सहायक आयुक्त आबकारी रामकृष्ण मिश्रा, मोहित कुमार जायसवाल, जीएस नुरूटी, नितिन कुमार खंडुजा, एके अनंत, सोनल नेताम, सौरभ बख्शी, गरीबपाल सिंह दर्दी, जेआर मंडावी, प्रमोद कुमार नेताम, एलएल ध्रुव, जनार्दन सिंह कौरव, नवीन प्रताप सिंग तोमर, देवलाल वैद्य, राजेश जायसवाल, मंजू श्री कसेर, आशीष कोसन और प्रकाश पाल की जमानत पर एक सितंबर को सुनवाई होगी। डायरेक्टर अतुल और मुकेश को कोर्ट ने 8 दिन की रिमांड पर भेजा छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 32,00 करोड़ के शराब घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने जांच तेज कर दी है। झारखंड के रांची की जेल में बंद ओम साईं बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को ट्रांजिट रिमांड पर शुक्रवार को रायपुर लाकर ईओडब्ल्यू-एसीबी की विशेष न्यायाल में पेश किया गया। जांच एजेंसी ने दोनों से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को आठ दिन यानि छह सितंबर तक राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के अफसरों की रिमांड में भेजने का आदेश सुनाया। केस की जांच कर रहे विवेचना अधिकारी घोटाले का पैसा पता करने के लिए अब दोनो आरोपितों से पूछताछ करेंगे। विवेचना अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में इस केस से संबंध रखने वाले और भी आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा सकती है। दो महीने पहले हुई थी गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड में हुए शराब घोटाला मामले में झारखंड की ईओडब्ल्यू ने करीब दो महीने पहले श्री ओम साईं बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अतुल कुमार सिंह व मुकेश मनचंदा को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन जब उनके जवाब संतोषजनक नहीं मिले तो दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर रांची जेल भेज दिया गया तब से दोनों जेल में बंद थे। अतुल-मुकेश घोटाले के अहम कड़ी ईओडब्ल्यू के अनुसार होलोग्राम आपूर्ति करने वाली प्रिज्म कंपनी के एमडी विधु गुप्ता का नेटवर्क कई राज्यों में है। इस नेटवर्क के जरिए शराब ठेकेदारोंअधिकारियों और सप्लायरों को प्रभावित किया जाता था। वहीं छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा इस पूरे नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि इनकी मदद से ही छत्तीसगढ़ के घोटाले जैसा पूरा सिस्टम झारखंड में खड़ा किया गया। पूछताछ और दस्तावेजी जांच में एजेंसी को कई अहम सुराग मिले हैं। दोनों से पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।