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पंजाब में PM मोदी की यात्रा से पहले सख्त पाबंदियां, प्रशासन ने जारी किए निर्देश

गुरदासपुर  भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 सितम्बर, 2025 को गुरदासपुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने आ रहे हैं। डॉ. हरजिंदर सिंह बेदी, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, गुरदासपुर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, माननीय प्रधानमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 9 सितम्बर 2025 तक गुरदासपुर जिले की सीमा के भीतर सभी प्रकार के ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह आदेश एकतरफा पारित किया गया।

BJP का हमला: लालू की सुदर्शन रेड्डी से मुलाकात पर उठाए सवाल

नई दिल्ली भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोमवार को विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी की चारा घोटाले के दोषी लालू प्रसाद से मुलाकात की आलोचना की। उन्होंने इस मुलाकात को एक उच्च संवैधानिक पद के आकांक्षी व्यक्ति की ओर से सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी पर एक चौंकाने वाला बर्ताव बताया। उन्होंने सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की चुप्पी पर भी निशाना साधा और इसे पाखंड कहा। मालवीय ने कहा, 'इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात सेवानिवृत्त न्यायाधीशों और संवैधानिक नैतिकता के स्वयंभू संरक्षकों की चुप्पी है। उनका पाखंड उजागर हो गया है।' भाजपा नेता अमित मालवीय ने ट्वीट किया, 'सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के संयुक्त उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने हाल ही में चारा घोटाले के दोषी लालू प्रसाद से मुलाकात की, जो संसद सदस्य भी नहीं हैं और उपराष्ट्रपति चुनाव में उनका कोई वोट नहीं है। यह न केवल एक भयावह दिखावा है, बल्कि एक उच्च संवैधानिक पद की आकांक्षा रखने वाले व्यक्ति की ओर से सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी पर एक चौंकाने वाला रुख है। उनका पाखंड उजागर हो गया है।' रविशंकर प्रसाद ने कही यह बात इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा है कि भ्रष्टाचार में दोष सिद्ध एक आरोपी से मुलाकात कर देश के लोकतंत्र को बचाने की बात करना दुर्भाग्यपूर्ण है। सर्वोच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश को गंभीर आरोपों में लिप्त व्यक्ति से मुलाकात कर लोकतंत्र को बचाने की बात कहना किसी भी दृष्टि से सही नहीं है।  भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि उनकी पार्टी वर्तमान और पूर्व के सभी न्यायाधीशों का सम्मान करती है, क्योंकि इस देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाने में न्यायपालिका की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है, लेकिन कुछ लोगों के बयान उनकी भूमिका को संदेह के घेरे में लाने वाली हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव के बारे में जानिए… इस बीच 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी. सुदर्शन रेड्डी और एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के बीच सीधा मुकाबला होगा। मतदान से पहले भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को एक 'संसद कार्यशाला' का आयोजन किया। इसमें आज अपने सांसदों को मतदान प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन देने के लिए एक अभ्यास सत्र का आयोजन किया जाएगा। खरगे विपक्ष को देंगे रात्रिभोज इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान से एक दिन पहले सोमवार शाम को संसद भवन के एनेक्सी में विपक्षी सांसदों के लिए रात्रिभोज का आयोजन करेंगे। यह बैठक विपक्ष की एकता और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के समर्थन को मजबूत करने के लिए है, जिन्हें ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का भी समर्थन प्राप्त है। जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति का पद रिक्त 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति का पद रिक्त हो गया था। उपराष्ट्रपति का चुनाव संविधान के अनुच्छेद 64 और 68 के प्रावधानों द्वारा शासित होता है। चुनाव आयोग राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 द्वारा उपराष्ट्रपति चुनावों को अधिसूचित करता है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 66(1) के अनुसार, उपराष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली द्वारा एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से होगा। ऐसे चुनाव गुप्त मतदान द्वारा होते हैं।

क्राइम ब्रांच की बड़ी सफलता: लाल किला से चोरी कलश हापुड़ में मिला, आरोपी पकड़ा गया

नई दिल्ली दिल्ली के लाल किला परिसर से चोरी हुए 1 करोड़ के कलश मामले में क्राइम ब्रांच ने कलश समेत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. CCTV फुटेज के आधार पर उत्तर प्रदेश के हापुड़ से चोर को गिरफ्तार किया गया है. एक नहीं तीन कलश की हुई थी चोरी आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया की एक नहीं 3 कलश चोरी हुए थे जिसमें अभी एक बरामद हुआ है. अन्य आरोपियों और 2 कलश की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है. दरअसल बीते दिनों दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला परिसर के 15 अगस्त पार्क में जैन समाज का धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था. इसी दौरान सोने का एक कीमती कलश चोरी हो गया, जिसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये थी.  धोती पहने शख्स ने की थी चोरी जब जांच शुरू की गई तो सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि धोती पहना एक शख्स बड़ी चतुराई से पूजा स्थल तक पहुंचा और मौके का फायदा उठाकर कलश को अपने झोले में डालकर वहां से फरार हो गया था. हीरे और रत्नों से जड़ा हुआ था कलश यह कलश केवल सोने और रत्नों से जड़ा आभूषण नहीं था, बल्कि जैन समाज के धार्मिक आयोजनों में प्रतिदिन होने वाले पूजन का अहम हिस्सा था. इसमें लगभग 760 ग्राम सोना और करीब 150 ग्राम बहुमूल्य रत्न जैसे हीरा, पन्ना और माणिक्य जड़े हुए थे. आयोजन समिति के सदस्य पुनीत जैन ने इस चोरी को लेकर बताया था कि यह कलश लंबे समय से विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में उपयोग किया जा रहा था और हर दिन पूजा-पाठ के दौरान विशेष मंच पर स्थापित किया जाता था. मंच पर केवल परंपरागत परिधान पहने अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होती है.

बस्तर एयरपोर्ट ने पार किया तीन लाख यात्रियों का आंकड़ा, हवाई सेवा से जुड़े बड़े शहर

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्षों की विकास यात्रा में आवागमन की सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है। जहां राजधानी रायपुर पहले से ही देश के प्रमुख शहरों से वायु मार्ग से जुड़ा था, वहीं अब बस्तर, बिलासपुर और अंबिकापुर जैसे शहर भी विमान सेवाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। विशेषकर बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में एयरपोर्ट और नियमित यात्री उड़ानों की सुविधा से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। जगदलपुर स्थित माँ दंतेश्वरी हवाई अड्डा का ऐतिहासिक महत्व है। इसका निर्माण वर्ष 1939 में ब्रिटिश शासनकाल में किया गया था और इसे उस समय ‘‘जहाज भाटा’’ नाम से जाना जाता था। वर्ष 2017 में केंद्र सरकार की उड़ान योजना के अंतर्गत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा हवाई अड्डे के उन्नयन का कार्य प्रारंभ किया गया। वर्ष 2019 में इसे 3-सी श्रेणी में अपग्रेड किया गया, जिससे एटीआर-72 जैसे विमानों का संचालन संभव हुआ। वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ सरकार ने हवाई अड्डे का नामकरण बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के नाम पर किया। सितंबर 2020 में जगदलपुर से रायपुर और हैदराबाद के लिए एलायंस एयर द्वारा नियमित व्यावसायिक उड़ानें शुरू की गईं। इसके बाद दिल्ली, जबलपुर और बिलासपुर के लिए भी उड़ान सेवाएँ प्रारंभ हुईं। मार्च 2024 से इंडिगो एयरलाइंस ने जगदलपुर को हैदराबाद और रायपुर से जोड़ते हुए दैनिक सेवा शुरू की। पैरामिलिट्री बलों के लिए विशेष दिल्ली सेवा का संचालन भी किया जा रहा है। वर्तमान में जगदलपुर एयरपोर्ट से अब तक लगभग तीन लाख यात्री हवाई यात्रा कर चुके हैं। इससे न केवल स्थानीय नागरिकों को सुविधा मिली है, बल्कि व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। गंभीर मरीजों को बड़े शहरों तक शीघ्र उपचार हेतु पहुंचाना संभव हो पाया है। विद्यार्थी और युवा रोजगार एवं उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों तक आसानी से पहुँच रहे हैं। बस्तर के हस्तशिल्प, वनोपज और हर्बल उत्पाद अब देश के बड़े बाजारों तक सरलता से पहुँच रहे हैं। वहीं चित्रकूट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और ऐतिहासिक बस्तर दशहरा जैसे पर्यटन स्थलों तक देश-विदेश से पर्यटकों की पहुँच भी सहज हुई है। जगदलपुर एयरपोर्ट का संचालन बस्तर अंचल के लिए विकास का नया द्वार सिद्ध हो रहा है। इससे आंतरिक क्षेत्रों तक आधुनिक सुविधाएँ पहुँच रही हैं और बस्तर को राष्ट्रीय परिदृश्य पर नई पहचान मिल रही है। आने वाले समय में यह एयरपोर्ट क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

अरिहंतपुरम मंदिर की जलयात्रा एवं सामूहिक क्षमावाणी कार्यक्रम में विधायक हुए शामिल

सकल दिगम्बर जैन समाज से की क्षमावाणी   आष्टा मध्य प्रदेश के आष्टा जिला में श्री दिगम्बर जैन समाज के चल रहे पर्युषण पर्व के समापन पर आज श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर अरिहंतपुरम अलीपुर की श्रीजी की जलयात्रा,भगवान के अभिषेक एवं सामूहिक क्षमावाणी कार्यक्रम में विधायक गोपालसिंह इंजीनियर,नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाडा, जिला भाजपा के मीडिया प्रभारी सुशील संचेती, नगर भाजपा अध्यक्ष प्रतिनिधि विशाल चौरसिया,नगर महामंत्री विशाल चौरसिया,नगर उपाध्यक्ष हरेन्द्र ठाकुर,पार्षद डॉ सलीम,युवा नेता सौरभ जैन आदि शामिल हुए। अलीपुर जैन मंदिर से पूज्य मुनिश्री के शुभ सानिध्य में श्रीजी की जलयात्रा पार्वती नदी किनारे स्तिथ पांडुक शिला स्थल पर पहुची यहा पर भगवान के अभिषेक व अन्य धार्मिक कार्यक्रम सम्पन्न हुए । कार्यक्रम में शामिल विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने उपस्तिथ सकल दिगम्बर जैन समाज के सभी श्रावक श्राविकाओं से विगत वर्ष में हुई समस्त भूलो के लिये सकल समाज से क्षमा मांगी । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर सहित सभी उपस्तिथ जनप्रतिनिधियों ने मुनिश्री प्रवर सागर मुनिराज एवं सजग सागर जी तथा सानंद सागर मुनिराज जी के पावन सानिध्य में तथा ब्रह्माचारिणी पुष्पा दीदी और सुनिता दीदी को नमन कर उनका आशीर्वाद लिया । उत्तम क्षमा के पुनीत दिवस पर निकली जलयात्रा में बड़ी संख्या में समाज बंधु उपस्तिथ थे ।

हरियाणा-पंजाब CM की बैठक, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए सहयोग का आश्वासन

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार सुबह मोहाली के फोर्टिस अस्पताल पहुंचे और पंजाब के सीएम भगवंत मान से मुलाकात की। सैनी ने मान के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।  दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब में बाढ़ के हालातों की जानकारी ली और कहा कि बाढ़ के चलते उत्पन्न हुए हालात में हरियाणा पंजाब के साथ खड़ा है। सैनी ने पंजाब सीएम को हर संभव सहयोग का भी भरोसा दिया और कहा कि हरियाणा सरकार और प्रत्येक हरियाणावासी संकट की इस घड़ी में पंजाब के साथ है। मुख्यमंत्री ने पंजाब के इस स्थिति से जल्द उबरने और पंजाब सीएम के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।  हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने आज पंजाब के मोहाली में पंजाब के सीएम से मुलाकात की. दरअसल, पंजाब के सीएम पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती है. सीएम सैनी पंजाब के सीएम का हाल जानने के लिए गए थे. मुख्यमंत्री नायब सैनी ने तकरीबन 20 मिनट तक भगवंत मान से बातचीत की और उनका हालचाल जाना. इस दौरान नायब सैनी ने भगवंत मान से पंजाब में बाढ़ संबंधी हालातों की जानकारी ली. साथ ही हर संभव मदद का आश्वासन दिया. सीएम ने प्रेसवार्ता कर दी जानकारी: वहीं, हरियाणा के सीएम ने आज एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि, "हम पड़ोसी धर्म निभा रहे हैं. मैं पंजाब के मुख्यमंत्री का हालचाल पूछने गया. उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की. मैंने उनसे पंजाब के बारे में बातचीत की है. मैंने बताया कि हरियाणा के लोग भी पंजाब में सहायता पंहुचा रहे हैं. हम आगे भी सहायता करेंगे. पंजाब हमारा भाई है. हमारा परिवार है. हरियाणा सरकार और हरियाणा के लोग पंजाब के साथ खड़े हैं, क्योंकि यह हमारा परिवार है.जब मैं हरियाणा के गांव में गया तो उन्होंने अपनी बात कम और पंजाब की बात ज्यादा की." भगवंत मान का हाल जानने अस्पताल पहुंचे हरियाणा के सीएम नायब  सीएम सैनी ने दिया हर संभव मदद का भरोसा: वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री की पंजाब की सीएम से मुलाकात को लेकर हरियाणा जनसंपर्क विभाग ने ट्विट कर जानकारी दी. जानकारी के मुताबिक CM भगवंत मान से हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने मुलाकात की. तकरीबन 20 मिनट तक दोनों ने महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की. सीएम नायब ने पंजाब CM भगवंत मान से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की.उन्होंने पंजाब में बाढ़ से उत्पन्न हालातों पर चर्चा की और कहा—"हरियाणा सरकार एवं जनता इस संकट की घड़ी में पंजाब के साथ मज़बूती से खड़ी है." बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरान करने के दौरान बिगड़ी थी तबियत: पंजाब के सीएम भगवंत मान की पिछले दिनों बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद तबीयत बिगड़ गई थी. हालांकि अब उनकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है. लेकिन अभी वो डॉक्टरों की निगरानी में हैं. डॉक्टरों की मानें तो सीएम मान को धड़कन धीमी होने और कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था.

धीरेंद्र शास्त्री के नेतृत्व में निकलेगी सनातन पदयात्रा, दिल्ली से वृंदावन तक

 छतरपुर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे प्रदेश की राजनीति भी गरमाने लगी है। अयोध्या और काशी के बाद अब मथुरा को लेकर भी माहौल राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है। इसी कड़ी में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आगामी 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक लगभग 170 किलोमीटर लंबी सनातन हिंदू एकता पदयात्रा निकालेंगे। अब इसको लेकर प्रदेश में राजनीतिक पारा हाई होने लगा हैं। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 7 से 16 नवंबर के बीच दिल्ली से वृंदावन तक 'सनातन हिंदू एकता' पदयात्रा निकालेंगे. इस पदयात्रा की तैयारियों के लिए लगातार संपर्क किया जा रहा है. शास्त्री ने संत मिलन के अवसर पर सभी संतों का आशीर्वाद लिया और यात्रा के लिए सहयोग मांगा. संतों और प्रबुद्धजनों ने एक स्वर में तन, मन, धन से यात्रा का समर्थन करने और इसे सफल बनाने का वचन दिया.  संतों ने इसे राष्ट्रीय यज्ञ बताते हुए इसमें आहुति देने की अपील की. वृंदावन के श्रीकृष्ण धाम में आयोजित संत मिलन में बृजवासी सेवा न्यास, गोस्वामीजन, कथा प्रवक्ता, तीर्थ पुरोहित, पंडा महासभा, ब्रज तीर्थ देवालय न्यास, अखिल भारतीय सन्यासी परिषद और वृंदावन के आश्रम प्रमुख शामिल हुए.  सभी ने अपने विचार रखे और वचन दिया कि जिस मठ से यात्रा गुजरेगी, वहां भव्य स्वागत होगा. संतों ने अपने अनुयायियों और समर्थकों के साथ यात्रा में शामिल होने की बात कही. चर्चा में यह भी तय हुआ कि ब्रज क्षेत्र में प्रवेश करते ही बृजवासी भंडारे और अन्य व्यवस्थाएं संभालेंगे. समागम में श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर, गीता मनीषी, गिरीशानंद महाराज, चित्त प्रकाशानंद महाराज, अनिरुद्धाचार्य महाराज और विनोद बाबा के प्रतिनिधि सहित अन्य मौजूद रहे. संत समागम का हुआ आयोजन धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यह पदयात्रा दिल्ली से शुरू होकर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के साथ संपन्न होगी। दावा किया जा रहा है कि यह अब तक की सबसे विशाल पदयात्रा होगी, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं और देशभर से आए संतों की भागीदारी रहेगी। इस यात्रा को लेकर बीते दिनों वृंदावन के कृष्ण कृपा धाम में संत-समागम आयोजित हुआ।इसमें कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज, भाजपा सांसद मनोज तिवारी और देशभर से आए 200 से अधिक संतों और महंतों ने हिस्सा लिया था। बैठक में यात्रा की अनुशासन, धार्मिक मर्यादा और रूपरेखा पर चर्चा की गई है। वैचारिक आंदोलन का बताया उद्देश्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस यात्रा को धार्मिक के साथ-साथ वैचारिक आंदोलन बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य है कि ब्रज क्षेत्र में मांस-मदिरा की बिक्री पर रोक। यमुना नदी का शुद्धिकरण और मंदिरों और मस्जिदों में राष्ट्रगीत का वादन। उन्होंने कहा कि जब तक सभी सनातनी एकजुट नहीं होते, उनका प्रयास जारी रहेगा। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यहां तक कहा कि जब तक मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण विराजमान नहीं हो जाते, संघर्ष चलता रहेगा। यह तो केवल झांकी है, असली फिल्म अभी बाकी है। यात्रा पर सियासत तेज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यात्रा को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने धीरेंद्र शास्त्री पर हमला बोला है। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि देश संविधान से चलेगा, किसी साधु-संत के कहने से नहीं। साधु-संत जिसकी भाषा बोल रहे हैं वो किसी से छुपी नहीं। वो हिन्दू-मुस्लिम कराना चाहते हैं। वोटों का तुष्टिकरण करना चाहते हैं। ये लोग देश का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं। हम लोग उनसे कम हिन्दू नहीं है, लेकिन वो हिन्दू होने का सर्टिफिकेट बांटते हैं। सरकार से कर दी मांग सपा प्रवक्ता दीपक रंजन ने कहा कि अगर मंशा उनकी ठीक नहीं तो सरकार को इस यात्रा पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। उनकी मंशा ठीक नहीं, वह हिन्दू मुस्लिम कराना चाहते हैं। तुष्टिकरण की राजनीति करना चाहते है। वो किसी के बहकावे, इशारे और स्पॉन्सरशिप पर इस तरह की यात्रा निकालने जा रहे हैं। वहीं, धीरेंद्र शास्त्री की इस पदयात्रा ने एक ओर जहां धार्मिक उत्साह को हवा दी है। वहीं, दूसरी ओर चुनावी माहौल में राजनीतिक हलचल भी बढ़ा दी है। गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा और यमुना की स्वच्छता की मांग  मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज ने कहा कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाना चाहिए. उन्होंने वृंदावन को मांस और मदिरा से मुक्त करने, गौ वध पर पूर्ण रोक लगाने और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. यमुना नदी को स्वच्छ करने और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के शीघ्र निपटारे की भी मांग उठी. दिल्ली से आए सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि अगले तीन वर्षों में यमुना को पूरी तरह स्वच्छ किया जाएगा. बागेश्वर महाराज का सम्मान ब्रज तीर्थ देवालय न्यास के संरक्षक मृदुलकांत शास्त्री ने बागेश्वर महाराज को चुनरी ओढ़ाकर और श्रीमद् भागवत गीता भेंटकर सम्मानित किया. संत मिलन में मौजूद सभी प्रतिनिधियों और देवालयों ने भी उनका स्वागत और सम्मान किया. शास्त्री ने कहा कि यह यात्रा जात-पात, क्षेत्रवाद और भाषावाद के भेद मिटाने के लिए है. यह सनातन धर्मावलंबियों की साझा यात्रा है, जिसमें सभी को सहभागी होना चाहिए.

सीएम सैनी नग्गल में पहुंचे, जलभराव का निरीक्षण, किसानों के साथ विवादित स्थिति बनी

नग्गल   अंबाला सिटी के नग्गल में जलभराव की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलने के लिए भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। किसानों की उपस्थिति को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया और पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। किसान नेता जय सिंह जलबेड़ा और अन्य कार्यकर्ता मुख्यमंत्री से मिलने के लिए आगे बढ़े, जिसके बाद पुलिस ने उनका पीछा किया। जय सिंह ने एक महिला पुलिस अधिकारी पर धार्मिक चिन्ह तोड़ने और कपड़े फाड़ने का गंभीर आरोप लगाया।  मुख्यमंत्री ने सुनी किसानों की समस्याएं  किसानों की समस्याएं सुनते ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तुरंत स्थिति को संभाला और किसान नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया। किसान नेता कुलदीप सिंह मोहड़ी और जय सिंह जलबेड़ा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने नग्गल क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या से अवगत कराया। किसानों ने बताया कि सेगती गांव के पास बने बांध के कारण जलभराव हो रहा है। पहले वहां पानी की निकासी के लिए मोटर लगी होती थी, जो अब बंद है। उन्होंने मोटरों को फिर से चालू करने की मांग की। किसानों का प्रशासन पर आरोप किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि 28 जुलाई को अंबाला शहर की नई अनाज मंडी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भी प्रशासन ने उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने से रोका था। इस पर मुख्यमंत्री सैनी ने जय सिंह जलबेड़ा का हाथ पकड़कर कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। जैसे ही उन्हें किसानों की मौजूदगी का पता चला, उन्होंने तुरंत मुलाकात का निर्देश दिया। किसान नेताओं ने महिला पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सोमवार को नग्गल थाने का घेराव किया जाएगा और इस संबंध में शिकायत दर्ज की जाएगी। 

गोबरी नाला निर्माण कार्य का मंत्री राजवाड़े ने लिया जायजा, दिए जरूरी निर्देश

रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भैयाथान विकासखंड की जीवनरेखा कही जाने वाली गोबरी नदी पर निर्माणाधीन अस्थायी रपटा पुल का आज  स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की प्रगति का विस्तार से जायजा लेते हुए लोक निर्माण सेतु विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण में तेजी लाई जाए और कार्य को हर हाल में शीघ्र पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पुल निर्माण में लगे तकनीकी अमले और जिम्मेदार अधिकारियों से जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि यह कार्य जनहित से जुड़ा हुआ है और इसकी प्राथमिकता सर्वोच्च स्तर पर है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गौरतलब है कि भारी वर्षा के कारण दो माह पूर्व गोबरी नाला का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके चलते खुटरापारा, डबरीपारा, गंगोटी, बांसापारा सहित 10 से अधिक ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीण आवागमन में कठिनाई का सामना कर रहे थे। रोजमर्रा की जरूरतें, बच्चों की शिक्षा और मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। ग्रामीणों को 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा था। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से भी चर्चा की और उन्हें आश्वस्त किया कि अस्थायी रपटा निर्माण शीघ्र ही पूर्ण होगा, जिससे आवागमन सामान्य हो जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों पर बराबर ध्यान दिया जाए।अस्थायी रपटा पुल के शीघ्र तैयार हो जाने से डुमरिया से गंगोटी मार्ग पर यातायात बहाल होगा और हजारों ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।    

CM नीतीश का तोहफा, आंगनबाड़ी सेविकाओं का मानदेय हुआ बढ़ा, अब मिलेगा ₹9,000

पटना  बिहार की नीतीश कुमार सरकार राज्य विधानसभा चुनाव के पहले सौगातों की झड़ी लगा रही है। अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद आगे बढ़कर आंगनबाड़ी सेविका और आंगनबाड़ी सहायिका के मानदेय को बढ़ाने का एलान किया है। सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी सेविका का मानदेय 7 हजार से बढ़ाकर 9 हजार किया जा रहा है। इसी तरह, आंगनबाड़ी सहायिका का मानदेय 4 हजार से बढ़ाकर साढ़े 4 हजार किया जा रहा है। उनके निर्देश पर विभाग इसका प्रस्ताव आगे बढ़ाएगा। मंगलवार को कैबिनेट में उस प्रस्ताव पर मुहर लग जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर कही ये बात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को सोशल मीडिया पर कहा कि नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है। इसके लिए समेकित बाल विकास परियोजना के तहत छह तरह की सेवाएं दी जा रही हैं, जो आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लाभुकों तक पहुंचाई जाती हैं। इसमें आंगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं अहम भूमिका निभाती हैं।     राज्य में बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के पोषण एवं जीवन स्तर में सुधार करने में आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनकी इसी भूमिका का सम्मान करते हुये हमलोगों ने उनके मानदेय में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। अब आंगनबाड़ी सेविका का मानदेय 7,000 रूपये से… उन्होंने बताया कि इनके योगदान को देखते हुए मानदेय राशि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इससे सभी सेविकाओं और सहायिकाओं का उत्साह बढ़ेगा और समेकित बाल विकास सेवाएं और बेहतर तरीके से चल सकेंगी। अब आंगनबाड़ी सेविका को 7,000 रुपये की जगह 9,000 रुपये और आंगनबाड़ी सहायिका को 4,000 रुपये की जगह 4,500 रुपये मानदेय मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण और जीवन स्तर सुधारने में मदद करेगा।  महिला रोजगार योजना की शुरुआत इससे पहले कल यानी रविवार को मुख्यमंत्री ने महिला रोजगार योजना के ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की। इस योजना के तहत बिहार सरकार हर घर की एक महिला को 10,000 रुपए देगी। चुनाव से पहले सरकार इस पर करीब 27 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी। 2 सितंबर को सरकार ने इसके लिए 20 हजार करोड़ रुपए कैबिनेट से पास कर दिया गया था। इस मौके पर CM ने कहा, 'महिलाओं की मांग पर ही बिहार में शराबबंदी लागू की गई। अब महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम और स्वावलंबी बनाने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू की गई है। इस योजना का लाभ उठाकर महिलाएं रोजगार तथा उद्यम का भी नेतृत्व कर सकती हैं। विश्व बैंक से कर्ज लेकर स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ाने का काम शुरू किया गया है। इसका परिणाम है कि अब स्वयं सहायता समूहों की संख्या11 लाख से अधिक हो गई है, जिनसे 1 करोड़ 40 लाख जीविका दीदी जुड़ी हैं।' अब जानिए महिलाओं को लेकर नीतीश कुमार की बड़ी घोषणाएं और उसके मायने 1. जीविका दीदियों के लोन का ब्याज घटाया, कर्मचारियों की सैलरी दोगुनी हुई 21 जून 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीविका दीदियों और कर्मचारियों से जुड़े दो बड़े फैसले किए। पहला- स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियों को 3 लाख से ज्यादा के बैंक लोन पर 3 फीसदी की कटौती कर दी। उन्हें अब सिर्फ 7 प्रतिशत ब्याज देना होगा। पहले 3 लाख रुपए से ज्यादा के बैंक ऋण पर 10% ब्याज देना पड़ता था। दूसरा- जीविका कर्मचारियों की सैलरी डबल जीविका स्वयं सहायता समूह के सभी 1 लाख 40 हजार कर्मचारियों की सैलरी को दोगुना कर दिया गया। इससे ऐसे में ब्लॉक कर्मचारियों को 50 हजार और गांव के कर्मचारियों को 25 हजार रुपए तक की सैलरी मिलेगी। इसके मायने क्या हैं- CM नीतीश कुमार के मुताबिक, 2006 में शुरू हुई जीविका परियोजना से लगभग 1 करोड़ 40 लाख जीविका दीदियां आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। लोन के ब्याज में कटौती से उन्हें सीधा फायदा होगा। जीविका से अमूमन गरीब तबके की महिलाएं जुड़ी हैं। सरकार के फैसले से उन पर बड़ा असर पड़ेगा। 2. महिलाओं के रिजर्वेशन में डोमिसाइल नीति लागू 8 जुलाई को नीतीश कैबिनेट ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को मिलने वाले 35 फीसदी क्षैतिज आरक्षण में डोमिसाइल नीति को लागू कर दिया। यानी अब दूसरे राज्य की महिला अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। उन्हें सामान्य श्रेणी में ही आवेदन करना होगा। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले सरकार 1 लाख टीचरों, 6500 लाइब्रेरियन, सिपाही, इंजीनियर आदि की बहाली निकालने वाली है। इन बहालियों में डोमिसाइल लागू रहेगा। इसके मायने क्या हैं- चुनाव से पहले पढ़ी-लिखी महिलाओं को अपने पाले में करने के लिए सरकार ने बड़ा दांव खेला है। बिहार में होने वाली सरकारी नौकरी की बहाली में डोमिसाइल को लागू करने की मांग पुरजोर तरीके से उठ रही थी। ऐसे में नीतीश सरकार ने पूरी बहाली में इसे लागू ना कर महिलाओं की कैटेगरी में लागू किया है। 3. आशा-ममता कार्यकर्ताओं का वेतन बढ़ा 30 जुलाई को सरकार ने आशा और ममता कार्यकर्ताओं के पैसे में बढ़ोतरी का ऐलान किया। अब ‘आशा’ को 1 हजार की बजाय 3 हजार मासिक और ‘ममता’ को प्रति प्रसव 300 की जगह 600 रुपए मिलेंगे। इससे 95 हजार ‘आशा’ और 4600 ‘ममता’ कार्यकर्ताओं को फायदा होगा। और 29 हजार आशा कार्यकर्ताओं की बहाली चल रही है। इसके मायने क्या हैं- आशा और ममता कार्यकर्ताओं की पहुंच घर तक होती है। इनकी संख्या भी ठीक-ठाक है। पैसा बढ़ने से इनका मनोबल बढ़ेगा और सरकार की बातों को घर-घर तक पहुंचा सकती है। 4. सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ी सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 400 रुपए प्रति महीन से बढ़ाकर 1100 प्रति माह होगी। लाभार्थियों को जुलाई से पेंशन बढ़ी हुई दर पर मिलेगी। खाते में यह राशि महीने की 10 तारीख को जाएगी। इससे विधवा महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों को फायदा होगा। इनकी संख्या करीब एक करोड़ 9 लाख है। इसके मायने क्या हैं- 2020 विधानसभा चुनाव में बुजुर्गों के अंदर NDA के प्रति गुस्सा दिखा था। CSDS-लोकनीति के पोस्ट पोल सर्वे में बताया गया कि 60 साल से अधिक उम्र के लोगों ने NDA को 5 फीसदी … Read more