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एमपी ट्रांसको ने ग्वालियर के बिलौआ में 132 केवी सब स्टेशन किया ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने ग्वालियर जिले के बिलौआ क्षेत्र में 132 केवी एक्स्ट्रा हाई टेंशन (ईएचटी) सब स्टेशन को सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत कर विद्युत पारेषण नेटवर्क से जोड़ दिया है। 50 एमवीए क्षमता वाला यह सब स्टेशन प्रदेश के 418वें ईएचटी सब स्टेशन के रूप में पारेषण प्रणाली का हिस्सा बना है। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने बताया कि बिलौआ सब स्टेशन के ऊर्जीकृत होने से बिलौआ औद्योगिक क्षेत्र तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत पारेषण व्यवस्था सुदृढ़ होगी। साथ ही क्षेत्र में भविष्य की बढ़ती विद्युत मांग की पूर्ति के लिए आवश्यक पारेषण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने इस उपलब्धि के लिए एमपी ट्रांसको के अभियंताओं एवं कार्मिकों को बधाई दी। 33 केवी के दो औद्योगिक फीडरों पर लोड प्रदाय प्रारंभ सब स्टेशन के चालू होते ही 33 केवी के दो औद्योगिक फीडरों को भी सेवा में लेते हुए उन पर सफलतापूर्वक लोड प्रदाय कर दिया गया है। इससे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक विश्वसनीय बनाने में सहायता मिलेगी। ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर हुई 2161 एमवीए बिलौआ सब स्टेशन में 50 एमवीए क्षमता का एक पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत होने के साथ ही ग्वालियर जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 2161 एमवीए हो गई है। 119 औद्योगिक एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं सहित 70 हजार उपभोक्ता होंगे लाभान्वित इससे क्षेत्र की 119 औद्योगिक एवं व्यावसायिक इकाइयों, लगभग 60 गांवों के घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं, दो नगर परिषदों तथा बीएसएफ प्रशिक्षण केंद्र को लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर लगभग 70 हजार विद्युत उपभोक्ता इस व्यवस्था से लाभान्वित होंगे। ग्वालियर जिले का 12वां ईएचटी सब स्टेशन बिलौआ ग्वालियर जिले का 12वां एक्स्ट्रा हाई टेंशन (ईएचटी) सबस्टेशन है। जिले में इसके अतिरिक्त 220 केवी के महलगांव तथा सिथौली सब स्टेशन सहित 132 केवी वोल्टेज लेवल के मोतीझील, मोहना, हस्तिनापुर, मुरार, तिघरा रोड, डबरा, चीनौर, भितरवार एवं फूलबाग (जीआईएस) सब स्टेशन संचालित हैं।  

वृद्धजन परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर, उनका अनुभव नई पीढ़ी के लिए अनमोल विरासत – राजेश अग्रवाल

रायपुर अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अंबिकापुर के सियानगुड़ी में वृद्धजनों के सम्मान में विशेष समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने वृद्धजनों को शॉल एवं फल भेंट कर सम्मानित किया और उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर वृद्धजनों के स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण के लिए विशेष शिविर भी लगाया गया। समारोह को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि वृद्धजन परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। जीवन के लंबे अनुभव से अर्जित उनका ज्ञान और मार्गदर्शन समाज तथा नई पीढ़ी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। परिवार में बुजुर्गों की मौजूदगी न केवल संस्कारों और परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाती है, बल्कि परिवार को भावनात्मक रूप से भी मजबूत बनाती है।  अग्रवाल ने कहा कि माता-पिता और बड़े-बुजुर्गों का आदर तथा उनकी सेवा हमारी संस्कृति और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है। वृद्धजनों की गरिमा और सम्मान बनाए रखना केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। परिवार में माता-पिता का सम्मान और उनकी सेवा करने से आपसी प्रेम, संस्कार एवं सद्भाव की भावना मजबूत होती है। नई पीढ़ी को भी बुजुर्गों के अनुभव से सीखते हुए उनके प्रति संवेदनशीलता और आत्मीयता का भाव बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों के कल्याण के लिए शासन एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा संचालित योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पात्र वृद्धजनों तक पहुंचना चाहिए। वृद्धावस्था में उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी वृद्धजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ, सुखी और सम्मानजनक जीवन की कामना की। वक्ताओं ने लोगों से अपने माता-पिता और परिवार के बुजुर्गों की भावनाओं को समझने, उनके साथ समय बिताने तथा उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखने का आग्रह किया। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के इस आयोजन में वृद्धजनों का उत्साह भी देखते ही बना। कार्यक्रम के दौरान गीत एवं नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनका उपस्थित लोगों ने आनंद लिया। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक  व्ही.के. उके ने विभाग द्वारा वृद्धजनों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी। वृद्धजनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। चिकित्सकीय दल ने वृद्धजनों की स्वास्थ्य जांच के साथ आंखों से संबंधित समस्याओं का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया। इस दौरान बुजुर्गों को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के प्रति भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम में सरगुजा सांसद  चिंतामणि महाराज, लुण्ड्रा विधायक  प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष  अनुराग सिंहदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष मती निरुपा सिंह, महापौर मती मंजूषा भगत, सभापति  हरमिंदर सिंह टिन्नी, नगर निगम आयुक्त  विनय कुमार अग्रवाल, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक  व्ही.के. उके सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

केंद्रीय सहकारिता मंत्री 3 अक्टूबर को करेंगे डेयरी प्लांट का डिजिटल भूमि-पूजन

भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता के विस्तार और डेयरी क्षेत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है। उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्रों में दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता के विस्तार और डेयरी क्षेत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ द्वारा 255 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक डेयरी प्लांट स्थापित किया जा रहा है। केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री  अमित शाह 3 अक्टूबर 2026 को भोपाल से इस प्लांट का डिजिटल भूमि-पूजन करेंगे। उज्जैन में स्थापित होने वाला यह अत्याधुनिक डेयरी प्लांट क्षेत्र में दुग्ध प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और विभिन्न डेयरी उत्पादों के उत्पादन को नई गति देगा। परियोजना की कुल लागत में से 170 करोड़ रुपये राज्य शासन द्वारा अनुदान के रूप में प्रदान किए जाएंगे, जबकि शेष 85 करोड़ रुपये दुग्ध संघ द्वारा ऋण के माध्यम से जुटाए जाएंगे।परियोजना को अगले दो वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य है। प्रस्तावित प्लांट की शुरुआत 3 लाख लीटर प्रतिदिन दूध प्रसंस्करण क्षमता के साथ होगी। भविष्य में इसकी क्षमता को बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक किया जा सकेगा। इससे उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती दुग्ध उपलब्धता के साथ प्रसंस्करण क्षमता का विस्तार भी संभव होगा। पैक्ड मिल्क से लेकर घी तक का होगा उत्पादन प्लांट में आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाओं के साथ विभिन्न प्रकार के डेयरी उत्पादों का उत्पादन किया जाएगा। इसमें 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन पैक्ड मिल्क, 25 हजार लीटर प्रतिदिन दही तथा 10 हजार लीटर प्रतिदिन लस्सी/छाछ के उत्पादन की क्षमता होगी। इसके अलावा 10 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता का घी प्लांट भी स्थापित किया जाएगा। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के प्रबंध संचालक  जयदेव बिस्वास ने कहा, “उज्जैन में आधुनिक डेयरी प्लांट की स्थापना मध्यप्रदेश के डेयरी क्षेत्र के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  शाह द्वारा भोपाल से इस परियोजना का डिजिटल भूमि-पूजन किया जाएगा। इस परियोजना से दुग्ध उत्पादकों से प्राप्त दूध का बेहतर प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन सुनिश्चित होगा तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ेगी।” उन्होंने कहा, “प्लांट को भविष्य में 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक विस्तारित करने का प्रबंध किया गया है। इससे उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन, संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की पूरी श्रृंखला को मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।” यह परियोजना आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाओं के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों से प्राप्त दूध के बेहतर उपयोग और मूल्यवर्धन को बढ़ावा देगी। साथ ही क्षेत्र में डेयरी गतिविधियों के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने तथा उपभोक्ताओं तक उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पाद पहुंचाने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण पहल साबित होगी

गर्भवती महिलाओं की हुई गोद भराई, माताओं को वितरित की गईं फूड बास्केट

भोपाल  प्रदेश में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, शिक्षा और सम्मान के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री सु निर्मला भूरिया ने गुरुवार को बैरागढ़ स्थित आनंद टी. साहनी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम में विधायक  रामेश्वर शर्मा भी उपस्थित रहे। मंत्री सु निर्मला भूरिया ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल बच्चों को पोषण आहार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण केंद्र हैं। ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों और समुदाय के बीच सहभागिता को और मजबूत किया जा रहा जिससे प्रत्येक आंगनवाड़ी अपने क्षेत्र के बच्चों और महिलाओं के लिए भरोसेमंद सहयोग केंद्र बन सके। उन्होंने कहा कि ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों और समुदाय के बीच जुड़ाव को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के साथ गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल में परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। सेवा संकल्प अभियान के तहत यह पहल आंगनवाड़ी केंद्रों को जनभागीदारी से सशक्त बनाने और ‘सेवा, पोषण एवं सम्मान’ की भावना को घर-घर तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। माँ के भरोसे का केंद्र है आंगनवाड़ी विधायक  रामेश्वर शर्मा ने कहा कि माँ के भरोसे का केंद्र है आंगनवाड़ी केंद्र।केंद्र की कार्यकर्ता और साहियिका माँ जैसी मौसी की जिम्मेदारी निभाती है। बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के साथ गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ‘आंगन मिलन सेवा’ जैसे कार्यक्रमों से आंगनवाड़ी केंद्रों और आमजन के बीच जुड़ाव और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि समाज की सहभागिता से प्रत्येक आंगनवाड़ी को पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान का सशक्त केंद्र बनाया जा सकता है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए आंगनवाड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए। कार्यक्रम में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक जांच की गई तथा उनके पोषण एवं स्वास्थ्य की स्थिति पर ध्यान दिया गया। बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और संतुलित पोषण के महत्व का संदेश भी दिया गया। मंत्री सु निर्मला भूरिया ने पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पोषक खाद्य पदार्थों तथा मातृ एवं बाल पोषण से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई। मंत्री सु भूरिया ने प्रदर्शनी के माध्यम से दिए जा रहे पोषण संदेशों की जानकारी ली और स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने पर जोर दिया। मंत्री सु भूरिया ने गर्भवती महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए स्वस्थ मातृत्व और सुरक्षित प्रसव की कामना की। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं को फूड बास्केट भी वितरित की गईं। फूड बास्केट के माध्यम से गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक एवं संतुलित आहार के महत्व का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म भी आयोजित की गई। इस अवसर पर 25 से अधिक वर्षों से कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को पुष्पहार और शॉल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का श्रवण भी किया गया। मुख्यमंत्री के संदेश में सेवा, पोषण और समाज की सामूहिक सहभागिता के माध्यम से महिला एवं बाल कल्याण को मजबूत करने की भावना को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे।  

मंत्री राजेश अग्रवाल ने थामी झाड़ू-बेलचा, श्रमदान कर दिया स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश

सेवा संकल्प अभियान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने थामी बेलचा और झाड़ू, श्रमदान कर दिया स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना के साथ ग्राम तराजू में साप्ताहिक बाजार और तालाब किनारे चलाया स्वच्छता अभियान आकांक्षी विकासखंड लखनपुर की सभी ग्राम पंचायतों के शासकीय कार्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी हुई स्वच्छता गतिविधियां रायपुर,  सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना को साकार करते हुए सरगुजा जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में बुधवार को ‘स्वच्छता ही सेवा‘ कार्यक्रम के तहत व्यापक स्तर पर स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं। ग्राम पंचायत तराजू में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता अभियान में सहभागिता निभाई। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वच्छताग्राहियों और ग्रामीणों के साथ साप्ताहिक बाजार स्थल एवं तालाब के आसपास साफ-सफाई कर स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का संदेश दिया। अभियान के दौरान अग्रवाल ने स्वयं झाड़ू लगाकर सार्वजनिक स्थल की सफाई की और ग्रामीणों को अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता स्वस्थ और विकसित समाज की आधारशिला है। गांवों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाए रखने के लिए शासन-प्रशासन के प्रयासों के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। स्वच्छता किसी एक दिन या अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाना होगा। अग्रवाल ने ग्रामीणों से अपने घर और परिसर के साथ ही बाजार, तालाब, सड़क तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता का भी ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक व्यक्ति अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाएगा, तभी स्वच्छता का उद्देश्य वास्तविक रूप में साकार होगा। उन्होंने ओडीएफ प्लस के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए भी ग्रामीणों को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। ग्राम तराजू में साप्ताहिक बाजार स्थल और तालाब किनारे आयोजित सामूहिक श्रमदान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वच्छताग्राहियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के साथ लोगों को कचरा निर्धारित स्थान पर डालने, जलस्रोतों एवं उनके आसपास गंदगी नहीं फैलाने और गांव की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग करने का संदेश दिया गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता गतिविधियां केवल ग्राम तराजू तक सीमित नहीं रहीं। आकांक्षी विकासखंड लखनपुर की सभी ग्राम पंचायतों में स्थित शासकीय कार्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया। अधिकारी-कर्मचारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं स्वच्छताग्राहियों ने श्रमदान करते हुए कार्यालय एवं आंगनबाड़ी परिसरों की साफ-सफाई की। इसके माध्यम से ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना को जन-जन तक पहुंचाते हुए ग्रामीणों को अपने गांव और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। ग्राम तराजू में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शशिकला सिंह, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष कामेश्वर राजवाड़े, राकेश अग्रवाल, राकेश साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि राजेंद्र जायसवाल, दिनेश बारी, दिनेश साहू, जनपद सदस्य श्रीमती रजनी पैंकरा सहित ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्वच्छताग्राही एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट को मिली ऐतिहासिक सफलता का किया उल्लेख

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा देश में चीतों के सफल पुनर्स्थापन के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों की सराहना की गई है। प्रधानमंत्री  मोदी से मिली यह सराहना हम सभी को नई ऊर्जा और उत्साह प्रदान करने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों और वन संरक्षण से जुड़े सभी मैदानी साथियों को एक अक्टूबर से प्रारंभ हुए वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को 'एक्स' पर कहा कि मध्यप्रदेश के लिए यह गौरव का विषय है कि 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता ने वन्यजीव संरक्षण के हमारे संकल्प को और भी मजबूत किया है। सच्चे अर्थों में हमारे वनकर्मियों, अधिकारियों, वैज्ञानिकों और स्थानीय समुदायों के समर्पित प्रयासों को इसका श्रेय जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर वन्यजीवों के सुरक्षित आवास और प्रकृति के संतुलन के संरक्षण में अपना योगदान दें। इससे वन्यजीव संरक्षण के साथ ही प्रदेश में वन पर्यटन को भी नई दिशा और गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा वन्यजीव सप्ताह के संदर्भ में 30 सितम्बर को एक संदेश जारी किया गया है। इस संदेश में उन्होंने कहा है कि पिछले एक दशक में भारत ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रोजेक्ट चीता की सफलता इसका उल्लेखनीय उदाहरण है। इसके साथ ही, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, गैंडे, घड़ियाल, स्लॉथ बियर, नदी डॉल्फिन और हिम तेंदुए जैसी प्रजातियों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास हमारे संरक्षण कार्यों के व्यापक होते दायरे का प्रमाण हैं। संदेश में प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा कि भारत अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) के माध्यम से बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण में वैश्विक सहयोग को आगे बढ़ाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है। यह मंच बाघ, शेर, तेंदुआ और जगुआर जैसी प्रमुख बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण से जुड़े हमारे अनुभवों को अन्य देशों के साथ साझा करने और उनसे सीखने का अवसर प्रदान करता है। वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन और प्रकृति के संतुलन के लिए उनके आवासों का आपस में जुड़ा होना आवश्यक है। केन्द्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर वन्यजीव कॉरिडोरों की पहचान और उनके संरक्षण पर निरंतर कार्य कर रही है। हमारी संरक्षण यात्रा को अग्रिम पंक्ति के वनकर्मियों, वैज्ञानिकों और संरक्षणकर्मियों के समर्पण तथा स्थानीय समुदायों की अमूल्य भागीदारी से शक्ति मिलती है। वन्यजीवों के संरक्षण के साथ मानव और वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व भी आवश्यक है। इस दिशा में समय पर सूचना और त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन, स्थानीय स्तर पर जागरूकता और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी ने अपने संदेश में देशवासियों से अपील की है कि सरकार के प्रयासों के साथ-साथ हम सभी अपने-अपने स्तर पर वन्यजीवों और उनके आवासों की रक्षा में योगदान दें। जब जंगल और वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे, तो प्रकृति का संतुलन भी बना रहेगा। यही हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे मूल्यवान विरासत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी सभी से वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग देने का आहवान किया है।  

हर महीने 4 से 5 हजार रुपए के बिजली बिल से मिली राहत

रायपुर   हर महीने बिजली का बिल आते ही परिवार के बजट की चिंता बढ़ जाती थी। चार से पांच हजार रुपए तक का बिजली बिल चुकाने में घरेलू खर्च का बड़ा हिस्सा चला जाता था। लेकिन अब घर की छत पर सूरज की किरणें केवल रोशनी ही नहीं, बल्कि बचत भी लेकर आ रही हैं। यह बदलाव आया है राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के ग्राम कल्लूटोला निवासी  होसीलाल साहू के जीवन में। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र ने उनके परिवार को बिजली के खर्च से बड़ी राहत दी है। साहू बताते हैं कि पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 4 से 5 हजार रुपए तक आता था। परिवार की दूसरी आवश्यकताओं के साथ इतनी बड़ी राशि बिजली बिल पर खर्च करना उनके लिए आर्थिक चुनौती थी। इसी दौरान पंचायत में आयोजित सूर्यसभा के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी मिली। योजना के लाभ और सौर ऊर्जा से होने वाली बचत के बारे में जानने के बाद उन्होंने अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कराने का निर्णय लिया। सौर संयंत्र स्थापित करने के लिए  साहू को केन्द्र शासन से 78 हजार रुपए और राज्य शासन से 30 हजार रुपए, इस प्रकार कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी का लाभ मिला। शासन से मिली इस आर्थिक सहायता ने सौर ऊर्जा अपनाने की राह उनके लिए आसान कर दी।घर की छत पर सौर संयंत्र लगने के बाद परिवार के बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है। पहले हर महीने हजारों रुपए के बिजली बिल की चिंता रहती थी, लेकिन अब वही राशि परिवार की दूसरी जरूरतों और बचत में उपयोग हो सकती है। सौर ऊर्जा ने घर की बिजली संबंधी जरूरतों को पूरा करने के साथ ही परिवार के मासिक बजट को भी राहत दी है। बिजली बिल की चिंता घटी, परिवार में बढ़ी खुशी  होसीलाल साहू कहते हैं कि सौर संयंत्र लगने से उनके परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। बिजली के बढ़ते खर्च की जो चिंता पहले हर महीने बनी रहती थी, वह अब काफी हद तक कम हो गई है। सूर्य की रोशनी से तैयार होने वाली स्वच्छ ऊर्जा उनके लिए आर्थिक बचत का स्थायी माध्यम बन रही है। साहू ने योजना का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना उनके जैसे सामान्य परिवारों के लिए आर्थिक राहत देने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित हुई है।        प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान के लिए शुभकामनाएं देते हुए  साहू ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जब सीधे परिवारों तक पहुंचता है, तो उसका असर उनके दैनिक जीवन में दिखाई देता है।होसीलाल साहू के घर की छत पर लगा सौर संयंत्र आज केवल बिजली पैदा करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बचत, आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ते कदम का प्रतीक भी बन गया है। कभी बिजली का बिल परिवार के बजट पर बोझ था, आज उसी घर में सूरज की रोशनी आर्थिक राहत और खुशहाली का उजाला बिखेर रही है।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए किया आमंत्रित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी से आत्मीय भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। प्रधानमंत्री  मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में जारी विकास कार्यों, जनकल्याणकारी पहलों, उपलब्धियों, निवेश और प्रदेश की प्रगति से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2027 में मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए प्रधानमंत्री  मोदी को आमंत्रित किया। उन्होंने प्रदेश में निवेश के लिए तैयार किए जा रहे अनुकूल वातावरण, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में प्रारंभ की गई ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के संबंध में भी प्रधानमंत्री  मोदी को अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 सितंबर से प्रदेश में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रधानमंत्री  मोदी को दी। उन्होंने अभियान के माध्यम से जनभागीदारी, सेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न आयोजनों के बारे में अवगत कराया।  

‘आपातकाल लगाने वालों के साथ खड़े होकर लोकतंत्र पर ज्ञान देते हैं’, मंत्री अनिल राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज, कहा- ये दोहरा चरित्र

'इमरजेंसी लगाने वालों के साथ गलबहियां करते हैं और ज्ञान लोकतंत्र पर देते हैं', अनिल राजभर ने अखिलेश यादव पर बोला तीखा हमला 'आपातकाल लगाने वालों के साथ खड़े होकर लोकतंत्र पर ज्ञान देते हैं', मंत्री अनिल राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज, कहा- ये दोहरा चरित्र 'एक्स्प्रेसवे के नाम पर सपाइयों ने भरी अपनी तिजोरी, लूट का जरिया बनाया', अनिल राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना, कहा- शर्म तो उन्हें आती नहीं ‘लोकतंत्र की बात पर जनता हंसेगी’, आपातकाल से एक्सप्रेसवे तक अखिलेश पर जमकर बरसे दानिश आजाद ‘आपातकाल वालों से दोस्ती, फिर लोकतंत्र पर ज्ञान’, मंत्री दानिश आजाद का अखिलेश यादव पर जोरदार पलटवार 'पत्रकार को जिंदा जलाने वाली सपा आज उनके सम्मान का दिखावा कर रही है', मंत्री दानिश आजाद का अखिलेश पर निशाना; कहा- ऐसी बातों पर हंसी आती है ‘जिसने लोकतंत्र का गला घोंटा, अखिलेश उसी के साथ’, अनिल राजभर-दानिश आजाद का सपा पर तीखा वार लखनऊ,   समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और एक्सप्रेसवे समेत पत्रकारों के सम्मान से जुड़े बयानों पर यूपी सरकार के मंत्री अनिल राजभर और दानिश आजाद अंसारी ने तीखा पलटवार किया है। दोनों मंत्रियों ने सपा-कांग्रेस की नजदीकी और सपा सरकार के कार्यकाल को लेकर अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा।  ‘आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस के साथ सपा क्यों?’ अनिल राजभर ने कहा कि कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का अपमान किया था। उन्होंने सवाल किया कि अगर सपा वास्तव में लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करती है तो वह कांग्रेस के साथ राजनीतिक रूप से क्यों चल रही है। उन्होंने सपा के रुख को ‘दोहरा चरित्र’ बताते हुए कहा कि जनता भी इसे देख रही है।  'सैफई परिवार के लिए लूट का जरिया बना एक्सप्रेसवे' एक्सप्रेसवे पर अनिल राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में बनाया गया एक्सप्रेसवे सैफई परिवार के लिए लूट का जरिया बना। इसके विपरीत उन्होंने योगी सरकार में उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ बनाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि देश के कुल एक्सप्रेसवे का 56 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है। पत्रकारों के मुद्दे पर उन्होंने सपा सरकार के दौरान एक पत्रकार को जिंदा जलाए जाने का आरोप लगाया और कहा कि सपा नेताओं पर पत्रकारों से नाम, चैनल और जाति पूछकर दबाव बनाने के आरोप हैं। ‘लोकतंत्र की बात पर जनता हंसेगी’ वही इस मुद्दे पर यूपी सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी अखिलेश पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा जब लोकतंत्र की बात करती है तो जनता सिवाय हंसने के कुछ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने देश पर इमरजेंसी थोपी, उसी के साथ सपा की दोस्ती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की कुर्सी हासिल करने के लिए सपा को अब लोकतंत्र सेनानियों की याद आ रही है। योगी सरकार में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है एक्सप्रेसवे के मुद्दे पर दानिश ने गंगा, पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के कार्यकाल में एक्सप्रेसवे का रूट अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए तय किया गया और जमीनें पहले ही खरीदवा दी गईं। 'जब सीएम थे तब पत्रकार को जिंदा जला दिया गया था' अखिलेश यादव द्वारा पत्रकारों के सम्मान के वादे पर दानिश आजाद ने कहा कि जब वो सीएम थे तब एक पत्रकार को शाहजहांपुर में जिंदा जला दिया गया था। उन्होंने कहा कि आज भी अखिलेश अपनी प्रेस वार्ता में पत्रकारों से जाति पूछकर उनके सवालों का जवाब देते हैं और उन्हें अपमानित करते हैं। जब ऐसे लोग पत्रकारों के सम्मान की बात करते हैं तो उन्हें हंसी आती है। उन्होंने सपा को ‘नकारात्मक एजेंडे’ से घिरी पार्टी बताया।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बांटी सामग्री व प्रमाण पत्र

रायपुर राष्ट्रव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत गुरुवार को नवीन कृषि उपज मण्डी परिसर बलौदाबाजार में ब्लॉक स्तरीय ‘सेवा सेतु शिविर’ का आयोजन किया गया। राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत 3,888 हितग्राहियों को सामग्री, चेक एवं प्रमाण पत्र का वितरण किया। शिविर में आए 736 जन-समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदनों में से 614 का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। इसके साथ ही मेगा हेल्थ कैंप में 400 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण व चिकित्सीय सुविधाओं का लाभ उठाया। ​एक ही छत के नीचे सभी शासकीय सुविधाएं: राजस्व मंत्री  वर्मा शिविर को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है। शिविर में सभी विभागों के स्टॉल और जिला अधिकारी एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं, अतः आम जनता को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। मंत्री  वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार 'मोदी की गारंटी' को शत-प्रतिशत लागू कर रही है। महतारी वंदन योजना के जरिए प्रदेश की 70 लाख महिलाओं के खाते में हर माह 1,000 रुपये हस्तांतरित किए जा रहे हैं, वहीं दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत पात्र मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। ​दान उत्सव रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना आयोजन के दौरान राजस्व मंत्री ने 'दान उत्सव रथ' के लिए सामग्री दान की और जनप्रतिनिधियों के साथ रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ गांव-गांव भ्रमण करेगा, जहां इच्छुक नागरिक दैनिक उपयोग की वस्तुएं दान कर सकेंगे, जिन्हें बाद में जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा। मंत्री व अधिकारियों ने आम जनता से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। ​बुजुर्गों को पहनाया नजर का चश्मा, चेहरे पर आई मुस्कान मंत्री  वर्मा ने शिविर में लगे विभिन्न विभागों के स्टॉलों और मेगा हेल्थ कैंप का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं कई बुजुर्गों को नजर का चश्मा पहनाया और हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया। ​जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता कलेक्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की मंशानुरूप जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एक सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष, एसपी, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।