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‘विकसित बिहार 2037’ का रोडमैप: सम्राट चौधरी ने नए आयोग के गठन की घोषणा की

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र के नीति आयोग की तर्ज पर एक आयोग गठित करेगी, जो राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए एक दृष्टिपत्र तैयार करेगा। उन्होंने यहां योजना एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, चौधरी ने राज्य की प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और उनके प्रभावी क्रियान्वयन एवं निगरानी के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे आयोग का गठन मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोग बिहार के दीर्घकालिक विकास के लिए रूपरेखा तैयार करेगा, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करेगा, विभागों के बीच समन्वय को बेहतर बनाएगा और समय-समय पर नीति संबंधी सुझाव देगा। उन्होंने कहा कि योजना एवं विकास विभाग का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मूल्यांकन और ठोस परिणाम सुनिश्चित करना भी होना चाहिए। नीति आयोग की तर्ज पर बिहार में आयोग चौधरी ने अधिकारियों को विधायकों और विधान पार्षदों के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे जनप्रतिनिधियों द्वारा संचालित योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी बेहतर हो सके। उन्होंने कब्रिस्तान घेराबंदी योजना के तहत संवेदनशील स्थलों की सूची तैयार करने और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने का भी निर्देश दिया। जिला के लिए विशेष बजट प्रावधानों पर जोर मुख्यमंत्री ने जिला-विशिष्ट बजट योजना तैयार करने पर भी बल दिया, जो स्थानीय आवश्यकताओं, संसाधनों और संभावनाओं पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि हमें वर्ष 2037 तक ‘विकसित बिहार’ का दीर्घकालिक विजन तैयार करना होगा, जब राज्य अपने गठन के 125 वर्ष पूरे करेगा।  

योगी सरकार का बड़ा कदम: गन्ना किसान परिवारों को बीमा और पेंशन योजनाओं से जोड़ने की मुहिम

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार किसानों को लेकर बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच देने की दिशा में बड़ा अभियान चलेगा। 6 से 11 जुलाई तक प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में विशेष सामाजिक सुरक्षा जागरूकता एवं नामांकन महाअभियान चलाया जाएगा। अभियान में गांव-गांव अधिकारी जाएंगे। इसके माध्यम से लाखों गन्ना किसान परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई) सहित भारत सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। अभियान का उद्देश्य किसानों की आर्थिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन और सामाजिक स्थिरता को मजबूत करना है। योगी सरकार का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का व्यापक विस्तार किसानों को दुर्घटना, आकस्मिक मृत्यु और वृद्धावस्था जैसी परिस्थितियों में आर्थिक संबल प्रदान करेगा। इससे किसान परिवारों की आय सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन मजबूत होगा। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता मिलेगी। योगी सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र गन्ना किसान परिवार इन योजनाओं से जुड़ें और प्रत्येक किसान परिवार सुरक्षित, सशक्त तथा आत्मनिर्भर बने। यही अभियान 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को नई गति देने के साथ किसानों के समग्र कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गन्ना समितियां निभाएंगी नई भूमिका प्रदेश की सहकारी गन्ना विकास समितियां इस अभियान की प्रमुख कड़ी होंगी। वर्षों से किसानों के साथ जुड़े विश्वास को सामाजिक सुरक्षा अभियान से जोड़ा जाएगा। समितियां योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगी, किसानों को जागरूक करेंगी, पात्र लाभार्थियों का नामांकन कराएंगी और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे गन्ना समितियां किसान सेवा के साथ सामाजिक सुरक्षा की प्रभावी संस्थागत व्यवस्था के रूप में भी स्थापित होंगी। समिति परिसरों में लगेंगे सहायता एवं नामांकन केंद्र अभियान के दौरान प्रत्येक सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में बैंकों, इफ्को, चीनी मिलों और अन्य सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से विशेष सहायता एवं नामांकन काउंटर स्थापित किए जाएंगे। किसानों को एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, पात्रता का सत्यापन, दस्तावेजों की जांच, बैंकिंग सहायता और तत्काल नामांकन की सुविधा मिलेगी। नए सदस्य पंजीकरण, बैंक खाते खोलने तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। महिला और किसानों पर रहेगा फोकस अभियान में महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीण महिला किसानों को बीमा, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के साथ उन्हें वित्तीय निर्णयों में अधिक सक्षम बनाने का प्रयास किया जाएगा। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता अभियान गन्ना पर्यवेक्षक, समिति सचिव और विभागीय अधिकारी गांवों में जनसंपर्क कर किसानों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के साथ गन्ना विकास विभाग, इफ्को तथा चीनी मिलों द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं की भी जानकारी देंगे। अधिक से अधिक पात्र परिवारों का नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। ग्राम सभाओं और किसान गोष्ठियों का भी आयोजन किया जाएगा।  

पूर्वी और पश्चिमी यूपी में झमाझम बारिश की संभावना, 7 दिन तक मौसम रहेगा सक्रिय

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। वहीं, कई जगहों पर लोग अभी भी गर्मी का सामना कर रहे हैं। मौसम विभाग की तरफ से आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश के संभावना जताई गई है। वहीं, कई हिस्सों में आंधी-तूफान का भी अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। यूपी में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई जगहों पर मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश: मौसम विभाग ने प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 5 से 7 जुलाई के दौरान हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, 8 से 11 जुलाई तक इस हिस्से में झमाझम बारिश हो सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश: प्रदेश के इस हिस्से में 5 से 8 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है। वहीं, 9 से 11 जुलाई के बीच मानसून बढ़ने से पश्चिमी हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, पूरे प्रदेश में 5 जुलाई को आंधी-तूफान के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, 6 से 8 जुलाई को पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।  

खादी की नई पहचान: रीगल बिल्डिंग में खुल रहा 4 मंजिला मॉडर्न खादी भवन, कैफे का भी मिलेगा आनंद

 नई दिल्ली कनॉट प्लेस की रीगल बिल्डिंग में खादी और ग्रामोद्योग आयोग ( KVIC ) का एक नया और आधुनिक ' खादी भवन ' तैयार होने जा रहा है। इस साल के अंत तक बनकर तैयार होने वाले इस चार मंजिला खादी भवन में ग्राहकों को मैकेनाइज्ड फ्लोर सहित कई आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इसकी एक और बड़ी खासियत यह होगी मनोज गोयल कि यहां आने वाले ग्राहक पहली बार खरीदारी के साथ साथ एक बेहतरीन कैफे हाउस का भी आनंद ले सकेंगे। कस्टमाइजेशन की सुविधा KVIC के चेयरमैन मनोज गोयल ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी (Gen-Z) की पसंद और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए खादी के पहनावे मैं बड़ा बदलाव किया जा रहा है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग की ये तमाम उपलब्धियां प्रधानमंत्री के विजन का परिणाम हैं। इसी के तहत खादी भवन में पहली बार ग्राहकों को कस्टमाइजेशन की सुविधा दी जा रही है। यदि किसी ग्राहक को अपनी पसंद के अनुसार ड्रेस में कोई विशेष डिजाइन या फिटिंग करवानी है, तो वह वहीं पर मौजूद विशेष सेक्शन में इसके बारे में बता सकता है। मनपसंद ड्रेस सिलवा सकेंगे यहां महिला और पुरुष दोनों के लिए अलग-अलग फैब्रिकेटर तैनात रहेंगे। ग्राहकों की पसंद को और अधिक आधुनिक रूप देने के लिए यहां AI तकनीक की मदद भी ली जाएगी। ग्राहक अपनी पसंद का खादी कपड़ा खरीदकर AI द्वारा तैयार डिजाइनों के आधार पर अपनी मनपसंद ड्रेस सिलवा सकते हैं। बेहतरीन डिजाइनिंग के लिए नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) और सेंटर ऑफ एक्सिलेंस फॉर खादी (COEK) के विशेषज्ञ डिजाइनर और फैब्रिकेटर हमेशा इस खादी भवन में मौजूद रहेंगे। हथकरघा उत्पाद भी मिलेंगे नए खादी मॉल में कपड़ों के अलावा ग्रामोद्योग के अन्य सामान भी पहले से कहीं अधिक वैरायटी में उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, खादी भवन में देश के दूर-दराज के इलाकों से लाए गए हथकरघा उत्पाद भी मिलेंगे, जिनमें लकड़ी और बांस के अनोखे सामानों के साथ-साथ विशेष रूप से कमल के फूल से बने दुर्लभ रेशमी कपड़े भी शामिल हैं।

आलीराजपुर में लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य की 2004 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त, दो कंटेनर वाहन सहित दो आरोपी गिरफ्तार

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों एवं अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला आलीराजपुर की जोबट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य की 2004 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 40 लाख रुपये मूल्‍य के दो कंटेनर वाहन भी जब्त किए हैं तथा दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक आलीराजपुर श्री रघुवंश कुमार सिंह के निर्देशन में जिलेभर में अवैध शराब के परिवहन एवं कारोबार पर अंकुश लगाने हेतु सघन एवं आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान थाना जोबट पुलिस को मुखबिर से अवैध शराब के बड़े परिवहन की विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी जोबट द्वारा पुलिस की दो पृथक टीमों का गठन कर त्वरित कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आयशर कंटेनरों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में प्रथम कंटेनर से 930 पेटी तथा द्वितीय कंटेनर से 1074 पेटी, कुल 2004 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। जब्त शराब में विभिन्न हाई-रेंज ब्रांड शामिल हैं। जब्त शराब का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 2 करोड़ रुपये है। पुलिस ने शराब के परिवहन में प्रयुक्त दोनों कंटेनर वाहन भी जब्त कर लिए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 40 लाख रुपये है। कार्रवाई के दौरान कंटेनर चालकों को मौके से गिरफ्तार किया गया। थाना जोबट में आरोपियों के विरुद्ध पृथक-पृथक अपराध पंजीबद्ध कर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण की विवेचना जारी है तथा आरोपियों से जब्त शराब के स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला एवं इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेशभर में मादक पदार्थों, अवैध शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध इसी प्रकार निरंतर प्रभावी कार्रवाई कर रही है। ऐसे अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने के साथ-साथ इनके स्रोत एवं तस्करी श्रृंखला का भी पता लगाकर संबंधित सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।  

नस्ल सुधार, टीकाकरण और पशु पोषण पर चलेगा महाअभियान, 5.72 लाख पशुपालकों से होगा सीधा संवाद

भोपाल प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। इसी कड़ी में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा "दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान" चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी पशुपालकों के घर पहुंचेंगे और नस्ल सुधार, पशु पोषण, टीकाकरण एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन के बारे में जानकारी देंगे। तीसरे चरण में 3 से 4 पशु (गौवंश एवं भैंसवंश) रखने वाले पशुपालकों के यहां प्रशिक्षित विभागीय अमले द्वारा घर जाकर भेंट की जाएगी। नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य विषय पर जागरुक किया जाएगा। इस चरण में प्रदेश के 5 लाख 72 हजार पशुपालकों के घर जाकर भेंट करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर विभाग द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं। दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तृतीय चरण की अवधि 6 दिन निर्धारित की गई है। आवश्यकता पड़ने पर अधिकतम 9 दिन तक बढ़ाया जा सकेगा। अभियान के दौरान मैदानी अमले की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। उप संचालक, कार्यालय में पदस्थ एवं राज्य स्तर पर प्रशिक्षित कार्यक्रम के नोडल अधिकारी को प्रभारी बनाया जाएगा। जनप्रतिनिधियों की रहेगी सहभागिता अभियान में मंत्री, सांसद, विधायक सहित जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उप संचालक, पशुपालन एवं डेयरी को जनप्रतिनिधियों से व्यक्तिगत भेंट कर उन्हें अभियान से जोड़ने को कहा गया है। साथ ही प्रत्येक अधिकारी को अपने कार्यक्षेत्र के कम से कम 5 प्रतिशत पशुपालकों तथा न्यूनतम 10 गांवों का सत्यापन एवं मूल्यांकन करना अनिवार्य होगा। अभियान की निगरानी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी, जिला पशु प्रजनन कार्यक्रम अधिकारी, राज्य स्तरीय जिला नोडल अधिकारी तथा सभी पशु चिकित्सकों द्वारा की जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी कम से कम दो गांवों का भ्रमण कर अभियान का निरीक्षण करने का आग्रह किया गया है। इसके साथ ही अभियान के प्रभावी क्रिन्यावन के लिए राज्य स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।  

मध्यप्रदेश पुलिस की सभी इकाइयों में नवाचारपूर्ण गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को किया जा रहा जागरूक, डिजिटल सुरक्षा को बनाया जा रहा जनआंदोलन

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्यव्यापी साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान"सेफ क्लिक 2.0"के अंतर्गत प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों द्वारा निरंतर विविध एवं नवाचारपूर्ण गतिविधियों का आयोजन कर नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, शासकीय कार्यालयों, रेलवे स्टेशनों, धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों, बाजारों एवं सामुदायिक आयोजनों में व्यापक जनसंपर्क स्थापित कर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार का संदेश दिया जा रहा है। इसके साथ ही सभी पुलिस इकाइयां अपने-अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से प्रतिदिन जागरूकता पोस्ट, रील, वीडियो संदेश एवं जनहित अपील प्रसारित कर अभियान को डिजिटल स्तर पर भी जन-जन तक पहुंचा रही हैं। अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में स्थानीय परिस्थितियों एवं जनसमूह के अनुरूप विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा 6 हजार से अधिक नागरिकों की सहभागिता के साथ विशाल साइबर जागरूकता मैराथन आयोजित कर "सेफ क्लिक, सुरक्षित जीवन" का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा पुलिस अधिकारियों ने एक साथ भाग लेकर साइबर सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया। भोपाल कमिश्नरेट के थाना रातीबड़ द्वारा आरडी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रम में लगभग 1,500 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, विशिंग, स्मिशिंग, फर्जी निवेश, यूपीआई एवं क्यूआर कोड फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग सहित विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए गए। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई तथा किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस प्रशिक्षण शाला, उज्जैन द्वारा शासकीय विद्यालय ताजपुर में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, ऑनलाइन ठगी से बचाव तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के उपयोग की जानकारी दी गई। वहीं विदिशा में आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीण नागरिकों, युवाओं एवं मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए साइबर सुरक्षा का संदेश दिया गया तथा "रुको… सोचो… एक्शन लो" का आह्वान किया गया। खंडवा पुलिस द्वारा अभियान के अंतर्गत जिलेभर के विद्यालयों, जनपद कार्यालयों, पंचायतों, स्वास्थ्य संस्थानों, लोक सेवा केन्द्रों एवं अन्य शासकीय कार्यालयों में एक साथ व्यापक जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं। इसी प्रकार राजगढ़ एवं अनूपपुर में शासकीय कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साइबर हाइजीन एवं डिजिटल सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। टीकमगढ़ पुलिस ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा संदेश पहुंचाया, जबकि भोपाल ग्रामीण पुलिस ने गांवों एवं विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों एवं ग्रामीण नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अपराधों तथा हेल्पलाइन 1930 के संबंध में जानकारी दी। रेल यात्रियों को जागरूक करने के उद्देश्य से जीआरपी भोपाल द्वारा रेलवे स्टेशन खंडवा पर ध्वनि प्रसारण प्रणाली के माध्यम से साइबर सुरक्षा संदेश प्रसारित किए गए। वहीं जीआरपी जबलपुर एवं जीआरपी इंदौर द्वारा रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को डिजिटल अरेस्ट, एपीके फाइल, फर्जी लिंक एवं अन्य साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई। कटनी पुलिस द्वारा धार्मिक स्थलों एवं सार्वजनिक स्थलों पर श्रद्धालुओं एवं नागरिकों के बीच पोस्टर एवं पम्पलेट वितरण कर साइबर जागरूकता अभियान संचालित किया गया। भोपाल जोन-3 पुलिस द्वारा नागरिकों को विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। सिंगरौली में विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के व्यावहारिक उपाय बताए गए। सीधी पुलिस ने स्थानीय लोक कलाकार के माध्यम से रचनात्मक संदेश प्रसारित कर आमजन को जागरूक किया। ग्वालियर पुलिस ने रन क्लब के प्रतिभागियों के बीच साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया, जबकि छिंदवाड़ा पुलिस ने सामाजिक सम्मान समारोह के साथ साइबर जागरूकता कार्यक्रम को जोड़कर समाज के विभिन्न वर्गों तक अभियान की पहुंच सुनिश्चित की। सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के माध्यम से भी अभियान को व्यापक गति मिल रही है। छतरपुर पुलिस द्वारा स्थानीय सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स एवं स्थानीय भाषा में तैयार रचनात्मक वीडियो के माध्यम से साइबर सुरक्षा संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं, जबकि गुना पुलिस द्वारा निजी फोटो एवं वीडियो साझा करने से जुड़े साइबर जोखिमों पर आधारित जागरूकता रील तैयार कर नागरिकों को सचेत किया जा रहा है। प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयां अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से प्रतिदिन जनहित संदेश, वीडियो, रील, पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री साझा कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अभियान को प्रभावी बना रही हैं। मध्यप्रदेश पुलिस का "सेफ क्लिक 2.0" अभियान केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों में सुरक्षित डिजिटल व्यवहार विकसित करने का एक व्यापक सामाजिक अभियान बन चुका है। प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयां स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर नवाचार करते हुए विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्रामीण क्षेत्रों, औद्योगिक संस्थानों, बाजारों, शासकीय कार्यालयों, सामाजिक संगठनों तथा डिजिटल माध्यमों के जरिए आमजन तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचा रही हैं। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर बिना विलंब राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन1930पर संपर्क करें अथवाwww.cybercrime.gov.inपर शिकायत दर्ज कराएं तथा स्वयं जागरूक रहते हुए दूसरों को भी साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाएं।  

उफनते नाले में फंसे 10 पुरुष और 4 महिला मजदूर सुरक्षित निकाले गए, सैनिकों ने दिखाई बहादुरी

महासमुंद जिले में देर रात से जारी मूसलाधार बारिश का असर अब जनजीवन पर दिखाई देने लगा है। खल्लारी थाना क्षेत्र के ग्राम जोगीडीपा में बगनाई नाला उफान पर आने से पुल निर्माण कार्य में लगे 14 मजदूर चारों ओर से पानी में घिर गए। जलस्तर अचानक बढ़ने से मजदूरों का बाहरी संपर्क पूरी तरह टूट गया और वे घंटों तक खेत में बनी अस्थायी झोपड़ी में फंसे रहे। सूचना मिलने पर नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय पर किए गए इस अभियान से बड़ा हादसा टल गया। लगातार बारिश से बढ़ा जलस्तर जानकारी के अनुसार, जोगीडीपा गांव में बगनाई नाला पर पुल निर्माण का कार्य चल रहा है। निर्माण एजेंसी के 14 मजदूर कार्यस्थल के पास खेत में बनी अस्थायी झोपड़ी में रह रहे थे। शनिवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण बगनाई नाला तेजी से उफान पर आ गया। देखते ही देखते झोपड़ी के चारों ओर पानी भर गया और तेज बहाव के कारण मजदूर वहां से बाहर नहीं निकल सके। डायल 112 की सूचना पर शुरू हुआ रेस्क्यू बताया गया कि प्रशासन ने बाढ़ आपदा नियंत्रण के लिए जिला और तहसील स्तर पर टीमों का गठन कर संपर्क नंबर जारी किए थे, लेकिन सार्वजनिक किया गया केंद्रीय संपर्क नंबर बंद मिला। वहीं, तहसील स्तर पर जिन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, वे रात के समय मौजूद नहीं थे। ऐसे में फंसे मजदूरों ने अपने ठेकेदार से संपर्क किया। ठेकेदार ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद नगर सेना की टीम बिना देर किए घटनास्थल के लिए रवाना हुई। रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों से बचाए गए मजदूर नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा उपकरणों और रस्सियों की मदद से एक-एक कर सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। पूरे अभियान के दौरान विशेष सावधानी बरती गई, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू किए गए मजदूरों में 10 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल हैं। सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। राहत की बात यह रही कि किसी भी मजदूर को गंभीर चोट नहीं आई। प्रशासन ने जारी की सतर्कता की अपील लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों में जोखिम नहीं लेने की अपील की है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल स्थानीय प्रशासन या पुलिस को देने को कहा गया है। सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश प्रशासन ने संबंधित विभागों को लगातार सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी संभावित हादसे को समय रहते टाला जा सके।  

यमुना के तट पर बने पार्क में तीन विभूतियों डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अटल बिहारी बाजपेई और अशोक सिंघल की भव्य कांस्य प्रतिमाओं का होगा लोकार्पण

प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को प्रयागराज आ रहे हैं। सीएम यमुना किनारे बोट क्लब के पास प्रेरणा पार्क का लोकार्पण करेंगे, जहां पर वह राष्ट्र की तीन विभूतियों की प्रतिमाओं का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद नौका एकता रेस को हरी झंडी दिखाएंगे, जिसके बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। सीएम प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार में लोक निर्माण विभाग के नए व पुराने कार्यों की समीक्षा करेंगे। सीएम करेंगे प्रेरणा पार्क का लोकार्पण संगम नगरी प्रयागराज में कालिंदी के तट युवाओं और पर्यटकों के लिए राष्ट्रवाद और सशक्त भारत के विभूतियों की प्रेरणा की स्थली भी बनेगी । नगर निगम प्रयागराज द्वारा यमुना तट पर स्थित कालीघाट के समीप भव्य प्रेरणा पार्क का विकास किया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को इसका लोकार्पण करेंगे। नगर निगम प्रयागराज के महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी का कहना है कि एक करोड़ रुपये की लागत से इस भव्य पार्क का निर्माण किया गया है। पार्क में जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष, राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल की कांस्य प्रतिमाओं का अनावरण मुख्यमंत्री करेंगे। राष्ट्रसेवा, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता एवं जनकल्याण के प्रेरणास्रोत रहे इन तीन महापुरुषों के जीवन मूल्यों एवं विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रेरणा पार्क का निर्माण कराया गया है। यह स्थल न केवल श्रद्धांजलि का केंद्र होगा, बल्कि युवाओं एवं समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरित करने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र भी बनेगा। इन विभूतियों की प्रतिमाओं के आसपास उद्यान, प्रकाश व्यवस्था, पाथवे, बैठने की व्यवस्था, सौंदर्यीकरण एवं स्वच्छता संबंधी कार्य कराए गए हैं। एकता नौका रेस को सीएम दिखायेंगे हरी झंडी, जनसभा का होगा आयोजन कालिंदी की लहरें नौका रेस की साक्षी भी बनेगी। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और मजबूत अखंड भारत के विचारों से भारत की एकता को सुदृढ़ करने करने वाले राष्ट्रीय एकता के नायक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की याद में यमुना में एकता नौका रेस का भी आयोजन किया जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ एकता नौका रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। इस रेस में दो दर्जन से अधिक नौकाएं शामिल होंगी। सीएम काली घाट स्थित प्रेरणा पार्क में ही एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।  इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री परेड ग्राउंड स्थित मेला प्राधिकरण के सभागार आएंगे । सीएम योगी यहां लोक निर्माण व अन्य विभागों के प्रयागराज जोन के 2500 करोड़ रुपये से अधिक के 1553 कार्यों की समीक्षा करेंगे।

गुणवत्तापूर्ण पौधों से बढ़ रही आय और आत्मनिर्भरता

रायपुर गुणवत्तापूर्ण पौधों से बढ़ रही आय और आत्मनिर्भरता छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के अंतर्गत जनपद पंचायत धमतरी द्वारा संचालित आईएफसी परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन का प्रभावी मॉडल बनकर उभर रही है। सद्भावना महिला संकुल स्तरीय संगठन, दोनर के सहयोग से संचालित आजीविका सेवा केंद्र (नर्सरी इकाई) आज किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों के लिए गुणवत्तापूर्ण पौधों का विश्वसनीय स्रोत बन चुकी है। इस पहल ने न केवल किसानों को समय पर स्वस्थ पौधे उपलब्ध कराए हैं, बल्कि वैज्ञानिक खेती, जैविक उत्पादन और महिला सशक्तिकरण को भी नई दिशा दी है। पहले किसानों को सब्जी एवं फलदार पौधों के लिए दूर-दराज के बाजारों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई बार समय पर पौधे उपलब्ध नहीं होने या निम्न गुणवत्ता के कारण उत्पादन प्रभावित होता था। आईएफसी नर्सरी की स्थापना के बाद यह स्थिति बदली है। अब स्थानीय स्तर पर ही प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार कर किसानों तक समय पर पहुंचाए जा रहे हैं, जिससे खेती की लागत कम हुई है और उत्पादन की संभावनाएं बढ़ी हैं। नर्सरी इकाई में टमाटर, मिर्च, बैंगन, फूलगोभी, करेला, मूनगा (सहजन), पपीता, कटहल, नारियल सहित विभिन्न सब्जी एवं फलदार पौधों की उन्नत पौध तैयार की जा रही है। इन पौधों का वितरण उत्पादक समूहों एवं क्लस्टरों के माध्यम से विभिन्न ग्रामों के किसानों तक किया जाता है। इससे क्लस्टर आधारित सब्जी उत्पादन को बढ़ावा मिला है और किसानों ने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाना शुरू किया है। इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि नर्सरी का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार, नियमित आय और उद्यमिता का अवसर प्राप्त हुआ है। समूह की महिलाएं पौध उत्पादन, देखरेख, विपणन और प्रबंधन जैसे कार्यों का सफलतापूर्वक संचालन कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। वर्तमान चरण में नर्सरी इकाई द्वारा 38,100 गुणवत्तापूर्ण पौधों का उत्पादन एवं वितरण किया गया है, जिससे ₹1,15,150 की आय अर्जित हुई। यह उपलब्धि महिला स्व-सहायता समूहों, ग्राम संगठन, उत्पादक समूहों, आईएफसी एंकर तथा क्लस्टर टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। इस पहल से किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौधों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ-साथ जैविक खेती, पोषण वाटिका, फसल विविधीकरण तथा वैज्ञानिक खेती की अनुशंसित तकनीकों को भी बढ़ावा मिल रहा है। बेहतर गुणवत्ता के पौधों के कारण फसलों की वृद्धि, उत्पादन एवं आय में सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है। यह उल्लेखनीय पहल कलेक्टर  अबिनाश  मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  गजेंद्र सिंह ठाकुर, जिला परियोजना प्रबंधक (आजीविका)  अनुराग मिश्रा, जनपद पंचायत धमतरी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सु वर्षा रानी चिकन्जूरी तथा ब्लॉक परियोजना प्रबंधक  प्रेमचंद सिन्हा के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है।   आईएफसी नर्सरी इकाई यह सिद्ध कर रही है कि यदि महिलाओं की सहभागिता, आधुनिक कृषि तकनीक और संस्थागत सहयोग का प्रभावी समन्वय हो, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जा सकती है। धमतरी की यह पहल आज अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है और ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण तथा किसानों की आय वृद्धि की दिशा में एक सफल शासकीय मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है।