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एमसीबी : कलेक्टर ने दिए आदेश, जनदर्शन के आवेदनों का समय पर निराकरण जरूरी

एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को सुना। जिले के ग्रामीणजन और नागरिकों ने जनदर्शन में अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को सीधे कलेक्टर के समक्ष रखा। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। जनदर्शन में आज कुल 16 आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन में आवेदक किशोरी मिश्रा निवासी मनेन्द्रगढ़ कलेक्टर दर से वेतन भुगतान किये जाने के संबंध में, चिरौंजिया निवासी खोंगापानी दिये गये पैसा को वापस नहीं किये जाने के संबंध में, देवी प्रसाद निवासी मंगौरा भूमि के संबंध में, रिभान्शू निवासी हर्रा किसान आईडी दुरूस्त करने के संबंध में, समस्त ग्रामवासी केंवटी पृथक ग्राम सभा गठन के संबंध में, मनीष सिंह निवासी खोंगापानी पुनः गुणवत्तापूर्ण सी.सी.रोड निर्माण के संबंध में, उर्मिला जायसवाल निवासी मनेन्द्रगढ़ आंगनबाड़ी भवन निर्माण करवाये जाने के संबंध में, सुरजीत सिंह निवासी मनेन्द्रगढ़ सूचना के अधिकार के अधिनियम 2005 के साथ खिलवाड़ करने के संबंध में एवं निर्मित दुकानों के जांच में अनावश्यक देरी के संबंध में, रामकली निवासी चिरमिरी मुआवजा दिलाये जाने के संबंध में, रामदेव निवासी ठिहाई रिक्त कोटवार पद पर पदस्थापना के संबंध में, मुनौवर फारूक अंसारी निवासी मनेन्द्रगढ़ एसडीएम कार्यालय में पदस्थ शम्भू दयाल की शिकायत के संबंध में, हुकुमचन्द, इन्दर साय, कुंवार साय, लुन्दनराम निवासी पाराडोल भूमि के संबंध में, जग साय निवासी खैरबना पट्टा के भूमि में मेरा नाम दर्ज कराने के संबंध में, दीपक निवासी पसौरी प्रधानमंत्री आवास योजना में फर्जी सत्यापन किए जाने के संबंध में, शिकायत लेकर उपस्थित हुए थे। कलेक्टर ने प्राप्त सभी आवेदनों को पूरी गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को उचित कार्यवाही करते हुए त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।

अम्बिकापुर : रेस्टोरेंट की बिरयानी में निकला कॉकरोच मामला, खाद्य एवं औषधि विभाग ने की कार्यवाही

अम्बिकापुर होटल ग्रांड बसंत रेस्टोरेंट में परोसी गई बिरयानी की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ता द्वारा की गई शिकायत के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने कार्रवाई की है। गुतुरमा, सीतापुर निवासी उपभोक्ता अमित गुप्ता ने 1 सितंबर को सोशल मीडिया (व्हाट्सअप और फेसबुक) पर एक वीडियो साझा कर आरोप लगाया कि रेस्टोरेंट में परोसी गई वेज बिरयानी में मरा हुआ कॉकरोच निकला। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तैयार वेज बिरयानी एवं वेज करी के नमूने विधिवत जप्त कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजे गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं नियम 2011 के तहत आगे की कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा, टीम ने पाया कि रसोईघर में कीट प्रबंधन, पानी परीक्षण, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र एवं व्यक्तिगत स्वच्छता संबंधी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। इस पर रेस्टोरेंट प्रबंधन को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के जवाब और रिपोर्ट के आधार पर विभाग आगे की कानूनी कार्यवाही करेगा।

क्या इतिहास दोहराएगा खुद को? पंजाब की भयावह बाढ़ ने दिलाई 1988 की याद

पंजाब  पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ ने 1988 की भयंकर बाढ़ की यादें फिर से ताजा कर दी हैं। उस वक्त सतलुज, व्यास और रावी नदियाँ बहुत ज्यादा बढ़ गई थीं, जिससे 500 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा बैठे थे। आज भी बाढ़ से कई जिले बहुत प्रभावित हुए हैं। खासकर गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, जालंधर और रूपनगर जैसे जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा परेशान हैं। यहाँ के लोग अपनी जिंदगी फिर से सही करने के लिए बड़ी मेहनत कर रहे हैं। बाढ़ की वजह सिर्फ इंसान नहीं पंजाब में बाढ़ सिर्फ बारिश और नदियों के बढ़ने की वजह से नहीं आती। इंसानों की कई गलतियों की वजह से भी बाढ़ बढ़ती है। जैसे नालों और नहरों की साफ-सफाई न होना, नदियों के रास्ते बंद हो जाना, कमजोर और टूटे हुए बांध, हरियाली की कमी, अवैध खनन और जंगलों की कटाई। साथ ही, नदी किनारे बिना अनुमति के घर और अन्य निर्माण भी बाढ़ की समस्या बढ़ाते हैं। इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन की वजह से बारिश का तरीका बदल गया है और अब बारिश ज्यादा और अनियमित होती है, जिससे बाढ़ की स्थिति खराब हो रही है। नदियों में गाद जमा होने से पानी सही तरह से नहीं बह पाता क्योंकि सरकारें सालों से नदियों से गाद निकालने में कामयाब नहीं हो पाईं।  1988 की बाढ़ ने पंजाब को कर दिया था बर्बाद साल 1988 की बाढ़ पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लिए बहुत बड़ी तबाही लेकर आई थी। इस बाढ़ में उत्तर भारत में 1,400 से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें से 383 सिर्फ पंजाब में थे। उस साल मार्च से लगातार बारिश हो रही थी, लेकिन सितंबर में सतलुज, रावी और व्यास नदियाँ बहुत ज्यादा बढ़ गई थीं। 11 मार्च को गुरदासपुर में रावी नदी अचानक उफान पर आई, जिससे 40 गाँव पानी में डूब गए। जुलाई में सतलुज और रावी नदियों के पानी ने कई जिलों को पूरी तरह डुबो दिया। सितंबर के आखिरी दिनों में भाखड़ा और पौंग बाँधों के दरवाज़े खोलने से बाढ़ और भी बढ़ गई। 1993 की बाढ़ से भी मची थी भारी तबाही साल 1988 के पांच साल बाद, 1993 में भी पंजाब में बड़ी बाढ़ आई। इस बार करीब 300 लोग मारे गए और 6,200 मवेशी पानी में डूब गए। अमृतसर, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, होशियारपुर और संगरूर जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर के अध्ययन से पता चला कि 1988 की बाढ़ नदियों के बहुत बढ़ जाने की वजह से आई थी, लेकिन 1993 की बाढ़ नहरों और तटबंधों में दरारें आने की वजह से ज्यादा नुकसान पहुंचाई। क्यों बढ़ती जा रही है तबाही? जानकारी से पता चलता है कि पंजाब में नदियों के किनारे बने तटबंध और बांध सही तरीके से रखरखाव नहीं होते। नहरों की सफाई भी ठीक से नहीं की जाती, जिससे पानी का बहाव ठीक से नहीं हो पाता। जल निकासी की व्यवस्था कमजोर है और प्राकृतिक जलमार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। नहरों, रेलवे ट्रैक, सड़कों और खेती के कारण पानी का प्राकृतिक रास्ता बाधित हो गया है। साथ ही, बाढ़ वाले इलाकों में बिना अनुमति के बन रहे घर और कमजोर बांधों की वजह से बाढ़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया है। साल 2023 की बाढ़ और जलवायु परिवर्तन का असर एक अध्ययन के मुताबिक साल 2023 की बाढ़ जलवायु परिवर्तन के कारण आई असामान्य और भारी बारिश की वजह से हुई थी। हिमाचल प्रदेश में 7 से 11 जुलाई 2023 तक सामान्य से 436% अधिक बारिश हुई जिससे ब्यास, घग्गर और सतलुज नदियाँ पंजाब के निचले इलाकों में घुस गईं। लगभग 2.21 लाख हेक्टेयर फसल क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गया, जिसमें खासकर धान की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई। सरकारें क्यों रही नाकाम? एक प्रोफेसर के अनुसार पंजाब में बाढ़ प्रबंधन के लिए मास्टर प्लान होने के बावजूद बाढ़ का प्रभाव कम करने में असफल रहे हैं। तटबंधों का कमजोर होना, नदियों के किनारे अवैध अतिक्रमण, और वित्तीय व राजनीतिक कमी ने स्थिति को खराब कर दिया है। साल 1988 से 2010 तक के आंकड़े बताते हैं कि सहायक नदियों की सफाई न होना, तटबंधों का टूटना, नहरों में कट लगाना और जल निकासी प्रणाली की कमी प्रमुख कारण रहे हैं।  

अंबिकापुर : कलेक्टर की साप्ताहिक बैठक, हड़ताल पर सख्ती और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

अम्बिकापुर कलेक्टर विलास भोसकर की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे हड़तालों पर गंभीरता से चर्चा हुई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन के आदेशानुसार हड़ताल अवधि का कार्यालय  में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन काटा जाएगा और नियमानुसार कठोर कार्रवाई भी की जाएगी। कलेक्टर ने पीजी पोर्टल, सीएम जनदर्शन एवं अटल मॉनिटरिंग पोर्टल में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत बन रहे प्रधानमंत्री आवास, पीएम ग्राम सड़क एवं निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया। साथ ही, एग्रीस्टैक पंजीयन और पीएम आवास में प्रगति लाने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने फील्ड विजिट एवं सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने को निर्देशित किया। ,वहीं कलेक्टर ने आगामी छत्तीसगढ़ रजत जयंती कार्यक्रमों के अंतर्गत विभागवार गतिविधियों को निर्धारित तिथि अनुसार बेहतर ढंग से आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, आदि कर्मयोगी अभियान के तहत अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने और कार्य योजना को प्रभावशाली रूप से क्रियान्वित करने को निर्देशित किया। उन्होंने फसलों के डिजिटल क्रॉप सर्वे में प्रगति लाने और विभागीय लंबित प्रकरणों का शीघ्र व नियमानुसार निराकरण करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुनील नायक, राम सिंह ठाकुर, अमृत लाल ध्रुव, निगम कमिश्नर डी. एन. कश्यप, सर्व एसडीएम सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

PM मोदी भावुक: मां को गाली देने पर कांग्रेस-आरजेडी से छठी मैया से माफी की मांग

पटना बिहार विधानसभा चुनाव से पहले 'मां की गाली' के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर जमकर बरसे। पीएम ने इमोशनल होते हुए कहा कि मेरी मां को गाली देकर आरजेडी और कांग्रेस ने सिर्फ मेरा नहीं बल्कि देशभर की मां और बहनों का अपमान किया है। बिहार में नवरात्र के दौरान माताओं के 9 स्वरूपों के साथ सत बहिनी की पूजा भी की जाती है। इसके बाद छठी मैया का महापर्व आने वाला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मां को गाली देने वाली आरजेडी और कांग्रेस को सत बहिनी और छठी मैया से माफी मांगनी चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जीविका बैंक के शुभारंभ के मौके पर वर्चुअल संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार वो धरती है, जहां मां का सम्मान होता है। यहां गंगा, कोसी, गंडकी, पुनपुन जैसी नदियों को मैया के रूप में पूजा जाता है। पूरी दुनिया की माता सीता यहां की बेटी है। छठी मैया को नमन करके हम सब धन्य हो जाते हैं। मां के प्रति श्रद्धा और विश्वास ही बिहार की पहचान है। पिछले दिनों दरभंगा में महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान एक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मां की गाली दी गई। इस मुद्दे पर पीएम ने विपक्षी दलों को जमकर कोसा। आरजेडी और कांग्रेस के मंच से मेरी मां को गालियां दी गईं। ये गालियां सिर्फ मेरी मां का अपमान नहीं है, यह देश की मां-बहन बेटी का अपमान है। बिहार की हर मां, बेटी, भाई को यह सुनकर बहुत बुरा लगा। इसकी जितनी पीड़ा मेरे दिल में है, उतनी ही तकलीफ बिहार के लोगों को हुई है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना पीएम ने कहा, “शाही खानदान में पैदा हुए लोग मां की पीड़ा नहीं समझ सकते हैं। वे सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। इन्हें लगता है कि कुर्सी इन्हें ही मिलनी चाहिए। इन्हें लगता है कि नामदारों को कामदारों को गालियां देने का अधिकार है। इसलिए आए दिन गालियों की झड़ी लगा देते हैं। मुझे भी कई गालियां दी गईं। लिस्ट बहुत लंबी है। कभी नीच कहते हैं, गंदी नाली का कीड़ा, जहर वाला सांप बोलते हैं। बिहार चुनाव में भी मुझे तू-तड़ाक करके गाली दी गई। इनके नामदार वाली सोच उजागर हो रही है।” पीएम मोदी ने कहा कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं है। उनका राजनीति से भी कोई लेना-देना नहीं रहा। इसके बावजूद उनकी मां को भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं। यह बहुत ही दुखदायी और कष्ट देने वाला है। उस मां का क्या गुनाह है। उन्होंने कहा कि मां-बहन को गाली देने वाली सोच महिलाओं को कमजोर समझने वाली है। ये (आरजेडी-कांग्रेस) महिलाओं को शोषण और अत्याचार की वस्तु मानते हैं। सबसे ज्यादा गालियां माता-बहनों को ही झेलनी पड़ी है। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि आरजेडी जैसे दल कभी महिलाओं को आगे नहीं बढ़ना देना चाहते हैं। वहीं, कांग्रेस गरीब घर की आदिवासी बेटी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भी लगातार अपमान करती रहती है। पीएम ने कहा, “20 दिन बाद नवरात्र शुरू हो रहे हैं। 50 दिन बाद छठी मैया की पूजा होगी। छठ पर्व मनाया जाएगा। मां को गाली देने वालों को मोदी तो एक बार माफ कर ही देगा, भारत की धरती ने मां का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं किया है। इसलिए आरजेडी और कांग्रेस को सात बहिनी और छठी मैया से माफी मांगनी चाहिए। बिहार के लोगों को इस अपमान की जवाबदेही तय करने की जिम्मेदारी है।” पीएम मोदी ने लोगों से अपील की है कि आरजेडी-कांग्रेस के नेता जिस गली, जिस शहर में जाएं, उनसे मां-बहन के अपमान का जवाब मांगें। हर मोहल्ले से आवाज आनी चाहिए- "मां को गाली नहीं सहेंगे, इज्जत पर वार नहीं सहेंगे, आरजेडी का अत्याचार नहीं सहेंगे, कांग्रेस का वार नहीं सहेंगे, मां का अपमान नहीं सहेंगे।"  

आगामी त्यौहारों को देखते हुए मरम्मत कार्य को दें प्राथमिकता : मंत्री विजयवर्गीय

शहरी क्षेत्रों की सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य में रखी जाये पारदर्शिता : मंत्री विजयवर्गीय आगामी त्यौहारों को देखते हुए मरम्मत कार्य को दें प्राथमिकता : मंत्री विजयवर्गीय मंत्री विजयवर्गीय ने समीक्षा बैठक में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर दिये गये निर्देश भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि आगामी त्यौहारों के सीजन को देखते हुए सड़क मरम्मत से जुड़े कार्यों को विभाग प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में सड़क पर बोर्ड के माध्यम से निर्माण एजेंसी और निविदा शर्तों के बारे में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को उससे जुड़ी आवश्यक जानकारी दी जाये। मंत्री विजयवर्गीय सोमवार को मंत्रालय में समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि शहरी क्षेत्रों पर लगातार आबादी का दबाव बढ़ रहा है। इसका असर शहरी क्षेत्र की अधोसंरचना पर पड़ रहा है। उन्होंने इस बात को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के लिये कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 2 करोड़ 50 लाख से ज्यादा परिवार शहरी परिधि में निवास कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 35 प्रतिशत से अधिक योगदान दे रहे हैं। रियल एस्टेट क्षेत्र में 8 लाख 32 हजार से अधिक किफायती घर बनकर तैयार हो चुके हैं और 10 लाख मकान निर्माणाधीन हैं। प्रदेश में अक्टूबर 2019 से अब तक लगभग 51 हजार करोड़ रूपये के निवेश से शहरी कल्याण के कार्य चल रहे हैं। इस सब को देखते हुए शहरी क्षेत्रों में अधोसंरचना पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सड़क निर्माण को लेकर दिये दिशा-निर्देश विभागीय मंत्री के निर्देश के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सड़क निर्माण कार्य से जुड़े अमले को दिशा-निर्देश जारी किये हैं। निर्देश में कहा गया है कि सड़क निर्माण कार्य की निविदाएं केवल ई-निविदा के माध्यम से ही जारी की जायें। सड़क निर्माण की कार्ययोजना तैयार करते समय परियोजना प्रबंधन का भी प्रावधान किया जाये। इसी के साथ सड़क निर्माण कार्य की कार्ययोजना तैयार करते समय 3 वर्ष का मेंटनेंस प्रावधान आवश्यक रूप से रखा जाये। कांक्रीट सडक निर्माण के वक्त विभागीय अधिकारी आवश्यक प्रक्रिया का पालन कराया जाना सुनिश्चित करें। प्रत्येक कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व एवं समाप्ति के बाद जियो टैग फोटो का संधारण अनिवार्य रूप से किया जाये। निविदा की शर्तों का डिजिटाइजेशन किया जाये। नागरिकों की सुविधा का रखें ध्यान नगरीय निकायों को दिये गये निर्देश के अनुसार सड़क निर्माण के बाद संकेतक अनिवार्य रूप से लगाये जायें। नगरीय निकायों को शहरी क्षेत्रों में सड़कों के आस-पास पौधरोपण पर भी विशेष ध्यान देने के लिये कहा गया है। सड़कों की सुरक्षा एवं स्पीड ब्रेकर निर्धारित मापदंड के अनुसार हो, यह सुनिश्चित किया जाये।  

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भोपालपटनम से आए परिवार को दिया संपूर्ण इलाज का भरोसा

रायपुर : 'पापा, मैं ठीक हो जाऊंगी ना?' – दिल की बीमारी से जूझ रही मासूम शांभवी गुरला का सवाल   स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भोपालपटनम से आए परिवार को दिया संपूर्ण इलाज का भरोसा रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में होगा रियूमेटिक हार्ट डिजीज (आरएचडी) का इलाज रायपुर, रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में होगा रियूमेटिक हार्ट डिजीज (आरएचडी) का इलाज बीजापुर जिले भोपालपटनम ब्लॉक के वरदली गांव की 7वीं कक्षा में पढ़ने वाली 11 वर्षीय शांभवी गुरला की मासूम आंखों में एक ही सवाल था— “पापा, मुझे क्या हुआ है, मैं ठीक हो जाऊंगी ना?” खेती-किसानी कर परिवार का गुजारा करने वाले उसके पिता इस सवाल पर अक्सर चुप हो जाते थे। तीन महीने पहले जिला अस्पताल बीजापुर में जब डॉक्टरों ने बताया कि शांभवी को रियूमेटिक हार्ट डिजीज (RHD) है, तो पिता के पांव तले जमीन खिसक गई। डॉक्टरों ने रायपुर में इलाज कराने की बात कही, लेकिन परिवार को लगा कि रायपुर में इलाज में तो बहुत ज्यादा खर्च लगता होगा, ये सोच कर परिवार की उम्मीदें टूटने लगीं। घर में हर रोज यही चर्चा होती—“अब क्या होगा? हम अपनी बेटी का इलाज कैसे कराएंगे?” मां रोती और शांभवी को सीने से लगाकर कहती—“बेटा, सब ठीक होगा।” लेकिन उसके पिता की आंखों में चिंता साफ झलकती थी। आखिरकार उन्होंने हिम्मत जुटाई और बेटी को लेकर सीधे स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के पास पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री ने बच्ची से मुलाकात की और तुरंत ही रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में डॉ. स्मित श्रीवास्तव से बात की। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज तुरंत शुरू किया जाए। खर्च की चिंता मत करें, सरकार पूरी जिम्मेदारी लेगी।” स्वास्थ्य मंत्री की यह बात सुनते ही शांभवी की मां की आंखों से आंसू बह निकले। उन्होंने कांपती आवाज़ में कहा— “मंत्री जी, आप हमारी बेटी को नया जीवन दे रहे हैं। आप हमारे लिए किसी डाक्टर से कम नहीं।” स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर शांभवी को इलाज के लिए एसीआई रायपुर में लाया गया है। यहां डॉक्टरों की टीम उसकी जांच करेगी और उसका इलाज शुरू करेगी। गौरतलब है कि सरकार का यह कदम सिर्फ एक बच्ची के लिए नहीं, बल्कि राज्य के हर एक गरीब परिवार के लिए भरोसे का संदेश है। अब माता पिता के चेहरे पर खुशी के भाव देखकर आज शांभवी भी मुस्कुरा रही है और पिता से बार-बार पूछती है— “पापा, मैं जल्दी खेल पाऊंगी ना?” और इस बार पिता की आंखों में आंसू नहीं, बल्कि उम्मीद की चमक है।

मोहन यादव का बड़ा बयान: प्रदेश में असामाजिक तत्वों का होगा सफाया, कानून-व्यवस्था पर फोकस

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश कई मामलों में देश में अव्वल है. प्रदेश को और आगे ले जाना है. हमारी सरकार खेती-किसानी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और नए-नए उद्योग-धंधों की स्थापना के जरिए प्रदेश के युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सबके साथ और सहयोग से सबके विकास के लिए साझा प्रयासों एवं सबको पूरे विश्वास में लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल में मीडिया ग्रुप द्वारा आयोजित 'इमर्जिंग बिजनेस कॉन्क्लेव (भोपाल चैप्टर)' में मीडिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. किसानों के रोजगार और जीवन सुधार के लिए नई पहल मुख्यमंत्री ने इस कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश की विशेषताओं के बारे में विस्तार से चर्चा कर प्रदेश के नवनिर्माण एवं बेहतरी के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी दी.  उन्होंने मीडिया संवाद में कहा कि हम प्रदेश के किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना चाहते हैं. इसीलिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन से दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, आधुनिक खेती के प्रोत्साहन और किसानों को सम्मान निधि देकर उनके जीवन में स्वावलंबन लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं. धार जिले में देश का पहला पीएम मित्रा पार्क मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग रोजाना नए-नए उद्योग-धंधों की स्थापना हो रही है. इससे हमारे युवाओं को रोजगार भी मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन होना है. उन्होंने कहा कि इससे पहले, बुधवार, 3 सितम्बर को नई दिल्ली में पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए इच्छुक निवेशकों के साथ मीटिंग एवं वन-टू-वन चर्चा की जाएगी. प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन सहित मेडिकल टूरिज्म के साथ फॉरेस्ट और वाइल्ड लाइफ टूरिज्म की ओर स्पेशल फोकस किया जा रहा है. प्रदेश के तीर्थस्थलों का विकास और हेलीकॉप्टर सेवा जल्द शुरू  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 13 प्रमुख तीर्थस्थानों में स्थायी प्रकार के निर्माण कार्यों एवं नियमित प्रबंधन कर इनका विकास किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि श्रीमहाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में तेजी से टूरिज्म बढ़ा है. साल 2024 में करीब 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आए. उन्होंने कहा कि इसी से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार अब प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों में पर्यटकों को हेलीकाप्टर के जरिए पहुंचाने का प्रबंध कर रही है. बहुत जल्द हम प्रदेश में इसकी शुरुआत करने जा रहे हैं. नए कानून और नीतियों से निवेश बढ़ाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का दिल है. मध्य प्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति का हम समुचित लाभ उठाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में भरपूर लैंड बैंक, सरप्लस बिजली और मजबूत अधोसंरचना है. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश निवेशकों के लिए अनुकूल है. प्रदेश में बड़ी मात्रा में निवेश लाने के लिए हमने कई अप्रासंगिक कानून बदले हैं. उद्योग लगाने के लिए शासकीय अनुमतियां भी कम से कम कर दी गई हैं. हम निवेशकों के हित में 18 नई औद्योगिक नीतियां भी लागू की गई हैं. मजबूत कानून व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता- मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. असामाजिक और गुंडा तत्वों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है. कानून को अपने हाथ में लेने वाले ऐसे तत्वों का प्रदेश से सफाया कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि हम राज्य की बेहतरी के लिए नए फैसले लेने में पीछे नहीं हटेंगे. लोकलुभावन वादों की जगह हम जनहित के निर्णयों पर तेजी से आगे बढ़ेंगे. उन्होंने मीडिया संवाद कार्यक्रम में एक निजी संस्थान से चलाए जा रहे हाईजीन प्रोग्राम के पोस्टर्स का विमोचन किया. कार्यक्रम में सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, मीडिया समूह के राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पदाधिकारी/प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे.

स्कूल में सुविधाओं का अभाव, जींद में पेरेंट्स ने किया विरोध, गेट पर लगाया ताला

जींद सरकारी प्राइमरी स्कूलों की दयनीय स्थिति ने शिक्षित भारत के सपने को चुनौती दी है। विश्कर्मा कॉलोनी के प्राइमरी स्कूल में 131 बच्चों के लिए केवल दो कमरे और एक बरामदे की व्यवस्था है, जिसके कारण अभिभावकों ने नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए स्कूल के गेट पर ताला लगा दिया।  बारिश के मौसम में बच्चे 20 मिनट तक बाहर खड़े रहे, क्योंकि स्कूल में बैठने की पर्याप्त सुविधा नहीं है। पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चे इन सीमित संसाधनों में पढ़ने को मजबूर हैं।अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में बच्चों के लिए न तो बैठने की उचित व्यवस्था है और न ही पढ़ाई के लिए समुचित सुविधाएँ।  इस स्थिति से क्षुब्ध होकर उन्होंने स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया। सूचना मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी राजपाल देशवाल मौके पर पहुँचे और अभिभावकों को समझाकर ताला खुलवाया। खंड शिक्षा अधिकारी राजपाल देशवाल ने कहा, "हमें सूचना मिली थी कि विश्कर्मा कॉलोनी के प्राइमरी स्कूल के गेट पर अभिभावकों ने ताला लगाया है। हमने मौके पर जाकर स्थिति को संभाला और ताला खुलवाया। स्कूल में जगह की कमी है, यह सत्य है।  हमने अभिभावकों को समझाया और वैकल्पिक स्थान की तलाश शुरू कर दी है।"उन्होंने बताया कि स्कूल में 131 बच्चों के लिए केवल दो कमरे और एक बरामदा उपलब्ध है, जिसके कारण पढ़ाई में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। अभिभावकों की शिकायतों को दूर करने का प्रयास किया गया है, और अब स्कूल में शांतिपूर्ण ढंग से कक्षाएँ संचालित हो रही हैं।यह घटना सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को रेखांकित करती है, जो बच्चों के भविष्य और शिक्षित भारत के लक्ष्य के लिए एक गंभीर चुनौती प्रस्तुत करती है।

फोन कॉल विवाद: BJP MLA के संपर्क पर हाई कोर्ट जज ने केस से हटाया नाम

भोपाल  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक जस्टिस ने हाल ही में खुलासा किया कि हाल ही में एक भाजपा विधायक ने किसी मामले के सिलसिले में उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी। ऐसे में उन्होंने इस केस से खुद को दूर कर लिया है। मामला अवैध खनन के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हाई कोर्ट में दायर एक रिट याचिका से जुड़ा है। 1 सितंबर को पारित एक आदेश में, जस्टिस विशाल मिश्रा ने कहा कि। भाजपा विधायक संजय पाठक ने एक पेंडिंग केस को लेकर उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की थी। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा, संजय पाठक ने इस विशेष मामले पर चर्चा करने के लिए मुझे फो करने की कोशिश की है, इसलिए मैं इस रिट याचिका पर विचार करने के लिए इच्छुक नहीं हूं। इसलिए, जस्टिस मिश्रा ने मामले से खुद को अलग कर लिया और मामले को किसी अन्य पीठ के सामने सूचीबद्ध करने के लिए हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने रखने का आदेश दिया। न्यायालय ने कहा, इस मामले को उचित पीठ के पास सूचीबद्ध करने के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए। आशुतोष दीक्षित नाम के एक शख्स ने अवैध खनन का आरोप लगाते हुए आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), भोपाल का रुख किया था। इसके बाद उन्होंने ईओडब्ल्यू पर कोई ऐक्शन ना लेने का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट का रुख किया। दीक्षित ने दलील में कहा कि ईओडब्ल्यू समयबद्ध अवधि के भीतर शुरुआती जांच पूरी करने में विफल रहा। वहीं संजय पाठक ने इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए उच्च न्यायालय में एक आवेदन दायर किया और कहा कि उनकी बात भी सुनी जानी चाहिए। हालांकि इस रिट याचिका में पाठक पक्षकार नहीं थे।