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रेलवे स्टेशन पर प्रेमी-प्रेमिका का दर्दनाक अंत, आपस में लिपटे मिले शव

उमरिया  एक प्रेमी युगल ने रेलवे ट्रैक पर लेट कर मालगाड़ी से कट कर अपनी जान दे दी। मरने से पहले दोनों प्रेमी-प्रेमिका आपस में लिपट गए थे और इसी तरह रेलवे ट्रैक पर लेट गए थे। यह अनुमान रेलवे ट्रैक पर पड़ी उनकी कटी हुई लाश को देखकर लगाया गया है। यह जानकारी भी सामने आई है कि मरने वाले प्रेमी-प्रेमिका बीते चार दिनों से गांव के अपने घरों से लापता थे। मृतकों की पहचान भरत कोल (उम्र 21 साल) पिता अशोक कोल और करिश्मा कोल (उम्र 19 साल) पिता हल्के कोल दोनों निवासी ग्राम खेरवा ग्राम पंचायत टिकुरी जनपद पंचायत मानपुर जिला उमरिया के रूप में हुई है। स्टेशन में प्रेमी-प्रेमिका तीन दिन दिखे पिछले कई दिनों से गांव से लापता दोनों प्रेमी-प्रेमिका कहां थे घर के लोगों को नहीं पता। घर के लोगों ने उन्हें तलाशने की काफी कोशिश की लेकिन वे दोनों नहीं मिले। घटना के बाद यह जानकारी सामने आई है कि करने वाले दोनों प्रेमी-प्रेमिका लगभग दो-तीन दिन से महरोई स्टेशन में ही रात्रि निवास करते थे। कई लोगों ने उन्हें स्टेशन में ही देखने का दावा किया है। बताया गया है कि यह दोनों दिन में आसपास कहीं चले जाते थे और रात में आकर स्टेशन में ही निवास करते थे। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि पिछले तीन-चार दिनों से लगातार प्रेमी युगल जान देने का मन बना रहा होगा, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पानी के कारण वे आसपास ही दिखाई देते रहे अंततः उन्होंने हिम्मत जुटाई और जान दे दी। भोर में दी जान घटना के बारे में पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक प्रेमी युगल ने भर में लगभग चार बजे मालगाड़ी से कटकर हत्या कर ली। घटना के बाद मालगाड़ी के चालक ने स्टेशन मास्टर को मेमो दिया जिसके अनुसार घटना कटनी चोपन रेलखंड के 1143/39 किमी पर हुई। घटना की जानकारी लगने के बाद मौके पर अमरपुर पुलिस चौकी प्रभारी दलबल के साथ घटना स्थल पहुंचकर शव को कब्जे में लेते हुए पीएम पंचनामा करा शव परिजनों को सौंप दिया।

‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ से बदले प्रदेश के स्कूलों के हालात

बुनियादी सुविधाओं से स्मार्ट क्लास तक यूपी बना शिक्षा के कायाकल्प का साक्षी  ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ से बदले प्रदेश के स्कूलों के हालात योगी सरकार की पहल से प्राथमिक से लेकर माध्यमिक विद्यालय तक बने आधुनिक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों में 19 मानकों पर 97 प्रतिशत संतृप्तिकरण हुआ पूरा  प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से 2295 माध्यमिक विद्यालयों की स्थिति सुधारने को की गई है मैपिंग  2017 से पहले तक स्कूलों में टॉयलेट, पानी, बिजली और फर्नीचर तक का था अभाव  आज स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और खेल के मैदान से उज्ज्वल हो रहा देश का भविष्य  लखनऊ शिक्षक दिवस पर स्पेशल   उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राथमिक से लेकर माध्यमिक शिक्षा तक में व्यापक बदलाव करते हुए प्रदेश के शैक्षिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ ने परिषदीय विद्यालयों और माध्यमिक विद्यालयों को नई पहचान दी है। ऑपरेशन कायाकल्प वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। इसका लक्ष्य परिषदीय विद्यालयों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधासंपन्न बनाना था। आज इस अभियान के तहत 97 प्रतिशत तक बुनियादी सुविधाओं का विकास पूरा हो चुका है। पहले जहां स्कूलों में टॉयलेट, पानी, बिजली और फर्नीचर तक का अभाव था, वहीं आज वे गेट युक्त बाउंड्री वॉल, टाइल्स युक्त शौचालय, पेंटेड परिसर और सोलर लाइट्स से युक्त विद्यालयों में तब्दील हो चुके हैं। नीति आयोग ने भी इसे देशभर के लिए अनुकरणीय मॉडल माना है। इसी तरह, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ की शुरुआत की है, जिसके तहत 27 मापदंडों पर 2295 विद्यालयों की मैपिंग की अवस्थापना स्थिति को बेहतर बनाने का कार्य चल रहा है।  ऑपरेशन कायाकल्प ने बदली तस्वीर योगी सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के सुधार लिए ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से अभियान छेड़ रखा है। इस अभियान के बाद प्रदेश में उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुए हैं। सभी विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, बालक, बालिका और दिव्यांग बच्चों के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय और मूत्रालय का निर्माण कराया गया है। मल्टीपल हैंड वाशिंग, कक्षा-कक्षों में टाइल्स, आधुनिक बोर्ड्स, स्वच्छ रसोई घर, भवनों का रंग रोगन, रैंप एवं रेलिंग की व्यवस्था, स्कूलों में विद्युत की व्यवस्था, वाटर सप्लाई, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, लाइब्रेरी, फर्नीचर और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं से इन विद्यालयों को लैस किया गया है।  प्रोजेक्ट अलंकार से जर्जर भवन हुए आधुनिक इसी तरह माध्यमिक शिक्षा विभाग ने ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के तहत शैक्षणिक, सह शैक्षणिक, मूल अवस्थापना के लिए व्यापक पैमाने पर कार्य किया है। विद्यालयों में कक्षा-कक्ष, लैब, लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, वाई-फाई, स्मार्ट क्लास और फर्नीचर की व्यवस्था की गई है। वहीं खेल का मैदान, ओपन जिम, बहुउद्देशीय हॉल, आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष, व्यावसायिक शिक्षा कक्ष और बैंड तथा साउंड सिस्टम उपलब्ध कराया गया है। मूलभूत अवस्थापना में प्रिंसिपल रूम, स्टाफ कक्ष, पेयजल, बालक, बालिका शौचालय, चहारदीवारी और कार्यालय कक्ष का निर्माण कराया गया है। अन्य अवस्थापना में बजली, बायोमेट्रिक मशीन, सीसीटीवी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सोलर पैनल स्थापना, फायर इंस्ट्रूमेंट और साइकिल स्टैंड से सुसज्जित किया गया है।  2017 से पहले जर्जर थी पूरी शिक्षा व्यवस्था  2017 से पहले की स्थिति पर नज़र डालें तो अधिकांश विद्यालयों की हालत बेहद खराब थी। भवन जर्जर हो चुके थे और बच्चों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही थीं। इसके चलते विद्यालयों में बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही थी और शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। लेकिन योगी सरकार की प्राथमिकता शिक्षा को सर्वोच्च स्थान देने की रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों को गुणवत्ता आधारित, समान और समावेशी शिक्षा देना सरकार का दायित्व है। इसी दृष्टि से ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ जैसी योजनाएं न केवल स्कूलों को नया रूप दे रही हैं बल्कि करोड़ों बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव भी रख रही हैं। आज गांवों के ये स्कूल केवल सरकारी भवन नहीं, बल्कि ग्राम सभा के सबसे सुंदर, सुरक्षित और सर्वसुविधा युक्त केंद्र बन चुके हैं। ग्रामीण अभिभावकों का भरोसा अब इन विद्यालयों पर और बढ़ा है। शिक्षा का यह कायाकल्प केवल स्कूलों की दीवारें नहीं बदल रहा, बल्कि प्रदेश का भविष्य गढ़ रहा है।    

कम पेट्रोल देने पर राजधानी पेट्रोल पंप के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज

 भोपाल  राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद स्थित राजधानी पेट्रोल पंप पर उपभोक्ताओं को कम पेट्रोल दिए जाने की शिकायत पर खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान गड़बड़ी पकड़ते हुए पंप संचालक पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि सोमवार को शिकायत मिली थी कि *राजधानी पेट्रो पाइंट पेट्रोल-डीजल पंप (बीपीसीएल)* पर ग्राहकों को तय मात्रा से कम पेट्रोल दिया जा रहा है। इसके बाद विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शिकायतकर्ता को भी बुलाकर बयान दर्ज किए। निरीक्षण में पेट्रोल के नोजल से प्रदाय की मात्रा की जांच की गई और पेट्रोल-डीजल का भौतिक सत्यापन हुआ। इस दौरान *स्पीड पेट्रोल 528 लीटर अधिक भंडारित* पाया गया, जिसे जब्त कर लिया गया। टीम ने पाया कि पंप पर मशीनों की संख्या भी लाइसेंस के अनुसार नहीं है। इसके अलावा मौके पर पेट्रोल-डीजल में पानी की जांच की गई और यह भी पाया गया कि पंप पर बिना हेलमेट उपभोक्ताओं को पेट्रोल दिया जा रहा था। पूरी कार्रवाई पंप मालिक के बेटे आमिर खान की मौजूदगी में की गई।  

बारिश से बिगड़े हालात, हरियाणा के एक जिले में घर से काम करने की अपील

हरियाणा  हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में सोमवार को भारी बारिश हुई तथा अधिकारियों ने आने वाले दिनों में और बारिश होने के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कई एहतियाती कदम उठाये हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण सोमवार को यमुना समेत कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ गया, जिसके बाद अधिकारियों को यमुनानगर जिले में हथिनीकुंड बैराज के द्वार खोलने पड़े। एहतियात के तौर पर, कुछ प्रभावित इलाकों में मंगलवार को स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है।  वर्क फ्रॉम होम बना सहारा बारिश और ट्रैफिक जाम की स्थिति को देखते हुए गुरुग्राम की कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दे दी है। राजीव चौक, सोहना रोड और गोल्फ कोर्स रोड जैसे क्षेत्रों में पानी भरने से ट्रैफिक कई घंटों तक जाम रहा। मौसम को देखते हुए, ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने स्कूलों को  02-09-2025 को ऑनलाइन क्लास चलाने का आदेश दिया।  डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन लोगों से अपील करता है कि वे मौसम को देखते हुए सावधानी बरतें, बिना ज़रूरत घर से बाहर न निकलें और प्रशासन के नियमों का पालन करें। वहीं पिछले कुछ दिनों से चंडीगढ़ में हो रही भारी बारिश के कारण शहर के सभी स्कूल मंगलवार को बंद रहेंगे।  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए उपायुक्तों के साथ बैठक की और राज्य भर में बारिश व बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि जिन जिलों में स्कूल बंद करने के आदेश हैं, वहां ‘पूरी तरह से स्कूल बंद’ हों। 

भोपाल एयरपोर्ट यात्री संख्या में उछाल, फिर भी 1.5 लाख के नीचे

भोपाल  लगातार बारिश होने एवं वेडिंग सीजन नहीं होने के कारण भोपाल से हवाई सफर करने वालों की संख्या उम्मीद के अनुरूप नहीं बढ़ पा रही है। हालांकि, जुलाई के मुकाबले अगस्त में यात्री बढ़े हैं लेकिन एयरपोर्ट अथॉरिटी की तमाम कोशिशों के बावजूद संख्या डेढ़ लाख तक नहीं पहुंच सकी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार अगस्त माह में भोपाल से कई शहरों तक जाने वाले यात्रियों की संख्या एक लाख 17 हजार 293 दर्ज की गई है। जुलाई माह देश के विभिन्न शहरों की ओर आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या एक लाख 16 हजार 123 थी। जुलाई माह के मुकाबले अगस्त में एयरक्राफ्ट मूवमेंट कम हुआ है। यानि पैसेंजर लोड बढ़ रहा है। गोवा सहित कई उड़ानें बंदसमर शेड्यूल के दौरान भोपाल से गोवा, लखनऊ एवं प्रयागराज उड़ान बंद कर दी गई थी। इंडिगो ने दिल्ली की एक उड़ान कम कर दी थी बेंगलुरू एवं रायपुर उड़ान उड़ान के फेरे कम हुए हैं। इस कारण यात्री कम हुए है। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के अनुसार जल्द ही एक अतिरिक्त दिल्ली एवं अहमदाबाद उड़ान शुरू हो रही है। रायपुर एवं बेंगलुरू उड़ान अब प्रतिदिन संचालित होगी। इससे यात्री संख्या बढ़ेगी। यात्रियों की संख्या, विमानों के फेरेमाह वर्ष यात्री संख्या विमानों के फेरे मई 2025 140, 621 136, 6 जून 2025 136, 675 109, 3 जुलाई 2025 116, 123 110, 6 अगस्त 2025 117,293 1061

बाल विवाह मिटाने की दिशा में MP अग्रणी, जस्ट राइट्स संस्था का 2030 का लक्ष्य

भोपाल जस्ट राइट्स फार चिल्ड्रेन संस्था ने भारत को वर्ष 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य तय किया है। संस्था के संस्थापक भुवन ऋभु ने सोमवार को आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश इस दिशा में अग्रिम मोर्चे पर है। संस्था की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 41 जिलों में अब तक 36,838 बाल विवाह रोके गए, 4,777 बच्चों को बाल तस्करी से मुक्त कराया गया, और 1200 से अधिक यौन शोषण पीड़ित बच्चों की मदद की गई। मध्य प्रदेश अव्वल भुवन ऋभु ने कहा कि मध्य प्रदेश की सात करोड़ तीस लाख की आबादी में लगभग 40 प्रतिशत बच्चे हैं। इतनी बड़ी आबादी में बच्चों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है, लेकिन राज्य ने इस दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह, बाल तस्करी और यौन हिंसा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार और नागरिक समाज ने मिलकर तेजी से कार्य किया है। संस्था ने 2023 से अगस्त 2025 तक के आंकड़े प्रस्तुत किए हैं। भुवन ऋभु ने यह भी याद दिलाया कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य था, जिसने बच्चियों के साथ दुष्कर्म पर मौत की सजा का प्रावधान किया था। अब वही सख्ती बाल विवाह के मामलों पर भी दिखाई जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (PCMA) एक धर्मनिरपेक्ष कानून है, जो बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसे धार्मिक विश्वासों या पर्सनल लॉ से कमतर मानना बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ होगा।

मध्य प्रदेश में बाढ़ खतरा, इटारसी तवा डैम के गेट खुले, टीकमगढ़ में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

भोपाल  स्ट्रॉन्ग सिस्टम के एक्टिव होने से मध्य प्रदेश में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार को 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, धार, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है।। भोपाल,  इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।सोमवार को भोपाल, रतलाम, दमोह, ग्वालियर समेत 26 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई।  नर्मदापुरम जिले के इटारसी में रुक-रुक कर तेज और रिमझिम बारिश हो रही है। जलस्तर बढ़ने पर तवा डैम के 3 गेट दो-दो फीट की ऊंचाई तक खोले गए हैं। यह इस सीजन में दूसरी बार है, जब बांध के गेट खोले गए हैं। डैम के एसडीओ एनके सूर्यवंशी के अनुसार, डैम से 10,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसका जलस्तर 1164.50 मीटर पर बना हुआ है। इससे पहले सोमवार देर शाम टीकमगढ़ में 20 लोग धसान नदी के बरा घाट पर फंस गए थे। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने उनको सुरक्षित रेस्क्यू किया। ये सभी कुडीला थाना क्षेत्र के निवासी हैं। धसान नदी में रेत का अवैध खनन करने गए थे। इसी दौरान जलस्तर बढ़ने से फंस गए थे। मौसम विभाग के मुताबिक, जिन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है, उनमें उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, धार, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। दमोह में सबसे ज्यादा 2.6 इंच पानी गिरा पिछले 24 घंटे के दौरान मध्यप्रदेश के 32 से अधिक जिलों में बारिश का दौर रहा। सबसे ज्यादा दमोह में 2.6 इंच पानी गिर गया। रतलाम, श्योपुर-दतिया में डेढ़ इंच, ग्वालियर में सवा इंच, गुना में 1 इंच और भोपाल में आधा इंच बारिश हो गई। सिवनी, बैतूल, मंडला, रायसेन, छतरपुर, शिवपुरी, टीकमगढ़, सीधी, इंदौर, सागर, नर्मदापुरम, उमरिया, जबलपुर, खंडवा, सतना, छिंदवाड़ा, बालाघाट, नरसिंहपुर, भिंड, निवाड़ी, मंदसौर, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, विदिशा समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा। दमोह में 2.3 इंच पानी गिरा सोमवार को सबसे ज्यादा दमोह में 2.3 इंच पानी गिर गया। रतलाम-दतिया में डेढ़ इंच, ग्वालियर में पौन इंच और भोपाल में आधा इंच बारिश हो गई। बैतूल, इंदौर, पचमढ़ी, गुना, शाजापुर, भिंड, निवाड़ी, छतरपुर, बालाघाट, मंदसौर, सतना, नर्मदापुरम, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, नौगांव, सागर, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया, बालाघाट में भी बारिश का दौर बना रहा। इस लिए हो रही तेज बारिश मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश के उत्तरी हिस्से में दो ट्रफ गुजर रही हैं। इस वजह से सोमवार को कई जिलों में तेज बारिश का दौर रहा। मंगलवार को भी सिस्टम का असर देखने को मिलेगा। प्रदेश में बारिश का कोटा फुल मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक 37.8 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 102 प्रतिशत है। वहीं, अब तक 31.2 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। इस बार बारिश के मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां 56 इंच बारिश हो चुकी है। गुना में 24 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मंडला में 54.2 इंच बारिश हो चुकी है। श्योपुर में साढ़े 52.4 इंच, अशोकनगर में 51.8 इंच और रायसेन में 51.5 इंच पानी गिरा है। वहीं, सबसे कम बारिश वाले 5 जिले इंदौर और उज्जैन संभाग के हैं। इंदौर में सबसे कम 21.3 इंच बारिश हुई है। शाजापुर में 21.6 इंच, खरगोन में 22.6 इंच, खंडवा में 23 इंच और बड़वानी में 24.2 इंच पानी गिरा है।  रतलाम में गांव डूबा, मुरैना में तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार मानसून ट्रफ की एक्टिविटी इस समय प्रदेश में है। सोमवार को सबसे ज्यादा दमोह में 2.3 इंच पानी गिर गया। रतलाम-दतिया में डेढ़ इंच, ग्वालियर में पौन इंच और भोपाल में आधा इंच बारिश हो गई। बैतूल, इंदौर, पचमढ़ी, गुना, शाजापुर, भिंड, निवाड़ी, छतरपुर, बालाघाट, मंदसौर, सतना, नर्मदापुरम, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, नौगांव, सागर, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया, बालाघाट में भी बारिश का दौर बना रहा। मुरैना के अंबाह में तिरपाल ढांककर अंतिम संस्कार किया गया। दमोह में एक मकान गिर गया। मलबे में दबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। उसकी पत्नी घायल है, जिसे अस्पताल ले जाया गया। भोपाल में रुक-रुककर कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश जारी रही। रतलाम के धोलावाड़ डैम के तीन गेट खोलने पड़े। पलसोड़ा गांव पानी में पूरी तरह डूब गया। लोग छतों पर चढ़कर बैठे रहे। उसरगार और अमलेटा गांव के बीच नाले की पुलिया धंसने से ट्रैफिक रुक गया। उपलई गांव में एक कार पलट गई। ग्रामीणों ने कार सवार लोगों को बाहर निकाला। वर्तमान में सक्रिय है कई मौसम प्रणालियां     वर्तमान में मानसून ट्रफ़ माध्य समुद्र तल परम गंगानगर, पिलानी, दतिया, सतना, डाल्टनगंज, दीघा से होकर पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और संलग्न म्यांमार तट पर माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर की ऊंचाई पर सक्रिय है, जो ऊँचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है।     24 घंटों में उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पश्चिम राजस्थान और निकटवर्ती क्षेत्रों पर माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है।     एक ट्फ़ उत्तर-पश्चिम राजस्थान और निकटवर्ती क्षेत्रों पर बने चक्रवातीय परिसंचरण से, उत्तर एमपी, दक्षिण यूपी होकर झारखंड तक माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की उंचाई पर विस्तृत है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पश्चिम एमपी और निकटवर्ती क्षेत्रों पर माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय उपरोक्त ट्रफ़ में विलीन हो गया है। 5 सितंबर तक जारी रहेगा वर्षा का दौर 2 सितंबर: राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, धार, रतलाम, उज्जैन, आगर, गुना, शिवपुरी, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी में भारी वर्षा, झंझावत और वज्रपात। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, खरगौन, बड़वानी, … Read more

रेप आरोपी विधायक के बयान से AAP में बढ़ी खींचतान, पंजाब बनाम दिल्ली का विवाद उभरा

चंडीगढ़  क्या आम आदमी पार्टी में पंजाब बनाम दिल्ली की जंग छिड़ी हुई है? इसे लेकर तमाम कयास रहे हैं और विपक्षी दल तो हमेशा आरोप लगाते रहे हैं कि पार्टी की दिल्ली टीम भगवंत मान सरकार पर हावी है और उन्हें काम नहीं करने दे रही। इस बीच रेप के आरोपी फरार विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी ऐसे ही बातें की हैं। उन्हें पंजाब पुलिस करनाल में गिरफ्तार करने उनके एक रिश्तेदार के घर तक पहुंच गई थी, लेकिन वह वहां से भाग निकले। यही नहीं इससे पहले ही एक वीडियो जारी कर पठानमाजरा ने आरोप लगाया कि AAP की दिल्ली टीम मुझे दबा रही है। पठानमाजरा ने गिरफ्तारी से पहले एक वीडियो जारी कर कहा था कि पंजाब पुलिस ने मेरी पूर्व पत्नी से जुड़े एक पुराने मामले में रेप केस दर्ज किया है। इस तरह उनका आरोप है कि मुझे जानबूझकर फंसाने के लिए एक पुराने केस को खोला गया है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी टीम पंजाब पर हावी होने की कोशिश कर रही है और मेरी आवाज दबाई जा रही है। उन्हें उनके करनाल में रहने वाले एक रिश्तेदार गुरनाम सिंह लाडी के यहां गिरफ्तार करने के लिए पंजाब की पुलिस पहुंची थी। लाडी हरियाणा में सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य हैं और उनका राजनीतिक वजूद भी है। पठानमाजरा के बारे में जानकारी जुटाते हुए पुलिस करनाल में लाडी के घर तक पहुंची तो पठानमाजरा यहां से भी भाग निकले। पठानमाजरा और उनके साथी एक स्कॉर्पियो और एक फॉर्च्यूनर में फरार हो गए, जिनमें से पुलिस ने फॉर्च्यूनर को पकड़ लिया है, जबकि पुलिस टीम स्कॉर्पियो में फरार विधायक का पीछा कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि विधायक घर की दीवार फांदकर उस वक्त भाग निकले, जब पुलिस अंदर आ ही रही थी। हालांकि किसी भी तरफ से किसी तरह की फायरिंग आदि नहीं हुई है। पुलिस ने उनका पीछा करने की कोशिश की, लेकिन पकड़ नहीं पाई। फिलहाल पठानमाजरा की तलाश जारी है। दूसरी पत्नी ने क्या आरोप लगाया था, जिस पर केस हुआ दर्ज दरअसल पूर्व पत्नी से जुड़े एक पुराने मामले रेप के तहत आरोपी बनाए गए पंजाब की सन्नौर विधानसभा सीट से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा पुलिस हिरासत से फरार हो गए हैं। दरअसल पठानमाजरा पर 2022 में उनकी दूसरी पत्नी गुरप्रीत कौर ने पहली शादी छिपाने और मारपीट का आरोप लगाया था। एक कथित अश्लील वीडियो के वायरल होने के बाद भी वे सुर्खियों में रहे थे। अब उनके खिलाफ ऐक्शन हुआ है तो उनका कहना है कि दिल्ली की AAP टीम मुझे दबाने का प्रयास कर रही है।  

रायुपर : कुसमी नहर विस्तार कार्य हेतु करीब 76 लाख रुपये स्वीकृत

रायुपर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा रायपुर जिले की महानदी परियोजना के अतंर्गत शाखा नहर के गोड़ा से कुसमी (आर.सी.सी ट्रफ) नहर के विस्तार कार्य के लिए 75 लाख 98 हजार रुपये स्वीकृत किये है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर क्षेत्रीय किसानों को 80 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से योजना के कार्य पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता महानदी परियोजना जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

घोड़ा मालिक और हैदराबाद कंपनी के खिलाफ FIR, जबलपुर में 19 घोड़ों की मौत

जबलपुर : एमपी के जबलपुर में हैदराबाद से आए विभिन्न नस्लों के घोड़ों की मौत का मामला अब पुलिस थाने पहुंच गया है। बीते 20 दिन में आधा दर्जन घोड़ों की मौत के बाद मरने वाले घोड़ों की कुल संख्या 19 पर पहुंच गई है। पशु पालन विभाग ने आखिर 4 महीने बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई हैं। जबलपुर के रैपुरा ग्राम स्थित ठाकुर फार्म में हैदराबाद से चार महीने पहले 57 एलीट घोड़ों को व्यावसायिक उपयोग के लिए लाया गया था। इनमें से अभी तक कुल 19 घोड़ों की रहस्यमयी तरीके से मौत हो चुकी है। हालांकि पूर्व में जब घोड़ों की मौतों पर हो—हल्ला मचा था उस समय जांच में एक घोड़े में ग्लैंडर्स बीमारी के लक्षण पाए गए थे। अब फिर से आधा दर्जन घोड़ों की मौत से पशु पालन विभाग सहित प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में रैपुरा फॉर्म संचालक और हैदराबाद की हेथा नेट इंडिया प्राइवेट कम्पनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पहले जारी की थी प्रेस रिलीज 23 मई को कलेक्टर ने प्रेस रिलीज जारी की थी और इसमें लिखा था कि 29 अप्रैल से 3 मई के बीच तिवारी घोड़े लेकर जबलपुर आए। उन्होंने ही इलाज के लिए आवेदन दिया। इसके बाद इलाज शुरू हुआ और ब्लड सैंपल हिसार लैब भेजे गए। उस समय 44 घोड़े स्वस्थ बनाए गए, जबकि 9 की रिपोर्ट आना बाकी थी। प्रेस रिलीज में मेनका गांधी के निर्देशों का भी जिक्र था। क्यों पलटा प्रशासन 5 मई से 31 अगस्त तक प्रशासन और वेटरनरी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। लेकिन 1 सितम्बर को एफआईआर दर्ज कर दी गई। इसमें कहा गया कि घोड़े जबलपुर लाने या रखने की अनुमति प्रशासन या ग्राम पंचायत से नहीं ली गई। मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है, माना जा रहा है कि इसी वजह से चार महीने बाद कार्रवाई हुई। हरियाणा स्थित अनुसंधान केंद्र भेजे थे सैंपल पूर्व में जब एक महीने में 13 घोड़ों की मौत हुई थी उस समय बीमारी का पता लगाने के लिए घोड़ों के ब्लड सीरम सैंपल हरियाणा के हिसार स्थित राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र भेजे गए थे। अनुसंधान केन्द्र से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ एक घोड़े में ग्लैंडस के संभावित लक्षण पाए गए थे। घोड़े के स्वास्थ्य में सुधार होने के कारण जांच के लिए दोबारा सैंपल लैब में नहीं भेजे गए थे। रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई थी गौरतलब है कि हेथा नेट इंडिया प्राइवेट कम्पनी हैदराबाद से 29 अप्रैल से 3 मई के बीच 57 विभिन्न नस्लों के घोड़े को जबलपुर लाकर पनागर के रैपुरा ग्राम में रखा गया था। घोड़ों की तबीयत खराब होने के कारण केयरटेकर सचिन गुप्ता ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग को सूचित किया था। घोड़ों में ग्लैंडर्स बीमारी की सम्भावना तथा जूनोटिक रोगों की निगरानी व निदान के लिए नेशनल एक्शन प्लान के तहत जिला कलेक्टर ने रैपिड रिस्पांस टीम गठित करने के आदेश जारी किए थे। हाई कोर्ट में दायर हुई याचिका एनिमल लवर्स सिमरन इस्सर और अन्य ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। अब तक प्रशासन, वेटरनरी विभाग, राज्य सरकार और आरोपी पक्ष की ओर से करीब 1600 पेज का जवाब कोर्ट में दिया गया है। अगली सुनवाई अक्टूबर में होगी। 5 मई को सड़क के रास्ते लाए गए थे 57 घोड़े हैदराबाद से थोरो, काठियावाड़ी और मारवाड़ी प्रजाति के 57 घोड़े सड़क के रास्ते 5 मई को जबलपुर लाए गए थे। सभी को रैपुरा गांव में रखा गया। इनकी देखरेख के लिए स्टड फॉर्म मालिक सचिन तिवारी ने कुछ डॉक्टर और सेवक भी रखे। लेकिन 7 मई से 13 मई के बीच इनमें से 8 घोड़ों की मौत हो गई। उसके बाद एक-एक कर 5 और घोड़े मरे और एक और की मौत के साथ आंकड़ा 14 पहुंच गया। दो सप्ताह पहले तक बचे घोड़ों की संख्या 44 थी, लेकिन अब फिर 6 घोड़ों की जान चली गई और संख्या घटकर 38 रह गई है। 20 दिन में आधा दर्जन घोड़ों की फिर मौत रैपुरा ग्राम स्थित ठाकुर फार्म में रखे गए घोड़ों में से विगत 20 दिनों में आधा दर्जन घोड़ों की मौत हो गई थी। अभी तक 57 में से 19 घोड़ों की मौत हो चुकी है। घोड़े के केयर टेकर सचिन तिवारी ने पशुपालन विभाग की टीम को बताया गया था कि घोड़ों की मौत का कारण परिवहन के तनाव से हुई थी। घोड़ों की मौत को गंभीरता से लेते हुए पशुपालन विभाग ने पनागर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। केयर टेकर और कंपनी के खिलाफ FIR पनागर थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार ने मीडिया केा बताया है कि पशुपालन विभाग की शिकायत पर घोड़ों के केयर टेकर सचिन तिवारी, हेथा नेट इंडिया प्राइवेट कम्पनी के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। घोड़ों की मेडिकल जांच तथा डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उनका पुनर्वास पर निर्णय लेते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।