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सड़क पर मचा कोहराम, रोहतास में आमने-सामने भिड़ीं बाइकें, 3 की मौके पर मौत

पटना  बिहार में रोहतास जिले नासरीगंज थाना क्षेत्र के बरडीहां सिकडडी एसएच- 81 पर रविवार की देर रात दो बाइक की आमने- सामने की भीषण टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं एक अन्य घायल हो गया।  बाइक के उड़ गए परखच्चे घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि रविवार की देर रात दो मोटरसाइकिल मेदनीपुर तांतो टोला पेट्रोल पंप के समीप आमने- सामने की भीषण टक्कर हुई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना में कछवां थाना क्षेत्र के पहरमा निवासी वैधानाथ राम के पुत्र हिमांशु कुमार (16) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। अन्य घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने के दौरान ही काराकाट प्रखंड के मोथा निवासी स्व राम बच्चन कहार उर्फ धुमन के पुत्र रौशन कुमार उर्फ छोटन (30) की मौत हो गई।  वहीं इसी गांव के अवधेश पासी के पुत्र संतोष कुमार (22) को इलाज के लिए बनारस ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। जबकि, कछवां थाना क्षेत्र के पहरमा गांव निवासी बलिराम राम के पुत्र पवन कुमार (20) का बिक्रमगंज के अस्पताल में इलाज चल रहा है। सहायक पुलिस अधीक्षक और बिक्रमगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संकेत कुमार ने बताया कि इस दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकिं एक घायल का इलाज हो रहा है।   

पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद ‘लव जिहाद’ के दोनों आरोपी दबोचे गए

कुशीनगर (उप्र) कुशीनगर में स्कूली छात्राओं से छेड़छाड़ करने के दो वांछित बदमाशों को सोमवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद घायल अवस्था में पकड़ लिया गया। दोनों आरोपियों पर लड़कियों से छेड़छाड़ करने, सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकत करने और ‘लव जिहाद’ का आरोप है। इन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधीक्षक (एसपी) संतोष कुमार मिश्रा ने पत्रकारों को बताया कि रामकोला थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में असलम और जुल्फिकार नामक दो बदमाशों को गोली लगी है। पुलिस के अनुसार, दोनों बदमाश रामकोला थाना क्षेत्र के मोरवन बड़का टोला गांव के निवासी हैं। एसपी ने बताया कि दोनों बदमाशों पर स्कूलों के बाहर छेड़खानी, छींटाकशी करने और ‘हिंदू लड़कियों को फंसाने के लिए कलावा बांधकर खुद को हिंदू दिखाकर लव जिहाद’ का आरोप है। उन्होंने बताया कि इनके संबंध में शिकायत मिली थी जिसके आधार पर रामकोला थाने में प्राथमिकी दर्ज कर चार टीमों का गठन किया गया था। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 (आपराधिक बल प्रयोग कर लज्जा भंग करना), 78 (पीछा करने का अपराध), 296 (सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील कार्य), 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एसपी ने बताया कि इनके बारे में सूचना मिली और इसके बाद रामकोला थाना पुलिस, साइबर टीम, स्वाट टीम और अन्य स्थानों की पुलिस ने इन दोनों बदमाशों को घेर लिया। पुलिस के अनुसार, सोमवार तड़के लगभग चार बजे पुलिस टीम ने थाना रामकोला क्षेत्रान्तर्गत कुसुमहा पुलिया के पास घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया था, तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार लोगों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो उन्होंने पुलिस दल पर जान से मारने की नीयत से गोली चलायी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोलियां चलायी, जिसमें दोनों बदमाशों को गोली लगी और वे घायल हो गए। मौके पर उनके पास से दो अवैध तमंचा, कारतूस, एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल और 1, 100 रुपये नगद बरामद किए गए। घायल अभियुक्तों को उपचार के लिए पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल भेजा गया है। एसपी ने कहा कि कुशीनगर में महिलाओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस का अभियान जारी रहेगा।  

प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में बूस्टर डोज का काम करेगी यूपी की बौद्धिक सम्पदा

योगी सरकार यूपीआईटीएस-2025 के माध्यम से ने जा रही है यूपी की हस्तशिल्प की समृद्ध विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच भौगोलिक संकेत वाले प्रदेश के 60 जीआई उत्पाद होंगे यूपीआईटीएस में विशेष आकर्षण काशी व आसपास की समृद्ध हैंडीक्राफ्ट तथा हस्तशिल्पियों के हुनर वाले 32 जीआई टैग उत्पादों की चमक देखेगी दुनिया  यूपीआईटीएस से जीआई उत्पादों के कारोबार में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान- पद्मश्री रजनीकांत,जीआई मैन ऑफ इंडिया  वाराणसी उत्तर प्रदेश की कला और हस्तशिल्प की समृद्ध विरासत को योगी सरकार अंतर्राष्ट्रीय मंच देने जा रही है। यूपी सरकार 25 से 29 सितम्बर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन करा रही है। इस ट्रेड शो में प्रदेश के भौगोलिक संकेत वाले जीआई उत्पाद विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। यह न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि के परिचायक होंगे, बल्कि इसे 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस ट्रेड शो में काशी व आसपास की समृद्ध हैंडीक्राफ्ट की विरासत और हस्तशिल्पियों का हुनर वाले 32 जीआई टैग वाले उत्पादों की चमक दुनिया देखेगी। जीआई उत्पादों की प्रदर्शनी के लिए इंटरनेशनल ट्रेड शो में अलग से पवेलियन  की व्यवस्था होगी। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में कुल 77 जीआई टैग वाले उत्पाद हैं,  इसमें से 57 हस्तशिल्प और 20 कृषि एवं खाद्य उत्पाद जीआई पंजीकृत उत्पाद हैं।  काशी व आसपास के जनपदों के उत्पादों को मिलेगा बड़ा मंच उत्तर प्रदेश की बौद्धिक सम्पदा प्रदेश की इकोनॉमी को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में बूस्टर डोज का काम करेगी। प्रदेश की जीआई उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार दिलाने के लिए योगी सरकार इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन कर रही है। सरकार देश की परंपरागत हुनर और जीई उत्पादों को पुनर्जीवित करके इंटरनेशनल प्लेटफार्म पर ला रही है। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के जीआई उत्पादों और ओडीओपी के ब्रांड एम्बेसडर बनकर ब्रांडिंग और मार्केटिंग करते रहे हैं। इस विषय में अपर आयुक्त उद्योग उमेश कुमार सिंह ने बताया कि पांच दिवसीय यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के 60 जीआई पंजीकृत उत्पाद शामिल हो रहे हैं। जीआई उत्पादों को ट्रेड शो में अलग से स्थान दिया जा रहा है। सबसे ज्यादा काशी व आसपास के जनपदों  के जीआई टैग वाले उत्पाद ट्रेड शो के मंच पर देखने को मिलेगा।  उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान जीआई मैन ऑफ इंडिया के नाम से  जाने वाले पद्मश्री डॉ रजनीकांत ने  बताया कि इंटरनेशनल ट्रेड शो से जीआई उत्पादों के कारोबार में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। उन्होंने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में जीआई पंजीकृत उत्पादों के कारोबार से करीब 60 लाख लोग जुड़े हैं। इसका सालाना अनुमानित कारोबार लगभग 1 लाख करोड़ का है। पद्मश्री रजनीकांत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ट्रेड शो में प्रदेश के जीआई उत्पादों के शो केस करने के लिए अलग से स्थान दिए जाने पर आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश, देश का एकमात्र राज्य है, जहां सभी प्रमुख श्रेणी के जीआई उत्पाद हैं। हस्तशिल्प में सर्वाधिक जीआई प्राप्त उत्पाद भी उत्तर प्रदेश से ही हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में कुल 77 जीआई पंजीकृत उत्पाद हैं। हैंडीक्राफ्ट ,हैंडलूम और खाद्य उत्पादों के 60 जीआई टैग वाले उत्पाद ट्रेड शो में उपस्थिति दर्ज करेंगे, जिसमें सबसे ज्यादा 32 जीआई टैग वाले उत्पाद अकेले काशी और आसपास के जनपदों के हैं। ऐसे में, अब ये उत्पाद इंटरनेशनल ट्रेड शो में अपनी चमक बिखेरकर अंतर्राष्ट्रीय उड़ान भरने को तैयार हैं।

AK-47 समेत भारी हथियारों के साथ JJMP के 9 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष किया सरेंडर

लातेहार झारखंड पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। दरअसल आज यानी सोमवार लातेहार जिले में प्रतिबंधित संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) संगठन के नौ उग्रवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। नौ उग्रवादियों में एक जोनल कमांडर और चार उप-जोनल कमांडर शामिल हैं, जिन पर कुल 23 लाख रुपये का इनाम था। साथ ही उन्होंने  चार एके-47 राइफलों और तीन एसएलआर (सेल्फ लोडिंग राइफल) सहित बड़ी संख्या में हथियार और कारतूस भी पुलिस को सौंपे हैं। पुलिस के वरीय अधिकारयों द्वारा उन्हें गुलदस्ते, शॉल और माला पहनाकर सम्मानित किया गया। पुलिस के एक बयान में कहा गया है कि जेजेएमपी के जोनल कमांडर रविंद्र यादव पर पांच लाख रुपये का इनाम था और वह 14 मामलों में वांछित था। पुलिस ने बताया कि उसने दो एके-47, तीन राइफल और 1,241 कारतूस के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने बताया कि तीन उप-जोनल कमांडरों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम था । उनमें 10 मामलों में वांछित अखिलेश रविन्द्र यादव, नौ मामलों में वांछित बलदेव गंझू और 21 मामलों में वांछित मुकेश राम शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि एक अन्य उप-जोनल कमांडर, जिसकी पहचान पवन उर्फ ​​राम प्रसाद के रूप में हुई है, उसपर 3 लाख रुपये का इनाम था और वह तीन मामलों में वांछित था। आत्मसमर्पण करने वाले चार क्षेत्रीय कमांडर ध्रुव, विजय यादव, श्रवण सिंह और मुकेश गंझू थे, जो कुल नौ मामलों में वांछित थे।

अपनी मां संग सीएम के पास पहुंची कानपुर की बच्ची

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एडमिशन कराने का दिया निर्देश  इसके पहले सीएम के जनता दर्शन में पहुंचीं मुरादाबाद की वाची का भी हुआ प्रवेश, प्रतिष्ठित विद्यालय में ग्रहण कर रहीं शिक्षा आर्थिक कारणों से गोरखपुर की पंखुड़ी को शिक्षा में आ रही थी दिक्कत, सीएम से मिलकर बताई समस्या तो निर्बाध गति से चलने लगी पढ़ाई  लखनऊ कानपुर की मायरा सोमवार को अपनी मां नेहा के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बच्चे के एडमिशन की गुहार लगाई। मासूम मायरा को देख मुस्कुराते हुए सीएम ने पहले हालचाल जाना, फिर पूछा कि क्या बनना चाहती हो। इस पर मायरा ने जवाब दिया- डॉक्टर। यह सुन सीएम ने पहले उसे चॉकलेट दी, फिर अधिकारियों को एडमिशन कराने का निर्देश। गौरतलब है कि मुरादाबाद की वाची ने एडमिशन और गोरखपुर की पंखुड़ी ने फीसमाफी को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी। जिसके तत्काल बाद दोनों की समस्याओं का हल हो गया। अब दोनों बच्चियां अपने शहर के प्रतिष्ठित विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं।  सीएम ने मायरा से पूछा- स्कूल जाओगी, क्या बनोगी- दिया जवाब- डॉक्टर 'जनता दर्शन' में आते ही सीएम ने मायरा की मां से पूछा कि कहां से आए हैं, कहां एडमिशन कराना है। जिसका उन्होंने उत्तर दिया। इसके बाद मायरा से मुखातिब सीएम ने पूछा कि स्कूल जाओगी, किस क्लास में पढ़ोगी। अभी तक तो स्कूल गई नहीं है। क्या बनेगी- जिस पर उसने तपाक से जवाब दिया-डॉक्टर। बच्ची की मासूमियत पर सीएम मुस्कुरा उठे। सीएम ने अफसरों को एडमिशन के लिए निर्देश दिया।  मुख्यमंत्री के व्यवहार से प्रसन्नचित्त हुआ मायरा का परिवार कानपुर की नेहा सोमवार को बेटी मायरा को लेकर 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह बच्ची के एडमिशन के लिए 'जनता दर्शन' में पहुंचीं थीं। उन्होंने कानपुर के एक विद्यालय में एडमिशन का अनुरोध किया। मायरा का परिवार मुख्यमंत्री की सहृदयता का कायल हो गया। मीडिया से बातचीत में मायरा की मां ने कहा कि सीएम ने काफी अच्छे तरीके से हमारे परिवार की बात भी सुनीं और एडमिशन का आश्वासन दिया।  सीएम से एक मुलाकात में ही पूरे हुए थे वाची और पंखुड़ी के सपने  यह पहली बार नहीं है, जब कोई बच्ची अपने एडमिशन को लेकर मुख्यमंत्री से मिली। इसके पहले मुरादाबाद की वाची ने अपने माता-पिता के साथ जून में मुख्यमंत्री से 'जनता दर्शन' में मुलाकात की और अपने प्रवेश की गुहार लगाई। बेटी के प्रवेश को लेकर महीनों से परेशान वाची के माता-पिता जब मुख्यमंत्री के पास पहुंचे तो तीन घंटे के अंदर ही आरटीई के तहत वाची का मुरादाबाद के प्रतिष्ठित विद्यालय में प्रवेश हो गया। अब वाची वहां शिक्षारत हैं।  यही नहीं, जुलाई में गोरखपुर के पुर्दिलपुर निवासी पंखुड़ी त्रिपाठी ने भी परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए फीस माफी को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिया था कि उनकी पढ़ाई नहीं रुकेगी। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद विद्यालय ने उनकी फीस माफ कर दी। पंखुड़ी अब गोरखपुर के प्रतिष्ठित स्कूल में फिर से शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। 

मौर्य का हमला: अखिलेश यादव की ‘वोट अधिकार यात्रा’ बेअसर, नतीजा शून्य

लखनऊ उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘वोट अधिकार यात्रा’ में यादव की हालत ‘न तीन में न तेरह में’ जैसी ही रही। मौर्य ने एक प्रचलित मुहावरे का प्रयोग करते हुए सोमवार को “एक्स” पर एक पोस्ट में कहा, “बिहार में नितांत असफल ‘वोट अधिकार यात्रा’ में सपा बहादुर श्री अखिलेश यादव की हालत ‘न तीन में न तेरह में’ जैसी ही रही।” “न तीन में न तेरह में” मुहावरे का मतलब जिसका कोई लेना-देना न हो, या जो किसी बात से बिलकुल ही अप्रासंगिक हो। मौर्य ने पोस्ट में कहा, “जिस पार्टी का बिहार की धरती पर न कोई अतीत है, न वर्तमान और न कोई भविष्य। उनका बिहार से संबंध केवल श्री लालू प्रसाद यादव के परिवार से नातेदारी तक सीमित है। बिहार की जनता इनकी ख़ातिरदारी का बेसब्री से इंतजार कर रही है। इसकी बानगी आने वाले चुनाव में मिलेगी।” समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल हुए थे और बिहार की जनता का आह्वान किया कि वह ‘मगध’ (बिहार) में भी उसी तरह भारतीय जनता पार्टी को हराये, जैसे पिछले लोकसभा चुनाव में लोगों ने उसे ‘अवध’ (फैजाबाद-अयोध्या) में हराया था। उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने निर्वाचन आयोग को ‘जुगाड़ आयोग’ बना दिया है। यादव ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के तहत आरा (भोजपुर) में आयोजित एक सभा में उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कहा, ‘‘हम लोगों ने मिलकर अवध में हराया था, इस बार मगध में भारतीय जनता पार्टी को हराने की जिम्मेदारी आपकी है।’’ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव सारण से इस यात्रा का हिस्सा बने।  

राहुल गांधी केस अपडेट: सुनवाई की नई तारीख 3 सितंबर तय

प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के लिए तीन सितंबर की तिथि सोमवार को तय की। राहुल गांधी ने वाराणसी के विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया है। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) ने राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग वाली एक याचिका नए सिरे से सुनवाई करने के लिए एसीजेएम की अदालत के पास भेज दिया जिसके खिलाफ राहुल गांधी ने इस उच्च न्यायालय का रुख किया है। यह मामला अमेरिका में सिखों के संबंध में 2024 में दिए गए एक बयान से जुड़ा है। शिकायतकर्ता नागेश्वर मिश्रा के वकील के अनुरोध पर न्यायमूर्ति समीर जैन ने सोमवार को सुनवाई टाल दी और अगली तिथि तीन सितंबर तय की। वाराणसी के नागेश्वर मिश्रा नाम के एक व्यक्ति ने वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) के समक्ष एक आवेदन किया था जिसने 28 नवंबर, 2024 को इस मामले में सुनवाई के बाद राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग वाले आवेदन को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि उक्त भाषण अमेरिका में दिया गया, इसलिए यह मामला उनके न्यायिक क्षेत्र से बाहर का है। अदालत द्वारा मामला खारिज किए जाने को राव ने पुनरीक्षण अदालत के समक्ष चुनौती दी जिसने उनकी पुनरीक्षण याचिका स्वीकार कर ली और एसीजेएम को इस मामले में नए सिरे से सुनवाई करने का निर्देश दिया। यह मामला सितंबर, 2024 का है। अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि भारत में सिखों के लिए माहौल अच्छा नहीं है। उनके इस बयान को लेकर विरोध हुआ था और इसे भड़काऊ और विभाजनकारी बताया गया था। वाराणसी के निवासी नागेश्वर मिश्रा ने इस बयान के खिलाफ वाराणसी के सारनाथ थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन जब वह सफल नहीं हुए तो उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अदालत में एक आवेदन दाखिल किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 28 नवंबर, 2024 को यह कहते हुए उनका आवेदन खारिज कर दिया था कि यह मामला अमेरिका में दिए गए भाषण से जुड़ा है और यह उनके न्यायिक क्षेत्र से बाहर का है। इसके बाद, नागेश्वर मिश्रा ने सत्र न्यायालय में एक पुनरीक्षण याचिका दायर की जिसे अदालत द्वारा 21 जुलाई, 2025 को स्वीकार कर लिया गया। अब राहुल गांधी ने इस निर्णय के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक पुनरीक्षण याचिका दायर की है जिसमें दलील दी गई है कि वाराणसी की अदालत का आदेश गलत, अवैध और न्यायिक क्षेत्र से बाहर का है।  

प्रकृति और‍विज्ञान के संतुलन पर केन्द्रित भारतीय परम्पराओं का गौरवपूर्ण प्रतीक है वैदिक घड़ी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारत के गौरवपूर्ण समय को पुनर्स्थापित करेगी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रकृति और‍विज्ञान के संतुलन पर केन्द्रित भारतीय परम्पराओं का गौरवपूर्ण प्रतीक है वैदिक घड़ी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी और ऐप का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं के मोबाइल में डाउनलोड करवाया विक्रमादित्य वैदिक क्लॉक ऐप मुख्यमंत्री निवास पहुंची शौर्य स्मारक से आरंभ हुई भारत का समय-पृथ्वी का समय रैली मुख्यमंत्री निवास में स्थापित की गई विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतवर्ष ने अपने ज्ञान से सम्पूर्ण ब्रह्मांड को अलौकिक किया है। कालगणना की पद्धति 300 साल पहले तक हमारे देश से दुनिया तक जाती थी। भारतीय संस्कृति का प्रत्येक पहलु प्रकृति और विज्ञान का ऐसा विलक्षण उदाहरण है, जो विश्व कल्याण का पोषक है। इन्हीं धरोहरों के आधार पर निर्मित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय परम्परा का गौरवपूर्ण प्रतीक है। इस घड़ी के माध्यम से भारत के गौरवपूर्ण समय को पुनर्स्थापित किया जा रहा है। विरासत-विकास-प्रकृति और तकनीक के संतुलन का प्रकटीकरण विक्रमादित्य वैदिक घड़ी से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के अनावरण और उसके ऐप लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राजा भोज पर यूट्यूब सीरीज के फोल्डर और खगोल विज्ञान पर फिल्म सीडी का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास के नवनिर्मित द्वार पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का मंत्रोच्चार के बीच अनावरण किया। इस अवसर पर शौर्य स्मारक से आरंभ हुई 'भारत का समय-पृथ्वी का समय' रैली मुख्यमंत्री निवास पहुंची। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रैली में शामिल युवाओं का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के ऐप का लोकार्पण, राजा भोज पर निर्मित यू-ट्यूब सीरीज के फोल्डर का विमोचन और खगोल विज्ञान पर केन्द्रित फिल्म की सीडी का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैदिक घड़ी के उपयोग को प्रोत्साहित करने का आहवान किया और उपस्थित युवाओं से मोबाइल में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐप भी डाउनलोड करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर वैदिक घड़ी भेंट की गई। भारतीय कालगणना में ऋतुओं के प्रभाव का विशेष महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि सनातन संस्कृति के व्रत, त्यौहार अंग्रेजी कैलेंडर के आधार पर नहीं आते, उनकी गणना में ऋतुओं का प्रभाव शामिल है। सावन-भादो-कार्तिक माह का प्रभाव हम सब अपने जीवन में अनुभव कर रहे हैं। पूर्णिमा और अमावस्या का समुद्र पर प्रभाव ज्वार-भाटा से आंका जा सकता है, इससे हमारी तिथियों की सत्यता भी प्रमाणित होती है। मानसिक रोगियों पर अमावस्या और पूर्णिमा का प्रभाव चिकित्सा शास्त्र भी स्वीकार करता है। मानव शरीर संरचना में 70 प्रतिशत जल का अंश है, जो अमावस्या और पूर्णिमा पर प्रभावित होता है। इसी का परिणाम है कि मानसिक चिकित्सालयों को अमावस्या और पूर्णिमा पर विशेष सतर्कता बरतने के स्थाई निर्देश हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय शास्त्रों में समय की गणना सूक्ष्मतम स्तर तक की गई है। सनातन संस्कृति में सूर्योदय से सूर्योदय तक की गणना का विधान है। इस प्राचीन गणना में 30 मुहूर्त हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में विभिन्न सिद्धांतों पर विचार-विमर्श के लिए कोई बंधन या दंड नहीं है, जबकि कालगणना पर वैचारिक मतभेद के कारण मृत्युदंड देने का उद्धरण पश्चिम के इतिहास में मिलता है। पंचांग भारतीय कालगणना की शुद्धता और सटीकता का हैं जीवंत उदाहरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खगोलीय अध्ययन के लिए सूर्य से बनने वाली छाया के आधार पर सूर्य की गति की गणना की गई। उन्होंने बताया कि भारत का केन्द्र उज्जैन है और उज्जैन का केन्द्र वर्तमान में डोंगला में स्थित है। डोंगला का प्रसंग भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा से जुड़ता है। संभवत: डोंगला के इस महत्व से ही भगवान श्रीकृष्ण का आगमन हुआ था। पंचांग भारतीय कालगणना की शुद्धता और सटीकता का जीवंत उदाहरण हैं। पंचांग के विद्वान चंद्रग्रहण, सूर्यग्रहण, तिथि, नक्षत्र, वार, व्रत, त्यौहार और मुहूर्तों की जानकारी वर्तमान में भी त्वरित रूप से उपलब्ध कराते हैं। प्रदेशवासियों द्वारा दिया गया अधिकार और लोगों का भरोसा ही हमारी सरकार का आधार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास के द्वार पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री निवास केवल मुख्यमंत्री का नहीं, अपितु सभी प्रदेशवासियों की धरोहर है। प्रदेशवासियों द्वारा दिया गया अधिकार और लोगों का भरोसा ही हमारी सरकार का आधार है। भारतीय संस्कृति के अतीत के गौरवशाली पृष्ठों का प्रकटीकरण हमारा दायित्व है। इसी का परिणाम है कि हमारी कालगणना का केन्द्र उज्जैन है, परंतु कालगणना की पद्धति की जानकारी प्रदेश की राजधानी में हो, इसके लिए प्रयास करते हुए विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना भोपाल में की गई। भारतीय कालगणना की पद्धति की जानकारी का वैश्विक रूप से भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैदिक घड़ी के ऐप के माध्यम से हम अपने मोबाइल में वैदिक घड़ी का संचालन कर सकते हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा और संस्कृति विभाग के इस आयोजन में योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि हम आजादी के अमृतकाल में चल रहे हैं। पूरी दुनिया का समय बदल रहा है, पश्चिम के बाद अब पूर्व का समय आया है। प्रधानमंत्री मोदी विश्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए हैं प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने दृष्टिकोण को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। भारत का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। उन्हीं के प्रयासों से वर्ष 2014 में दुनिया के अंदर यूनेस्को के माध्यम से योग को पुनर्स्थापित किया गया। भारत का ज्ञान, कौशल और विशेषता केवल भारत के लिए नहीं है, यह समूची मानवता के लिए है। भारत का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए इस भाव से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम निरंतर सक्रिय और अग्रसर हैं। सुशासन के उच्चतम मापदंडों के आधार पर वर्तमान व्यवस्थाओं का हो रहा है संचालन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुशासन के आधार पर ही विक्रमादित्य काल वर्तमान समय तक याद किया जाता है। सुशासन के इन्हीं उच्चतम मापदंडों के आधार पर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्तमान में व्यवस्थाओं का संचालन हो रहा है। उनके प्रत्येक निर्णय से देश … Read more

मुख्यमंत्री साय ने बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई और जमीनी सर्वेक्षण

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और बस्तर का हवाई सर्वेक्षण एवं जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर सहायता पहुँचना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी स्तरों पर संवेदनशीलता तथा तत्परता आवश्यक है। मुख्यमंत्री साय दंतेवाड़ा के चूड़ीटिकरा पारा में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर पहुँचे, जहाँ उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि शिविरों में पर्याप्त भोजन, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित आवास की व्यवस्था निरंतर बनी रहे। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए और उनके पुनर्वास के कार्य प्राथमिकता के आधार पर तेजी से किए जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि राहत शिविरों में सभी जरूरी व्यवस्थाओं के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को राशन, बर्तन और कपड़े जैसे आवश्यक सामग्री भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों को आवश्यकता अनुसार मकान की मरम्मत अथवा नए मकान निर्माण के लिए सहायता राशि समय पर देने के निर्देश दिए। श्री साय ने कलेक्टर एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को बाढ़ से हुई फसल क्षति, पशुधन हानि सहित अन्य नुकसानों का शीघ्र आंकलन कर प्रभावितों को सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल का भी निरीक्षण किया और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था तथा पुनर्निर्माण कार्यों की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की शीघ्र बहाली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ कठिनाई अवश्य लाती हैं, परंतु प्रशासनिक तत्परता और जनसहयोग से इन कठिनाइयों का समय पर समाधान संभव है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष देखभाल की जाए तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य शिविर का जायजा लिया मुख्यमंत्री साय ने यहाँ लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल टीम से दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों की तैनाती और मरीजों को दी जा रही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद करते हुए यह भी पूछा कि क्या वे प्रशासन की मदद से संतुष्ट हैं। प्रभावितों ने जिला प्रशासन के त्वरित सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। साय ने बाढ़ प्रभावितों की स्वास्थ्य जांच, बीमारों के उपचार और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता के बारे में मौजूद अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्थिति सामान्य होने तक बाढ़ प्रभावितों को शिविर में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ के बाद संभावित उल्टी-दस्त तथा अन्य जलजनित मौसमी बीमारियों पर निरंतर निगरानी रखने और बचाव हेतु पेयजल स्रोतों का अनिवार्य रूप से क्लोरीनेशन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने आमजन को पीने के शुद्ध पानी का उपयोग करने, स्वच्छता एवं साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को प्रभावित वार्डों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

किसानों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी पहल रू इस माह मिलेगा 60 हजार टन अतिरिक्त यूरिया

चालू खरीफ सीजन में अब तक 6.39 लाख टन यूरिया वितरित, गत वर्ष इसी अवधि में हुआ था 6.17 लाख टन का वितरण राज्य में यूरिया और अन्य रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध, किसानों की मांग पर केंद्र सरकार ने स्वीकृत किया अतिरिक्त आबंटन रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर किसानों के हित में एक बड़ी राहत मिल रही है। भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 60 हजार टन अतिरिक्त यूरिया का आबंटन स्वीकृत किया है। इसमें सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में 20 हजार टन, द्वितीय सप्ताह में 35 हजार टन और शेष 5 हजार टन की आपूर्ति माह के अंत तक सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों की हर आवश्यकता पर राज्य सरकार संवेदनशील है और यह अतिरिक्त आबंटन उनकी खरीफ फसलों को सुरक्षित रखने में सहायक होगा। मार्कफेड अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 28 अगस्त की स्थिति में सहकारी क्षेत्र में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन, इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण किया गया है। इसके विरुद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किया जा चुका है। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 मीट्रिक टन सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है। यह आँकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुए 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन वितरण से अधिक है, जो इस बार की बेहतर आपूर्ति व्यवस्था का प्रमाण है। प्रदेश में किसानों के लिए नैनो खाद की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 और निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140, इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल नैनो यूरिया का भंडारण हुआ है। इसी प्रकार सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 और निजी क्षेत्र में 79 हजार 810, कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल नैनो डीएपी संग्रहित किया गया है। अब तक किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल नैनो यूरिया और 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल नैनो डीएपी वितरित किया जा चुका है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार ने 14.62 लाख टन रासायनिक खाद का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके विरुद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख टन का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के आधार पर किसानों को अब तक 13.19 लाख टन खाद वितरित किया गया है। यह व्यवस्था बताती है कि समितियों और निजी क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं और किसानों को किसी तरह की कठिनाई नहीं होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद की आपूर्ति उनकी समयबद्ध जरूरतों के अनुरूप प्राथमिकता से की जा रही है। अब तक निर्धारित लक्ष्य का 98 प्रतिशत यूरिया किसानों तक पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि किसानों को मौसम और फसल की आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त खाद की आपूर्ति लगातार जारी रहेगी और उनकी उपज सुरक्षित रहेगी। इस संबंध में गत दिनों कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम और राज्य के सांसदों ने भी केंद्रीय उर्वरक मंत्री श्री जे.पी. नड्डा से भेंट कर छत्तीसगढ़ के किसानों की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार से लगातार संपर्क किया गया और किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त 60 हजार टन यूरिया का आबंटन स्वीकृत किया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में सहकारी सोसायटियों और निजी विक्रेताओं के माध्यम से खाद का वितरण सुव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है। किसान समितियों में आसानी से खाद उपलब्ध करा पा रहे हैं और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इससे खेती-किसानी प्रभावित होने के बजाय और मजबूती पा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसानों ने सरकार और प्रशासन की इस पहल पर संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि समय पर यूरिया और अन्य खाद उपलब्ध होने से बुवाई और फसल प्रबंधन का काम सुचारू रूप से हो रहा है।  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि खाद, बीज और सिंचाई जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से खरीफ सीजन में किसानों को समुचित राहत मिलेगी और छत्तीसगढ़ कृषि उत्पादन में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।