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शहर से गांव तक जमीनों के दाम दोगुना, नया सर्किल रेट लागू

आगरा जमीन, मकान और दुकान खरीदना सोमवार से 40 प्रतिशत तक महंगा हो जाएगा। सोमवार से नए सर्किल रेट प्रभावी हो जाएंगे। नए रेट के अनुसार ही बैनामा होंगे। अब फव्वारा में दुकान की कीमत 1.95 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर होगी, जबकि संजय प्लेस में 1.84 लाख रुपये। एमजी रोड, कमला नगर, जयपुर हाउस और फतेहाबाद रोड पर भी संपत्ति खरीदने में जनता की जेब ढीली होगी। आपत्तियों और सुझावों पर सुनवाई के बाद डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सोमवार से नए सर्किल रेट लागू करने के आदेश दिए हैं। जिले में करीब आठ साल बाद सर्किल रेट का निर्धारण हुआ है। एडीएम वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला ने बताया कि सर्किल रेट लागू करने से पहले निबंधन और राजस्व टीमों ने संयुक्त सर्वे किया। बाजार मूल्य परखा। उसके आधार पर नए सर्किल रेट का निर्धारण हुआ है। सोमवार से खेरागढ़, एत्मादपुर, फतेहाबाद, किरावली, बाह और सदर तहसील क्षेत्र में भी बढ़े हुए सर्किल रेट के आधार पर संपत्ति खरीदने के लिए स्टांप शुल्क देना पड़ेगा। पांच श्रेणियों में सर्किल रेट जारी हुए हैं। आवासीय दरों में 30 से 40 प्रतिशत, व्यावसायिक दरों में 35 से 40 प्रतिशत और रोड सेगमेंट की दरों में 50 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। इनके अलावा नव विकसित क्षेत्रों में 30 प्रतिशत और औद्योगिक क्षेत्रों के सर्किल रेट में भी 30 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। सड़क की चौड़ाई के हिसाब से जमीन की कीमत नए सर्किल रेट में जमीन की कीमत सड़क की चौड़ाई के अनुसार होगी। जितनी ज्यादा चौड़ी सड़क, उतनी महंगी। अकृषक भूमि पर नाै मीटर, 18 मीटर और 18 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क पर अलग-अलग सर्किल रेट निर्धारित हुए हैं। इनके अलावा वाणिज्यिक संपत्ति में दुकान, कार्यालय और गोदाम की भूमि का रेट अलग-अलग होगा। इसी तरह एकल वाणिज्यिक भवन में स्थित दुकान, गोदाम व कार्यालय का सर्किल रेट कार्पेट एरिया के अनुसार निर्धारित किया गया है।   इन क्षेत्रों में नया सर्किल रेट – संजय प्लेस में नाै मीटर मार्ग पर – 10,2000 से बढ़कर 1,53,000 – संजय प्लेस में व्यावसायिक भवन में दुकान – 1,21,000 से बढ़कर 1,84,000 – संजय प्लेस में आजाद फिलिंग स्टेशन से यश बैंक तक – 89,500 से बढ़कर 1,34,000 – हरीपर्वतन से नालबंद चौराहा तक एमजी रोड – 83,000 से बढ़कर 1,24,000 – मदिया कटरा तिराहा से रेलबे फाटक तक – 55,000 से बढ़कर 82,000 – सुभाष पार्क से पंचकुइयां मार्ग तक – 55,000 से बढ़कर 82,000 – कमला नगर में बी, सी व डी ब्लॉक में – 55,000 से बढ़कर 74,000 – कमला नगर में ए, ई, एफ, जी व एच ब्लॉक में – 38,000 से बढ़कर 51,000 – फव्वारा में दुकान का सर्किल रेट – 1,30,000 से बढ़कर 1,95,000 – हींग की मंडी में दुकान का सर्किल रेट – 1,00,000 से बढ़कर 1,50,000

नक्सली हिंसा में जवान शहीद, CM विष्णुदेव साय ने दी श्रद्धांजलि, कहा- आतंक के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई

रायपुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नेशनल पार्क एरिया में नक्सिलयों के आईईडी ब्लास्ट में DRG जवान दिनेश नाग शहीद हो गए. इस हमले में 3 अन्य जवान घायल हुए हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट में बीजापुर DRG के जवान दिनेश नाग के शहीद होने एवं तीन जवानों के घायल होने की दु:खद सूचना मिली है. ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं. घायल जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं. उन्होंने कहा कि बस्तर में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान से नक्सली हताश हैं और इसीलिए ऐसी कायराना हरकतें कर रहे हैं. DRG के जवान दिनेश नाग की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी. नक्सलवाद का खात्मा हमारा संकल्प है और इस दिशा में हम हर हाल में सफल होंगे. बता दें कि भोपालपटनम के उल्लुर इलाके में जवान सर्चिंग अभियान के लिए रवाना हुए थे. इस दौरान नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया. इसकी चपेट में आने से डीआरजी के जवान दिनेश नाग शहीद हो गए हैं. वहीं 3 जवान – भरत धीवर, पैकू इंला और मुंदारू राम कवासी घायल हुए हैं. फिलहाल घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है. घटना के बाद इलाके में जवानों ने सर्चिंग अभियान तेज कर दिया गया है.

जयवीर सिंह ने कहा- ग्रामीण पर्यटन में यूपी के कारिकोट गांव ने पेश की मिसाल,अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से मिलेगी प्रेरणा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले का कारिकोट गांव ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना चुका है। गांव का चयन इंडियन सब कांटिनेंटल रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म (आईसीआरटी) अवार्ड 2025 के लिए किया गया है। कारिकोट गांव को यह सम्मान 13 सितम्बर को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में दिया जाएगा। यह जानकारी उप्र के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।  पर्यटन मंत्री ने बताया कि कारिकोट गांव का चयन आईसीआरटी अवार्ड के लिए होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। भारत-नेपाल सीमा से सटे कारिकोट ने ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में मिसाल पेश की है। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग की पहल पर ग्रामीणों ने होमस्टे की शुरुआत की। साथ ही सीमा पर्यटन जैसे अभिनव पहल भी किए गए। इन प्रयासों से स्थानीय समुदायों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं को रोजगार मिला है। गांव की संस्कृति, खान-पान, हस्तशिल्प और लोक कलाओं को भी नई पहचान मिली है। दिल्ली में आगामी 13 सितम्बर को आयोजित होने वाले बीएलटीएम ट्रेड शो में भारत सहित उपमहाद्वीप की 17 संस्थाओं को रिस्पोंसिबल टूरिज्म सम्मान दिया जाएगा। इन संस्थाओं को वन टू वॉच, सिल्वर और गोल्ड श्रेणी में मान्यता दी जाएगी। मान्यता सूची में स्थान पाने वाली सभी संस्थाओं ने प्रमाणिकता, पुनरावृत्ति की क्षमता, नवाचार, प्रभाव, स्थिरता और जिम्मेदार पर्यटन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया है। भारतीय उपमहाद्वीप जिम्मेदार पर्यटन पुरस्कारों के निर्णायक मंडल में प्रो. हैरॉल्ड गुडविन शामिल हैं। गुडविन रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म पार्टनरशिप के प्रबंध निदेशक और आईसीआरटी ग्लोबल के संस्थापक हैं। साथ ही, मनीषा पांडे, प्रबंध निदेशक विलेज वेज़ और आईसीआरटी भारतीय उपमहाद्वीप की प्रतिनिधि तथा चार्मारी मेल्ज, निदेशक आईसीआरटी श्रीलंका सहित अन्य निर्णायक मंडल का हिस्सा रहे।  उल्लेखनीय है कि, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ग्रामीण पर्यटन को लगातार प्रोत्साहित कर रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि राज्य को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में भी नई पहचान दिलाई जाए। राज्य सरकार का मानना है कि गांव केवल कृषि और परम्पराओं के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे सांस्कृतिक धरोहर, प्राकृतिक सौंदर्य और सामाजिक समरसता के प्रतीक भी हैं। ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से इन विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने की योजना है। जयवीर सिंह ने बताया कि कारिकोट उत्तर प्रदेश के अन्य गांवों के लिए ग्रामीण पर्यटन में प्रेरणास्त्रोत बनेगा। नेपाल की सीमा से सटे और कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के करीब स्थित कारिकोट गांव ने सामुदायिक नेतृत्व के जरिए पर्यटन को नई दिशा दी है। थारू समुदाय सहित समाज के अन्य लोगों की भागीदारी क्षेत्र में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है। विश्वास है कि यह उपलब्धि प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होगी। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि राज्य में ग्रामीण पर्यटन को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति-2025 सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रूरल टूरिज्म को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कारिकोट गांव को मिला सम्मान विभागीय प्रयासों और ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में सफलता का परिणाम है।  

शासन की मंशा है हर युवा को रोजगार उपलब्ध हो: राजभर

प्रदेश भर के युवाओं को रोजगार हेतु किया जाएगा प्रेरित 26 से 28 अगस्त तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होगा रोजगार महाकुंभ एआई प्रशिक्षण मंडप और कौशल प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण होंगे -प्रमुख सचिव प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन बनाया है लखनऊ: श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने सोमवार को विधान सभा, लखनऊ से रोजगार महाकुंभ 2025 हेतु महाकुंभ अभियान का शुभारम्भ किया।  इस कार्यक्रम में मंत्री जी ने हरी झंडी दिखाकर रोजगार रथ को प्रदेश के जनपदों में प्रचार-प्रसार के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि हर युवा के हाथों रोजगार उपलब्ध हो। इसी के दृष्टिगत श्रम एवं सेवायोजन विभाग द्वारा बीसीएस कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ और द इकोनॉमिक टाइम्स ऑफ इंडिया के सहयोग से 26 से 28 अगस्त 2025 तक राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में रोजगार महाकुंभ 2025 का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रोजगार रथ का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को इस महाकुंभ में प्रतिभाग के लिए प्रेरित करना और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध अवसरों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि रोजगार महाकुंभ 2025 के अंतर्गत 50 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्री जी ने अवगत कराया कि सेवायोजन विभाग द्वारा रोजगार संगम पोर्टल तवरहंतेंदहंउण्नचण्हवअण्पद विकसित किया गया है, जिसमें भर्ती एजेंसियों, नियोजकों और नौकरी चाहने वालों के लिए पंजीकरण की सुव्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग ने हाल ही में प्रदेश के 5978 निर्माण श्रमिकों को इजराइल भेजा है, जिसकी सराहना न केवल देश में बल्कि अन्य देशों में भी की जा रही है। वर्तमान में जर्मनी, जापान और इजराइल से नर्स तथा केयरगिवर की रिक्तियां प्राप्त हुई हैं, जिनमें एक लाख पचास हजार रुपये तक का वेतन दिया जाएगा। इसके साथ ही खाड़ी देशों से भी विभिन्न क्षेत्रों की रिक्तियां प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने युवाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया है। प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ0 एम0के0 शन्मुगा सुन्दरम् ने बताया कि रोजगार महाकुंभ 2025 उत्तर प्रदेश को रोजगार और कौशल उत्कृष्टता का केंद्र बनाने की ऐतिहासिक पहल है। इस आयोजन में वैश्विक नियोक्ता, उद्योग जगत के नेता, नीति निर्माता और नौकरी चाहने वाले एक ही मंच पर आएंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजन करना, युवाओं के कौशल विकास को प्रोत्साहन देना और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करना है। रोजगार महाकुंभ में एक लाख से अधिक युवाओं का पंजीकरण अपेक्षित है और पचास हजार से अधिक नौकरियों के अवसर उपलब्ध होंगे। इनमें पंद्रह हजार से अधिक अंतर्राष्ट्रीय रिक्तियां शामिल हैं, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जापान और जर्मनी जैसे देशों में प्लेसमेंट की संभावनाएं हैं। इसी प्रकार पैंतीस हजार से अधिक घरेलू अवसर देश की अग्रणी कंपनियों के माध्यम से विनिर्माण, आईटी, सेवाओं और उभरते उद्योगों में प्रदान किए जाएंगे। एक सौ से अधिक भर्ती साझेदारों के भागीदारी करने की संभावना है, जिनमें बीस अंतर्राष्ट्रीय भर्तीकर्ता भी होंगे। आयोजन के दौरान दस हजार से अधिक ऑफर लेटर जारी किए जाएंगे, जिनमें दो हजार से अधिक विदेशी प्लेसमेंट के लिए होंगे। इस अवसर पर एआई प्रशिक्षण मंडप विशेष आकर्षण रहेगा जिसमें उद्योग जगत के अग्रणी विशेषज्ञों के सहयोग से डिजिटल कौशल और एआई-संचालित नौकरी की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। रोजगार एवं कौशल प्रदर्शनी में सरकारी पहलों और भविष्य के कौशल रुझानों को प्रदर्शित किया जाएगा। द इकोनॉमिक टाइम्स के सहयोग से आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन में नीति निर्माता, कॉर्पाेरेट नेता और वैश्विक विशेषज्ञ भविष्य के रोजगार बाजार और कौशल रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। इसके अतिरिक्त राज्य के स्टार्टअप अपने नवाचार और समाधान प्रस्तुत करेंगे तथा मुख्यमंत्री युवा स्टॉल के माध्यम से स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही दस सेक्टर स्किल काउंसिल्स के सहयोग से लक्षित कौशल और रोजगार अवसरों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। स अवसर पर प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन, विशेष सचिव नीलेश कुमार, निदेशक सेवायोजन श्रीमती नेहा प्रकाश, सचिव बी0ओ0सी0डब्ल्यू, पूजा यादव, अपर निदेशक, सेवायोजन, पी0के0पुन्डीर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

BLO और सुपरवाइजरों पर FIR, चुनाव से पहले उठाया गया सख्त कदम

प्रयागराज वोटर लिस्ट रिवीजन ( SIR) के खिलाफ पूरा विपक्ष एक साथ खड़ा नजर आ रहा है। चुनाव आयोग की प्रेसकॉन्फेंस के बाद भी विपक्ष SIR को लेकर संतुष्ट नजर नहीं आ रही है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से बड़ी खबर सामने आई है। प्रशासन ने उत्तर प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। चुनावी ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले 75 BLO और 9 सुपरवाइजर पर एक्शन लेते हुए एफआईआर दर्ज करा दिया है। 27 BLO और 9 सुपरवाइजर पर एक्शन सूत्रों के अनुसार, अब तक 27 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और 9 सुपरवाइजर ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की। चुनावी कार्य में जुटने के बजाय ये मोबाइल बंद कर गायब हो गए। संबंधित उप जिलाधिकारियों ने इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं। 1854 BLO की लगाई गई ड्यूटी जिले के कुल 1540 गांवों में 1854 BLO की तैनाती की गई है। इनमें शिक्षक, शिक्षामित्र, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, लेखपाल और अन्य कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन शुरुआती दिनों में ही बड़ी संख्या में लापरवाह कर्मचारियों के नाम सामने आ गए हैं। सोरांव और फूलपुर तहसील में सबसे ज्यादा लापरवाही सोरांव तहसील: यहां 309 BLO और 56 सुपरवाइजर तैनात किए गए थे। इनमें से 27 BLO और 9 सुपरवाइजर अब तक प्रपत्र-10 उपलब्ध नहीं करा सके। इस पर एसडीएम एचएस सैनी ने विभागीय कार्रवाई और एफआईआर के निर्देश दिए हैं। फूलपुर तहसील: यहां भी 27 BLO के खिलाफ एसडीएम दिग्विजय सिंह ने एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। प्रशासन का संदेश प्रशासन ने साफ किया है कि चुनावी ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचना हुआ आसान: सोनीपत से 45 मिनट का सफर, यूईआर-2 बनेगा गेमचेंजर

 गुरुग्राम   अब सोनीपत से 45 मिनट और बहादुरगढ़ से करीब 20 मिनट में दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। पहले शहरवासियों को एयरपोर्ट पहुंचने के लिए कई बार महिपालपुर और सिरहौल बॉर्डर पर जाम के चलते एक-एक घंटे तक का समय लग जाता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  दिल्ली के रोहिणी से लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की लागत की 6 सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन व लोकार्पण किया। इनमें हरियाणा के लिए दिल्ली खंड के द्वारका एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) का उद्घाटन भी शामिल है। इस मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अन्य नेता मौजूद थे। अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) से 75.71 किलोमीटर लंबा हाईवे शुरू होने से हरियाणा से पश्चिमी-दक्षिणी दिल्ली और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक का सफर आसान होने के साथ दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहन चालकों को जाम से राहत मिलेगी। सबसे ज्यादा फायदा न्यू गुरुग्राम के लोगों को होगा। इस मार्ग के खुलने से रोजाना करीब 50 हजार वाहन चालकों का सफर सुहाना होगा। यह हाईवे दिल्ली-चंडीगढ़ राजमार्ग से होते हुए दिल्ली के अलीपुर, रोहिणी, मुंडका, बक्करवाला, नजफगढ़, द्वारका से होते हुए महिपालपुर के पास दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर खत्म होगा। तीन प्रमुख राजमार्गों से जुड़ाव यूईआर-2 से फरीदाबाद से सिंघु बॉर्डर जाना भी आसान हो जाएगा। यह हाईवे एनएच-344पी, एनएच-344एम और एनएच-344एन जैसे तीन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से भी जुड़ेगा। साथ ही हाईवे से बहादुरगढ़ ही नहीं प्रदेश के अन्य जिलों सिरसा, हिसार, भिवानी, रोहतक के अलावा चंडीगढ़, पंजाब और जम्मू-कश्मीर से लोगों को दिल्ली आने-जाने में सहूलियत होगी। दिल्ली के अन्य क्षेत्रों से जुड़ाव होगा आसान यूईआर-2 सिर्फ गुरुग्राम के वाहन चालकों को जाम से राहत नहीं दिलाएगा। यह दिल्ली में ही अन्य क्षेत्रों में जाने के लिए काम आएगा। द्वारका से रोहिणी, मुंडका व अन्य क्षेत्रों तक जल्द पहुंच सकेंगे। गुरुग्राम से सोनीपत, पानीपत, करनाल व अन्य स्थानों पर जाने वाले वाहन चालकों को एक और विकल्प मिल गया है। इस मार्ग से भारी वाहनों को भी फायदा होगा। दिल्ली एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी  इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा उत्तर भारत का औद्योगिक और कृषि केंद्र है। इस परियोजनाओं का प्रदेश को सीधा लाभ मिलेगा। कुंडली, सोनीपत, बहादुरगढ़, गुरुग्राम और मानेसर की दिल्ली एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी से निर्यात, आयात और निवेश को भी नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश को कई महत्वाकांक्षी और दूरगामी परियोजनाओं से समृद्ध किया है। इनमें वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रेल कोच रिपेयर फैक्टरी, कुण्डली-मानेसर-पलवल व कुण्डली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेसवे, गुरुग्राम-सिकंदरपुर और फरीदाबाद-बल्लभगढ़ मेट्रो लिंक, रोहतक में देश का पहला एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, रोहतक-महम-हांसी रेलवे लाइन, एम्स झज्जर में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान और रेवाड़ी में एम्स जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में रिठाला से कुंडली तक मेट्रो कॉरिडोर की सौगात भी प्रदेश को मिली है। 

जानिए किस मामले में ओपी राजभर ने किया कोर्ट में सरेंडर

लखनऊ  योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर एक बार फिर चर्चा में आ गए है। उन्होंने आज मऊ के एमपी एमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। कोर्ट ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। राजभर ने कहा कि वो इसीलिए यहां पर पेश होने के लिए पहुंटे है।  इस मामले में हुआ केस दर्ज  बता दें कि ओपी राजभर पर आचार संहिता उल्लंघन के मामले में हलधरपुर थाने में उनपर मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसके बाद कोर्ट ने वारंट जारी किया था। आज राजभर कोर्ट में सरेंडर किया है। इस दौरान उन्होंने कहा, कोर्ट से वारंट आया, जिसके बाद हम उनके समक्ष पेश होने पहुंचे। कैबिनेट मंत्री के कोर्ट में सरेंडर होने के दौरान सुभासपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कोर्ट ने दी जमानत ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान बिगड़े बोल पर मुकदमा दर्ज हुआ था। ये मुकदमा हलधरपुर थाने में दर्ज हुआ था। राजभर कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे, लेकिन आज कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में हाजिर हुए। कोर्ट ने राजभर को इस मामले में जमानत भी दे दी है। 

यूपी के बाद अब राजस्थान में ड्रम से मिली लाश, हत्या के बाद पत्नी प्रेमी संग हुई गायब

जयपुर  राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति की लाश घर की छत पर रखे प्लास्टिक ड्रम  में बरामद हुई। शव पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान मिले हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक की पत्नी और तीनों बच्चे वारदात के बाद से लापता हैं। इसके साथ ही जिस मकान में मृतक किराए से रह रहा था, उस मकान मालिक का बेटा भी गायब है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गले पर धारदार हथियार से वार डीएसपी राजेंद्र सिंह निर्वाण के अनुसार, मृतक की पहचान हंसराम उर्फ सूरज (निवासी शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। वह पिछले डेढ़ महीने से किशनगढ़बास के आदर्श कॉलोनी में पत्नी और तीन बच्चों के साथ किराए पर रह रहा था। पास ही की एक ईंट-भट्टी पर मजदूरी कर अपना गुजारा करता था। रविवार को मोहल्ले में दुर्गंध फैलने के बाद जब पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी तो छत पर रखे ड्रम की तलाशी ली गई। उसमें हंसराम का शव बरामद हुआ। पुलिस जांच में पाया गया कि शव पर नमक डाला गया था, ताकि तेजी से सड़न हो और बदबू कम हो। मृतक के गले पर धारदार हथियार से वार के गहरे निशान मिले। पत्नी, बच्चे लापता पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के बाद से हंसराम की पत्नी सुनीता और उनके तीनों बच्चे लापता हैं। इतना ही नहीं, मकान मालिक का बेटा जितेंद्र भी शनिवार शाम से गायब है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हंसराम शराब का आदी था और अक्सर जितेंद्र के साथ बैठकर शराब पीता था। डीएसपी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जिस घर में हंसराम किराए पर रह रहा था, वह मकान प्रॉपर्टी कारोबारी राजेश शर्मा का है। घटना के वक्त घर में केवल राजेश की पत्नी मिथिलेश और 14 वर्षीय पोता मौजूद थे। मिथिलेश ने पूछताछ में बताया कि जितेंद्र की पत्नी की 12 साल पहले मौत हो चुकी है और वह लंबे समय से यहीं रह रहा था। उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी के दिन जब वह बाजार गई थीं, तब तक सुनीता और उसके बच्चे घर पर थे। लेकिन शाम को लौटने के बाद वे नजर नहीं आए। उसी दिन से जितेंद्र भी घर नहीं लौटा। अगली सुबह जब घर में बदबू आने लगी तो उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन किया। हत्या की वजह पर कई शक फिलहाल हत्या की असल वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस का कहना है कि यह मामला शराब पीने के दौरान हुए विवाद, पारिवारिक कलह या किसी गहरी साजिश से जुड़ा हो सकता है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और लापता परिवार की तलाश जारी है। पहले भी मिले हैं ड्रम से शव गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है जब शव को ड्रम में छिपाया गया हो। इसी साल मार्च में उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की थी। आरोप है कि दोनों ने शव के टुकड़े कर उसे ड्रम में भरकर छिपा दिया था। मामला तब उजागर हुआ जब बेटी बार-बार पड़ोसियों से कहती रही – "पापा ड्रम में हैं।" इसके अलावा जून में पंजाब के लुधियाना के शेरपुर क्षेत्र में भी ड्रम से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। राजस्थान पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। मृतक के परिजनों को सूचित किया गया है और लापता पत्नी-बच्चों व मकान मालिक के बेटे की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस रहस्यमयी हत्या की गुत्थी सुलझा ली जाएगी।

बाढ़ से प्रभावित पंजाब, अधिकारियों को दिए गए कड़े आदेश

जालंधर  पिछले कई दिनों से पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण पंजाब के डैमों में पानी का स्तर बढ़ने के मद्देनजर पंजाब के जल स्रोत मंत्री बरिन्दर कुमार गोयल ने प्रभावित जिलों में स्थिति का विस्तृत जायजा लेने के लिए सम्बन्धित डिप्टी कमिश्नरों के साथ टैलीफोन पर बातचीत की। कैबिनेट मंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को जान-माल की सुरक्षा यकीनी बनाने के लिए तुरंत राहत प्रबंध करने के सख्त आदेश दिए। पंजाब भवन में प्रैस कांफ्रैंस के दौरान उन्होंने बताया कि कपूरथला, होशियारपुर, गुरदासपुर, फाजिल्का और फिरोजपुर आदि जिलों में से गुजरते दरियाओं के बांधों के अंदरूनी तरफ वाले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं क्योंकि दरियाओं में पानी का स्तर बढ़ रहा है और बाढ़ वाले क्षेत्रों में किसानों द्वारा बनाए गए अस्थाई बांधों में दरारें आ गई हैं। उन्होंने बताया कि कपूरथला, फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों का करीब 14,200 एकड़ क्षेत्र बाढ़ के पानी से प्रभावित हुआ है। इसमें से जिला कपूरथला के क्षेत्र में जनसंख्या प्रभावित हुई है जबकि फाजिल्का और फिरोजपुर का प्रभावित क्षेत्र कृषि अधीन है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन लोगों की हरसंभव सहायता के लिए मौजूद है।   उन्होंने बताया कि फील्ड में 4 सुप्रीटेंडिंग इंजीनियर (एस.इज), 10 एक्सियन, 20 एस.डी.ओ. और 200 फील्ड स्टाफ (समेत जे.ई.) निरंतर 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि संवेदनशील क्षेत्र को सैक्टरों में बांटा गया है ताकि तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जा सके। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत कैम्प स्थापित करने के निर्देश दिए जिससे बेघर हुए लोगों को आश्रय, भोजन और डाक्टरी सहूलतें दी जा सकें। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा बनाएं बांध सुरक्षित हैं और इन बांधों से पानी का कोई ओवरफ्लो नहीं हुआ है। इन बांधों पर रोस्टर-आधारित मजबूत टीमों द्वारा 24 घंटे सख्त निगरानी की जा रही है। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को पशुओं की सुरक्षा और तंदुरुस्ती के लिए विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए, जिसमें अलग शैल्टर बनाना, चारा और पीने वाले पानी की सप्लाई को यकीनी बनाना और प्रभावित क्षेत्रों में वैटरनरी टीमों की तैनाती करना शामिल है। 

पिछड़ा वर्ग छात्रावासों का होगा आधुनिकीकरण, आधुनिक सुविधाओं से होंगे सुसज्जित – राज्यमंत्री श्रीमती गौर

आधुनिक सुविधाओं के साथ पिछड़ा वर्ग छात्रावासों का हो रहा उन्नयन : राज्यमंत्री श्रीमती गौर पिछड़ा वर्ग छात्रावासों का होगा आधुनिकीकरण, आधुनिक सुविधाओं से होंगे सुसज्जित – राज्यमंत्री श्रीमती गौर राज्यमंत्री श्रीमती गौर का ऐलान: पिछड़ा वर्ग छात्रावासों का उन्नयन, छात्रों को नई सुविधाएं मिलेगी भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने भोपाल के भदभदा रोड स्थित पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि आगामी तीन वर्षों में प्रदेश के समस्त विभागीय छात्रावासों का आदर्श छात्रावास के रूप में उन्नयन किया जाएगा। आदर्श छात्रावास में गुणवत्तापूर्ण भोजन, निवास की आदर्श परिस्थितियों एवं वातावरण उपलब्ध होने के साथ आवश्यक भौतिक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के 108 छात्रावास संचालित हैं। प्रथम चरण में 30 कन्या छात्रावासों का चयन किया गया है, जिनका उन्नयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 50 सीटर इन छात्रावासों में आदर्श किचन आधुनिक मैस, रूफटॉप सोलर संयंत्र, ई-लाइब्रेरी, वाय-फाय, मनोरंजन कक्ष आदि की व्यवस्था सीएसआर मॉडल के माध्यम से की जा रही है। भोपाल के भदभदा स्थित पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में भवन का उन्नयन कार्य, टॉयलेट ब्लॉक, किचन, मैस, डायनिंग हॉल, वॉश एरिया एवं छात्र-छात्राओं के कक्षाओं की आंतरिक साज-सजा का उन्नयन हो चुका है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि प्रदेश में डॉ. मोहन यादव की सरकार विद्यार्थियों को हर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जल्द ही सभी छात्रावासों में जिम और लाइब्रेरी की सुविधा भी शुरू की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त श्री सौरभ सुमन भी उपस्थित थे।