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अचानक भड़की आग ने मशरूम प्लांट को किया राख, वजह बना शॉर्ट सर्किट

मैनपुरी. बेवर क्षेत्र के गांव करपिया में संचालित सात मंजिला मशरूम प्लांट में शनिवार की देर रात शार्ट सर्किट के चलते आग लग गई। रविवार सुबह आग की लपटें देख ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। प्लांट संचालक की सूचना पर एएसपी नगर और सीओ सिटी ने दमकल टीमों ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। विकराल आग को बुझाने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए आसपास के जिलों से भी दमकल की गाड़ियों को बुलाकर आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्लांट स्वामी ने आग लगने के कारण करोड़ों रुपये के नुकसान का अंदेशा जताया है। काेल्ड स्टोर में चार साल से चल रहा था मशरूम प्लांट बेवर क्षेत्र के गांव करपिया स्थित कपिलमुनि कोल्ड स्टोर में करीब चार साल से कपिल मुनि एग्रो फूड्स के नाम से मशरूम प्लांट का संचालन हो रहा है। इस सात मंजिला प्लांट में मशरूम उत्पादन के लिए करीब सात सौ ब्लाक बनाए गए हैं। इसका संचालन मनोज कुमार सिंह बैस करते हैं। शनिवार देर रात साढ़े 12 बजे के करीब शार्ट सर्किट से प्लांट में आग लग गई। इसकी जानकारी रविवार की सुबह लगभग पांच बजे स्थानीय ग्रामीणों ने प्लांट से धुआं निकलते देखकर दी। सूचना के बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं  सूचना पाकर एएसपी नगर अरुण कुमार सिंह, एसडीएम भोगांव संध्या शर्मा, सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह पुलिस और दमकल विभाग के साथ मौके पर पहुंचे। जहां टीम ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद अधिकारियों ने फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर और इटावा जिले से दमकल वाहनों को बुलाया। टीम में अभी भी आग बुझाने में जुटी हुई हैं। आग में जल गए मशरूम के बैग वहीं प्लांट मनोज कुमार सिंह ने बताया कि आग के कारण उनके मशरूम के बैग सहित गोदाम में रखी मशरूम आदि सब कुछ जल गया है। जिससे उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। रक्षाबंधन होने के कारण प्लांट में काम करने वाले मजदूर अवकाश पर थे। इसलिए आग लगने के बारे में समय से जानकारी नहीं मिल सकी थी।   

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर संभाग में हो रहा है डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

रायपुर. बस्तर संभाग में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन तथा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन क्षेत्र के लिए एक बड़ा परिवर्तन साबित हो रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्त विस्तार की दिशा में लगातार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सतत मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं आज तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं।  बस्तर के छ :जिला चिकित्सालयों,  दो सिविल अस्पतालों और 41 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल प्रणाली का सफल संचालन किया जा रहा है, जिससे ओपीडी पंजीकरण, परामर्श, जांच, दवा वितरण तथा मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारियां अब एक डिजिटल मंच पर उपलब्ध हो रही हैं। इसके तहत मरीजों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं मिल रही हैं। डिजिटल तकनीक के इस समावेशन ने अस्पतालों में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और मरीजों की संतुष्टि में उल्लेखनीय वृद्धि की है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत अस्पतालों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन (HFR) और चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन (HPR) सुनिश्चित किया गया है। अस्पताल परिसरों में आभा कियोस्क स्थापित कर मरीजों को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) बनाने की सुविधा दी जा रही है। स्कैन एंड शेयर एवं आभा आईडी के माध्यम से ऑनलाइन ओपीडी पंजीयन की सुविधा से मरीजों को लम्बी कतारों से राहत मिली है और उन्हें त्वरित सेवाएं मिल रही हैं। डिजिटल नवाचारों का प्रभाव भी स्पष्ट रूप से सामने आया है। जिला चिकित्सालय बस्तर में मई, जून और जुलाई 2025 के दौरान कुल 60,045 ओपीडी पंजीयन दर्ज किए गए, जिनमें से 32,379 पंजीयन आभा लिंक के माध्यम से हुए — जो कि कुल पंजीयनों का 53% है। इसी अवधि में जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा में 33,895 ओपीडी पंजीयन दर्ज हुए, जिनमें से 13,729 पंजीयन आभा से लिंक किए गए — यानी 40% का डिजिटल एकीकरण। यह पूरी प्रक्रिया न केवल समय की बचत सुनिश्चित कर रही है, बल्कि मरीजों के लिए डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की सुविधा भी प्रदान कर रही है, जिसे वे देश के किसी भी हिस्से में कभी भी देख सकते हैं। इससे स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में पारदर्शिता के साथ-साथ उपचार की निरंतरता और गुणवत्ता में भी वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर संभाग में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसी आधुनिक तकनीकों के सफल क्रियान्वयन ने स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति और दिशा दी है। डिजिटल पंजीकरण, हेल्थ रिकॉर्ड और पारदर्शी सेवा प्रणाली से मरीजों को समयबद्ध, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल रहा है। यह पहल न केवल बस्तर के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल है, जिसे हम शीघ्र ही राज्य के सभी जिलों में लागू कर "स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़" के संकल्प को साकार करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं का यह तकनीकी उन्नयन न केवल स्थानीय जनता के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहा है, बल्कि यह पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बनकर उभर रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य इस प्रणाली को सभी जिलों में सुदृढ़ रूप से लागू कर "स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़" की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ना है। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में यह पहल केवल स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। बस्तर में मिले सकारात्मक परिणाम इस बात का प्रमाण हैं कि जब तकनीक, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनभागीदारी एक साथ आते हैं, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव लाएगी, बल्कि ‘स्वस्थ भारत’ के निर्माण में भी छत्तीसगढ़ का महत्त्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित करेगी।

गडकरी का कटाक्ष: दादागिरी के पीछे यही वजह है… टैरिफ विवाद में अमेरिका पर निशाना

नई दिल्ली. अमेरिका से चल रहे टैरिफ तनाव पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने परोक्ष रुप से अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि आज जो देश दुनिया में अपनी दादागिरी चला रहे हैं, वह ऐसा इसलिए कर पा रहे हैं क्योंकि वह आर्थिक रूप से मजबूत हैं। उन देशों के पास टेक्नोलॉजी भी है। हमें अगर भारत की 'विश्व गुरु' की छवि को आगे बढ़ाना है तो हमें भी टेक्नोलॉजी और आर्थिक क्षेत्र में मजबूत होना होगा। नागपुर के विश्वेश्वेरैया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में अपनी बात रखते हुए केंद्रीय मंत्री ने आयात को कम करने और निर्यात को बढ़ाने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, "अगर हमारे निर्यात और अर्थव्यवस्था की दर बढ़ती है, तो मुझे नहीं लगता कि हमें किसी के पास जाने की जरूरत पड़ेगी। जो लोग ‘दादागिरी’ कर रहे हैं, वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे आर्थिक रूप से मजबूत हैं और उनके पास टेक्नोलॉजी है।" गडकरी ने भारत की संस्कृति और विश्व बंधुत्व की भावना पर जोर देते हुए कहा कि आज अगर हम आर्थिक रूप से सशक्त हो जाएं और टेक्नोलॉजी में भी आगे हो जाएं। इसके बाद भी हम किसी पर धौंस नहीं जमाएंगे क्योंकि हमारी संस्कृति में यह नहीं है। हमारी संस्कृति हमें सिखाती है कि विश्व का कल्याण सबसे महत्वपूर्ण है। गडकरी ने कहा आज दुनिया की सभी समस्याओं का उपाय साइंस, टेक्नोलॉजी और नॉलेज है। अगर हम इन तीनों चीजों का उपयोग करेंगे तो हमें कभी भी दुनिया के सामने झुकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि रिसर्च सेंटर्स, आईआईटी और इंजीनियरिंग कॉलेजों को देश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शोध करना चाहिए। सभी जिलों, राज्य और क्षेत्रों में अलग-अलग बातें हैं। हमें सभी को ध्यान में रखकर काम करना होगा। अगर हम लगातार ऐसे काम करेंगे तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था की विकास दर तीन गुना तक बढ़ जाएगी।

एक नाम, दो वोटर कार्ड— तेजस्वी का डिप्टी CM पर गंभीर आरोप

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में दो वोटर आईडी कार्ड वाले विवाद को लेकर सियासत काफी गर्म है। दरअसल बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के पास दो ईपिक नंबर होने की जब बात सामने आई थी तब चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव को खत लिख इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा था। अब राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा पर बड़ा आरोप लगाया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के नाम से दो वोटर आईकार्ड है। तेजस्वी यादव ने कहा है कि लखीसराय और पटना के वोटर लिस्ट में विजय सिन्हा का नाम है और तो क्या प्रशासन या चुनाव आयोग उन्हें नोटिस भेजेगा? रविवार को अपने सरकारी आवास एक पोलो रोड में पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के पास दो मतदाता पहचान पत्र है। एक लखीसराय तो दूसरा पटना का मतदाता पहचान पत्र है। अगर विजय सिन्हा ने खुद फॉर्म नहीं भरा तो आयोग बताए कि उनका दो जगह पहचान पत्र कैसे बना। दिलचस्प यह है की दोनों कार्ड में उनकी उम्र भी अलग-अलग है। इससे साफ है कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया फर्जीवाड़ा है।

पहलगाम अटैक के बाद कैसे बदली रणनीति? आर्मी चीफ ने बताई पूरी कहानी

नई दिल्ली.  सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने 22 अप्रैल को हुए पाहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने बताया कि हमले के अगले ही दिन सशस्त्र बलों को “फ्री हैंड” दे दिया गया था, ताकि वे अपनी रणनीति और विवेक के अनुसार कार्रवाई कर सकें। जनरल द्विवेदी ने कहा कि 23 अप्रैल को हुई बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा- “अब बहुत हो चुका”। इस बैठक में तीनों सेना प्रमुख मौजूद थे और यह सहमति बनी कि निर्णायक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “पहली बार हमने इस तरह का राजनीतिक आत्मविश्वास, स्पष्टता और दिशा देखी, जिसने हमारे कमांडरों का मनोबल बढ़ाया।” 25 अप्रैल को सेना प्रमुख ने उत्तरी कमान का दौरा किया, जहां विस्तृत योजना पर काम हुआ। नौ में से सात प्रमुख आतंकी ठिकानों को प्राथमिकता दी गई। लक्ष्य था कि पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय आतंकवादी बुनियादी ढांचे को तबाह करना है। इन सात लक्ष्यों को सटीकता से नष्ट किया गया और बड़ी संख्या में आतंकियों को मार गिराया गया। पाहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सेना प्रमुख की पहली बैठक 29 अप्रैल को हुई थी। जनरल द्विवेदी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक नाम नहीं था, बल्कि यह पूरे राष्ट्र को जोड़ने वाला अभियान था। यही वजह थी कि लोग पूछ रहे थे- आपने क्यों रोका? और इस सवाल का पूरा जवाब दिया गया।” हमले के पंद्रह दिन बाद, 7 मई को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह के अनुसार, इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमान और एक बड़ा एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) विमान मार गिराया गया। 100 से अधिक आतंकियों को पाकिस्तान और PoK में ढेर किया गया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को हाल के वर्षों की सबसे सटीक और सफल जवाबी सैन्य कार्रवाई माना जा रहा है। सेना प्रमुख के अनुसार, स्पष्ट राजनीतिक समर्थन और तीनों सेनाओं की संयुक्त योजना ने इसे संभव बनाया।

नई AI तकनीक से PM आवास योजना में धोखाधड़ी पर लगाम, नकली आवेदकों की होगी पहचान

मुरादाबाद मुरादाबाद में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों का चयन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए होगा, जहां जिला प्रशासन ने बताया है कि 44533 नए आवेदनों की जांच एआई के माध्यम से होगी। एआई सैटेलाइट इमेजिंग और लोकेशन ट्रैकिंग से यह परखेगी कि पोर्टल पर डाले गए घरों की तस्वीरें असली हैं या नहीं। सभी आवेदनों की सत्यता जांचने के बाद आखिर में एआई ही यह तय करेगा कि किन लोगों को आवास मिलना चाहिए और किन लोगों को नहीं। इस तरह की जांच से योजना में गड़बड़ी की गुंजाइश ना के बराबर रहेगी, साथ ही झूठा दावा करने वालों की छुट्टी हो जाएगी। एआई का फायदा यह होगा कि अगर किसी ने पक्के मकान में रहते हुए कच्चे मकान की फोटो दिखाकर योजना का लाभ लेने की कोशिश की है, तो यहां एआई तुरंत पकड़ लेगा और उसका आवेदन तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा। पूरी तरह निष्पक्ष होगी जांच इसको लेकर परियोजना निदेशक, डीआरडीए, निर्मल कुमार द्विवेदी ने बताया कि जांच में कुछ ऐसे भी मामले सामने आए हैं जिनके पास पहले से पक्का मकान है लेकिन योजना का लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक ऐसे लोगों को लिस्ट से बाहर कर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल व निष्पक्ष होगी और अंतिम सूची https://awaasplus.nic.in पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। तीन चरणों में होगी जांच एआई की यह जांच तीन चरणों में होगी, जहां पहले चरण में ग्राम स्तर पर बनाई गई टीमें जांच करेंगी। इसमें सहायक विकास अधिकारी, अवर अभियंता और बोरिंग टेक्नीशियन शामिल हैं। इनका काम गांव-गांव जाकर सत्यापन करना है और 31 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट देनी है। दूसरे चरण में ब्लॉक रिपोर्ट के आधार पर जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम दस्तावेजों और जमीनी तथ्यों का पुनः मूल्यांकन करेगी। तीसरे और आखिरी स्टेज में एआई तकनीक के जरिए फोटो व लोकेशन मिलान के आधार पर गलत सूचनाएं देने वालों को छांटा जाएगा और असली लाभार्थियों को लिस्ट में जोड़ा जाएगा।

अब राज्य कर विभाग के अधिकारी करेंगे ज्यादा काम, आने वाला है बड़ा बदलाव

मथुरा राज्य कर विभाग में सात अधिकारियों के निलंबन के बाद कार्य प्रभावित है। पहले ही अधिकारियों की कमी से जूझ रहे राज्य कर विभाग में अब जिम्मेदारियां वितरित किए जाने की तैयारी है। अवकाश पर गए कुछ अधिकारियों को कार्यभार संभालने के लिए वापस बुलाया जा रहा है। शेष बचे सहायक आयुक्त, उपायुक्त व राज्य कर अधिकारियों को अतिरिक्त चार्ज देने की मंजूरी हाईकमान से मांगी गई है। राज्य कर विभाग में उत्पीड़न के आरोपों पर खंड एक के उपायुक्त कमलेश कुमार के साथ प्रकरण की जांच कर रहे छह और जीएसटी अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। निलंबित किए अधिकारियों में चार उपायुक्त, दो सहायक आयुक्त व एक सीटीओ शामिल हैं। बड़ी संख्या में अधिकारियों के निलंबन से राज्य कर विभाग की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। दो मोबाइल टीमें, एक एसआइबी इकाई व तीन खंड खाली हो गए हैं। कर वसूली के साथ प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। विभागीय अधिकारी कार्य को सुचारू कराने के लिए रिक्त हुए पदों की जिम्मेदारी अन्य अधिकारियों को दे रहे हैं। अवकाश पर गए अधिकारियों को वापस बुलाया गया है। डीसी प्रशासन सुनील को खंड एक के डीसी कमलेश कुमार का अतिरिक्त चार्ज देने की तैयारी है। खंड पांच के डीसी संजीव कुमार की जिम्मेदारी डीसी प्रद्युम्न गुप्ता को दी जाएगी। एसी पूजा गौतम की जिम्मेदारी नीलेश को दी जा रही। अन्य अधिकारियों को भी खाली हुए पदो पर संयोजित किया जा रहा है। संयुक्त आयुक्त कार्यपालक राज्य कर विभाग रमेश सिंह ने बताया कि जब तक नए अधिकारी नहीं मिल जाते शेष अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जा रही है। अलीगढ़ कार्यायल को अधिकारियों को सूची भेज दी गई है। अनुमति मिलते ही संबंधित अधिकारियों को चार्ज दे दिया जाएगा। 

राजधानी के निकट रेल कोच इकाई से बढ़ेगा अधोसंरचना का विकास: CM यादव

रेल कोच इकाई से राजधानी के निकट होगी अधोसंरचना सशक्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दावा: रेल कोच इकाई से राजधानी के आसपास होगी अधोसंरचना मजबूत राजधानी के निकट रेल कोच इकाई से बढ़ेगा अधोसंरचना का विकास: CM यादव केन्दीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे भूमिपूजन भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी के विकास को भी मिलेगी गति स्वदेशी के मंच पर हो रहा अमल 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग इकाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात प्राप्त हो रही है। परियोजना का भूमि-पूजन केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 10 अगस्त को औबेदुल्लागंज के दशहरा मैदान में करेंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रक्षा उत्पाद सचिव संजीव कुमार, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार, भारत अर्थ मूवर्स परियोजना के अध्यक्ष शांतनु राय शामिल हो रहे हैं। इस अवसर पर बीईएलएल (भारत अर्थ मूवर्स लि) परियोजना पर केन्द्रित लघु फिल्म, प्रस्तावित प्लांट का 3डी वॉक थ्रू और नए संयंत्रों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया है कि भारत अर्थ मूवर्स परियोजना द्वारा भोपाल जिले की सीमा के पास रायसेन के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से राजधानी भोपाल सहित रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा। इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। परियोजना में 5 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलना प्राप्त होगा। मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित हो रहे भोपाल क्षेत्र को इस परियोजना से बहुत लाभ होगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रहे मेक इन इंडिया मिशन के भाव का प्रकटीकरण है। यहां बनने वाले वंदे भारत-अमृत भारत और मेट्रो ट्रेनों के कोच से सम्पूर्ण भारतीय रेल व्यवस्था के नए युग का सूत्रपात होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि न सिर्फ राजधानी क्षेत्र बल्कि प्रदेश के विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना से निकट स्थित औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप भी लाभान्वित होगा। विकास की नई इबारत लिखेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेल कोच फैक्ट्री को प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सशक्त नेतृत्व में मध्यप्रदेश सहित भारत के अन्य राज्यों के निवदेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। इस क्रम में कुछ माह पूर्व बैंगलोर में बीईएमएल संस्थान के भ्रमण के दौरान रायसेन जिले में रेल कोच फैक्ट्री की स्थापना के संबंध में निर्णय लिया गया। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य के अनुरूप कार्य करेगा संयंत्र ‘ब्राह्मा’ संयंत्र पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करेगा। संयंत्र में उपयोग होने वाली अधिकांश तकनीक और सामग्री देश में विकसित व निर्मित की जाएगी, जिससे विदेशी निर्भरता कम होगी। यह परियोजना प्रदेश को रक्षा निर्माण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस संयंत्र के निर्माण में पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यहां शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली, सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, वर्षा जल संचयन और हरित लैंडस्केपिंग को अपनाया जाएगा। निर्माण में पुनर्नवीनीकृत और टिकाऊ सामग्री का प्रयोग करते हुए इसे हरित फैक्ट्री मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। परियोजना का प्रारंभिक उत्पादन क्षमता 125 से 200 कोच प्रतिवर्ष होगी, जिसे पांच वर्षों में बढ़ाकर 1,100 कोच प्रतिवर्ष किया जाएगा। इस इकाई के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को अपने ही राज्य में उच्च स्तरीय औद्योगिक रोजगार उपलब्ध होंगे। साथ ही, यहां विकसित होने वाली तकनीकी क्षमताएं प्रदेश को हाई-स्पीड रेल और मेट्रो निर्माण के वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाएंगी।  

हाईवे के अवैध कटों पर होगी सख्त कार्रवाई, रोड एक्सीडेंट की घटनाएं घटेंगी

जबलपुर हाइवे पर ढाबा, होटल, पेट्रोल पंप के आसपास डिवाइडरों के अवैध कट में कहीं से भी बाइक, कार, ई रिक्शा, ऑटो दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित रोड सेफ्टी कमेटी इन अवैध कट की हकीकत देख चुकी है। कमेटी के निर्देश पर अब एनएचएआई हाईवे पर डिवाईडर के सभी अवैध कट बंद करेगी। दो दिन में लखनादौन से धूमा मार्ग पर 6 अवैध कट बंद किए गए हैं। इस सम्बंध में सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, एमपीआरडीसी, नगर निगम व अन्य निर्माण एजेंसी के अधिकारियों, तकनीकी टीम, जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। कुम्भ के दौरान हुए थे सर्वाधिक एक्सीडेंट प्रयागराज में कुंभ के दौरान जबलपुर-नागपुर हाईवे, जबलपुर-कटनी हाईवे पर बड़ी संख्या में सडक़ दुर्घटनाएं हुई थीं। सिहोरा में हुई तीन बड़ी दुर्घटनाओं में 15 के लगभग लोगों को मौत हो गई थी। जिले में उस दौरान एक महीने के अंदर 20 के लगभग बड़ी सडक़ दुर्घटना हुई थीं। जिनमें 35 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इन सडक़ दुर्घटनाओं में ज्यादातर का कारण हाईवे के डिवाइडर में ढाबा, होटल व अन्य प्रतिष्ठानों की ओर से लगा दिए गए कट थे। एनएचएआई की टीम ने हाईवे पर डिवाइडर के 50 के लगभग कट बंद कर दिए थे, जो कट छूट गए थे उन्हें अब बंद किया जा रहा है। हाईवे पर डिवाइडर में जो कट बचे हुए हैं उन्हें बंद किया जा रहा है। तैयारी इस तरह की है कि एक सप्ताह में सभी बचे हुए कट बंद कर लिए जाएंगे।- अमृतलाल साहू, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई गोसलपुर, गांधी ग्राम की ओर भी हाईवे पर डिवाइडर में कई अवैध कट हैं, ये ही हाल पनागर छोर पर भी है। एनएचएआई ने हाईवे पर डिवाइडर के कई अवैध कट हैं। एनएचएआई ने एक सप्ताह में 15 अगस्त तक इन अवैध कट को बंद करने का निर्णय लिया है।

इंदौर के लिए 737 करोड़ का केबल कार प्रोजेक्ट मंजूर, दिल्ली को प्रस्ताव सौंपा गया

इंदौर इंदौर में केबल कार से सफर करने का सपना जल्द हकीकत बन सकता है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा कराए गए फिजिबिलिटी सर्वे की रिपोर्ट नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) को सौंप दी गई है। NHLML ने इस प्रस्ताव को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, दिल्ली को अनुमोदन और बजट आवंटन के लिए भेज दिया है। परियोजना की मुख्य बातें कुल लागत: करीब 737 करोड़ रुपये कुल लंबाई: 11 किमी (दो रूट) शुरुआत: 2028 से अनुमानित यात्री: 2028 में प्रतिदिन 29,900, 2068 तक 1.95 लाख पहला रूट: चंदन नगर से शिवाजी वाटिका (6.24 किमी) लागत: 369.32 करोड़ रुपये स्टेशन: चंदन नगर, लाबरिया भेरू, यशवंत निवास रोड गुरुद्वारा, सरवटे, शिवाजी वाटिका यात्री अनुमान (2028): 11,700 प्रतिदिन दूसरा रूट: रेलवे स्टेशन से विजय नगर (4.7 किमी) लागत: 367.68 करोड़ रुपये स्टेशन: रेलवे स्टेशन, मालवा मिल, पाटनीपुरा, विजय नगर यात्री अनुमान (2028): 18,200 प्रतिदिन भविष्य का यात्री अनुमान     2038: 47,400 प्रतिदिन     2048: 78,200 प्रतिदिन     2068: 1.95 लाख प्रतिदिन सेक्शन विवरण     चंदन नगर – शिवाजी वाटिका: 3 सेक्शन (1.74 किमी, 1.93 किमी, 2.59 किमी)     रेलवे स्टेशन – विजय नगर: 2 सेक्शन (2.08 किमी, 2.62 किमी)