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नए कानून का पुलिस कर्मियों को पढ़ाया जा रहा पाठ

– सीआईडी के अंतर्गत एटीएस में प्रत्येक महीने औसतन 350 कर्मियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण – पिछले तीन वर्षो के दौरान इस सेंटर से 3137 पुलिस पदाधिकारियों को दी जा चुकी है ट्रेनिंग पटना, देश में अंग्रेजों के जमाने के सभी आपराधिक कानूनों को बदलते हुए 2023 में नये कानून बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) को लॉच किया गया है। इसमें कानून से लेकर न्याय व्यवस्था तक में व्यापक बदलाव किए गए। इसमें उल्लेखित तमाम बारीकियों की समुचित जानकारी सभी स्तर के पुलिस कर्मियों खासकर दारोगा से लेकर डीएसपी और इससे ऊपर के तक के पदाधिकारियों को देना अनिवार्य हो गया है। कानून का पाठ पढ़ाने के लिए सभी पुलिस कर्मियों के लिए समुचित प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है, जो निरंतर जारी है। सीआईडी में मौजूद एडवांस ट्रेनिंग स्कूल (एटीएस) को इसके लिए खासतौर से तैयार किया गया है। प्रत्येक महीना यहां औसतन 350 यानी प्रत्येक जिला के 8 पुलिस पदाधिकारियों को विशेष विषय वस्तुओं की ट्रेनिंग दी जाती है। पुलिस पदाधिकारियों को सभी नए बदलावों से अपडेट करते हुए उन्हें अधिक सक्षम, जानकार और तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।        आगामी 2 सितंबर से इस प्रशिक्षण संस्थान का 173वां बैच का प्रशिक्षण शुरू होने जा रहा है। 171वें बैच का प्रशिक्षण 8 से 21 जुलाई तक आयोजित किया गया था, जिसमें सीधे नियुक्त 343 दारोगा को ट्रेनिंग दी गई थी। इसके बाद 172वां और अब 173वां बैच को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इन विषयों का दिया जा रहा प्रशिक्षण पुलिस पदाधिकारियों को एसटीएस के माध्यम से 15 दिनों की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसमें नए विधिक ज्ञान, डिजिटल फॉरेंसिक, सीसीटीवी विश्लेषण, मोबाइट डाटा ट्रैकिंग, डीएनए, फिंगरप्रिंट, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा कुछ विशेष विषयों की जानकारी दी जाती है। इसमें पुलिस में अनुशासन एवं व्यावहार से संबंधित नीतिशास्त्र, एफआईआर, जीरो एफआईआर एवं प्रारंभिक जांच, विवादित तथ्य, सुसंगत तथ्य, गवाहों का बयान एवं कबूलनामा कथन, मानव शरीर से संबंधित एवं संपत्ति मूलक अपराधों में अनुसंधान की प्रक्रिया, गिरफ्तारी की प्रक्रिया, महत्वपूर्ण पुलिस आदेश एवं न्यायालय के निर्णय, अनुसंधान में फॉरेंसिक का महत्व, फिंगरप्रिंट, फूटप्रिंट, क्राइम सीन फोटोग्राफी, ई-साक्ष्य, सीसीटीएनएस के अलावा भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-107 के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति की जब्ती की प्रक्रिया और बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम के तहत की जाने वाली प्रक्रिया की विस्तारपूर्वक जानकारी दी जाती है।   प्रतिष्ठित संस्थानों में भी कराया जा रहा प्रशिक्षण पुलिस पदाधिकारियों को कई विशिष्ट बिन्दुओं पर प्रशिक्षण देने के लिए देश के प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें नई दिल्ली स्थित नेश्नल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, एनसीआरबी, चंडीगढ़ स्थित सीडीटीआई, हैदराबाद स्थित नार्थ ईस्ट पुलिस एकेडमी, मेघालय स्थित यूएमएसएडब्ल्यू जैसे संस्थान शामिल हैं। आने वाले समय में ऐसे संस्थानों से दो हजार पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण देने की योजना है। 1945 में हुई थी इसकी स्थापना एटीएस की स्थापना 1945 में की गई थी। इसका मकसद खासतौर से पुलिस पदाधिकारियों को विभिन्न नए विषयों पर प्रशिक्षण देना था। एक समय इस संस्थान में नेपाल, भूटान, श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका समेत अन्य देशों के पदाधिकारी आकर प्रशिक्षण लेते थे। इस संस्थान से ट्रेनिंग देने का सिलसिल बीच के कुछ वर्षों को छोड़कर निरंतर जारी है। पुलिस कर्मियों को नए कानून समेत तमाम मूलभूत बातों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके लिए समुचित ट्रेनिंग मॉड्यूल बनाया गया है। यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। आगामी वर्ष तक 2 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों हर तरह से सक्षम और सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ताकि समुचित तरीके से पुलिसिंग हो सके। पारसनाथ (एडीजी-सीआईडी, बिहार पुलिस)

उज्जैन की आघ्यात्मिक धरोहर पूरे विश्व को दे रही है एक नई दिशा : केंद्रीय पर्यटन मंत्री शेखावत

देश की आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है उज्जैन… और इस ऊर्जा के मूल आधार हैं बाबा महाकाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन की आघ्यात्मिक धरोहर पूरे विश्व को दे रही है एक नई दिशा : केंद्रीय पर्यटन मंत्री शेखावत उज्जैन में हुआ ग्लोबल स्पिरिचुअल टूरिज्म कॉन्क्लेव रूहMantic का शुभारंभ उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन देश की आत्मा है। देश की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र है और इस ऊर्जा का मूल आधार स्वयं बाबा महाकाल हैं। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल सम्पूर्ण चराचर जगत को गतिमान रखने वाली नैसर्गिक ऊर्जा के केंद्र हैं। उनके आशीर्वाद से ही यह शहर आज देश की धार्मिक आस्था और परम्पराओं के संवाहक के रूप में प्रसिद्धि पाकर “द बेस्ट रिलीजिएस एण्ड स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन” बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन का यह गौरवशाली स्वरूप ऐसे ही नहीं बना। इसके पीछे एक लंबी कहानी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद से उज्जैन शहर की पहचान, आकर्षण और आस्था विश्वव्यापी हो गए हैं। अब यहां देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक बड़ी संख्या में आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन के होटल अंजुमें दूसरे ग्लोबल स्पिरिचुअल टूरिज्म कॉन्क्लेव 'रूहMantic' के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दीप प्रज्ज्वलन कर इस कॉन्क्लेव का विधिवत् शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री शेखावत ने उज्जैन में कॉन्क्लेव के दौरान फेथ एंड फ्लो पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन काल गणना की नगरी है। आज भारत का समय है और पूरी दुनिया भारत की ओर आशा भरी नजरों से देख रही है। पहले दुनिया के जो देश भारत से प्रतियोगिता कर रहे थे, आज वे सभी खुद को भारत के अनुगामी हैं। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने अनेक कलाएं और विद्या ग्रहण कीं। आत्म चिंतन के लिए भारत से अच्छा दुनिया में कोई स्थान नहीं है। आज देश की सीमाएं हो सकती हैं, लेकिन धर्म और संस्कृति की कोई सीमा नहीं हैं। भारतीय संस्कृति ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान तक फैली हुई है। उज्जैन में एक हजार बीघा जमीन पर बाबा महाकाल का मंदिर बना हुआ है। हम विभिन्न स्वरूपों में ईश्वर की आराधना करते हैं। श्रीआनंदपुर धाम में निरंकारी भाव से गुरु महाराज की भक्ति की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईश्वर ने हमें प्रकृति के साथ मिलकर चलने की सीख दी है। भगवान की भक्ति के साथ शरीर की क्षमताओं का उपयोग करें। पर्यटन के साथ तीर्थाटन के माध्यम से जनकल्याण की कल्पना इस आयोजन के माध्यम से की गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में आध्यात्मिक पर्यटन को गति प्रदान करने की दृष्टि दी है। देवी अहिल्या बाई ने काशी में बाबा विश्वनाथ का मंदिर बनाया। उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने 2000 साल पहले मंदिर बनवाया था, जो बाबर के काल में गिरा दिया गया था। देश का पुराना संसद भवन मुरैना के मंदिर और नया भवन विदिशा के बीजापुर मंदिर के डिजाइन पर बना है, ये हमारे लिए गर्व की बात है। हमारे देवालय भी लोकतंत्र का आधार हो सकते हैं। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इस कॉन्क्लेव में तिरुपति बालाजी ट्रस्ट, शिरडी साईंबाबा ट्रस्ट, काशी विश्वनाथ ट्रस्ट से भी प्रतिनिधि पधारे हैं। इनसे हमें मध्यप्रदेश को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में और आगे ले जाने के लिए इन सभी के सुझाव और अनुभव भी प्राप्त होंगे। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि उज्जैन की आध्यात्मिक धरोहर न केवल भारत की सांस्कृतिक धारा को समृद्ध कर रही है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा दे रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटन नीति में हमने देश की सांस्कृतिक ताकत बढ़ाने वाले धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन केन्द्रों के विकास के लिए बड़े प्रावधान किए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन भारत की संस्कृति और पर्यटन को विश्व पटल पर नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि विश्व में अनेक संस्कृतियों का जन्म हुआ, लेकिन भारतीय संस्कृति आज भी जीवंत है। हमारी संस्कृति ने 2000 साल तक आक्रमण झेला, 200 साल की गुलामी तक झेली, लेकिन आज भी भारतीय संस्कृति समृद्ध है। आज से ढाई हजार साल पहले दुनिया में जब मानव अपना वजूद खोज रहा था, तब भारत में तीर्थाटन की परंपरा थी। उन्होंने बताया कि तीर्थाटन हमारे संस्कारों में हैं। उनकी दादी बैलगाड़ी से तीर्थाटन करने जाया करती थीं। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने केरल से पर्सिया तक 24 हजार किलोमीटर की यात्रा कर भारतीय संस्कृति से दुनिया का परिचय कराया। उन्होंने कहा कि देश में ब्रिटिश काल में लेखकों ने भारतीय विविधता की अपने तरीके से व्याख्या की, परन्तु आज भी भारत एक और अखंड भारत है। इसका उदाहरण प्रयागराज महाकुंभ है, जहां हर मत, पंथ, संप्रदाय के लोग एक मंच पर आए और विश्व शांति का संदेश दिया। सैकड़ों साल पहले जब इंफ्रास्ट्रक्चर इतना डेवलप नहीं था, तब भी लोग केदारनाथ और बद्रीनाथ तीर्थाटन के लिए जाते थे। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है। उज्जैन में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। पहले जितने लोग साल भर में आते थे, उतने अब एक से डेढ़ हफ्ते में आ जाते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज पर्यटन संभावनाएं विकसित करने के लिए राज्यों के बीच प्रतियोगिता चल रही है। मध्यप्रदेश हार्ट ऑफ इंक्रेडिबल इंडिया है। मध्यप्रदेश के पास टूरिज्म सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश ने अपने टूरिज्म सेक्टर को प्रापरली एक्सपलोर कर इस मामले में राजस्थान को भी पीछे छोड़ दिया है। शेखावत ने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे प्रचीन परंपरा और विरासत है। देश में घरेलू पर्यटन बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आज देश सांस्कृतिक पुर्नजागरण से गुजर रहा है। भारतवासियों का देश के प्रति नजरिया बदल गया है। नई पीढ़ियों के बच्चे अब दूसरे देशों में जाने की इच्छा नहीं रखते हैं। हमारे देशवासियों ने अपनी परंपरा और संस्कृति पर गर्व करना शुरू कर दिया है। भारत बहुत … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की गति तेज करने के दिए निर्देश

43 शिविरों में 2,196 लोग सुरक्षित ठहराए गए रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर में राहत और बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य करे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि राहत शिविरों में ठहरे सभी लोगों को भोजन, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने प्रशासन को बाढ़ से प्रभावित गाँवों तक तुरंत सहायता पहुँचाने और आपदा नियंत्रण कक्षों से स्थिति की निगरानी करने के आदेश दिए। उल्लेखनीय है कि लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के चार जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 26 और 27 अगस्त को सबसे अधिक वर्षा दंतेवाड़ा जिले में दर्ज की गई, जहाँ क्रमशः 93.7 मिमी और 118.4 मिमी बारिश हुई। सुकमा में 35 से 109.3 मिमी, बीजापुर में 34.9 से 50.2 मिमी तथा बस्तर में 67.3 से 121.3 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई जिससे 25 गाँव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।  राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि प्रभावित लोगों के लिए 4 जिलों में कुल 43 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें  दंतेवाड़ा जिले से 1,116, सुकमा से 790, बीजापुर से 120 और बस्तर से 170 , इस प्रकार कुल 2,196 प्रभावितों को राहत शिविर में ठहराया गया है। बाढ़ से अब तक 5 जनहानि, 17 पशुधन हानि, 165 मकानों को आंशिक और 86 मकानों को पूर्ण क्षति की सूचना मिली है। सभी जिलों में नगर सेना एवं एस.डी.आर.आफ के द्वारा राहत बचाव कार्य किया जा रहा है एवं राहत शिविर में ठहराये गये लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग जिलों से बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतत संपर्क बनाये हुए है एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। जिला सुकमा में आपदा मित्रों के द्वारा बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु जिला प्रशासन का सहयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनहानि और नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी और पुनर्वास कार्य प्राथमिकता पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन और राहत दल लगातार सक्रिय रहें, हर जरूरतमंद तक तुरंत मदद पहुँचे और राहत सामग्री समय पर मिले। मुख्यमंत्री श्री साय ने आम नागरिकों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आवश्यकता की स्थिति में तुरंत स्थानीय नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि प्रशासन और जनता के सामूहिक सहयोग से हम इस आपदा पर शीघ्र काबू पाएंगे और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जीवन जल्द बहाल होगा।

एमपी: पेट्रोल-डीजल टैंकर में लगी आग, भीषण हादसे में युवक की मौत

सिवनी जिला मुख्यालय से लगभग 40 किमी दूर सिवनी-बालाघाट मार्ग में 26-27 अगस्त की रात पेट्रोल-डीजल टैंकर तथा कौड़िया-घीसी गांव में संचालित संतोष ढाबा में हुई भीषण आगजनी में एक युवक पंकज पुत्र नरेन्द्र पटले (23) जिंदा जल गया। जबकि कौड़िया गांव निवासी मृतक का बड़ा भाई राहुल पटेल (27) झुलस गया। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड कंपनी का लगभग 14 हजार लीटर तीव्र ज्वलनशील ईंधन से भरा टैंकर (वाहन क्र. एमपी 14 एचसी 5013) जबलपुर से बालाघाट जा रहा था, जो कौडिया के संतोष ढाबे में रूका था। टैंकर में फैली आग से ड्राइवर अरविंद परिहार (45) बरगी जबलपुर निवासी के हाथ-पैर झुलस गए। दोनों घायलों का इलाज बरघाट अस्पताल में चल रहा है, जिनकी स्थिति खतरे से बाहर है। रात लगभग 11.30 बजे ढाबे व पेट्रोल-डीजल से भरे टैंकर में एक साथ भड़की आग को बरघाट पुलिस ने लगभग तीन घंटे की मशक्कत कर रात लगभग 2 बजे काबू किया। घटना के दौरान ढाबे में संचालक संतोष सोनी के अलावा एक कमरे में पान दुकान संचालित कर रहा पंकज व उसका बड़ा भाई राहुल पटले मौजूद थे। आग इतनी भीषण थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। टैंकर का हेल्पर व ढाबे में मौजूद लोग डरकर इधर-उधर भाग निकले।

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने जनवितरण प्रणाली की खाली पड़ी दुकानों को भरने की कवायद की शुरू

पटना, आज दिनांक 27.08.2025 को प्रधान सचिव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग श्री पंकज कुमार की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक की गई। आज की समीक्षा बैठक में राज्य के सभी जिलों के जिला आपूर्ति पदाधिकारी, एवं जिला प्रबंधक BSFC वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। आज की समीक्षा बैठक में प्रधान सचिव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया कि लक्षित जनवितरण प्रणाली दुकानों की रिक्तियों को नियमानुसार कार्रवाई करते हुए यथाशीघ्र भरा जाए। इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का भी निदेश प्रधान सचिव ने दिया। प्रधान सचिव ने CMR चावल से संबंधित भुगतान को भी 15 सितंबर से पहले पूर्ण करने का निर्देश दिया। अगस्त माह के खाद्यान्न वितरण में तेजी लाने का निर्देश देते हुए प्रधान सचिव ने इसे 31 अगस्त से पहले माह अगस्त का वितरण पूरा करने का निर्देश दिया। प्रधान सचिव ने सभी पदाधिकारियों को सार्वजनिक जनवितरण प्रणाली के विक्रेताओं को जल्द से जल्द उनके लंबित मार्जिन मनी का भुगतान करने का निर्देश दिया। साथ ही राज्य सरकार द्वारा सार्वजनिक जनवितरण प्रणाली के विक्रेताओं के हितों में लिए गये निर्णय से भी सभी पदाधिकारियों को अवगत कराया गया। सार्वजनिक जनवितरण प्रणाली की दुकानों में सोमवार को साप्ताहिक बंदी के साथ-साथ प्रमुख त्योहारों के अवसर पर सार्वजनिक जनवितरण प्रणाली की दुकानों को बंद रखने की अनुमति दी गई है। अब राज्य सरकार ने पहल करते हुए राज्य मद से डीलर मार्जिन में रू० 47/- प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है, जो सितंबर माह से लागू होगी। राज्य सरकार की इस पहल से राज्य के लगभग 50 हजार जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत कार्यरत डीलरों को प्रोत्साहन मिलेगा। आज की समीक्षा बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सचिव मो० नैय्यर इकबाल, विशेष सचिव श्री उपेन्द्र कुमार, संयुक्त सचिव श्री रवीन्द्र कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री विनोद तिवारी, विशेष कार्य पदाधिकारी सुश्री सृष्टि प्रिया के साथ बिहार राज्य खाद्य असैनिक आपूर्ति निगम के पदाधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री जी ने हादसे में कालकवलित हुए उत्तरप्रदेश के निवासी समस्त मृतक परिजनों को आर्थिक सहायता करने के दिये निर्देश

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जम्मू कश्मीर के वैष्णो देवी यात्रा में हुए प्राकृतिक आपदा की चपेट में आये मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री जी ने कालकवलित हुए उत्तरप्रदेश के निवासी समस्त मृतक परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता के दिये निर्देश। मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को मृतकों के शव उनके घर पहुंचाए जाने की व्यवस्था करने के भी दिये निर्देश।

गंगा के विस्तृत प्रवाह वाले प्रदेश के रूप में उत्तर प्रदेश नमामि गंगे कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र रहा

नई दिल्ली/लखनऊ,  नदियाँ और जल संसाधन सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, और इनका पुनर्जीवन राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। नदी पुनर्जीवन और जल संरक्षण में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की अग्रणी पहलों ने इसे वैश्विक जल संवाद में एक प्रमुख आवाज बना दिया है। इस वर्ष स्टॉकहोम वर्ल्ड वॉटर वीक में इसकी भागीदारी भारत की बढ़ती भूमिका को उजागर करती है, जो जल संबंधी वैश्विक चुनौतियों के समाधान में अहम योगदान दे रही है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल वॉटर इंस्टीट्यूट (SIWI) द्वारा वर्ष 1991 से आयोजित यह प्रतिष्ठित आयोजन अब वैश्विक नीति निर्धारकों, वैज्ञानिकों, उद्योग विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए सबसे प्रभावशाली मंच बन चुका है। गंगा के विस्तृत प्रवाह वाले प्रदेश के रूप में उत्तर प्रदेश नमामि गंगे कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र रहा है। वाराणसी में रिवरफ्रंट विकास, कानपुर में सीवेज शोधन संयंत्रों की स्थापना तथा छोटे एवं मझौले नगरों में सामुदायिक भागीदारी आधारित पहलें इस अभियान को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रही हैं। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन का केंद्र बिंदु बना "नदी शहरों की पुनर्कल्पना: जलवायु-संवेदी और बेसिन-केंद्रित शहरी विकास", जिसमें राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG), राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (NIUA) और जर्मन विकास सहयोग (GIZ) ने मिलकर नेतृत्व किया। इस सत्र में विशेषज्ञों ने जोर दिया कि जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण की चुनौतियों के बीच, नदी-केंद्रित विकास ही शहरों को टिकाऊ और सुरक्षित बना सकता है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक श्री राजीव कुमार मित्तल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नमामि गंगे मिशन ने भारत में नदियों के पुनरुद्धार के लिए एक ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव की नींव रखी है। उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत अब तक 40 हजार करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जा चुका है, जो गंगा और उसकी सहायक नदियों को उनके प्राचीन रूप में पुनः स्थापित करने की दिशा में तेज़ी से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे मिशन एक जीवित उदाहरण है, जो यह साबित करता है कि जब आधुनिक तकनीक और नवाचार का संगम होता है, तो नदियों को पुनः जीवनदायिनी बनाने में सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि मिशन के अंतर्गत की गई पहलें, जैसे हाइब्रिड एनीटी मॉडल आधारित एसटीपी, सोलर पावर्ड ट्रीटमेंट प्लांट और मृदा जैव प्रौद्योगिकी, वैश्विक मानकों को स्थापित करने में योगदान दे रही हैं। श्री मित्तल ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस कार्यक्रम को एक विशाल जन आंदोलन में बदला गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। वैश्विक सहयोगों की अहमियत को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व बैंक, जीआईजेड, सी-गंगा, नीदरलैंड्स और डेनमार्क का सहयोग नदी विज्ञान, जल सुरक्षा और प्रबंधन में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने यह स्पष्ट किया कि जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण की समस्याओं का हल केवल नदी-बेसिनों के संरक्षण और प्रबंधन में ही छुपा है। इस संदर्भ में भारत की 'नमामि गंगे' पहल को आदर्श उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे अन्य देशों के लिए अनुकरणीय माना गया। प्रदूषण नियंत्रण, जैविक खेती, आर्द्रभूमि संरक्षण और जलवायु-स्मार्ट शहरी विकास जैसे कदमों ने इस मिशन को वैश्विक स्तर पर प्रेरणा का स्रोत बना दिया है। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि अब समय आ गया है जब शहरों को केवल उपभोक्ता के रूप में नहीं, बल्कि नदी-बेसिनों के सक्रिय संरक्षक के रूप में कार्य करना होगा। जलवायु परिवर्तन के दौर में नदियों का संरक्षण अनिवार्य बन चुका है और इसके लिए नदी-केंद्रित शहरी विकास को अपनाना होगा। सत्र के समापन में यह महत्वपूर्ण संदेश सामने आया – जब शहर मिलकर काम करेंगे और सीमा पार सोचेंगे, तो नदियों को बचाया जा सकता है और उन्हें समृद्ध भी किया जा सकता है। यही स्थिरता और समृद्धि का वास्तविक आधार होगा, जो भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा और पारिस्थितिक संतुलन सुनिश्चित करेगा।

18.46 करोड़ रुपये की लागत से न्यायिक भवनों में लगेंगे सीसीटीवी : सम्राट चौधरी

नीतीश सरकार न्यायिक ढांचे को मज़बूत करने के लिए लगातार कर रही है काम पटना, बिहार के उपमुख्यमंत्री  सम्राट चौधरी ने बताया कि न्यायिक भवनों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के संचालन और रखरखाव के लिए 18 करोड़ 46 लाख 44 हजार 472 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति सीसीटीवी कैमरों और दूसरे उपकरणों के संचालन, वार्षिक रख-रखाव (मैन पावर भी शामिल) के लिए दिया गया है। स्वीकृत राशि का प्रयोग वित्तीय वर्ष 2025-26  में 1 मार्च 2025 से 28 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। चौधरी ने कहा- इस कदम से न्यायिक भवनों में सुरक्षा और पारदर्शिता और अधिक सुदृढ़ होगी। बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार न्यायालयों में कार्यरत जजों और कर्मचारियों को बेहतर कार्यपरिसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का मानना है कि न्यायिक क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को यदि समुचित संसाधन, आधारभूत सुविधाएं और बेहतर कार्य परिवेश उपलब्ध कराया जाए तो आम लोगों को समयबद्ध और प्रभावी न्याय दिलाया जा सकेगा। हाल में ही सरकार ने अनुमंडलीय न्यायालय पीरो में 20 जज क्वार्टर और छह मंजिला ट्रांजिट-कम-गेस्ट हाउस (G+6) के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की थी। और अब न्यायिक भवनों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के संचालन और रखरखाव के लिए 18 करोड़ 46 लाख 44 हजार 472 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

बर्थडे पर अखिलेश का गिफ्ट, 100 रुपए लेते ही लाल हो गईं इकरा हसन के गाल

लखनऊ शामली से सपा सांसद इकरा हसन कल यानि 26 अगस्‍त को जन्‍मदिन था, जिसको लखनऊ के एक 5 स्टार होटल में बनाया गया। इस दौरान अखिलेश यादव भी वहां पहुंचे और उनको ऐसा बर्थडे गिफ्ट दिए कि इकरा हसन हैरान हो गईं। दरअसल, अखिलेश यादव ने 100 रूपये का गिफ्ट दिया था, जिसे लेते हुए वह काफी शर्मा रही थी। बता दें कि उनके जन्मदिन के मौके पर डिंपल यादव और जया बच्चन ने मिलकर केक कटवाया था। जन्मदिन के मौके पर अखिलेश यादव के परिवार के साथ मछली शहर से सासंद और रिंकू सिंह की होने वाली पत्नी प्रिया सरोज भी वहां पर मौजूद थीं। जैसे ही केक सामने आया, सभी सांसद एक स्वर में इकरा हसन को हैप्पी बर्थडे विश करने लगे। वहां मौजूद सांसदों ने तालियां बजाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया। इसी बीच, अखिलेश यादव ने 100 रुपए का नोट निकाला और इकरा को जन्मदिन पर गिफ्ट किया। यह देखकर वहां मौजूद सभी लोग हंसने लगे।   इकरा ने शेयर कीं तस्‍वीरें आपको बता दें कि जन्‍मदिन की तस्‍वीरें अपने X अकाउंट पर शेयर करते हुए इकरा हसन ने सभी का आभार जताया है। उन्‍होंने लिखा- 'मेरे जन्मदिवस के अवसर पर लखनऊ में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय अखिलेश यादव एवं पार्टी के सभी सम्मानित सांसदों एवं नेताओं द्वारा जो स्नेह, आशीर्वाद और प्यार मुझे मिला, उसके लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करती हूं। आपका यह विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है, जो मुझे समाज और जनता की सेवा के लिए और अधिक समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। आप सभी का स्नेह और आशीर्वाद यूं ही बना रहे, मैं खुदा से यही कामना करती हूं।'

पारदर्शिता की ओर बड़ा कदम, जनता तक पहुंचेगी हरियाणा विधानसभा की हर जानकारी

चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने सदन की कार्यवाही के सीधे प्रसारण की प्रथा जारी रखकर संसदीय प्रणाली में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि इस कदम से जनता अपने जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली और उठाए गए जनहित के मुद्दों के बारे में सीधे और पारदर्शी जानकारी प्राप्त कर सकेगी। उन्होंने मंगलवार को सदन में स्पष्ट किया कि प्रतिबंध लगाने की चर्चा अधूरी जानकारी पर आधारित है  कुछ रोकथाम का प्रावधान संविधान के अनुछेद 361-ए में है, जिसे ध्यान में रखते हुए और कार्यवाही से हटाए गए नकारात्मक शब्दों से बचाव के लिए नियम बनाए गए हैं। हरियाणा विधानसभा सचिवालय ने मीडिया संस्थानों को लाइव कवरेज हेतु नई गाइड लाइन भेजी हैं। इन गाइड लाइन के अनुसार, केवल सैटेलाइट टीवी चैनल ही लाइव प्रसारण कर सकते हैं, जिनकी अनुमति विधानसभा अध्यक्ष द्वारा दी जाएगी। प्रसारण के दौरान हरियाणा विधानसभा का लोगो और चैनल का वॉटरमार्क अनिवार्य होगा। किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स (ट्विटर) पर इसे साझा नहीं किया जा सकेगा। सचिवालय ने कहा कि कार्यवाही से हटाए गए अंश या शब्द किसी भी मीडिया या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रयोग नहीं किए जा सकते। उल्लंघन करने वाले चैनलों को लाइव कवरेज से प्रतिबंधित किया जा सकता है। हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि सीधा प्रसारण हरियाणा विधानसभा की 15वीं सत्र का ऐतिहासिक कदम है, जो पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनता तक सही जानकारी पहुंचाने की संसदीय प्रथा को मजबूत करता है।