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योगी सरकार ने दी सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी

प्रदेश में कहीं भी उर्वरक की दिक्कत नहीं, कालाबाजारी पर योगी सरकार सख्त योगी सरकार ने दी सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी सीएम योगी ने किसानों से की अपील- भंडारण न करें, जब चाहें, आवश्यकतानुरूप लें खाद   पहली अप्रैल से 18 अगस्त 2025 तक हुई 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री  पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की हुई बिक्री मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश- जनपदों में निरंतर मॉनीटरिंग करें अधिकारी, किसानों को न हो परेशानी सीएम योगी ने किसानों से की अपील- भंडारण न करें, जब चाहें, आवश्यकतानुरूप लें खाद   लखनऊ योगी सरकार ने एक बार फिर साफ किया है कि प्रदेश में कहीं भी उर्वरकों की दिक्कत या कमी नहीं है। किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। सरकार ने खाद के अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है। कृषि विभाग ने सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी दी। खरीफ सत्र 2024 में इस अवधि (18 अगस्त) तक 36.76 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री हुई थी, वहीं इस वर्ष अब तक 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री की जा चुकी है।  मुख्यमंत्री ने की किसानों से अपील  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से अपील की कि खाद का भंडारण न करें। जितनी आवश्यकता है, उतना खाद लें, जब-जब आवश्यकता है, तब-तब खाद लें। हर जनपद में शिकायत प्रकोष्ठ है। किसी भी परेशानी की स्थिति में अवगत कराएं। मुख्यमंत्री ने उर्वरक की ओवररेटिंग, कालाबाजारी करने वालों को कड़ी चेतावनी भी दी है। उन्होंने जनपद में तैनात अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने, किसानों से संवाद स्थापित करने और समस्याओं का निस्तारण करने का निर्देश दिया है। कृषि विभाग ने बताया कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। पिछले वर्ष से अधिक हुआ खाद वितरण प्रदेश में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अभी तक अधिक खाद वितरण किया जा चुका है। विगत वर्ष 27.25 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरण हुआ था, इस वर्ष अभी तक 31.62 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। डीएपी 2024 में वितरण 5.28 लाख मीट्रिक टन का रहा, इस वर्ष यह बिक्री 5.38 लाख मीट्रिक टन हुई। एनपीके उर्वरक (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस व पोटेशियम मिश्रण) का वितरण विगत वर्ष 2.07 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष 2.39 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) 0.25 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष इस वर्ष 0.46 लाख मीट्रिक टन वितरित हुआ। वहीं एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) का वितरण 2024 में 1.91 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष किसानों को 2.79 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। खाद की उपलब्धता यूरियाः 18 अगस्त तक प्रदेश में 37.70 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता रही। इसमें से 31.62 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों द्वारा की जा चुकी है।  डीएपी: 18 अगस्त तक 9.25 लाख मी. टन की उपलब्धता रही, जिसमें से 5.38 लाख मी. टन की खरीद किसानों ने कर ली है।   एनपीके: 18 अगस्त तक 5.40 लाख मी०टन की उपलब्धता रही। इसमें से 2.39 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों ने कर ली।  गत वर्ष की तुलना में 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की बिक्री खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य पूर्ण हो गया है। मुख्य फसल धान में टॉप-ड्रेसिंग हेतु प्रतिदिन औसतन 49564 मी०टन यूरिया की खपत/बिक्री हो रही है। गतवर्ष की तुलना में इस वर्ष 16.04% (मात्रा 4.37 लाख मी०टन) अधिक यूरिया उर्वरक की बिक्री हुई है। खाद उपलब्धता की सम्पूर्ण स्थिति (को-ऑपरेटिव स्टॉक और प्राइवेट स्टॉक) मंडल                  यूरिया           डीएपी         एनपीके                           सहारनपुर               18734         4577         3075 मेरठ                       39089       17195        8858 आगरा                    43824        28329       21502 अलीगढ़                 29597        18377       16464 बरेली                    41610         20790       28159 मुरादाबाद              46450         18159       27402 कानपुर                  52100         41168       30301 प्रयागराज               57212         21286       25580 झांसी                     28267        27164       16506   चित्रकूट                  25650          9110         3975 वाराणसी                43294         27689       14627 मीरजापुर                13626          7840         3804    आजमगढ़               34184         24481        9070 गोरखपुर                 34126         25756        15755 बस्ती                     12306        10439            4611 देवीपाटन               17955         18681          9017 लखनऊ                 41066         37964         36736 अयोध्या                28960          27997         25250 कुल-                  608049         387003     300693  नोटः यह आंकड़े खऱीफ सत्र 2025 में 18 अगस्त तक के हैं। यह मात्रा मीट्रिक टन में है।

अम्बिकापुर में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और धरमजयगढ़ में 100 बिस्तर अस्पताल स्थापित करेगा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन

रायपुर : प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन के लिए सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वास्थ्य विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के मध्य एमओयू सम्पादित अम्बिकापुर में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और धरमजयगढ़ में 100 बिस्तर अस्पताल स्थापित करेगा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप और 2500 शिशुगृह संचालित करने फाउंडेशन की योजना रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के विषय में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के पदाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा सरकार द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत निजी क्षेत्र की सहभागिता से सरकार के कार्यों को बल मिलेगा। बैठक में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए स्वास्थ्य विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के मध्य एमओयू सम्पादित किया गया।  बैठक में मुख्यमंत्री साय को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने फाउंडेशन द्वारा छत्तीसगढ़ में शिक्षा,स्वास्थ्य, क्रेच(शिशुगृह),आजीविका विकास सहित अन्य क्षेत्रों में किये जा रहे कार्यों के विषय में पॉवरपॉइंट प्रेजेंटेशन द्वारा विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग बेहार ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा विगत 15 वर्षों से छत्तीसगढ़ में समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 9 जिलों में फाउंडेशन द्वारा विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।  मुख्यमंत्री को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के पदाधिकारियों  ने छत्तीसगढ़ में फाउंडेशन की भविष्य की कार्ययोजना से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा अम्बिकापुर में 200-300 बिस्तर का सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और धर्मजयगढ़ में 100 बिस्तर का सर्व सुविधायुक्त अस्पताल की योजना है। इन अस्पतालों में अस्सी प्रतिशत प्रतिशत मरीजों को पूर्णतः निःशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिसका सीधा लाभ आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को मिलेगा।  मुख्यमंत्री साय को फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा छत्तीसगढ़ में शासकीय विद्यालयों से दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई करने वाली 20 हजार बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। इसके तहत बालिकाओं की ट्यूशन फीस के साथ अन्य खर्चों के लिए प्रतिवर्ष 30 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने फाउंडेशन द्वारा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने स्कॉलरशिप देने की योजना की सराहना की।  बैठक में मुख्यमंत्री साय को फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा प्रदेश के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिक्षकों के प्रशिक्षण सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य संस्थागत रूप से किये जा रहे हैं। इसी क्रम में 6 महीने से 3 साल तक के छोटे बच्चों के लिए राज्य में 400 क्रश (शिशुगृह) संचालित हैं। सभी क्रश में बच्चों को दिन में 3 बार भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। फाउंडेशन की योजना प्रदेश में क्रेच की संख्या को बढ़ाकर 2500 से 3000 क्रेच तक करने की है। मुख्यमंत्री साय ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि क्रश के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित परिवेश में शिक्षा और पोषण मिलेगा। मुख्यमंत्री साय को फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने आजीविका विकास के लिए किए जा रहे कार्यों से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन धरमजयगढ़ के 42 गांवों में बागवानी,कृषि, पशुपालन सहित अन्य क्षेत्रों में कार्य द्वारा लोगों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहा है। भविष्य में इस कार्य को गति देते हुए फाउंडेशन अन्य जिलों में भी आजीविका विकास के कार्य करेगा।  बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अमित कटारिया, सचिव उच्च शिक्षा विभाग डॉ एस भारतीदासन, सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती शम्मी आबिदी, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के स्टेट हेड सुनील सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राज्य स्तरीय एकलव्य स्कूल खेल प्रतियोगिताओं का किया उद्घाटन

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने एकलव्य स्कूलों के राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का किया शुभारंभ रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राज्य स्तरीय एकलव्य स्कूल खेल प्रतियोगिताओं का किया उद्घाटन एकलव्य स्कूलों की खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया उद्घाटन रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने  एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग द्वारा 19 अगस्त और 20 अगस्त को एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। प्रतियोगिता में प्रदेशभर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के छात्र एवं छात्राएं भाग ले रहे हैं। विधायक धरम लाल कौशिक ने प्रतियोगिता के शुभारम्भ कार्यक्रम की अध्यक्षता की।  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'खेलो इंडिया' के तहत पूरे देश में खेल के लिए जो माहौल बनाया है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में खिलाड़ियों को जो सुविधाएं मिल रही हैं, उससे पूरे प्रदेश में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बना है। हमने फिर से खेल अलंकरण शुरू किया है जिससे हमारे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है। साव ने खिलाड़ियों से कहा कि आप लोग जिस लगन के साथ खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं, निश्चित रूप से आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हमारी सरकार आपको हरसंभव सुविधाएं मुहैया कराएगी। आपको खूब खेलना है, खूब पढ़ना है और खूब आगे बढ़ना है।  शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि अनुकूल परिस्थितियों में तो सभी अपना पराक्रम दिखाते हैं। विपरीत परिस्थितियों से जो लड़कर जीतता है वही सच्चा खिलाड़ी होता है। आपके अंदर जो जज्बा मुझे दिखाई दे रहा है वह एक सच्चे खिलाड़ी का जज्बा है और इस जज्बे को हमेशा बनाए रखिए। खेल के क्षेत्र में अपना, अपने परिवार का, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।  एकलव्य विद्यालयों की इस दो दिवसीय राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, शतरंज, जूडो, टेनिस, तैराकी, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, योग, बास्केटबॉल, फुटबॉल, हैंडबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो और वालीबॉल की स्पर्धाएं होंगी। बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि प्रदेश में 75 एकलव्य आवासीय विद्यालयों से लगभग 1500 प्रतिभागी, 250 प्रशिक्षक एवं शिक्षक इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। जिला पंचायत के अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, सीईओ संदीप अग्रवाल और आदिम जाति कल्याण विभाग के अपर संचालक तारकेश्वर देवांगन सहित अनेक जनप्रतिनिधि भी शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे।

96 घंटे में तैयार होगा स्ट्रांग सिस्टम, IMD ने 14 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी

भोपाल मध्य प्रदेश में नए सिस्टम एक्टिव होने से एक बार फिर बारिश का दौर जारी है। राजधानी भोपाल में रुक-रुककर तेज बारिश हुई। इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, उज्जैन, दमोह, सिवनी, मंडला ,खरगोन, पचमढ़ी ,बैतूल, गुना, ग्वालियर समेत कई जिलों में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने 14 जिलों में अतिभारी से भारी बारिश का अनुमान जताया है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा जिलों में अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, डिंडौरी, नरसिंहपुर जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अनुमान जताया गया है। कैसा रहेगा मौसम का हाल मौसम विभाग के मुताबिक, वर्तमान में मध्य प्रदेश में कोई भी सिस्टम एक्टिव नहीं है। प्रदेश से सटे दूसरे राज्यों में कई सिस्टम एक्टिव हैं। जिसके कारण हल्की से भारी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। IMD ने अनुमान जताया है कि 23 से 25 अगस्त तक अतिभारी बारिश होने की संभावना है। यानी देखा जाए तो 96 घंटे यानी तीन बाद स्ट्रांग सिस्टम की एक्टिविटी प्रदेश में देखने को मिल सकती है। अगस्त महीने के आखिरी में पूरा प्रदेश भीगने की संभावना है। इंदौर, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में कम बारिश हुई है। आने वाले 21 अगस्त से स्ट्रांग सिस्टम बनेगा। जिसके बाद 23 अगस्त से 25 अगस्त तक पूरा प्रदेश भारी बारिश की चपेट में होगा। सोमवार को 22 जिलों में हुई थी बारिश सोमवार को भोपाल, उज्जैन, दमोह, बड़वानी, धार, बैतूल, गुना, नर्मदापुरम, शाजापुर, रतलाम, खरगोन, रायसेन, सतना, उमरिया, देवास, सीहोर, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश हुई। 

NH-27 हादसा: तेज रफ्तार वैन ट्रक से भिड़ी, चार लोगों ने गंवाई जान

बूंदी जिले के डाबी थाना इलाके में नेशनल हाईवे नंबर 27 पर अल सुबह भीषण सड़क हादसे में एक महिला समेत चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। ये सभी बारां और मध्यप्रदेश के ब्यावरा से मजदूरी करने वैन में सवार होकर राजसमंद जा रहे थे कि रास्ते में वैन किसी अन्य भारी वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन सवार चार लोगों के शवों के टुकड़े हो गए, जिन्हें समेटकर अस्पताल लाना पड़ा। थाना अधिकारी हेमराज शर्मा ने बताया कि दुर्घटना बुधवार सुबह 4 बजे के आसपास हुई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से डाबी अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कोटा रैफर कर दिया गया। ये भी पढ़ें: Rajasthan News: खुला नीले ड्रम का राज; बेवफा पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर ऐसे रचा खूनी खेल, जानें पूरी कहानी हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है। ये लोग राजस्थान के बारां और मध्यप्रदेश के ब्यावरा के बताए गए हैं। मृतकों में एक अनिल की जानकारी मिली है, शेष तीन के बारे में पता नहीं चल पाया। इनमें एक महिला और दो पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा पांच लोग घायल हैं, जिनमें दो बच्चे और एक महिला है। दुर्घटना में मृतक अनिल की पत्नी मीनाक्षी और बच्चा भी घायल है। सूचना के बाद मृतक अनिल के परिजन कोटा आ गए। डाबी पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। थानाधिकारी शर्मा ने बताया कि दुर्घटना में वैन आगे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। घटनास्थल देखकर अंदाजा लगाया जा रहा हे कि वैन काफी तेज गति में थी और किसी भारी वाहन से इसकी टक्कर हुई है। फिलहाल दूसरे वाहन के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये दूसरा वाहन कौनसा था। इसके साथ ही मृतकों की शिनाख्तगी के प्रयास किए जा रहे हैं।  

लंबित राजस्व मामलों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सख्त, राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण अनिवार्य

रायपुर : नहीं चलेगी 'पेशी पर पेशी': मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टर्स और संभाग आयुक्तों को दिए स्पष्ट निर्देश लंबित राजस्व मामलों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सख्त, राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण अनिवार्य मुख्यमंत्री साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ली सभी जिलों के कलेक्टर्स की समीक्षा बैठक रजत महोत्सव की तैयारियों और विकास योजनाओं की प्रगति की गहराई से समीक्षा राजस्व मामलों में लापरवाही नहीं चलेगी, राजस्व अधिकारियों कर्मचारियों पर होगी नजर रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  नया रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने राज्य के सभी जिलों में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए। राज्य में बढ़ते लंबित राजस्व प्रकरणों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब "पेशी पर पेशी" का दौर खत्म हो— सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर ही किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने जिलेवार समीक्षा करते हुए नामांतरण, अविवादित व विवादित बंटवारे, अभिलेख दुरूस्ती, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन, सीमांकन, और डायवर्सन से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।  हितग्राहियों को नहीं हो अनावश्यक परेशानी मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि बार-बार पेशी पर बुलाने से जनता को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनका समय और श्रम भी व्यर्थ जाता है। इससे सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों का भरोसा भी कम होता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेशियों में कमी लाएं और प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। ई-कोर्ट में दर्ज हों सभी मामले मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों को ई-कोर्ट में दर्ज किया जाए, जिससे उनकी मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग आसान हो सके। साथ ही रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण और त्रुटि सुधार के मामलों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। तहसील स्तर पर पटवारियों के माध्यम से एक विशेष अभियान चलाकर रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों और अधोसंरचना परियोजनाओं में भू-अर्जन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजनाओं पर खास जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और भारतमाला परियोजना की तीव्र और निर्बाध गति के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया जरूरी है।उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि भू-अर्जन और मुआवजा वितरण के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करें।  बस्तर संभाग को सुरक्षा के साथ विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश बस्तर संभाग के नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में सड़क, रेल और मोबाइल टॉवर जैसी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।  सख्ती के साथ सुधार की पहल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार अब राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। एक जिम्मेदार शासन प्रणाली का निर्माण तभी संभव है जब जनता के साथ न्याय समय पर हो। इसलिए प्रत्येक अधिकारी सुनिश्चित करें कि प्रकरणों का निपटारा देरी के बिना, न्यायसंगत ढंग से हो। किसान पंजीयन व डिजिटल फसल सर्वे पर विशेष फोकस मुख्यमंत्री ने किसान पंजीयन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि शीघ्र ही सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को डिजिटल फसल सर्वे को गंभीरता से लेने और समय पर पूर्ण करने को कहा। रजत महोत्सव की जोरदार तैयारियां, 25 वर्षों की विकास यात्रा होगी प्रदर्शित छत्तीसगढ़ के निर्माण की 25वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए 15 अगस्त से रजत महोत्सव की शुरुआत हुई है, जो 25 सप्ताह तक चलेगी। मुख्यमंत्री साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आयोजन कर रजत महोत्सव को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। कार्यक्रमों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाए और प्रचार-प्रसार को गति दी जाए।  सेवा पखवाड़ा से जुड़ेगा रजत महोत्सव मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक राज्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाएगा जो  छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का हिस्सा होगा। इस दौरान रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य कैंप, राजस्व कैम्प जैसे जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस अवसर को राज्य के हर नागरिक से जोड़कर जनसंपर्क को और मजबूत किया जाए। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी दयानंद, वित्त सचिव मुकेश बंसल, पीसीसीएफ सुनील मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले, , संस्कृति विभाग के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य के साथ अन्य विभागों के सचिव, आयुक्त एवं संचालक उपस्थित थे।

राज्य अलंकरण पुरस्कार में जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले होंगे पुरस्कृत

रायपुर : छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के दौरान जल महोत्सव का होगा आयोजन: मंत्री कश्यप राज्य अलंकरण पुरस्कार में जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले होंगे पुरस्कृत  मंत्री कश्यप ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक   रायपुर जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूकता के लिए छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के दौरान जल महोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अरपा महोत्सव, ईब महोत्सव, महानदी महोत्सव और इंद्रावती महोत्सव के आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश आज जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए।  जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नदियां हमारी सभ्यता और आस्था का केन्द्र रही है, जल महोत्सव से लोगों को प्रकृति संरक्षण के साथ-साथ जल संरक्षण के प्रति भी भावनात्मक तरीके से जोड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष राज्य अलंकरण पुरस्कार के अंतर्गत जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को जल पुरस्कार भी दिया जाएगा। जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने विभाग के विभिन्न निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बैठक में बोधघाट वृहद् परियोजना, इन्द्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना, शेखरपुर जलाशय एवं डांडपानी जलाशय परियोजना के संबंध में अद्यतन जानकारी ली।  सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो ने कहा कि निविदाकारों के द्वारा अनियमितता बरतनें पर नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि 4 निविदाकारों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। उन्होंने प्रशासकीय स्वीकृति के बाद भी तकनीकी स्वीकृति नहीं मिलने के प्रकरणों में जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।   बैठक में जलाशयों में जलभराव की अद्यतन स्थिति, विगत दो वर्षों से प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त योजनाओं की प्रगति, जल जीवन मिशन, अमृत मिशन 2.0, स्मार्ट मीटर सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उईके, मुख्य अभियंता सर्वएस.व्ही. भागवत, प्रसून शर्मा, डी.के. बुम्मेरकर, जे.आर. भगत, आर.आर. सारथी, एस.के. टीकम, शंकर ठाकुर, के. एस. भंडारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़: राजभवन में तीन नए मंत्रियों ने ली शपथ, राज्यपाल रमेन डेका ने दिलाई गोपनीयता की शपथ

राज्यपाल रमेन डेका ने सर्वगजेन्द्र यादव, राजेश अग्रवाल और गुरु खुशवंत साहेब को मंत्री पद की शपथ दिलाई छत्तीसगढ़: राजभवन में तीन नए मंत्रियों ने ली शपथ, राज्यपाल रमेन डेका ने दिलाई गोपनीयता की शपथ सर्वगजेन्द्र यादव, राजेश अग्रवाल और गुरु खुशवंत साहेब बने मंत्री, राज्यपाल ने दिलाई शपथ राज्यपाल डेका ने दिलाई मंत्रियों को शपथ, राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में सर्वगजेन्द्र यादव, राजेश अग्रवाल एवं गुरू खुशवंत साहेब को मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रीपरिषद के सदस्यगण, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना भी उपस्थित थे।

CM ने किया बड़ा ऐलान: एमपी में किसानों को जल्द मिलेगा 5.60 लाख टन यूरिया

भोपाल  एमपी में यूरिया की जबर्दस्त कमी है। इसके लिए प्रदेशभर के किसान परेशान हो रहे हैं। छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रीवा जैसे जिलों में खाद के लिए किसान रात 3 बजे से लाइन में लग रहे हैं तब भी मायूस होकर लौट रहे हैं। पिछले करीब एक महीने से यूरिया के लिए मारामारी मच रही है। किसानों ने इसके लिए धरना, प्रदर्शन, आंदोलन सब कुछ किया है पर यूरिया की जगह उन्हें सिर्फ़ आश्वासन और पुलिस की लाठियां मिल रहीं हैं। इससे प्रदेश के किसानों में खासी नाराजगी है। ऐसे माहौल में सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने प्रदेश के किसानों के लिए 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया जल्द उपलब्ध कराने का ऐलान किया है। प्रदेश के रीवा में कई दिनों के इंतजार के बाद सोमवार को खाद वितरण केन्द्र खुले तो किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिले के कई केन्द्रों में रात्रि के तीन बजे से ही लंबी लाइनें लग गई थी। बीते कई दिनों से कृषि सेवा सहकारी समितियां और डबल लॉक सेंटर में खाद नहीं मिल रही थी। कुछ दिन पहले आई एक रैक की खाद सभी डबललॉक सेंटर और 148 में केवल 42 समितियों में भेजा गया था। भाकियू के अध्यक्ष सुब्रतमणि त्रिपाठी बताते हैं कि किसानों के सामने बड़ा संकट है। सहकारी समितियों में खाद नहीं है, डबल लॉक में कई दिनों बाद आई। इसलिए भीड़ जमा हो गई। कई किसान दिनभर लाइन में लगे रहे फिर भी बिना खाद के लिए वापस लौटे हैं।   आंदोलन का ऐलान छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भी यूरिया के लिए ऐसा ही हाहाकार मचा हुआ है। छिंदवाड़ा में कांग्रेस ने यूरिया के लिए आंदोलन का ऐलान किया है। इधर सरकार दावा कर रही है कि यूरिया की कोई कमी नहीं है, प्रदेश में पर्याप्त खाद है। हालांकि हकीकत यही है कि प्रदेशभर में किसान यूरिया के लिए तरस रहे हैं। 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूरिया की उपलब्धता के संबंध में अहम बयान दिया। मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना है। यह मात्रा आगामी डेढ़ माह में मिल जाएगी। डेढ़ माह में मिलेगा यूरिया सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि यूरिया का कुल भंडारण 15.60 लाख मेट्रिक टन है। इसमें से 13.92 लाख मेट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित की जा चुकी है और 1.68 लाख मेट्रिक टन यूरिया शेष है। सीएम ने बताया कि प्रदेश में मक्का का क्षेत्रफल करीब 5 लाख हेक्टेयर बढ़ जाने के कारण यूरिया की मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आगामी डेढ़ माह में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना है।

केन्द्रीय मंत्री ने आदि कर्मयोगी मास्टर ट्रेनरों के प्रशिक्षण कार्यशाला का किया शुभारंभ

रायपुर : जिनका व्यक्तित्व और कर्तृत्व उत्कृष्ट है, उन्हें आने वाली पीढ़ी भी याद रखती हैं: केन्द्रीय जनजातीय मंत्री उइके जिनका व्यक्तित्व और कर्तृत्व उत्कृष्ट है, उन्हें आने वाली पीढ़ी भी याद रखती हैं: केन्द्रीय मंत्री ने आदि कर्मयोगी मास्टर ट्रेनरों के प्रशिक्षण कार्यशाला का किया शुभारंभ विकसित भारत की संकल्पना में छत्तीसगढ़ न रहे पीछे: मंत्री रामविचार नेताम राज्य के 28 जिलों के 138 विकासखंडो में संचालित होगा आदि कर्मयोगी अभियान 1.33 लाख आदि कर्मयोगी जनजातियों के विकास में बनेगी सहभागी   रायपुर केन्द्रीय जनजातीय मामले के मंत्री दुर्गादास उइके ने आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित आदि कर्मयोगियों के लिए राज्य स्तरीय उन्नमुखीकरण एवं जिला मास्टर टेªनर्स के चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। केन्द्रीय मंत्री उइके ने शुभारंभ सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें केवल स्वहित के लिए ही नहीं, बल्कि परहित और विकास की राह में पीछे छूट गए लोगों के लिए संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। ऐसे लोगों के लिए काम करने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि जिनका व्यक्तित्व और कर्तृत्व उत्कृष्ट होता है, उन्हें आने वाली पीढ़ी याद रखती हैं। जिसके मन में मानवीय संवेदना का चिंतन होता है, वे सबको साथ लेकर चलते है, सबके विकास में सहभागी बनते हैं। उन्होंने कहा कि भोग, भौतिकी, पेट और प्रजनन के साथ ही मानवता के प्रति अपने मूल दायित्वों को भी प्राथमिकता के साथ पूरा करना चाहिए।  केन्द्रीय मंत्री उइके ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि आदि कर्मयोगी को विशेष तौर पर यह ध्यान देना चाहिए कि जनजातीय संस्कृति और परंपरा को कायम रखते हुए उनके उत्पाद को उचित बाजार और अच्छा दाम मिले। इन वर्गों के कल्याण के लिए हम सबको पावन और पवित्र भाव से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कार्यशाला में कहा कि वैश्विक भाव रखते हुए हमें विश्व भारती पर चिंतन करने की जरूरत है। साथ ही केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे यह भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि हम पिछड़े हुए वर्गों के विकास के लिए निच्छल भाव काम करेंगे तो अभियान को सफलता अवश्य मिलेगी।   आदिम जाति, अनुसूचित जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने आदि कर्मयोगी अभियान के प्रशिक्षण कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के परिकल्पना पर आदि कर्मयोगी अभियान प्रारंभ किए गए हैं। यह अभियान विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका समाएगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना में छत्तीसगढ़ पीछे न रहे इस उद्देश्य से संवेदनशीलता और समर्पण भाव से जनजातीय वर्गों के विकास में भागीदारी बनने की जरूरत है।  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्पना एवं सोच से जनजातीय वर्गों की समस्याओं के निराकरण का राष्ट्रव्यापी अभियान चल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के ही परिकल्पना से पीएम जनमन एवं धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान संचालित हो रहे है, इससे राज्य के जनजातियों विशेषकर पिछड़े जनजातियों के विकास निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इस अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में भी जनजातीय बाहुल्य गांवों में बुनियादी अधोसंरचना और सुविधाओं में जो भी ‘क्रिटिकल गैप’ हैं, उनकी पहचान करेंगे। स्थानीय प्रशासन के माध्यम से इन कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इससे हर ग्राम बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त होगा। मंत्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आदि कर्मयोगी अभियान को 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 के मध्य जोर-शोर के साथ सेवा पर्व के रूप में संचालित करने का आह्वान किया है।  केन्द्रीय ट्राईफेड के प्रबंध संचालक हृदेश कुमार ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि सेवा समर्पण और संकल्प के भाव से आदि कर्मयोगी अभियान को आगे लेकर चलना है। पीएम जनमन एवं धरती आबा, ग्राम उत्कर्ष अभियान की तरह ही इस अभियान की सफलता के लिए समर्पण भाव होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ट्राईफेड की ओर छत्तीसगढ़ में जनजातीय वर्गों के विकास के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा। प्रमुख सचिव सोनमणी बोरा ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान जनभागीदारी से सुशासन लाना है। उन्होंने कहा कि सेवा, समर्पण और संकल्प की भावना को आत्मसात करते हुए आजादी के अमृतकाल में वर्ष 2047 तक विकसित भारत की संकल्प को पूरा करने में सबकी सहभागिता जरूरी है। इस अभियान के तहत प्रदेश के 28 जिलों के 138 विकासखंडो में 1 लाख 33 हजार वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है, जिसे जनभागीदारी और जनजागरूकता के माध्यम से से पूर्ण किया जाना है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि हमें कर्मयोगी बनना है। सबकी सहभागिता से समाज के पिछड़े तबके के विकास के लिए भी हमें संवेदनशीलता के साथ काम करने की जरूरत है। गीता में भी कर्मयोगी, भक्तियोगी की महत्ता प्रतिपादित है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में धरती आबा और पीएम-जनमन जैसे संतृप्तिमूलक अभियानों की भी शुरुआत की गई है, जिनके अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य ग्रामों एवं पीवीटीजी बस्तियों में आवास, पक्की सड़कें, जलापूर्ति, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।  आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने प्रशिक्षण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान रेस्पॉन्सिव गवर्नेंस प्रोग्राम के तहत रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के जिला स्तरीय प्रशिक्षणार्थियों को पहले चरण में 11 से 14 अगस्त तक मास्टर ट्रेनरों द्वारा विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। वहीं बस्तर और सरगुजा संभाग के प्रशिक्षणार्थियों को 18 से 21 अगस्त तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर ब्लॉक स्तर और ग्रामीण स्तर पर आदि सहयोगी व आदि साथी को प्रशिक्षित करेंगे। इन्हीं प्रशिक्षित आदि कर्मयोगियों द्वारा जनजातियों के घर-घर जाकर एवं उनसे चर्चा कर उन्हें समाज की मुख्य धारा में जोड़ने एवं उनके विकास की दिशा में कार्य करेंगे। प्रशिक्षण कार्यशाला में बस्तर और सरगुजा संभाग के प्रशिक्षाणर्थी शामिल थे।