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तल्ख अंदाज में कहा- बार-बार समीक्षा के बाद भी कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो रोका जाएगा वेतन

उत्तर बस्तर कांकेर : जनपद पंचायत स्तर के लंबित निर्माण कार्यों को लेकर कलेक्टर ने जताई नाराजगी उत्तर बस्तर कांकेर: लंबित निर्माण कार्यों पर कलेक्टर सख्त, जनपद पंचायतों को दी चेतावनी तल्ख अंदाज में कहा- बार-बार समीक्षा के बाद भी कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो रोका जाएगा वेतन उत्तर बस्तर कांकेर  समय-सीमा की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने आज जिले की सभी जनपद पंचायतों में विभिन्न पुराने लंबित निर्माण कार्यों के संबंध में नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि या तो ये छोटे-मोटे कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करें, या फिर पूर्ण नहीं कर पाने की स्थिति में संबंधित विभाग को राशि वापस लौटा दें। उन्होंने तल्ख अंदाज में कहा कि प्रत्येक सप्ताह समीक्षा करने के बाद भी इन लंबित कार्यों में प्रगति नहीं आ रही है। ऐसे में संबंधित जनपद पंचायत के सीईओ का वेतन रोकने की कार्यवाही सख्ती से की जाएगी। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज सुबह 10.30 बजे से आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायतों में आंगनबाड़ी एवं पीडीएस सेंटर भवन निर्माण सहित ग्राम पंचायतों में बनाए जा रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी जनपद सीईओ को उक्ताशय के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को जेम पोर्टल के माध्यम से ही सभी प्रकार का क्रय नियमानुसार पूरी सतर्कता के साथ करने के लिए निर्देशित किया। इसमें किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही वित्तीय नियमों के उल्लंघन के श्रेणी में आएगी, अतः सभी अधिकारी शासकीय निर्माण कार्यों से संबंधित सामग्री एवं अन्य उपकरणों का क्रय गंभीरता से करें। बैठक में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को कहा कि ई-ऑफिस के माध्यम से ही सभी प्रकार की फाइलों एवं नस्तियों को मूव करें। उन्होंने अधीनस्थ कार्यालयों में भी ई-ऑफिस के माध्यम से सभी प्रकार के विभागीय दैनिक गतिविधियों का क्रियान्वयन करने हेतु निर्देशित किया। इसी तरह प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए इसके लाभ से आम जनता को अवगत कराने के निर्देश कार्यपालन अभियंता विद्युत विभाग को दिए। आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक का अवॉर्ड कलेक्टर को सौंपा कांकेर जिले को संपूर्णता अभियान के तहत आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक हेतु उत्कृष्ट कार्य के लिए रायपुर में आयोजित सम्मान समारोह में शनिवार 02 अगस्त को सम्मानित किया गया। कलेक्टर की ओर से जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी ने सम्मान ग्रहण किया था। आज आयोजित टीएल बैठक की शुरूआत में उक्त सम्मान को सीईओ ने कलेक्टर को भेंट किया। इस दौरान कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विभागों ने पूरी शिद्दत के साथ मेहनत व लगन से बेहतर कार्य किया, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने आगे भी शासन की योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन करने के लिए सभी अधिकारियों को प्रोत्साहित किया। उल्लेखनीय है कि राज्य के आकांक्षी जिलों और आकांक्षी विकासखंडों में तीन महीनों तक संचालित संपूर्णता अभियान में निर्धारित संकेतकों को संतृप्त करने और लक्ष्यों को हासिल करने वाले जिलों और विकासखंडों को पुरस्कार प्रदान किए गए। संपूर्णता अभियान में कांकेर जिले को रजत पदक प्राप्त हुआ तथा आकांक्षी विकासखण्ड की श्रेणी में कोयलीबेड़ा ब्लॉक को स्वर्ण और दुर्गूकोंदल ब्लॉक को रजत पदक प्राप्त हुआ। बैठक में कलेक्टर ने विभागवार लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने एलडब्ल्यूई सर्वे, नियद नेल्लानार योजना, ठोस अपशिष्ट पदार्थ प्रबंधन, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, सामाजिक अंकेक्षण, आयुष्मान भारत योजना, आयुष्मान वय वंदना योजना, पोषण पुनर्वास केन्द्र सहित विभिन्न प्रकरणों की विभागवार एवं योजनावार प्रगति की समीक्षा की। बस्तर विकास प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा हुई समय-सीमा बैठक के दौरान कलेक्टर क्षीरसागर ने बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत लंबित निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने वर्ष 2020-21 से लंबित निर्माण कार्यों को लेकर असंतोष जाहिर करते हुए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को शीघ्रता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही पुराने कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा कराने और देवगुड़ी, घोटुल भवन, सामुदायिक भवन जैसे छोटे कार्यों को अविलंब निर्माण कराने सभी जनपद सीईओ को निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने विशेष केन्द्रीय सहायता मद अंतर्गत लंबित कार्यों की भी कार्यवार समीक्षा की। इस अवसर पर डीएफओ हेमचंद पहारे, अग्रवाल, अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे एवं ए.एस. पैकरा सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी तथा जिला स्तर के अधिकारीगण मौजूद रहे।

ओडिशा की टीम का अध्ययन दौरा, जगदलपुर के MRF और MRC सेंटर का किया निरीक्षण

जगदलपुर स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत अध्ययन एवं अवलोकन भ्रमण कार्यक्रम के तहत जिला परिषद सुंदरगढ़ ओडीशा की टीम ने सोमवार  को बस्तर जिले के बुरुंडवाड़ा सेमरा में स्थापित मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) और मटेरियल रिसाइक्लिंग सेंटर (एमआरसी) का भ्रमण कर कचरा प्रबंधन और प्रसंस्करण के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान जिला पंचायत बस्तर तथा नगरीय निकाय के अधिकारियों ने जिले में समुदाय की सहभागिता से चलाए जा रहे कचरा प्रबंधन सम्बन्धी पहल के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत कराया।         इस अध्ययन भ्रमण के दौरान ओडीशा की टीम ने जिला प्रशासन बस्तर के द्वारा संचालित बुरुंडवाड़ा सेमरा एमआरएफ के माध्यम से जिले में कचरा संग्रहण और वर्गीकरण की व्यवस्थित प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा। टीम ने यह अनुभव किया कि किस प्रकार स्रोत स्तर पर ही कचरे को अलग-अलग श्रेणियों (सूखा, प्लास्टिक आदि) में वर्गीकृत किया जाता है और फिर उसकी आगे की प्रक्रिया हेतु तैयार किया जाता है। इसके पश्चात टीम ने एमआरसी केंद्र का भी भ्रमण किया, जिसे सृष्टि वेस्ट मैनेजमेंट सर्विस द्वारा संचालित किया जा रहा है। यहां टीम ने जिला पंचायत बस्तर और स्थानीय निकायों से सहयोग प्राप्त ‘स्वच्छ केंद्र मॉडल’ के तहत अपनाई गई समेकित रिसाइक्लिंग प्रणाली के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उक्त टीम द्वारा विशेष रूप से यह देखा गया कि किस प्रकार से एमआरएफ और एमआरसी इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित कर कचरे को पुनः उपयोगी सामग्री जैसे प्लास्टिक ग्रैन्यूल में बदलाव किया जा रहा है।          अपने अध्ययन भ्रमण के दौरान ओडीशा की टीम के सदस्यों ने कहा कि यह अवलोकन यात्रा सुंदरगढ़ जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उपयोगी रही। विशेष रूप से संग्रहण, वर्गीकरण और पुनःप्रक्रिया को एकीकृत करने की प्रक्रिया से जुड़े व्यावहारिक अनुभव इस क्षेत्र में सुधार के लिए सहायक सिद्ध होंगे।

जगदलपुर : पर्यटन को बढ़ावा देने एवं होम-स्टे के विकास हेतु ईच्छुक आवेदकों से 7 अगस्त तक मंगाये गए आवेदन

जगदलपुर भारत सरकार द्वारा आदिवासी क्षेत्रो में स्वदेश दर्शन 2.0 योजना एवं प्रधानमंत्री जनजाती उत्कर्ष ग्राम अभियान के तहत् होम-स्टे के विकास तथा बस्तर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने एवं स्थानीय व्यक्तियों को स्वरोजगार व आय के साधन उपलब्ध कराने हेतु पर्यटन क्षेत्र के समीप आदिवासी ग्रामों में होम-स्टे संचालन हेतु इच्छुक अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों से 07 अगस्त 2025 तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। चयनित व्यक्तियों को होम-स्टे हेतु नये कमरे बनाने हेतु 5 लाख रूपए तक एवं पूर्व से संचालित होम-स्टे में सुधार हेतु 3 लाख रूपये तक की सहायता प्रदाय की जाएगी। होम-स्टे हेतु प्रस्तावित भूमि संबंधित व्यक्ति के कब्जे व भू-स्वामित्व का होना अनिवार्य है। पूर्व में होम-स्टे संचालनकर्ता, महिलाओं व पर्यटन क्षेत्र में पूर्व से जुड़े व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय कलेक्टर बस्तर के सामान्य शाखा से संपर्क कर सकते हैं।

पूर्व CM भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, हाईकोर्ट जाने का दिया निर्देश

 रायपुर / नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आपराधिक मामलों में राहत पाने के लिए प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा सीधे उसके पास आने की प्रथा की निंदा की।अदालत ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल को केंद्रीय जांच एजेंसियों की ओर से की जा रही जांच के सिलसिले में हाई कोर्ट जाने को कहा। 'हाईकोर्ट क्यों नहीं गए?' ये मामले छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले और अन्य केस से संबंधित हैं। जस्टिस सूर्यकांत और जायमाल्या बागची की पीठ ने पूछा कि प्राथमिकी, गिरफ्तारी और रिमांड तथा मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रविधानों के खिलाफ उनकी याचिकाओं पर शीर्ष अदालत को क्यों विचार करना चाहिए? पीठ ने सवालिया लहजे में पूछा, "याचिकाकर्ता हाई कोर्ट क्यों नहीं गए। वह भी संवैधानिक न्यायालय है और इस मुद्दे पर फैसला सुना सकता है। यही वह समस्या है, जिसका हम सामना कर रहे हैं। हाई कोर्ट इस मुद्दे पर फैसला क्यों नहीं कर सकता, अन्यथा उन अदालतों का क्या फायदा?" शीर्ष अदालत ने ये भी पूछा कि याचिकाकर्ता हाईकोर्ट क्यों नहीं गए, जो खुद भी एक संवैधानिक न्यायालय है और ऐसे मामलों पर फैसला कर सकता है। पीठ ने कहा, ‘‘हम इसी समस्या को झेल रहे हैं। उच्च न्यायालय इस मामले का फैसला क्यों नहीं कर सकता? अगर ऐसा नहीं होगा तो फिर उन अदालतों का क्या मतलब है? यह एक नया चलन बन गया है- जैसे ही कोई संपन्न व्यक्ति उच्चतम न्यायालय आता है, हम अपने निर्देशों को बदलने लगते हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा, तो आम लोगों और उनके साधारण वकीलों के लिए उच्चतम न्यायालयों में कोई जगह नहीं बचेगी।’’ SC क्यों पहुंचे थे पिता-पुत्र? भूपेश बघेल और चैतन्य बघेल ने अलग-अलग याचिकाएं दाखिल कर जांच एजेंसियों की कार्रवाई और पीएमएलए के प्रावधानों को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक एम. सिंघवी ने कहा, "गिरफ्तारी का यह सिलसिला पूरे देश में देखा जा रहा है और प्रवर्तन निदेशालय जैसी जांच एजेंसियां टुकड़ों में आरोपपत्र दाखिल कर रही हैं, किसी को भी फंसा रही हैं और सभी को गिरफ्तार कर रही हैं।” ईडी पर क्या-क्या आरोप? पूर्व मुख्यमंत्री की तरफ से पैरवी कर रहे कपिल सिब्बल ने कहा, ‘‘ऐसा नहीं चल सकता। लोगों का नाम प्राथमिकी या शुरुआती आरोपपत्रों में नहीं होता, लेकिन अचानक उनके नाम पूरक आरोपपत्र में आ जाते हैं और उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है।’’ बघेल के बेटे की ओर से पेश सिंघवी ने कहा कि उनके मुवक्किल का नाम दो-तीन आरोपपत्रों में नहीं था, लेकिन मार्च में उनके घर पर अचानक छापा मारा गया और बाद में एक पूरक आरोपपत्र में उनका नाम आने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। ED SC के फैसले का उल्लंघन कर रहा: सिब्बल सिब्बल ने दलील दी कि ईडी शीर्ष अदालत द्वारा 2022 के फैसले में निर्धारित कानून का उल्लंघन कर रहा है, जिसमें गिरफ्तारी के उसके अधिकार को बरकरार रखा गया था। कपिल सिब्बल ने कहा कि इसलिए याचिका में पीएमएलए की धारा 50 और 63 की वैधता को चुनौती दी गई है। ये धाराएं अधिकारियों को किसी भी व्यक्ति को तलब करने, दस्तावेज मंगवाने, जांच के दौरान बयान दर्ज करने और झूठा बयान देने पर सजा देने का अधिकार देती हैं। हाई कोर्ट जाने का आदेश पीठ ने पूछा कि अगर ईडी कानून का पालन नहीं कर रहा था या प्रक्रिया से भटक रहा था, तो क्या कोई इसे अदालत के संज्ञान में लेकर आया या जांच एजेंसियों की कार्रवाई को चुनौती दी। पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत पहले भी कह चुकी है कि आरोपपत्र दाखिल होने के बाद आगे की जांच केवल अदालत की अनुमति से ही हो सकती है। पीठ ने कहा, ‘‘ऐसे कई मामले होते हैं जहां कानून वैध होता है, लेकिन उस पर की गई कार्रवाई अवैध हो सकती है।’’ अदालत ने दोनों याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे अपने मामले से जुड़े सभी तथ्य उच्च न्यायालय के समक्ष रखें। पीएमएलए की धाराओं 50 और 63 को चुनौती देने के संबंध में पीठ ने कहा कि दोनों याचिकाकर्ता इस मुद्दे पर नई रिट याचिकाएं दाखिल कर सकते हैं, और न्यायालय उन पर सुनवाई लंबित मामलों के साथ करेगा। इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने उन्हें उच्च न्यायालय जाने की अनुमति दी और उच्च न्यायालय से कहा कि वह उनकी याचिकाओं पर जल्दी सुनवाई करे।  

CMHO की सख्ती: हथाईखेड़ा अस्पताल के 25 स्वास्थ्यकर्मियों पर गिरी गाज, कारण बताओ नोटिस भेजा

भोपाल  राजधानी के सिविल अस्पताल हथाईखेड़ा में लापरवाही और अनुशासनहीनता का गंभीर मामला सामने आया है। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1 अगस्त 2025 को कराए गए आकस्मिक निरीक्षण में अस्पताल के 25 स्वास्थ्यकर्मी अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल मनीष शर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 3 कार्यदिवस के भीतर स्पष्टिकरण मांगा है। जवाब नहीं मिलने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। डॉक्टर्स से लेकर टेक्नीशियन तक शामिल प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह 9:45 बजे तक अस्पताल में कोई नर्सिंग स्टाफ या डॉक्टर मौजूद नहीं था, जिससे मरीजों को तत्काल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना पड़ा। अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों से लेकर तकनीकी स्टाफ तक शामिल हैं। अनुपस्थित पाए गए प्रमुख स्वास्थ्यकर्मी: चिकित्सा अधिकारी 1. डॉ. योगेश सिंह कुरव 2. डॉ. सुनन्दा जैन 3. डॉ. अब्दुल हाफीज 4. डॉ. मनीष मुकाती 5. डॉ. दानिष पटेल 6. डॉ. दयाशंकर त्रिमूर्ति 7. डॉ. भावना मालवीया 8. डॉ. हर्षिता शर्मा 9. डॉ. सुरती शर्मा नर्सिंग ऑफिसर  10. संध्या नारीया 11.  रजनी मोवाडे 12. भाग्यश्री फाटेगाओंकर 13. मोनीका बोबड़े 14.  मेघा सोनी 15.  लीना जाटव 16.  रेखा गुप्ता 17. श्रष्टि खसदेव (प्रशिक्षक) 18.मीना वाडकेले 19. पायल भास्कर और ये भी पढ़े     फार्मासिस्ट और तकनीकी स्टाफ 20.ममता माजोका 21. ललीता साह 22. एन.एन. वर्मा 23. ज्ञान सिंह बोरेला (लैब टेक्नीशियन) 24. लोकेश जैन (लैब टेक्नीशियन) 25. जयदीप माजोका (एक्स-रे टेक्नीशियन) नोटिस में कहा गया है कि इन कर्मचारियों की समय पर गैर-मौजूदगी से मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल सका, जो कि सेवा अनुशासन और नैतिक जिम्मेदारी का उल्लंघन है। CMHO ने स्पष्ट किया है कि आपकी अनुपस्थिति से हितग्राहियों को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित होना पड़ा है। यह घोर लापरवाही है। 3 दिन के भीतर जवाब दें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार, यह निरीक्षण भविष्य में भी जारी रहेंगे ताकि समयपालन, जिम्मेदारी और मरीजों को गुणवत्ता वाली सेवा सुनिश्चित की जा सके।  

चिकित्सा घोटाले में ED की रेड, रायपुर में करोड़ों की संपत्ति पर कसा शिकंजा

रायपुर  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रायपुर में चिकित्सा उपकरण एवं री-एजेंट खरीद घोटाले के संबंध में बड़ी कार्रवाई की है। पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत ईडी ने छत्तीसगढ़ में शशांक चोपड़ा, उनके परिवार के सदस्यों, व्यावसायिक संस्थाओं और राज्य के अधिकारियों सहित अन्य सहयोगियों के आवासीय व कार्यालय परिसरों में 30 जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक छापेमारी अभियान चलाया। 40 करोड़ से अधिक की संपत्तियां जब्त इस दौरान 20 स्थानों पर तलाशी ली गई। छापे के दौरान बैंक खातों में जमा राशि, सावधि जमा, डीमैट खातों में शेयर और वाहनों के रूप में 40 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति सामने आई। विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और चल-अचल संपत्तियां जब्त/फ्रीज की गई हैं। ईडी ने कहा- अभी और खुलासे होंगे ईडी ने इस मामले में जांच को आगे बढ़ाते हुए कहा है कि यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग की कड़ी जांच के तहत की गई है, जिसमें कई और खुलासे संभावित हैं। 

रीवा में सरकारी कर्मचारियों के लिए खास निर्देश, एक दिन बिना वाहन के पहुंचें कार्यालय

रीवा  रीवा संभाग में एक विशेष पहल की गई है। यहां सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मंगलवार को साइकिल से ही दफ्तर जाना अनिवार्य कर दिया गया है। आदेश जारी करने वाले संभाग आयुक्त बीएस जामोद ने खुद साइकिल से दफ्तर पहुंचकर इसकी शुरुआत भी की है। संभाग आयुक्त बीएस जामोद ने मंगलवार को 'साइकिल डे' की शुरुआत की है। पूरे संभाग के सरकारी अधिकारी-कर्मचारी सप्ताह में एक दिन साइकिल आएंगे अथवा पैदल या रिक्शा का सहारा ले सकते हैं। लेकिन बाइक या कार से ऑफिस नहीं जा सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य है ईंधन की बचत, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर स्वास्थ्य है। मंगलवार को रीवा कमिश्नरी के कर्मचारी साइकिल से कार्यालय पहुंचे। हालांकि बहुत से कर्मचारी-अधिकारी वाहन से ही आए। संभागीय कमिश्नर बीएस जामोद ने रीवा संभाग के सभी कलेक्टर और विभाग प्रमुखों को पत्र लिखकर, मंगलवार साइकिल डे प्रारंभ करने को कहा है। सप्ताह में एक दिन साइकिल के उपयोग की बात कहते हुए कमिश्नर ने कहा है कि वर्तमान में हम सभी वैश्विक और स्थानीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इनमें ईंधन की बढती कीमतें, पर्यावरण प्रदूषण का स्तर और नागरिकों के स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं गंभीर विषय बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि साइकिल चलाने से जहां शरीर स्वस्थ रहेगा वहीं पर्यावरण का प्रदूषण भी कम होगा और खर्चे में भी कटौती होगी। हालांकि इसकी शुरुआत के पहले दिन जहां कमिश्नर और उनके कर्मचारी साइकिल से कार्यालय पहुंचे तो कलेक्ट्रेट कार्यालय में ज्यादातर अधिकारी कर्मचारी वाहन से ही पहुंचते दिखे।

कुम्हार का बेटा, मां की मेहनत और मटका बेचने की जिद – पहुंचा BARC साइंटिस्ट बनने

 जबलपुर  मध्य प्रदेश में जबलपुर के एक गरीब कुम्हार का बेटा साइंटिस्ट बनने जा रहा है. कभी जो हाथ माटी से मटके बनाया करते थे, अब उन्हीं हाथों से ये नौजवान शोध करेगा. त्रिपुरी चौक में रहने वाले 23 वर्ष के नौजवान का सिलेक्शन भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC)  में बतौर साइंटिस्ट के रूप में हुआ है. ऑफर लेटर देखकर पूरा परिवार खुशियों से झूम उठा है.  तब नजरा देखते बनता था. जहां मिट्टी के बर्तनों की सुगंध के बीच सफलता की खुशी साफ महसूस की जा सकती थी. जैसे टीम अजय के घर पहुंची, तब भी अजय दुकान में ग्राहकी कर रहे थे. अजय ने बताया, परिवार का हाल… अजय ने बताया सड़क किनारे वर्षों से पिता मिट्टी के बर्तन बेचने का काम कर रहे हैं. मम्मी घरों-घरों में जाकर गमले बेचने का काम करती है. ऐसे में सिर्फ एक ही रास्ता था, पढ़ लिखकर मां-बाप का सहारा बनना और देशभर में नाम कमाना. उन्होंने बताया, हर चीज आसान नहीं थी, लेकिन पढ़ाई के दौरान हर वक्त जहन में माता-पिता का संघर्ष दिखाई देता था. आज वही मेहनत रंग लाई है और परिवार के आंखों में खुशी के आंसू हैं. इस तरह शुरू हुआ सिलसिला…  अजय ने बताया, सरस्वती विद्या मंदिर से 10वीं की पढ़ाई पूरी की और मध्य प्रदेश में 9वां स्थान हासिल किया था. फिर 12वीं के बाद ग्रेजुएशन के लिए साइंस कॉलेज से केमिस्ट्री सब्जेक्ट से पढ़ाई पूरी की. हालांकि, अब अजय को पोस्ट ग्रेजुएट करना था. इसके बाद आईआईटी बॉम्बे से पोस्ट ग्रेजुएशन का एंट्रेंस एग्जाम देकर देशभर में 19वीं रैंक हासिल की और पढ़ते पढ़ते ग्रेजुएट एटीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) में दसवीं रैंक हासिल की और इंटरव्यू पास कर लिया. पिता बोले; पढ़ाई में कोई भी कसर नहीं छोड़ी  अजय के पिता बिहारी लाल चक्रवर्ती ने कहां, अजय की मां ने कभी स्कूल की चौखट नहीं चढ़ी. मैं सिर्फ 11वीं तक पढ़ा हूं. ऐसे में सिर्फ एक ही सपना था, बेटा सड़क किनारे मटका न बेचे. कोई अधिकारी बने. इसको लेकर दिन-रात मेहनत करते थे. किसी भी तरह की पढ़ाई में कसर नहीं छोड़ी. बेटे ने घर की परिस्थितियों को समझा और जिसका परिणाम रहा कि बेटी बैंक में नौकरी कर रही है और आज बेटा साइंटिस्ट बनने जा रहा है. दुकान भी चलाते थे, मटके भी बेचते थे  अजय ने बताया, पढ़ाई के दौरान काफी संघर्ष किया, ऐसे मौके भी आए, जब मां और पिता घर में नहीं होते थे, तब बाहर बैठकर सड़क किनारे मटके बेचने का भी काम किया. जब ग्राहक नहीं होते थे तब पढ़ाई भी किया करते थे. इस दिन का इंतजार काफी समय से कर रहा था, जब माता-पिता को बेटे पर गर्व होगा और आज वह दिन आ गया. उन्होंने बताया मेरी उपलब्धि का हक माता-पिता दोस्तों और गुरुजन को जाता है. परिस्थिति को समझा, आगे बढ़ता गया  अभी स्कूल और कॉलेज के लिए जाता था, तब पहली नजर माता-पिता के मेहनत पर ही जाती थी. घर की परिस्थितियों इतनी अनुकूल नहीं थी, जितनी होनी थी. लेकिन हाथ में सिर्फ मेहनत थी. जिसके बलबूते आगे बढ़ते चले गए और आज उसी मेहनत का परिणाम है कि प्रतिभा को सम्मान मिला है.

मध्यप्रदेश में झमाझम बारिश का दौर, कई जिलों में रिकॉर्ड टूटा; ग्वालियर-मुरैना में अलर्ट जारी

 भोपाल  मध्यप्रदेश में इस समय मानसून की सक्रियता कम हो गई है। फिलहाल प्रदेश में कोई प्रभावी मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं है, जिससे ज्यादातर जिलों में तेज बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, लोकल वेदर सिस्टम के कारण कुछ इलाकों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में अगले 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश की संभावना जताई जा रही है। मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में 28.6 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक सामान्य से 47 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर चुका है। यह कोटे का 77% है। पूर्वी हिस्से में बादल जमकर बरसे हैं। हालांकि, अगले 4 दिन तक प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव नहीं है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना जिलों में अगले 24 घंटे में भारी बारिश (Heavy Rainfall Alert) हो सकती है। वहीं रीवा और सतना में सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात को तेज वर्षा के आसार हैं। अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे शहरों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय देश के उत्तरी हिस्सों में मानसून की प्रमुख प्रणाली सक्रिय है, जिससे मध्यप्रदेश में इसका असर सीमित हो गया है। इस कारण प्रदेश के कई जिलों में बारिश की तीव्रता कम है। मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त के दूसरे सप्ताह में तेज बारिश का दौर शुरू होगा, जो आखिरी तक चलेगा। ऐसे में बारिश का कोटा अगस्त में ही पूरा हो जाएगा। हालांकि, अब तक ग्वालियर समेत 9 जिलों में कोटा पूरा हो चुका है लेकिन इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों की तस्वीर बेहतर नहीं है। मंगलवार को ग्वालियर, मुरैना और भिंड में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। वहीं, भोपाल में सुबह से धूप खिली है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में औसत से 51% और पश्चिमी हिस्से यानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में 43% बारिश अधिक हुई है। सोमवार को दिनभर के दौरान प्रदेश के कुछ शहरों में हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई। दतिया में 14 मिमी, खजुराहो में 5 मिमी, नौगांव में 3 मिमी, इंदौर में 1 मिमी, उज्जैन में 0.4 मिमी, रीवा और सतना में 1-1 मिमी और सिवनी में 0.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। कम बारिश के कारण दिन और रात के तापमान में भी हल्की वृद्धि देखी जा रही है। प्रदेश के प्रमुख शहरों में तापमान कुछ इस प्रकार रहा-     भोपाल: अधिकतम 31.0°C, न्यूनतम 24.2°C     इंदौर: अधिकतम 30.2°C, न्यूनतम 21.7°C     ग्वालियर: अधिकतम 31.2°C, न्यूनतम 26.4°C     जबलपुर: अधिकतम 32.8°C, न्यूनतम 24.4°C अगले 24 घंटे विशेष रूप से ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना के लिए अहम माने जा रहे हैं। इन जिलों के नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जिन इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट है, वहां प्रशासन ने भी निगरानी बढ़ा दी है। एमपी में बाढ़ से 2 माह में 275 मौतें पूरे मध्यप्रदेश की बात करें तो बाढ़ के दौरान हुए हादसों में 275 लोगों की जान जा चुकी है। मानसून की आमद के बाद से जून और जुलाई के ये आंकड़े सरकार ने खुद विधानसभा में बताए हैं। 1657 पशुओं की भी मौत हुई है। बारिश के चलते ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (RRDA) की 254 से अधिक सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। 293 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए जबकि 3 हजार 687 मकानों में आंशिक नुकसान हुआ है। कुल 3980 मकानों को नुकसान पहुंचा है। पिछले सप्ताह बने थे बाढ़ के हालात पिछले सप्ताह प्रदेश में बाढ़ के हालात बने थे। खासकर पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। रायसेन में बेतवा नदी ने विकराल रूप ले लिया था। खेत-मंदिर और पुल डूब गए थे। वहीं, डैम ओवरफ्लो हो गए थे। उत्तर प्रदेश में यमुना नदी के उफान पर आने से चित्रकूट में कई दुकानों में पानी भर गया था। गुना में सबसे ज्यादा 45 इंच पानी गिरा इस बार सबसे ज्यादा पानी गुना में गिरा है। यहां 45.8 इंच बारिश हो चुकी है। निवाड़ी में 45.1 इंच, मंडला-टीकमगढ़ में 44 इंच और अशोकनगर में 42 इंच के करीब बारिश हो चुकी है।  

लव जिहाद फंडिंग में बड़ी कार्रवाई की तैयारी, अनवर कादरी की संपत्तियां होंगी जब्त

इंदौर लव जिहाद फंडिंग करने के मामले में फरार चल रहे 20 हजार रुपए के इनामी आरोपी और कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आज पुलिस कोर्ट से उसकी फरारी का वारंट जारी करा कर उसे विधिवत रूप से भगोड़ा घोषित कराने जा रही है,साथ ही उसकी संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मिली जानकारी के मुताबिक,आरोपी अनवर कादरी को फरार घोषित कराने की तैयारी अंतिम चरण में है। आज कोर्ट में उसके फरारी वारंट के लिए आवेदन दाखिल किया जाएगा। वारंट जारी होते ही पुलिस उसे कानूनी रूप से भगोड़ा घोषित कर सकेगी। दूसरी और सोमवार को पुलिस ने कादरी का लुक आउट सर्कुलर नोटिस भी जारी कर दिया है। इसके आधार पर देश के सभी हवाई अड्डों और सीमाओं पर अलर्ट जारी हो गया है,जिससे वह विदेश न भाग सके। संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही अनवर कादरी की चल-अचल संपत्तियों की जानकारी जुटाने के लिए पंजीयन विभाग और नगर निगम से डेटा मंगवाया गया है। संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो सकती है। भगोड़े डकैत को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम कई राज्यों में सक्रिय होकर मदद मांग रही हैं। मुख्य रूप से पुलिस की टीम सिक्किम और चेन्नई में नजर रखे हुए हैं। पुलिस का दावा है कि कादरी अब उनके रडार पर है और जल्द गिरफ्तारी संभव है। अपने पिता की मदद करने वाली कादरी की बेटी आयशा कादरी को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। पूछताछ में कादरी के मामले में ज्यादा कुछ खास खुलासा तो नहीं हुआ,जो भी उससे जानकारी मिली पुलिस उसे पर लगातार कार्रवाई कर रही है। बेटी आयशा भी गिरफ्तार इंदौर पुलिस ने कुछ दिन पहले दिल्ली से अनवर कादरी की बेटी आयशा को गिरफ्तार कर लिया था । पुलिस ने अनवर कादरी पर लव जिहाद के लिए फंडिंग और हिंदू युवतियों को देह व्यापार में धकेलने की साजिश रचने का केस दर्ज किया गया था। इसके बाद से ही अनवर लगातार फरार चल रहे हैं।आरोपी पार्षद की फरारी के दौरान उनकी मदद करने वालों पर अब पुलिस का शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रही अनवर के बेटी आयशा को सोमवार को दिल्ली के शालीमार बाग से गिरफ्तार किया। वह पिता अनवर कादरी के फरार होने के बाद उनके संपर्क में थी। बताया जा रहा है कि आयशा अपने पिता अनवर कादरी के साथ दिल्ली में थी। इंदौर पुलिस ने सोमवार को जब वहां दबिश दी तो अनवर फरार हो गए, जबकि आयशा पुलिस के हत्थे चढ़ गई। फरार पार्षद पर बढ़ाया गया इनाम इस बीच अब पुलिस ने कांग्रेस पार्षद पर इनाम की रकम दोगुनी कर दी है। पुलिस ने पार्षद अनवर कादरी उर्फ डकैत की गिरफ्तारी पर घोषित इनाम की रकम दस हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी। अगर अगले कुछ दिनों में कांग्रेस पार्षद गिरफ्तार नहीं होते हैं तो उनकी संपत्तियां कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। पुलिस ने बताया कि शहर के दो युवक साहिल शेख और अल्ताफ शाह ने जून महीने में पुलिस की पूछताछ में कथित तौर पर यह स्वीकार किया था कि हिन्दू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनका धर्मांतरण कराने के लिए कादरी ने उन्हें तीन लाख रुपये दिए थे और यह रकम उन्होंने युवतियों पर खर्च की थी।