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कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल में विवाद गहराया, चेयरपर्सन के बयान से नाराज नर्सों का विरोध

कुरुक्षेत्र. एलएनजेपी अस्पताल में रविवार को राज्य महिला आयोग चेयरपर्सन रेणू भाटिया के निरीक्षण के दौरान नर्सिंग ऑफिसर्स पर टिप्पणी करने के मामले में सोमवार को अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर्स ने दो घंटे पेन डाउन प्रदर्शन किया। हालांकि आपातकालीन विभाग, महिला, पुरुष, नवजात शिशु देखरेख इकाई एवं प्रसूति विभाग में एक-एक नर्सिंग ऑफिसर्स तैनात रही, ताकि मरीजों को कोई दिक्कत न आए। नर्सिंग ऑफिसर्स के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सारा अग्रवाल और जिला सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह खुद चेयरपर्सन रेणू भाटिया से मिलेंगे और नर्सिंग ऑफिसर्स की बात रखेंगे। नर्सिंग ऑफिसर्स ने एक ज्ञापन भी जिला सिविल सर्जन को सौंपा और चेयरपर्सन से आकर माफी मांगने की अपील की। इस दौरान सीनियर नर्सिंग आफिसर गुरमीत कौर रोने लगी और कहा कि इससे नर्सिंग कैडर की भावनाओं को ठेस पहुंची है। गौर हो कि एक दिन पहले ही राज्य महिला आयोग चेयरपर्सन रेणू भाटिया एलएनजेपी अस्पताल में चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र कुमार शैली पर नाबालिग से दुष्कर्म के लगे आरोपों के मामले में जांच करने के लिए पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने पीड़िता से भी बात की थी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पीएमओ डॉ. सारा अग्रवाल और तीन नर्सिंग ऑफिसर्स को निलंबित करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखने की बात कही थी। साथ ही चिकित्सक से मिलीभगत का आरोप भी लगाया था। सीनियर नर्सिंग आफिसर गुरमीत कौर ने कहा कि चेयरपर्सन को ऐसा नहीं कहना चाहिए था।

बीमा फ्रॉड और वाहन घोटालों का जाल, कनाडा में सक्रिय ठगी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश

चंडीगढ़. कनाडा में फर्जी सड़क हादसों, वाहन खरीद घोटालों, बीमा धोखाधड़ी और ज्वेलरी चोरी के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले कथित क्रिमिनल टूरिज्म नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। कनाडाई पुलिस की लंबे समय तक चली जांच में सामने आया है कि संगठित गिरोहों के सदस्य देश में पहुंचकर योजनाबद्ध तरीके से आर्थिक अपराधों को अंजाम दे रहे थे। इस मामले में पंजाब मूल के कई लोगों के नाम भी जांच के दायरे में आए हैं। डरहम रीजनल पुलिस सर्विस (डीआरपीएस) की ओर से चलाए गए प्रोजेक्ट जेटसेटर के तहत हुई जांच में 46 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि 164 संदिग्ध अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार यह कोई सामान्य चोरी या धोखाधड़ी का मामला नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठित नेटवर्क से जुड़ा प्रकरण है। फर्जी दस्तावेजों के सहारे धोखाधड़ी जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य वाहन खरीद और फाइनेंसिंग से जुड़े फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करते थे। इसके अलावा बीमा कंपनियों से रकम वसूलने के लिए कथित तौर पर फर्जी सड़क दुर्घटनाएं भी करवाई जाती थीं। महंगे वाहनों की चोरी कर उन्हें दूसरे स्थानों पर भेजने और ज्वेलरी दुकानों को निशाना बनाने जैसे मामलों की भी जांच में पुष्टि हुई है। पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क तेजी से मुनाफा कमाने के उद्देश्य से काम कर रहा था। अपराधों को अंजाम देने के लिए सुनियोजित तरीके अपनाए गए, जिससे जांच एजेंसियों के लिए पूरे नेटवर्क तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण रहा। करीब 5,000 घंटे की जांच और नौ से अधिक अलग-अलग मामलों की पड़ताल के बाद अधिकारियों ने 200 से ज्यादा घटनाओं को इस नेटवर्क से जोड़ा है। 1400 से अधिक आरोप दर्ज डीआरपीएस के अनुसार केवल ओंटारियो के डरहम क्षेत्र में ही इन अपराधों से 26.1 लाख कनाडाई डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है। जांच वर्ष 2019 से जारी है और अब तक 1,440 से ज्यादा आरोप दर्ज किए जा चुके हैं। कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि ‘क्रिमिनल टूरिज्म’ संगठित अपराध का नया और तेजी से बढ़ता स्वरूप बनकर उभरा है। इसमें अपराधी सीमाओं के पार जाकर आर्थिक अपराधों को अंजाम देते हैं और फिर पहचान छिपाने का प्रयास करते हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस तरह के नेटवर्क से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और पुलिस एजेंसियों के बीच मजबूत सहयोग की जरूरत है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और मामलों का खुलासा हो सकता है तथा कई अन्य संदिग्धों तक भी जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है। यह भी पढ़ें- जालंधर में दर्दनाक हादसा, पति के साथ स्कूटर पर जा रही महिला को ट्रक ने कुचला, मौके पर मौत ये हैं गिरफ्तार किए गए आरोपित कनाडाई पुलिस ने ‘प्रोजेक्ट जेटसेटर’ जांच के तहत पंजाब मूल के दो युवकों को गिरफ्तार किया है : अरशजोत सिंह ढिल्लों (23 वर्ष) अरमान शर्मा (23 वर्ष) पुलिस दस्तावेजों के अनुसार दोनों पर कथित तौर पर संगठित आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क वाहन खरीद घोटालों, वाहन फाइनेंसिंग फ्राड, फर्जी सड़क दुर्घटनाओं के जरिए बीमा दावों में धोखाधड़ी, रिटेल चोरी और अन्य वित्तीय अपराधों में सक्रिय था। हालांकि पुलिस ने सार्वजनिक बयान में प्रत्येक आरोपित की व्यक्तिगत भूमिका का विस्तृत खुलासा नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आरोपितों की नेटवर्क में भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। जांच के प्रमुख बिंदु 2019 से चल रही है जांच 46 लोगों पर कार्रवाई 164 संदिग्ध अब भी फरार 1,440 से अधिक आरोप दर्ज 26.1 लाख कनाडाई डालर से ज्यादा का वित्तीय नुकसान वाहन घोटाले, बीमा फ्राड और चोरी के मामलों पर फोकस

प्रधानमंत्री मोदी ने साझा किया जीत का मंत्र, छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी को लिखे पत्र में कही बड़ी बात

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में एनडीए को मिली सफलता पर बधाई देने के लिए डॉ. कुलदीप सोलंकी के प्रति आभार व्यक्त किया है। छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डॉ. सोलंकी को भेजे एक पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि देशवासियों का यह स्नेह और समर्थन राष्ट्र निर्माण के संकल्प की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री ने पत्र में चुनावी परिणामों पर लिखा कि जहां एनडीए की सरकारें थीं, वहां ‘प्रो-इनकंबेंसी’ और जहां सरकारें नहीं थीं, वहां ‘एंटी-इनकंबेंसी’ का रुख साफ देखा गया। उन्होंने असम में लगातार तीसरी बार मिली जीत और पुडुचेरी में विकास के विजन को मिले समर्थन का जिक्र किया। साथ ही, बंगाल में मिले अभूतपूर्व जनसमर्थन को बंगाल की पावन धरा पर ‘विकास का सूर्योदय’ करार दिया। केरल और तमिलनाडु के संदर्भ में उन्होंने विपक्ष में रहते हुए भी जन-सरोकार के मुद्दों को उठाते रहने की प्रतिबद्धता जताई। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से महिलाओं के रिकॉर्ड मतदान की सराहना करते हुए इसे ‘विकसित भारत’ की दिशा में नारीशक्ति की बढ़ती जागरूकता का प्रतीक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस जनादेश के साथ मिली जिम्मेदारी को निभाते हुए सरकार गरीबों के कल्याण, युवाओं के सशक्तिकरण, महिलाओं के सम्मान और किसानों की समृद्धि को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए रखेगी। पत्र के अंत में प्रधानमंत्री ने डॉ. सोलंकी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की है।

स्वच्छता से लेकर सड़क तक विकास की रफ्तार तेज, नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता: अरुण साव

स्वच्छता, पेयजल, सड़क, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाएं बढ़ाने प्रमुखता से किये जा रहे काम – अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने 7.19 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन नगर पालिका की मांग पर 3.72 करोड़ के कार्यों को दी मंजूरी, नए कार्यों के लिए भी 2 करोड़ देने की घोषणा की रायपुर.  उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के तीसरे दिन किरंदुल में 7 करोड़ 19 लाख रुपये की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 14 लाख 85 हजार रुपये के कार्यों का लोकार्पण और 3 करोड़ 4 लाख 9 हजार रुपये के कार्यों के भूमिपूजन शामिल हैं। साव ने आक्सीजोन में बस्तर के टाइगर ब्वाय चेंदरू की प्रतिमा का अनावरण भी किया। विधायक चैतराम अटामी और छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री साव ने किरंदुल में जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से 3 करोड़ 26 लाख रुपये से अधिक की लागत से विकसित ऑक्सीजोन पार्क का लोकार्पण किया। उन्होंने 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत खरीदी गई बैक हो लोडर मशीन, सक्शन मशीन सह मेला टैंकर, ट्रैक्टर इंजन एवं पानी टैंकर को नगर पालिका को सौंपा। उन्होंने कहा कि इन संसाधनों से नगर की स्वच्छता व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने ऑक्सीजोन पार्क की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक पार्क नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और मनोरंजन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। साव ने किरंदुल में नाला निर्माण, मुक्तिधाम निर्माण तथा अधोसंरचना मद से विभिन्न वार्डों में सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से नगर की आधारभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा तथा नागरिकों को बेहतर आवागमन और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होगा। उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में बस पार्किंग एवं स्टेज-स्टैंड के पास सीसी रोड तथा विद्युत व्यवस्था के लिए 1 करोड़ 58 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने सीसी रोड के लिए 27 लाख रुपये की भी घोषणा की। उन्होंने नगर पालिका की मांग पर 3 करोड़ 72 लाख रुपये के प्रस्तावित विकास कार्यों को स्वीकृत करने के साथ ही नए कार्यों के लिए अलग से दो करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की।  उप मुख्यमंत्री ने मलंगीर जलप्रपात से किरंदुल और बचेली में पेयजल आपूर्ति की योजना की संभावनाओं पर भी सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। क्षेत्रीय विधायक, जनप्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं का परीक्षण कर स्थायी व प्रभावी पेयजल व्यवस्था विकसित करने की कार्ययोजना बनाई जाएगी। उप मुख्यमंत्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में किरंदुल नगर पालिका में 16 करोड़ 43 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत एवं संचालित किए गए हैं। राज्य सरकार नगरों के सुनियोजित विकास के लिए सिटी डेवलपमेंट प्लान के अनुरूप कार्य कर रही है। स्वच्छता, पेयजल, सड़क, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने लगातार काम किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है। इसी उद्देश्य से वे लगातार बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में सड़क, पेयजल एवं शहरी अधोसंरचना के विकास को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। उप मुख्यमंत्री ने किरंदुल की प्राकृतिक सुंदरता की तारीफ करते हुए कहा कि बैलाडीला पर्वतमालाओं की गोद में बसा किरंदुल प्राकृतिक दृष्टि से प्रदेश के सबसे सुंदर नगरों में से एक है। चारों ओर हरियाली, पर्वतीय सौंदर्य और स्वच्छ वातावरण इस नगर को विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए किरंदुल को एक आदर्श एवं आधुनिक नगर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार कार्य कर रही है। किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रूबी शैलेन्द्र सिंह, बचेली नगर पालिका के अध्यक्ष राजू जायसवाल, दंतेवाड़ा नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जिला पंचायत के अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, शैलेन्द्र सिंह और संतोष गुप्ता सहित पार्षदगण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

1.81 करोड़ नए मतदाता जुड़े, पंचायत चुनाव की अंतिम सूची 10 जून को आएगी

लखनऊ पंचायत चुनाव के मद्देनजर मतदाता पुनरीक्षण-2025 की प्रक्रिया अब पूरी हो गई है। अनंतिम सूची जारी करने के बाद आए दावे-आपत्तियों पर सुनवाई कर उनको निस्तारित कर दिया गया है। पूरा डाटा ऑनलाइन फीड कर दिया गया है। दस जून को राज्य निर्वाचन आयोग अंतिम सूची प्रकाशित करेगा। अब इसमें देरी की कोई गुंजाइश नहीं बची है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलाया था। 18 दिसंबर 2025 को आयोग ने अनंतिम सूची जारी की थी। जिसमें पता चला था कि पुनरीक्षण के दौरान 1.81 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए हैं जबकि 1.41 करोड़ अयोग्य लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं। पिछले चुनाव की अपेक्षा इस सूची में कुल 40.19 लाख मतदाता बढ़े थे। आयोग ने अनंतिम सूची पर दावे और आपत्तियां मांगे थे। लाखों आपत्तियां आईं। एक के बाद एक पांच बार अंतिम सूची प्रकाशन की तारीख बढ़ाई गई। आखिर में दस जून 2026 की तारीख तय की गई है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अंतिम सूची को लेकर आयोग ने सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। सभी मतदाताओं को 9 अंकों का स्टेट वोटर नंबर भी दिया गया है। इसी तरह के कई और व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी व व्यवस्थित होगी। आयोग दस जून को अंतिम सूची जारी कर देगा। जिससे स्पष्ट हो जाएगा कि पिछली बार की अपेक्षा कितने वोटर बढ़े। इसके अलावा अन्य डाटा भी मिल जाएगा। अनंतिम सूची की अपेक्षा इसमें मामूली बदलाव संभव है। तैयारी पूरी, फिलहाट टल गए हैं चुनाव आयोग ने अपनी तैयारी लगभग पूरी कर ली है। चूंकि धीरे धीरे चुनाव का समय बढ़ता गया, इसलिए आयोग भी मतदाता सूची जारी करने की तारीख आगे बढ़ाता गया। जिससे उनको सूची को और व्यवस्थित करने का मौका मिल गया। फिलहाल सरकार प्रधानों को प्रशासक नियुक्त कर चुकी है। स्पष्ट है कि चुनाव फिलहाल टल गए हैं।  

जगतपुरा में JDA का बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान, नंदपुरी रोड होगी 80 फीट चौड़ी

जयपुर जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में नंदपुरी अंडरपास से रेलवे लाइन के समानांतर सड़क को चौड़ी करने के लिए जेडीए का बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू हो गया. नंदपुरी रोड पर ‘ऑपरेशन 80 फीट' के तहत कार्रवाई शुरू हो चुकी है, और नूरानी मस्जिद की एक तरफ की दीवार हटाए जाने की भी प्रकिया शुरू कर दी गई है. मस्जिद पर बुलडोजर चलने लगा. 80 फीट चौड़ी होगी सड़क इस कार्रवाई के तहत सड़क को 80 फीट चौड़ी करने का लक्ष्य रखा गया है. प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना और जाम की समस्या को कम करना है. नोटिस जारी किया गया था अभियान के दौरान सड़क की राइट ऑफ वे सीमा में आ रहे निर्माणों को हटाया जा रहा है. इस दायरे में पांच धार्मिक संरचनाएं भी शामिल हैं, जिनमें एक मस्जिद, दो मंदिर, एक सत्संग भवन और एक मजार शामिल हैं. प्रशासन की ओर से पहले ही संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए समय दिया गया था. 22 मई को भी अतिक्रमण हटाए गए थे जेडीए विजिलेंस शाखा ने 22 मई को इसी मार्ग पर अभियान चलाकर 134 अतिक्रमण हटाए गए थे. इसके बाद सड़क सीमा में आ रहे शेष निर्माणों को लेकर भी नियमानुसार समय दिया गया, लेकिन तय अवधि में स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर अब प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है. पुलिस और जेडीए की टीम तैनात कार्रवाई के दौरान पुलिस और जेडीए की संयुक्त टीमें मौके पर तैनात हैं, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके और अभियान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो सके. इस सड़क चौड़ीकरण परियोजना को शहर की प्रमुख यातायात योजनाओं में शामिल किया गया है जिससे जगतपुरा और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है.

ड्यूटी के दौरान मिर्गी आने पर गई नौकरी, दो दशक बाद हाई कोर्ट के फैसले से मिला पेंशन का हक

चंडीगढ़. सीमा की सुरक्षा करते हुए बीएसएफ में सेवा देने वाले एक जवान को मिर्गी (एपिलेप्सी) की बीमारी के कारण नौकरी से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद शुरू हुई कानूनी लड़ाई 21 साल बाद उसके पक्ष में समाप्त हुई। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बीएसएफ की अपील खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यदि किसी जवान को भर्ती के समय स्वस्थ पाया गया था और बाद में सेवा के दौरान बीमारी सामने आई, तो उसे सेवा से जुड़ी बीमारी माना जाएगा। ऐसे कर्मचारी को दिव्यांगता पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता। मामला भिवानी निवासी अजमेर सिंह का है, जो वर्ष 1990 में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में भर्ती हुए थे। सेवा के दौरान वर्ष 1996 में उन्हें पहली बार मिर्गी का दौरा पड़ा। बाद में मेडिकल बोर्ड ने उन्हें ‘ग्रैंडमल एपिलेप्सी’ से पीड़ित बताते हुए आगे की सेवा के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। इसके आधार पर 30 नवंबर 2005 को उन्हें मेडिकल आधार पर सेवा से मुक्त कर दिया गया। गलत तरीके से सेवा से हटाया गया अजमेर सिंह का कहना था कि उन्हें गलत तरीके से सेवा से हटाया गया और वे दिव्यांगता पेंशन के हकदार हैं। साथ ही उनकी लगभग 50 हजार रुपये की ग्रेच्युटी राशि भी लंबित थी। उन्होंने इसके लिए सिविल अदालत का दरवाजा खटखटाया। हालांकि ट्रायल कोर्ट ने 2008 में उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद जिला जज , भिवानी की अदालत में अपील दायर की गई। अपीलीय अदालत ने 2010 में ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटते हुए अजमेर सिंह के पक्ष में निर्णय दिया और उन्हें राहत प्रदान की। इस फैसले को बीएसएफ अधिकारियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी। हाई कोर्ट में बीएसएफ का तर्क था कि मिर्गी ऐसी बीमारी नहीं है जिसे सेवा के दौरान उत्पन्न हुई बीमारी माना जाए, इसलिए अजमेर सिंह दिव्यांगता पेंशन के पात्र नहीं हैं। वहीं कर्मचारी की ओर से कहा गया कि भर्ती के समय वह पूरी तरह स्वस्थ थे और बीमारी सेवा के दौरान सामने आई। जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने क्या कहा? जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले धर्मवीर सिंह बनाम भारत संघ का हवाला देते हुए कहा कि यदि रिकार्ड में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जिससे यह साबित हो कि कर्मचारी भर्ती के समय बीमारी से ग्रस्त था, तो यह माना जाएगा कि वह पूरी तरह स्वस्थ था और बाद में स्वास्थ्य में आई गिरावट सेवा के कारण हुई। अदालत ने पाया कि अजमेर सिंह को पहला दौरा भर्ती होने के छह वर्ष बाद पड़ा था। उन्हें किसी अनुशासनहीनता या कदाचार के कारण नहीं बल्कि केवल मेडिकल आधार पर सेवा से हटाया गया था। ऐसे में बीमारी और सेवा के बीच संबंध को नकारा नहीं जा सकता। हाई कोर्ट ने जिला न्यायाधीश के फैसले को सही ठहराते हुए बीएसएफ की अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही अजमेर सिंह की दिव्यांगता पेंशन का रास्ता साफ हो गया।

सेहत से खिलवाड़! पंजाब में खाद्य पदार्थों की जांच में चौंकाने वाला खुलासा, हर सातवां नमूना असफल

चंडीगढ़  पंजाब में खाद्य पदार्थों में बड़े स्तर पर मिलावट का खेल चल रहा है और हर सात में एक एक सैंपल फेल हो रहा है। मिलावटखोर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। डेयरी उत्पादों में अधिक मिलावट हो रही है और यहां तक कि केमिकल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।  फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) की रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ साल से खाद्य पदार्थों में मिलावट बढ़ती जा रही है। वर्ष 2025-26 के दौरान खाद्य पदार्थों के 6054 सैंपल लिए गए जिसमें से 852 हो गए। सरकार अलग-अलग खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी का पता लगाने के लिए सैंपल ले रही है। साथ ही मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई भी कर रही है बावजूद इसके इस पर रोक नहीं लग पा रही है। वर्ष 2024-2025 के दौरान विभाग की तरफ से 4131 सैंपल लिए गए जिसमें से 748 खाने योग्य नहीं पाए गए। इसी तरह 2023-2024 के दौरान 6041 सैंपल जांच के लिए भेज गए जिसमें से 929 मानकों पर खरे नहीं उतरे। वर्ष 2022-2023 के दौरान 8179 सैंपल लिए गए और इस दौरान 1724 सैंपलों में मिलावट सामने आई जबकि वर्ष 2021-2022 में 6768 सैंपलों की जांच की गई और 1059 में मिलावट सामने आई है। केंद्र सरकार का सभी राज्यों में सैंपलिंग बढ़ाने पर जोर है ताकि मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। दूध, पनीर, घी, मिठाई, मसाले, तेल, बिस्कुट, नमकीन समेत अन्य खाद्य पदार्थों में अधिक मिलावट हो रही है। पंजाब में दूसरे राज्यों से तैयार घटिया पनीर व अन्य पदार्थों की आपूर्ति हो रही है जिन्हें बनाने में केमिकल तक का इस्तेमाल होता जो सेहत के लिए खतरनाक है। यह कैंसर को न्योता दे रहा है। हरियाणा में भी चल रहा मिलावट का खेल हरियाणा में भी बड़े स्तर पर मिलावट का खेल चल रहा है और राज्य में वर्ष 2025-26 के दौरान खाद्य पदार्थों के 900 सैंपल लिए गए जिनमें से 34% यानी 309 फेल हो गए। इसी तरह वर्ष 2024-2025 में 2233 सैंपल लिए गए जिनमें से सैंपल फेल पाए गए। वहीं वर्ष 2023-2024 के दौरान 3485 में से 856 और 2022-2023 में 4445 में से 1425 और वर्ष 2021-2022 के दौरान 4235 में से 1182 सैंपल फेल पाए गए हैं। नियमित से की जा रही जांच एफएसएसएआई के क्षेत्रीय कार्यालय और राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की टीमें मिलावट का पता लगाने के लिए भी नियमित रूप से निगरानी, निरीक्षण और खाद्य पदार्थों के नमूने लेती हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत अथॉरिटी की तरफ से कार्रवाई की जाती है जिसमें जुर्माना लगाना और लाइसेंस रद्द करना भी शामिल है। विभाग की तरफ से फूड सेफ्टी ऑन व्हील पर नियमित रूप से जांच की जा रही है। इन टेस्टिंग वैन में दूध, पनीर, पानी और अन्य रोजाना के प्रयोग वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच करने की सुविधा है। विशेष अभियान चला रही सरकार स्वास्थ्य डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि खाद्य पदार्थों की जांच के लिए सरकार विशेष अभियान चला रही है। पिछले महीने दो दिन विशेष अभियान चलाकर पूरे राज्य की स्थानीय डेयरियों की जांच की गई, जिसके दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरियों, प्रोसेसिंग यूनिटों और खुदरा दुकानों से पनीर के 211 सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा दूध के भी कुल 204 सैंपल एकत्र किए गए थे, जिनमें से 68 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर फेल पाए गए।  

चंडीगढ़ को दहलाने की साजिश नाकाम, बम धमकी मामले में पुलिस का बड़ा खुलासा

चंडीगढ़. देशभर में विभिन्न संस्थानों को भेजी जा रही बम धमकियों की जांच में गिरफ्तार बांग्लादेश मूल के आरोपित सौरव विश्वास से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। चंडीगढ़ पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपित ने अपने यूट्यूब चैनल पर लाइक, कमेंट, फॉलो, शेयर और सब्सक्राइबर बढ़ाने के लिए टेलीग्राम के जरिये किसी अज्ञात व्यक्ति से करीब 300 पुरानी और डीएक्टिवेट ई-मेल आईडी खरीदी थीं। इन आईडी का इस्तेमाल कर बाद में आरोपित ने 219 ई-मेल आईडी बांग्लादेश में एक व्यक्ति को बेच दीं। सूत्रों के अनुसार अब इन्हीं ई-मेल आईडी से देशभर में बम से उड़ाने की धमकियां भेजी जा रही है। सौरव विश्वास वर्ष 2017 में एक ब्रोकर की मदद से अवैध तरीके से जंगल के रास्ते से भारत में दाखिल हुआ था। भारत आने के बाद वह पश्चिम बंगाल में रहने लगा भारत आने के बाद वह पश्चिम बंगाल में रहने लगा। शुरुआती दिनों में उसने करीब दो महीने तक मजदूरी की। इसके बाद वह एक साइबर कैफे में काम करने लगा, जहां से उसे इंटरनेट और तकनीकी गतिविधियों की जानकारी मिली। साइबर कैफे की नौकरी छोड़ने के बाद आरोपित ने अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया और उस पर थ्री-डी एनिमेशन वीडियो अपलोड करने लगा। चैनल को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए उसने टेलीग्राम के माध्यम से पुरानी और डीएक्टिवेट ई-मेल आईडी खरीदी । जांच में सामने आया है कि वह एक-एक ई-मेल आईडी का पासवर्ड जनरेट कर उसे सक्रिय करता था और फिर उन्हीं आईडी के माध्यम से अपने यूट्यूब और फेसबुक चैनल पर लाइक, कमेंट और सब्सक्रिप्शन बढ़ाता था। इस तरीके से आरोपित का यूट्यूब चैनल तेजी से बढ़ा और उसके करीब पांच लाख सब्सक्राइबर हो गए। इसके बाद उसने डिजिटल मार्केटिंग का काम भी शुरू कर दिया और फेसबुक विज्ञापन तैयार करने सहित अन्य ऑनलाइन प्रचार गतिविधियों से जुड़ गया। इससे उसकी आय भी बढ़ने लगी थी। हालांकि बाद में कॉपीराइट के कारण उसका यूट्यूब चेनल बंद हो गया। ई-मेल आईडी का पूरा रिकॉर्ड एक्सेल शीट में रखा था जांच में सामने आया है कि आरोपित ने खरीदी और बेची गई ई-मेल आईडी का पूरा रिकॉर्ड एक्सेल शीट में तैयार कर रखा था। सूत्रों के अनुसार गुजरात पुलिस को सबसे पहले आरोपित से जुड़ा महत्वपूर्ण सुराग मिला था। इसके बाद पुलिस ने टेलीग्राम पर उससे संपर्क किया और ई-मेल आईडी खरीदने के लिए बात की। आरोपी ने गुजरात पुलिस को आम व्यक्ति समझकर एक्सेल शीट भेज दी। एक्सेल शीट देखते ही पुलिस को पता चला कि जिन ईमेल से बम धमकियां दी जा रही हैं, वह सौरव ने ही बेची हैं। जिसके बाद तकनीकी जांच, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस आरोपित तक पहुंच गई। 145 यूएसडीटी में बेचीं 219 ई-मेल आईडी पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित ने अपने पास मौजूद 219 ई-मेल आईडी टेलीग्राम के माध्यम से बांग्लादेश में रहने वाले मामुनुर राशिद नामक व्यक्ति को बेच दी थीं। सूत्रों के अनुसार यह सौदा 145 यूएसडीटी में हुआ था। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत करीब 13 हजार रुपये बैठती है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन्हीं ई-मेल आईडी का इस्तेमाल बाद में बम धमकी वाले ई-मेल भेजने में किया गया। सूत्रों के अनुसार जिन ई-मेल आईडी को आरोपित ने बेचा था, उनका इस्तेमाल विभिन्न संस्थानों को धमकी भरे संदेश भेजने में किया गया। चंडीगढ़ और मोहाली में भी स्कूलों और अदालतों, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, मेयर कार्यालय, पासपोर्ट कार्यालय, डाकघर, सचिवालय और अन्य संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। तीन लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन हुए बरामद गुजरात पुलिस ने आरोपित के कब्जे से तीन लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन बरामद किए थे। इन उपकरणों की जांच के दौरान ई-मेल आईडी से संबंधित डेटा भी मिला। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि जिन ई-मेल आईडी से धमकी भरे संदेश भेजे गए, वह आरोपित सौरव विश्वास ने ही बेची हुई है। दिल्ली और अमृतसर पुलिस भी कर चुकी पूछताछ गिरफ्तारी के बाद आरोपित गुजरात पुलिस की हिरासत में था। इसी दौरान चंडीगढ़ पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेने पहुंची, लेकिन उससे पहले दिल्ली पुलिस उसे अपने साथ ले गई। दिल्ली पुलिस की पूछताछ के बाद आरोपित को अमृतसर पुलिस ने भी पूछताछ के लिए लिया। बाद में उसे तिहाड़ जेल भेज दिया गया। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर आरोपित को चंडीगढ़ लाकर पूछताछ की। शहर में सेक्टर-17 और सेक्टर-3 थाना क्षेत्र में दर्ज दो अलग-अलग एफआईआर में उससे पूछताछ हुई। पहले सेक्टर-17 थाना पुलिस ने पूछताछ की और बाद में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने पूछताछ की। पूछताछ पूरी होने के बाद शुक्रवार को आरोपित को दोबारा तिहाड़ जेल भेज दिया गया। बिस्वास को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 1 मार्च को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया था। चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश , गुजरात और महाराष्ट्र में ईमेल से बम धमकियां आ चुकी हैं।

CM साय के रिप्लाई ने जीता दिल, ‘समधी भेंट’ को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी चर्चा

रायगढ़. सियासत की बिसात पर अक्सर तनाव, तीखे बयान और तल्खियों की ही खबरें सुर्खियां बनती हैं। लेकिन कभी-कभी राजनीति की इस रूखी जमीन पर कुछ तस्वीरें ऐसी सामने आ जाती हैं, जो सारे समीकरणों और कयासों के बीच एक खुशनुमा माहौल बना देती हैं। प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक ऐसी ही तस्वीर और उसके पीछे की दिलचस्प कहानी ने सबका ध्यान खींचा है। हमेशा अपने तीखे और बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले सूबे के एक कद्दावर विधायक और प्रदेश के मुखिया के बीच जो सार्वजनिक स्नेह देखने को मिला है, उसने राजनीतिक गलियारों में चल रही तमाम अफवाहों को एक झटके में शांत कर दिया है। यह वाकया सिर्फ एक तस्वीर खिंचवाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दोनों नेताओं के बीच हुए आत्मीय संवाद ने रिश्तों की एक नई इबारत लिख दी है। ठेठ छत्तीसगढ़िया अंदाज और जनता की वो खास मांग यह पूरा दिलचस्प और ठेठ देसी घटनाक्रम एक ग्रामीण इलाके में आयोजित बड़े सामाजिक महाधिवेशन के दौरान सामने आया। जब प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कुरुद के वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर धमतरी जिले के ग्राम छाती में चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय महाधिवेशन में एक साथ पहुंचे, तो वहां का माहौल ही बदल गया। ग्रामीण परिवेश और अपनी माटी की संस्कृति के बीच जब ये दोनों बड़े नेता एक साथ नजर आए, तो वहां मौजूद समाज के लोगों ने सहज भाव से कह दिया कि दोनों एक बार समधी भेंट कर लें। ग्रामीण अंचलों में रिश्तों की प्रगाढ़ता दर्शाने के लिए समधी, मामा या भांजा जैसे शब्द एक बेहद प्यारे और आत्मीय संबोधन माने जाते हैं। जनता के इस अपनत्व भरे आग्रह को दोनों ही नेताओं ने पूरे सम्मान के साथ सिर माथे लिया और मुस्कुराते हुए एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर एक शानदार तस्वीर खिंचवाई। विधायक ने एक्स पर साझा किया अपना अगाध प्रेम इस खूबसूरत वाकये के बाद विधायक अजय चंद्राकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वह तस्वीर साझा कर दी। अपनी पोस्ट में उन्होंने अपने दिल की बात लिखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के प्रति उनके मन में अगाध आदर है और वह उन्हें स्नेह से ‘समधी जी’ कहते हैं। उन्होंने पूरी बेबाकी से बताया कि कैसे समाज के लोगों के आग्रह पर यह तस्वीर ली गई और मुख्यमंत्री ने अपनी चिरपरिचित सहजता से इस पल को हमेशा के लिए यादगार बना दिया। इस पोस्ट के सामने आते ही इंटरनेट और राजनीतिक चौपालों पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। लोग इस खुलेपन और आत्मीयता की जमकर तारीफ करने लगे। मुख्यमंत्री के जवाब ने जीत लिया सबका दिल असली राजनीतिक और सामाजिक मिठास तब सामने आई, जब खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पोस्ट पर अपना जवाब दिया। सीएम साय ने अपने आधिकारिक हैंडल से अजय चंद्राकर की पोस्ट को कोट करते हुए उसे रिट्वीट किया। उन्होंने बेहद प्यार भरे अंदाज में लिखा कि अजय जी का यह स्नेहपूर्ण संबोधन उन्हें हमेशा आत्मीयता से भर देता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्राम छाती में समाज के आग्रह पर हुई यह ‘समधी भेंट’ उनके लिए भी एक स्मरणीय पल बन गई है। उन्होंने विधायक के सहज अपनापन, मिलनसार स्वभाव और समाज के साथ उनके गहरे जुड़ाव की जमकर तारीफ की। मुख्यमंत्री ने यह भी संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ की यही पारिवारिक संस्कृति, अपनापन और आपसी सम्मान हमारी सबसे बड़ी ताकत है।