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कहीं बारिश तो कहीं लू का कहर, राजस्थान का मौसम बदलेगा रंग

 जयपुर राजस्‍थान में आज आंधी-बारिश के साथ हीटवेव का अलर्ट है. मौसम  विभाग ने अलवर, भरतपुर, दौसा डीग, धौलपुर, करौली, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़ के लिए आंधी बारिश का अलर्ट जारी किया है. हनुमानगढ़ और पश्चिमी राजस्थान के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. जयपुर में हुई बारिश रविवार को प्रदेश में मिला जुला मौसम रहा. उमस से लोग बेहाल नजर आए. दिन भर खिली धूप ने गर्मी से लोगों को परेशान किया. हालांकि, देर शाम राजधानी जयपुर समेत कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बरसात हुई. इससे रात को गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिली.   हल्की बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के ऊपर बने परिसंचरण तंत्र के प्रभाव से राज्य के कुछ भागों में आंधी बारिश की गतिविधियां आगामी 2-3 दिन तक जारी रहने की संभावना है. इसके बाद पूर्वी राजस्थान में छुटपुट स्थानों पर मध्यम दर्जे का मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में आज से 11 जून के दौरान कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान 44-46 डिग्री से. दर्ज होने व कहीं-कहीं हीटवेव चलने की संभावना है.   श्रीगंगानगर में पारा 44 डिग्री प्रदेश में सर्वाधिक तापमान श्रीगंगानगर में 44.8 डिग्री दर्ज किया गया.  वहीं, अन्य शहरों में भी अब तापमान धीरे धीरे बढ़ने लगा है.  जयपुर में तापमान में 4 डिग्री से भी ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई.  राजधानी में पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री दर्ज किया गया.

एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की निगरानी अब सीधे CM योगी करेंगे

लखनऊ यूपी की योगी सरकार ने यूपी में एक्सप्रेसवे और उससे जुड़ी परियोजनाओं के होने वाले कामों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला किया है। एक्सप्रेसवे बनाने के लिए बनाए गए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) का काम अवस्थापना विभाग के अधीन कर दिया गया है। अभी तक यह काम औद्योगिक विकास विभाग के अनुभाग तीन द्वारा देखा जा रहा था। अवस्थापना मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास है। इसके बाद यह साफ हो गया है कि एक्सप्रेसवे और इससे जुड़ी परियोजनाओं का काम मुख्यमंत्री सीधे तौर पर देखेंगे। सचिव सचिवालय प्रशासन गुर्राला श्रीनिवासुलु की ओर से इस बारे में आदेश जारी कर दिया गया है। यह बदलाव क्यों किया जा रहा है, इसके बारे में भी बताया गया है। यूपी में अभी तक औद्योगिक विकास विभाग के अधीन यूपीडा का काम देखा जाता था। शासन में औद्योगिक विकास विभाग के अनुभाग तीन को यह काम आवंटित था। सचिव सचिवालय प्रशासन गुर्राला श्रीनिवासुलु की ओर से जारी आदेश में यूपीडा के काम को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। उनके इस आदेश में कहा गया है कि 18 मई 2007 को अवस्थापना विभाग का गठन किया गया और 30 जुलाई 2007 को काम भी आवंटित किए गए। अवस्थापना का काम औद्योगिक विकास अनुभाग तीन द्वारा देखा जा रहा था। बदलाव के लिए यह बताया गया कारण आदेश में कहा गया है कि अवस्थापना विकास अनुभाग का काम तय है। यूपीडा के अधीन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का काम औद्योगिक विकास विभाग के अनुभाग तीन को आवंटित है। निर्धारित लागत सीमा से अधिक चिह्नित अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र या सहभागिता के आधार पर क्रियान्वयन की नीति निर्धारण व समन्वय का काम अवस्थापना विकास अनुभाग को आवंटित है। इसके चलते इस काम के आवंटन में विरोधाभाष तथा संबंधित प्रत्रावलियों के निस्तारण को और आसान बनाने के लिए यूपीडा से संबंधित सभी काम तात्कालिक प्रभाव से अवस्थापना विकास अनुभाग को आवंटित कर दिया गया है। नई स्टार्टअप नीति बनेगी वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी स्टार्टअप केंद्र बनाने के लिए नई स्टार्टअप नीति-2026 तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नई नीति में भरण-पोषण भत्ता, प्रोटोटाइप अनुदान, सीड कैपिटल सहायता तथा पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन से जुड़े प्रोत्साहनों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। सीएम ने निर्देश दिया कि महिला उद्यमियों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर उद्यमियों तथा पूर्वांचल एवं बुंदेलखंड क्षेत्र के स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन देने के प्रावधान शामिल किए जाएं। स्टार्टअप गतिविधियों के संचालन, प्रोत्साहन, वित्तीय प्रबंधन, निगरानी, क्षमता निर्माण तथा विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन का गठन किया जाए। प्रस्तावित नीति की समीक्षा मुख्यमंत्री ने रविवार को प्रस्तावित उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 के विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति, बड़ा बाजार, डिजिटल एवं औद्योगिक आधार, निवेशकों के अनुकूल वातावरण यूपी को अर्थव्यवस्था का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की क्षमता रखते हैं। नई नीति ऐसी होनी चाहिए जो प्रदेश के युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाए। उत्तर प्रदेश को स्टार्टअप तथा नवाचार के क्षेत्र में पहचान दिलाए। मुख्यमंत्री को प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स ने बताया कि पिछले सालों में यूपी ने स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 2018 में ‘एस्पायरिंग लीडर’ श्रेणी से आगे बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश वर्ष 2025 में भारत सरकार की स्टार्टअप रैंकिंग में ‘टॉप परफॉर्मर’ श्रेणी में स्थान प्राप्त कर चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप्स को प्रारंभिक चरण से लेकर विस्तार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक जरूरी सहयोग उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें: अमृतसर से मुंबई तक नई स्पेशल ट्रेन, रेलवे ने बढ़ाई अतिरिक्त सुविधाएं

अमृतसर गर्मी के मौसम में बढ़ती यात्रियों की संख्या और लंबी वेटिंग सूची को देखते हुए रेलवे ने अमृतसर से मुंबई के बीच नई समर स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पंजाब में रह रहे बिहार के यात्रियों की सुविधा के लिए अमृतसर-कटिहार स्पेशल ट्रेन के संचालन की अवधि बढ़ाने के साथ अतिरिक्त फेरे भी जोड़े गए हैं।  रेलवे अधिकारियों के अनुसार अमृतसर और मुंबई (बांद्रा टर्मिनस) के बीच विशेष ट्रेन चलाए जाने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह ट्रेन जालंधर सिटी, फगवाड़ा, धंडारी कलां (लुधियाना), अंबाला कैंट, पानीपत, नई दिल्ली (सफदरजंग), मथुरा, कोटा, रतलाम, वडोदरा, सूरत और बोरीवली होते हुए बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। अमृतसर-बांद्रा टर्मिनस समर स्पेशल का शेड्यूल ट्रेन संख्या 04694/04693 अमृतसर-बांद्रा :  टर्मिनस-अमृतसर स्पेशल अमृतसर से 12, 19 और 26 जून तथा 3 और 10 जुलाई को प्रत्येक शुक्रवार रात 8:10 बजे रवाना होगी। वापसी में यह ट्रेन बांद्रा टर्मिनस से 14, 21 और 28 जून तथा 5 और 12 जुलाई को प्रत्येक रविवार सुबह 8 बजे चलेगी। इसी तरह कटिहार स्पेशल ट्रेन के भी फेरे बढ़ा दिये गए है। रेलवे ने अमृतसर और कटिहार के बीच चल रही विशेष ट्रेन के संचालन को जुलाई के अंत तक बढ़ा दिया है। ट्रेन संख्या 05736/05735 कटिहार-अमृतसर-कटिहार स्पेशल अब विस्तारित अवधि के तहत अतिरिक्त फेरों के साथ संचालित होगी। कटिहार से अमृतसर के लिए यह ट्रेन 22 जुलाई से 29 जुलाई तक प्रत्येक बुधवार को तीन अतिरिक्त फेरे लगाएगी। वहीं अमृतसर से कटिहार के लिए 17 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रत्येक शुक्रवार को तीन अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे। रेलवे अधिकारियोंका कहना है कि इन विशेष ट्रेनों के संचालन से पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और बिहार जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी तथा गर्मी के मौसम में बढ़ी हुई यात्रा मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

13 जून तक का समय, फिर आर-पार की लड़ाई! पंजाब कर्मचारियों के ऐलान से बढ़ी सरकार की चिंता

लुधियाना   पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विस यूनियन की प्रदेश स्तरीय ऑनलाइन वर्चुअल मीटिंग प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह विर्क और प्रदेश महासचिव तरसेम भट्ठल की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में 3 जून को वित्त मंत्री की अध्यक्षता में यूनियन की मांगों को लेकर हुई मीटिंग पर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने बताया कि सरकार की तरफ से मीटिंग की कार्रवाई रिपोर्ट 48 घंटे में जारी करने का भरोसा दिया गया था परंतु निर्धारित समय में रिपोर्ट जारी न होने के बाद मीटिंग में शामिल नेताओं ने संदेह जताया कि सरकार कहीं समय बिताने की नीति तो नहीं अपना रही? लीडरशिप ने कहा कि मौजूदा भगवंत मान सरकार के पिछले साढ़े 4 साल के कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों की मांगों पर कोई प्रगति नहीं हुई है, जिसके कारण कर्मचारी वर्ग का सरकार से विश्वास उठ चुका है। इसलिए फैसला किया गया कि पंजाब सरकार को तुरंत एक नोटिस जारी किया जाए और वित्त मंत्री के साथ हुई मीटिंग में विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में मांगों पर लिए गए फैसलों संबंधी संगठन की तरफ से खुद एक कार्रवाई रिपोर्ट तैयार करके जारी की जाए। नोटिस के जरिए सरकार को लिखा जाए कि वह मीटिंग में हुए फैसलों के मुताबिक 12 जून तक कर्मचारियों की मांगों को लागू करे, नहीं तो 13 जून को अगले बड़े संघर्ष का ऐलान किया जाएगा। प्रदेश प्रैस सचिव गुरप्रीत सिंह खटड़ा ने बताया कि इस ऑनलाइन मीटिंग में संगठन की प्रदेश लीडरशिप, विभागीय संगठनों की लीडरशिप और जिलों के अध्यक्ष व महासचिव शामिल हुए। इनमें रघबीर सिंह बडवाल, अनिरुद्ध मोदगिल, पिप्पल सिंह, जगदीश ठाकुर, खुशकरनजीत सिंह, तेजिंदर सिंह नंगल, विनोद सागर, गुरसेवक सिंह, हितेश शर्मा, विशालवीर, अमित कटोच, गुरप्रीत सिंह पनेसर, जैमल सिंह, मैनुअल नाहर, संगत राम बागी, अमरप्रीत सिंह, प्रताप सिंह और जसवंत सिंह मौजो शामिल थे।  पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विस यूनियन की प्रदेश स्तरीय ऑनलाइन वर्चुअल मीटिंग प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह विर्क और प्रदेश महासचिव तरसेम भट्ठल की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में 3 जून को वित्त मंत्री की अध्यक्षता में यूनियन की मांगों को लेकर हुई मीटिंग पर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने बताया कि सरकार की तरफ से मीटिंग की कार्रवाई रिपोर्ट 48 घंटे में जारी करने का भरोसा दिया गया था परंतु निर्धारित समय में रिपोर्ट जारी न होने के बाद मीटिंग में शामिल नेताओं ने संदेह जताया कि सरकार कहीं समय बिताने की नीति तो नहीं अपना रही? लीडरशिप ने कहा कि मौजूदा भगवंत मान सरकार के पिछले साढ़े 4 साल के कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों की मांगों पर कोई प्रगति नहीं हुई है, जिसके कारण कर्मचारी वर्ग का सरकार से विश्वास उठ चुका है। इसलिए फैसला किया गया कि पंजाब सरकार को तुरंत एक नोटिस जारी किया जाए और वित्त मंत्री के साथ हुई मीटिंग में विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में मांगों पर लिए गए फैसलों संबंधी संगठन की तरफ से खुद एक कार्रवाई रिपोर्ट तैयार करके जारी की जाए। नोटिस के जरिए सरकार को लिखा जाए कि वह मीटिंग में हुए फैसलों के मुताबिक 12 जून तक कर्मचारियों की मांगों को लागू करे, नहीं तो 13 जून को अगले बड़े संघर्ष का ऐलान किया जाएगा। प्रदेश प्रैस सचिव गुरप्रीत सिंह खटड़ा ने बताया कि इस ऑनलाइन मीटिंग में संगठन की प्रदेश लीडरशिप, विभागीय संगठनों की लीडरशिप और जिलों के अध्यक्ष व महासचिव शामिल हुए। इनमें रघबीर सिंह बडवाल, अनिरुद्ध मोदगिल, पिप्पल सिंह, जगदीश ठाकुर, खुशकरनजीत सिंह, तेजिंदर सिंह नंगल, विनोद सागर, गुरसेवक सिंह, हितेश शर्मा, विशालवीर, अमित कटोच, गुरप्रीत सिंह पनेसर, जैमल सिंह, मैनुअल नाहर, संगत राम बागी, अमरप्रीत सिंह, प्रताप सिंह और जसवंत सिंह मौजो शामिल थे।

खाद्य सुरक्षा को मिलेगा बड़ा बल, हरियाणा सरकार 55 करोड़ की लागत से खोलेगी 8 नई टेस्टिंग लैब

करनाल. प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ जल्द ही बड़ा अभियान शुरू होगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) ने खाद्य जांच व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत प्रदेश में आठ नई खाद्य पदार्थ जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। साथ ही आधुनिक उपकरणों से लैस मोबाइल जांच प्रयोगशालाएं भी सड़कों पर उतरेंगी, जहां आम नागरिक मात्र 20 रुपये में अपने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करा सकेंगे। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के नामित अधिकारी पृथ्वी सिंह ने विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के उपलक्ष्य में विशेष बातचीत की। एनसीआर में 55 करोड़ से मजबूत होगा जांच तंत्र वर्तमान में विभाग के पास सिर्फ दो प्रयोगशालाएं हैं। इसी वर्ष दो नई प्रयोगशालाएं और शुरू की जाएंगी। अगले पांच वर्षों में पूरे प्रदेश में स्वीकृत सभी प्रयोगशालाओं का नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी (एनसीआर) में खाद्य जांच सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए 55 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। इससे फरीदाबाद, गुरुग्राम और रोहतक में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। पांच अन्य जिलों को भी मिली मंजूरी केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से नारनौल, हिसार, जींद, सिरसा और यमुनानगर में भी नई प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। विभाग इन जिलों में भूमि की तलाश की जा रही है। भूमि उपलब्ध होते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सबसे पहले हिसार में कार्य आरंभ किए जाने की योजना है। करनाल स्थित प्रयोगशाला को भी अत्याधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। इसके लिए करीब 25 करोड़ रुपये के आधुनिक उपकरण खरीदे जा रहे हैं। खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है। नई व्यवस्था के तहत प्रयोगशाला में सूक्ष्मजीव विज्ञान (माइक्रोबायोलाजी) अनुभाग स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा उच्च क्षमता वाली आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी, जो खाद्य पदार्थों में मौजूद अत्यंत सूक्ष्म स्तर की मिलावट का भी पता लगाने में सक्षम होंगी। गांव-गांव पहुंचेगी जांच सुविधा विभाग आम लोगों को सीधे इस अभियान से जोड़ेगा। इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित मोबाइल खाद्य प्रयोगशालाएं तैयार की जा रही हैं। इन मोबाइल वैन के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है। मोबाइल प्रयोगशालाओं के संचालन के बाद नागरिक अपने घरों में उपयोग होने वाले दूध, दाल, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूनों की मौके पर ही जांच करा सकेंगे। इसके लिए सिर्फ 20 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। जांच सुविधा लोगों तक पहुंचने से मिलावटखोरों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। साथ ही खाद्य सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी। जानिये सैंपल फेल होने का अर्थ नामित अधिकारी पृथ्वी सिंह ने कहा कि प्रदेश में पांच वर्षों के दौरान फेल हुए 4607 सैंपलों का मतलब सीधे तौर पर जहर या जानलेवा मिलावट होना नहीं है। इनमें से अधिकतर सैंपल तकनीकी कमियों के कारण सब-स्टैंडर्ड (अवमानक) श्रेणी में आते हैं। उदाहरण के लिए, यदि दूध में निर्धारित फैट छह प्रतिशत की जगह 5.9 प्रतिशत मिलता है या पनीर में तय मानक से नमी ज्यादा पाई जाती है, तो वह फेल माना जाता है। मिलावट का यह औसत पूरे देश में लगभग समान है। सरकारी लैब में कुछ एडवांस टेस्टों जैसे फसलों पर होने वाले पेस्टिसाइड/केमिकल स्प्रे को पकड़ने की आधुनिक मशीनें नहीं हैं। भारी बजट खर्च करके, एक-एक सैंपल की प्रामाणिक जांच के लिए ₹30 हजार रुपये तक फीस देकर बड़ी निजी लैब से टेस्ट करवाते हैं।

गोकशी पर सख्त कानून की मांग, शंकराचार्य निश्चलानंद ने कहा- गाय के वध पर पूरी तरह लगे रोक

होशियारपुर. गाय को काटने की आयु सीमा नहीं तय होनी चाहिए। न ही उसके फिटनेस का मानक हो। गाय काटने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगना चाहिए। यह बात होशियारपुर में गोवर्धन मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज ने कही। शंकराचार्य जी पश्चिम बंगाल सरकार के उस फैसले को आड़े हाथ लिया, जिसमें गाय काटने की आयु चौदह वर्ष हो और उसकी फिटनेस भी हो। उन्होंने भाजपा को रडार पर लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह थे और उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। तब मोदी गाय काटने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की वकालत करते थे और मोदी पिछले ग्यारह साल से देश के प्रधानमंत्री हैं तो गाय काटने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने पर फैसला नहीं ले पा रहे हैं। ऐसा इसलिए कि सरकार में इच्छा शक्ति की कमी है। एक सवाल के जवाब में शंकराचार्य जी ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौ माता का दर्जा देना चाहिए ताकि ऐसे फिजूल बातें करने वालों के मुंह बंद हो जाए। शंकराचार्य जी ने कहा कि गाय माता में देवी देवता का वास होता है। जब कोई मुसीबत पड़ती है तो देवी देवता गाय के रूप में अवतरित होते हैं। एक सवाल के जवाब में शंकराचार्य जी ने कहा हिन्दू को ऐसे कदम उठाने की जरूरत है कि कोई भी गरीबी से धर्म परिवर्तन न करे।

‘कांग्रेस ने सिर्फ ठगने का काम किया’, टीएस सिंहदेव की टिप्पणी पर मुख्यमंत्री साय का तीखा तंज

रायपुर. कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष चयन को लेकर दिए गए पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि ये हमारा देखने का काम नहीं है, कांग्रेस इसको देखे। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस कितना भी कर लें, जनता का विश्वास नहीं जीत पाएगी। सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस देश की जनता का विश्वास खो चुकी है और लगातार सिमटती जा रही है, क्योंकि ये लोग हमेशा जनता को ठगने का काम करते हैं। इनकी कथनी और करनी में बहुत अंतर है, जमीन-आसमान का फर्क है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी वर्ष 2018 में प्रदेश की जनता ने इन्हें जनादेश दिया था, लेकिन पांच वर्षों तक इन्होंने केवल जनता को ठगने और प्रदेश को लूटने का काम किया। इसका परिणाम उन्हें 2023 के विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ा। अब ये लोग कुछ भी कर लें, जनता का विश्वास खो चुके हैं। वहीं, एलपीजी सिलेंडर के बढ़े दामों को लेकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध की जो स्थिति है, उससे हम सब वाकिफ हैं। पूरा विश्व इससे प्रभावित है। हम सबको इसमें सहयोग करना चाहिए और टीम भावना के साथ अपने देश के लिए खड़ा रहना चाहिए।

प्री-मानसून ने पकड़ी रफ्तार, झारखंड में मौसम बदला, येलो अलर्ट जारी

रांची  झारखंड में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. कई स्थानों पर बारिश भी हो रही है. इस बीच गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड स्थित परासपानी कला गांव में शनिवार शाम वज्रपात की चपेट में आने से 12 वर्षीय बालक क्रमु कुमार की मौत हो गई. रामगढ़ के गंडके पाहन टोला निवासी की 30 वर्षीय युवक राजू मुंडा और कुजू के मुरपा कठरा टोला निवासी 16 वर्षीय साहिल कुमार की भी वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई. पिछले 24 घंटे ऐसा रहा तापमान झारखंड में कई स्थानों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की गई, जबकि एक स्थान पर भारी बारिश भी हुई. सबसे अधिक 70.3 मिमी वर्षा सिमडेगा के थर्थाइटांगर में रिकॉर्ड की गई. वहीं, राज्य का सबसे अधिक उच्चतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज में दर्ज हुआ, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस लातेहार-AWS में रिकॉर्ड किया गया. कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी), रांची केंद्र ने झारखंड में आगामी दिनों में बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है. कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और पूर्वी उत्तर प्रदेश से तेलंगाना तक बना ट्रफ सक्रिय है, जिसके प्रभाव से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है. कल रांची और आसपास में बारिश के संकेत 9 जून को रांची, बोकारो, रामगढ़, गुमला और खूंटी सहित दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य भागों में मेघगर्जन और तेज हवा के साथ वर्षा होने के संकेत हैं. रांची में 10 और 11 जून को भी मेघगर्जन के साथ वर्षा की संभावना है.

गंभीर धाराओं में FIR के बाद भी खान सर गिरफ्त से दूर, बढ़ा विवाद

पटना  खान सर लापता हो गए हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। लेकिन खान सर का कुछ भी पता नहीं चल सका है। आखिर गंभीर धाराओं में FIR दर्ज होने के बाद खान सर कहां अंडरग्राउंड हो गए हैं और पुलिस उन्हें क्यों नहीं गिरफ्तार कर पा रही है? ज्ञान बिंदू जी.एस एकेडमी ने यह गंभीर सवाल उठाए हैं। एकेडमी प्रबंधन की तरफ से कहा गया है कि जिस तरह से ज्ञान बिंद् के डायरेक्टर रौशन आनंद को गिरफ्ताार करने में पुलिस ने त्वरित ऐक्शन दिखाया आखिर उस तरह का ऐक्शन खान सर को अरेस्ट करने में क्यों नहीं दिखाया गया? ज्ञान बिंदु एकेडमी के टीचर ने खान सर की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर आमरण अनशन की धमकी तक दे दी है। ज्ञान बिंदु के शिक्षक वरुण ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में सवाल उठाते हुए कि रौशन सर की गिरफ्तारी के लिए जिस तरह से प्रशासन ने तत्परता दिखाई वैसी तत्परता वो आज क्यों नहीं दिखा रही है? खान की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? 4 तारीख को एफआईआऱ दर्ज कराई गई थी और अब 8 तारीख हो गया है। केस दर्ज होने के बाद वो अपने क्लासरूम में डिजीटल बोर्ड पर सीसीटीवी फुटेज को चला कर कह रहे हैं कि इस व्यक्ति की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। जबकि खुद उस व्यक्ति (खान सर) पर ऐसी-ऐसी धाराएं लगी हैं कि उसकी तो उसी समय गिरफ्तारी होनी चाहिए थी ज्ञान बिंदु एकेडमी के टीचर ने आगे कहा कि जो शख्स उस वक्त वहां नहीं थे यानी रौशन सर की इसमें कोई संलिप्ता नहीं है उसे आपने गिरफ्तार कर रखा है। जिस शख्स पर प्रत्यक्ष एफआईआर है आज वो आसानी से और आराम से अपना जीवन जी रहा है। हमारी मांग है कि उनकी (खान सर) गिरफ्तारी अविलंब होनी चाहिए। टीचर वरुण ने कहा कि हमलोगों ने पहले भी कहा है कि जो गार्ड इस मामले में है वो कैंपस का गार्ड है, खान का गार्ड नहीं है। गार्ड ने खुद कहा कि हम कैंपस के गार्ड हैं। उस गार्ड को सुरक्षाा मिलनी चाहिए। अगर उस गार्ड के साथ कुछ भी गलत होता है तो उसका सारा बोझ रौशन सर पर डाल दिया जाएगा इसलिए उसे सुरक्षा मिलनी चाहिए। वरुण ने आगे कहा कि अगर खान सर गिरफ्तार नहीं होते हैं तो हम आमरण अनशन करेंगे। हमने न्यायालय से भी गुहार लगाई है कि जल्द इस प्रक्रिया को देख कर रौशन सर को बेल दी जाए और जो दोषी है उसपर कार्रवाई करने का आदेश प्रशासन को दिया जाए। बहरहाल आपको बता दें कि खान सर के वकील कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत की याचिका दायर करने की तैयारी में हैं। खान सर पर हत्या के प्रयास और आर्म्स ऐक्ट के तहत संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 2 जून को खान ग्लोबल इंस्टीच्यूट में हुए बवाल के बाद खान सर पर बीएनएस की धारा 109 के अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 25(9), 27 और 35 के तहत केस दर्ज किया गया है। ये धाराएं बेहद कड़ी हैं और इनसे खान सर की मुश्किलें निश्चित तौर से बढ़ सकती हैं।

2010-12 बैच के PCS अफसर बन सकते हैं IAS, 33 पदों पर प्रमोशन प्रक्रिया तेज

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पीसीएस से आईएएस के पदों पर पदोन्नति देने के लिए 10 जून को डीपीसी दिल्ली में होगी। इसमें वर्ष 2010, 2011 व 2012 बैच के पीसीएस अफसरों के नामों पर विचार होगा। नियुक्ति विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी है। केंद्र सरकार ने चयन वर्ष 2025 के लिए उत्तर प्रदेश को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नति कोटे के 33 पद आवंटित किए हैं। इससे वर्ष 2010 और 2011 बैच के पीसीएस अधिकारियों के आईएएस बनने का रास्ता साफ हो गया है। नियुक्ति विभाग ने केंद्र से आवंटित पदों के आधार पर संभावित अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां (एसीआर) और सेवा अभिलेख जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार पीसीएस से आईएएस में पदोन्नति होने वाले पदों की संख्या बढ़ने की वजह से 2010 और 2011 के साथ 2012 बैच के भी कुछ अफसरों को मौका मिल सकता है। वर्ष 2010 और 2011 बैच में अधिकारियों की संख्या कम है। वर्ष 2010 बैच में पीसीएस सेवा के आठ अधिकारी हैं, 2011 बैच में 21 हैं। दोनों बैच की संख्या मिलाकर 29 होती है। इसके बाद भी चार पद रिक्त बचते हैं। इसीलिए 2012 बैच के भी कुछ अफसरों को मौका मिल सकता है। इन नामों पर विचार वर्ष 2010 बैच के डा. विश्राम, अशोक कुमार कन्नौजिया, पुष्पराज सिंह, राजकुमार द्विवेदी, राकेश कुमार पटेल, आलोक कुमार, सुशीला, संजय कुमार सिंह। वर्ष 2011 में पूनम निगम, संतोष बहादुर सिंह, पंकज वर्मा, प्रदीप कुमार यादव, योगानंद पांडे, विजय कुमार सिंह, अतुल कुमार-11, डा. सुनील कुमार वर्मा, हर्ष देव पांडे, शैलेंद्र कुमार सिंह, डा. नितिन मदान, प्रियंका सिंह, अमित कुमार-प्रथम, रिंकी जायसवाल, अमित सिंह, अमित कुमार-द्वितीय, विवेक श्रीवास्तव, वैभव मिश्रा, नरेंद्र बहादुर सिंह, संदीप कुमार, गरिमा स्वरूप हैं। पीपीएस से आईपीएस की प्रक्रिया भी जारी पुलिस महकमे में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रदेश के 29 पीपीएस अधिकारियों को IPS में प्रमोट करने की भी प्रक्रिया तेज हो गई है। शासन की ओर से आईपीएस कैडर में रिक्त पड़े 29 पदों को भरने के लिए नियमों के तहत तीन गुना अधिक पीपीएस अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग को भेज दिए गए हैं। यूपीएससी इन अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, गोपनीय प्रविष्टियों और लंबित जांचों की समीक्षा करेगा। यूपी में आईपीएस कैडर के 29 पद लंबे समय से रिक्त हैं। इन्हें भरने के लिए सरकार और डीजीपी मुख्यालय ने प्रमोशन प्रक्रिया को तेज किया। प्रस्ताव तैयार कर यूपीएससी को भेजा गया है। नियमों के मुताबिक, जितने पद रिक्त होते हैं, उससे तीन गुना अधिक अधिकारियों के नाम विचार के लिए भेजे जाते हैं।