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बाढ़ के खतरे को रोकने की तैयारी, मानसून से पहले नालों से निकाली जा रही गाद

चंडीगढ़. मानसून 20 दिन बाद शहर में दस्तक दे देगा। पहाड़ों से बहकर आने वाला पानी सुखना चो, पटियाला की राव और एन चो से होकर चंडीगढ़ के बीच में से गुजरता है। पिछले कई वर्षाें से यह पानी बाढ़ का रूप लेकर शहर का जीवन प्रभावित करने लगा है। ट्राइसिटी के  फेफड़े  मोरनी हिल्स  के जंगलों का सर्वे  के लिए   60 रिटायर्ड पटवारी और 4 कानूनगो तैनात करने के आदेश हैं। इसको देखते हुए चंडीगढ़ ने जलीय आपदा से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। इन बरसाती नदियों से बाढ़ आने का मुख्य कारण कमजोर तटबंध, तलहटी में जमी गाद से क्षमता घटना रहे हैं। इस वजह से चंडीगढ़ प्रशासन ने इससे निपटने का प्लान तैयार कर उस पर ग्राउंड स्तर पर कार्य शुरू कर दिया है। सुखना रेगुलेटरी एंड से गाद निकालने की शुरुआत हुई थी। अब पटियाला की राव से भी गाद निकाली जा रही है। सुखना रेगुलेटरी एंड पर गाद निकालने का काम 40 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अब पटियाला की राव से गाद निकालनी शुरू की गई है। पटियाला की राव भी धनास, खुड्डा लाहौरा, डड्डू माजरा जैसे एरिया को प्रभावित करती है। पानी रेजिडेंशियल एरिया में दाखिल हो जाता है। डंपिंग ग्राउंड का गंदा पानी कालोनी एरिया में घुसने से बीमारी फैलने का डर रहता है। इसी तरह से एन चो रोज गार्डन और शहर के अंदरूरी हिस्से को प्रभावित करता है। अगर रेगुलेटरी एंड और पटियाला की राव की गाद निकल जाती है तो इनकी गहराई बढ़ जाएगी और अत्यधिक पानी आने पर भी वह बाहर नहीं आएगा। साथ ही सुखना चो में भी पानी एकदम से नहीं छोड़ना पड़ेगा। पंचकूला मोहाली तक को होगा फायदा इनसे केवल चंडीगढ़ ही पंचकूल और मोहाली तक प्रभावित रहते हैं। सुखना चो में एकदम ज्यादा पानी छोड़ने से जीरकपुर बलटाना का काफी हिस्सा जलमग्न हो गया था। बलटाना पुलिस चौकी तक सुखना चो की वजह से डूब गई थी। आस-पास के एरिया में पानी भर गया था। इतना ही नहीं सुखना चो आगे जाकर घग्गर नदी में ही गिरती है। इससे घग्गर का जलप्रवाह बढ़ने से पंचकूला के एरिया में भी बाढ़ का खतरा रहता है। यूटी चंडीगढ़ के इंजीनियरिंग विभाग ने सुखना लेक के रेगुलेटर एंड पर सूखे क्षेत्र की डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) का कार्य शुरू किया था। अभी तक रेगुलेटरी एंड से 40 प्रतिशत गाद निकालने का कार्य पूरा किया जा चुका है। विशेषज्ञ एजेंसियों की सिफारिशों के आधार पर सूखे झील क्षेत्र से गाद निकालने और निकाली गई मिट्टी का उपयोग झील के आसपास मौजूद तटबंधों और पैदल मार्गों को मजबूत बनाने में किया जा रहा है। परियोजना के तहत लगभग 351 मीटर स्तर तक खुदाई की जा रही है। कुल मिलाकर करीब 34,000 घन मीटर मिट्टी निकालने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब नौ हजार घन मीटर मिट्टी निकाली जा चुकी है, जिसका उपयोग तटबंधों को सुदृढ़ करने में किया गया है। पटियाला की राव से निकाली जा रही गाद पटियाला की राव से आई बाढ़ के कारण पिछले वर्ष डड्डूमाजरा, धनास और आसपास क्षेत्रों में सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हुई थी। इसको देखते हुए गाद निकालने काे मंजूरी मिली है। मंजूरी के बाद मनोनीत पार्षद सतिंदर सिंह सिद्धू ने पटियाला की राव से गाद निकालने का कार्य शुरू कराया। सिद्धू ने कहा कि बाढ़ की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वन विभाग एवं इंजीनियरिंग विभाग को समन्वित कार्रवाई करनी चाहिए। यह कार्य क्षेत्र को बाढ़ से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। हजारों क्यूबिक मिट्टी निकाली जाएगी इससे तटबंध मजबूत होंगे। साथ ही जल सहेजने की क्षमता बढ़ेगी।

भीषण गर्मी के बीच राहत के आसार, पटना समेत 7 जिलों में बारिश की चेतावनी

पटना बिहार में भीषण गर्मी के बीच मौसम के मिजाज बदलने के आसार हैं। पटना मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक अगले दो से तीन घंटों में सात जिलों के 51 प्रखंडों में बारिश के साथ तेज हवा बहने से गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। इस दौरान मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग की ओर से लोगों खासकर किसानों को सचेत रहने की चैतावनी दी है। मौसम विभाग की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि राजधानी पटना के साथ खगड़िया, जमुई, नालंदा, बांका, भागलपुर, मुंगेर जिलों में अगले दो से तीन घंटों में बारिश होगी। इस दौरान करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की दर से तेज हवा भी चलेगी। बारिश के साथ मेघ गर्जन और वज्रपात गिरने के भी आसार हैं। खगड़िया के दो प्रखंडों, जमुई के एक, पटना के आठ, नालंदा के 13 प्रखंडों में बारिश होने से मौसम का मिजाज बदल जाएगा। इन जिलों में आसमान का रंग बदल गया है। इसके अलावे बांका के साथ, भागलपुर के 11 और मुंगेर के 9 प्रखंडों में बारिश के आसार जताए गए हैं। बिहार बीते कई दिनों से भीषण गर्मी की चपेट में है। दिन में 11 बजे से दो बजे के बीच बाहर निकलना काफी खतरनाक हो सकता है। तापमान लगभग चालीस डिग्री सेल्सियस के आस पास देखा जा रहा है। कई जिलों में जल संकट का खतरा मंडराने लगा है। गर्मी के कारण आग लगने की संभावना भी काफी बढ़ गई है। राज्य के पूर्णिया जिले में तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दोपहर होते-होते गर्मी का असर इतना बढ़ गया कि बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई। भीषण गर्मी के कारण अधिकांश लोग घरों में ही रहने को मजबूर दिखे, जबकि आवश्यक कार्यों से बाहर निकलने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि सुबह के समय आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, जिससे धूप और छांव का सिलसिला चलता रहा। इसके बावजूद उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। राहगीरों को शुद्ध पेयजल की तलाश में इधर-उधर भटकना पड़ा और कई लोगों को दुकान से पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ी।

मानसून की एंट्री करीब, मौसम विभाग ने जारी की बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

रायपुर. छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में बारिश हो रही है, लेकिन रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव समेत ज्यादार हिस्सों में भीषण गर्मी जारी है. दिन में धूप की तपिश और रात में गर्म हवाओं और उमस से लोगों को परेशानी का सामने करना पड़ रहा है. बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान में कोई बदलाव नहीं हुआ है. मौसम विभाग ने 12 जून से बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना जताई है. प्रदेश में रविवार को मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा तापमान रायपुर में 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं सबसे न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. इसके अलावा कुछ इलाकों में पानी भी बरसा. कुसमी में 7 सेमी, कापू में 3 सेमी और बलरामपुर, कांसाबेल, पोदी उपरोरा में 1 सेमी बारिश हुई.  4 दिनों में छत्तीसगढ़ पहुंचेगा मानसून  मौसम विज्ञानी एच. पी. चंद्रा ने बताया कि दक्षिण पश्चिम मानसून नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा के कुछ भाग, असम और अरुणाचल प्रदेश में आज दिनांक 7 जून को पहुंच गया है। इसके आगे बढ़ने के लिए  परिस्थितियों अनुकूल है. अगले तीन से चार दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना के कुछ भाग आंध्र प्रदेश के कुछ भाग, तमिलनाडु के शेष भाग, छत्तीसगढ़ के कुछ भाग, उड़ीसा के कुछ भाग, उप हिमालयीन पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ भाग में पहुंचने की संभावना है। प्रदेश में सोमवार को एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा या गरज चमक के साथ छींटें पड़ने की संभावना है। कुछ जगहों पर बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ अंधड़ के आसार हैं. फिलहाल अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होने की संभावना है. वजहीन 12 जून के बाद बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है.  रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज सुबह से बादल छाए हुए हैं. मौसम विभाग ने दिन में बादल छाए रहने के अलावा बारिश या आंधी की संभावना जताई है. अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तामपान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. प्रमुख शहरों के तापमान बालोद में 41.7 डिग्री सेल्सियस  बेमेतरा में 41.5 डिग्री सेल्सियस कवर्धा में 41.5 डिग्री सेल्सियस  दुर्ग में 41.2 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में 41 डिग्री सेल्सियस  राजनांदगांव में 40.9 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में 38.4 डिग्री सेल्सियस  अंबिकापुर में 36.6 डिग्री सेल्सियस

निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने किया निरीक्षण, कार्यों का लिया जायजा

निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने किया निरीक्षण निर्धारित मानकों के अनुरूप तेज गति से हो रहे निर्माण कार्य की सराहना रायपुर जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने आज जशपुर में निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल भवन के निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं तेज गति से संचालित किए जाने पर संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की सराहना की। निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने कहा कि अस्पताल के पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा तथा स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार, एसडीएम जशपुर श्री विश्वास राव मस्के, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन अभियंता श्री प्रफुल्ल चौरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि इस अत्याधुनिक चिकित्सालय का निर्माण एनटीपीसी लारा के सीएसआर मद से लगभग 35 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। अस्पताल का भूमिपूजन 7 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया था। वर्तमान में छह मंजिला भवन के ग्राउंड फ्लोर सहित चार मंजिलों की ढलाई का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। प्रस्तावित अस्पताल में ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी सेवाएं, प्रथम तल पर ओपीडी, द्वितीय एवं तृतीय तल पर वार्ड, चतुर्थ तल पर आईसीयू तथा पंचम तल पर ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था होगी। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 15 ओपीडी कक्ष, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थियेटर, फिजियोथेरेपी यूनिट, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस, एक्स-रे, एमआरआई, ईसीजी, इमरजेंसी वार्ड सहित अन्य आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अस्पताल के शुरू होने से जशपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

दंतेवाड़ा में ‘खेत बचाओ अभियान’ शुरू, प्राकृतिक खेती और मिलेट्स को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर,   छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने, मिट्टी की सेहत सुधारने और लोगों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए प्राकृतिक खेती और मिलेट्स (मोटे अनाजों) की खेती को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। यह मिट्टी की उर्वरता को लंबे समय तक बनाए रखती है, पानी बचाती है और उपभोक्ता को जहरीले-मुक्त रसायन वाले खाद्य उत्पाद देती है। इसमें बाहर से महंगी खाद या कीटनाशक खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे किसानों की खेती की लागत काफी कम हो जाती है और मुनाफा बढ़ता है। दंतेवाड़ा जिले में “खेत बचाओ अभियान”प्रारंभ             कृषि भूमि की उर्वरता को संरक्षित करने, किसानों की लागत कम करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दंतेवाड़ा जिले में “खेत बचाओ अभियान”प्रारंभ किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा तैयार इस रणनीतिक कार्ययोजना का उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य का पुनर्जीवन, जल संरक्षण, पारंपरिक बीजों का संरक्षण तथा प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को जन-आंदोलन के रूप में स्थापित करना है। “खेत बचाओ अभियान” दंतेवाड़ा को प्राकृतिक कृषि, जैव विविधता संरक्षण और किसान समृद्धि की नई पहचान देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।  मिलेट्स को 'अन्न' का दर्जा           जिले की भौगोलिक परिस्थितियों, समृद्ध आदिवासी परंपराओं और जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए तैयार इस अभियान को दंतेवाड़ा के चारों विकासखंडों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। अभियान की मूल भावना यह है कि “मिट्टी केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र है, जिसकी सुरक्षा भविष्य की खाद्य सुरक्षा और किसान समृद्धि की गारंटी है।” ज्वार, बाजरा, रागी (मड़िया), कोदो और कुटकी जैसी फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं, इन्हें 'सुपरफूड' और 'अन्न' का दर्जा दिया गया है।  मिलेट्स सामान्य अनाजों की तुलना में बहुत कम पानी और खाद में उग जाते हैं, और सूखा-रोधी होते हैं। अभियान के प्रमुख लक्ष्य          अभियान के तहत मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार, प्राकृतिक खेती का विस्तार, पारंपरिक बीजों का संरक्षण तथा जल एवं नमी संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसानों को रासायनिक खेती से धीरे-धीरे प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर प्रेरित किया जाएगा, जिससे खेती की लागत कम होने के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी मजबूत होगा। पांच चरणों में होगा क्रियान्वयन           योजना के तहत सबसे पहले जिले में मृदा स्वास्थ्य मैपिंग और सॉयल हेल्थ कार्ड को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके बाद रागी, कोदो, कुटकी जैसे पौष्टिक मिलेट्स एवं स्थानीय फसलों को प्रोत्साहित किया जाएगा। तीसरे चरण में किसानों को जैविक खाद, ब्लू-ग्रीन एल्गी और वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन का प्रशिक्षण देकर बाहरी कृषि आदानों पर निर्भरता कम करने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही पारंपरिक बीज मंडियों और सामुदायिक बीज बैंकों की स्थापना कर स्थानीय बीजों के संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। अंतिम चरण में खेतों की मेड़ों पर ग्लिरिसिडिया जैसे हरित खाद देने वाले पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत एक लाख पौधों के वितरण और रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले में तय किए गए लक्ष्य           वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिले के 135 ग्राम पंचायतों में अभियान लागू किया जाएगा। इसके तहत 4,600 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती, 4,300 हेक्टेयर में मिलेट्स उत्पादन तथा 40 सामुदायिक बीज बैंकों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। सरकार मिलेट्स की खेती के तहत क्षेत्र को बढ़ाने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से इन पौष्टिक अनाजों को वितरित करने और मिलेट्स आधारित उत्पादों के साथ काम करने वाले उद्यमियों का समर्थन करने के लिए एक ठोस प्रयास कर रही है।  किसानों को होंगे कई लाभ           अभियान के सफल क्रियान्वयन से अगले तीन वर्षों में खेतों के जैविक कार्बन स्तर में वृद्धि होने की संभावना है। रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम होने से किसानों की उत्पादन लागत में 35 से 40 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। वहीं, दंतेवाड़ा के मिलेट्स को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी नए अवसर खुलेंगे। ये स्थूल एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हैं। ये हृदय के लिए फायदेमंद हैं, हड्डियों के स्वास्थ्य में सुधार करते हैं, एनीमिया को रोकते हैं, मधुमेह की शुरुआत को रोकते हैं (ये ग्लाइसेमिक इंडेक्स पर कम हैं), स्वस्थ वज़न बनाए रखते हैं और आँत की सूजन में सुधार करते हैं। कृषि क्षेत्र में नई पहल          दंतेवाड़ा जिले में रागी के साथ-साथ कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा, मक्का, दलहन और तिलहन जैसी अन्य फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि विभाग किसानों को बहुफसली प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है, ताकि उनकी आय के स्रोत बढ़ सकें और खेती अधिक टिकाऊ बन सके। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान केवल खेती की पद्धति में बदलाव नहीं, बल्कि मिट्टी, जल, जैव विविधता और किसान की आजीविका को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि योजना निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सफल होती है, तो दंतेवाड़ा प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि मॉडल के रूप में पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बन सकता है।

UPSSSC से लेकर रेलवे तक: इस हफ्ते खत्म हो रही हैं हजारों वैकेंसी की आवेदन तिथियां

गवर्नमेंट जॉब की प्रिपरेशन कर रहे कैंडिडेट्स के लिए जून का यह सप्ताह काफी अहमियत रखता है। आर्मी, यूपीएससी CDS-NDA, रेलवे और बैंक समेत 7 बड़ी भर्तियों के आवेदन की विंडो इसी हफ्ते बंद होने वाली है। ऐसे में इस समय आपके लिए इन वैकेंसी में अप्लाई करना भी उतना ही मायने रखता है, जितना कि पढ़ाई करना। कई बार लास्ट डेट निकलने की वजह से अच्छे मौके छूट जाते हैं। ऐसे में यहां सभी भर्तियों की डिटेल के साथ उनकी लास्ट डेट भी बताई गई है। जिनमें टाइम रहते आप अप्लाई कर सकते हैं। UPSSSC टेक्निकल असिस्टेंट ग्रुप सी भर्ती 2026 यूपी में 2759 पदों पर टेक्निकल असिस्टेंट ग्रुप सी के आवेदन चल रहे हैं। जिन भी उम्मीदवारों के पास बीएससी एग्रीकल्चर/हॉर्टिकल्चर/होम साइंस/कम्युनिटी साइंस/फॉरेस्ट्री या बी.ई/बीटेक इंजीनियरिंग एग्रीकल्चर की डिग्री है, साथ में उन्होंने यूपी पीईटी-2025 परीक्षा भी उत्तीर्ण की हो, वो इसमें आवेदन के पात्र हैं। ऑनलाइन एप्लिकेशन प्रोसेस UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर पूरा किया जा सकता है। लास्ट डेट इस हफ्ते की 11 जून है। इसके बाद विंडो क्लोज हो जाएगी रेलवे असिस्टेंट लोको पायलट भर्ती 2026 ​रेलवे में सरकारी नौकरी लेने का भी शानदार मौका है। आरआरबी असिस्टेंट लोको पायलट के 11127 पदों पर भर्ती में आवेदन चल रहे हैं, जिसके लिए 14 जून 2026 तक अप्लाई किया जा सकता है। फॉर्म भरने के लिए 10वीं और संबंधित फील्ड में आईटीआई मांगी गई है। बी.ई/बीटेक की डिग्री मैकेनिकल/इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रिॉनिक्स/ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग वाले भी अप्लाई कर सकते हैं। एज लिमिट 18-30 वर्ष तय की गई है। आर्मी TES 56 वैकेंसी 2026 इंडियन आर्मी ज्वाइन करने का भी शानदार मौका है। भारतीय सेना में अभी 10+2 टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES) जनवरी 2027 के आवेदन चल रहे हैं। जिन कैंडिडेट्स ने फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ के साथ 12वीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक अंक हासिल किए हैं और साथ में जेईई मेन्स 2026 में शामिल हुए हैं, वो अप्लाई कर सकते हैं। 90 वैकेंसी है। जो आवश्यक्ता के मुताबिक घट-बढ़ सकती हैं। आर्मी की इस एंट्री के लिए लास्ट डेट 12 जून 2026 तक फॉर्म अप्लाई कर सकते हैं। सेलेक्शन जेईई मेन्स रैंक के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग, एसएसबी इंटरव्यू, मेडिकल आदि के जरिए किया जाएगा। यूपीएससी एनडीए-सीडीएस II वैकेंसी 2026 संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा कंबाइंड डिफेंस सर्विस (CDS II) के 451 और एनडीए के 394 पदों पर आवेदन लिए जा रहे हैं। जो कैंडिडेट्स इस बार की परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें पहले ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। दोनों वैकेंसी में अंतिम तिथि 9 जून शाम 6 बजे तक फॉर्म फिल किया जा सकता है। इसके बाद एप्लिकेशन विंडो क्लोज हो जाएगी। BOB-SBI अप्रेंटिस वैकेंसी 2026 बैंक ऑफ बड़ौदा इंडिया में अप्रेंटिस के 5000 पद भरे जा रहे हैं। ग्रेजुएट कर चुके कैंडिडेट्स जो बैंकिंग में जाना चाहते हैं, वो इसके जरिए एक्पीरियंस हासिल कर सकते हैं। आवेदकों की उम्र कम से कम 20 वर्ष और अधिकतम 28 वर्ष होनी चाहिए। फॉर्म फिल करने के लिए जनरल/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को 800 रुपये ऑनलाइन सबमिट करने होंगे। महिला जनरल/ईडब्ल्यूएस/ओबीसी के लिए 600 और एससी, एसटी कैंडिडेट्स के लिए 200 रुपये फीस है । इसमें अप्लाई करने की लास्ट डेट 8 जून है। BOB के साथ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी 7150 पदों पर अप्रेंटिस भर्ती निकाली है। इसमें भी ग्रेजुएशन मांगी गई है। एसबीआई अप्रेंटिस भर्ती की भी लास्ट डेट 8 जून थी, जिसे अब आगे बढ़ाकर 15 जून कर दिया गया है। RRC SECR बिलासपुर अप्रेंटिस भर्ती 2026 फ्रेशर कैंडिडेट्स जो अनुभव लेना चाहते हैं, उनके लिए आरआरबी रेलवे सीईसीआर बिलासपुर अप्रेंटिस भर्ती में बढ़िया अवसर है। 1191 पदों पर वैकेंसी निकली हुई है। जिन उम्मीदवारों ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं के साथ संबंधित ट्रेड में आईटीआई की है, वो फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन अंतिम तिथि 11 जून 2026 है। तब तक आप फॉर्म फिल कर सकते हैं। नालको नॉन एग्जीक्यूटिव भर्ती 2026 नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) में ऑपरेटर, माइनिंग मेट, जूनियर फोरमैन, टेक्नीशियन समेत विभिन्न पदों पर वैकेंसी निकली है। इस भर्ती के जरिए 268 पद भरे जाएंगे। 10वीं पास के साथ संबंधित क्षेत्र में आईटीआई, डिप्लोमा करने वाले अभ्यर्थी आवेदन के योग्य हैं। जो कैंडिडेट्स इसमें अप्लाई करना चाहते हैं, वो 10 जून 2026 तक ऑनलाइन फिल कर सकते हैं। जनरल/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को 100 रुपये एप्लिकेशन फीस भरनी होगी। एससी/एसटी और पीएच के लिए कोई फीस नहीं है।  

20 रुपये में होगी खाद्य पदार्थों की जांच, मोबाइल लैब्स सड़क पर उतरेंगी

करनाल प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ जल्द ही बड़ा अभियान शुरू होगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) ने खाद्य जांच व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत प्रदेश में आठ नई खाद्य पदार्थ जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। साथ ही आधुनिक उपकरणों से लैस मोबाइल जांच प्रयोगशालाएं भी सड़कों पर उतरेंगी, जहां आम नागरिक मात्र 20 रुपये में अपने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करा सकेंगे। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के उपलक्ष्य में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के प्रदेश के एकमात्र नामित अधिकारी पृथ्वी सिंह ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत की। एनसीआर में 55 करोड़ से मजबूत होगा जांच तंत्र वर्तमान में विभाग के पास सिर्फ दो प्रयोगशालाएं हैं। इसी वर्ष दो नई प्रयोगशालाएं और शुरू की जाएंगी। अगले पांच वर्षों में पूरे प्रदेश में स्वीकृत सभी प्रयोगशालाओं का नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में खाद्य जांच सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए 55 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। इससे फरीदाबाद, गुरुग्राम और रोहतक में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। पांच अन्य जिलों को भी मिली मंजूरी केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से नारनौल, हिसार, जींद, सिरसा और यमुनानगर में भी नई प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। विभाग इन जिलों में भूमि की तलाश की जा रही है। भूमि उपलब्ध होते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सबसे पहले हिसार में कार्य आरंभ किए जाने की योजना है। करनाल स्थित प्रयोगशाला को भी अत्याधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। इसके लिए करीब 25 करोड़ रुपये के आधुनिक उपकरण खरीदे जा रहे हैं। खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है। नई व्यवस्था के तहत प्रयोगशाला में सूक्ष्मजीव विज्ञान (माइक्रोबायोलाजी) अनुभाग स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा उच्च क्षमता वाली आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी, जो खाद्य पदार्थों में मौजूद अत्यंत सूक्ष्म स्तर की मिलावट का भी पता लगाने में सक्षम होंगी। गांव-गांव पहुंचेगी जांच सुविधा विभाग आम लोगों को सीधे इस अभियान से जोड़ेगा। इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित मोबाइल खाद्य प्रयोगशालाएं तैयार की जा रही हैं। इन मोबाइल वैन के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है। मोबाइल प्रयोगशालाओं के संचालन के बाद नागरिक अपने घरों में उपयोग होने वाले दूध, दाल, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूनों की मौके पर ही जांच करा सकेंगे। इसके लिए सिर्फ 20 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। जांच सुविधा लोगों तक पहुंचने से मिलावटखोरों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। साथ ही खाद्य सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी। जानिये सैंपल फेल होने का अर्थ नामित अधिकारी पृथ्वी सिंह ने कहा कि प्रदेश में पांच वर्षों के दौरान फेल हुए 4607 सैंपलों का मतलब सीधे तौर पर जहर या जानलेवा मिलावट होना नहीं है। इनमें से अधिकतर सैंपल तकनीकी कमियों के कारण सब-स्टैंडर्ड (अवमानक) श्रेणी में आते हैं। उदाहरण के लिए, यदि दूध में निर्धारित फैट छह प्रतिशत की जगह 5.9 प्रतिशत मिलता है या पनीर में तय मानक से नमी ज्यादा पाई जाती है, तो वह फेल माना जाता है। मिलावट का यह औसत पूरे देश में लगभग एक समान है। सरकारी लैब में कुछ एडवांस टेस्टों जैसे फसलों पर होने वाले पेस्टिसाइड/केमिकल स्प्रे को पकड़ने की आधुनिक मशीनें नहीं हैं। भारी बजट खर्च करके, एक-एक सैंपल की प्रामाणिक जांच के लिए ₹30 हजार रुपये तक फीस देकर बड़ी निजी लैब से टेस्ट करवाते हैं।

मुख्य सचिव ने की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर

मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शासन के सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है।            बैठक में ई-ऑफिस, ई अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, टीबी मुक्त भारत, सेवा सेतु, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी रखने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली।            बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुश्री ईफ्फत आरा सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।

रांची में भाजपा बैठक, शीर्ष नेताओं ने आगामी रणनीति पर की चर्चा

 रांची  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय झारखंड दौरा संपन्न कर रविवार को दिल्ली लौट गए. प्रस्थान से पहले उन्होंने रांची और झारखंड को अपना दूसरा घर बताते हुए कहा कि यह पावन धरती भाजपा के लिए बेहद उज्ज्वल भविष्य लेकर आएगी. उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि राज्य में भाजपा की जड़ों को फिर से उसी ऐतिहासिक मजबूती के साथ खड़ा किया जाएगा, जैसा वह पहले थीं. भाजपा प्रदेश कार्यालय से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं के साथ हुए संवाद को बेहद उत्साहजनक बताया. कार्यकर्ताओं की ऊर्जा और समर्पण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संगठन की ताकत ही भाजपा की सबसे बड़ी पूंजी है. अपने इस प्रवास के दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कोर कमेटी के सदस्यों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं तथा आगामी राजनीतिक रणनीति व सांगठनिक विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की. राजनीतिक गलियारों में उनके इस दो दिवसीय दौरे को संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. प्रदेश अध्यक्ष के पैतृक आवास पर जुटे दिग्गज अपने झारखंड प्रवास के दूसरे दिन रविवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ओरमांझी के कुच्चू स्थित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के पैतृक आवास पहुंचे. यहां उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के परिवारजनों से मुलाकात की और अल्पाहार किया. इसके बाद आदित्य साहू के आवास पर ही एक उच्च स्तरीय परिचयात्मक बैठक आयोजित की गई, जिसमें झारखंड भाजपा के तमाम दिग्गज नेता और रांची के तीनों जिलों के कार्यसमिति सदस्य शामिल हुए. इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और हालिया चुनाव के प्रत्याशियों ने हिस्सा लिया. राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन की मजबूती, आगामी चुनौतियों और भाजपा के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया. साथ ही, उन्होंने ‘विकसित झारखंड और विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया. बैठक में झारखंड भाजपा के इन बड़े चेहरों की रही मौजूदगी इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और संजय सेठ मुख्य रूप से उपस्थित रहे. इनके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय, दीपक प्रकाश, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, सांसद बीडी राम, पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, विधायक पूर्णिमा साहू, पुष्पा देवी, रामचंद्र चंद्रवंशी, अमर कुमार बाउरी और रांची की पूर्व मेयर रोशनी खलखो सहित दर्जनों वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे. भाजपा प्रदेश नेतृत्व का मानना है कि इस दौरे से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और राज्य में पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी.

रसोई गैस 29 रुपये महंगी, हरपाल चीमा का केंद्र पर हमला; महंगाई को लेकर घेरा

चंडीगढ़  राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने घरेलू गैस सिलिंडर की कीमतों में 29 रुपये की वृद्धि को लेकर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की।उन्होंने कहा कि तेल और जरूरी वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों की जिंदगी दिन-ब-दिन मुश्किल होती जा रही है। गरीब व मध्य वर्गीय परिवार पहले से ही महंगाई के बोझ तले दबे हैं।रसोई गैस में ताजा वृद्धि ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। एलपीजी की कीमतें तुरंत वापस लेने की मांग करते चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार कीमतें बढ़ाने के बजाय महंगाई कम करने के लिए ठोस कदम उठाए। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी पर आप के सीनियर नेता और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी के बाद अब एक बार फिर घरेलू रसोई पर यह बोझ डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक हर तरफ से महंगाई की मार झेल रहा है। डीजल, एलपीजी, सीएनजी और दूसरी ज़रूरी चीज़ों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लाखों परिवारों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी और महंगी हो गई है।  आप के सीनियर नेता ने कहा कि भाजपा सरकार यूएस-ईरान युद्ध समेत अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का बहाना बनाकर नागरिकों पर और आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई को कंट्रोल करने और तेल की ऊंची कीमतों से राहत देने के वादे पर सत्ता में आने के बावजूद भाजपा इन वादों को पूरा करने में लगातार नाकाम रही है। उन्होंने आगे कहा कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पहले ही छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और लोकल ढाबों/होटलों पर पड़ चुका है। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पहले ही छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और लोकल खाने-पीने की दुकानों पर पड़ चुका है। अब घरेलू एलपीजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने से परिवारों और छोटे कारोबारियों पर आर्थिक दबाव और बढ़ेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों ने देश की आर्थिक स्थिति को कमजोर किया है और आम लोगों की खरीदने की ताकत कम की है। उन्होंने मज़ाक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर विदेश दौरे करते हैं, लेकिन उनकी सरकार की विदेश और आर्थिक नीतियां देश के नागरिकों को राहत देने में पूरी तरह से फेल रही हैं। बढ़ी हुई एलपीजी की कीमतों को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार को बार-बार तेल की कीमतें बढ़ाने के बजाय महंगाई को कंट्रोल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि तेल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देश को आर्थिक तंगी की ओर धकेल रही है। केंद्र को आम लोगों पर बोझ डालना बंद करना चाहिए और जनता को असली राहत देने पर ध्यान देना चाहिए।