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तिरंगे की शान को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने का अवसर है राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस की शुभकामनाएं दीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह तिरंगे की आन-बान-शान को वैश्विक स्तर पर निरंतर बढ़ाने का पावन अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस पर देशवासियों को कर्तव्य निर्वहन के साथ देश की सेवा करने और तिरंगे का मान बढ़ाने का संकल्प लेने के लिए भी प्रेरित किया।  

कलेक्टर ने स्वच्छता पेट्रोलिंग वाहन को दिखाई हरी झण्डी

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं निगग आयुक्त अमित कुमार ने आज यहां जिला कार्यालय परिसर से स्वच्छता पेट्रोल वाहन को हरी झण्डी दिखाई। उन्होंने कहा कि नगर निगम को स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद स्वच्छता की निरंतरता बनाये रखने की चुनौती रहेगी। इस चुनौती को पूर्ण करने में यह विशेष टीम काफी मददगार साबित होगी।नगर निगम क्षेत्र में यह पेट्रोलिंग वाहन शहर में घुम घुमकर सार्वजनिक स्थान एवं सड़कों पर कचरा फेंकने, गंदगी करने वालों को रोकने और जुर्माना लगाने का काम करेगी। इसके अलावा सड़कों पर ठेले, गुमटी अथवा अन्य तरीके से अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी। अस्वच्छता और सड़क अतिक्रमण के खिलाफ जारी जंग में इस नयी पहल से तेजी आने की संभावना है। लगभग 30 कर्मचारी इस बस में सवार होकर शहर के विभिन्न वार्डों का सतत् दौरा करेगें। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेगी और कचरा नहीं फैलाने की समझाइश भी देगी। इस अवसर पर नगर निगम के स्वच्छता कर्मी एवं अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक दिवसीय पौधरोपण अभियान में लगाया बेल-पत्र का पौधा

सुंदर-स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का उपहार है पौधरोपण – मुख्यमंत्री डॉ. यादव पौधरोपण को बताया जीवन का रक्षा कवच, सीएम यादव ने दिए पर्यावरण संरक्षण के मंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक दिवसीय पौधरोपण अभियान में लगाया बेल-पत्र का पौधा राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में हुआ पौधरोपण कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सौभाग्य का विषय है कि मध्यप्रदेश में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक वन संपदा विद्यमान है। वृक्ष ही पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं, कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का परस्पर एक दूसरे पर अवलंबन ही धरा पर जीवन प्रदान करता है। सावन के महीने में पौधारोपण का संकल्प राजधानी की आने वाली पीढ़ियों को सुंदर, स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का उपहार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को नगर निगम भोपाल और भोजपाल मित्र परिषद के सहयोग से राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में सामूहिक वृहद् वृक्षारोपण कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेल-पत्र का पौधा रोपा एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरुकता का संदेश देती पेंटिंग्स और प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतीत में जो क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, वहां दोबारा पौधारोपण करना आवश्यक है। पौधारोपण से प्रभावित क्षेत्र पुनः हरे-भरे और जीवंत हो उठेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पुनीत कार्य को समर्पित संस्थाओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं। एक दिवसीय वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत भोपाल शहर में 5100 पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पर्यावरण प्रेमी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा—सड़कों पर विचरण करने वाले निराश्रित पशुओं की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करें

समन्वित प्रयासों से निराश्रित पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक : मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों पर निराश्रित पशुओं की आवाजाही पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की एक प्रमुख वजह निराश्रित मवेशी हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को त्वरित, ठोस और समन्वित कार्य योजना के साथ आगे बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने पशुधन विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और लोक निर्माण विभाग को आपसी तालमेल के साथ जिम्मेदारी साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह समस्या शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गंभीर है और इसके समाधान में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में संचालित गौशालाओं, गौठानों, कांजी हाउस एवं काउ-कैचर (Cow-Catcher) जैसी व्यवस्थाओं की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इन संस्थानों की वर्तमान उपयोगिता, क्षमता और सुधार की संभावनाओं पर भी गहन चर्चा की और सुझाव माँगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित गांवों में पशुओं के प्रबंधन हेतु प्रभावी एवं व्यावहारिक मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाईवे पर पशुओं की उपस्थिति केवल यातायात में बाधा नहीं, बल्कि जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनती है, अतः इस दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई आवश्यक है। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों और उनमें निराश्रित पशुओं की भूमिका की समीक्षा की गई। साथ ही, गोधन विकास से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निराश्रित एवं लावारिस गौवंश की देखभाल, चारे की उपलब्धता और उनके पुनर्वास के लिए सुनियोजित रणनीति अपनाने की बात कही। नगरीय क्षेत्रों में सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की रोकथाम के लिए काउ-कैचर की कार्यप्रणाली और उसके विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया। कृषि एवं पशुधन विकास विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रदेशभर की गौठानों, गौशालाओं एवं पशुधन विकास योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर सिंह पटेल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद एवं श्री राहुल भगत, नगरीय प्रशासन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

दुकानों पर लगाएं QR कोड, कांवड़ मार्ग पर योगी -धामी सरकार का आदेश SC ने माना सही

लखनऊ / देहरादून  कांवड़ यात्रा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत का कहना है कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित दुकानों में क्यूआर कोड लगाने के फैसले के सही करार दिया है। योगी आदित्यनाथ सरकार की तरफ से यह आदेश दिया गया था, जिसे प्रोफेसर अपूर्वानंद समेत कई लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इसी पर अदालत का कहना है कि दुकानदारों को क्यूआर कोड और अपना लाइसेंस लगाना चाहिए। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। इस तरह यूपी सरकार की ओर से जारी आदेश जारी रहेगा। हालांकि इस फैसले का अब कोई खास असर नहीं होगा। इसकी वजह यह है कि बुधवार को कांवड़ यात्रा का महाशिवरात्रि के साथ समापन होना है। फिर भी अदालत का यह फैसला आने वाले सालों के लिए लागू हो सकता है। योगी सरकार ने बीते साल भी एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि दुकानदारों को अपना नाम बोर्ड पर लिखना होगा। इसे लेकर भी अदालत का रुख किया गया था और तब सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले को गलत करार दिया था। हालांकि तब भी फैसला आते-आते कांवड़ यात्रा का समापन हो गया था। फिर भी अदालत का आदेश ऐसे मामलों में भविष्य के लिए एक नजीर होता है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा, ‘हमें बताया गया है कि आज यात्रा का अंतिम दिन है. बहरहाल, निकट भविष्य में इसके समाप्त होने की संभावना है. इसलिए इस समय हम केवल यह आदेश पारित करेंगे कि सभी संबंधित होटल मालिक वैधानिक आवश्यकताओं के अनुसार लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदर्शित करने के आदेश का पालन करें. हम स्पष्ट करते हैं कि हम अन्य विवादित मुद्दों पर विचार नहीं कर रहे हैं. आवेदन समाप्त किया जाता है. पिछली सुनवाई में उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा 25 जून को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति का हवाला देते हुए झा ने कहा था, ‘नए उपायों में कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी भोजनालयों पर क्यूआर कोड प्रदर्शित करना अनिवार्य है जिससे मालिकों के नाम और पहचान का पता चलता हो। इस तरह उसी भेदभावपूर्ण तरीके से पहचान की बात हो रही है जिस पर पहले इस अदालत ने रोक लगा दी थी.’ याचिका में कहा गया था कि राज्य सरकार का निर्देश, जिसमें दुकान मालिकों को ‘‘कानूनी लाइसेंस आवश्यकताओं’’ के तहत धार्मिक और जातिगत पहचान बताने के लिए कहा गया है, दुकान, ढाबा और रेस्टोरेंट मालिकों की निजता के अधिकार का उल्लंघन है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार श्रावण महीने में शिवलिंगों का जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगा और अन्य नदियों से जल लेकर आते हैं. कई श्रद्धालु इस महीने में मांसाहार से परहेज करते हैं. कई लोग तो प्याज और लहसुन युक्त भोजन भी नहीं खाते.

पंचायत उप निर्वाचन में हुआ 70.51 प्रतिशत मतदान, सागर और दमोह में हुआ आईपीबीएमएस से मतदान

भोपाल पंचायत उप निर्वाचन 2025 में त्रि-स्तरीय पंचायतों में रिक्त पद के लिये मंगलवार को मतदान हुआ। सरपंच पद के लिये 49 और जनपद पंचायत सदस्य के 5 पदों के लिये मतदान हुआ। कुल 70.51 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री अभिषेक सिंह ने बताया कि खास बात यही रही कि सागर जिले की 4 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिये 9 मतदान केन्द्रों और दमोह जिले के वार्ड-16 के जनपद सदस्य के निर्वाचन के लिये 9 मतदान केन्द्रों में मतदान इंटिग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम (आईपीबीएमएस) से कराया गया। इन मतदान केन्द्रों की मतदान प्रक्रिया का लाइव प्रसारण भी किया गया। राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय के सामने तथा सागर और दमोह में एक-एक स्क्रीन लगाई गई इसमें मतदान प्रतिशत सहित अन्य जानकारियां लोगों ने लाइव देखीं। सागर जिले में मतदान का प्रतिशत 74.61 रहा। मतदाताओं ने की पेपरलेस मतदान प्रक्रिया की सराहना सागर जिले के जनपद पंचायत जैसीनगर की ग्राम पंचायत अगरा, औरिया, जनपद पंचायत खुरई की ग्राम पंचायत मुहासा और जनपद पंचायत राहतगढ़ की ग्राम पंचायत सेमरा-लहरिया के मतदान केन्द्रों में इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम से मतदान कराया गया। मतदाताओं ने पेपरलेस मतदान प्रक्रिया को बहुत अच्छा कदम बताया और कहा कि वोट डालने में कम समय लगा और आसानी से वोट डाल सके। आईपीबीएमएस प्रक्रिया के पर्यवेक्षण के लिये राज्य निर्वाचन आयोग के उप सचिव डॉ. सुतेश शाक्य और श्री मुकुल गुप्ता के नेतृत्व में टीम भी गठित की गई थी। उप सचिव श्रीमती संजू कुमारी ने पूरी प्रक्रिया का सतत् पर्यवेक्षण कर जरूरी मार्गदर्शन दिया। इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पेपरलेस बूथ की नवीन पहल की गई है। इस प्रक्रिया में मतदान केन्द्रों में मतदाता और मतदानकर्मियों द्वारा किये जाने वाला पूरा काम डिजिटल माध्यम से किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इस नवीन पहल के तहत वर्ष 2024 में भोपाल जिले के बैरसिया तहसील की ग्राम पंचायत रतुआ रतनपुर और रीवा जिले के अतरैला ग्राम पंचायत के सरपंच पद के लिये मतदान सफलतापूर्वक किया जा चुका है। जनपद पंचायत सदस्य निर्वाचन के लिये पहली बार इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम से मतदान करवाया गया। 

रैम्प योजना अंतर्गत अधिकारियों को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की दी गई व्यावहारिक जानकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ में रैम्प (RAMP) योजना के तहत जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्रों के अधिकारियों के लिए ‘निर्यात प्रक्रियाएँ और प्रलेखन‘ विषय पर तीन दिवसीय क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 19 से 21 जुलाई 2025 तक रायपुर स्थित उद्योग भवन में संपन्न हुआ, जिसे एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेंटर और भारतीय विदेश व्यापार संस्थान कोलकाता के सहयोग से आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों को अपने जिलों में निर्यात को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में दक्ष और समर्थ बनाने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ है। प्रशिक्षण के पहले दिन अधिकारियों को रैम्प योजना की रूपरेखा से अवगत कराया गया। भारतीय विदेश व्यापार संस्थान कोलकाता के विशेषज्ञ डॉ. के. रंगराजन और सुसुमना दास ने अंतर्राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स, (आई.एन.सी.ओ) टर्म्स तथा भुगतान विधियों पर व्यावहारिक जानकारी दी। साथ ही बाजार पहचान एवं निर्यात योजना निर्माण पर संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए। दूसरे दिन डॉ. गौतम दत्ता द्वारा राज्य के चयनित उत्पादों की निर्यात संभावनाओं, सूक्ष्म व लघु उद्यमों की मार्केटिंग रणनीतियों और वैश्विक व्यापार बाधाओं पर चर्चा की गई। इसके पश्चात निर्यात कार्य योजना में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की भूमिका और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। तीसरे दिन अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में (जीआई) उत्पादों के संवर्धन और ई-कॉमर्स निर्यात रणनीतियों पर विशेष सत्र आयोजित हुए। प्रशिक्षण के अंत में जिला निर्यात योजनाओं के निर्माण पर प्रतिभागियों को दिशा-निर्देश दिए गए। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र उप सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, सुरेना जमील (आईएएस) द्वारा प्रदान किए गए। इस दौरान उद्योग संचालनालय के संयुक्त निदेशक शिव राठौर उपस्थित रहे। 

गंगवाल परिवार द्वारा देहदान का संकल्प पूरा करना वंदनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देहदान महादान है, चिकित्सा शिक्षा और सामाजिक चेतना विकसित करने के लिए देहदान का संकल्प पूरा करना वंदनीय है। मृत्य पश्चात अंगदान/देहदान करने पर राज्य सरकार दानदाताओं और उनके परिवारजन को राजकीय सम्मान दे रही है। उज्जैन के वरिष्ठ समाजसेवी श्रद्धेय नरेन्द्र गंगवाल के निधन के बाद पुत्र श्री प्रणय गंगवाल ने पिता की देहदान करने का फैसला लिया। राज्य सरकार के निर्णय अनुसार, मंगलवार को श्री गंगवाल को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की है।  

महासमुंद की नवलीन कौर ने तीरंदाजी में नेशनल गेम्स में बनाया स्थान, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीता था गोल्ड मेडल

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी नवलीन को बधाई – कहा, छत्तीसगढ़ की उभरती प्रतिभा को मिलेगा हरसंभव सहयोग राज्य सरकार प्रतिबद्ध है प्रदेश के हर खिलाड़ी को अवसर, संसाधन और मंच देने के लिए : मुख्यमंत्री महासमुंद की नवलीन कौर ने तीरंदाजी में नेशनल गेम्स में बनाया स्थान, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीता था गोल्ड मेडल रायपुर खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के हर खिलाड़ी को उसकी मेहनत, लगन और क्षमता के अनुरूप अवसर, संसाधन और मंच उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने महासमुंद जिले की नवोदित तीरंदाज नवलीन कौर को आगामी राष्ट्रीय खेलों में तीरंदाजी में स्थान बनाने पर बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवलीन जैसी खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव हैं और सरकार उन्हें खेल के हर स्तर पर निखारने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। जन्म से ही स्वास्थ्यगत चुनौतियों से जूझने वाली नवलीन ने इसे अपनी कमज़ोरी नहीं, बल्कि ताकत में बदल दिया और खेल को अपना जीवन-मार्ग चुना। उन्होंने फरवरी 2025 में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि इच्छाशक्ति और मेहनत के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। महासमुंद जिले के बागबाहरा की निवासी नवलीन कौर, अरविंद एवं श्रीमती रंजीत कौर छाबड़ा की सुपुत्री हैं। उनका जन्म गर्भावस्था के सातवें महीने में हुआ था, जिससे प्रारंभिक वर्षों में स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियाँ रहीं। आस-पड़ोस, रिश्तेदार और परिचित हमेशा उनकी तबीयत के बारे में पूछते रहते थे, जिससे वह कभी-कभी उदास हो जाती थीं। लेकिन नवलीन ने इस जिज्ञासा को चुनौती के रूप में स्वीकार किया और खुद को एक नई दिशा में ढाल दिया। वर्ष 2018 में नवलीन ने बागबाहरा से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित बिहाझर बालाश्रम में तीरंदाजी का प्रशिक्षण प्रारंभ किया। वे महासमुंद जिले की पहली महिला तीरंदाज बनीं। स्कूली शिक्षा के दौरान उन्होंने दो बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए और एक बार राष्ट्रीय स्तर की स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता में चौथा स्थान अर्जित किया। वर्ष 2023 में उन्होंने गुजरात में आयोजित एफजीएफआई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया और राज्य स्तरीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। नवलीन का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतना है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में कंपाउंड बो से खेला जाता है, जिसके लिए उनके परिजनों ने उन्हें एक नया आधुनिक कंपाउंड धनुष प्रदान किया है। उन्होंने सिटी ओपन तीरंदाजी प्रतियोगिता में कंपाउंड राउंड बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर इसकी शानदार शुरुआत की है। वर्तमान में नवलीन कोच एवन साहू एवं खेल अधिकारी मनोज धृतलहरे से तीरंदाजी के गुर सीख रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि क्रिकेट की लोकप्रियता के इस दौर में कोई खिलाड़ी यदि तीरंदाजी जैसे विशिष्ट खेल में कड़ी मेहनत करके प्रदेश और देश के लिए मेडल लाने की दिशा में काम कर रहा है, तो यह न केवल सराहनीय है बल्कि प्रेरणास्पद भी। नवलीन जैसी प्रतिभाएं छत्तीसगढ़ के युवाओं को यह संदेश देती हैं कि प्रतिबद्धता, अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

रक्षाबंधन पर स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य वस्तुओं के लिए प्रशासन सतर्क, शुरू हुआ जांच अभियान

महासमुन्द : रक्षाबंधन पर्व को ध्यान में रखते हुए जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच हेतु खाद्य सुरक्षा अभियान चलाया गया त्योहार पर मिलावट पर सख्ती: जिले में खाद्य सामग्री की जांच को चला विशेष अभियान रक्षाबंधन पर स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य वस्तुओं के लिए प्रशासन सतर्क, शुरू हुआ जांच अभियान महासमुन्द राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देशानुसार आगामी पर्व रक्षाबंधन को दृष्टिगत रखते हुए 21 जुलाई को पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में पनीर एवं खोवा की गुणवत्ता जांच हेतु विशेष अभियान संचालित किया गया। इसी क्रम में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह एवं जिला अभिहीत अधिकारी सह अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महामसुंद श्री हरिशंकर पैकरा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री शंखनाद भोई द्वारा जिले के बागबाहरा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न प्रतिष्ठानों से खाद्य नमूने संकलित किए गए। जांच के तहत प्रतिष्ठानों से विधिक खाद्य नमूने लिए गए। जिसमें मेसर्स विश्वा फैमिली रेस्टोरेंट एण्ड ढाबा बागबाहरा से पनीर एवं पका चावल, मेसर्स छत्तीसगढ़ फैमिली ढाबा एण्ड रेस्टोरेंट बागबाहरा से पनीर, मेसर्स श्री हर्षद मिष्ठान भंडार, बागबाहरा से खोवा संकलित किया गया। ये सभी खाद्य नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी, रायपुर को परीक्षण हेतु भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि विगत माह में भी कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अभियान चलाकर 05 पनीर के खाद्य नमूने संकलित कर राज्य प्रयोगशाला को भेजे गए थे।