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कार्यक्रम था सुबह 10 बजे से लेकिन सात बजे से ही चकरौत पहुंचने लगे लोग

गोंडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार सुबह बलरामपुर में मां पाटेश्वरी का पूजन कर सभास्थल चकरौत पहुंचे। कटरा व करनैलगंज विधानसभा के बॉर्डर पर आयोजित इस जनसभा में दोनों ही विधानसभाओं के लोग पहुंचे। सुबह दस बजे मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम में सुबह सात बजे से ही लोग पहुंचने लगे। सुबह दस बजे से पहले ही पंडाल लोगों से खचाखच भरा नजर आया और हर ओर भगवा लहराता दिखा।  मुख्यमंत्री योगी के मंच पर पहुंचते ही जनप्रतिनिधियों ने भाषण दिया। जिले के जनप्रतिनिधियों व वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री को भगवान राम की प्रतिमा और गदा भेंट कर उनका स्वागत किया। साथ ही जिला प्रशासन की ओर से उन्हें मां शक्ति की प्रतिमा शक्ति और सेवा के प्रतीक के रूप में भेंट की गई। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनता, कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। मंच पर स्वागत उद्बोधन में कैसरगंज लोकसभा सांसद करन भूषण सिंह ने अपने भाषण में सीएम को बुलडोजर बाबा कहकर संबोधित किया। उनके इतना कहते ही पंडाल में जय  राम व बुलडोजर बाबा की जय के उद्घोष हुआ। वहीं, मुख्यमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि गोंडा ऊर्जावान जनपद है। यहां के युवा ऊर्जावान, अन्नदाता किसान परिश्रमी और बहनें व बेटियां प्रतिभाशाली हैं। इस पर पंडाल में भाजपा के झंडे लहराते रहे। लोग कुर्सियों पर खड़े होकर सीएम का भाषण सुनते नजर आए।  युवाओं ने सराहा सीएम के विकास मॉडल को कटरा निवासी आशीष मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री का भाषण सुनने के लिए सुबह सात बजे से ही आ गया था। जिससे आगे पहुंचकर उन्हें देख भी सके और ठीक से सुन भी सके। उनके साथ आए मनीष, शिवम व अन्य लोगों ने भी मुख्यमंत्री के विकास मॉडल को सराहा। कहा कि बुलडोजर बाबा के राज में जितनी तेजी से बुलडोजर चलता है, उससे ज्यादा तेज गति से विकास का पहिया भी चलता है। इसीलिए सीएम योगी को सुनने आए हैं। इसी तरह करनैलगंज से पहुंचे आलोक मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री का यह कहना कि अच्छे जनप्रतिनिधि चुनें, एकदम सही है। सही जनप्रतिनिधियों को चुनने से ही सही ढंग से विकास होता है।

JPSC सिविल जज PT का संशोधित रिजल्ट जारी, 47 और अभ्यर्थी हुए सफल

रांची  झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा सिविल जज (जूनियर डिविजन) के 138 पदों पर नियुक्ति के लिए 10 मार्च 2024 को ली गई प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) का संशोधित रिजल्ट जारी कर दिया है. संशोधित रिजल्ट में कुल 1844 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं. जबकि पहली बार दो जुलाई 2024 को जारी रिजल्ट में 1797 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए थे. संशोधित रिजल्ट में 47 अभ्यर्थी बढ़ गए हैं.   सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद संशोधित आंसर-की जारी आयोग द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में संशोधित आंसर-की जारी किया गया. संशोधित आंसर-की में कुल 100 प्रश्न में पांच प्रश्न के पूर्व के उत्तर में सुधार किया गया. दो प्रश्न ड्रॉप कर दिए गए. वहीं तीन सवाल के दिए गए सभी विकल्प गलत पाए जाने की स्थिति में सभी अभ्यर्थियों को एक-एक अंक दिए गए. आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक यह परीक्षा न्यायालय में सुलोचना कुमारी बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य, रामेश्ववर सिंह बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य तथा समरूप वादों के अंतिम निर्णय से प्रभावित होगा. मुख्य परीक्षा की तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी. कुल 138 में 60 पद अनारक्षित हैं आयोग द्वारा यह नियुक्ति परीक्षा वर्ष 2023 से चल रही है. सिविल जज जूनियर डिविजन के कुल 138 पदों में अनारक्षित के 60 पद, एसटी के 28 पद, एससी के 12 पद, बीसी वन के 10 पद, बीसी टू के 15 पद और इडब्ल्यूएस के 13 पद शामिल हैं. मुख्य परीक्षा चार पेपर की होगी आयोग द्वारा पीटी के बाद अब मुख्य परीक्षा ली जाएगी. मुख्य परीक्षा कुल चार पेपर की होगी. हर पेपर 100 अंक का होगा. वाइवा-वॉयस टेस्ट 100 अंकों का होगा. आयोग द्वारा फाइनल मेरिट लिस्ट मुख्य परीक्षा और वाइवा-वॉयस टेस्ट में मिले अंकों के आधार पर तैयार होगा. रिजल्ट में झारखंड सरकार द्वारा निर्धारित आरक्षण नीति का पालन किया जाएगा.

पहले रामभक्त नहीं जा पाते थे अयोध्या, अब रामद्रोही नहीं आ सकते अयोध्या: सीएम योगी

गोंडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि अब वह नहीं होगा, जो 2017 के पहले होता था। 2015-16 में दुर्गा पूजा में गोंडा में दंगे की चेष्टा की गई थी। तब मां दुर्गा की मूर्ति का विसर्जन नहीं होने दिया जाता था। रामलीला में अड़चन डाली जाती थी। त्योहार व उत्सव से पहले उपद्रव शुरू हो जाते थे। 2017 से पहले सत्ता में बैठे लोग दंगाइयों व पेशेवर गुंडों के सामने नतमस्तक होते थे। प्रदेश में महीनों कर्फ्यू रहता था। लेकिन, अब किसी ने उत्सव के रंग में भंग डाला तो उसका वर्तमान के साथ भविष्य भी स्वाहा हो जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोंडा के कटरा विधानसभा क्षेत्र में 256 करोड़ रुपये व करनैलगंज में 260 करोड़ रुपये (कुल 516 करोड़ रुपये) की 262 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों का अन्नप्राशन कराया तथा विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन भी किया।  अब समान रूप से हो रहे विकास कार्य अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि असुरक्षा के वातावरण में निवेश नहीं होता। 2017 से पहले राज्य में पहचान का संकट, नौजवान बेहाल, किसान परेशान, बहन-बेटियां असुरक्षित थीं। जब विकास के पिछले पायदान में हमारी गिनती होती थी तो सम्मान भी नहीं मिलता था। अब सभी 75 जनपदों, 350 तहसीलों, 826 विकास खंडों, 762 नगर निकायों, लगभग 14 हजार वार्डों, 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों को बिना रोक-टोक योजनाओं का लाभ मिल रहा है। तुष्टिकरण, अराजकता की भेंट चढ़ गया था गोंडा मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडा के युवा ऊर्जावान, किसान परिश्रमी, बहन-बेटियां प्रतिभाशाली हैं। कारीगरों व हस्तशिल्पियों ने अपने हुनर की छाप देश-दुनिया तक पहुंचाने में कोई कोताही नहीं की। गोंडा ने स्वाधीनता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई, लेकिन आजादी के बाद यहां जो अपेक्षित विकास होना चाहिए था, वह तुष्टिकरण, अराजकता, भाई-भतीजावाद, जातिवाद की भेंट चढ़ गया और इसका खामियाजा जनपद को भुगतना पड़ा। गोंडा विकास के अभाव में पिछड़ता गया। अब स्वागत होता है यूपी वालों का सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा भी आ गया, जब अन्य जनपदों की भांति ही गोंडा के नौजवानों के सामने भी पहचान का संकट हो गया। प्रदेश में नौकरी-रोजगार नहीं था। नौजवान जब बाहर जाते थे तो अन्य प्रदेशों के लोग 10 कदम की दूरी बना लेते थे। शंका भरी निगाहों से देखते थे। 12 वर्ष में पीएम मोदी व 9 वर्ष में डबल इंजन सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का परिणाम है कि अब यूपी का नाम आते ही सामने वाले का चेहरा खिल जाता है और वह आपको गले लगाने को उतावला दिखता है।  बिना भेदभाव गोंडा का नौजवान भी पाता है सरकारी नौकरी सीएम योगी ने कहा कि अब बाहर वाले मित्रवत व्यवहार करते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि भगवान राम की असीम कृपा प्राप्त करनी है तो अयोध्या के बगल वाले जनपद गोंडा वालों से मैत्री करो। अब यूपी के नौजवानों को सरकारी नौकरी मिल रही है। यूपी पुलिस की 60,244 भर्तियों में गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर के नौजवानों को भी नौकरी मिली। नियुक्ति पत्र देने से पहले मैं सूची देखता हूं तो खुशी होती है कि गोंडा का नौजवान भी बिना भेदभाव सरकारी नौकरी पाता है। नोएडा, गाजियाबाद ही नहीं, गोंडा में भी हो रहा निवेश उन्होंने कहा कि अब निवेश केवल नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ में नहीं हो रहा, बल्कि गोंडा में भी निवेश होने से स्थानीय नौजवानों को रोजगार मिल रहा है। अभी मंच पर 20 लाभार्थियों को अलग-अलग योजनाओं का लाभ मिला। अब चेहरा नहीं देखा जाता, बल्कि हर जाति, मत-संप्रदाय के पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिल रहा है। मोदी जी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ विजन के तहत सरकार बिना भेदभाव घर-घर तक विकास योजनाएं पहुंचा रही है।  तब रामभक्त नहीं आ पाते थे, अब रामद्रोही नहीं आ पाते अयोध्या  मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की ताकत है कि अयोध्या में राम मंदिर का भव्य निर्माण हो गया। गोंडा वालों ने तो राम मंदिर आंदोलन को अपनी आंखों से देखा है। 40 साल से ऊपर की पीढ़ी ने आंदोलन में भाग लिया और तत्कालीन सरकारों के अत्याचारों को झेला। तब राम का नाम लेने पर प्रतिबंध था, डंडे व गोलियां चलती थीं। रामभक्त अपने प्रभु राम की अयोध्या में नहीं जा सकते थे। अब अयोध्या में रामभक्त ही जा सकते हैं, रामद्रोही नहीं। पूर्वज भी आशीर्वाद दे रहे हैं कि वर्तमान पीढ़ी कितनी धन्य है, जिसने राम मंदिर का निर्माण देखा। बुजुर्गों के आंखों में खुशियों के आंसू हैं तो पूर्वजों की आत्मा संतुष्ट है। आपने कमल का बटन दबाया तो मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिला सीएम योगी ने कहा कि बिना भेदभाव पात्रों को गरीब कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। गोंडा में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, कृषि कॉलेज, कंपोजिट विद्यालय आदि का सपना साकार हो रहा है। हमारी सरकार ने सांसद-विधायकों के हर प्रस्ताव को स्वीकृत किया। जब आपने कमल का बटन दबाया तो विकास कार्यों, गरीब कल्याणकारी कार्यों, विरासत के सम्मान, नौकरी, निवेश के जरिए रोजगार संभव हो पा रहा है। मां लक्ष्मी का आशीर्वाद हुआ तो यूपी पर धन की वर्षा हो रही है। गलत लोगों को चुनेंगे तो खामियाजा भुगतना पड़ेगा सीएम ने मतदाताओं से कहा कि अच्छे लोगों को चुनेंगे तो अच्छे परिणाम आएंगे। गलत लोगों को चुनने पर खामियाजा भुगतना पड़ता है। 2017 के पहले विकास एक गांव तक ही सीमित था। लेकिन, डबल इंजन सरकार बनी तो हमने कहा कि मेडिकल कॉलेज सिर्फ सैफई नहीं, गोंडा, बलरामपुर, अयोध्या, बस्ती, सिद्धार्थनगर, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर में भी बनेगा। अब ऐसा कोई भी जिला नहीं है, जहां मेडिकल कॉलेज-इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं है। हर जनपद में विकास हो रहा है।  दो-दो विधानसभा क्षेत्रों का एक साथ दौरा करेंगे और विकास की सौगात देंगे  सीएम ने श्रावस्ती की पौराणिकता का जिक्र करते हुए बताया कि वहां एयरपोर्ट निर्माण हो रहा है। महाराजा सुहेलदेव ने एक हजार वर्ष पहले विदेशी आक्रांताओं का मुंहतोड़ जवाब दिया था। आक्रांताओं को दहलाने वाला शौर्य कैसा होना चाहिए, महाराज सुहेलदेव उसके प्रतीक हैं। स्वाधीनता के लिए किस प्रकार के त्याग-बलिदान की आवश्यकता होनी चाहिए, गोंडा उसका प्रतीक है। जब अच्छी सरकारें आईं, तब गरीबों को रोजगार, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो पाया। हमने तय किया … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पीपल का पौधारोपण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में शामिल होने गरियाबंद पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिला पंचायत कार्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गत वर्ष ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की गई थी। यह अभियान लोगों को अपनी माताओं के सम्मान में पौधारोपण के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी पूरे देश में यह अभियान उत्साहपूर्वक संचालित किया जा रहा है तथा इसके तहत प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम में राजिम विधायक  रोहित साहू,बिन्द्रानवागढ़ विधायक  जनक ध्रुव, जिला पंचायत अध्यक्ष  गौरीशंकर कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एमपीएसईडीसी की पहल से 400 से अधिक विद्यार्थियों को मिला प्रशिक्षण

भोपाल  मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) द्वारा उद्योग साझेदार एवं एसएसआरजीएसपी के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय साइबर सुरक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में 400 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान कर प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में लक्ष्मी नारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी,बंसल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, ओरिएंटल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंस और एआईएसईसीटी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, भोपाल के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य साइबर सुरक्षा और एआई एवं एमएल जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं के कौशल का विकास करना और उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना था। समापन दिवस पर आयोजित तकनीकी सत्रों में डेटा सुरक्षा, सुरक्षित कोडिंग और  साइबर खतरों की पहचान और प्रबंधन से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। “ डेटा सिक्योरिटी फंडामेंटल्स” सत्र में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता, डेटा गवर्नेंस एवं नियामकीय अनुपालन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। वहीं “सिक्योर कोडिंग एंड डेवलपर सिक्योरिटी प्रैक्टिसेज” सत्र में सॉफ्टवेयर विकास प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। “सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (एसओसी), थ्रेट डिटेक्शन, मॉनिटरिंग एंड रिस्पॉन्स” विषयक सत्र में प्रतिभागियों को आधुनिक साइबर सुरक्षा तंत्र, एसआईईएम प्लेटफॉर्म, एंडपॉइंट डिटेक्शन सिस्टम तथा वल्नरेबिलिटी स्कैनिंग उपकरणों की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। साथ ही साइबर खतरों की पहचान और रोकथाम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर भी जानकारी साझा की गई। उल्लेखनीय है कि 400 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता वाला यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश में तकनीकी कौशल विकास को प्रोत्साहित करने तथा मध्यप्रदेश को डिजिटल प्रतिभा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

भारत-पाक सीमा पर सख्ती तेज, दीपावली से पहले अवैध ढांचे गिराने की तैयारी

जैसलमेर भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर देश की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह अभेद्य और चाक-चौबंद करने के लिए बीएसएफ और आईबी एक्शन मोड में हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कड़े निर्देशों के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने एक संयुक्त रणनीति के तहत भारत-पाक बॉर्डर के 15 किलोमीटर के दायरे में एक विशेष सर्वे अभियान छेड़ दिया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन क्लीन’ नाम दिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक हुए सभी प्रकार के अवैध निर्माणों की पहचान करना, उन्हें पूरी तरह ध्वस्त करना और इन निर्माणों में इस्तेमाल की गई संदिग्ध फंडिंग का पर्दाफाश करना है। अमित शाह की हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद एक्शन शुरू जैसलमेर की जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बीकानेर दौरे के दौरान एक हाई-प्रोफाइल सुरक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में सीमावर्ती इलाकों में हो रही संदिग्ध गतिविधियों और अवैध निर्माणों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई थी, जिसके तुरंत बाद इस बड़े ऑपरेशन को जमीन पर उतारा गया। सीमा क्षेत्र में किसी भी तरह के अवैध कब्जे या निर्माण को पूरी तरह रोकने के लिए राजस्व विभाग की विशेष टीमों का गठन कर उन्हें फील्ड में तैनात किया गया है। ये टीमें मौके पर जाकर जमीनों और इमारतों का भौतिक सत्यापन कर रही हैं। इस अत्यंत गोपनीय और संयुक्त विशेष सर्वे को शुरू हुए करीब एक सप्ताह का समय बीत चुका है। दीपावली से पहले अवैध निर्माणों होंगे ध्वस्त! अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार सुरक्षा मामलों से जुड़े उच्चाधिकारियों द्वारा इस विशेष सर्वे को अक्टूबर महीने तक हर हाल में पूरा करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त योजना है कि सर्वे और जांच की फाइनल रिपोर्ट तैयार होते ही, आगामी दीपावली त्योहार से पहले-पहले सभी चिन्हित अवैध अतिक्रमणों और अवैध ढांचों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कार्रवाई को तेजी से अंजाम देने के लिए पुलिस, राजस्व और स्थानीय प्रशासन सहित सभी संबंधित महकमों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए जा चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर इस पूरे अभियान का सबसे संवेदनशील और अहम हिस्सा सुरक्षा जांच तथा वित्तीय फंडिंग की स्क्रूटनी होगी। सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान विशेष रूप से उन बड़े और भारी निवेश वाले व्यावसायिक या निजी निर्माणों पर केंद्रित है, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा के बिल्कुल नजदीक खड़े किए गए हैं। आलीशान निर्माणों की होगी अलग से जांच प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, यदि सीमावर्ती क्षेत्र के भीतर कोई भी ऐसा निर्माण पाया जाता है जिसमें मोटी रकम खर्च की गई है, तो उसकी वित्तीय जांच अलग से की जाएगी। इस काम में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) जैसी देश की सर्वोच्च सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। ये एजेंसियां गहराई से यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन आलीशान या बड़े निर्माणों के पीछे वास्तविक चेहरे कौन से हैं और इस पैसे का असली स्रोत क्या है। सीमा के इतने नजदीक इस प्रकार की संदिग्ध गतिविधियां और भारी निवेश राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं, इसलिए एजेंसियां किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं।  

फैजाबाद के ‘डंका शाह’ की कहानी, जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ जगाई आजादी की आग

 अयोध्या  जिले के फैजाबाद शहर की शहादत की एक कहानी अनसुनी है। यह कहानी एक बागी संत मौलाना अहमदुल्लाह शाह की है जिन्होंने देश की आजादी के लिए बलिदान दे दिया था। उनको 156 साल पहले 5 जून 1858 को ब्रिटिश औपनिवेशिक शासकों के इशारे पर धोखा देकर मार दिया गया था। नगाड़ा साथ लेकर चलते थे मौलाना मौलाना अहमदुल्लाह शाह की कहानी उस साहस और बलिदान को याद दिलाती है, जिसने भारत की आजादी की 1857 की पहली महान लड़ाई को आकार दिया था। मौलाना अहमदुल्लाह शाह को 'डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता था। कहा जाता है कि वे अपने साथ एक नगाड़ा लेकर चलते थे जिससे लोगों को उनके आगमन का संकेत मिलता था। जीवन आजादी के लिए समर्पित करने की प्रेरणा बताया जाता है कि अहमदुल्लाह शाह के आध्यात्मिक गुरु एक हिंदू साधु थे, जिन्होंने उन्हें देश को आजादी दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित करने के लिए प्रेरित किया था। उनके बारे में 'अवध एब्स्ट्रैक्ट प्रोसीडिंग्स' सहित अन्य अभिलेखीय रिकॉर्ड में लिखा गया है कि उनका प्रभावशाली व्यक्तित्व था और वे जोशीले भाषण देते थे। वे अपने भाषणों से लोगों में जोश भर देते थे और उनको अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने को प्रेरित करते थे। वे बिना थके अलग-अलग इलाकों का दौरा करते थे और जहां भी जाते थे, लोगों का समर्थन जुटाने में सफल होते थे। मौलाना को अंग्रेज मानते थे बड़ा खतरा अंग्रेज मौलाना अहमदुल्लाह शाह को एक गंभीर खतरा मानते थे। एक समय उनके लखनऊ और आगरा जैसे बड़े शहरों में प्रवेश पर रोक लगाने के आदेश भी जारी किए गए थे। उनकी मौजूदगी से ही अंग्रेजी शासन के अधिकारी सतर्क हो जाते थे। सार्वजनिक सभाओं के दौरान उन्हें सेना के जवान घेर लेते थे। सन 1857 की क्रांति के दौरान क्रांतिकारियों ने उन्हें अपनी 22वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट का नेता नियुक्त किया था। हालांकि कर्नल लेनॉक्स ने उन्हें पकड़कर मौत की सजा सुनाई थी, लेकिन बागियों ने उन्हें छुड़ा लिया था। फैजाबाद उनका मुख्य केंद्र था। वे यहीं से पूरे अवध में अंग्रेजी शासन के विरोध की गतिविधियां चलाते थे। शाहजहांपुर के राजा ने कराई थी हत्या जब उनकी सेना लखनऊ की ओर बढ़ी तो वहां उनका फिर से अंग्रेजों से सामना हुआ। उन्हें विशेष रूप से चिनहट की लड़ाई (30 जून 1857) में उनकी भूमिका के लिए याद किया जाता है। उनके बढ़ते प्रभाव के चलते वे औपनिवेशिक शासन के मुख्य निशाने पर आ गए थे। जब वे औपनिवेशिक शासन के विरोध में संघर्ष के लिए समर्थन मांगने जा रहे थे, तब शाहजहांपुर के राजा जगन्नाथ सिंह ने उनकी हत्या कर दी थी। यह घटना 5 जून 1857 को हुई थी।  

मुख्यमंत्री ने किए मां पाटेश्वरी के दर्शन

लखनऊ/बलरामपुर  गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह तुलसीपुर में देवी शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी मंदिर में दर्शन, पूजन-अर्चन किया। उन्होंने मां की आरती उतारी और सुखी, स्वस्थ व समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना की। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया।  सीएम योगी शुक्रवार को बलरामपुर पहुंचे। यहां विकास कार्यों के लोकार्पण- शिलान्यास के बाद मंदिर में रात्रि विश्राम किया। शनिवार सुबह दर्शन-पूजन के बाद मंदिर में आये श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। सीएम ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा व स्वच्छता की समुचित व्यवस्था का भी निर्देश दिया।  स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों, संतों आदि से मुलाकात भी की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने गोंडा के लिए प्रस्थान किया।  दर्शन-पूजन के दौरान महंत मिथिलेश नाथ योगी, कालीबाड़ी गोरखपुर के महंत रविंद्र दास जी, विधायक पलटूराम, कैलाश नारायण शुक्ल आदि भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

रायपुर   मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सक्ती जिले के जैजैपुर विकासखंड स्थित ग्राम ठठारी पहुंचकर ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।  मुख्यमंत्री  साय ने भगवान विष्णु से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए आशीर्वाद मांगा। यह प्राचीन मंदिर क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार यहां स्थापित भगवान विष्णु की प्रतिमा चौथी शताब्दी की मानी जाती है, जो इस स्थल की ऐतिहासिक महत्ता को और अधिक विशेष बनाती है। उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय लगातार प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। वे गांवों में पहुंचकर आमजन से सीधे संवाद स्थापित कर शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन, जनसमस्याओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक ले रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री  साय ग्राम ठठारी में आयोजित जनचौपाल में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की योजनाओं के लाभांवितों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित और संवेदनशील निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर पर जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद मती कमलेश जांगड़े, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल, कलेक्टर  अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक  प्रफुल्ल ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

नीट 2026 परीक्षा: 21 जून को अभ्यर्थियों को मुफ्त बस यात्रा, CM ने दिए निर्देश

पटना नीट परीक्षा देने वाले दिन बिहार के छात्र-छात्राओं का बस भाड़ा नहीं लगेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीट परीक्षार्थियों के लिए सभी सरकारी बसों में मुफ्त सफर का ऐलान किया है। 21 जून को होने वाले नीट एग्जाम में शामिल होने वाले अभ्यर्थी बिना टिकट के ही बस का सफर कर सकेंगे। सीएम ने इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने शुक्रवार को नीट परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा भी की। सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को नीट परीक्षा के मद्देनजर कई अहम निर्देश दिए। सभी जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। बता दें कि 21 जून को बिहार समेत देश भर में नीट परीक्षा का आयोजन होगा। पेपर एक ही पारी में एक ही दिन होगा। पूर्व में हुए पेपर लीक और धांधली से बचने के लिए इस बार प्रशासन ने सख्त तैयारियां की हैं। बिहार में 331 सेंटर पर होगा नीट एग्जाम राज्य के 35 जिलों में नीट परीक्षा के 331 सेंटर बनाए गए हैं। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन सक्रिय है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नीट परीक्षा के आयोजन में किसी तरह की लापरवाही ना बरतें। सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। समय से तैयारियां पूरी कर ली जाएं। परीक्षा केंद्रों पर सुविधाएं जरूर रखें सम्राट चौधरी ने कहा कि नीट एग्जाम सेंटर पर परीक्षार्थियों के लिए पेयजल, शौचालय, बिजली आपूर्ति, मेडिकल सहायता और अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाए। नीट परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को यातायात की समुचित व्यवस्था मिले। सूचना तंत्र को प्रभावी बनाया जाए। ताकि उन्हें सहूलियत हो और परेशानी का सामना ना करना पड़े। देश भर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश के लिए नीट परीक्षा का आयोजन किया जाता है। इस परीक्षा के मार्क्स के आधार पर ही मेडिकल कॉलेजों में यूजी कोर्स के लिए एडमिशन होते हैं। पिछले महीने 3 मई को नीट यूजी एग्जाम आयोजित किया गया था। मगर पेपर लीक होने और गड़बड़ी मिलने के बाद उसे रद्द कर दिया गया था। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने फिर से परीक्षा का आयोजन करने का ऐलान करते हुए तारीख 21 जून तय की। परीक्षा का समय दोपहर 2 से शाम 5.15 बजे के बीच रखा गया है। हालांकि, परीक्षार्थियों को समय से पहले ही एग्जाम सेंटर पहुंचना होगा। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए राज्य सरकार कुछ अतिरिक्त बसों का संचालन भी कर सकती है। एग्जाम देने वाले छात्र-छात्राओं के लिए मुफ्त सफर का ऐलान करने के बाद बिहार की सरकारी बसों में 21 जून को भारी भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति बन सकती है। इससे अन्य यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पिछले महीने हुई नीट परीक्षा के पेपर लीक के तार बिहार से भी जुड़े थे। इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी सीबीआई कर रही है। सीबीआई ने पेपर लीक के मुख्य सरगना रॉकी उर्फ राकेश रंजन को दबोचा। उसके तार इस रैकेट के पुराने मास्टरमाइंड संजीव मुखिया से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा झारखंड, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों से भी कई लोगों को पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि 3 मई को हुई नीट परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी। परीक्षा से पहले ही कई परीक्षार्थियों के पास पेपर पहुंच गए थे। इसका सौदा लाखों रुपये में किया गया था।