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विघ्नहर्ता भगवान गणेश की भक्ति में रमा संजय श्रीवास्तव का निवास’

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता ’’ संजय श्रीवास्तव’’ ने अपने निज निवास ’’न्यू शांति नगर, रायपुर’’ में विधि-विधान एवं श्रद्धा-भक्ति के साथ विघ्नहर्ता, मंगलमूर्ति भगवान गणेश जी की स्थापना की। इस अवसर पर श्रीवास्तव एवं उनके परिवारजनों ने भगवान गणेश जी का विधिवत पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना की गई तथा भगवान गणेश को मोदक एवं विभिन्न प्रकार के नैवेद्य अर्पित किए गए। संजय श्रीवास्तव ने कहा कि ’’भगवान गणेश बुद्धि, विवेक, शुभता और मंगल के प्रतीक हैं। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश के स्मरण और पूजन से करने की हमारी सनातन परंपरा रही है।’’ गणेश उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकता, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ने का पर्व भी है। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश सभी के जीवन से विघ्न.बाधाओं को दूर करें और प्रदेशवासियों के जीवन में सुखए शांतिए समृद्धि एवं खुशहाली लेकर आएं। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों को गणेश उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। इस अवसर पर परिवारजन, शुभचिंतक एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। पूरे परिसर में ’गणपति बप्पा मोरया’’ के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।

मोहला के तीनों ब्लॉक मुख्यालयों में जलेंगे 1 लाख 8 हजार दीप, शाम 7 बजे सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन

 मोहला : सेवा संकल्प अभियान : जिले में प्रज्ज्वलित होंगे 1 लाख 8 हजार दीप तीनों ब्लॉक मुख्यालयों में शाम 5 बजे से आयोजन, शाम 7 बजे होगा सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा को समर्पित होगा ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम मोहला छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शुभारंभ अवसर पर 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 1 लाख 8 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा को समर्पित रहेगा।           मोहला के मिनी स्टेडियम में जिला स्तरीय मुख्य आयोजन होगा, जिसमें 500 से अधिक नागरिक शामिल होंगे और 5 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान रंगोली प्रदर्शन सहित विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इसी प्रकार जिले के तीनों ब्लॉक मुख्यालयों में शाम 5 बजे से कार्यक्रम प्रारंभ होंगे तथा शाम 7 बजे सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। मोहला में मिनी स्टेडियम, मानपुर में इंद्रप्रस्थ स्टेडियम तथा अंबागढ़ चौकी में शिवनाथ नदी घाट पर विशेष आयोजन किए जाएंगे।          कार्यक्रम में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलेभर में नागरिकों को दीप वितरित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने जिला मुख्यालय मोहला के जय स्तंभ चौक एवं फव्वारा चौक में नागरिकों को दीप वितरित किए। उन्होंने नागरिकों से ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता करने तथा 17 सितंबर को शाम 7 बजे अपने घर, दुकान एवं प्रतिष्ठान में दीप प्रज्ज्वलित करने की अपील की। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम में सहभागी बनकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शुभारंभ को जनभागीदारी के उत्सव के रूप में मनाएं।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : डॉ. ममता साहू

रायपुर छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने रायगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण, विधिक सहायता तथा महिलाओं एवं बच्चों को शासन की योजनाओं का समयबद्ध लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद महिलाओं को हर परिस्थिति में आवश्यक सहायता, संरक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। डॉ. ममता साहू ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहनी चाहिए। इसके लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही जमीनी स्तर पर विभागीय अमले के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने तथा महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया। समीक्षा बैठक में महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं, बाल संरक्षण व्यवस्था, महिलाओं को विधिक सहायता, संरक्षण एवं परामर्श सेवाओं सहित विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली गई। अध्यक्ष ने मैदानी स्तर पर योजनाओं की नियमित निगरानी करने तथा जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों तक शासकीय सहायता की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला परियोजना अधिकारी श्री अरुण कुमार पांडेय, महिला संरक्षण अधिकारी चैताली राय, केंद्र प्रशासक निहारिका पटनायक, जिला पंचायत सभापति महिला एवं बाल विकास सुषमा खलको, एमआईसी महिला एवं बाल विकास त्रिवेणी डहरे सहित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।  

‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से संवर रहा महिलाओं का जीवन, मिट्टी के दीयों में झलक रहा स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का सपना।

रायपुर मिट्टी को आकार देती उंगलियां, आंखों में आत्मनिर्भरता का सपना और मन में सेवा का संकल्प महासमुंद जिले की महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां इन दिनों कुछ ऐसा ही कर रही हैं। उनके हाथों से आकार ले रहा हर दीया सिर्फ मिट्टी का दीपक नहीं, बल्कि संकल्प, स्वावलंबन और आभार की रोशनी का प्रतीक बन रहा है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम ने जिले की समूह की महिलाओं के जीवन में भी खुशियों का उजाला किया है। दीयों के मिले बड़े ऑर्डर ने महिलाओं को दीपावली से पहले ही दीपावली मनाने का अवसर दे दिया है। लड्डू गोपाल समूह को मिला 37 हजार दीयों का ऑर्डर महासमुंद जिले के लड्डू गोपाल स्व-सहायता समूह की दीदियों को 37 हजार दीये बनाने का ऑर्डर मिला है। इसके अलावा जिले के विभिन्न क्लस्टरों में भी बड़ी संख्या में दीयों के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। खल्लारी क्लस्टर को 8 हजार, खम्हरिया को 7 हजार, कोमाखान को 10 हजार और तेंदुकोना को 9 हजार दीयों का ऑर्डर मिला है। एक दीये की कीमत 1 रुपये निर्धारित है। महिलाओं के लिए यह सिर्फ आय का माध्यम नहीं, बल्कि अपने हुनर को पहचान दिलाने और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ने का अवसर भी है। हमारे हाथों का दीया बनेगा आभार का संदेश समूह की अध्यक्ष भोज बाई चक्रधारी ने भावुक होकर बताया कि हम मिट्टी से दीये बनाते हैं, लेकिन इस बार इन दीयों के साथ हमारे मन की भावनाएं भी जुड़ी हैं। हमारे हाथों से बने ये दीये जब जलेंगे, तो यह हमारे लिए गर्व और खुशी की बात होगी। हमें दीपावली से पहले ही दीपावली मनाने का अवसर मिल रहा है। मेहनत का ऑर्डर मिला है, आमदनी का रास्ता खुला है और हमारे बनाए दीये सेवा एवं संकल्प की इस भावना को आगे बढ़ाएंगे। साथ ही रमा चक्रधारी, गायत्री सिन्हा, योगेश्वरी दीवान, कविता दीवान, सुनीता सिन्हा का कहना है कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे ये दीये प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार और सेवा-संकल्प की भावना का संदेश लेकर रोशनी फैलाएंगे। उनके लिए यह केवल दीया बनाना नहीं, बल्कि अपने श्रम और हुनर के माध्यम से एक बड़े सामाजिक आयोजन में सहभागी बनने का अवसर है। 17 सितंबर को महासमुंद में जलेगा 6 लाख ‘आशीर्वाद का दीया‘ उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर को शाम महासमुंद जिले में 6 लाख ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित किए जाएंगे। मंदिरों, चौक-चौराहों, ग्राम पंचायतों, पीडीएस भवनों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों के साथ-साथ घर-घर दीया जलाने का आह्वान किया गया है। इन लाखों दीयों की रोशनी में उन महिलाओं के श्रम की चमक भी शामिल होगी, जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर इन्हें अपने हाथों से आकार दिया है।

इंदौर से शुरू होगा सेवा-संकल्प अभियान, PM मोदी के जन्मदिन पर स्वामित्व अधिकार योजना का भी आगाज

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर इंदौर से होगा सेवा-संकल्प अभियान और स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना का शुभारंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बीते कुछ सालों में ही देशवासियों ने देखा है बहुत कुछ बदलते मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन उज्जैन के शिप्रा तट पर दीपोत्सव और आरती में होंगे शामिल इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर देशभर में 'सेवा संकल्प अभियान' का शुभारंभ हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में सबसे पहले गुजरात और अब भारत को नई दिशा, नई गति और नया आत्मविश्वास मिला है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2014 में जब देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, उसके बाद से देशवासियों ने बहुत कुछ बदलते हुए देखा है। दुनिया में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर सबसे तेजी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करते हुए सभी देशवासी प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिवस मना रहे हैं। इस अवसर पर देश के कोने-कोने में विशेष रूप से दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का पहली बार मध्यप्रदेश आगमन हो रहा है। वे 17 सितम्बर को इंदौर में 'सेवा-संकल्प अभियान' के शुभारंभ सहित अन्य कई कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस दौरान 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना – 2026'के अंतर्गतप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित जमीन के 50 लाख से अधिक पट्टेधारियों के पट्टों की रजिस्ट्री कराकर उन्हें नि:शुल्क प्रदान करने के प्रदेशव्यापी कार्य की शुरुआत की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की उपस्थिति में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर प्रदेशवासियों के लिए यह एक बहुत बड़ी सौगात है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नबीन 17 सितम्बर को शाम 7 बजे उज्जैन में शिप्रा के तट पर आयोजित ऐतिहासिक दीपोत्सव और संध्या आरती में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2022 में उज्जैन में महाकाल के महालोक का लोकार्पण किया, जो अब तीर्थाटन से अर्थव्यवस्था में आए बड़े बदलावों का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सुदृढ़ और समृद्ध राज्यों में से एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी।  

गांव के नजदीक बैंकिंग सुविधा से वित्तीय समावेशन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती – मुख्यमंत्री साय

बस्तर-सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक बैंकिंग नेटवर्क का करें विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गांव के नजदीक बैंकिंग सुविधा से वित्तीय समावेशन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती युवाओं, महिलाओं, किसानों और छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने एचडीएफसी बैंक के छत्तीसगढ़ में 25 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष लोगो का किया विमोचन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित  मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को एचडीएफसी बैंक द्वारा छत्तीसगढ़ में अपनी सेवाओं के 25 वर्ष पूर्ण किए जाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि पर बैंक प्रबंधन, अधिकारियों-कर्मचारियों और ग्राहकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने बैंक के छत्तीसगढ़ में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में तैयार किए गए विशेष लोगो का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री साय ने बैंक के प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि किसी भी प्रदेश की आर्थिक प्रगति में मजबूत और सर्वसुलभ बैंकिंग व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पिछले वर्षों में बैंकिंग सेवाओं में तेजी से विस्तार हुआ है और डिजिटल तकनीक ने वित्तीय सेवाओं को पहले से अधिक सहज बनाया है। अब आवश्यकता इस बात की है कि आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का लाभ केवल बड़े शहरों और व्यावसायिक केंद्रों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक भी समान रूप से पहुंचे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बैंकिंग नेटवर्क का और विस्तार करते हुए विशेष रूप से बस्तर एवं सरगुजा अंचल के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच बढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण और जनजातीय बहुल है। इन क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने से लोगों को आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने के अधिक अवसर मिलेंगे और सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक सुगमता से उन तक पहुंच सकेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गांव के नजदीक बैंक की शाखा या बैंकिंग सुविधा उपलब्ध होने का प्रभाव केवल बैंकिंग लेन-देन तक सीमित नहीं रहता। इसके दूरगामी सामाजिक और आर्थिक परिणाम होते हैं। ग्रामीणों को अपने खाते से संबंधित सामान्य कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, उनका समय और संसाधन बचता है तथा बचत और औपचारिक बैंकिंग के प्रति उनका विश्वास बढ़ता है। ऋण, बीमा, डिजिटल भुगतान और अन्य वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच मिलने से परिवारों के आर्थिक सशक्तीकरण का मार्ग भी प्रशस्त होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज केंद्र और राज्य सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। ऐसे में अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाओं की सहज उपलब्धता सुशासन की व्यवस्था को भी मजबूत करती है। बैंकिंग नेटवर्क के विस्तार का लाभ नागरिकों के साथ-साथ शासन को भी मिलता है, क्योंकि इससे योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध ढंग से हितग्राहियों तक पहुंचाने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी नई ऊर्जा आती है। किसानों को कृषि एवं उससे संबंधित गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता, युवाओं को स्वरोजगार और उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण तथा छोटे व्यवसायियों को अपने कारोबार के विस्तार के लिए पूंजी आसानी से उपलब्ध हो सकती है। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी तैयार होते हैं। मुख्यमंत्री साय ने महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न आजीविका गतिविधियों और छोटे उद्यमों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। बैंकिंग संस्थाएं यदि इन समूहों तक ऋण, वित्तीय साक्षरता और अन्य बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच को और मजबूत करें तो महिलाओं की उद्यमशीलता को बड़ा संबल मिल सकता है। आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं अपने परिवार के साथ पूरे गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास छत्तीसगढ़ में ऐसा अनुकूल वातावरण तैयार करना है, जिसमें युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के भी अधिक से अधिक अवसर मिलें। प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा और आगे बढ़ने की क्षमता है। उनके विचारों और उद्यमशीलता को वित्तीय सहयोग से जोड़ने में बैंक महत्वपूर्ण भागीदार बन सकते हैं। छोटे और मध्यम उद्यमों को समय पर वित्तीय सहायता मिलने से प्रदेश में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को और गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास के नए दौर से गुजर रहा है। प्रदेश में अधोसंरचना के विस्तार के साथ उद्योग, व्यापार, कृषि, सेवा क्षेत्र और नई अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास के इन अवसरों का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में बैंकिंग और वित्तीय संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बैंक केवल वित्तीय संस्थान नहीं, बल्कि लोगों के सपनों और आर्थिक संभावनाओं को संसाधनों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। किसी युवा को अपना व्यवसाय प्रारंभ करना हो, किसी महिला समूह को अपने उत्पादों का विस्तार करना हो, किसी किसान को अपनी आय बढ़ाने के लिए नई गतिविधि शुरू करनी हो अथवा किसी छोटे व्यापारी को अपना कारोबार आगे बढ़ाना हो – सुलभ वित्तीय सहायता उनके प्रयासों को नई दिशा दे सकती है। मुख्यमंत्री साय ने वित्तीय साक्षरता पर भी जोर देते हुए कहा कि बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के साथ नागरिकों को डिजिटल बैंकिंग, सुरक्षित लेन-देन, बचत, बीमा और वित्तीय प्रबंधन के संबंध में जागरूक करना भी आवश्यक है। विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाकर लोगों को आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था से अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की यात्रा में सरकार के साथ निजी क्षेत्र और वित्तीय संस्थानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में निवेश, उद्यमिता, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बैंकिंग संस्थाएं राज्य सरकार की विकासपरक पहलों में महत्वपूर्ण सहयोगी बन सकती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एचडीएफसी … Read more

State Single Nodal Agency मॉडल से चलेंगी राज्य योजनाएं, सरकार ने तैयार किया नया सिस्टम

राज्य योजनाओं में लागू होगा State Single Nodal Agency (S-SNA) मॉडल योजनाओं की राशि का पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी उपयोग होगा सुनिश्चित एक योजना–एक बैंक खाता, आवश्यकता के समय ही सीधे हितग्राही एवं वेंडर को भुगतान रियल-टाइम मॉनिटरिंग से वित्तीय अनुशासन और नकदी प्रबंधन होगा मजबूत रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद् की बैठक में राज्य योजनाओं के लिए State Single Nodal Agency (S-SNA) मॉडल लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य राज्य-पोषित योजनाओं में निधि के प्रवाह को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित, कुशल और प्रभावी बनाना है। S-SNA मॉडल के अंतर्गत विभिन्न क्रियान्वयन एजेंसियों के अनेक बैंक खातों में राशि रखने के स्थान पर प्रत्येक चिन्हित योजना के लिए एक केंद्रीकृत S-SNA Mother Account की व्यवस्था होगी। योजनाओं की राशि आवश्यकता के अनुसार ही जारी की जाएगी और भुगतान के समय S-SNA खाते से संबंधित Zero Balance Subsidiary Account (ZBSA) के माध्यम से सीधे वेंडर अथवा हितग्राही के खाते में भुगतान किया जाएगा। इससे सरकारी धन लंबे समय तक निष्क्रिय नहीं रहेगा और उपलब्ध निधि का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य योजनाओं के लिए उपलब्ध प्रत्येक रुपये का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। S-SNA मॉडल से सरकारी धन के प्रवाह में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी। यह व्यवस्था वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के साथ सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि योजनाओं की राशि अनावश्यक रूप से अलग-अलग बैंक खातों में पड़ी रहने के बजाय आवश्यकता के समय सीधे हितग्राही और वेंडर तक पहुंचेगी। इससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि S-SNA मॉडल राज्य के वित्तीय प्रबंधन को अधिक आधुनिक, तकनीक-सक्षम और परिणामोन्मुख बनाएगा। इस व्यवस्था का मूल उद्देश्य यह है कि सरकार को जिस राशि की आवश्यकता आज नहीं है, उसे पहले से बैंक खातों में रखने के बजाय आवश्यकता के समय ही उपयोग में लाया जाए। इससे राज्य की नकदी प्रबंधन क्षमता बेहतर होगी और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि एक ओर सरकार को विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने पड़ते हैं और दूसरी ओर विभिन्न बैंक खातों में सरकारी राशि निष्क्रिय पड़ी रहती है। S-SNA मॉडल इस अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे अनावश्यक ऋण और उस पर लगने वाले ब्याज के भार को कम करने में मदद मिलेगी तथा वित्तीय अनुशासन मजबूत होगा। भारत सरकार की SNA व्यवस्था की तर्ज पर राज्य योजनाओं में होगा क्रियान्वयन केंद्र प्रायोजित योजनाओं में भारत सरकार द्वारा लागू Single Nodal Agency व्यवस्था के अनुरूप अब राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित चिन्हित योजनाओं में भी S-SNA मॉडल लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत योजनाओं के फंड फ्लो की शुरुआत State Treasury/e-Kosh से S-SNA खाते तक होगी। इसके बाद क्रियान्वयन एजेंसियों को राशि स्थानांतरित करने के बजाय निर्धारित Spending/Drawing Limit उपलब्ध कराई जाएगी और वास्तविक भुगतान के समय ही संबंधित हितग्राही या वेंडर को राशि जारी होगी। एक योजना–एक बैंक खाता, फ्लोट लगभग शून्य S-SNA मॉडल की प्रमुख विशेषता Just-in-Time Fund Release है। इसमें योजना की राशि को पहले से विभिन्न खातों में जमा रखने के बजाय वास्तविक आवश्यकता के समय ही भुगतान किया जाएगा। इससे बैंक खातों में अनावश्यक रूप से पड़ी राशि में कमी आएगी और योजनाओं की निधि का लगभग शून्य फ्लोट सुनिश्चित किया जा सकेगा। इस व्यवस्था में Mother–Child Account प्रणाली, DBT एवं Non-DBT दोनों प्रकार के भुगतान तथा जिला, ब्लॉक, पंचायत एवं ग्राम स्तर की चिन्हित Implementing Agencies को शामिल किया जा सकेगा। रियल-टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता और जवाबदेही S-SNA मॉडल से योजनाओं के Fund Flow और व्यय की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी। विभागों को उपलब्ध निधि, जारी व्यय सीमा, वास्तविक व्यय और अप्रयुक्त राशि की स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सकेगी। डिजिटल प्रणाली में Maker-Checker आधारित ऑडिट ट्रेल होने से वित्तीय लेन-देन की निगरानी मजबूत होगी तथा गबन, अनधिकृत भुगतान और बैंकिंग धोखाधड़ी की संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि डिजिटल ऑडिट ट्रेल और रियल-टाइम मॉनिटरिंग से प्रत्येक स्तर पर निधि के उपयोग की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध होगी। इससे वित्तीय अनियमितताओं की संभावनाएं कम होंगी और विभागों को अपने संसाधनों एवं व्यय की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी। निष्क्रिय राशि और अनावश्यक ऋण भार पर लगेगा नियंत्रण वर्तमान व्यवस्था में आवश्यकता से पहले राशि आहरित होने के कारण विभिन्न विभागीय खातों में बड़ी मात्रा में राशि निष्क्रिय पड़ी रहती है। प्रस्तावित व्यवस्था से इस समस्या का समाधान होगा। विभागीय निष्क्रिय खातों में लगभग 530 करोड़ रुपये तथा RBI के DEAF खातों में लगभग 100 करोड़ रुपये की निष्क्रिय राशि जैसी समस्याओं को भी प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा। एक ओर सरकार को अपनी योजनाओं के लिए ऋण लेकर ब्याज का भुगतान करना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न बैंक खातों में सरकारी राशि निष्क्रिय पड़ी रहती है। S-SNA मॉडल से उपलब्ध निधियों के बेहतर प्रबंधन के कारण अनावश्यक ऋण की आवश्यकता कम होगी और ब्याज भार एवं राजस्व घाटे को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी। अर्जित ब्याज राज्य की संचित निधि में जमा होगा S-SNA व्यवस्था में योजनाओं की राशि के प्रबंधन से अर्जित ब्याज को राज्य की संचित निधि में जमा किया जाएगा। इससे सार्वजनिक वित्तीय संसाधनों का अधिक कुशल उपयोग सुनिश्चित होगा और राज्य की नकदी प्रबंधन क्षमता मजबूत होगी। महालेखाकार कार्यालय की आपत्तियों के निराकरण में भी मदद नई व्यवस्था से DDO एवं अन्य क्रियान्वयन एजेंसियों के खातों में लंबे समय तक निष्क्रिय पड़ी राशि की समस्या दूर होगी। साथ ही मैनुअल मिलान, विलंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्र और ऑफलाइन सत्यापन से जुड़ी समस्याओं में कमी आएगी। डिजिटल फंड फ्लो और ऑडिट ट्रेल से वित्तीय रिपोर्टिंग अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध होगी। चरणबद्ध तरीके से होगा क्रियान्वयन S-SNA मॉडल के क्रियान्वयन के लिए छह प्रमुख चरण निर्धारित किए गए हैं। इनमें योजना की पहचान, वित्त विभाग से अनुमोदन, Scheme Code आवंटन, e-Kosh Mapping, S-SNA एवं ZBSA खाते खोलना तथा Treasury … Read more

सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में यूपी का बड़ा कदम, यशोभूमि में दिखेगा प्रदेश का इकोसिस्टम

सेमीकंडक्टर के ग्लोबल मंच पर यूपी की दस्तक, 17 से 19 सितंबर तक सेमीकॉन इंडिया 2026 का दिल्ली में आयोजन सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में यूपी का बड़ा कदम, यशोभूमि में दिखेगा प्रदेश का इकोसिस्टम इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से भविष्य की तैयारी तक होगा उत्तर प्रदेश का फोकस यूपी के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की दुनिया देखेगी तस्वीर, यशोभूमि में जुटेंगे ग्लोबल दिग्गज लखनऊ सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश अपनी बढ़ती क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने जा रहा है। सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि (आईआईसीसी) द्वारका में होगा। इसमें योगी सरकार, उत्तर प्रदेश के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, नीतिगत सहयोग और भविष्य की तैयारियों को प्रमुखता से सामने रखेगी। कार्यक्रम में दुनिया की सेमीकंडक्टर कंपनियों, विभिन्न राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों, भारतीय उद्योग जगत, स्टार्टअप और सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़े अन्य पक्षों की भागीदारी होगी। यूपी के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की होगी प्रस्तुति सेमीकॉन इंडिया 2026 में उत्तर प्रदेश की ओर से ऐसे प्रचार वीडियो तैयार किए जाने की योजना है, जिनमें प्रदेश के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को दिखाया जाएगा। इसमें मौजूदा बुनियादी ढांचे, नीतिगत सहयोग और भविष्य की तैयारियों को सामने रखा जाएगा। इसके साथ ही यूपी को भारत के बड़े और तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में एक प्रमुख स्थान रखने वाले राज्य के रूप में प्रस्तुत करने पर भी जोर रहेगा। आयोजन का मुख्य विषय ‘ट्रांसफॉर्म टुमारो–सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग ग्लोबल सप्लाई चैन्स’ रहेगा। कार्यक्रम में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की पूरी वैल्यू चेन पर चर्चा और प्रदर्शन किया जाएगा। 500 से ज्यादा प्रदर्शक, 10 राज्य पवेलियन सेमीकॉन इंडिया 2026 में 500 से अधिक प्रदर्शक शामिल होंगे। करीब 2 लाख वर्गफुट क्षेत्र में प्रदर्शनी होगी। कार्यक्रम में 10 स्टेट पवेलियन और 7 कंट्री पवेलियन भी होंगे। इसके अलावा 40 स्टार्टअप के लिए स्टार्टअप पवेलियन तैयार किया जाएगा। कार्यक्रम में 150 से अधिक वक्ताओं की भागीदारी, राज्य सरकारों के राउंडटेबल, प्रशिक्षण सत्र, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कंपोनेंट्स पर अलग ट्रैक और कंट्री राउंडटेबल भी आयोजित किए जाएंगे। इससे अलग-अलग राज्यों, कंपनियों और वैश्विक भागीदारों के बीच संवाद का अवसर मिलेगा। यूपी में निवेश और भविष्य की तैयारी पर फोकस प्रदेश की भागीदारी का एक प्रमुख उद्देश्य उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहे इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को व्यापक स्तर पर सामने रखना है। इसके तहत राज्य की मौजूदा सुविधाओं, नीतिगत समर्थन और भविष्य की तैयारियों की जानकारी दी जाएगी। ग्लोबल कंपनियों और राज्यों के बीच संवाद सेमीकॉन इंडिया 2026 में सेमीकंडक्टर उद्योग की बदलती जरूरतों, निवेश, तकनीक, सप्लाई चेन और भविष्य के कार्यबल से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी। आयोजन में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा है। साथ ही भविष्य के लिए तैयार कार्यबल विकसित करने को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।

मध्यप्रदेश जल निगम के नाम में बड़ा बदलाव, संचालक मंडल की बैठक में प्रस्तावों को मिली मंजूरी

म.प्र. जल निगम अब कहलायेगा म.प्र. जल एवं स्वच्छता निगम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. जल निगम के संचालक मंडल की हुई 26वीं बैठक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न प्रस्तावों को दी मंजूरी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित (एमपीजेएनएम) को पुनर्गठित कर मध्यप्रदेश जल एवं स्वच्छता निगम (एमपी-वास्को) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जल निगम अब अपने नए नाम और नई जिम्मेदारियों के साथ प्रदेश में जल विकास एवं स्वच्छता प्रबंधन में नए लक्ष्यों के साथ काम करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित के संचालक मण्डल की 26वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल निगम द्वारा विचार एवं अनुमोदन के लिए रखे गये विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल निगम के वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए तैयार संचालक मण्डल के प्रतिवेदन तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 के अनअंकेक्षित वार्षिक लेखों का अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैप्टिव मोड के तहत 60 मेगावॉट ग्रिड-कनेक्टेड पवन ऊर्जा परियोजना विकसित करने के लिए गठित परियोजना कंपनी में म.प्र. जल निगम के प्रतिनिधित्व के लिए एमडी को अधिकृत कर दिया। साथ ही इसी परियोजना के विकास के लिए गठित प्रोजेक्ट कंपनी में डीमैटीरियलाइज्ड रूप में 26 प्रतिशत इक्विटी शेयर रखने का अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. जल निगम के इक्विटी शेयरों के नए पदाधिकारियों को हस्तांतरण तथा जल निगम द्वारा वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तैयार किए गए बजट अनुमान (57 करोड़ रुपए) का अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल निगम के संचालक मण्डल में स्वतंत्र निदेशक के पद पर सुमित बोस की पुन: नियुक्ति का भी अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन और एक्जीक्यूशन मेथोडोलॉजी के अनुसार म.प्र. जल निगम के एमडी की टेंडर मंजूरी की सीमा 5 करोड़ से बढ़ाकर 25 करोड़ रुपए करने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपत्तिया उइके, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव पीएचई सचिन सिन्हा, प्रमुख सचिव पीएचई मनीष सिंह, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव, म.प्र. जल निगम मर्यादित के प्रबंध संचालक वीएस चौधरी कोलसानी सहित संचालक मण्डल के अन्य सदस्यगण भी उपस्थित थे।  

डैश-बोर्ड से तय होगी पारदर्शिता: ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के सख्त निर्देश।

रायपुर  छत्तीसगढ़ में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति तेज छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति और प्रत्येक पात्र परिवार तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए महत्वाकांक्षी सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति को लेकर आज उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने इस दौरान सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैश-बोर्ड पर दर्ज योजनाओं के क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने की चल रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की। डैश-बोर्ड के माध्यम से पारदर्शिता और निगरानी सुघ्घर छत्तीसगढ़ ग्रामीण योजना के तहत शासन की विभिन्न योजनाओं के सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए एक विशेष राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड तैयार किया गया है। इस डैश-बोर्ड पर राज्य एवं केंद्र शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं के सर्वेक्षित हितग्राहियों की सूची दर्ज है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि इस राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड में शासन की सभी योजनाओं की जिलेवार संतृप्ति का स्पष्ट विवरण होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता और त्वरित गति से योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। प्रमुख योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं के संतृप्तिकरण की स्थिति पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। प्रधानमंत्री किसान योजना एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड, राशन कार्ड एवं मुफ्त राशन वितरण, जॉब कार्ड एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महतारी वंदन योजना, कौशल विकास कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जन-धन योजना व अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं के साथ ही, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित बैठक के कार्यवाही विवरण के अनुसार संतृप्ति अभियान की प्रगति, ग्रेन्यूल आंकड़ों, बस्तर संभाग के अंतर्गत संतृप्तिकरण, नियद नेल्ला नार-2.0 और सुघ्घर छत्तीसगढ़ पोर्टल में राशन कार्ड के आधार पर हितग्राहियों की सूची की भी गहन समीक्षा की गई। इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, सुशासन एवं अभिसरण और सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।