samacharsecretary.com

Haryana Namo City: KMP एक्सप्रेसवे किनारे 9,000 एकड़ में नया शहर, दिल्ली-NCR से होगी सीधी कनेक्टिविटी

चंडीगढ़  हरियाणा में गुरुग्राम जैसा नया शहर बसाने की तैयारी हो गई है. कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) किनारे 9 हजार एकड़ में नमो सिटी बसाने का ऐलान हुआ है. दिल्ली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की दो महीने पहले हुई बैठक में जिन चार राज्यों में ऐसे नमो शहर विकसित करने का फैसला हुआ था, उसमें एक यूपी, दिल्ली, राजस्थान के अलावा हरियाणा शामिल था. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे 5000 एकड़ से बढ़ाकर 9 हजार एकड़ करने का फैसला किया है.दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक घटाने के लिए कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के किनारे स्मार्ट नमो सिटी बसाया जाएगा.सरकार ने इन गांवों में जमीनों की मैपिंग और फिर उन्हें चिन्हित करने की तैयारी की है।  NCR प्लानिंग बोर्ड के तहत 4 नमो सिटी नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) ने क्षेत्रीय योजना 2041 (Regional Plan 2041) के तहत 4 राज्यों में नए नमो शहर बनाने के फैसले में सबसे पहले पहल की है.ये नया शहर पूरी तरह से ग्रीनफील्ड होगा, यानी पूरी टाउनशिप की नए सिरे से प्लानिंग की गई है. केएमपी एक्सप्रेसवे किनारे दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हाई स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी. इसमें व्यापारियों के लिए वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क, कॉर्पोरेट ऑफिस और वॉक टू वर्क के साथ हाउसिंग सोसायटी होंगी।  KMP एक्सप्रेसवे के किनारे बसेगा शहर केएमपी एक्सप्रेसवे के किनारे जमीनों के दाम पहले से ही आसमान छू रहे हैं. किसानों से भूमि अधिग्रहण या लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत जमीनें लेने की तैयारी है.दिल्ली सरकार ने कृषि भूमि के सर्किल रेट बढ़ाने के बाद हरियाणा के किसान भी अपनी जमीनों के लिए ऊंचे मुआवजे की मांग कर रहे हैं. हरियाणा के सीएम ने जून में दिल्ली के बड़े व्यापारिक संगठनों के साथ अहम बैठक की थी. उन्होंने दिल्ली के चांदनी चौक, सदर बाजार और खारी बावली जैसे भीड़भाड़ वाले थोक बाजारों के कारोबारियों को हरियाणा में आकर बसने का न्योता दिया था.हरियाणा सरकार उन्हें हाईवे कनेक्टिविटी के साथ सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और रियायतें देने का ऑफर दिया।  नमो सिटी (KMP) के करीब एक्सप्रेसवे  1. कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे  कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे या वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे इस नमो सिटी की बैकबोन होगा.136 किमी लंबा यह 6 लेन का एक्सप्रेसवे पूरे दिल्ली को पश्चिम छोर से घेरता है. यह यूपी, दिल्ली और हरियाणा के बीच हाईस्पीड कनेक्टिविटी का जरिया बना है।  2. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है. केएमपी एक्सप्रेसवे सोहना के पास खलीलपुर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होता है. नमो सिटी से मुंबई, जयपुर, वडोदरा और इंदौर तक आवाजाही आसान होगी।  3. डीएनडी-फरीदाबाद-केएमपी एक्सप्रेसवे  डीएनडी-फरीदाबाद-केएमपी एक्सप्रेसवे (DND-Faridabad-KMP Expressway) 59 किमी लंबा 6-लेन एक्सप्रेसवे दिल्ली के महारानी बाग (DND Flyway) को फरीदाबाद बाईपास से होते हुए केएमपी (खलीलपुर) से जोड़ता है. इससे नमो सिटी को दिल्ली से मुंबई तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी।  4. दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे  दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे (Delhi-Amritsar-Katra Expressway) एक्सप्रेसवे केएमपी के उत्तरी छोर (निलौठी पॉइंट) से प्रारंभ होता है.पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक तेज आवाजाही देता है।   5. फरीदाबाद-जेवर एयरपोर्ट एक्सप्रेसवे  फरीदाबाद-जेवर एयरपोर्ट एक्सप्रेसवे भी केएमपी और डीएनडी एक्सप्रेसवे के जंक्शन सेक्टर 65 फरीदाबाद से एक 31 किमी लंबा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे सीधे यूपी के जेवर में बने नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ा है. इससे नमो सिटी से जेवर एयरपोर्ट की दूरी महज 20-25 मिनट रह जाएगी।  एनसीआर का दिल बनेगी नमो सिटी नमो सिटी की हरियाणा ही नहीं, बल्कि NCR के सभी बड़े इंडस्ट्रियल और आबादी वाले शहरों से सीधी कनेक्टिविटी होगी. केएमपी के जरिये गुरुग्राम और न्यू गुरुग्राम के आईटी हब और आबादी वाले इलाकों तक 15-20 मिनट में पहुंच सकते हैं।  मानेसर और सोहना मानेसर का विशाल ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग बेल्ट सीधे केएमपी कॉरिडोर पर है. सोहना का लॉजिस्टिक्स और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर नमो सिटी के नजदीक है. फरीदाबाद और बल्लभगढ़ भी डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे के जरिये नमो सिटी से जुड़ेंगे. केएमपी से इन शहरों की दूरी 2 घंटे की जगह 30 मिनट रह जाएगी।  दिल्ली, नोएडा से सीधी कनेक्टिविटी दिल्ली के ओखला, कालिंदी कुंज, सराय काले खां और नोएडा से केएमपी एक्सप्रेसवे के जरिये नमो सिटी की कनेक्टिविटी होगी. केएमपी के उत्तरी छोर में सोनीपत, कुंडली, बहादुरगढ़ भी आवाजाही आसान होगी. पलवल शहर और आगरा-मथुरा हाईवे (NH-19) तक सीधी पहुंच होगी। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर  केएमपी एक्सप्रेसवे के बराबर से 121 किमी लंबे हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के तहत इलेक्ट्रिक पैसेंजर और मालगाड़ी रेलवे लाइन बिछाई जा रही है. यह पलवल से सोनीपत को कनेक्ट करेगी. नमो सिटी के पास मानेसर, सोहना, पंचगांव और बहादुरगढ़ होंगे.माल ढुलाई और यात्रियों की आवाजाही तेज होगी। 

पीएम मोदी की 25 साल की यात्रा पर यूपी में बड़ा अभियान, हर बूथ पर जलाया जाएगा ‘आशीर्वाद का दीया’

लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोहन के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर भाजपा उत्तर प्रदेश में सेवा संकल्प के रूप में बड़ा अभियान चलाएगी। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक यह अभियान चलेगा। शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभियान की जानकारी विस्तार से साझा की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। सीएम योगी ने कहा कि पिछले 12 वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश और उसके पहले 13 वर्षों तक गुजरात को जैसा कुशल नेतृत्व प्रदान किया वह अतुलनीय है। पीएम मोदी के साथ कोई वंश परंपरा नहीं जुड़ी थी लेकिन एक साधना-तप और देश के लिए कुछ कर गुजरने की चाहत थी। आज उस साधना और तप का लाभ पूरे देश को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भारत का तेजी से उभार हुआ है। 500 सालों के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहे। सीएम योगी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के कामों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश में विकास, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और जनकल्याण से जुड़े कामों को नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को हर बूथ पर प्रत्येक लाभार्थी परिवार आर्शीवाद का दीया जलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूल-कॉलेजों में प्रतियोगिताओं के जरिए युवाओं तक पहुंचना है। देश के अंतिम आदमी तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के 'हेड ऑफ द स्टेट' के रूप में 7 अक्टूबर को 25 साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसके उपलक्ष्य में उनके द्वारा किए गए योगदान के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए पार्टी और सरकार मिलकर सेवा के इन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास कर रही है। इस दिशा में कई आयोजन किए गए हैं। 7 अक्टूबर 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात में और प्रधानमंत्री के रूप में देश अंदर, कार्य करने के 25 साल पूरे होने का दिन है। सरकार और संगठन ने मिलकर तैयार की कार्ययोजना सीएम योगी ने कहा कि 25 साल की पीएम मोदी की यशस्वी यात्रा का अभिनंदन करने की दृष्टि से राज्य सरकार ने और संगठन ने मिलकर एक कार्य योजना तैयार की है। वास्तव में जब 25 साल के 'हेड ऑफ द स्टेट' के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामों का हम अवलोकन करते हैं तो यह एक समग्र विकास की योजना और विजन देशवासियों को प्रदान करता है। जिस भी क्षेत्र में उन्होंने, मुख्यमंत्री के रूप में देखें या प्रधानमंत्री के रूप में, कोई कदम बढ़ाया, योजना बनाई तो वह योजना केवल योजना तक ही सीमित नहीं रही। उसका सफल क्रियान्वयन हुआ और अंतिम पंक्ति तक उसकी पहुंच कैसे हुई ये भी पूरे देश और दुनिया ने देखा। सीएम योगी ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस राज्य को भीषण सूखे का सामना करना पड़ता था, जहां पेय जल का संकट था, सिंचाई की बात तो बहुत दूर थी कनेक्टिविटी की समस्याएं थीं , ढेर सारी समस्याएं थीं। उस गुजरात में सरदार सरोवर की लंबित परियोजना को पूरा करके, उन्होंने गुजरात को न केवल वेलफेयर प्रदेश के रूप में बल्कि देश के अंदर एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। सीएम योगी ने कहा कि आज भारत गरीब या कमजोर देश नहीं है। यह दुनिया में पिछलग्गु नहीं है बल्कि दुनिया के अंदर वैश्विक ताकत के रूप में अपने आप को स्थापित कर चुका है। क्या बोले प्रदेश अध्यक्ष प्रेस कॉफ्रेन्स में मौजूद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 'सेवा संकल्प' अभियान पर कहा कि संवैधानिक प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल 7 अक्टूबर को पूरे होंगे। इस उपलक्ष्य में 17 सितंबर से लेकर 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। जन सेवा ही प्रभु सेवा का मूल भाव है, इसी भाव के साथ ये अभियान चलाया जा रहा है।

रांची में अक्टूबर के त्योहारों पर ट्रैफिक पुलिस अलर्ट, जाम-अतिक्रमण और गलत पार्किंग पर चलेगा अभियान

 रांची गणेश पूजा, करमा पूजा, दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा के साथ अक्टूबर में होने वाले क्रिकेट मैच को देखते हुए रांची की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक यातायात की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था की समीक्षा की गई। इस दौरान सभी यातायात थाना प्रभारियों और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को भीड़ और जाम वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। बैठक में आगामी त्योहारों और क्रिकेट मैच के दौरान संभावित यातायात दबाव को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक यातायात ने अधिकारियों को यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। ब्लैक शीशा से लेकर नशे में ड्राइविंग तक पर होगी कार्रवाई यातायात पुलिस ब्लैक शीशा, फैन्सी नंबर प्लेट, मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हार्न, रेस ड्राइविंग और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करेगी। निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर चलने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की जाएगी। आटो और टोटो चालकों के यूनिफार्म में नहीं रहने तथा नाबालिगों के वाहन चलाने के मामलों में भी अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। नंबर प्लेट पर टेप लगाने वालों पर विशेष नजर वाहनों की नंबर प्लेट पर टेप लगाकर नंबर छिपाने या नंबर प्लेट पर गलत तरीके से नंबर लिखने वाले वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। ऐसे वाहनों पर मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यातायात पोस्ट के आसपास की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि कई स्थानों पर लेफ्ट फ्री रहने के बावजूद वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। इससे यातायात बाधित होता है और जाम की स्थिति बनती है। ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। चौक चौराहों पर अनावश्यक रूप से आटो और टोटो खड़े करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यातायात थाना प्रभारियों को अपने अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहकर ऐसी स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। अतिक्रमण हटाने के लिए निगम के साथ समन्वय सड़क पर अतिक्रमण कर दुकान, ठेला या अन्य सामान लगाने से यातायात प्रभावित होने वाले स्थानों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए यातायात पुलिस रांची नगर निगम की टीम के साथ समन्वय स्थापित कर अतिक्रमण हटाएगी। बारिश के कारण जिन स्थानों पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है, वहां यातायात थाना प्रभारी भ्रमणशील रहेंगे। जरूरत के अनुसार क्यूआरटी और अभियान टीम को भी लगाया जाएगा, ताकि जाम की स्थिति बनने पर तत्काल यातायात सामान्य कराया जा सके। स्कूल खुलने और छुट्टी के समय विशेष निगरानी स्कूलों के शुरू होने और छुट्टी होने के समय यातायात पुलिस अपने-अपने क्षेत्र में विशेष रूप से भ्रमणशील रहेगी। इस दौरान स्कूलों के आसपास यातायात सुचारु रखने के साथ चौक चौराहों पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक यातायात प्रथम और द्वितीय, सभी यातायात थाना प्रभारी एवं यातायात शाखा के अन्य पदाधिकारी व कर्मी मौजूद थे। पुलिस अधीक्षक यातायात ने सभी अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए शहर में सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

दिल्ली PG बिल्डिंग हादसे में बड़ा अपडेट, आरोपी शुभम त्यागी गिरफ्तार; पुलिस करेगी पूछताछ

नई दिल्ली  सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने के मामले में फरार चल रहे PG ऑपरेटर शुभम त्यागी ने शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उससे हादसे की वजह और PG के संचालन से जुड़े सवालों के जवाब जानने के लिए रिमांड मांगी। दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया आरोपी अदालत ने त्यागी को दो दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। हादसे के बाद से त्यागी फरार था। पुलिस उसकी तलाश में कई जगहों पर दबिश दे रही थी। उसकी अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज हो चुकी थी। इसके एक दिन बाद उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस आरोपी से करेगी ये पूछताछ अब पुलिस त्यागी से PG के रोजमर्रा के संचालन को लेकर पूछताछ करेगी। वहां कितने लोग रहते थे? उनकी जानकारी कैसे दर्ज की जाती थी? प्रॉपर्टी का लीज एग्रीमेंट क्या था? इमारत में मरम्मत या निर्माण का काम किसके कहने पर चल रहा था? इन सभी पहलुओं की जांच होगी। पुलिस ने त्यागी का मोबाइल फरेंसिक जांच के लिए भेजा है। क मंजिल किराए पर लेकर चलाया था PG इससे हादसे के आसपास की उसकी बातचीत और संपर्कों की जानकारी जुटाई जाएगी। सह-आरोपी सुधांशु लोवनीश के मोबाइल का भी डिजिटल विश्लेषण किया जा रहा है। लोवनीश पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस के मुताबिक, त्यागी और लोवनीश ने प्रॉपर्टी मालिक हरिराम गुप्ता से एक मंजिल किराए पर लेकर PG चलाया था। बिल्डिंग की जांच कर रही पुलिस मामले में अब तक 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें हरिराम बंसल (81), उनकी पत्नी उर्मिला बंसल (75), उनके बेटे महेश बंसल, लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज कुमार और दोनों PG ऑपरेटर शामिल है। जांच में इमारत में चल रहे मरम्मत के काम पर भी फोकस है। हादसे के समय बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के स्तर तक लाने के लिए उसमें भराव किया जा रहा था। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या किसी स्ट्रक्चरल बदलाव या सुरक्षा नियमों की अनदेखी से इमारत कमजोर हुई। कॉन्ट्रैक्टर ने मालिकों को दी थी चेतावनी पुलिस के मुताबिक, इमारत में एक दुकान की दीवार गिराए जाने के बाद कॉन्ट्रैक्टर ने मालिक और PG ऑपरेटरों को स्ट्रक्चरल सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी थी। हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार और चार इंजीनियरों को अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया। दिल्ली पुलिस ने शहर के दूसरे PG की भी जांच शुरू की है।

आधार बना जीवन का आधार- कलेक्टर के पहल से वृद्ध कृषक की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ निराकरण

आधार बना जीवन का आधार- कलेक्टर के पहल से वृद्ध कृषक की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ निराकरण तकनीकी अड़चनों के बीच फँसा आधार हुआ अपडेट, 75 वर्षीय वासुदेव गुप्ता को मिली राहत, खुले शासकीय योजनाओं के द्वार रायपुर,  पहचान का एक छोटा-सा दस्तावेज किसी व्यक्ति के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है, इसका जीवंत उदाहरण बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम पंचायत झलपी (पोस्ट-महाराजगंज) निवासी 75 वर्षीय श्री वासुदेव गुप्ता का प्रकरण है। पहचान पत्र न बन पाने के कारण उन्हें लंबे समय से विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा था। किन्तु  यह बदलाव तब संभव हुआ जब प्रशासन की संवेदनशील सोच ने सेवा संकल्प का प्राथमिकता में रखकर कार्य किया। चार वर्षों की लंबी भागदौड़ और संघर्ष        आधार कार्ड आज के समय में हर भारतीय नागरिक की पहचानए वित्तीय लेन.देन और सरकारी योजनाओं का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बन गया है। बीते चार वर्षों के दौरान श्री वासुदेव गुप्ता ने क्षेत्र के लगभग हर आधार केंद्र के चक्कर काटे और कई बार नामांकन भी करवाया। हालांकि, जब भी वे पावती से स्थिति की जांच करवाते, तो हर बार तकनीकी कारणों का हवाला देकर उनका आवेदन निरस्त कर दिया जाता था। इस समस्या के समाधान और पहचान संख्या प्राप्त करने की उम्मीद में उन्होंने अंबिकापुर स्थित सेवा केंद्र तक की दौड़ लगाई, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। लगातार आ रही इन बाधाओं के चलते उनकी उम्मीदें धीरे-धीरे टूटने लगी थीं। प्रशासन की संवेदनशील पहल और त्वरित समाधान       इस मामले में नया मोड़ तब आया जब बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी की संवेदनशील पहल पर जिला प्रशासन ने आम नागरिकों की ऐसी लंबित शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला टीम तथा संबंधित तकनीकी कार्यालयों (ई-डीएम, डीसी एवं एमटीओ) ने तकनीकी अड़चनों की गहराई से पड़ताल की। आपसी समन्वय से समाधान का मार्ग निकालते हुए अंततः श्री गुप्ता का दस्तावेज सफलतापूर्वक तैयार कर उन्हें सौंप दिया गया। खुले शासकीय और जनकल्याणकारी योजनाओं के द्वार        दस्तावेज के तैयार होते ही वृद्ध कृषक के लिए शासन की तमाम कल्याणकारी योजनाओं के रास्ते खुल गए हैं। इसके अपडेट होने से अब श्री वासुदेव गुप्ता एग्री स्टैक पोर्टल पर अपना पंजीयन करा सकेंगे, जिससे उन्हें सुगमता से धान विक्रय करने और अन्य कृषि-हितैषी योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। इसके अतिरिक्त पेंशन योजना, राशन कार्ड की ई-केवायसी, बैंकिंग सेवाओं तथा ऋण संबंधी प्रक्रियाओं का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है, जिससे वृद्धावस्था में उन्हें आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संबल प्राप्त होगा। प्रशासन की दूरदर्शी सोच          जिला प्रशासन का यह प्रयास केवल एक अकेले प्रकरण के निराकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एक ऐसी पुख्ता व्यवस्था विकसित करना है जहाँ पहचान से जुड़ी तकनीकी दिक्कतें किसी भी पात्र हितग्राही के अधिकारों के आड़े न आएं। इस दिशा में नामांकन व अपडेशन प्रक्रियाओं को सुगम बनाने, तकनीकी कारणों से अटके मामलों की पहचान कर उन्हें विशेष अभियान के तहत पूरा करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन के इस संवेदनशील दृष्टिकोण से दूरस्थ अंचलों और वृद्धजनों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर काटने से मुक्ति मिल रही है, जो कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।

बलरामपुर जिले के 6 हजार 968 परिवारों को मिला अपना पक्का आशियाना

बलरामपुर जिले के 6 हजार 968 परिवारों को मिला अपना पक्का आशियाना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत हुआ भव्य सामूहिक गृह प्रवेश, नए घरों की चौखट पर खिले हितग्राहियों के चेहरे पक्का आवास परिवार की सुरक्षा और सम्मान का आधार रायपुर,   छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में ग्रामीण विकास और आवासहीन जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल 2026 से अब तक पूर्ण हुए कुल 6 हजार 968 नवनिर्मित आवासों का भव्य एवं सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम 11 सितंबर 2026 को पूरे जिले में बेहद उत्साह के साथ संपन्न हुआ। आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान से पहले हजारों परिवारों का अपने पक्के घर में प्रवेश करना जिले के लिए एक विशेष उपलब्धि बन गया है। परंपरागत रीति-रिवाज के साथ सौंपी गई चाबियां        बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सभी विकासखंडों में पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय जनप्रतनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में पारंपरिक रीति-रिवाजों और पूजा-अर्चना के साथ हितग्राहियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपी गईं। वर्षों तक कच्चे मकानों और झोपड़ियों में जीवन बिताने वाले परिवारों के लिए यह पल बेहद भावुक और गौरव से भरा हुआ था। विकासखंडवार पूर्ण हुए आवासों की स्थिति       प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत विकासखंड रामचन्द्रपुर में 2,276 आवास, विकासखंड वाड्रफनगर 1 हजार 772 आवास, विकासखंड कुसमी 1 हजार 215 आवास, विकासखंड बलरामपुर 1 हजार 142 आवास, विकासखंड राजपुर 353 आवास और विकासखंड शंकरगढ़ 210 पक्का आवास पूर्ण कराए गए हैं। *पक्का आवास सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य का आधार *        गृह प्रवेश करने वाले सभी हितग्राही परिवारों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि पक्का आवास केवल ईंट-गारे का ढांचा नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि हर पात्र परिवार को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण आवास मिले और शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने हितग्राहियों को आवास के साथ-साथ अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष स्वीकृत आवासों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए और श्सेवा संकल्प अभियानश् की तैयारियां समय पर सुनिश्चित हों। प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार       सेवा संकज्प के इस अवसर पर लाभान्वित हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी संकल्प और आमजन के हित में उठाए जा रहे कदमों के कारण ही आज उनका अपने पक्के घर का सपना साकार हो सका है। हितग्राहियों ने सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने और विकसित भारत 2047 के सपने में अपनी सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।        प्रशासन के कुशल मार्गदर्शन और मैदानी अमले की लगातार निगरानी के चलते सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए गए हैं। पक्की छत मिलने से गदगद परिवारों ने मुख्यमंत्री विश्णुदेव साय का और शासन-प्रशासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है, वहीं प्रशासन ने भी बाकी बचे स्वीकृत आवासों को जल्द और गुणवत्ता के साथ पूरा करने की बात दोहराई है।

चंडीगढ़ के खिलाड़ियों का जलवा, 29 स्केटर्स भारतीय टीम में शामिल; 2 अक्टूबर से विश्व मुकाबले

चंडीगढ़. पराग्वे की राजधानी असुनसियोन में दो से 18 अक्टूबर तक होने वाले पांचवें विश्व स्केट खेलों में चंडीगढ़ के 29 स्केटर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। चयनित खिलाड़ियों में 15 बेटियां हैं। ये खिलाड़ी अलग-अलग आयु वर्गों में रोलर हाॅकी और इनलाइन हाॅकी स्पर्धाओं में देश के लिए पदक की दावेदारी पेश करेंगे। रोलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से चंडीगढ़ में 30 और 31 अगस्त को चयन ट्रायल कराए गए थे। ट्रायल के लिए देशभर से 250 से अधिक स्केटर्स ने पंजीकरण कराया था। रोलर और इनलाइन हॉकी के ट्रायल सेक्टर-10 स्थित स्केटिंग रिंक में हुए। वहीं, स्केटबोर्डिंग और फ्रीस्टाइल के ट्रायल सेक्टर-17 स्केट पार्क में आयोजित किए गए। खेल मंत्रालय की ओर से भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की अधिकारी खुशबू सोनी को ट्रायल का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन ने ट्रायल के आयोजन और समन्वय में अहम भूमिका निभाई। एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण वालिया ने चयनित खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि चंडीगढ़ ने एक बार फिर रोलर और इनलाइन हाकी में अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। महासचिव एवं पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हरप्रीत सिंह ने बताया कि खिलाड़ियों की तैयारियां जारी हैं और जल्द प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा। संयुक्त सचिव सनन महाजन ने कहा कि 15 बेटियों का चयन महिला स्केटिंग की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। ये खिलाड़ी हुए चयनित रोलर हॉकी जूनियर लड़के: नितिन, ध्रुव, इकजोत, सार्थक, अखिलेश। रोलर हॉकी सीनियर महिलाएं: अन्वी, अनूप, पंकिता, दिवलीन, प्रांजल, सांची, पुन्नया, दिवनूर। इनलाइन हॉकी जूनियर लड़के: पारसप्रीत, आयु, मौर्या, जसराज, पार्थ, स्तव्य, आरव, स्वस्तिक, नियाम। इनलाइन हॉकी जूनियर लड़कियां: दिशा, एंजल, स्मायरा, तन्वी, अवंतिका, दिया, जैस्मिन।

भोपाल में नवनिर्वाचित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का भव्य दीक्षांत समारोह, ICAI शाखा ने किया आयोजन

आईसीएआई भोपाल शाखा द्वारा नवनिर्वाचित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स हेतु भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन भोपाल द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की भोपाल शाखा (सीआईआरसी) द्वारा आज कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, मिंटो हॉल, भोपाल में मई 2026 बैच के नवनिर्वाचित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए भव्य दीक्षांत समारोह का सफल आयोजन किया गया। यह समारोह उत्साह, गौरव एवं प्रेरणा से परिपूर्ण रहा, जिसमें नवनिर्मित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं उनके परिजनों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। समारोह में लगभग 56 नवनिर्वाचित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को उनके गौरवान्वित माता-पिता एवं परिवारजनों की उपस्थिति में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर दो अखिल भारतीय रैंक धारकों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी नव-सीए को पेशे के प्रति निष्ठा, ईमानदारी, नैतिकता एवं उत्कृष्टता बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईएएस श्री मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग एवं आयुक्त, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, मध्य प्रदेश रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में नव-चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा अपने पेशेवर जीवन में पारदर्शिता, ईमानदारी एवं नैतिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया। समारोह में सीए अभय छाजेड़, केंद्रीय परिषद सदस्य एवं दीक्षांत समन्वयक, विशेष रूप से उपस्थित रहे। दीक्षांत समारोह का औपचारिक उद्घाटन आईसीएआई अध्यक्ष सीए प्रसन्न कुमार डी. एवं उपाध्यक्ष सीए मंगेश पी. किनारे द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। दोनों पदाधिकारियों ने अपने संदेश में नव-चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें वैश्विक स्तर पर भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंसी पेशे की प्रतिष्ठा एवं गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईसीएआई भोपाल शाखा के पदाधिकारियों द्वारा की गई। इस अवसर पर प्रमुख रूप से सीए आदित्य पी. श्रीवास्तव — चेयरमैन, आईसीएआई भोपाल शाखा; सीए प्रदीप मूत्रेजा — वाइस चेयरमैन; सीए अभिषेक जैन — सचिव; सीए नंदन नरुला — कोषाध्यक्ष; सीए पीयूष चतर — चेयरमैन, CICASA; सीए सुचिता गोयल — शाखा कार्यकारिणी सदस्य, सहित शाखा के पूर्व चेयरमैन सीए अर्पित राय, वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, शाखा पदाधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इस विशेष दीक्षांत समारोह का देशभर के 23 शहरों में एक साथ लाइव प्रसारण किया गया, जिससे यह आयोजन और भी व्यापक एवं प्रभावशाली बना। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने युवा पेशेवरों को अपने ज्ञान, कौशल एवं नैतिक मूल्यों के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। समारोह के अंत में आईसीएआई भोपाल शाखा द्वारा सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया, जिनके सहयोग एवं सहभागिता से यह आयोजन अत्यंत सफल एवं यादगार बन सका।  

छत्तीसगढ़ में जमीन के इस्तेमाल पर सख्ती, कृषि भूमि पर मॉल और रिहायशी इलाकों में गोदाम-कबाड़खाने नहीं

रायपुर. छत्तीसगढ़ में जमीन के इस्तेमाल का पूरा नियम बदलने की तैयारी है। सरकार ने भूमि विकास से जुड़े मौजूदा नियमों में संशोधन का ड्राफ्ट तैयार किया है। किसी लैंड यूज में कौन-कौन से काम नहीं किए जा सकेंगे, प्रतिबंधित गतिविधियों की सूची तय कर दी गई है। यानी जमीन के उपयोग की श्रेणी के हिसाब से यह तय होगा कि वहां कौन-सा निर्माण या गतिविधि नहीं की जा सकती। आवास एवं पर्यावरण विभाग से जारी ड्राफ्ट में आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक, परिवहन, मनोरंजन और कृषि समेत 7 तरह के लैंड यूज के लिए अलग-अलग प्रतिबंध प्रस्तावित किए गए हैं। अभी यह प्रस्ताव है, अंतिम नियम नहीं है। इस पर 23 सितंबर तक आपत्ति-सुझाव दे सकते हैं। जमीन की श्रेणी और नए प्रतिबंध आवासीय भूमि : हरित, नारंगी, लाल और नीली श्रेणी के उद्योग, गोदाम, कबाड़खाने, बूचड़खाने संक्रामक रोग अस्पताल, जेल, बड़े परिवहन टर्मिनल, धोक व्यापार, तेल डिपो, पेट्रोलियम व ज्वलनशील पदार्थ व गैस भंडारण, पशुपालन, मछली पालन, डेयरी, पोल्ट्री फार्म, दाह संस्कार कनिस्तान और खनन गतिविधियां भी प्रतिबंधित रहेंगी। व्यावसायिक भूमि : नारंगी, लाल और नीली श्रेणी के उद्योग, खतरनाक- विषाक्त रसायन व विस्फोटक भंडारण, पशु-मछली पालन, डेयरी, पोल्ट्री, दाह संस्कार कब्रिस्तान और खनन गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। औद्योगिक भूमि : कर्मचारी आवास और डॉरमेट्री को छोड़कर आवासीय टाउनशिप नहीं बन सकेगी। सार्वजनिक व अर्ध- सार्वजनिक भूमि: कर्मचारी आवास छोड़कर टाउनशिप, पोल्ट्री और गोदाम प्रतिबंधित होंगे। परिवहन भूमि : आवासीय बस्तियां, खतरनाक रसायन भंडारण, असंगत वाणिज्यिक गतिविधियां, नारंगी लाल-नीले उद्योग पर रोक रहेगी। आमोद-प्रमोद भूमि: आवासीय बस्तियां, सभी उद्योग, वाणिज्यिक परिसर, प्रदूषणकारी गतिविधियां, खनन, डेयरी और दाह संस्कार – कनिस्तान प्रतिबंधित होंगे। कृषि भूमि: अफोर्डेबल हाउसिंग और इंटीग्रेटेड टाउनशिप को छोड़कर बड़े मॉल प्रतिबंधित रहेंगे। क्या कहते हैं मुख्यमंत्री और मंत्री मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि राज्य सरकार का प्रयास है कि नागरिकों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए। भूमि उपयोग नियमों में प्रस्तावित संशोधन एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बदलती जरूरतों के अनुरूप विकास गतिविधियों, निवेश, रोजगार और अधोसंरचना विकास को गति मिलेगी। वहीं मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नियमन को अधिक स्पष्ट, सरल, लचीला और परिणामोन्मुख बनाना है। इससे बदलती आर्थिक जरूरतों के अनुरूप भूमि उपयोग व्यवस्था अधिक व्यावहारिक बनेगी।

Indore 311 App: प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े 21 सुधार के लिए घर बैठे कर सकेंगे आवेदन

इंदौर  इंदौर नगर निगम द्वारा जारी इंदौर 311 एप पर संपत्तिकर संबंधी नई आनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके माध्यम से नागरिक घर बैठे संपत्तिकर संबंधी दावे-आपत्ति एवं शिकायत दर्ज करने, अपनी संपत्ति का खुद असेसमेंट कर सकेंगे। इसके अलावा की स्वयं की संपत्ति के संपत्तिकर खाते में आवश्यक सुधार हेतु ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस एप में अब शिकायत एवं आवेदनों की लाइव ट्रैकिंग भी हो सकेगी। शिकायतकर्ता जान सकेगा कि उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है या शिकायत किस अधिकारी के पास जांच के लिए है। प्रॉपर्टी टैक्स पर दावे-आपत्ति के सहित 21 तरह के सुधार के झोन या नगर निगम कार्यालय जाने की जरूरत नहीं रहेगी। कई काम आसानी से घर बैठे मोबाइल एप के जरिए हो जाएंगे। प्रॉपर्टी का आकलन खुद कर सकेगा मालिक मोबाइल एप के जरिए संपत्ति के मालिक अब खुद ही प्रॉपर्टी टैक्स का आकलन कर सकते हैं। इसमें उसे प्रॉपर्टी सेल्फ असिसमेंट का ऑप्शन चुनकर इसमें मांगी गई जानकारिया दर्ज कर फार्म को सबमिट करना होगा। इसके साथ ही प्रॉपर्टी टैक्स में दोव और आपत्तियों की शिकायत भी इसी एप के जरिए दर्ज कराई जा सकेगी। अधिकारियों ने शहर के लोगों से अपील की है कि वे अब निगम के दफ्तर आने की जगह घर बैठे ही मोबाइल एप के जरिए इन सुविधाओं का उपयोग करें। एप में सबसे खास बात यह है कि लोग आपत्ति दर्ज कराने के साथ उसे ट्रैक भी कर सकेंगे। एक कॉल में मिलेंगे महापौर यदि आप नगर निगम की कोई भी सेवा से परेशान है जैसे, स्वच्छता, कचड़ा गाड़ी, जीरो वेस्ट ईवेंट,  प्रमाणपत्र, लाइट या अन्य समस्याओं के लिए परेशान हैं, तो 311 एप आप के लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है. इसके जरिए आप घर बैठे अपनी किसी भी समस्या का समाधान कर सकते हैं. इतना ही नहीं यहां आपको मेयर हेल्पलाइन पर सीधे महापौर तक अपनी समस्या पहुंचाने का मौका भी मिलेगा. इसके लिए आपको एक कंप्लेंट नंबर दिया जाएगा साथ ही आपके पास कॉल बैक भी आएगा. इसके लिए टोल फ्री नंबर 18002331311 भी जारी किया गया है।  एप पर शिकायत और फीडबैक दोनों दे सकते हैं Indore 311 App की खास बात ये है कि यहां आप शिकायत के अलावा अपना फीडबैक भी दे सकते हैं. इसके लिए आप अपनी समस्या की कैटेगरी चुनकर फोटो सहित रिपोर्ट करें और कंप्लेंट नंबर  सेव कर लें. यह एप में भी सेव रहता है. यहां आपको निगम की नई जानकारियां और नोटिस भी मिल जाएंगे. यदि कोई कर्मचारी आपसे सही बर्ताव नहीं करता है तो इसके लिए भी आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इस एप पर इंदौर म्युनिसिपल कमिश्नर और महापौर दोनों नजर रखते हैं।  एप इंदौर 311 क्या है? इंदौर 311 एप लोगों की सुविधाओं के लिए लाया गया है. इस एप के जरिए आप स्वच्छता, कचड़ा गाड़ी, जीरो वेस्ट ईवेंट, प्रमाणपत्र, लाइट या अन्य समस्याओं का समाधान सिर्फ एक कॉल के जरिए कर सकते हैं. इस एप की खास बात ये है कि इसके जरिए आप सीधे समुदाय के नेताओं के साथ संवाद कर सकते हैं. इंदौर 311 एप को नागरिक सेवाओं के उपयोग को आसान बनाने के लिए बनाया गया है।