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Bastar Medical College में ट्रॉमा सेंटर की सुविधा, गोल्डन ऑवर में शुरू होगा त्वरित इलाज

जगदलपुर. बस्तर में सड़क हादसों और गंभीर चोटों के मरीजों के लिए अब इलाज की पहली घड़ी और ज्यादा अहम होने जा रही है। डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में करीब 6 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर शुरू किया गया है। 20 बिस्तरों वाले इस केंद्र के साथ 60 नए पदों की स्वीकृति भी दी गई है। दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटे को मरीज की जिंदगी के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी गोल्डन ऑवर को ध्यान में रखते हुए यहां आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू की सुविधा तैयार की गई है। न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, जनरल सर्जरी, एनेस्थीसिया, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। इससे गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार मिलने और बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत घटने की उम्मीद है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बस्तर को स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाने की बात कही। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 35 लाख लोगों की जांच और 11 हजार गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए रायपुर भेजा गया। आपको बता दें कि डिमरापाल में ट्रामा सेंटर शुरू होने से बस्तर के अलावा आसपास के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले गंभीर मरीजों को भी तत्काल उपचार की सुविधा मिलने की उम्मीद है. खासकर सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में समय पर इलाज और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होना मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. सड़क हादसे, दुर्घटनाएं और गंभीर चोट के मामलों में बस्तर के लोगों को लंबे समय से बेहतर ट्रॉमा सुविधाओं की जरूरत महसूस होती रही है. गंभीर मरीजों को कई बार इलाज के लिए दूसरे शहरों की ओर रेफर करना पड़ता था. जिससे समय और दूरी दोनों बड़ी चुनौती बन जाते थे. ऐसे समय में डिमरापाल में ट्रामा सेंटर की शुरुआत बस्तर के स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

डिजाइन में खामियां मिलीं तो छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने GT Design Studio के अनुबंध खत्म करने के दिए निर्देश

रायपुर  छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा निर्माण कार्यों में तकनीकी गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए वास्तुविद फर्म जी.टी. डिज़ाइन स्टूडियो, रायपुर के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है। जिला कोरबा अंतर्गत निर्मित कन्वेंशनल हॉल मे निर्माण के डिटेल डिजाइन में त्रुटि एवं प्रस्ताव में तकनीकी कमियां पाए जाने के बाद फर्म के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई है  उक्त प्रकरण में मंडल द्वारा फर्म को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। फर्म द्वारा प्रस्तुत पालन प्रतिवेदन/स्पष्टीकरण का अपर आयुक्त द्वारा परीक्षण किए जाने के पश्चात उसे संतोषजनक नहीं पाया गया।  इसी क्रम में मंडल द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं कि जी.टी. डिज़ाइन स्टूडियो, रायपुर द्वारा वर्तमान में विभिन्न संभागों के अंतर्गत जिन योजनाओं में वास्तुविद संबंधी कार्य किए जा रहे हैं, उन सभी योजनाओं में फर्म के अनुबंध समाप्त करने की आवश्यक कार्रवाई नियमानुसार की जाए।  फर्म से संबंधित योजनाओं के अनुबंध समाप्त किए जाने के निर्देश दिए गए हैं रिडेवलपमेंट योजना, कैलाश नगर, राजनांदगांव, रिडेवलपमेंट योजना, रामानुजगंज, जिला बलरामपुर, आवासीय योजना, कबीर नगर फेस-02 (05 एकड़ भूमि), अटल विहार योजना, बंधी, जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। संबंधित योजनाओं के कार्यपालन अभियंताओं को निर्देशित किया गया है कि जी.टी. डिज़ाइन स्टूडियो, रायपुर को लिखित रूप से सूचित करते हुए संबंधित योजनाओं के अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही, अनुबंध समाप्ति के पश्चात उक्त योजनाओं में फर्म द्वारा किसी भी प्रकार का आगामी कार्य नहीं किया जाएगा तथा नियमानुसार किसी भी प्रकार के दावे के भुगतान की कार्रवाई नहीं की जाएगी। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा गत दिनों वास्तुविदों की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में निर्माण कार्यों में तकनीकी गुणवत्ता, डिजाइन की शुद्धता एवं सुरक्षा मानकों के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही, निर्माण कार्यों में डिजाइन संबंधी त्रुटि पाए जाने पर संबंधित वास्तुविद फर्म की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए थे। मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की योजनाएं आम नागरिकों के हित से सीधे जुड़ी हुई हैं। इन योजनाओं में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप निर्माण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्माण कार्य की शुरुआत से लेकर उसके पूर्ण होने तक डिजाइन, तकनीकी मानकों और गुणवत्ता की जिम्मेदारी से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। वास्तुविद फर्मों एवं संबंधित तकनीकी एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि वे पूरी गंभीरता और विशेषज्ञता के साथ कार्य करें। डिजाइन अथवा तकनीकी स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित फर्म की जवाबदेही तय की जाएगी और नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।   छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने कहा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी शुद्धता और सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। वास्तुविद द्वारा तैयार किए गए डिजाइन एवं तकनीकी प्रस्ताव निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यदि डिजाइन में त्रुटि अथवा तकनीकी लापरवाही के कारण निर्माण कार्य प्रभावित होता है, तो संबंधित फर्म की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंडल द्वारा गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित निर्माण सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है।”  मंडल द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शासकीय योजनाओं में गुणवत्ता एवं सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा तकनीकी मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित एजेंसी/फर्म के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

चार हत्याओं से दहला जयपुर, दूध लिया-चाय बनाई और फिर घर से निकल गया आरोपी

करधनी जयपुर के करधनी इलाके में एक ही घर से चार लाशें मिलने की वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया। गुरुवार रात एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और तीन बेटियों की हत्या कर दी। चारों के सिर और मुंह पर पत्थर से वार किए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वारदात के बाद भी आरोपी सामान्य तरीके से घर में रहा। शुक्रवार सुबह दूध लिया, बुजुर्ग पिता के लिए चाय बनाई और उन्हें चाय पिलाने के बाद घर से निकल गया। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। एक घर में चार मौतें DCP वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस को गोविंद वाटिका स्थित प्लॉट नंबर ए-169 में हत्या की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के अलग-अलग कमरों में चार शव मिले। मृतकों की पहचान गीता झा और उनकी बेटियों नंदनी (23), राधिका (18) और गौरी (14) के रूप में हुई है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर भी बरामद कर लिया है। अलग-अलग कमरों में मिलीं लाशें पुलिस के मुताबिक गीता झा का शव मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में मिला। वहीं तीनों बेटियों के शव ग्राउंड फ्लोर के दो अलग-अलग कमरों में मिले। शवों की स्थिति और घर में मिले साक्ष्यों के आधार पर आशंका है कि हत्या रात में की गई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने पत्नी और बेटियों को किस क्रम में और कैसे निशाना बनाया। सुबह दूध लिया, फिर पिता को चाय पिलाई इस हत्याकांड का सबसे हैरान करने वाला पहलू आरोपी राहुल का वारदात के बाद का व्यवहार है। पुलिस के अनुसार राहुल ने शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे दूध वाले से दूध लिया। इसके बाद उसने अपने बुजुर्ग पिता लक्ष्मीनाथ झा के लिए चाय बनाई और उन्हें पिलाई। पिता को उस वक्त घर में हुई चार हत्याओं की जानकारी नहीं थी। चाय पिलाने और तैयार होने के बाद राहुल घर से निकल गया। इसके बाद से वह फरार है। पिता को खून देखकर हुआ शक राहुल के पिता ने बताया कि सुबह उठने के बाद बेटे ने उन्हें चाय बनाकर दी थी। इसके बाद राहुल तैयार होकर चला गया। बाद में जब घर के कमरों में खून दिखाई दिया तो उन्होंने पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। पिता का कहना है कि घर में कौन आया और क्या हुआ, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। शेयर ट्रेडिंग करता था राहुल पड़ोसियों के मुताबिक राहुल झा शेयर ट्रेडिंग का काम करता था। उसकी पत्नी गीता झा घर की पहली मंजिल पर ही बुटीक चलाती थी। तीनों बेटियां पढ़ाई कर रही थीं। बड़ी बेटी नंदनी पढ़ाई के साथ प्राइवेट जॉब भी करती थी। राहुल करीब तीन दिन पहले ही गुजरात से जयपुर लौटा था। तीन दिन पहले मांगे थे 50 हजार पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने बताया कि राहुल ने तीन दिन पहले उससे 50 हजार रुपए उधार मांगे थे। महिला के मुताबिक उसने राहुल को 25 हजार रुपए दिए थे। पुलिस अब परिवार की आर्थिक स्थिति और राहुल के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जानकारी जुटा रही है। छह साल पहले खरीदा था मकान परिवार जिस मकान में रहता था, उसे राहुल ने करीब छह साल पहले खरीदा था। इसी मकान की पहली मंजिल पर गीता बुटीक चलाती थीं। शुक्रवार को वारदात सामने आने के बाद घर के बाहर रिश्तेदारों और पड़ोसियों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने पूरे इलाके में घेराबंदी कर घर में किसी के प्रवेश पर रोक लगा दी। तीन दिन पहले साथ बैठकर खाया था खाना राहुल के भाई संजय कुमार झा और भतीजे राज ने बताया कि पति-पत्नी के बीच किसी विवाद की जानकारी उन्हें नहीं थी। उनके मुताबिक राहुल तीन दिन पहले ही घर आया था और उस दौरान परिवार के सभी लोगों ने साथ बैठकर खाना भी खाया था। उस समय किसी तरह का विवाद या तनाव महसूस नहीं हुआ था। अब हत्या की वजह और फरारी की जांच चार लोगों की हत्या के बाद राहुल के अचानक फरार होने से पुलिस की जांच उसके संभावित ठिकानों और हत्या के कारण पर केंद्रित है। पुलिस घर से मिले साक्ष्यों, परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ के आधार पर पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि राहुल ने अपनी पत्नी और तीन बेटियों की जान ले ली और फिर सुबह अपने पिता को चाय पिलाकर घर से निकल गया।  

मस्जिद ध्वस्तीकरण पर यूपी सरकार से जवाब तलब, हाईकोर्ट ने 12 अक्टूबर तक टाली सुनवाई

 सहारनपुर यूपी के सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर दाखिल याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से जवाबी हलफनामा मांगा। यूपी सरकार को जवाबी हलफनामा देने के लिए समय दिया गया। ​न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने सरकार को जवाब दाखिल करने का समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर तय की है। वहीं, हाईकोर्ट ने अगली तारीख तक छह करोड़ रुपये से अधिक के जुर्माने की मस्जिद कमेटी से वसूली के सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर रोक लगा दी है। गौरतलब हो कि हाईकोर्ट में मस्जिद कमेटी प्रबंधन की ओर से मुतवल्ली तनवीर अहमद ने मंगलवार को याचिका दाखिल की थी। याचिका में प्रशासन की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी। मामले में सरकार को विपक्षी बनाया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रशासन ने शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को बिना नोटिस और सक्षम आदेश के ध्वस्त कर दिया। याचिका में वर्शिप एक्ट के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा बिजली का बिल स्वीकार नहीं करने, गवाहों की पूरी गवाही नहीं कराने और फाइल को बहस में लगाकर अंतिम निर्णय किए जाने समेत प्रक्रिया से जुड़े कई बिंदुओं को चुनौती का आधार बनाया गया है। याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि पब्लिक प्रिमाइसेज (एविक्शन ऑफ अनऑथराइज्ड ऑक्यूपेंट्स) एक्ट यानी पीपी एक्ट के तहत कार्रवाई से पहले वादी पक्ष को अपना स्वामित्व साबित करना होता है।मस्जिद कमेटी का आरोप है कि सरकार और प्रशासन की ओर से इस संबंध में पर्याप्त आधार प्रस्तुत नहीं किया गया। मस्जिद कमेटी का कहना है कि मामले में न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित कानूनी प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए था। उल्लेखनीय है कि सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 16 जुलाई 2026 को मस्जिद को अवैध करार देते हुए मस्जिद प्रबंधन पर 6.41 करोड़ रुपये का अर्थदंड लगाया था। मस्जिद कमेटी की ओर से दाखिल याचिका में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के साथ उस प्रक्रिया को भी चुनौती दी गई है, जिसके आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई की। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मस्जिद को ध्वस्त करने से पहले संबंधित पक्ष को नोटिस नहीं दिया गया और न ही ऐसा आदेश दिखाया गया, जिसके आधार पर तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सके। कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण के मामले में शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मस्जिद प्रबंधन की ओर से दाखिल रिट कॉज लिस्ट में 35वें नंबर पर सूचीबद्ध रहा। मामले की सुनवाई कोर्ट नंबर-9 में हुई। सुनवाई को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रहा। मस्जिद प्रबंधन की अपील जिला जज की अदालत में भी खारिज हो गई थी। इसके बाद मुतव्वली की ओर से आठ सितंबर को हाईकोर्ट में रिट दाखिल की गई, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई है।

बिहार में बढ़ता बाढ़ का दायरा, 15 जिलों के 47 लाख लोग प्रभावित; राहत-बचाव कार्य तेज

पटना बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ने के साथ प्रभावित आबादी का आंकड़ा 47 लाख के पार पहुंच गया है। राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों और 561 पंचायतों में 47 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इस बीच प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के साथ खाद्यान्न, पशु चारा, दवा एवं अन्य जरूरी सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने की चुनौती बढ़ती जा रही है। गंगा, गंडक, कोसी एवं सोन के कारण परेशानी बरकरार है। बाढ़ प्रभावितों के लिए सामुदायिक रसोई की संख्या बढ़ाकर 1194 कर दी गई है। इन रसोइयों के माध्यम से करीब 52 लाख लोगों को दो समय का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार की ओर से जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी प्रभावित परिवार को भोजन की कमी नहीं होनी चाहिए। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) की संख्या और बढ़ाने को भी कहा गया है। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था पर बल बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में पशुधन भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में हरा और सूखा चारा उपलब्ध कराने के साथ पशुओं के लिए आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की जा रही है। डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में चारा आपूर्ति की लगातार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पशुओं में संक्रमण और बीमारी की आशंका को देखते हुए पशु चिकित्सा दलों को भी सक्रिय करने में निगरानी करने को कहा गया है। दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने, प्रभावित आबादी के बीच चिकित्सा दल भेजने और बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। जलजमाव वाले क्षेत्रों में डायरिया, बुखार, त्वचा रोग और अन्य जलजनित बीमारियों को लेकर विशेष निगरानी की जा रही है। राहत सामग्री की आपूर्ति पर नजर सरकार ने प्रभावित परिवारों तक राशन और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था को भी मजबूत करने का निर्देश दिया है। जिन इलाकों में सड़क संपर्क बाधित है, वहां नाव समेत अन्य माध्यमों से राहत सामग्री पहुंचाने पर बल है। जिला प्रशासन को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए राहत कार्यों में तेजी लाने को कहा गया है। बाढ़ प्रभावित जिले बक्सर, भोजपुर, पटना, वैशाली, सारण, बेगूसराय, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, भागलपुर, मधेपुरा, समस्तीपुर एवं अरवल है।

फतेहपुर में नेटवर्क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने टावर टेक्नीशियन को बनाया बंधक, 5 हिरासत में

फहतेपुर फतेहपुर जिले में बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव में नेटवर्क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार शाम एक टावर कर्मी को टावर परिसर में ही खंभे से बांधकर बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, ‘हिन्दुस्तान ’ इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। हरदौली गांव में करीब दो साल पहले एक टेलीकॉम कंपनी का टावर लगाया गया था। टावर शुरू होने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि मोबाइल नेटवर्क की समस्या दूर हो जाएगी। इसके बावजूद पिछले कुछ महीनों से गांव में नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। महीनों से नेटवर्क नहीं आने से ग्रामीण परेशान ग्रामीणों के मुताबिक, न तो ठीक से कॉल हो पा रही है और न ही इंटरनेट चल रहा है। लंबे समय से समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा गुरुवार शाम फूट पड़ा। इसी दौरान टावर कर्मी के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और टावर परिसर में खंभे से बांधकर बंधक बना लिया। कोतवाल शैलेष सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। टेलीकॉम कर्मी को टावर से बांध दिया बताया जा रहा है कि नेटवर्क नहीं आने से नाराज ग्रामीणों ने टावर की देखरेख के लिए गांव पहुंचे टेलीकॉम कर्मी को पकड़कर टावर में ही बांध दिया। ग्रामीणों ने कर्मी से कहा कि जब तक अधिकारी मौके पर नहीं आएंगे, उसे नहीं छोड़ा जाएगा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और बंधक बनाए गए कर्मी को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाकर थाने ले गई। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू की। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि बिंदकी के एक गांव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें टावर टेक्नीशियन को लोगों ने बंधक बना रखा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 5G नेटवर्क नहीं मिलने से नाराज होकर ग्रामीणों ने यह कदम उठाया। मामले में केस दर्ज कर पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना के दौरान मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। इस बीच पूरे मामले का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।

चंडीगढ़ में मानसून की विदाई, अब सुहाने मौसम में घूमने का मिलेगा भरपूर मजा

चंडीगढ़. सड़कों के किनारे पेड़ों की वजह से हरियाली, चौक-चौराहे एक जैसे और स्मूथली ट्रैफिक मैनेजमेंट। चंडीगढ़ यानी स्मार्टसिटी में प्रवेश करते ही एक अलग तरह का अहसास होता है। सितंबर महीने में इस शहर में काफी कुछ बदला-बदला सा नजर आता है। शहर के मुख्य पर्यटन स्थल अपने सबसे खूबसूरत रूप में होते हैं। यह महीना मानसून की विदाई का होता है। वर्षा की वजह से इस समय पूरा शहर बारिश के बाद हरी-भरी चादर ओढ़ लेता है, जिससे आउटडोर एक्टिविटीज और घूमने का मजा दोगुना हो जाता है। टेम्प्रेचर 23 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की वजह से मौसम सुहावना होता है। मौसम अच्छा होने के कारण सेक्टर 17 की ओपन-एयर मार्केट में शाम बिताना, स्ट्रीट फूड का लुत्फ उठाना और लाइव म्यूजिकल फाउंटेन देखना बेहद सुखद होता है। इनडोर शॉपिंग के लिए आप एलांते मॉल भी जा सकते हैं। इस महीने ट्राईसिटी का एंटरटेनमेंट कैलेंडर भी लाइव म्यूजिक, कॉमेडी और लाइफस्टाइल प्रदर्शनियों से भरा हुआ है। यदि आपको होम डेकोर और आर्किटेक्चर में रुचि है, तो 25 सितंबर से सेक्टर-15 के परेड ग्राउंड में सबसे बड़ा इंटीरियर शो शुरू हो रहा है। त्योहारों और शादियों के सीजन की खरीदारी के लिए 12 से 14 सितंबर तक सेक्टर-35 स्थित किसान भवन में वेडिंग लाइफस्टाइल और होम डेकोर एग्जीबिशन का आयोजन किया जा रहा है। सुखना लेक: मानसून के बाद झील पानी से पूरी तरह भरी होती है। सुबह और शाम के समय सुहावनी हवाओं के बीच बोटिंग (शिकारा राइड) करना और शिवालिक की पहाड़ियों का नजारा देखना इस महीने सबसे खास अनुभव है। रॉक गार्डन: वेस्ट मटेरियल से बनी नेकचंद की जादुई दुनिया सितंबर की हल्की धूप और खिले मौसम में फोटोग्राफी के लिए बिल्कुल सटीक है। यहां के मानव निर्मित झरने इस समय पूरे वेग से बहते हैं। रोज गार्डन और लेजर वैली: एशिया का सबसे बड़ा जाकिर हुसैन रोज़ गार्डन और लेजर वैली बारिश के बाद पूरी तरह हरे-भरे हो जाते हैं, जो शांतिपूर्ण वॉक और पिकनिक के लिए बेहतरीन हैं।

जगदलपुर में पर्यावरण संरक्षण की पहल, नेशनल हाईवे किनारे लगाए जाएंगे 2700 पौधे

जगदलपुर. जगदलपुर में अब राष्ट्रीय राजमार्ग का किनारा सिर्फ आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि शहर की हरियाली की नई पहचान बनेगा। लालबाग के पास करीब 3 हजार मीटर लंबे हिस्से में 2700 पौधे रोपकर ग्रीन बेल्ट तैयार करने की शुरुआत की गई। नगर निगम, वन विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने संयुक्त रूप से यह अभियान चलाया। टेकोमा, बोगनवेलिया और कनेर जैसी प्रजातियों का चयन सड़क किनारे की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए किया गया है। इससे शहर के प्रवेश मार्ग को आकर्षक बनाने के साथ सड़क सुरक्षा में भी मदद मिलने की उम्मीद है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि हरियाली बढ़ाने के साथ शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना भी सामूहिक जिम्मेदारी है। वन मंत्री केदार कश्यप ने व्यापक पौधरोपण को ग्लोबल वार्मिंग से मुकाबले का प्रभावी माध्यम बताया। महापौर संजय पांडे ने ‘ग्रीन बस्तर, क्लीन बस्तर’ की अवधारणा के तहत शहर को नया स्वरूप देने की बात कही। 

2030 के अंत तक प्रदेश के 75 प्रतिशत गांवों तक बसें पहुंचाना हमारा लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का मंगल आरंभ 25 सितंबर से: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 2030 के अंत तक प्रदेश के 75 प्रतिशत गांवों तक बसें पहुंचाना हमारा लक्ष्य देश की फाईनेस्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट मॉडल बनेगी मप्र की सुगम बस सेवा आधुनिक, सुरक्षित, भरोसेमंद, ग्रीन एंड डिजिटल मोबिलिटी वाली बस सेवा बनेगी प्रदेश की पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 का किया शुभारंभ सार्वजनिक परिवहन तक आम नागरिकों की पहुँच को अधिक सुगम बनाने के लिए MPYPIL और Rapido के बीच हुआ एमओयू भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जाएगी सेवा महिलाओं द्वारा संचालित ‘रैपिडो पिंक’ बाइक-टैक्सी सेवा को दिया जायेगा बढ़ावा यात्री परिवहन सेवा में नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज-2026 का किया शुभारंभ स्मार्ट और ग्रीन मोबिलिटी की ओर मध्यप्रदेश के कदम : इंदौर समिट में कनेक्टिविटी और नवाचारों पर हुआ मंथन सार्वजनिक परिवहन के आधुनिकीकरण के लिए पीपीपी, आईटीएमएस और आधुनिक अधोसंरचना पर रहेगा फोकस प्रदेश में सुरक्षित, सुलभ, किफायती और तकनीक-सक्षम सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मिलेगी नई गति मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से मजबूत होगी ग्रामीण, अंतर्जिला और अंतर्राज्यीय बस कनेक्टिविटी इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में इसी महीने 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का मंगल आरंभ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के नागरिकों को सुगम, सरल, सुरक्षित, आधुनिक और भरोसेमंद बस सेवा उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है और इस लक्ष्य की पूर्ति में हम 25 सितम्बर से नया कदम बढ़ाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर का रोड़ नेटवर्क है। यहां 15 हजार से अधिक बसें चलाने का स्कोप है। हमारे नागरिकों के अलावा प्रदेश में हर साल करोड़ों की संख्या में आने वाले पर्यटकों और श्रृद्धालुओं द्वारा भी आवागमन के लिए बस का उपयोग किया जाता है। यह हमारे लिए चुनौती के साथ ही एक बड़ा अवसर भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निजी बस आपरेटर्स, बस निर्माता कंपनियों, इंडस्ट्री पार्टनर्स और स्टेकहोल्डर्स से अपील करते हुए कहा कि बदलते समय में मप्र में बढ़ते अवसरों को पहचाने और प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने के लिए सरकार के साथ जुड़ें। प्रदेश में यात्रियों के हित में एक ऐसा फाईनेस्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट माडल तैयार करें, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बने। मुख्यमंत्री डॉ यादव शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत 'यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 स्मारिका और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पुस्तिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन तक आम नागरिकों की पहुँच को अधिक सुगम बनाने और फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए MPYPIL और Rapido के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर कर आदान-प्रदान किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने MPYPIL की ‘लेट्स क्रिएट ए लोगो’ प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। सासाराम (बिहार) के सुधाकर कुमार को 5 लाख रुपये राशि के प्रथम पुरस्कार, दिल्ली के चयन वोहरा को 2 लाख रुपये के द्वितीय सांत्वना पुरस्कार और भोपाल की सुगौरांगी शर्मा को 1 लाख रुपये राशि के तृतीय सांत्वना पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। प्रदेश में स्मार्ट, सुरक्षित, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार मोबिलिटी इकोसिस्टम के निर्माण में प्रदेश के नागरिकों, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों और नवप्रवर्तकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट का बटन दबाकर 'एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज 2026' का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके पूर्व सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में नवाचारों और आधुनिक तकनीकों पर केंद्रित विशेष प्रदर्शनी का शुभारंभ और अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इंदौर के जनप्रतिनिधियों और बस ट्रांसपोर्ट संचालकों ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में 14 सितंबर को विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी का आगमन होने जा रहा है। स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक ने गणेश स्थापना के माध्यम से देशवासियों को एकजुट किया था। इसी माह 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिवस है। उनके नेतृत्व में पहले गुजरात और अब भारत ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उनकी दूरदर्शी सोच से पूरा भारत गौरवान्वित है। मोदी सर्वाधिक समय तक शासन करने वाले देश के इकलौते नेता हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देशभर से नक्सलवाद की समस्या खत्म हुई है। मध्यप्रदेश लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला देश का पहला राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के दो शहरों भोपाल और इंदौर में मेट्रो दौड़ रही है। हमारे एयरपोर्ट विश्वस्तरीय हो गए हैं। लोक जीवन में लोक परिवहन का विशेष महत्व है। आज से 250 साल पहले देवी अहिल्याबाई ने अपनी दूरदृष्टि सोच के साथ मालवा से लेकर काशी और सनातन संस्कृति के चारों धामों में यात्रियों की सुविधा के लिए सभी तरह के प्रबंध किए थे। इंदौर की धरती से उन्होंने अपने संकल्प को आगे बढ़ाया। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा की शुरुआत से बाजार में अवसर बढ़ेंगे, जो हमें आगे बढ़ने का मौका देंगे। हमारी सरकार ने सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए सुगम परिवहन बस सेवा की योजना तैयार की है। इसमें आधुनिक तकनीक को शामिल करते हुए यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। वहीं, परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के हितों का भी ध्यान रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन से प्रदेश में ई-व्हीकल्स का संचालन प्रारंभ हो रहा है। अब हमारी धरती पर बने इलेक्ट्रिक व्हीकल इंजन देश-दुनिया में सप्लाई हो रहे हैं। आज एक विशेष एमओयू भी किया गया है, जिसके माध्यम से यात्रियों को टू-व्हीलर से सुगम परिवहन बस तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के कार्यकाल में मध्यप्रदेश में सबसे तेज गति से 74 हजार किलोमीटर लंबे राजमार्गों का निर्माण हुआ है। दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर मध्यप्रदेश में 8 लेन होकर गुजरता है। मध्यप्रदेश भारत के मध्य में है। यहां से करीब 6 घंटे में दिल्ली और मुंबई पहुंच सकते हैं। आमजन के लिए सार्वजनिक सेवाओं में लोक परिवहन का खास महत्व है। प्रदेशभर में … Read more

यूपी में 681 सड़कों की बदलेगी सूरत, त्योहारों से पहले गड्ढामुक्त होंगे ये महत्वपूर्ण मार्ग

 लखनऊ यूपी में बारिश और बाढ़ के कारण खराब हुई सड़कों को लेकर योगी सरकार ने अब तेजी से काम करने की तैयारी शुरू कर दी है. आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रदेश के 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं. इन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त और आवागमन के लिए बेहतर बनाया जाएगा।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों को तत्काल ठीक कर मोटरेबल बनाया जाए. उन्होंने साफ कहा कि अभी बरसात पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, इसलिए जहां तत्काल मरम्मत जरूरी है, वहां काम किया जाए और बारिश समाप्त होने के बाद जरूरत के मुताबिक सड़क का स्थायी नवीनीकरण कराया जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गड्ढामुक्ति अभियान सिर्फ गड्ढों में पैचवर्क करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए. सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन करके जरूरत के अनुसार मरम्मत और नवीनीकरण की कार्रवाई की जाए।  त्योहारों से पहले 681 मार्गों पर खास नजर आने वाले दिनों में प्रदेश में लगातार पर्व-त्योहार हैं. गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं. इसी को देखते हुए सरकार ने 681 महत्वपूर्ण मार्गों की पहचान की है. इन मार्गों पर त्योहारों से पहले जरूरी मरम्मत और नवीनीकरण का काम पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है. इन सड़कों पर भीड़ और वाहनों की आवाजाही अधिक रहने की संभावना है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पर्वों के दौरान लोगों को खराब सड़कों के कारण परेशानी नहीं होनी चाहिए।  बारिश अभी जारी, इसलिए दो स्तर पर होगा काम अधिकारियों का कहना है कि सरकार के सामने फिलहाल एक चुनौती यह भी है कि प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश अभी जारी है. ऐसे में किसी सड़क की पूरी तरह स्थायी मरम्मत करना हर जगह संभव नहीं है. इसी वजह से मुख्यमंत्री ने दो स्तर पर काम करने को कहा है. पहले चरण में बारिश से खराब सड़क को तुरंत आवागमन योग्य बनाया जाएगा. जहां गड्ढे हैं या सड़क का हिस्सा टूट गया है, वहां जरूरी मरम्मत की जाएगी. दूसरे चरण में बरसात समाप्त होने के बाद सड़क की स्थिति का दोबारा आकलन किया जाएगा. जहां ज्यादा नुकसान हुआ है, वहां स्थायी नवीनीकरण कराया जाएगा. इससे फिलहाल लोगों को आने-जाने में राहत मिलेगी और बाद में सड़क को स्थायी रूप से बेहतर किया जा सकेगा।  सिर्फ बारिश से ही नहीं टूटीं सड़कें समीक्षा बैठक में यह भी सामने आया कि प्रदेश में सड़कों के खराब होने की वजह केवल बारिश और बाढ़ नहीं है. कई जगह एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और दूसरी निर्माणाधीन परियोजनाओं के चलते भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है. लगातार भारी वाहनों के चलने से भी कई सड़कों को नुकसान पहुंचा है. अब ऐसे मार्गों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है. सर्वे में जिन सड़कों को क्षतिग्रस्त पाया जाएगा, उन्हें चिन्हित करके संबंधित विभाग के लिए गड्ढामुक्ति का लक्ष्य तय किया जाएगा।  9 विभागों की 4.36 लाख किमी सड़कों की समीक्षा बैठक में प्रदेश के नौ विभागों के अधीन आने वाली सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई. अधिकारियों के मुताबिक इन विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें हैं. मौजूदा गड्ढामुक्ति अभियान के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर मार्गों को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. अब तक करीब 5,751 किलोमीटर सड़कों पर गड्ढामुक्ति का काम पूरा होने की जानकारी बैठक में दी गई. बाकी सड़कों पर भी काम चल रहा है. इसके साथ ही बारिश और अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त हुए नए मार्गों का सर्वे पूरा होने के बाद विभागवार लक्ष्य को अंतिम रूप दिया जाएगा।  30 हजार किमी सड़क के नवीनीकरण का लक्ष्य सरकार ने सिर्फ गड्ढे भरने का लक्ष्य नहीं रखा है. जहां सड़क की स्थिति ज्यादा खराब है, वहां नवीनीकरण और विशेष मरम्मत भी कराई जाएगी. बैठक में बताया गया कि करीब 30 हजार किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य रखा गया है. इसमें अब तक करीब 14 हजार किलोमीटर पर काम होने की जानकारी दी गई. इसी तरह करीब 5 हजार किलोमीटर मार्गों पर विशेष मरम्मत का लक्ष्य है. अब तक करीब 700 किलोमीटर पर विशेष मरम्मत का काम पूरा होने की बात कही गई।  स्कूल-अस्पताल वाली सड़कें पहले ठीक होंगी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सड़क सुधार के लिए प्राथमिकता तय करते समय केवल सड़क की लंबाई नहीं देखी जाए, बल्कि वहां लोगों की जरूरत को भी ध्यान में रखा जाए. उन्होंने शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, मुख्य बाजारों, सरकारी कार्यालयों और अधिक आवाजाही वाले स्थानों तक पहुंचने वाली सड़कों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. इसका मतलब साफ है कि जिस सड़क से रोजाना बड़ी संख्या में छात्र, मरीज, कर्मचारी और आम लोग गुजरते हैं, वहां मरम्मत का काम पहले कराया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी से सीधे जुड़ी है. इसलिए इसकी खराब स्थिति का असर सीधे लोगों पर पड़ता है. सड़कों की मरम्मत को लेकर अक्सर गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने काम में तेजी के साथ गुणवत्ता का भी ध्यान रखने को कहा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क की मरम्मत सिर्फ औपचारिकता के लिए न हो. जहां पैचवर्क से काम चल सकता है वहां उसे किया जाए, लेकिन जहां सड़क का व्यापक नवीनीकरण जरूरी है वहां स्थायी समाधान किया जाए. बारिश खत्म होने के बाद सड़कों की वास्तविक स्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।  सभी विभाग मिलकर करेंगे काम सड़कें केवल लोक निर्माण विभाग के अधीन नहीं हैं. अलग-अलग क्षेत्रों में अलग विभागों की सड़कें हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया. बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की कार्ययोजनाओं की भी समीक्षा की गई।