samacharsecretary.com

अमित शाह ने BSF को दिया नया मंत्र, बोले- सीमा से 50 किलोमीटर अंदर तक रखें कड़ी नजर

बीकानेर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बीकानेर के दौरे पर हैं. उन्होंने मंगलवार को बीकानेर के सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया. उन्होंने बीएसएफ के जवानों से बातचीत में कहा कि बीएसएफ को अपनी परंपरागत ड्यूटी से आगे बढ़कर नए सुरक्षा आयामों पर काम करना होगा।  गृहमंत्री अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ की सांचू पोस्ट पहुंचकर प्रहरी सम्मेलन को संबोधित किया. उन्होंने यहां कहा कि पचास किलोमीटर तक असामान्य गतिविधियों पर नजर रखें. बीएसएफ की जिम्मेदारी है कि सीमा से लगे 50 किलोमीटर के गांवों में होने वाले किसी भी अवैध निर्माण की जानकारी सिविल प्रशासन और पुलिस को दें।  शाह ने बीकानेर में महिला बैरकों के ई-उद्घाटन के दौरान कहा कि सीमा पर निगरानी पर्याप्त नहीं है बल्कि सीमा से पचास किलोमीटर तक की क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा कि अगर सीमावर्ती गांवों की आबादी में अस्वाभाविक बदलाव दिखे तो राज्य सरकार को तुरंत सतर्क किया जाए. गृहमंत्री ने ड्रोन के जरिए हो रही हथियार और नारकोटिक्स तस्करी को बड़ा खतरा बताया।  उन्होंने कहा कि भारत सरकार अगले छह महीने में ड्रोन रोधी सिस्टम लगाने की शुरुआत करेगी. शाह ने कहा कि ड्रोन भारत की जमीन पर उतरता है, उसे कौन रिसीव करता है और सामग्री का इस्तेमाल कौन करता है. इस पर हमारी पैनी नजर होनी चाहिए।  फोर लेयर सिक्योरिटी ग्रिड पर जोर अमित शाह ने कहा कि बीएसएफ, सेना, नागरिकों और राज्य सरकार मिलकर फोर लेयर सुरक्षा ग्रिड तैयार करेंगे. इसे सिर्फ फोर लेयर सिक्योरिटी नहीं, बल्कि साझा जिम्मेदारी वाला सुरक्षा मॉडल माना जाना चाहिए।  शाह ने कहा कि सीमा पार से पैदा होने वाले खतरों के साथ-साथ देश के अंदर मौजूद उन तत्वों पर भी नजर रखनी होगी जिनका इस्तेमाल दुश्मन ताकतें करती हैं।  गृहमंत्री ने बताया कि हाल ही में उन्होंने बिहार के सीमांचल क्षेत्र में इसी विषय पर बैठक की थी. उन्होंने कहा कि अब कच्छ बॉर्डर, त्रिपुरा बॉर्डर और पश्चिम बंगाल में भी ऐसी संयुक्त बैठकें होंगी. जिन सीमाओं की सुरक्षा बीएसएफ करती है, वहां इस चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करना सरकार का लक्ष्य है. हमला होने के बाद जवाब देने की नौबत नहीं आनी चाहिए।  अमित शाह ने कहा कि 2014 के बाद भारत की सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव आया है और सेना व बीएसएफ का तेजी से आधुनिकीकरण किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जहां-जहां आतंकियों ने बड़े हमले करने की कोशिश की, वहां भारत ने पूरी कठोरता से जवाब दिया है. स्थिति ऐसी नहीं होनी चाहिए कि हमला होने के बाद जवाब देना पड़े. हमारी जिम्मेदारी ऐसी मजबूत सीमाएं बनाना है कि दुश्मन हमला करने की हिम्मत ही न कर सके। 

प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के कार्यकाल पर CM डॉ. यादव का बधाई संदेश

प्रधानमंत्री मोदी के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई प्रदेशवासियों की ओर से किया प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देशवासियों की आशा के प्रतीक प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में भारत ने विकास के साथ आत्मनिर्भरता, सुरक्षा, सांस्कृतिक गौरव, डिजिटल क्रांति और वैश्विक नेतृत्व के नए आयाम स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया से गांव-गरीब तक तकनीक की पहुंच सुनिश्चित हुई है। अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा है। राष्ट्र प्रथम की भावना से GYAN मंत्र में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के उत्थान तक, सीमाओं की सुरक्षा से नक्सल व आतंक मुक्त भारत के निर्णायक परिणाम तक, भारत ने अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। आज भारत वैश्विक मंचों पर निर्णायक नेतृत्व कर रहा है और दुनिया भारत को विश्वास, विकास व वैभव के प्रतीक के रूप में देख रही है। 'विकसित भारत @ 2047' के संकल्प को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व राष्ट्र को निरंतर नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में प्रधानमंत्री मोदी का इस अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों की ओर से अभिनंदन किया है।  

CM विष्णुदेव साय की पहल, नक्सल मुक्त जिलों के भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेंगे पक्के भवन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सल मुक्त जिलों के भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को मिलेंगे पक्के भवन महिला एवं बाल विकास विभाग तथा महात्मा गांधी नरेगा के अभिसरण से 506 आंगनबाड़ी भवनों को मिलेगी स्वीकृति बच्चों और माताओं के बेहतर भविष्य के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा हमारी प्राथमिकता – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित एवं अब तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे जिलों में बच्चों और माताओं के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बस्तर संभाग के जिलों में संचालित शेष 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए भवन स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य है कि नक्सल मुक्त घोषित जिलों में कोई भी आंगनबाड़ी भवनविहीन न रहे और प्रत्येक बच्चे तथा माता को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र केवल पोषण वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मातृ स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी व्यवस्था बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल को नई मजबूती प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और स्थानीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर भवन निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव स्तर पर 16 मई 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप बस्तर संभाग की प्रत्येक ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी भवन निर्माण को शासन की प्राथमिकता बताया गया है। इस संबंध में संबंधित जिलों के कलेक्टरों को संयुक्त निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण कराना नहीं, बल्कि ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र विकसित करना है जो बच्चों के सीखने, खेलने और मानसिक विकास के लिए प्रेरक वातावरण तैयार करें। इसी उद्देश्य से भवन निर्माण में “BaLA (Building as Learning Aid)” कॉन्सेप्ट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भवन स्वयं बच्चों के लिए सीखने और समझने का माध्यम बन सके तथा आंगनबाड़ी केन्द्र आकर्षक और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के अनुकूल वातावरण विकसित कर सकें। आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु प्रति भवन 11 लाख 69 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 लाख रुपये, महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत 8 लाख रुपये तथा शेष 1.69 लाख रुपये की राशि जिले में उपलब्ध अन्य स्थानीय संसाधनों जैसे डीएमएफ, सीएसआर अथवा अन्य मदों से उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विभिन्न योजनाओं और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से विकास कार्यों को गति देना राज्य सरकार की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मांग आधारित प्रक्रिया के अंतर्गत भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जाए और मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और जनसुविधाओं के विस्तार के साथ अब बच्चों और महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाले सामाजिक ढांचे को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत आंगनबाड़ी अवसंरचना गांवों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छोटे बच्चों का प्रारंभिक विकास ही भविष्य के सशक्त समाज की नींव तैयार करता है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा का जो आधार मिलता है, वही आगे चलकर उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बेहतर भवन, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं बच्चों में आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को नई दिशा देंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि विभागों के समन्वित प्रयास, जिला प्रशासन की सक्रियता तथा स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग से बस्तर संभाग के सभी भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को शीघ्र पक्के भवन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल मातृ एवं शिशु कल्याण को नई मजबूती देने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, विश्वास और सुशासन के नए अध्याय को भी मजबूत करेगी।

ट्विशा केस में बड़ा खुलासा, शादी में लिए गए थे 20 लाख रुपए; CBI ने पति और सास पर कसा शिकंजा

भोपाल  ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई की एंट्री हो गई है। सीबीआई अधिकारियों की पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ कटारा हिल्स थाने में नई एफआईआर भी दर्ज की है। केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में पहले दर्ज FIR को री-रजिस्टर किया। इसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर में दहेज हत्या, दहेज मांगने और साजिश रचने की धाराएं लगी हैं। इधर पुलिस जांच में भी बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें 20 लाख रुपए मांगने की बात सामने आई। बता दें कि भाई हर्षित शर्मा और पिता नवनिधि शर्मा शुरु से ही इसे दहेज हत्या का केस बता रहे हैं। आरोपी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह केस में बुरी फंस गईं हैं, उनकी अग्रिम जमानत रद्द करवाने दायर याचिकाओं पर सोमवार को मप्र हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। गिरिबाला की ओर से जवाब देने के लिए समय मांगा गया। इस पर जस्टिस देवनारायण मिश्रा की सिंगल बेंच ने अगली सुनवाई 27 मई को दोपहर 2.30 बजे तय की है। जांच एजेंसी ने इन धाराओं में दर्ज किया केस सीबीआई ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है. साथ ही दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 भी लगाई गई हैं. 25 मई 2026 की रात सीबीआई ने एफआईआर नंबर RC0522026S0004 दर्ज किया।  12 मई को ससुराल में मिला था ट्विशा का शव मॉडल ट्विशा शर्मा की 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. उसका शव उसके ससुराल में पाया गया था. पहले पोस्टमार्टम में मौत का प्रारंभिक कारण खुदखुशी बताया गया था. परिजनों ने मृतका के पति समर्थ और उसकी मां पूर्व जज गिरिबाला पर ट्विशा को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं. शुरुआती जांच में सामने आया कि उनकी मौत फांसी लगाने से हुई. हालांकि शरीर पर चोट के निशान भी मिले, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए।  3 घंटे चला ट्विशा के शव का सेकंड पोस्टमार्टम ट्विशा शर्मा के शव का करीब तीन घंटे तक सेकंड पोस्टमार्टम चला. परिजन की मांग पर दिल्ली एम्स की डॉक्टरों की टीम ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद सेकंड पोस्टमार्टम किया. एम्स दिल्ली से आई मेडिकल विशेषज्ञों की टीम पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद जरूरी साक्ष्य अपने साथ लेकर वापस रवाना हो गई. इसके बाद ट्वीशा शर्मा का शव परिजनों को सौंपा गया. अस्पताल परिसर में भी मातम पसरा रहा और हर आंख नम दिखाई दी. एक हंसती-मुस्कुराती बेटी की विदाई ने पूरे शहर को गमगीन कर दिया।  सेलिना जेटली का ट्विशा शर्मा पर पोस्ट पिछले साल नवंबर में, सेलिना ने अपने पति पीटर हाग के खिलाफ घरेलू हिंसा, क्रूरता और छल का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया और मुआवजे के तौर पर 50 करोड़ रुपये की मांग की थी. उन्होंने अपने दोनों बेटों विंस्टन और विराज से दूर रहने के कारण होने वाली भावनात्मक उथल-पुथल के बारे में भी खुलकर बात की है।  अपने नोट में, सेलिना ने शर्मा को एक शिक्षित, प्रतिभाशाली युवती के रूप में वर्णित किया, जिसका जीवन दुर्व्यवहार, अलगाव, भावनात्मक पीड़ा और बंद दरवाजों के पीछे हिंसा से घिरा हुआ था।  उन्होंने इस मामले को लेकर चल रही सार्वजनिक चर्चा का भी जिक्र करते हुए लिखा, 'और जबकि उनकी अस्थियां अभी ठंडी भी नहीं हुई हैं, जबकि उनका शोक संतप्त परिवार अपनी बेटी के लिए जवाब, पोस्टमार्टम और न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं पौधों को पानी न दिए जाने को लेकर हो रही बातचीत ने इस त्रासदी को अपनी आंखों के सामने घटते देख रहे कई लोगों को परेशान कर दिया है' . उन्होंने कहा कि यह मामला दुर्व्यवहार की भयावह सच्चाई को दर्शाता है, जहां महिलाओं की पीड़ा इतनी सामान्य हो जाती है कि धीरे-धीरे उनके आसपास के लोगों के लिए उनका दर्द मायने रखना बंद कर देता है।  उन्होंने आगे कहा, 'शादी हमेशा खुशहाल अंत नहीं होता' और बताया कि हिंसा का सबसे अकेलापन भरा रूप कभी-कभी वह होता है जिसे कोई नहीं देखता. उन्होंने लिखा कि दुर्व्यवहार केवल चोटों तक सीमित नहीं है, बल्कि कभी-कभी यह अलगाव, धीरे-धीरे अपनी दुनिया से अलग हो जाने, बिना परिवार या सहारे के किसी अनजान जगह पर रहने, समस्या की जड़ महसूस करने, या बंद दरवाजों के पीछे अपमान सहने का रूप ले लेता है, जबकि दुनिया मानती है कि जीवन सुंदर है।  सेलिना ने अपनी स्थिति के बारे में भी बात की. उन्होंने लिखा, 'मेरे मामले में, मेरे माता-पिता पहले ही गुजर चुके थे, मैं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं थी, और सबसे बढ़कर, मेरे तीन छोटे बच्चे थे।  अभिनेत्री ने कहा कि वह जरूरत से ज्यादा समय तक वहां रहीं क्योंकि उनका मानना ​​था कि परिवार को एक साथ रखना ही सही था और वह नहीं चाहती थीं कि उनके बच्चों को कष्ट सहना पड़े।  उसने बताया कि उसके पास सहारा देने वाला कोई नहीं था और उसे यह स्वीकार करने में शर्म आती थी कि वह कितनी अकेली हो गई है और उसने आगे कहा कि समय के साथ अकेलापन गहराता जाता है, दीवारें खामोश और भारी होती जाती हैं, और दिन धुंधले होते जाते हैं जब तक कि व्यक्ति अपनी ही वास्तविकता पर संदेह करने लगता है।  अपने नोट के अंत में उन्होंने लिखा, 'आप खुद को यह समझाने लगते हैं कि जीवित रहना ही जीना है'. आगे कहा, 'ट्विशा शर्मा के परिवार और बंद दरवाजों के पीछे पीड़ा सहने वाली हर महिला के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. माता-पिता, दोस्तों और परिवार वालों, अगर आपकी बेटी आपसे संपर्क करे, तो उसे वापस ले आइए'. एक्ट्रेस ने नोट के आखिरी में लिखा, उन्हें अपनी बेटी को बर्बाद करने नहीं देना चाहिए।     

शक के चलते सनसनीखेज वारदात, पत्नी ने पति पर किया जानलेवा हमला

 बिलासपुर  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अवैध संबंध के शक और घरेलू विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया. चकरभाठा थाना क्षेत्र में पत्नी ने अपने पति पर हंसिए से हमला कर उसका प्राइवेट पार्ट काट दिया. गंभीर हालत में पति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो इस खतरनाक वारदात में बदल गया।  शराब के नशे में घर लौटा था पति प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल युवक राजेश कौशिक राजमिस्त्री का काम करता है, उसका अपनी पत्नी द्रौपती बाई के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था,पत्नी को शक था कि उसके पति का किसी दूसरी महिला के साथ संबंध है, जिसे लेकर दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते थे,बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात भी पति शराब के नशे में घर पहुंचा,खाना खाने के बाद वह सो गया,लेकिन देर रात करीब 1 बजे पति-पत्नी के बीच फिर विवाद शुरू हो गया।  गुस्से में पत्नी ने किया हमला विवाद बढ़ने पर पत्नी द्रौपती बाई ने गुस्से में हंसिया उठा लिया और नशे में सोए पति पर हमला कर दिया, इस दौरान उसने पति का प्राइवेट पार्ट काट दिया,हमला होते ही राजेश खून से लथपथ हालत में कमरे से बाहर भागा और चीखने लगा,घटना देखकर घर में मौजूद नाबालिग बेटे ने अपनी बुआ को इसकी जानकारी दी,इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।  कटे अंग को लेकर पहुंचे अस्पताल परिजन घायल राजेश और उसके कटे हुए अंग को लेकर सिम्स अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उसका इलाज शुरू किया,डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।  घरेलू हिंसा से परेशान थी पत्नी पुलिस पूछताछ में आरोपी पत्नी ने बताया कि उसका पति शराब पीने का आदी था और अक्सर छोटी-छोटी बातों पर मारपीट करता था,लंबे समय से घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।  पुलिस कर रही मामले की जांच सिटी ASP पंकज पटेल ने बताया कि पुलिस ने आरोपी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है,शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद और पति के अफेयर के शक को घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है,पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। 

सरकार ने बदली बकरीद अवकाश की तारीख, 28 मई को मिलेगी छुट्टी

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने ईद-उल-जुहा (बकरीद) के अवसर पर घोषित सार्वजनिक अवकाश की तारीख में संशोधन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पहले बकरीद के लिए 27 मई बुधवार को अवकाश घोषित किया गया था, जिसे बदलकर अब 28 मई गुरुवार कर दिया गया है। जारी अधिसूचना में कहा गया है कि विभाग की पूर्व अधिसूचना क्रमांक GENS-1001/86/2025-GAD-5 06 नवंबर 2025 में वर्ष 2026 के लिए घोषित सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाशों की सूची में बकरीद के लिए 27 मई का अवकाश निर्धारित था। अब राज्य शासन ने आंशिक संशोधन करते हुए 28 मई 2026 को सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया है। इस निर्णय के बाद राज्य के सभी शासकीय कार्यालय, स्कूल-कॉलेज और अन्य सरकारी संस्थान 28 मई को बंद रहेंगे।

निकाय चुनाव में पंजाब में तेज वोटिंग, अब तक 45.60 फीसदी मतदान दर्ज

लुधियाना. पंजाब में 8 नगर निगमों, 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के चुनावों के लिए मतदान का काम सुबह 8 बजे से जारी है। दोपहर 2 बजे तक राज्य भर में 45.60 % वोटिंग हुई है। भीषण गर्मी के बीच मतदाता पोलिंग बूथ पर अपने वोट का इस्तेमाल करने के लिए पहुंच रहे हैं। इन चुनावों में राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ कुल 7,555 उम्मीदवार चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। रूपनगर में दोपहर 2 बजे तक 48.39% हुई वोटिंग श्री आनंदपुर साहिब: 59.52% मोरिंडा: 48.61% नंगल: 44.80% रूपनगर: 45.10% श्री चमकौर साहिब: 53.20% कीरतपुर साहिब: 69.36% जिला लुधियाना के रायकोट में कांग्रेस उम्मदीवर जगदेव सिंह जग्गा पर बूथ में जानलेवा हमला हो गया। हालत गंभीर होने के लचते PGI रेफर कर दिया गया है। जग्गा के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। बरनाला नगर निगम चुनावों के लिए आज 48 वार्डों में मतदान शुरू हो गया है। शहर के 50 वार्डों में से 48 वार्डों में वोटिंग हो रही है, जबकि 2 वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। इस बार चुनाव EVM की बजाय बैलेट पेपर के जरिए करवाए जा रहे हैं। 48 वार्डों में 95 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जहां 84,858 मतदाता 177 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। समराला म्युनिसिपल काउंसिल चुनाव समराला में 15 में से 12 वार्ड के लिए वोटिंग जारी है। शहर के 3 वार्ड 1, 4 और 12 में सभी विरोधी उम्मीदवारों के नॉमिनेशन कैंसिल होने की वजह से AAP उम्मीदवार बिना चुनाव लड़े ही यहां से जीत चुके हैं। समराला में म्युनिसिपल काउंसिल चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए समराला के कुल 12 वार्ड में वोटिंग होगी, जहां 8,792 पुरुष वोटर, 8,372 महिला वोटर और तीन अन्य समेत कुल 17,167 वोटर चुनाव में हिस्सा लेंगे। नगर परिषद चुनाव के लिए शुरू हुई वोटिंग में आसानी से, शांति से और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने के लिए पूरे इंतज़ाम किए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पोलिंग स्टेशनों और संवेदनशील जगहों पर काफ़ी सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं। किस पार्टी के कितने उम्मीदवार इन चुनावों में कुल 7,555 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें ‘आप’ के 1,802 उम्मीदवार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1,550, शिरोमणि अकाली दल के 1,251, भाजपा के 1,316, बसपा के 96 और 1,528 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं, जबकि 13 उम्मीदवार अन्य पार्टियों से संबंध रखते हैं। इस संबंध में पंजाब सरकार ने 26 मई को सभी सरकारी दफ्तरों, शैक्षणिक संस्थानों और अदालतों में छुट्टी घोषित की है। वहीं पंजीकृत दुकानों और व्यावसायिक संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए विशेष छूट दी गई है।

MP Locker App बना नागरिक सेवाओं का आसान माध्यम, दस्तावेज अब डिजिटल रूप में सुरक्षित

एमपी लॉकर ऐप: नागरिक सेवाओं का सुगम माध्यम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित स्वचालित दस्तावेज़ खोज और वैधता समाप्ति अलर्ट जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हुआ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नागरिक सेवाओं के लोक-कल्याणकारी एवं डिजिटल रूपांतरण की दिशा में एक युगांतरकारी नवाचार करते हुए एमपी लॉकर ऐप को राज्य स्तरीय डिजिटल दस्तावेज़ प्लेटफ़ॉर्म के रूप में स्थापित किया गया है। यह प्रयास "डिजिटल गवर्नेंस" एवं "पेपर लेस एडमिनिस्ट्रेशन" के संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार की एक उल्लेखनीय और अभूतपूर्व उपलब्धि बनकर उभरा है। इससे प्रदेश के नागरिकों को अपने महत्वपूर्ण शासकीय अभिलेखों व प्रमाण-पत्रों को सुरक्षित रखने के लिए डिजिटल कवच प्राप्त हुआ है। यह ऐप गुगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। दस्तावेज़ों का सुरक्षित संचयन एवं सर्वसुलभ उपलब्धता एमपी लॉकर ऐप से राज्य के नागरिक अपने महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज़ों- जैसे विभिन्न प्रमाण-पत्र, अनुज्ञप्ति (लाइसेंस), अनापत्ति प्रमाण-पत्र कर रसीदें एवं अन्य विधिक प्रलेखों को कभी भी और कहीं से भी सुरक्षित रूप से प्राप्त, संचयित एवं साझा कर सकते हैं। वर्तमान में इस अत्याधुनिक प्लेटफ़ॉर्म पर eNP, ABPAS एवं भोपाल नगर निगम से संबंधित 22 से अधिक नागरिक केंद्रित सेवाएँ सुगमता से उपलब्ध हैं। इनमें मुख्य रूप से संपत्ति कर रसीद, जल कर रसीद, व्यापार अनुज्ञप्ति (ट्रेड लाइसेंस), अग्नि सुरक्षा प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र, भवन अनुज्ञा (बिल्डिंग परमिशन) तथा संपत्ति नामांतरण जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण सेवाएँ समाहित हैं। नवाचार के मुख्य आकर्षण: एआई क्षमताएं और 'वैधता समाप्ति चेतावनी' एमपी लॉकर ऐप की विशेषता इसका कृत्रिम बुद्धिमत्ता से सुसज्जित स्वरूप है, जो नागरिकों को निम्नलिखित विशिष्ट सुविधाएँ प्रदान करता है: स्वचालित दस्तावेज़ अभिज्ञान नागरिकों को अब अपने दस्तावेज़ों को खोजने के लिए किसी मैन्युअल अन्वेषण या जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता। यह ऐप पंजीकृत मोबाइल नंबर से संबद्ध समस्त शासकीय दस्तावेज़ों की स्वतः पहचान कर उन्हें तत्काल स्क्रीन पर प्रदर्शित कर देता है। वैधता समाप्ति पूर्व सूचना: नागरिक हितों को सर्वोपरि रखते हुए इसमें रिमाइंडर सिस्टम जोड़ा गया है। यह प्रणाली किसी भी दस्तावेज़ या लाइसेंस की वैधता समाप्त होने से पूर्व ही नागरिक को स्वतः सूचित कर सचेत कर देती है, जिससे समय रहते उनका नवीनीकरण सुनिश्चित हो सके और नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सप्ताहों का कार्य अब क्षणों में: समय और श्रम की बचत एमपी लॉकर ऐप के क्रियान्वयन से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में दक्षता आई है। नागरिकों की शासकीय कार्यालयों तक होने वाली 70 से 80 प्रतिशत भौतिक यात्राओं में कमी दर्ज की गई है, जिससे उनके धन और श्रम दोनों की महती बचत हो रही है। दस्तावेज़ों को प्राप्त करने की अवधि दिनों से घटकर क्षणों में सिमट गई है। भाषिनी' प्लेटफ़ॉर्म से सर्वसमावेशी स्वरूप और 'एंटीटी लॉकर' का भविष्य एमपी लॉकर ऐप को सर्वसमावेशी एवं जन-जन के लिए सुलभ बनाने के लिये भारत सरकार के "भाषिनी" प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से बहुभाषीय समर्थन प्रदान किया गया है, जो भाषाई बाधाओं को दूर कर अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुशासन की पहुँच सुनिश्चित करता है। राज्य सरकार की इस दूरदर्शी योजना के अंतर्गत आगामी चरणों में मध्यप्रदेश सहित केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों की लोक-सेवाओं को भी क्रमिक एवं व्यवस्थित रूप से एमपी लॉकर ऐप के साथ एकीकृत किया जाएगा। इसके साथ ही, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं उद्यमों के लिए “एंटीटी लॉकर” की विशेष सुविधा का प्रावधान भी किया जा रहा है, जिसके माध्यम से संस्थान अपने महत्वपूर्ण वाणिज्यिक एवं वैधानिक दस्तावेज़ों को सुरक्षित परिवेश में संचयित और प्रबंधित कर सकेंगे।  

बिहार MLC चुनाव का ऐलान, 10 सीटों पर 18 जून को वोटिंग; नीतीश सीट भी शामिल

पटना. बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव का कार्यक्रम भारत निर्वाचन आयोग ने जारी कर दिया है।  इसके अलावा एक सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा। राज्‍यसभा सदस्‍य बनने के बाद पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने विधान परिषद से इस्‍तीफा दे दिया था। इसके अनुसार 29 जून 2026 को 9 एमएलसी का कार्यकाल समाप्‍त हो रहा है। चुनाव की अधिसूचना 1 जून को जारी होगी।  18 जून को मतदान और मतगणना  नामांकन दाखिल करने की अंत‍िम तिथ‍ि 8 जून तय की गई है। 9 जून को नामांकन प्रपत्रों की स्‍क्रूटनी की जाएगी। 11 जून तक उम्‍मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 18 जून को सुबह 9 से 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान के बाद उसी दिन मतगणना की जाएगी। 20 जून तक पूरी प्रक्र‍िया समाप्‍त कर ली जाएगी। एक सीट के उपचुनाव का कार्यक्रम भी 9 सीटों के चुनाव के अनुसार ही होना तय किया गया है। इस सीट पर निर्वाचित होने वाले सदस्‍य का कार्यकाल 6 मार्च 2030 तक रहेगा।  इन नेताओं का कार्यकाल हो रहा समाप्‍त  28 जून 2026 को जिन नेताओं का कार्यकाल समाप्‍त हो रहा है, उनमें डॉ. कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस, मो. फारूक, भीष्‍म साहनी, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, संजय मयूख, समीर कुमार सिंह, सम्राट चौधरी और सुनील कुमार सिंह शामिल हैं। सीएम सम्राट चौधरी और मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने विधानसभा चुनाव में जीत के बाद 16 नवंबर 2025 को विधान परिषद सदस्‍य पद से इस्‍तीफा दे दिया था। चुनाव एवं उपचुनाव कार्यक्रम की घाेषणा होने के साथ ही राज्‍य की सियासत में सरगर्मी बढ़ जाएगी। हालांकि पहले से ही रणनीत‍ि तेज हो चुकी है।

पंजाब चुनाव में विवाद! फरीदकोट में जवानों को रोकने के आरोप से गरमाई सियासत

फरीदकोट. फरीदकोट के वार्ड नंबर 17 में निकाय चुनाव के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब आर्मी कैंट के जवानों को वोट डालने से रोकने के आरोप लगे। घटना के बाद मतदान केंद्र के बाहर भारी हंगामा शुरू हो गया और विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। जानकारी के अनुसार भाजपा प्रत्याशी विमल रांझा और भाजपा नेता संदीप सिंह सनी बराड़ ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 17 में आर्मी कैंट के करीब एक हजार जवानों और उनके परिवारों की वोटें बनी हुई हैं। उनका कहना है कि ये लोग लंबे समय से फरीदकोट में रह रहे हैं और नियमित मतदाता हैं। भाजपा नेताओं के अनुसार जब आर्मी कैंट के जवान मतदान करने पहुंचे तो कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों तथा समर्थकों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। आरोप है कि जवानों को वोट डालने से मना किया गया, जिसके बाद माहौल अचानक गरमा गया। पुलिस ने किया बीच-बचाव घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। पुलिस अधीक्षक जोगेश्वर सिंह गोराया समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मतदान केंद्र के बाहर मौजूद सभी राजनीतिक दलों के समर्थकों को हटाकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मतदान प्रक्रिया दोबारा शुरू करवाई गई। हालांकि इस दौरान भाजपा समर्थकों और अन्य दलों के कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार कुछ समय के लिए मतदान केंद्र के बाहर अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया था। आरोप- जानबूझ कर किया जा रहा परेशान भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान जानबूझकर उनके समर्थकों और आर्मी कैंट के मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है। वहीं अन्य दलों की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। प्रशासन ने मतदान केंद्र के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। निकाय चुनाव के दौरान हुई इस घटना ने इलाके की राजनीति को और गर्मा दिया है। चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और सभी दल इस मामले को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।