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यात्री परिवहन के विस्तार पर मंथन, इंदौर में विजन समिट से निवेश और उद्योग को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

इंदौर  मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2005 में घाटे का हवाला देकर सड़क परिवहन निगम (सपनि) को बंद कर दिया था। पत्रिका ने सड़क परिवहन निगम के बंद होने से प्रदेश में बिगड़ी परिवहन व्यवस्था को उजागर किया था। सरकार के सामने वे सभी तथ्य लेकर आए, जिसने सफर की मुश्किलें बढ़ाईं। इसके बाद मोहन सरकार ने सरकारी लोक परिवहन सेवा को शुरू करने ऐलान किया और अब क्रियान्वयन की ओर बढ़ी है। यानी अब मध्य प्रदेश में जल्द ही सरकारी बस परिवाहन सेवा शुरु होगी। आपको बता दें कि, राज्य सरकार प्रदेश के नागरिकों को स्मार्ट, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल लोक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम लेने जा रही है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा यात्री परिवहन विजन समिट-2026 आयोजित की जाएगी। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में 11 और 12 सितंबर को आयोजित होने समिट में प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के साथ-साथ निवेश, रोजगार और उद्योग के नए अवसरों को बढ़ावा देने पर मंथन होगा। इसमें पूरे देश से आने वाले परिवहन विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और नीति-निर्माता प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विचार-विमर्श करेंगे। विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यात्री परिवहन का रोडमैप तैयार करने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रदेश की 75 फीसदी ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर किया जाएगा। मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड अंतर्गत 'मोबिलिटी विज़न 2030' का लक्ष्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करना है। इसके अंतर्गत प्रदेश में 15,000 से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे रोजाना 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड्स, टर्मिनल्स और डिपो का कायाकल्प होगा। इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से समिट में स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा। मौजूदा समय में 96 पीएम ई-बसें और 120 इंटरसिटी बसें प्रदेश में संचालित हैं। इसके साथ आगामी 6 महीनों में 486 पीएम ई-बसें और 34 इंटरसिटी बसें जोड़ी जाएंगी, जबकि वर्ष 2027 तक यह संख्या बढ़ाकर 1,100 करने का लक्ष्य है। प्रदेश में 100 बसों की क्षमता वाले आधुनिक चार्जिंग डिपो और सोलर इंफ्रॉस्ट्रक्चर भी तैयार किए जा रहे हैं। इससे सालाना 70,000 टन से अधिक कार्बन डाईऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी। यात्री सुरक्षा, स्मार्ट तकनीक और 24×7 निगरानी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत संचालित होने वाली सभी बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए होगी। इसके लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड एवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन सेंटरों से बसों के संचालन, लोकेशन, टाइमिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इससे यात्री परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। सभी बसों को 07 सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इसके अलावा, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र के जरिए सुरक्षित एवं समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित की जाएगी।

सेवारत शिक्षकों के लिए TET जरूरी, अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिका ग्वालियर हाईकोर्ट ने ठुकराई

ग्वालियर  सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिका एमपी में ग्वालियर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने खारिज कर दी है। जस्टिस जीएस आहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता का मामला सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसले से पूरी तरह कवर होता है। ऐसे में उसे अलग से कोई राहत नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के 29 मई 2026 के रिव्यू आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि टीईटी हासिल करने की समय-सीमा दो साल से बढ़ाकर तीन साल कर दी गई है। अब संबंधित इन-सर्विस शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी की योग्यता हासिल करनी होगी। बता दें, पहले परीक्षा पास करने की यह समय-सीमा 31 अगस्त 2027 थी। पुराने शिक्षकों को राहत की मांग याचिकाकर्ता राजेश मिश्रा ने मांग की थी कि आरटीई एक्ट की धारा 23(2) और उसके प्रावधान उन शिक्षकों पर पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं किए जाएं, जिनकी नियुक्ति टीईटी की अनिवार्यता लागू होने से पहले हुई थी। उन्होंने टीईटी पास नहीं करने के आधार पर सेवा से हटाने, अनिवार्य सेवानिवृत्ति या अन्य दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की भी मांग की थी। टीईटी औपचारिकता नहीं, आवश्यक योग्यता कोर्ट ने स्पष्ट किया कि टीईटी केवल पात्रता की औपचारिकता नहीं, बल्कि शिक्षक के रूप में नियुक्ति के लिए आवश्यक योग्यता है। शिक्षक पद पर नियुक्ति चाहने वाले व्यक्ति को टीईटी पास करना होगा। इसके बाद ही वह नियुक्ति के लिए पात्र माना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने पुराने शिक्षकों की परिस्थितियों को देखते हुए कुछ राहत भी दी है। जिन इन-सर्विस शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से कम समय बचा है, वे टीईटी पास किए बिना सेवानिवृत्ति की आयु तक सेवा में रह सकते हैं। हालांकि, ऐसे शिक्षक टीईटी पास किए बिना पदोन्नति के लिए पात्र नहीं होंगे। 5 साल से अधिक सेवा बाकी तो टीईटी जरूरी कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से अधिक समय बचा है, उनके लिए निर्धारित अवधि में टीईटी पास करना अनिवार्य है। निर्धारित समय में योग्यता हासिल नहीं करने पर सेवा में बने रहने का अधिकार प्रभावित भी हो सकता है।

AI और रोबोट से बदलेगी कैंसर जांच की तस्वीर, इंदौर में 12 सेकंड में रिपोर्ट और मुफ्त स्क्रीनिंग

इंदौर  देश भर में तेजी से ओरल कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में समय रहते बीमारियों की जांच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काफी मददगार साबित हो रहा है. रोबोट डिवाइस मुंह से जुड़ी बीमारियों और खासतौर पर कैंसर का पता आसानी से और समय रहते लगा रहा है, जिससे मरीज को बीमारी के गंभीर होने से पहले इलाज मिल सकेगा।  हर साल कैंसर की चपेट में आ रहे हजारों लोग भारत में धूम्रपान की लत के अलावा, तंबाकू का सेवन और तरह-तरह के जानलेवा शौक से कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं. हर साल हजारों मरीज डायग्नोज हो रहे हैं, इनमें से अधिकांश थर्ड और फोर्थ स्टेज कंडीशन में होते हैं. इसलिए इनमें से हर साल 50 हजार लोगों की इलाज के बावजूद बीमारी फैलने के कारण मौत हो जाती है. हॉस्पिटल और ऑन्कोलॉजिस्ट वाले कैंसर सहित कई अन्य गंभीर बीमारियों को प्री स्टेज में पता करने के लिए स्कैन ओ एयर नामक रोबोटिक मशीन का उपयोग कर रहे हैं. यह मशीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए बीमारी का 96% तक पता लगाने में सक्षम है।  फ्री में होगी जांच इंदौर स्थित एक निजी अस्पताल में पहली बार यह मशीन स्थपित किया गया है. जहां मुंह की किसी भी समस्या का निशुल्क जांच किया जा रहा है. जांच के बाद फौरन रिपोर्ट मरीज के मोबाइल नंबर में आ जाता है. अस्पताल के ऑन्कोलॉजिस्ट अमय बियानी ने कहा, "अधिकांश मरीजों को यह पता नहीं होता कि उनके मुंह की छोटी सी तकलीफ कभी भी कैंसर का रूप ले सकती है. अस्पताल में किसी भी तरह की तकलीफ में आने वाले लोग अपने मुंह की प्री मेलेनिन स्टेज में ही जांच कर सकें. इसलिए यह रोबोटिक मशीन स्थापित की गई है।  ओरल कैंसर के लिए क्रांतिकारी साबित इस रोबोटिक मशीन की खोज साल 2020 में पुणे की डेंटिस्ट विधि भानुशाली और रजत कबाड़े ने किया था, इसका उद्देश्य दांतों और मसूड़े की 40 तरह की बीमारियों की पहचान के लिए किया गया था. इस रोबोटिक मशीन से तरह-तरह की मुंह की जांच के अलावा, कैंसर की प्री स्टेज से संबंधित बीमारी और स्थितियां भी डायग्नोज होने लगी हैं, जिससे यह मशीन ओरल कैंसर के डायग्नोज के लिए क्रांतिकारी साबित हो रही है।    मेडिकल प्रोफेशनल के लिए सहायक कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिभा पवार ने कहा, "रोबोटिक मशीन की जांच रिपोर्ट से काफी हद तक मरीज की बीमारी का पता चल जाता है. जिससे यह डॉक्टर और मेडिकल प्रोफेशनल के लिए भी सहायक सिद्ध होगी. मशीन की जांच रिपोर्ट के बाद सिर्फ उन मरीजों को सीटी स्कैन अथवा बायोप्सी करनी जरूरी होगी. जिनका डायग्नोज मशीन द्वारा ओरल कैंसर के रूप में किया गया है इससे लोगों को अनावश्यक जांच के खतरे और आर्थिक समस्या से बचाव हो सकेगा। 

2027 चुनाव के लिए BJP का बड़ा प्लान, 125 मौजूदा विधायकों पर संकट; 2024 के नतीजों से लिया सबक

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब छह महीने से भी कम वक्त बचा है. इस चुनाव में 10 साल से सत्तारूढ़ योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली भाजपा सरकार के सामने हैट्रिक लगाने की चुनौती है. भाजपा ने स्थानीय विधायकों के कामकाज और लोकप्रियता का सर्वे कराते हुए जनता का मूड भांपने की कोशिश की है. 2024 के लोकसभा चुनाव से लगे झटके से सबक लेकर भाजपा ने 403 विधानसभा सीटों पर एक गोपनीय और बहुस्तरीय आंतरिक सर्वे कराया है. इस सर्वे रिपोर्ट ने सत्ता के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।  भाजपा का आंतरिक सर्वे सूत्रों की मानें तो इस सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी में करीब 125 से 128 मौजूदा विधायकों के खिलाफ उनके ही क्षेत्रों में जबर्दस्त एंटी इनकंबेंसी है. सीधे तौर पर कहें तो करीब भाजपा में 128 सीटों पर मौजूदा विधायकों के टिकट काटा या बदला जा  सकता है. पश्चिम यूपी से लेकर पूरब तक मंत्रियों से लेकर दिग्गज विधायकों तक के नाम इस रेड लिस्ट में शामिल हैं. भाजपा यूपी को अपने संगठन के लिहाज से 6 क्षेत्रों में बांटती है. ऐसे में कहां किस क्षेत्र से कितने टिकट कट सकते हैं, ये आंकड़ा चौंकाने वाला है. यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल माना जा रहा है।      पश्चिम क्षेत्र की 71 सीटों में 23-25 टिकट कटने के आसार     ब्रज क्षेत्र कुल 65 सीटों में 24-26 टिकट कटने की संभावना     अवध क्षेत्र में कुल 82 सीट में 26-28 टिकट कटने का संकेत     कानपुर क्षेत्र की कुल 52 सीट में 22-24 कटने के कयास     काशी क्षेत्र में कुल 72 सीट में 19-21 का पत्ता कट सकता है     गोरखपुर क्षेत्र की 62 सीटों में 18-22 टिकट कटने की संभावना यूपी में भाजपा की हैट्रिक की चुनौती भाजपा यूपी में हैट्रिक लगाने को पूरी ताकत झोंक रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले एक-डेढ़ महीने में ही राज्य के ज्यादातर जिलों का दौरा कर विकास परियोजनाओं की झड़ी लगा दी है.2022 की जीत की बात करें तो 1985 के बाद यूपी में यह पहला मौका था जब किसी मुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ पार्टी ने लगातार दूसरी बार पूरे बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की थी. वहीं सपा-कांग्रेस गठबंधन 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों से उत्साहित है. अखिलेश यादव जहां पीडीए के सामाजिक समीकरणों पर ध्यान केंद्रित किए हैं, वहीं कांग्रेस दलित-मुस्लिम वोटों को एकजुट करके अपना जनाधार बढ़ाने में जुटी है।  2022 विधानसभा चुनाव में किसको कितनी सीटें भारतीय जनता पार्टी (BJP)- 255 अपना दल (सोनेलाल)-1 2 निषाद पार्टी (NISHAD)- 06 एनडीए (NDA)-  273 कुल सीटें 403: बहुमत 202 गठबंधन में सीटों का बंटवारा भी चुनौती उत्तर प्रदेश में मोदी-योगी लहर को कायम रखते हुए भाजपा को अकेले 41.29% वोट मिले थे. भाजपा का पिछले चुनाव में अपना दल सोनेलाल, निषाद पार्टी जैसे दलों के साथ गठबंधन रहा है. अब एनडीए के खेमे में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय लोकदल शामिल है. एनडीए का सपा-कांग्रेस गठबंधन से मुख्य मुकाबला होना तय है. मायावती की बहुजन समाज पार्टी, आजाद समाज पार्टी, एआईएमआईएम जैसे दल भी ताल ठोकने को तैयार हैं। 

युवाओं को मिलेगा देश की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं और प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से जानने का अवसर

भोपाल  राष्ट्रवाद और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत मध्यप्रदेश शासन की महत्वपूर्ण ‘माँ तुझे प्रणाम’ योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए युवाओं के चयन की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। योजना का उद्देश्य युवाओं में भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के प्रति सम्मान और राष्ट्रभाव विकसित करना, सीमा पर होने वाली सैन्य गतिविधियों एवं सैनिकों की दिनचर्या से परिचित कराना तथा मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक स्थलों से युवाओं को परिचित कराना है। हर विकासखंड से 10 युवा जाएंगे अनुभव यात्रा पर योजना के अंतर्गत प्रत्येक विकासखंड स्तर से 5 युवक एवं 5 युवतियों, कुल 10 युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवा भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की अनुभव यात्रा अथवा प्रदेश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं भौगोलिक स्थलों के भ्रमण के माध्यम से देश की विविधता, संस्कृति और सीमा सुरक्षा व्यवस्था को करीब से जान सकेंगे। 5 अलग-अलग श्रेणियों से होगा चयन विकासखंड स्तर पर चयन में एक एनसीसी, एक एनएसएस, एक खिलाड़ी, एक मेधावी छात्र तथा एक स्काउट सहित इसी मानदंड के अनुसार युवतियों का चयन किया जाएगा। चयन के लिए युवाओं की आयु 15 से 25 वर्ष निर्धारित है, जिसकी गणना 31 दिसंबर 2027 तक की जाएगी। चयन के मापदंड योजना के निर्धारित परिशिष्ट में दिए गए हैं। खेल प्रतिभाओं को मिलेगा विशेष अवसर खेल श्रेणी में अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य, संभाग और जिला स्तर पर पदक प्राप्त करने अथवा सहभागिता करने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता के आधार पर चयन के लिए पात्र माना गया है। इससे विभिन्न स्तरों पर खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके युवाओं को योजना के माध्यम से देश की सीमाओं और राष्ट्रीय गौरव से जुड़ने का अवसर मिलेगा। एनसीसी, एनएसएस और स्काउट युवाओं के लिए भी अवसर एनसीसी श्रेणी में सी, बी और ए प्रमाण-पत्र को चयन की प्राथमिकता में रखा गया है। वहीं स्काउट वर्ग में अंतर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय जम्बूरी, राष्ट्रपति स्काउट गाइड रोवर रेंजर पुरस्कार, राज्य पुरस्कार तथा तृतीय एवं द्वितीय सोपान जैसी उपलब्धियों को चयन का आधार बनाया गया है। एनएसएस श्रेणी में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में सहभागिता, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय पुरस्कार, गणतंत्र दिवस परेड, राष्ट्रीय युवा उत्सव, एनएसएस मेगा शिविर, राष्ट्रीय एकता शिविर, साहसिक कार्यक्रम शिविर सहित राज्य, विश्वविद्यालय, जिला एवं इकाई स्तर के शिविरों में सहभागिता को प्राथमिकता दी जाएगी। मेधावी विद्यार्थियों को भी मिलेगा मौका मेधावी श्रेणी में निर्धारित आयु वर्ग के अंतर्गत आयोजित परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले युवाओं को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी। इस प्रकार योजना में खेल, शिक्षा, एनसीसी, एनएसएस और स्काउटिंग जैसी विविध गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को अवसर दिया जा रहा है। जिला स्तर पर समिति करेगी परीक्षण, लॉटरी से होगा चयन विकासखंड स्तर से प्राप्त आवेदनों का जिला स्तर पर सूक्ष्म परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित चयन समिति द्वारा लॉटरी के माध्यम से युवाओं का चयन किया जाएगा। समिति में जिला पुलिस अधीक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी, नेहरू युवा केंद्र के समन्वयक, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, चिन्हित महाविद्यालय के जिला प्रभारी तथा जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी शामिल रहेंगे। दस्तावेजों की होगी अनिवार्य जांच अनुभव यात्रा के लिए चयनित युवाओं से निर्धारित प्रपत्र के अनुसार आवेदन पत्र के साथ फिटनेस सर्टिफिकेट/चिकित्सा प्रमाण-पत्र, जोखिम एवं संबंधित थाने से चरित्र प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाएगा। चरित्र प्रमाण-पत्र एवं चिकित्सा प्रमाण-पत्र चयनित युवाओं से ही लिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। एक युवा को केवल एक बार मिलेगा अनुभव यात्रा का अवसर योजना में चयनित युवा को केवल एक बार ही अनुभव यात्रा में भेजा जाएगा। यदि कोई युवा अनुभव यात्रा में जाने से असहमति व्यक्त करता है, तो उसे आगामी किसी भी अनुभव यात्रा में नहीं भेजा जाएगा। साथ ही पूर्व में अनुभव यात्रा पर भेजे जा चुके युवाओं का पुनः चयन नहीं किया जाएगा। आवेदन के लिए 22 सितंबर तक का समय, वेबसाइट से भी प्राप्त किए जा सकते हैं आवेदन ‘माँ तुझे प्रणाम’ योजना के अंतर्गत विकासखंड स्तर पर पात्र युवाओं से 22 सितंबर तक आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के बाद 23 से 26 सितंबर तक जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित चयन समिति द्वारा लॉटरी के माध्यम से युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवाओं की सूची तथा समिति के हस्ताक्षरित दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी 30 सितंबर तक संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण को ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। ‘माँ तुझे प्रणाम’ योजना के आवेदन पत्र खेल एवं युवा कल्याण विभाग की वेबसाइट www.dsywmp.gov.in से भी प्राप्त किए जा सकते हैं। युवा शक्ति को राष्ट्रसेवा और राष्ट्रीय गौरव से जोड़ने की पहल ‘माँ तुझे प्रणाम’ योजना के माध्यम से मध्यप्रदेश शासन का प्रयास है कि प्रदेश के युवा केवल पुस्तकों के माध्यम से नहीं, बल्कि सीमा पर तैनात सैनिकों के जीवन, राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था तथा भारत की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत को प्रत्यक्ष अनुभव कर देश के प्रति अपने दायित्व और गौरव की भावना को और मजबूत करें।  

प्रभारी मंत्री जनपदों और अपनी आवंटित विधानसभाओं में जाकर जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करें: मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रदेश के सभी सांसदों, जिला पंचायत अध्यक्षों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, महापौरों, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों के साथ वर्चुअल बैठक की। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जुड़ने और अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के साथ मिलकर इसे सफल बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने अभियान के 12 प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल को समर्पित यह अभियान तभी सार्थक होगा, जब इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी हो। सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से अभियान की पहुंच गांव से लेकर शहर तक और समाज के हर वर्ग तक होगी। मुख्यमंत्री ने 17 सितंबर को ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में भी जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। 17 सितंबर को सेवा दिवस के साथ विश्वकर्मा जयंती पर सभी विधानसभा क्षेत्रों में विश्वकर्मा पूजन और शिल्पकारों को टूलकिट वितरण किया जाएगा। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में शाम सात बजे लाभार्थी परिवारों के साथ दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। डबल इंजन सरकार की योजनाओं से बने प्रमुख भवनों और विकास परियोजनाओं के स्थलों पर भी दीप जलाए जाएं। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपने-अपने क्षेत्रों में इन कार्यक्रमों में उपस्थित रहने को कहा।  उन्होंने कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम में सभी सरकारी और निजी बेसिक, माध्यमिक तथा उच्च शिक्षण संस्थानों को जोड़ा जाए। विद्यार्थियों की चित्रकला, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के साथ शिक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। इससे बच्चों और युवाओं को देश की विकास यात्रा से जोड़ने का अवसर मिलेगा। ‘नमो सेवा, अनकही कहानियां’ कार्यक्रम 18 सितंबर से प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं में आयोजित किया जाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें पर्यटन विभाग नोडल विभाग की भूमिका निभाए। स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देने के साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी कार्यक्रम से जोड़ा जाए। उनके माध्यम से सेवा, सुशासन और विकास की उन कहानियों को लोगों तक पहुंचाया जाए, जो हमारे आसपास ही आकार ले रही हैं। ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का सम्मान किया जाएगा। इसके साथ हेल्दी बेबी प्रतियोगिता भी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम को केवल आयोजन तक सीमित न रखा जाए। माताओं तक पोषण, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी जरूरी जानकारी भी सहज ढंग से पहुंचाई जाए। ‘सेवा की कहानी’ के तहत पिछले साढ़े नौ वर्षों में आए बदलावों को लाभार्थियों की अपनी कहानियों के जरिए सामने लाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के हर क्षेत्र में बदलाव आया है और बिना भेदभाव लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इन बदलावों की असली तस्वीर लाभार्थियों के अनुभवों से ही सामने आएगी। उन्होंने कहा कि वीडियो रील में लाभार्थी का नाम, ग्राम, जनपद और योजना का नाम जरूर दिया जाए। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष और आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को भी इसमें शामिल किया जाए। ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि 7 अक्टूबर का दिन विशेष महत्व रखता है। इसी दिन 25 वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जनसेवा की एक नई यात्रा शुरू की थी। इस अवसर पर प्रत्येक जनपद के एक प्रमुख चौराहे पर ‘सेवा कलश’ स्थापित किया जाएगा और वहां प्रधानमंत्री जी का विशेष संबोधन होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि इसमें सक्रिय रूप से भाग लें, ताकि यह आयोजन सेवा, समर्पण और संकल्प का प्रतीक बन सके। ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत नागरिकों को अलग-अलग सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाए। प्रत्येक विधानसभा में कम से कम दो स्थलों के कायाकल्प का काम भी जनभागीदारी से कराया जाए। वहीं ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत प्रत्येक विकासखंड में सात दिवसीय बहुउद्देशीय सेवा शिविर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिविरों का उद्देश्य साफ होना चाहिए, नागरिक को लाभ लेने के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। एक ही जगह केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी मिले, आवेदन हो, पात्रता का सत्यापन हो और पात्र लोगों के मामलों में स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़े। इन शिविरों के साथ स्वास्थ्य मेले भी लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ की असली ताकत लोगों की भागीदारी है। इसलिए इसमें सांसदों और विधायकों के साथ ग्राम स्तर तक के जनप्रतिनिधि, युवा, महिलाएं, विद्यार्थी, शिल्पकार, स्वयं सहायता समूह और सामाजिक संगठन भी जुड़ें। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान को अपने-अपने क्षेत्रों में सेवा, सुशासन और जनभागीदारी का उत्सव बनाने का आह्वान किया।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में रायपुर में आईटीएमएस के सुचारू संचालन को लेकर बैठक सम्पन्न हुई

रायपुर  मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राजधानी रायपुर में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के सुचारू और सतत संचालन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में आईटीएमएस के संचालन, रखरखाव, वित्तीय दायित्वों और तकनीकी उन्नयन सहित इसके भविष्य में विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में आईटीएमएस से जुड़े लंबित वित्तीय दायित्वों की समीक्षा के साथ सिस्टम के नियमित संचालन एवं रखरखाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने आईटीएमएस के प्रभावी संचालन के लिए वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने और दीर्घकालिक योजना तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कैमरों और तकनीकी संसाधनों के उन्नयन पर जोर बैठक में आईटीएमएस के अंतर्गत लगाए गए उपकरणों, कैमरों, सर्वर और सॉफ्टवेयर को समयानुकूल अपग्रेड करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप सिस्टम को आधुनिक बनाने की आवश्यकता बताई, ताकि यातायात प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। नई सड़कों और जंक्शनों तक होगा विस्तार आईटीएमएस को रायपुर की नई सड़कों, प्रमुख कॉरिडोर और जंक्शनों तक विस्तारित करने से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। इसके लिए आवश्यक तकनीकी एवं वित्तीय संसाधनों का आकलन कर चरणबद्ध तरीके से विस्तार की दिशा में आगे बढ़ने पर विचार किया गया। बैठक में आईटीएमएस के संचालन, रखरखाव, तकनीकी उन्नयन और भविष्य के विस्तार के लिए दीर्घकालिक वित्तीय रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता पर भी सहमति बनी। बैठक में डीजीपी  अरुण देव गौतम, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव मती निहारिका बारिक, एडीजीपी  दीपांशु काबरा, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, एनआरडीए के सीईओ  चंदन कुमार, रायपुर कलेक्टर  गौरव कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सेवा संकल्प अभियान से स्वच्छता को जन आंदोलन बनाएगी योगी सरकार

लखनऊ  योगी सरकार प्रदेश में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में एक और बड़ी पहल करने जा रही है। इसके तहत प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान स्वच्छता को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार अपनी ओर से भी विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में कुल 157 घंटे का अनवरत स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान नगर स्तर से लेकर वार्ड स्तर तक व्यापक साफ-सफाई, स्वच्छता और जनजागरूकता के कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे स्वच्छता सरकारी प्रयास तक सीमित न रहकर जनआंदोलन का रूप ले सके। महापुरुषों की जयंती पर होंगे विशेष कार्यक्रम नगर विकास मंत्री ने बताया कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस, 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती और 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर को भी विशेष रूप से मनाया जाएगा। 17 अक्टूबर को पूरे सेवा संकल्प अभियान का समापन होगा। 1 अक्टूबर को एक घंटे का विशेष स्वच्छता अभियान मंत्री शर्मा ने बताया कि 1 अक्टूबर को एक घंटे का विशेष स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें नगर विकास विभाग के साथ प्रदेश के सभी विभागों, स्कूल-कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। सभी विभाग और संस्थान अपने परिसरों तथा आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे। सभी राज्यों के नगर विकास मंत्रियों के साथ हुई बैठक सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रस्तावित कार्यक्रमों की विस्तृत कार्ययोजना को लेकर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में सभी राज्यों के नगर विकास मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक आयोजित हुई। केंद्रीय मंत्री ने अभियान को व्यापक स्तर पर आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने भी वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की। इस अवसर पर सचिव/निदेशक नगरीय निकाय अनुज कुमार झा, अपर निदेशक ऋतु सुहास सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

भोपाल मध्यप्रदेश में जनसेवा को जनभागीदारी से जोड़ने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। एक माह के इस अभियान में सेवा, स्वच्छता, सामाजिक सहभागिता, हितग्राही कल्याण, युवा नवाचार और नागरिक दायित्व से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से आमजन को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ा जाएगा। अभियान में कार्यक्रमों के आयोजन पर जोर के साथ योजनाओं का वास्तविक लाभ, नागरिकों की भागीदारी और गतिविधियों के परिणाम भी फोकस किया जाएगा। प्रत्येक जिले में गतिविधियों का दिनांकवार, स्थानवार और उत्तरदायी अधिकारीवार कैलेंडर तैयार होगा तथा नियमित समीक्षा की जाएगी। जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवाओं, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, वरिष्ठ नागरिकों तथा सामाजिक-आध्यात्मिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। होंगे दीपोत्सव और ‘कहानी बदलाव की’ जैसे आयोजन अभियान में ‘आशीर्वाद का दीया’ के तहत हितग्राहीमूलक योजनाओं से लाभान्वित लोगों की अद्यतन एवं प्रमाणित सूची तैयार कर चिन्हित क्षेत्रों में परिवारों की सहभागिता से दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम होंगे। उज्जैन के  महाकाल लोक और निवाड़ी के  रामराजा लोक, ओरछा में भव्य दीपोत्सव आयोजित किए जाएंगे। ‘सेवा चित्र’ के तहत 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर के बीच शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सेवा कार्यों और विकसित भारत की संकल्पना पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। श्रेष्ठ चित्रों की प्रदर्शनी और उत्कृष्ट प्रतिभागियों का सम्मान किया जाएगा तथा चयनित प्रविष्टियों की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी भी होगी। ‘सेवा स्मरण’ में सेवा कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए आमजन तक पहुंचाया जाएगा। प्रत्येक जिले में 18 से 20 सांस्कृतिक दलों/नुक्कड़ नाट्य टोलियों को सूचीबद्ध कर विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर प्रस्तुतियां कराई जाएंगी। कार्यक्रम 17 सितम्बर से शुरू होंगे और 2 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर इनका मंचन होगा। ‘आंगन का मिलन’ 25 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित होगा। तीन दिवसीय आयोजनों में माताओं और बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य एवं महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। लाभार्थी माताएं अनुभव साझा करेंगी, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं तथा लाभार्थी माताओं का सम्मान होगा और बच्चों के लिए मनोरंजक गतिविधियां की जाएंगी। ‘कहानी बदलाव की’ में शासन की योजनाओं से जीवन में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले हितग्राहियों की वास्तविक कहानियां संक्षिप्त वीडियो एवं डिजिटल माध्यम से सामने लाई जाएंगी। लाभार्थी, योजना, स्थान और बदलाव का विवरण दर्ज कर उत्कृष्ट सफलता-कथाओं को प्रोफेशनल तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। सेवा ज्योति यात्रा से लेंगे विकसित भारत का संकल्प प्रत्येक जिले और ग्राम स्तर पर ‘सेवा ज्योति यात्रा’ आयोजित होगी। अलग-अलग दिशाओं से निकलने वाली यात्राएं निर्धारित स्थल पर एकत्र होंगी, जहां शासन की प्रमुख विकास उपलब्धियों और सेवा कार्यों की जानकारी दी जाएगी। यहां नागरिक ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लेंगे। स्थानीय नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ जिला विकास पुस्तिका का वितरण भी किया जाएगा। मध्यप्रदेश से गुजरने वाली ‘बड़नगर से वाराणसी—जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’ के पड़ावों पर स्थानीय नागरिकों और विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को जोड़ते हुए कार्यक्रमों को संवादात्मक और सहभागी स्वरूप दिया जाएगा। ‘सेवा मेरा योगदान’ में 25 गतिविधियों से जुड़ेंगे नागरिक अभियान के दौरान ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत नागरिकों को 25 प्रमुख सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इनमें रक्तदान, अनाथालय/वृद्धाश्रम भ्रमण, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, एक गांव गोद लेकर सेवा कार्य, योग-ध्यान, प्लास्टिक-मुक्त जागरूकता, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग, वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल साक्षरता, अंगदान संकल्प, नशा-मुक्त भारत, पोषण एवं एनीमिया जागरूकता, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण एवं जल स्रोत सफाई, कचरा पृथक्करण एवं कम्पोस्टिंग, साइबर सुरक्षा, फिट इंडिया, वीर गाथा एवं सैनिक सम्मान, दिव्यांगजन सहयोग, मतदाता जागरूकता एवं पंजीयन, वोकल फॉर लोकल और सरकारी योजनाओं की जागरूकता शामिल हैं। नागरिकों को स्वप्रेरणा से सेवा गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सेवा कार्यों का फोटो-वीडियो दस्तावेजीकरण और सोशल मीडिया प्रचार होगा। चयनित गतिविधियों के बिफोर/आफ्टर वीडियो रील माई भारत पोर्टल पर अपलोड कर डिजिटल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए भी नागरिकों को प्रेरित किया जाएगा। नदी घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान होंगे तथा श्रमदान करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। ‘सेवा सेतु’ में मौके पर मिलेगा योजनाओं का लाभ ‘सेवा सेतु—सरकार आपके द्वार’ के तहत विधानसभा और विकासखंड स्तर पर शिविर होंगे। संबंधित विभागों के अधिकारी नागरिकों की योजनावार पात्रता का परीक्षण करेंगे तथा पात्र लोगों को आवेदन, दस्तावेज और योजना लाभ प्राप्त करने में मार्गदर्शन देंगे। प्राप्त आवेदनों के निराकरण की पृथक मॉनिटरिंग होगी। ह्यूमन रंगोली से नवाचार तक ‘सेवा के रंग’ में प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर ह्यूमन रंगोली बनाई जाएगी। इसके विषय जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और विकसित भारत की संकल्पना पर आधारित होंगे। चयनित शहरों में एक ही दिन 108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडल’ बनाने की भी योजना है। ‘हैकाथॉन और इनोवेशन चैलेंज’ में युवा, विद्यार्थी, स्टार्टअप, प्रोफेशनल्स और नवाचारकर्ताओं को जोड़ा जाएगा। उत्कृष्ट नवाचारों की प्रदर्शनी, लाइव डेमो और विशेषज्ञ संवाद आयोजित किए जाएंगे। ‘जनसेवक महाकुंभ—पंचायत से पार्लियामेंट’ के तहत 17 अक्टूबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रदेश की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ‘25 साल, 25 कहानियां’ में विकास और उपलब्धियों के प्रमुख पड़ावों को दर्शाने वाली क्यूरेटेड किट वितरित की जाएगी। इसमें 25 प्रमुख योजनाओं एवं उपलब्धियों की प्रतिकृतियां और विस्तृत जानकारी के लिए क्यूआर कोड होंगे। कार्यक्रमों की संख्या नहीं, परिणाम भी होंगे दर्ज अभियान की गतिविधियों की जिलेवार एवं गतिविधिवार मॉनिटरिंग के लिए सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर पृथक मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक जिले की 13 गतिविधियों का कैलेंडर 12 सितम्बर तक पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा और अभियान अवधि में दैनिक प्रगति अपडेट होगी। केवल कार्यक्रमों की संख्या नहीं, बल्कि वास्तविक परिणाम, फोटो-वीडियो और जहां लागू हो वहां पहले और बाद के साक्ष्य भी दर्ज किये जायेंगे। ‘सेवा सेतु’ में आने वाले नागरिकों, प्राप्त एवं स्वीकृत आवेदनों तथा वास्तविक रूप से लाभान्वित हितग्राहियों का पृथक विवरण रखा जाएगा। ‘सेवा मेरा योगदान’ में स्वयंसेवकों की संख्या और श्रमदान के घंटे तथा ‘कहानी बदलाव की’ में सत्यापित सफलता-कथाओं का रिकॉर्ड रखा जाएगा। कलेक्टर नियमित समीक्षा करेंगे और राज्य … Read more

विगत 10 दिनों में अंतर्राज्यीय साइबर गिरोहों का पर्दाफाश

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोहों के विरुद्ध प्रदेश में निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत 10 दिनों के दौरान पुलिस की विभिन्न टीमों ने आधुनिक तकनीकी अनुसंधान, त्वरित कार्रवाई, NCRP के MRM/GRM मॉड्यूल तथा अंतर्राज्यीय समन्वय के माध्यम से निवेश एवं शेयर ट्रेडिंग ठगी, ई-कॉमर्स रिफंडफ्रॉड, म्यूल बैंक अकाउंट, वर्क-फ्रॉम-होम ठगी एवं मोबाइल हैकिंग से जुड़े कई मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान अंतर्राज्यीय गिरोहों से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया है तथा बड़ी मात्रा में नगदी, मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज, डेबिट/प्रीपेड कार्ड सहित ठगी से संबंधित संपत्ति जब्‍त की है। साथ ही तकनीकी माध्यमों से समय पर कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों की लाखों रुपये की राशि होल्ड कराकर वापस भी कराई गई। ग्वालियर सायबर क्राइम विंग ग्वालियर ने निवेश के नाम पर 1 करोड़ 63 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय नेटवर्क के एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी व्हाट्स एप एवं टेलीग्राम के माध्यम से साइबर अपराधियों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराता था। उसके कब्जे से 26 डेबिट/प्रीपेड कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज एवं मोबाइल फोन जब्त किए गए। गुना फर्जी सिम एवं बैंक खातों के माध्यम से महंगे मोबाइल ऑर्डर कर रिफंड लेने तथा मोबाइल हड़पने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से ईवी कार एवं 25 मोबाइल सहित लगभग 60 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है। वहीं साइबर सेल गुना ने NCRP के माध्यम से त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों की 1लाख 35हजार रुपये की राशिपर समय रहते होल्ड लगवाकर सुरक्षित वापस कराई। इंदौर थाना विजयनगर पुलिस ने उत्तरप्रदेश साइबर सेल के समन्वय से फर्जी “Nokia_Securities” ऐप के जरिए शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया। थाना एरोड्रम पुलिस ने साइबर ठगी में संलिप्त संगठित सिंडिकेट के 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर नेटवर्क का खुलासा किया। थाना तिलक नगर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आवेदक की ठगी गई 1लाख 39हजार 860 रुपये की संपूर्ण राशि वापस कराई। पन्ना पुलिस ने वर्क-फ्रॉम-होम के माध्यम से नौकरी एवं कमाई का लालच देकर लगभग 5लाख 87हजार रुपये से अधिक की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के 1 विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लेकर 5 सदस्यों को राजस्थान के दौसा जिले से गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 5लाख 82हजार रुपये नगद जब्‍त किए। इसी प्रकार फर्जी विज्ञापन के माध्यम से टाटा पावर सोलर की डिस्ट्रीब्यूटरशिप/फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 1लाख 60हजार रुपये की ठगी करने वाले 3 आरोपियों को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया। आरोपियों से 47हजार रुपये नगद एवं 5 मोबाइल फोन जब्‍त किए है। एक अन्‍य कार्यवाही में पुलिस ने मोबाइल हैक कर बैंक खाते से 1लाख रूपए निकालने वाले 4  आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्‍जे से 11हजार रुपये नगद जब्‍त किए। देवास पुलिस ने गृह मंत्रालय के MRM (Money Restoration Module) का प्रभावी उपयोग करते हुए दो प्रकरणों में कुल 87हजार 910रुपये की धनराशि संबंधित पीड़ितों के बैंक खातों में वापस कराई। अशोकनगर “ सेफ क्लिक” अभियान के तहत साइबर जागरूकता एवं पुलिस की तकनीकी तत्परता के परिणाम स्वरूप ऑनलाइन ठगी के शिकार पीड़ितों की 1लाख 43हजार रुपये की धनराशि को समय रहते होल्ड कराकर सुरक्षित वापस कराया। साइबर सुरक्षा के प्रति मध्यप्रदेश पुलिस की अपील मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी अनजान लिंक, APK फाइल अथवा लुभावने ऑनलाइन विज्ञापनों पर भरोसा न करें। वर्क-फ्रॉम-होम, शेयर बाजार में दोगुना मुनाफा, फ्रेंचाइजी/डिस्ट्रीब्यूटरशिप ऑफर अथवा रिफंड के नाम पर प्राप्त होने वाले संदेशों की सत्यता जांचे बिना कोई राशि ट्रांसफर न करें। अपने बैंक खाते से संबंधित जानकारी, OTP, UPI PIN एवं व्यक्तिगत पहचान संबंधी दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। समय पर की गई शिकायत ठगी की राशि को होल्ड कराने एवं पीड़ित को राशि वापस दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।