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सहकारिता मंत्री ने की विभागीय काम-काज की समीक्षा

रायपुर सहकारिता मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।     मंत्री केदार कश्यप ने बैठक में सहकारिता के सुदृढ़ीकरण पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और किसान-हितैषी बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। हमारा मुख्य ध्येय प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के माध्यम से अंतिम व्यक्ति और प्रदेश के प्रत्येक किसान तक शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना है।  को-ऑपरेटिव सेक्टर पर केन्द्रीत काफी-टेबल बुकलेट का किया विमोचन  बैठक में मंत्री कश्यप ने कहा कि डिजिटलाइजेशन और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं से किसानों का भरोसा सहकारिता प्रणाली पर और मजबूत होगा। उन्होंने को-आपरेटिव बैंको में रिक्त पदों की समीक्षा की। उन्होंने रिक्त पदों की भर्ती की कार्यवाही तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्री ने सहकारी सप्ताह 29 जून से 06 जूलाई 2026 तक छत्तीसगढ़ में को-ऑपरेटिव सेक्टर में आयोजित विविध कार्यक्रम पर केन्द्रीत काफी-टेबल बुकलेट का विमोचन किया गया। पैक्स के शत-प्रतिशत कम्प्यूटराइज़ेशन और अंकेक्षण (ऑडिट) प्रक्रिया में तेज़ी लाने दिए निर्देश   बैठक में मंत्री कश्यप ने अधिकारियों, प्रबंध संचालकों, संभागीय संयुक्त आयुक्तों, उप/सहायक आयुक्तों तथा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निम्नलिखित प्राथमिकताओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। पैक्स के शत-प्रतिशत कम्प्यूटराइज़ेशन और अंकेक्षण (ऑडिट) प्रक्रिया में तेज़ी लाने के निर्देश दिए ताकि वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रहे। 16 लाख से अधिक किसानों को 7973 करोड़ रुपए का ऋण वितरित  मंत्री कश्यप ने अल्पकालीन कृषि ऋणों पर ब्याज अनुदान, समय पर उर्वरक (खाद), बीज एवं ऋण वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के किसानों को कोआपरेटिव्ह बैंको के माध्यम से चालू खरीफ सीजन 2026 हेतु 8800 करोड़ रुपए का कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 16 लाख से अधिक किसानों को 7973 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया जा चुका है, जो कि लक्ष्य का 90 प्रतिशत है। बैठक में मंत्री कश्यप द्वारा अधिकारियों को शत-प्रतिशत कृषि ऋण वितरण के निर्देश दिया गया। ग्रामीण अंचलों में कॉमन सर्विस सेंटर का विस्तार करने तथा माइक्रो ए.टी.एम. की उपलब्धता बढ़ाकर डिजिटल बैंकिंग को सुलभ बनाने पर बल दिया गया। 718 गोदामों का निर्माण पूर्ण मंत्री कश्यप ने 100 सोसायटियों में गोदाम निर्माण व त्प्क्थ् योजना के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई, साथ ही नवगठित 515 पैक्स के सुचारू संचालन के निर्देश दिए गए। बैठक में आराईडीएफ अंतर्गत  आबंटित 725 गोदामों में 718 गोदामों के निर्माण पूर्ण होने की जानकारी दी गई है। शेष 7 गोदाम के जल्द ही निर्माण पूर्ण किये जाने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया। अधिकारियों को जवाबदेही और पूरी पारदर्शिता के साथ शासकीय योजनाओं का त्वरित लाभ किसानों को दिलाने निर्देश  सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, न्यायालयीन मामलों में समय पर जवाबदावा प्रस्तुत करने तथा कार्यालयों में ई-ऑफिस और आधार-बेस्ड उपस्थिति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए गए। धान उपार्जन केंद्रों में शेष बचे धान का शीघ्र एवं पारदर्शी तरीके से अंतिम निराकरण करने के आदेश दिए गए। बैठक के अंत में मंत्री कश्यप ने सभी विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही और पूरी पारदर्शिता के साथ शासकीय योजनाओं का त्वरित लाभ किसानों एवं सहकारिता क्षेत्र से जुड़े आम नागरिकों तक पहुंचाने का निर्देश दिये।  इस अवसर पर सचिव सहकारिता डॉ सी.आर प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता व पंजीयक सहकारी संस्थाएं रमेश शर्मा, अपेक्स बैंक महाप्रबंधक एवं प्रभारी प्रबंध संचालक युगल किशोर, अपर पंजीयक यू बीएस राठिया, अपर पंजीयक श्रीमती सावित्री भगत व सहकारिता विभाग व अपेक्स बैंक के अधिकारीगण तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के सीईओ उपस्थित थे।

डिप्टी सीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की पुनर्नियुक्ति संबंधी आदेश जारी करने की प्रक्रिया

लखनऊ उत्तर प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। अब सरकारी चिकित्सक सेवानिवृत्ति के बाद 70 वर्ष की आयु तक पुनर्नियुक्ति के माध्यम से अपनी सेवाएं दे सकेंगे। वर्तमान व्यवस्था के तहत सरकारी डॉक्टर 65 वर्ष की आयु तक सेवाएं दे रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव स्तर से इस संबंध में आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अनुभवी चिकित्सकों की सेवाएं लंबे समय तक उपलब्ध होने से मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श और बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी इस पहल से राहत मिलेगी।  उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग स्वास्थ्य विभाग का प्रमुख चिकित्सकीय संवर्ग है। इसमें चिकित्सा अधिकारी एवं विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं, जो प्रदेश के सरकारी अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते हैं। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद योग्य एवं अनुभवी चिकित्सकों को 70 वर्ष की आयु तक सेवाएं देने का अवसर मिलने से उनके लंबे अनुभव का सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा।  अधिक सक्षम बनेंगी स्वास्थ्य सेवाएं डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि इस निर्णय से विशेष रूप से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी वाले चिकित्सकीय विभागों में यह व्यवस्था प्रभावी साबित होगी। ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में भी अनुभवी डॉक्टरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति के बाद 70 वर्ष की आयु तक पुनर्नियुक्ति संबंधी आदेश जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य अनुभवी चिकित्सकों की विशेषज्ञता का अधिकतम उपयोग करते हुए प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सक्षम, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाना है।

उपभोक्ता संघ के माध्यम से मिलेगा ग्लूटेन फ्री गेहूं बीज : मंत्री सारंग

भोपाल  सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ता संघ के माध्यम से ग्लूटेन फ्री गेहूं बीज उपलब्ध कराया जाए। मंत्री  सारंग मंगलवार को मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक एवं विपणन संघ मर्यादित के संचालक मंडल की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में बीज संघ मुख्यालय के कार्यालय के लिए अन्यत्र स्थान पर भवन लेने की अनुमति दी गई। उन्होंने कहा कि 6 माह के अंदर बीज संघ का नया ऑफिस हो, इसके लिए औपचारिक प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाए। मंत्री  सारंग ने संघ की वित्तीय गतिविधियों के आकलन के लिए आउटसोर्स से चार्टर्ड अकाउंटेंट की सेवाएं लेने को भी कहा। उन्होंने संघ के बायलॉज को समिति बनाकर रिव्यू करने के निर्देश दिए। मंत्री  सारंग ने कहा कि बीज संघ बिजनेस मॉड्यूल पर काम करें। बीज संघ व्यावसायिक सोच के साथ आगे बढ़े, इसके लिए आकर्षित करने वाला प्लान तैयार करें। उन्होंने संघ की गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से भी एक्टिविटी करने के लिए एजेंसी हायर करने के निर्देश दिए। बैठक मे प्रबंध संचालक  एम.के. दीक्षित द्वारा बिन्दुवार विषयों को प्रस्तुत किया गया। बैठक के दौरान हाइब्रिड मक्का एवं उद्यानिकी (सब्जी) बीज तथा ग्लूटेन फ्री गेहूं के बीज उत्पादन, विपणन एवं निजी क्षेत्र की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत कीमत पर उपलब्ध कराने के संबंध में संचालक मण्डल को अवगत कराया गया। संचालक मण्डल द्वारा उक्त कार्य की सराहना करते हुए और अधिक हाईब्रिड फसलों के उत्पादन कार्यक्रम लेने, ग्लूटेन फ्री गेहूं एवं सब्जी बीज के विक्रय के लिये उपभोक्ता सहकारी संघ एवं अन्य संस्थानों से एमओयू निष्पादित करने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान मंत्री  सारंग द्वारा बीज संघ के नवीन क्षेत्रों में व्यवसाय विकसित करने के लिए निर्देशित किया गया। बीज संघ के व्यवसाय विविधीकरण के लिए व्यवसाय विशेषज्ञ एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को शामिल करते हुए संघ की उपविधियों में वांछित संशोधन का सुझाव प्रस्तुत करने बाबत कमेटी गठित करने के निर्देश दिये गये, जिससे प्रदेश के कृषकों को प्रमाणित, हाइब्रिड एवं उघानिकी की फसलों के लिये सभी प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई जा सके। संचालक मंडल की बैठक में आगामी आमसभा मे प्रस्तुत किये जाने वाले विषयों का अनुमोदन किया गया। बैठक के दौरान बीज संघ में कार्यरत कर्मचारियों के हित मे भी विभिन्न निर्णय लिये गये।  

टीम में शामिल रहे डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी और एक्टर शोभिनव समेत सभी प्रमुख सदस्य

लखनऊ फिल्म 'हनुमान अंश' की टीम ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। टीम में फिल्म के निर्माता, निर्देशक व सभी प्रमुख कलाकार शामिल रहे। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी और मुख्य अभिनेता शोभिनव ने सीएम योगी को फिल्म के विषय और इसकी आध्यात्मिक पृष्ठभूमि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ जी की पावन पंक्तियों और नाथ संप्रदाय से जुड़े फिल्म के अहम दृश्यों को देखा। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि फिल्म में परम पूज्य बाबा नीब करौरी और नाथ संप्रदाय के सिद्ध संतों की ऐतिहासिक मुलाकातों का विशेष चित्रण किया गया है। शोध बताते हैं कि अपने शुरुआती दौर में बाबा नीब करौरी लंबे समय तक नाथ संप्रदाय के संतों के सान्निध्य में रहे थे, जहां से उन्होंने दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा और शक्तियों को ग्रहण किया था। सीएम योगी ने फिल्म एवं इसके निर्माण से जुड़े सभी सदस्यों के प्रयासों को सराहा और अपनी शुभकामनाएं भी दीं। गौरतलब है कि फिल्म 'हनुमान अंश' प्रसिद्ध संत बाबा नीब करौरी (नीम करौली बाबा) के जीवन और उनकी हनुमान भक्ति पर आधारित है। कम बजट में बनी इस फिल्म को दर्शकों का भारी समर्थन मिल रहा है।

किसानों के लिए बड़ी सुविधा, ऐप से बुक करें खाद और QR कोड दिखाते ही मिलेगा उर्वरक

पूर्णिया  किसानों को अब खाद के लिए उर्वरक दुकानों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। किसान अब ऐप के माध्यम से खाद की बुकिंग कर सकेंगे। फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल के नाम से डिजिटल प्रणाली विकसित किया गया है। इसके तहत किसान घर बैठे मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जरूरत के अनुसार खाद की बुकिंग कर सकेंगे। इसके लिए किसान की फार्मर आईडी होना अनिवार्य है। मोबाइल ऐप पर आधार संख्या और ओटीपी के माध्यम से किसान की पहचान का सत्यापन होगा। ऐप पर किसान अपने खेत और फसल का विवरण दर्ज कर आसानी से मोबाइल से ही खाद की बुकिंग कर रहे हैं। बुकिंग के बाद मोबाइल पर मिलने वाले क्यूआर कोड को अधिकृत विक्रेता के पास स्कैन कराने पर तुरंत खाद उपलब्ध कराई जाएगी। कृषि कर्मियों को दी गई है जागरूकता की जिम्मेदारी अधिकारियों का मानना है कि इससे खाद के वितरण में पारदर्शिता आएगी और वास्तविक किसानों तक उर्वरक पहुंचाने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था को लेकर किसानों को जानकारी देने की जिम्मेदारी पंचायत एवं प्रखंड स्तर के कृषि कर्मियों को दी गई है। किसान सलाहकार, कृषि फसल की जानकारी ऐप में दर्ज करेंगे तो उसके अनुसार उर्वरक की उचित मात्रा ऐप पर दिखेगी। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उन्हें पहले इसे बनवाना होगा। फार्मर आईडी बनने के बाद किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से खाद की बुकिंग कर सकेंगे। कृषि विभाग का मानना है कि डिजिटल बुकिंग शुरू होने के बाद खाद की उपलब्धता और वितरण पर निगरानी पहले से अधिक प्रभावी होगी। बटाइदार भी कर सकेंगे खाद का उठाव जिन किसानों की जमीन उनके नाम पर दर्ज है, वे आसानी से इस व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे। जिन किसानों के पूर्वजों के नाम जमीन दर्ज है या जिनका नाम जमाबंदी में नहीं है, उनके लिए भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्मर आईडी बनाने की व्यवस्था की गई है। संयुक्त स्वामित्व वाली जमीन समेत जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी नहीं बनी है, जो बटाईदार हैं या फिर सामुदायिक, मंदिर, सरकारी अथवा संस्थागत जमीन पर खेती करते हैं, उनके लिए भी इस निर्धारित प्रक्रिया के तहत खाद लेने की पूरी व्यवस्था की गई है। विभिन्न प्रकार की जमीन पर खेती करने वाले किसान भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इस व्यवस्था से जुड़ सकेंगे। जिले में ऐप के माध्यम से एक सितंबर से खाद की बुकिंग शुरू हो गई है। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार अनुशंसित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना और पूरी बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। जिले में अब तक 4,846 किसानों ने ऐप के माध्यम से खाद की बुकिंग की है जिन्हें नियमानुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। – विजय प्रकाश, जिला कृषि पदाधिकारी, पूर्णिया  

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति, केंद्र ने जारी की अधिसूचना

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट को तीन नए न्यायाधीश मिल गए हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद केंद्र सरकार ने संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार की छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय ने मंगलवार को नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी कर दी। तीनों की नियुक्ति उनके संबंधित पद का कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 18 अगस्त 2026 को हुई बैठक में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में तीन न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की अनुशंसा की थी। कॉलेजियम के आधिकारिक रिकॉर्ड में संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार के नाम दर्ज हैं। हाई कोर्ट में पदोन्नयन महत्वपूर्ण संतोष शर्मा वर्तमान में कोरबा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में पदस्थ हैं। सुषमा सावंत छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर की निदेशक हैं, जबकि सुधीर कुमार रायपुर के परिवार न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश के पद पर हैं। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की आधिकारिक न्यायिक अधिकारियों की सूची में तीनों के वर्तमान पद दर्ज हैं। तीनों अधिकारियों के उच्च न्यायिक सेवा में लंबे अनुभव को देखते हुए उनका हाई कोर्ट में पदोन्नयन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नियुक्ति की औपचारिक अधिसूचना सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 18 अगस्त की बैठक में देश के विभिन्न हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्तावों पर विचार किया था। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के लिए तीन न्यायिक अधिकारियों के नाम मंजूर किए गए थे। इसके बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय के स्तर पर प्रक्रिया में था। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नियुक्ति की औपचारिक अधिसूचना जारी होने से तीनों के हाई कोर्ट न्यायाधीश बनने का रास्ता साफ हो गया है।  

अखिलेश यादव ने लॉन्च की समाजवादी छात्र सभा की नई यूनिफॉर्म, नीली टी-शर्ट और जींस में दिखेंगे छात्र

 लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सपा के छात्र संगठन समाजवादी छात्र सभा के लिए नया यूनिफार्म लॉन्च किया। समाजवादी छात्र सभा के नये यूनिफार्म में नीले रंग की टी-शर्ट और नीले रंग की जींस है। टी शर्ट पर समाजवादी छात्र सभा का लोगो छपा है। कार्यक्रम में समाजवादी छात्र सभा की राष्ट्रीय एवं प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए  अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी छात्र सभा दो सप्ताह का कार्यक्रम तय कर कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छात्र जागरूकता अभियान चलाएगी। छात्रों को सदस्य बनाकर, समाजवादी विचारधारा को छात्रों तक पहुंचायेंगे। पीडीए वृक्षारोपण के बाद विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में शिविर लगाकर सम्पर्क कार्यक्रम तथा पर्चा वितरण, विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं से सुझाव पत्र भरवाए जाएंगे। संगोष्ठी में वर्तमान राजनीति में छात्र-छात्राओं एवं युवाओं की भूमिका पर चर्चा होगी जबकि मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान समारोह आयोजित होगा।    अखिलेश यादव ने कहा कि नई पीढ़ी की सोच नई होती है। उसी दिशा में काम कर समाजवादी पार्टी छात्रसभा को नई यूनिफार्म देकर छात्रों के बीच समाजवादी विचारधारा को पहुंचाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि यूनिफार्म सिर्फ यूनिफार्म नहीं होती है, इससे गैरबराबरी खत्म होती है। सब एक तरह से दिखाई देता है। यूनिफार्म यूनिफॉर्मिटी लाती है। इसीलिए छात्रसभा के नौजवान नई सोच, नई विचारधारा के साथ काम करते हुए कालेज-विश्वविद्यालयों में छात्रों को जोड़ेंगे। सपा छात्रसभा के पदाधिकारी छात्रों के बीच समाजवादी विचारों और मूल्यों को लेकर जाएंगे।   अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी प्रोगेसिव एप्रोच, पॉजिटिव सोच, लोकतांत्रिक तरीका, अपने अफरमेटिव और डेमोक्रेटिक एक्शन, सोशलिस्ट विचारधारा को छात्रों के बीच पहुंचाने और पीडीए आंदोलन से छात्रों नौजवानों को जोड़ने के लिए कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का पीडीए पॉजिटिव, डेमोक्रेटिक और अफरमेटिव एक्शन के लिए जाना जाता है। वहीं हमारा पीडीए भाजपा सरकार से पीड़ित, दुखी, अपमानित लोगों को जोड़कर काम कर रहा है। हम सब एक सकारात्मक सोच के साथ एकजुट होकर जमीन पर समाजवादी विचारधारा के लिए काम करेंगे।  अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए का मतलब प्रेेम, दया, अपनापन भी है। हम लोग जितने प्रेम से व्यवहार, दया और अपनापन से काम करेंगे, उसी से समाजवादी छात्रसभा और लोगों को जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की बात वर्षों पुरानी है। सिर्फ न्याय से बात नहीं बनेगी इसलिए पीडीए के लोगों को जोड़कर सामाजिक न्याय के राज की स्थापना का काम करेंगे। सपा के सामाजिक न्याय के राज में किसी के साथ भेदभाव,पक्षपात नहीं होगा। इसमें कोई नकारात्मक चीज नहीं होगी।  अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे देश की पहचान अनेकता में एकता है। अनेक जाति धर्म के लोग मिलकर कर एक साथ रहते हैं। हमारे महापुरुषों ने वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया। हम लोग उसी रास्ते पर चलकर बंधुराष्ट्र बनाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग नकारात्मक है। समाज को बांटने का काम करते हैं उनके लिए समाजवादी छात्र सभा का संदेश बंधुराष्ट्र का होगा।     उन्होंने कहा कि समाज में जितना सौहार्द होगा, भविष्य उतना बेहतर होगा। लोकतंत्र यही रास्ता दिखाता है। बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर का संविधान भी यही रास्ता दिखाता है।  यादव ने कहा कि इधर जेन जी, एल्फा और नई पीढ़ी की बात हो रही है। उनके बीच में नई सोच और नए विचारों के साथ सपा के छात्र नौजवान जोड़ने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि नई टेक्नोलॉजी में नए तरह के कार्य और रोजगार विकसित हो रहे हैं। छात्र सभा के नौजवान जब कालेज कैम्पस में जाएंगे तो नए विचार मिलेंगे, समाजवादी पार्टी छात्रों के नए विचारों को अपने चुनाव घोषणा पत्र में शामिल करेगी जिससे हम लोग नियो इंडिया बनाने में सफल हो। उन्होंने कहा समाजवादी पार्टी का रास्ता लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवता का है।      अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में समाजवादी सरकार बनने के बाद छात्रसंघों के जीते हुए पदाधिकारियों की एक कमेटी बनाकर दुनिया के बेहतरीन विश्वविद्यालय कैम्पस कैम्ब्रिज, आक्सफोर्ड और यूरोपियन यूनियन के विश्वविद्यालयों में टाईअप कर भेंजेगे, भविष्य में छात्रसंघ का क्या रूप हो उस दिशा में काम करेंगे।      अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे खुशी है कि लोगों ने समाजवादी छात्र सभा की नई ड्रेस के नीले रंग को लोकतंत्र, विचारधारा और संविधान से जोड़ा है। नीला रंग बहुजन समाज और बाबा साहब के साथ तो रहा ही है, इधर हम लोग देखते हैं खेल मैदान ग्रीन से ब्लू टर्फ हो गए है। इस नीलू ब्लू कलर में नौजवान अच्छे दिख रहे है। नीले कलर में उम्र कम दिखती है। उन्होंने कहा कि जींस अपने आप में खास कर ब्लू कलर अन्याय के खिलाफ माना जाता है। आज जींस एक फैशन है। हर नौजवान जींस पहनता है। हम नौजवानों को जोड़ने के लिए बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के विचार नकारात्मक हैं। ये लोग रंगों से डरते हैं, नफरत करते हैं। लेकिन भाजपाई भगवान से नहीं डरते हैं। चढ़ावा और चंदा चोरी कर लेते हैं। चढ़ावा चोरी और चंदा चोरी करने वाले सबसे बड़े बहुरूपिया हैं।  इस अवसर पर गोरखपुर की सामाजिक कार्यकर्ता सुशीला चौहान पत्नी राजकुमार चौहान, पूर्व पार्षद विराट चौहान, अंकुश निषाद, गोरखपुर से जिला पंचायत सदस्य कुलदीप निषाद, बीडीसी सदस्य प्रमोद चौहान अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री  अखिलेश यादव ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि इस परिवार के साथ बहुत अन्याय हुआ है। अभी भी न्याय नहीं मिला।        

वर्ष 2047 के विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि हमें स्वतंत्रता बड़े संघर्ष, त्याग और बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। इसकी अक्षुण्णता बनाए रखने और राष्ट्र की प्रगति को निरंतर आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी युवा पीढ़ी पर है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए भारतीय दृष्टि से आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है। वर्ष 2047 के संकल्पित विकसित भारत के निर्माण में हम सभी को मिलकर अपना योगदान देना है। इसके लिए युवाओं का अपनी जिज्ञासाओं का समाधान करना और ज्ञान के प्रति निरंतर जिज्ञासु बने रहना आवश्यक है। हमारे पूर्वजों के ज्ञान और अनुभव के आधार पर भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है। स्व का जागरण ही राष्ट्र जागरण का प्रथम सोपान है। मंत्री  परमार ने यह विचार मंगलवार को भोपाल स्थित आईईएस विश्वविद्यालय में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, आईईएस विश्वविद्यालय एवं दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छात्र-संवाद कार्यक्रम ‘आरोहण-स्व से राष्ट्र की ओर’ में व्यक्त किए। कार्यक्रम में परम पूज्य आचार्य  मिथिलेश नंदिनी शरण महाराज का सान्निध्य प्राप्त हुआ। मंत्री  परमार ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा केवल ज्ञान अर्जित करने की परम्परा नहीं, बल्कि व्यक्ति के समग्र निर्माण और उसके ज्ञान, सामर्थ्य एवं ऊर्जा को राष्ट्रहित से जोड़ने की जीवनदृष्टि है। युवा शक्ति के विचार, ऊर्जा और संकल्प को राष्ट्र निर्माण की दिशा देना ही विकसित भारत के संकल्प की सशक्त आधारशिला है। विद्यार्थियों ने रखीं जिज्ञासाएं, आचार्य  एवं मंत्री  परमार ने दिए उत्तर कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों से आए विद्यार्थियों ने शिक्षा, भारतीय ज्ञान परम्परा, राष्ट्र निर्माण, युवा दायित्व, व्यक्तित्व विकास सहित विविध विषयों से जुड़ी अपनी जिज्ञासाएं एवं प्रश्न रखे। परम पूज्य आचार्य  मिथिलेश नंदिनी शरण महाराज एवं मंत्री  परमार ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का आत्मीयता के साथ समाधान करते हुए उनके जिज्ञासाओं के उत्तर दिए। संवाद के दौरान विद्यार्थियों को अपने प्रश्नों पर चिंतन करने, भारतीय दृष्टि से विषयों को समझने तथा अपनी प्रतिभा एवं ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने की प्रेरणा मिली। ‘स्व’ के जागरण से ही राष्ट्र निर्माण की यात्रा परम पूज्य आचार्य  मिथिलेश नंदिनी शरण महाराज ने व्यक्ति निर्माण की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब ‘स्व’ स्वस्थ और सशक्त होगा, तभी राष्ट्र निर्माण की यात्रा भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने भारतीय गुरुकुल परम्परा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस कालखंड में शिक्षा का उद्देश्य केवल विषयों का ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थी को जीवन के प्रश्नों का समाधान स्वयं खोजने योग्य बनाना था। दीक्षांत के पश्चात विद्यार्थी अपने प्रश्नों का स्वयं समाधान खोजते हुए अपने जीवन की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते थे और यहीं से उनकी ‘स्व से राष्ट्र की ओर’ यात्रा प्रारंभ होती थी। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मचिंतन, चरित्र निर्माण, कर्तव्यबोध और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने का आह्वान किया। उनके प्रेरणादायी संवाद ने विद्यार्थियों को अपने सामर्थ्य को पहचानकर उसे समाज एवं राष्ट्र के हित में लगाने की नई दृष्टि प्रदान की। कार्यक्रम में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी, मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के निदेशक  अशोक कड़ेल, मध्यप्रदेश प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं शिक्षाविद् डॉ. रविंद्र कान्हेरे, महर्षि संस्कृत विश्वविद्यालय, कैथल, हरियाणा के पूर्व कुलपति डॉ. रमेश चंद्र भारद्वाज, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. खेम सिंह डेहरिया, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरु  विजय मनोहर तिवारी, दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के संचालक डॉ. मुकेश मिश्रा, न्यास के प्रांत संयोजक डॉ. भरत व्यास, सह-संयोजक डॉ. अभय गुप्ता, भोपाल संभाग संयोजक  अनीत राय एवं आईईएस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति  बादाम सिंह यादव सहित विश्वविद्यालय के पदाधिकारीगण एवं विभिन्न संस्थानों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।  

दुर्ग में आयोजित हुई उच्च स्तरीय बैठक

रायपुर  छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को व्यावहारिक, समावेशी और जनोपयोगी बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा गठित यूसीसी समिति ने जनपरामर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी कड़ी में मंगलवार, 08 सितंबर को दुर्ग में यूसीसी प्रारूप समिति द्वारा एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।  बैठक में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी  एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता  मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्या मती (डॉ.) ज्योति रानी सिंह की उपस्थिति में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन संबंध जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। पारंपरिक मान्यताओं और कानूनी सुधारों पर चर्चा बैठक के दौरान विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संघों के पदाधिकारियों ने यूसीसी के पक्ष और विपक्ष में खुलकर अपने विचार रखे। इस दौरान पारंपरिक-सामाजिक मान्यताओं से लेकर आधुनिक वैधानिक सुधारों तक के कई अहम पहलुओं पर चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी सुझावों का अध्ययन कर संहिता का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। विविध संगठनों की रही सक्रिय सहभागिता  इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के विभिन्न समाजों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें प्रमुख रूप से साहू समाज, मनवा कुर्मी समाज, कंवर समाज, चंद्रनाहू कुर्मी समाज, गोंडवाना सेवा समिति, आंध्र समाज, हलवा समाज, ताम्रकार समाज, यादव समाज, कंडरा आदिवासी समाज एवं मुस्लिम समाज युवा प्रभाग के पदाधिकारी, सर्व आदिवासी समाज, गोंडवाना गोंड महासभा, बीएसपी एसटी कर्मचारी संघ, भारतीय बौद्ध महासभा और राम मंदिर ट्रस्ट बेमेतरा के प्रतिनिधि शामिल थे। इसी प्रकार नागरिक एवं व्यावसायिक मंच से वरिष्ठ नागरिक कल्याण मंच, प्रज्ञा वरिष्ठ नागरिक संघ, पेंशनर्स संघ, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स और छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के सदस्य सुझाव देने वालों में शामिल थे। डिजिटल माध्यम से भी आमंत्रित किए गए सुझाव बैठक में एडवोकेट प्रांजल शर्मा ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (च्च्ज्) के माध्यम से समान नागरिक संहिता के स्वरूप और प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। समिति ने आम जनता और संगठनों से सुझाव प्राप्त करने के लिए आधिकारिक वेबसाईट http://ucc.cgstate.gov.in एवं ई-मेल  ucc-chhattisgarh@cg.gov.in भी साझा की है।  बैठक में यूसीसी समिति के सदस्य सचिव एवं रायपुर संभाग आयुक्त श्याम धावड़े, दुर्ग संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर, दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह, एडीएम वीरेंद्र सिंह और एसडीएम प्रफुल्ल गुप्ता सहित दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

रामदेवरा मेला 13 सितंबर से, श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने बढ़ाई सुविधा; जोधपुर से कई ट्रेनें उपलब्ध

 जैसलमेर किसी के हाथ में बाबा की ध्वजा है, किसी के सिर पर चुनरी, आंखों में दर्शन की चमक और जयकारों से मेले की आस्था परवान चढ़ रही है। भोर की पहली किरण के साथ कोई बाबा के दरबार के लिए निकल रहा है तो कोई शाम ढलते ही ट्रेन पकड़कर धोरों की उस धरती की ओर बढ़ रहा है, जहां हर रास्ता आस्था से जुड़ जाता है। जोधपुर से रामदेवरा के बीच चल रही नियमित ट्रेनों ने श्रद्धालुओं के इस आस्था-सफर को आसान बना दिया है। इस वर्ष रामदेवरा मेला 13 सितंबर 2026 से शुरू होकर 21 सितंबर 2026 (भादवा सुदी दशमी) तक चलेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मेले में बढ़ते यात्री भार को देखते हुए नियमित ट्रेनों के साथ मेला स्पेशल ट्रेन का भी संचालन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम आवागमन के लिए रेलवे की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। रामदेवरा जाने वाली ट्रेनें जोधपुर से रामदेवरा के लिए सुबह से रात तक नियमित ट्रेनों के विकल्प हैं। ट्रेन संख्या 12249 शकूरबस्ती-जैसलमेर स्वर्णनगरी एक्सप्रेस सुबह 4 बजे जोधपुर से रवाना होकर 7.01 बजे रामदेवरा पहुंचती है वहीं ट्रेन संख्या 20492 साबरमती-जैसलमेर सुपरफास्ट सुबह 6.10 बजे चलकर 9.07 बजे रामदेवरा पहुंचती है। इसी तरह दोपहर में ट्रेन संख्या 74844 भगत की कोठी-जैसलमेर डेमू दोपहर 2 बजे जोधपुर से रवाना होकर 5.25 बजे रामदेवरा पहुंचती है। दोपहर में ही ट्रेन 20486 साबरमती-जैसलमेर सुपरफास्ट जोधपुर से दोपहर 2.50 बजे रवाना होकर शाम 6.25 बजे रामदेवरा, जबकि शाम को ट्रेन संख्या 15014 काठगोदाम-जैसलमेर रानीखेत एक्सप्रेस और 25014 काठगोदाम-जैसलमेर कॉर्बेट पार्क लिंक एक्सप्रेस शाम 5 बजे रवाना होकर करीब 8 बजे रामदेवरा पहुंचती हैं। ट्रेन संख्या 14087 दिल्ली-जैसलमेर रुणिचा एक्सप्रेस शाम 7.40 बजे जोधपुर से रवाना होती है जो रात 11.20 बजे रामदेवरा पहुंचा देती है। साप्ताहिक ट्रेन के रूप में ट्रेन संख्या 22931 बांद्रा टर्मिनस-जैसलमेर सुपरफास्ट प्रत्येक शनिवार को सुबह 3.50 बजे जोधपुर से रवाना होकर 6.40 बजे रामदेवरा पहुंचती है। दर्शन के बाद वापसी की भी राह आसान बाबा के दर्शनों के बाद जोधपुर लौटने वालों के लिए भी सुबह से रात तक ट्रेनें हैं। ट्रेन संख्या 15013 जैसलमेर-काठगोदाम रानीखेत एक्सप्रेस सुबह 4.55 बजे रामदेवरा से रवाना होकर 8.20 बजे जोधपुर पहुंचती है। जबकि ट्रेन संख्या 20485 जैसलमेर-साबरमती सुपरफास्ट सुबह 7.53 बजे चलकर 11.30 बजे जोधपुर पहुंचती है। वहीं 74843 जैसलमेर-भगत की कोठी डेमू सुबह 9.10 बजे रामदेवरा से रवाना होकर 1.10 बजे जोधपुर, 20491 जैसलमेर-साबरमती सुपरफास्ट शाम 5.35 बजे चलकर रात 9 बजे और 12250 जैसलमेर-शकूरबस्ती स्वर्णनगरी एक्सप्रेस शाम 6.21 बजे चलकर रात 9.50 बजे जोधपुर आती है। इसी प्रकार रात में ट्रेन संख्या 14088 जैसलमेर-दिल्ली रुणिचा एक्सप्रेस 8.24 बजे रामदेवरा से रवाना होकर 11.40 बजे जोधपुर पहुंच रही है। वहीं ट्रेन संख्या 22932 जैसलमेर-बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक सुपरफास्ट प्रत्येक शनिवार रात 8.10 बजे रामदेवरा से चलकर 11.30 बजे जोधपुर आने का समय निर्धारित है।