samacharsecretary.com

इंदौर में 11-12 सितंबर को होगा ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’, सुरक्षित और हरित परिवहन पर मंथन

सुरक्षित सफर और ग्रीन मोबिलिटी हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इन्दौर में 11-12 सितम्बर को होगी ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ इन्दौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में आधुनिक परिवहन व्यवस्था के विस्तार के साथ सुरक्षित सफर और ग्रीन मोबिलिटी को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि मध्यप्रदेश में सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण अनुकूल यात्री परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से आगामी 11 एवं 12 सितम्बर को इंदौर में ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का संकल्प है कि हर यात्री को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक परिवहन मिले। सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और प्रभावी बनाने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यात्री परिवहन विजन समिट इसी दिशा में भविष्य की ठोस रूपरेखा तैयार करेगा। उल्लेखनीय है कि समिट में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण तथा इसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी की भूमिका पर विशेषज्ञों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। समिट का फोकस सुरक्षित परिवहन के साथ हरित परिवहन और बेहतर मोबिलिटी की दिशा में नए अवसर तलाशने पर केंद्रित रहेगा। यह समिट प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, टिकाऊ और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए संभावित निवेश और साझेदारी के नए द्वार खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।  

सेमीकंडक्टर सेक्टर में MP की बढ़ेगी भूमिका, मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले- प्रदेश निभाएगा अग्रणी भूमिका

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में मध्यप्रदेश निभाएगा अग्रणी भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई गति देने के लिए मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है। मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर कहा कि राज्य में अत्याधुनिक तकनीक, निवेश और नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है, जिससे मध्यप्रदेश देश के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का महत्वपूर्ण केंद्र बन सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेमीकंडक्टर तकनीक भारत के आत्मनिर्भर और विकसित भविष्य की आधारशिला है। देश में तकनीकी क्षेत्र में हो रहे बदलाव और विकास में मध्यप्रदेश भी सहभागी बन रहा है। सेमीकंडक्टर इंडिया प्रोग्राम 2.0 में मध्यप्रदेश अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। केंद्र सरकार द्वारा 6 राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने के बाद इस क्षेत्र में देश की गति तेज हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी नीतिगत पहल, निवेश-अनुकूल वातावरण और औद्योगिक क्षमता के जरिए इस राष्ट्रीय अभियान को नई ऊंचाई देगा। उल्लेखनीय है कि इंदौर में अगले महीने 23-24 अक्टूबर को ‘एमपी सेमीकंडक्टर समिट-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। समिट में देश-विदेश के निवेशक, तकनीकी विशेषज्ञ और नीति-निर्माता एक मंच पर जुटेंगे। यहां प्रदेश में मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने, निवेश की संभावनाओं, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार पर व्यापक विचार-मंथन होगा।  

महाकाल सवारी को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 2000 से ज्यादा पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात

उज्जैन  भगवान महाकालेश्वर की सोमवार को निकलने वाली राजसी सवारी को लेकर पुलिस ने सुरक्षा का अभेद घेरा तैयार किया है। सवारी मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में 2000 से ज्यादा पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहेंगे। भीड़ में होने वाली चोरी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 100 से ज्यादा जवान सादी वर्दी में तैनात किए जाएंगे। वहीं 100 से ज्यादा ऊंचे भवनों से पुलिसकर्मी पूरे सवारी मार्ग पर निगरानी रखेंगे। आसमान से 10 ड्रोन कैमरे और जमीन पर सीसीटीवी कैमरों के जरिये भी लगातार निगरानी की जाएगी। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि सवारी की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए इंदौर, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, दतिया, शिवपुरी से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। ड्यूटी में लगाए गए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सवारी मार्ग, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर होटल, लाज और धर्मशालाओं की भी लगातार चेकिंग की जा रही है। राजसी सवारी में उमड़ने वाली भारी भीड़ के बीच मोबाइल, पर्स, मंगलसूत्र और चेन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने विशेष टीम बनाई है। 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी सादी वर्दी में भीड़ के बीच तैनात रहेंगे। संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सवारी व्यवस्था में करीब 100 महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। 20 मार्गों पर प्रतिबंध, सात जगह पार्किंग राजसी सवारी के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था भी बदली रहेगी। यातायात पुलिस ने 20 मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित करने और जरूरत के अनुसार कुछ मार्गों को डायवर्ट करने की योजना बनाई है। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए सात स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यातायात डीएसपी दिलीपसिंह परिहार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग बनाई गई है। भोपाल, इंदौर और देवास की ओर से आने वाले श्रद्धालु वाकणकर पार्किंग, मन्नत गार्डन, हरिफाटक ब्रिज के नीचे और कर्कराज पार्किंग में वाहन खड़े कर सकेंगे। बड़नगर और नागदा की ओर से आने वाले श्रद्धालु- कार्तिक मेला मैदान, मक्सी और आगर की ओर से आने वाले श्रद्धालु क्षीरसागर स्टेडियम और सामाजिक न्याय परिसर में वाहन पार्क करेंगे। इन मार्गों पर वाहनों का प्रवेश रहेगा प्रतिबंधित     हरिफाटक टी से बेगमबाग की तरफ जाने वाले सभी प्रकार के वाहन।     दानीगेट से रामानुज कोट तरफ जाने वाले समस्त प्रकार के वाहन।     गुदरी चौराहा से कहारवाड़ी से होकर रामघाट तरफ जाने वाले वाहन।     तेलीवाड़ा से कमरीमार्ग तरफ आने वाले सभी प्रकार के वाहन।     निकास चौराहा से तेलीवाडा की ओर वाहन नहीं ले जा सकेंगे।     क्षीरसागर से कंठाल चौराहा की ओर।     बियावानी से तेलीवाड़ा की तरफ।     नरेंद्र टॉकीज से कंठाल तरफ आने वाले समस्त प्रकार के वाहन।     दानीगेट से रामानुज कोट तरफ, गुदरी चौराहा से कहारवाडी से होकर रामघाट, तेलीवाड़ा से कमरी मार्ग तरफ आने वाले समस्त प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।     भार्गव तिराहे से टंकी चौक तरफ, केडी गेट से कमरीमार्ग तरफ आने वाले, चक्रतीर्थ टर्निंग से दानीगेट तरफ, शंकराचार्य से दानीगेट, तोपखाने से लोहे का पुल, नलिया बाखल से बेगमबाम चौराहा, बारह खोली से बेगमबाग की तरफ सभी प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। इन मार्गों से होगी आकस्मिक निकासी     महाकाल घाटी से हरिफाटक टी, हरिफाटक चौराहा।     महाकाल घाटी से लोहे का पुल होते हुए दौलतगंज, देवासगेट।     गणगौर दरवाजे से छोटी रपट होते हुए।     कमरी मार्ग से केडी गेट होते हुए पत्ती बजार, जूना सोमवारिया।     मुसद्दीपुरा चौराहा से डाबरी पीठा होकर नई सड़क।     भगत जी चौराहे से छोटा सराफा होकर नमकमंड़ी से नई सड़क ।     छत्री चौक बैंक आफ इंडिया के सामने से लखेरवाड़ी होकर लोहे का पुल अथवा नमक मंड होकर नई सड़क।     हरिसिद्धि पाल से हरसिद्धि तरफ।     गुदरी चौराहा से कसाई बाडा बांसफोड़ की गली तरफ।  

अकाली दल के सामने सियासी संकट, जनाधार खिसका और BJP से गठबंधन की राह भी मुश्किल

 जालंधर  पंजाब में अकाली दल के सामने पंथक वोट बैंक को एकजुट करने की बड़ी चुनौती है। 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का मत प्रतिशत घटकर महज 13.42 फीसदी रह गया, जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव में उसे केवल तीन सीटें मिली थीं। यह गिरावट 2017 के बाद से लगातार जारी है, जिससे क्षेत्रीय राजनीति में उसकी पकड़ कमजोर हुई है। पार्टी को अब अपने बिखरे हुए राजनीतिक आधार को फिर से संगठित करना होगा। अकाली दल को 2014 में 26.30 फीसदी और 2019 में 27.45 फीसदी वोट मिले थे लेकिन 2024 में यह आंकड़ा 13.42 फीसदी पर आ गया जिससे पार्टी सिर्फ बठिंडा लोकसभा सीट जीत सकी। इस बीच, सिमरनजीत सिंह मान के नेतृत्व वाले शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) को 2024 में करीब 3.82 फीसदी वोट मिले।  निर्दलीय उम्मीदवार अमृतपाल सिंह और सरबजीत सिंह खालसा की जीत ने भी पंथक वोटों के बिखराव को दर्शाया। इन नतीजों से स्पष्ट है कि अकाली दल से दूर हुआ पंथक वोट कांग्रेस, आम आदमी पार्टी या भाजपा के पास पूरी तरह नहीं गया बल्कि इसका एक हिस्सा नई पंथक राजनीति की ओर मुड़ गया है। सुखबीर बादल के नेतृत्व वाला अकाली दल अपने पुराने संगठन को बचाने का प्रयास कर रहा है। वहीं पुनर्सुरजीत धड़ा और वारिस पंजाब दे जैसे समूह भी अपनी पहचान बना रहे हैं। यह स्थिति अकाली राजनीति के सामने विरोधी दलों से भी बड़ी चुनौती पेश करती है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वर्तमान संकट 1966 में नए पंजाब के गठन के बाद अकाली दल ने क्षेत्रीय राजनीति में मजबूत जगह बनाई। पार्टी ने 1977, 1985, 1997, 2007 और 2012 में सत्ता हासिल की। हालांकि, 2017 के बाद से इसके चुनावी प्रदर्शन में लगातार गिरावट आई है। 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी तीन सीटों तक सिमट गई। 2024 के लोकसभा चुनाव में मत प्रतिशत में भारी कमी ने इस संकट को और गहरा किया है। नई पंथक राजनीति की ओर गया वोट अकाली दल का वोट बैंक पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसका एक बड़ा हिस्सा अब अलग-अलग पंथिक राजनीतिक धाराओं में बंट गया है। सिमरनजीत सिंह मान के नेतृत्व वाले शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) को 2024 में 3.82 फीसदी वोट मिले। निर्दलीय उम्मीदवार अमृतपाल सिंह और सरबजीत सिंह खालसा की जीत भी इसी बदलाव का संकेत है। यह दर्शाता है कि पंथिक वोट राष्ट्रीय दलों के बजाय नई पंथक राजनीति की ओर भी गया है। पुराने गठबंधन की चर्चाएं भाजपा और अकाली दल के पुराने गठबंधन को लेकर पंजाब की राजनीति में चर्चाएं जारी हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 18.56 फीसदी और अकाली दल को 13.42 फीसदी वोट मिले थे। दोनों के मत प्रतिशत को जोड़ने पर यह आंकड़ा करीब 31.98 फीसदी होता है। हालांकि, वोटों का शत-प्रतिशत हस्तांतरण हमेशा संभव नहीं होता है। सितंबर 2026 तक भाजपा ने सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की बात कही है। 2027 के चुनाव से पहले अकाली दल को अपने बिखरे आधार को एकजुट करना होगा।

कुरूद की ग्राम पंचायतों में योजनाओं और विकास कार्यों का आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा ने किया निरीक्षण

रायपुर विकसित भारत-जी राम जी के आयुक्त एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-(ग्रामीण) के संचालक  तारन प्रकाश सिन्हा ने धमतरी जिले के विकासखंड कुरूद की विभिन्न ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों का मैदानी निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पंचायत धूमा में बालिका शौचालय निर्माण, अमृत सरोवर एवं पंचायत भवन का निरीक्षण किया। साथ ही ग्राम पंचायत चरमुड़िया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। बालिका शौचालय निर्माण एवं श्रमिकों से की चर्चा ग्राम पंचायत धूमा में बालिका शौचालय निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए आयुक्त  सिन्हा ने कार्य में लगे श्रमिकों से बातचीत की तथा उन्हें मजदूरी भुगतान की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को श्रमिकों के मजदूरी भुगतान के लिए आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पंचायत में निर्मित अमृत सरोवर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सरोवर से स्व-सहायता समूह द्वारा किए जा रहे मछली पालन की गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने समूह की आयवर्धक गतिविधियों, आजीविका के साधनों और कार्यों की प्रगति के संबंध में सदस्यों से चर्चा की तथा ग्रामीण आजीविका से जुड़े कार्यों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। क्यू आर कोड स्कैन कर देखी ग्राम पंचायत में हुए कार्यों की जानकारी आयुक्त  सिन्हा ने ग्राम पंचायत भवन में क्यू आर कोड स्कैन कर पंचायत में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी का अवलोकन किया। उन्होंने क्लार्ट ऐप एवं युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से प्रस्तावित एवं स्वीकृत कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण की प्रगति की जानकारी पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक से ली। उन्होंने पंचायत स्तर पर योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, समयबद्ध प्रगति तथा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। चरमुड़िया आंगनबाड़ी केंद्र का किया निरीक्षण भ्रमण के दौरान आयुक्त  सिन्हा ने ग्राम पंचायत चरमुड़िया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं, उपलब्ध सुविधाओं एवं संचालन की स्थिति की जानकारी ली तथा बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया। कार्ययोजना में स्थानीय जरूरतों को मिले प्राथमिकता भ्रमण के अंत में जनपद पंचायत कुरूद कार्यालय में कार्यक्रम अधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना तैयार करने, कार्यों को Secure एवं युक्तधारा पोर्टल में शामिल करने तथा स्वीकृति की प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की गई। आयुक्त  सिन्हा ने विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत बारिश के दौरान तथा बारिश के बाद प्राथमिकता के आधार पर किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों एवं ग्रामीणों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्यों का चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना केवल औपचारिकता न होकर स्थानीय जरूरतों के अनुरूप उपयोगी, टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियों के निर्माण का आधार बने। उन्होंने कार्यों की समयबद्ध स्वीकृति, गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में ग्राम पंचायतों में युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से कार्यों की स्वीकृति एवं प्रगति की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का अधिकतम लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा और अधोसंरचना के विस्तार से संवर रहा ग्रामीण अंचल

रायपुर राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने आज रायपुर जिला के तिल्दा विकासखण्ड के ग्राम सगुनी में विकास और जनसेवा से जुड़े कार्यक्रम में नव निर्मित रंगमंच और अमृत सरोवर का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट सेवाओं के लिए शिक्षकों का सम्मान और महिलाओं को पूरक आहार का वितरण किया। मंत्री  वर्मा ने कहा कि ​बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को नया आयाम देते हुए क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की गति को तेज कर दिया गया है।  मूलभूत सुविधाओं की पहुंच प्राथमिकता में ​मंत्री  वर्मा ने स्पष्ट किया कि बलौदाबाजार विधानसभा के लगभग 260 गांवों और 2 नगरपालिकाओं में विकास कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। विकास कार्यों का आवंटन बिना किसी भेदभाव के किया जा रहा है, ताकि हर पंचायत और गांव को इसका समान लाभ मिल सके। प्रत्येक गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और मूलभूत सुविधाओं की पहुंच प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जा रही है। ​शिक्षा व्यवस्था एवं आंगनबाड़ियों का सुदृढ़ीकरण  ​ग्रामीण बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल प्रदान करने के लिए व्यापक स्तर पर अधोसंरचना सुधार जारी है। तिल्दा ब्लॉक के 40 स्कूलों में अतिरिक्त कमरों तथा आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। स्कूलों में पेयजल, बाउंड्री वॉल और शौचालयों का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। इसी तरह हर गांव में आंगनबाड़ी केंद्रों, खेल मैदानों और सामुदायिक शेड के निर्माण को प्राथमिक सूची में शामिल किया गया है। ​गांवों का कायाकल्प और अधोसंरचनात्मक विकास पर विशेष ध्यान  लगाने के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कर जारी कर दी गई है। गांवों में मुक्तिधाम निर्माण, तालाबों का सौंदर्यकरण और पिंडा-बूतरा निर्माण के कार्य प्रगति पर हैं।राजस्व विभाग के माध्यम से लगभग 15 करोड़ रुपए के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिससे ग्रामीण अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी। ​17 सितंबर को विकसित भारत के संकल्प के साथ विशेष आयोजन मंत्री  टंक राम वर्मा ने 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जयंती एवं प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर सभी नागरिकों से दीप प्रज्वलित कर इसे धूमधाम से मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्री राधा-कृष्ण बड़े मंदिर में की पूजा-अर्चना

रायपुर  श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने कवर्धा स्थित श्री राधा-कृष्ण बड़े मंदिर पहुंचकर भगवान श्री राधा-कृष्ण के दर्शन किए। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान श्री राधा-कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।  उप मुख्यमंत्री शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं आनंद का संचार हो। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हमें भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों, उनके जीवन संदेश और धर्म एवं सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, उमंग और खुशियां लेकर आए तथा प्रदेश निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर आगे बढ़े।

शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला नहीं, बल्कि पीढ़ी का निर्माता- रामविचार नेताम

रायपुर  कृषि विकास एवं कल्याण, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि राष्ट्र के भविष्य निर्माण में गुरुजनों का योगदान अमूल्य है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी के चरित्र और सोच का निर्माता होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुरूप जिले में युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयास विद्यालय तथा नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। शिक्षक ही समाज और राष्ट्र की भावी पीढ़ी के सच्चे निर्माता होते हैं, जो ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के जीवन को आकार देते हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय बलरामपुर-रामानुजगंज स्थित ऑडिटोरियम भवन में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास एवं कल्याण, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम रहे। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य, अनुशासन और अच्छे संस्कार भी विकसित करते हैं । वे बच्चों में स्वतंत्र सोच, रचनात्मकता और कुछ नया सीखने की जिज्ञासा को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन इस प्रकार करने का आह्वान किया कि वे समाज के लिए मिसाल बन सकें। 21 उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान समारोह में जिले के 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। ज्ञानदीप पुरस्कार से श्री श्याम सुंदर चौरगे (शिक्षक, शासकीय माध्यमिक शाला कोरवापारा, राजपुर), श्रीमती नीलीमा एक्का (शिक्षिका, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डौरा), श्री जवाहर लाल पैकरा (प्रधान पाठक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिरई, शंकरगढ़) को सम्मानित किया गया। इसी प्रकार शिक्षादूत पुरस्कार जिले के विभिन्न विकासखंडों के 18 शिक्षकों को उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती बबली देवी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

पराली बनेगी कमाई का जरिया, विदिशा में CBG प्लांट से अन्नदाता बनेंगे ‘ऊर्जादाता’

 विदिशा  जिस पराली या नरवाई को किसान फसल कटने के बाद खेत से हटाने के लिए जला देते हैं, वही पराली अब ईधन का कच्चा माल बनेगी। मक्का, धान, गेहूं सहित दूसरी फसलों के अवशेषों से अब कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) बनाने की तैयारी है। इसके लिए इंडियन ऑयल कार्पोरेशन जिले में सीबीजी प्लांट लगाने जा रहा है। यह प्लांट शुरू हो जाने के बाद क्षेत्र का किसान केवल अन्नदाता ही नहीं ऊर्जादाता भी बन जाएगा। उपयुक्त जमीन की तलाश किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत बरवड़े ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर अंशुल गुप्ता और आईओसीएल के अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने प्लांट स्थापना से संबंधित आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने बताया कि इसके लिए नटेरन, बासौदा और कुरवाई क्षेत्र में 15 से 20 एकड़ सरकारी जमीन की तलाश हो रही है। एसडीएम को जमीन चिन्हित करने की कार्रवाई की जा रही है। बताया गया कि यह जमीन आईओसीएल को लंबी अवधि के पट्टे पर दी जाएगी। किसानों की समस्या होगी दूर, कमाई भी होगी फसल कटने के बाद खेत में बचने वाले अवशेष किसानों के लिए लंबे समय से परेशानी बने हुए हैं। इन्हें खेत से हटाने में मेहनत और खर्च लगता है। इससे बचने के लिए अधिकांश किसान इन अवशेषों को खेत में ही जला देते हैं। इससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है। अब सीबीजी प्लांट के लिए क्षेत्र से मक्का, धान, गेहूं सहित विभिन्न फसलों के अवशेष एकत्रित किए जाएंगे। इनका उपयोग बायोगैस और अन्य उत्पाद तैयार करने में होगा। इससे किसानों को फसल की मुख्य उपज के अलावा खेत में बचे अवशेषों से भी आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता बनेगा। विदिशा में जलती है सबसे अधिक पराली इस साल देश भर में पराली जलाने की 68,259 घटनाएं रिपोर्ट हुईं। उनमें से 39,165 यानी आधे से अधिक घटनाएं मध्यप्रदेश में दर्ज हुई हैं। मध्य प्रदेश में भी विदिशा जिला पराली जलाने में सबसे आगे रहा है। यहां इस साल 4465 घटनाएं रिकॉर्ड हो चुकी हैं। पिछले वर्ष भी यहां ऐसी ही स्थिति थी। यह है सीबीजी कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) जैविक कचरे या बायोमास से बनाई गई ऐसी गैस है, जिसका मुख्य घटक मीथेन होता है। इसे सामान्यतः बायोगैस को शुद्ध करके और संपीड़ित यानी कम्प्रेस करके तैयार किया जाता है। गुणवत्ता और उपयोग के लिहाज से यह काफी हद तक सीएनजी की तरह है। इसका उपयोग वाहनों में, औद्योगिक भट्टियों में, खाना पकाने में और कुछ संयंत्रों में बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है।     सीबीजी प्लांट की स्थापना से किसानों के लिए पराली अब केवल अपशिष्ट नहीं रहेगी, बल्कि उसका उपयोग ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा सकेगा। इससे पराली जलाने की घटनाओं को कम करने, पर्यावरण संरक्षण और किसानों को कृषि अवशेषों का उचित मूल्य दिलाने में मदद मिलेगी। प्लांट की स्थापना के लिए आवश्यक भूमि चयन एवं अन्य प्रक्रियाओं को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जा रहा है।     – अंशुल गुप्ता, कलेक्टर, विदिशा।  

रायगढ़ के किसान ने ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती से कमाए 4.25 लाख

रायपुर  ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती (जिसमें नीचे जंगली बैंगन यानी रूटस्टॉक और ऊपर टमाटर या हाइब्रिड बैंगन यानी सायन होता है) पारंपरिक खेती की तुलना में अधिक फायदेमंद और रोग-प्रतिरोधी है। यह पौधा अधिक पानी या लंबे समय तक सूखा और भारी बारिश को आसानी से सहन कर लेता है। ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती 4.25 लाख की आमदनी भी अर्जित की छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड अंतर्गत ग्राम झारआमा के किसान श्री एतवार साय पैकरा ने आधुनिक तकनीक और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से खेती में सफलता की नई मिसाल कायम की है। कभी अनुपयोगी और बंजर पड़ी रहने वाली जमीन पर ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती कर उन्होंने न केवल 187 क्विंटल का बंपर उत्पादन हासिल किया, बल्कि कुल 4.25 लाख की आमदनी भी अर्जित की। तकनीक और सही मार्गदर्शन से मिली सफलता किसान की जमीन गांव से दूर जंगल के समीप स्थित होने और सिंचाई साधनों के अभाव के कारण वहां खेती करना आसान नहीं था। उद्यानिकी विभाग की सलाह पर उन्होंने भूमि का समतलीकरण कराया और सिंचाई के लिए ड्रिप तकनीक एवं मल्चिंग पद्धतियों को अपनाया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2025-26 में उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड सब्जियों की बुआई की। उत्पादन और आय का गणित टमाटर फसल 87 क्विंटल उत्पादन कर 1 लाख 75 हजार रूपए की बिक्री की। इसी प्रकार बैंगन फसल 100 क्विंटल उत्पादन कर 2 लाख 50 हजार रूपए की बिक्री की। कुल उत्पादन व बिक्री 187 क्विंटल 4 लाख 2 5 हजार रूपए की बिक्री की। किसान को कुल लागत 1 लाख 45 हजार रूपए लगा जबकि शुद्ध लाभ 2 लाख 80 हजार रूपए का हुआ। अतिरिक्त उत्पादन और आय की उम्मीद वर्तमान में ग्राफ्टेड बैंगन की फसल से उत्पादन निरंतर जारी है। आने वाले समय में 150 से 200 क्विंटल अतिरिक्त उत्पादन की संभावना है, जिससे 4 से 5 लाख की अतिरिक्त आय होने का अनुमान जताया जा रहा है। एतवार साय पैकरा की इस सफलता को देखकर गांव के अन्य किसान भी आधुनिक और ग्राफ्टेड सब्जियों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।