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उप मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर में छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं रणनीतियों को किया साझा

रायपुर. केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित खेल चिंतन शिविर के दूसरे दिन आज उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने 'गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स' (Good Governance in Sports) पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों पर बेस्ट प्रेक्टिसेस पर आधारित वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिया। साव ने विभिन्न राज्यों से आए खेल मंत्रियों एवं अधिकारियों के समक्ष छत्तीसगढ़ में खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए लागू बेस्ट गवर्नेंस प्रेक्टिसेस (Best Governance Practices) को विस्तार से साझा किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से सुझाव भी प्राप्त किए। चिंतन शिविर में शामिल अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की भावी योजनाओं की सराहना करते हुए इसे एक प्रभावी मॉडल बताया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दौरान दो दिनों तक विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से संवाद कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए छत्तीसगढ़ में बेहतर खेल अवसंरचना, प्रतिभा संवर्धन एवं खिलाड़ियों को अधिक अवसर प्रदान करने पर जोर दिया। साव ने कहा कि प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही भारत वैश्विक खेल शक्ति बनेगा। मजबूत खेल व्यवस्था और प्रोत्साहन से ही देश को ओलंपिक खेलों में बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चिंतन शिविर छत्तीसगढ़ और पूरे देश में खेलों के समग्र विकास, सुदृढ़ खेल व्यवस्था के निर्माण तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। चिंतन शिविर के दूसरे दिन भी आज अलग-अलग सत्रों में खेल प्रशासन, नीतिगत सुधार एवं युवा मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान राज्यों में खेल सामग्रियों के निर्माण, सरकारी योजनाओं तथा स्पोर्ट्स स्टार्ट-अप्स (Sports Startups) को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसमें यह बात प्रमुखता से आई कि भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरणों का निर्माण किया जाए, जिससे देश का खेल उद्योग आत्मनिर्भर बन सके। आज एक महत्वपूर्ण सत्र में सलेक्शन पॉलिसी और एज फ्रॉड (Selection Policy & Age Fraud) पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं स्पष्ट मापदंड सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही उम्र में गड़बड़ी (Age Fraud) की रोकथाम के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया एवं तकनीकी उपाय अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि खेलों में ईमानदारी एवं विश्वसनीयता बनी रहे। आज का अंतिम सत्र 'माई भारत' (MY Bharat) की योजनाओं और इसकी कार्ययोजना (Action Plan) पर केंद्रित रहा। इसमें खेलों के साथ-साथ युवा मामलों को भी समान महत्व देते हुए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक इनका लाभ पहुंच सके। चिंतन शिविर के समापन के दौरान केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि जल्दी ही केवल युवा मामलों पर केंद्रित एक विशेष चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश के दिग्गज खिलाड़ी ओलंपियन श्री अभिनव बिंद्रा, श्री पुलेला गोपीचंद और श्री गगन नारंग सहित खेल प्रशासक और नीति निर्माता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

Moga में बड़ा साइबर फ्रॉड, मुनाफे का झांसा देकर युवक से 20 लाख की ठगी

मोगा. मोगा में आनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर एक युवक से करीब बीस लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। थाना साइबर अपराध पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, मोगा की इंदिरा कालोनी निवासी अनिल कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि वह सोशल माध्यम का उपयोग कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक व्यक्ति द्वारा ट्रेडिंग से जुड़ा एक एप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने भरोसा करते हुए वह एप डाउनलोड कर लिया और उसमें अपनी निजी जानकारी साझा कर दी। लालच में फंस युवक करवाता रहा पैसे जमा कुछ समय बाद उन्हें एक मोबाइल नंबर से संदेश और कॉल प्राप्त हुई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को ट्रेडिंग से जुड़ा जानकार बताते हुए उन्हें निवेश करने के लिए प्रेरित किया। आरोपी ने अलग-अलग तरीकों से उन्हें अधिक लाभ का लालच दिया और धीरे-धीरे उनसे पैसे जमा करवाता रहा। पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने उनसे कुल 20 लाख 4 हजार 260 रुपए अलग-अलग किस्तों में ले लिए। जब पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने आरोपी से संपर्क करना चाहा तो संबंधित मोबाइल नंबर बंद आने लगा। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। साइबर सैल ने जांच  की शुरू वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच साइबर अपराध थाना को सौंप दी। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर कुलविंदर कौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई, जिसके आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में लोग लालच में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति या एप के माध्यम से निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है। फिलहाल पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है।

Vidisha में ग्राहक के साथ धोखा, LPG सिलिंडर से निकला पानी

विदिशा/भोपाल. ग्यारसपुर क्षेत्र में रसोई गैस सिलिंडर में गैस की जगह पानी निकलने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्यारसपुर निवासी विनीताबाई कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लिया था और 13 अप्रैल को सिलिंडर भरवाया था। करीब 12 दिन उपयोग के बाद सिलेंडर ने काम करना बंद कर दिया। परिजनों ने जब सिलेंडर की जांच की तो उसमें से पानी जैसी आवाज आने लगी और झुकाने पर पानी निकलने लगा। शिकायत लेकर एजेंसी पहुंचे विनीता के पति रमेश कुशवाहा को संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जांच में सामने आया कि लगभग 4 किलो गैस उपयोग हो चुकी थी, जबकि शेष सिलेंडर में पानी भरा था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार नया सिलिंडर भरवाने में असमर्थ है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने भी एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में गैस एजेंसी संचालक अभिषेक सुगंधि का कहना है कि उपभोक्ता को दोबारा बुकिंग करने के लिए कहा गया है और नंबर आने पर 4 किलो गैस की राशि समायोजित कर नया सिलेंडर दिया जाएगा। एसडीएम ने किया उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण, व्यवस्थाओं को परखा किसानों की सुविधा और गेहूं उपार्जन कार्य को व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से ग्यारसपुर क्षेत्र में एसडीएम शशि मिश्रा ने विभिन्न उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान चक पाटनी, चिरावटा एवं ग्यारसपुर स्थित वेयरहाउस पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।निरीक्षण के दौरान तुलाई व्यवस्था, नमी मापदंड और रिकॉर्ड संधारण की बारीकी से जांच की गई। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उपार्जन कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित किया जाए। इस दौरान जिला परियोजना प्रबंधक संजय चौरसिया, वित्त जिला प्रबंधक जितेंद्र सुराना, आईबीसीवी जिला प्रबंधक रवि चौकसे, विकासखंड प्रबंधक रेखा वर्मा और सहायक विकासखंड प्रबंधक शोभा झा की टीम ने भी केंद्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने तौल कांटों की स्थिति, तुलाई प्रक्रिया और कार्यप्रणाली की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। टीम ने हमालों से प्रति ट्रॉली गेहूं की मात्रा की जानकारी ली और सर्वेयर तथा वेयरहाउस संचालक से चर्चा कर व्यवस्थाओं का आकलन किया। साथ ही समूह की महिलाओं से संवाद कर उन्हें सहयोग देने के निर्देश दिए, ताकि उपार्जन कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके।

1 मई से तेंदूपत्ता संग्रहण का अभियान, 639 फड़ों पर होगी खरीद व्यवस्था

राजनांदगांव. जिले के वन क्षेत्र में तेंदूपत्ता का अधिक से अधिक संग्रहण सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग द्वारा इस वर्ष 639 फड़ की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है। जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित राजनांदगांव द्वारा तेंदूपत्ता का संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा। तेंदूपत्ता का संग्रहण सुनिश्चित करने के लिए कुल 49334 संग्राहकों को जोड़ने की तैयारी की गई है। वन विभाग के अधिकारियों की माने तो 1 में से तेंदूपत्ता की तोड़ाई ड़ाई शुरूकर दी जाएगी। वन मंडल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहला, मानपुर, अंबागढ़ चौकी पाना बरस, आंधी, डोगर गांव, अर्जुनी, छुरिया चिचोला, बागनदी, डोंगरगढ़ से लगे वन क्षेत्र सहित आसपास के जंगली क्षेत्रों में तेंदूपत्ता का अधिक से अधिक संग्रहण सुनिश्चित करने का कार्य किया जाएगा। जिसकी तैयारियां विभाग द्वारा पूर्ण कर ली गई है। विभाग द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2026 तेंदूपत्ता संग्रहण में प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों की संख्या 50 रखी गई है। लॉट इकाई संख्या – 51 बनाई गई है। संग्रहण केन्द्रों की संख्या (फड़ संख्या) 639 तैयार किए गए हैं। वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण लक्ष्य 80800.000 मानक बोरा रखा गया है। वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता का संग्रहण दर 5500.00 प्रति मा.बो. शासन द्वारा निर्धारित किया गया है।

नए पार्टी कार्यालय का उद्घाटन, राजस्थान में 7 दफ्तरों का वर्चुअल शुभारंभ

टोंक टोंक में भारतीय जनता पार्टी की मेगा सभा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. 27 अप्रैल को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा टोंक पहुंचेंगे. राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का राजस्थान में पहला दौरा होगा. यह दौरा कई मायनों में खास माना जा रहा है. खास इसलिए भी क्योंकि टोंक विधानसभा कांग्रेस नेता सचिन पायलट का गढ़ भी है. इस लिहाज से भी बीजेपी का यह आयोजन अहम माना जा रहा है.   7 नए पार्टी ऑफिस का भी होगा उद्घाटन इसी दौरान, टोंक में बीजेपी के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया जाएगा. साथ ही राजस्थान के छह अन्य पार्टी कार्यालयों का वर्चुअली उद्घाटन भी किया जाएगा. इसके बाद बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ एक बड़ी जनसभा आयोजित होगी. हेलीपैड से लेकर सभा स्थल तक 11 जगहों पर होगा स्वागत सभा को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है. राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत राजस्थानी परंपरा होगा. हेलीपैड से सभा स्थल तक 11 जगहों पर ढोल-नगाड़े और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य स्वागत की तैयारी है. प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पहले ही सभा स्थल का पूजन कर तैयारियों का जायजा लिया है. वहीं, कैबिनेट मंत्री भी तैयारी में जुटे हैं. जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर भी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं. 

निजी परिवहन कर्मियों का प्रदर्शन तेज, Bharatiya Mazdoor Sangh की रैली में Geeta Soni का नेतृत्व; 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा

जांजगीर/रायपुर. भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध छत्तीसगढ़ प्राइवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ के नेतृत्व में रायपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में निजी परिवहन कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार वाहन रैली और धरना प्रदर्शन किया। लगभग 300 ऑटोरिक्शा में भारतीय मजदूर संघ के ध्वज के साथ निकली इस रैली ने श्रमिक एकता का सशक्त प्रदर्शन किया। इस आंदोलन की विशेष बात यह रही कि कार्यक्रम का संचालन महासंघ की अखिल भारतीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी गीता सोनी के कुशल नेतृत्व में हुआ। उनके मार्गदर्शन में पूरे आयोजन को व्यवस्थित, शांतिपूर्ण और प्रभावी तरीके से संचालित किया गया, जिससे श्रमिकों की मांगें मजबूती के साथ प्रशासन तक पहुंचीं। गीता सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि निजी परिवहन कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान केवल संवाद और संगठित प्रयासों से ही संभव है, और संगठन उनके अधिकारों के लिए निरंतर संघर्षरत रहेगा। आंदोलन का नेतृत्व अखिल भारतीय महामंत्री रविशंकर अल्लूरी ने किया, वहीं प्रदेश प्रतिनिधि के रूप में बीएमएस छत्तीसगढ़ के कार्यकारी अध्यक्ष शंखध्वनि सिंह बनाफर उपस्थित रहे। रैली के पश्चात परिवहन मंत्री, डीआरएम रायपुर, परिवहन आयुक्त एवं प्रदेश परिवहन सचिव के नाम 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। इसमें प्रमुख रूप से परिवहन कर्मचारी कल्याण बोर्ड के गठन के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और बीमा सुविधाएं उपलब्ध कराने, सभी स्टेशनों पर प्रीपेड ऑटो बूथ एवं पार्किंग की व्यवस्था, ई-वाहनों के लिए पर्याप्त चार्जिंग प्वाइंट तथा अनधिकृत ओला, उबर और रैपिडो बाइक सेवाओं पर नियंत्रण की मांग शामिल है। कार्यक्रम को सफल बनाने में रायपुर रेलवे स्टेशन प्रीपेड ऑटो संघ के अध्यक्ष राजेश स्वामी, महासचिव दीपक मुदलियार, नारायण दास सोनी, भाटापारा ऑटो चालक संघ से गोविंद मनहरे, शिवकुमार साहू सहित बीएमएस के विभिन्न पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस पूरे आंदोलन ने यह स्पष्ट कर दिया कि गीता सोनी के नेतृत्व में निजी परिवहन कर्मचारियों की आवाज अब और अधिक संगठित, सकारात्मक और प्रभावशाली रूप से सामने आ रही है।

Punjab टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट में हजारों अभ्यर्थी शामिल, परीक्षा केंद्रों पर हलचल

अमृतसर. स्टेट कौंसिल ऑफ रिसर्च ट्रेनिंग की ओर से पंजाब राज्य अध्यापक योग्यता के दूसरे चरण की परीक्षा का आयोजन रविवार को किया जा रहा है। इस परीक्षा में कुल चार हजार से अधिक विद्यार्थी बैठे हैं और पंजाब राज्य अध्यापक योग्यता परीक्षा के लिए अपने आपको आंक रहे हैं. इस परीक्षा में सभी उम्मीदवार शिक्षा विभाग में कार्यरत अध्यापकों को ही शामिल किया गया है। इससे पहले पंद्रह मार्च को पंजाब राज्य अध्यापक योग्यता परीक्षा का आयोजन किया गया था। तब नए उम्मीदवारों को भी परीक्षा पास करने का अवसर दिया गया था। 26 अप्रैल को होने वाली पंजाब राज्य अध्यापक योग्यता परीक्षा को लेकर अध्यापक संगठनों में काफी बवाल मचा हुआ था। पहले यह परीक्षा 19 अप्रैल को आयोजित की जानी थी। लेकिन इसके लिए अध्यापकों को करीब ढाई सौ किलोमीटर दूर सेंटर बनाए गए थे, जिस कारण अध्यापक संगठनों में विरोध पनप गया था। अध्यापकों के विरोध को देखते हुए पंजाब सरकार ने संबंधित अध्यापकों के शहर में ही अब परीक्षा केंद्रों का गठन कर दिया गया है। 26 अप्रैल को होने वाली परीक्षा में संबंधित जिले में बनाए गए परीक्षा केंद्रों में इन सर्विस अध्यापक परीक्षा देंगे। इस परीक्षा के लिए जिले में कुल पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए है। बनाए गए परीक्षा केंद्रों में सुबह व शाम के सेशन में टाउन हाल स्कूल ऑफ एमिनेंस सारागढ़ी, खालसा कालेज सीसे स्कूल ब्वॉयज, खालसा सीसे स्कूल गर्ल्स, गुरु नानक स्कूल घी मंडी में दोनों सेशन में 480-480 उम्मीदवार परीक्षा देंगे। वहीं, छेहरटा सीसे स्कूल ऑफ एमिनेंस में 200-200 उम्मीदवार परीक्षा के लिए बैठेंगे। पहले सेशन की परीक्षा सुबह साढे नौ बजे से 12 बजे तक होगी। व दूसरी शिफ्ट दोपहर ढाई बजे से पांच बजे तक होगी। संबंधित सकूल का स्टाफ परीक्षा को सुचारू रूप से करवाएगा। संबंधित स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र का मुखी कंट्रोलर होंगे। इसके अलावा शिक्षा विभाग ने हर परीक्षा केंद्र में बाहरी स्कूलों से सुपरिटेडेंट तैनात किए है। सुबह सात बजे से माल रोड कंट्रोल रूम से परीक्षा प्रश्न पत्र मिलने शुरू हो जाएंगे। परीक्षा प्रश्न पत्र कलेक्ट करने की जिम्मेदारी कंट्रोलर को दी गई है। एससीईआरटी की ओर से परीक्षा केंद्रों पर आब्जर्वर तैनात किए गए है। इसके अलावा नकल को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के बाहर व अंदर जैमर, कैमरे लगाए गए है। इसके अलावा उम्मीदवारों की बायोमैट्रिक की जाएगी। ताकि कोई बाहरी उम्मीदवार परीक्षा केंद्र में सेंध न लगा सके। परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी: डीईओ डिप्टी डीईओ सेकेंडरी राजेश खन्ना ने बताया कि परीक्षा को लेकर सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली गई है। स्टाफ को ड्यूटी आवंटित की गई है। किसी भी परीक्षा केंद्र में नकल को रोकने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए है। संबंधित कंट्रोलरों व स्टाफ को डयूटी आवंटित करते समय विशेष गाइडलाइन दी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से परीक्षा को सुचारू रूप से करवाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए है। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा को बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग को लिखा गया है। ताकि वहां पर पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाए।

हजारों महिलाओं को सशक्त बनाने वाली Chandrakanti Nage को ‘नारी शक्ति सम्मान’, हुनर से बदल रही हैं जिंदगी

चारामा/कांकेर. न्यू उड़ान जनसेवा फाउंडेशन द्वारा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित ‘आज की नारी: नारी शक्ति सम्मान’ कार्यक्रम में फाउंडेशन की कोऑर्डिनेटर चंद्रकांति नागे को उनके बहुमुखी कौशल और उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके द्वारा किए गए सामाजिक और कौशल विकास कार्यों की एक महत्वपूर्ण पहचान है। कौशल ही बना पहचान का आधार ब्यूटी एवं स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में सक्रिय चंद्रकांति नागे सिलाई, ब्यूटी (पार्लर कार्य) सहित कई व्यावसायिक हुनरों में दक्ष हैं। अपने अनुभव और समर्पण के बल पर वे अपने क्लाइंट्स को उच्च गुणवत्ता की सेवाएं प्रदान कर रही हैं और क्षेत्र में एक विश्वसनीय नाम के रूप में स्थापित हो चुकी हैं। गरिमामयी उपस्थिति में मिला सम्मान इस अवसर पर अभिनेत्री दीपिका चिखलिया एवं कांची सिंह द्वारा, फाउंडेशन के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने उनके कार्यों की सराहना की। हजारों को दिया आत्मनिर्भरता का मार्ग चंद्रकांति नागे ने अपने अनुभव और ज्ञान के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया है। उनके द्वारा प्रशिक्षित कई युवा आज आत्मनिर्भर बनकर अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर चुके हैं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। महिलाओं को देती हैं निरंतर प्रेरणा वे लगातार महिलाओं को अपने हुनर को पहचानने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं। उनका मानना है कि— “जब एक महिला आगे बढ़ती है, तो वह अपने साथ पूरे समाज को भी आगे लेकर जाती है।” प्रेरणादायक सफर की मिसाल चंद्रकांति नागे का यह सफर न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता की कहानी है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो अपने हुनर और मेहनत के दम पर जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना चाहते हैं।

Gwalior में रिश्तों को किया तार-तार, बहन के घर पहुंचे भाई पर जानलेवा हमला

ग्वालियर. शहर के थाटीपुर इलाके में एक युवक पर उसकी बहन के ससुराल में जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। युवक अपनी बहन को ससुराल से लेने गया था, जहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट कर चाकू से हमला किया गया। जानकारी के अनुसार मुरैना निवासी देवेंद्र रजक एक निजी कंपनी में कार्यरत है। उसकी बहन की शादी थाटीपुर स्थित मेहरा कालोनी निवासी सोनू जाटव से हुई है। आरोप है कि शादी के बाद से ही महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और उसके साथ मारपीट की जाती थी। बहन को लेने पहुंचे भाई पर हमला परिवार में शादी होने के कारण देवेंद्र अपनी बहन को लेने शुक्रवार को ग्वालियर पहुंचा। दोपहर में पहुंचने के बाद उसने काफी देर तक बहन को साथ भेजने की गुहार लगाई, लेकिन ससुराल पक्ष ने इंकार कर दिया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। पति, देवर और ससुर ने मिलकर किया हमला रात के समय सोनू जाटव ने देवेंद्र पर हमला कर दिया। जब उसने बचने की कोशिश की, तो उसका भाई कृष्णा और पिता रामौतार रजक भी वहां पहुंच गए। तीनों ने मिलकर देवेंद्र के साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने आई बहन को भी नहीं बख्शा गया और उसे भी पीटा गया। चाकू से गले पर किए वार, हालत गंभीर हमले के दौरान आरोपितों ने देवेंद्र के गले पर चाकू से तीन वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी फरार अस्पताल से मिली सूचना के बाद थाटीपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि घटना के बाद से सभी आरोपित फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। एफआइआर दर्ज बहन के घर आए युवक पर बहन के पति, देवर और ससुर ने हमला कर दिया। यह लोग महिला को भी प्रताड़ित कर रहे थे। एफआइआर दर्ज कर ली है। -विपेंद्र सिंह चौहान, थाना प्रभारी, थाटीपुर

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण प्रयासों की सराहना कर बढ़ाया प्रदेश का मान – मुख्यमंत्री साय

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का लगातार जिक्र होना न केवल राज्य की पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि प्रदेशवासियों के मनोबल को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है। मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में विशाल जनसमूह के साथ “मन की बात” की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “मन की बात” आज देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और जमीनी स्तर के उत्कृष्ट प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देशवासियों से संवाद करते हुए न केवल प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस संवाद के माध्यम से लोगों में सहभागिता की भावना मजबूत होती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख होना राज्य के लिए विशेष सम्मान का विषय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता मजबूत है। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग कर विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की आय में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा पवन ऊर्जा की आवश्यकता और संभावनाओं पर दिए गए विशेष जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने एक अनूठी पहल करते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ घर से लाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को साझा कर साथ में भोजन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास, अपनापन और एकता की भावना को मजबूत करते हैं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, अजय जामवाल, अखिलेश सोनी, रमेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में  गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।