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बांसवाड़ा के वीर जवान मानसिंह को मिलेगा सम्मान, बहादुरी की मिसाल फिर याद

 बांसवाड़ा राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में एक भावुक और गर्व से भरी पहल सामने आई है. वर्ष 1982 में डकैती के दौरान शहीद हुए पुलिस जवान मानसिंह को इस बार पुलिस स्थापना दिवस पर सम्मानित किया जाएगा. यह निर्णय पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी की पहल पर लिया गया है. डकैती के दौरान दिखाई थी बहादुरी मानसिंह उस समय घाटोल पुलिस चौकी में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे. 2 और 3 मार्च 1982 की रात गश्त के दौरान Bank of Baroda की घाटोल शाखा में 8 से 10 इस दौरान मानसिंह ने बिना डरे एक डकैत को पकड़ लिया. बाकी डकैतों ने उन पर जानलेवा हमला किया और तलवार से उनके दोनों हाथ काट दिए. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अंत तक मुकाबला करते रहे और वीरगति को प्राप्त हुए. मरणोपरांत मिला था वीरता पदक उनके इस अदम्य साहस के लिए उन्हें मरणोपरांत पुलिस पदक फॉर गैलेंट्री से सम्मानित किया गया था. उनका बलिदान आज भी पुलिस विभाग के लिए गर्व का विषय है. एसपी सुधीर जोशी ने बताया कि शहीद मानसिंह की याद को जीवित रखने के लिए पुलिस लाइन में उनकी तस्वीर लगाई जाएगी. इससे पुलिसकर्मी और आम लोग उनके साहस से प्रेरणा ले सकेंगे. पार्क का नाम रखा गया ‘शहीद मानसिंह बालोद्यान' पुलिस लाइन में बने चिल्ड्रन्स पार्क का नाम बदलकर “शहीद मानसिंह बालोद्यान” कर दिया गया है. यह कदम उनकी स्मृति को स्थायी रूप देने की दिशा में उठाया गया है. राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस के मौके पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इस दौरान शहीद को श्रद्धांजलि दी जाएगी और उनके साहसिक बलिदान को याद किया जाएगा. एसपी की पहल की हो रही सराहना एसपी सुधीर जोशी ने पुराने दस्तावेज मंगवाकर पूरे मामले का अध्ययन किया और शहीद को सम्मान दिलाने की पहल की. उनकी इस सोच की पुलिस विभाग में व्यापक सराहना हो रही है. 44 साल बाद मिल रहा यह सम्मान आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का मजबूत संदेश देगा.

झाबुआ के बोर्ड परिणामों में शानदार प्रदर्शन पर महिला बाल विकास मंत्री भूरिया ने दी बधाई

भोपाल.  मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों में झाबुआ जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। हायर सेकेंडरी परीक्षा में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करने के साथ ही हाई स्कूल में शीर्ष 10 जिलों में स्थान बनाकर जिले ने सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस उपलब्धि पर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिले के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने इसे “झाबुआ के बदलाव की नई इबारत” बताते हुए कहा कि यह सफलता आदिवासी अंचल में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और कड़ी मेहनत का परिणाम है। मंत्री भूरिया ने अपने संदेश में कहा कि झाबुआ के विद्यार्थियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती। सीमित साधनों के बावजूद विद्यार्थियों ने जिस समर्पण और परिश्रम से यह मुकाम हासिल किया है, वह सराहनीय है। उन्होंने शिक्षकों के योगदान की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और प्रतिबद्धता ने बच्चों को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को और सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे जिले के विद्यार्थी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकें। मंत्री भूरिया ने उन विद्यार्थियों का भी हौसला बढ़ाया जो इस बार सफलता प्राप्त नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि परीक्षा के अंक जीवन का अंतिम पैमाना नहीं होते। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच के साथ पुनः प्रयास करने का आह्वान किया।  

शहरी निकायों के विकास की गति देने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला कल से

भोपाल.  प्रदेश के शहरी निकायों के विकास की गति को तेज करना और उन्हें वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय 16 अप्रैल, गुरुवार को भौरी स्थित सुंदरलाल पटवा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन मैनेजमेंट (SPNIUM) में दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इस कार्यशाला का प्राथमिक लक्ष्य नगरीय निकायों में राजस्व संवर्धन, शहरी सुधारों और सतत् वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर गंभीर विचार-विमर्श करना है। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे कार्यशाला में विभागीय सुधारों पर अपना मार्गदर्शन  प्रदान करेंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कार्यक्रम की रूपरेखा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 16 और 17 अप्रैल को आयोजित होने वाली कार्यशाला के दौरान मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए विषय विशेषज्ञ, अनुभवी अधिकारी और शहरी नियोजन के जानकार अपने नवाचारों और अनुभवों को साझा करेंगे। यह आयोजन प्रदेश के नगरीय निकायों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक प्रभावी मंच सिद्ध होगा। कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में शहरी सुधार से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसमें मुख्य रूप से निकायों की खाली भूमि के आर्थिक उपयोग (लैंड मोनेटाइजेशन), शोधित जल (ट्रीटेड वाटर) के पुन: उपयोग की संभावनाओं, संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) संग्रहण में सुधार और लीज रेंट जैसे विषयों को शामिल किया गया है। साथ ही, कार्यप्रणाली में आधुनिकता और पारदर्शिता लाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) आधारित टूल्स, जैसे यूसीएफ, एईबीएएस और स्पैरो के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी जाएगी, ताकि प्रशासनिक कार्यों को और अधिक सुगम और उत्तरदायी बनाया जा सके। कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण विभिन्न नगर निकायों द्वारा सफलतापूर्वक अपनाई जा रही सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (Best Practices) का आदान-प्रदान होगा। इसके माध्यम से अन्य निकायों को सफल आर्थिक और प्रशासनिक मॉडलों को समझने और उन्हें अपने स्थानीय स्तर पर लागू करने में मदद मिलेगी। इससे न केवल निकायों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि शहरी विकास की परियोजनाओं को भी नई ऊर्जा मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संवाद से स्थानीय निकायों के राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में मध्यप्रदेश के उन सभी नगरीय निकायों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे जिनकी जनसंख्या एक लाख से अधिक है। इसके साथ ही, विभाग के नवनियुक्त मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMOs) को भी इस आयोजन का हिस्सा बनाया गया है, ताकि वे अपने सेवा काल के शुरुआती दौर में ही शहरी प्रबंधन की आधुनिक बारीकियों और वित्तीय अनुशासन से परिचित हो सकें। यह कार्यशाला प्रदेश के शहरी नियोजन को एक नई ऊंचाई पर ले जाने और 'आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश' के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक सार्थक कदम साबित होगी।

बिल्डरों पर शिकंज,CBI की 77 ठिकानों पर देशभर में छापेमारी

फरीदाबाद फरीदाबाद में एक मशहूर रियल एस्टेट कंपनी समेत कई रियल एस्टेट कंपनियों के दफ्तरों पर मंगलवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने जांच की. सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से आई CBI की 4 सदस्यीय टीम सुबह करीब 7 बजे दफ्तर पहुंची, और करीब 10 घंटे तक वहां मौजूद बैंक से जुड़े दस्तावेजों की जांच करती रही. जांच के दौरान CBI अधिकारियों ने बिल्डर द्वारा खरीदारों को बेचे गए घरों से जुड़े दस्तावेजों और कागजातों की भी पड़ताल की. वित्तीय लेनदेन में अनियमितता की जांच अधिकारियों ने इन कागजों के माध्यम से यह समझने की कोशिश की कि घरों की बिक्री और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई है.  बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कंपनी के कर्मचारियों ने अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग किया, और मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराए.  शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच जांच की प्रक्रिया समाप्त हुई, जिसके बाद CBI की टीम जरूरी दस्तावेज लेकर दिल्ली लौट गई. 77 ठिकानों पर छापेमारी दरअसल यह कार्रवाई देशभर में चल रही एक बड़ी जांच का हिस्सा है.  CBI ने बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से जुड़े मामलों में 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 77 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है.  CBI ने मंगलवार को एक प्रेस नोट जारी कर इस पूरी कार्रवाई की जानकारी दी है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई CBI की यह कार्रवाई भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर की जा रही जांच के तहत की गई है. एजेंसी ने विभिन्न बिल्डरों के खिलाफ 22 नए मामले दर्ज किए हैं. आरोप है कि कुछ बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों ने मिलीभगत कर घर खरीदने वाले लोगों के साथ धोखाधड़ी की और उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाया. CBI ने बताया कि इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर 28 मामले दर्ज किए गए थे, जिनकी जांच लगभग पूरी होने वाली है. इन 22 नए मामलों के साथ अब तक कुल 50 मामले दर्ज हो चुके हैं.

प्रधानमंत्री के दृढ़इच्छाशक्ति और साहसिक निर्णय से पूरा होगा महिलाओं का सपना : मुख्यमंत्री साय

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित नारी शक्ति वंदन महासम्मेलन में शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 का पारित होना देश की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे निर्णय प्रक्रिया में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति का अभिनंदन करते हुए कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में नारी का स्थान सर्वोच्च है। हम भगवान से पहले भगवती की पूजा करते हैं और ऐश्वर्य के लिए माता लक्ष्मी, बुद्धि के लिए सरस्वती और बल के लिए दुर्गा की आराधना की जाती हैं। साय ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने के प्रयास पहले भी हुए, लेकिन इसे प्रभावी रूप से लागू करने का साहसिक निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव हो पाया। उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यकाल में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना और महतारी वंदन योजना जैसी पहलों ने महिलाओं के सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हम इस वर्ष को प्रदेश में ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मना रहे हैं और महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, जिससे वे शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्त हुआ है और प्रदेश विकास के नए मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को नया संबल मिलेगा। कार्यक्रम में “पंचायत से पार्लियामेंट तक निर्णय में नारी—नए भारत की तैयारी” के संकल्प को दोहराया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में पहले से ही 14 लाख से अधिक महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जो उनके बढ़ते आत्मविश्वास का प्रमाण है। उन्होंने इस दौरान पुष्प के साथ महिलाओं का अभिनंदन कर बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं की इच्छाशक्ति और संकल्प उन्हें बड़े निर्णय लेने में सक्षम बना रहे हैं। महिलाओं को जिम्मेदारी मिले तो वे देश की तस्वीर बदल सकती हैं। वहीं पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय ने बताया कि यह अधिनियम वर्ष 2029 तक लागू होगा, जिसके तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पद्मऊषा बारले, विधायक पुरंदर मिश्रा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, पद्मऊषा बारले, प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी नीता डोंगरे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

गैस लीकेज से हड़कंप: धनबाद-बोकारो सड़क धंसी, सुरक्षा के लिए पुलिस ने किया बैरिकेडिंग

धनबाद/केंदुआ. केंदुआ में एक बार फिर से भूधंसान हो रहा है। जहरीली गैस का रिसाव अभी पूरी तरह से बंद नहीं हुआ था कि इसी बीच बुधवार की सुबह करीब 8:30 बजे धनबाद-बोकारो मुख्य सड़क दब गई। सड़क करीब दो फीट तक नीचे दबी है। यह घटना भी पुराना महाप्रबंधक आवास के पास घटी है। इस स्थल से जहरीले गैस का भी रिसाव हुआ था। फिलहाल सड़क के दबने के बाद से इस पथ पर आवागमन को पूरी तरह से रोक दिया गया है। वाहनों को केंदुआ पुल से पुराना थाना मोड़ होते हुए धनबाद भेजा जा रहा है। केंदुआडीह थाना पुलिस ने आसपास के लोगों को भी हटा रही है। पुलिस के अनुसार मंगलवार की देर शाम को ही सड़क दबी हुई दिख रही थी, लेकिन इसका अत्यधिक प्रभाव सुबह में दिखा। इसके बाद पुलिस ने तत्काल इस फोर लेन सड़क के दोनों तरफ बैरिकेटिंग लगाकर आवागमन को रोक दिया। सड़क के दबने के साथ ही आसपास के इलाकों में जमीन पर दरारें भी पड़ रही हैं। इससे लोगों में काफी दहशत है। दरारों का यह दायरा लगातार बढ़ रहा है। इससे भूधंसान और मकानों के जमींदोज होने का भी खतरा बढ़ र हा है। सीआइएसएफ तैनात, बीसीसीएल कर्मचारियों ने शुरू की घेराबंदी घटना के बाद से पुलिस के साथ यहां सीआइएसएफ को तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा बीसीसीएल की ओर से इलाके की घेराबंदी की जा रही है। ताकि घटना स्थल की तरफ कोई भी न जाए और जान-माल की सुरक्षा हो सके। हालांकि अभी तक घटना स्थल पर प्रशासन या फिर बीसीसीएल के अधिकारी नहीं पहुंचे हैं। छह अप्रैल को तीन दुकानों में पड़ी थी दरार इसी माह के छह अप्रैल को यहां पर तीन दुकानों में दरारें पड़ी थी। यह दुकानें भी पुराना महाप्रबंधक बंगाल की चाहरदीवारी से सटी हुई थीं। इन दुकानों को खाली कराने के साथ ही बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से मिठ्ठी भराई का काम कराया गया था। लगातार हो रही है नाइट्रोजन भराई केंदुआ स्थिति पुराना महाप्रबंधक आवास और इसके आसपास इलाको में दिसंबर 2025 में कार्बन मानोक्साइड गैस का रिसाव हुआ था। कई लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से राहत कार्य शुरू किया गया था। बीते चार माह से इस इलाके में जहरीली गैस को रोकने के लिए जमीन के अंदर नाइट्रोजन गैस की भराई लगातार हो रही है।  

हैरान करने वाली घटना: ASI ने पोती के हाथ-पैर बांधे, धूप में लिटाया; निलंबन के बाद जांच शुरू

फरीदकोट. पंजाब के फरीदकोट से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पंजाब पुलिस की एक लेडी ASI पर अपनी ही 5 वर्षीय पोती के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। बता दें कि लेडी ASI बच्ची की दादी है जिस पर आरोप है कि उसने बच्ची हाथ-पैर बांधकर घर के बाहर गेट से बांध दिया। बच्ची घंटों तेज धूप में तड़पती रही और चिल्लाती रही, 'मुझे मम्मी के पास जाना है।' इस पूरी घटना का मंजर लोगों ने वीडियो में कैद कर लिया और वीडियो वायरल कर दी। वीडियो वायरल होने के बाद डॉ. प्रज्ञा जैन ने हरकत में आते हुए लेडी ए.एस.आई. दादी सरबीत कौर को सस्पैंड कर दिया है। यह मामला आगे की कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति को भेज दिया गया है। वीडियो में दिखा दर्दनाक मंजर वायरल वीडियो में बच्ची गेट से बंधी जमीन पर रोती-चिल्लाती नजर आती है। उसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए हैं और वह बार-बार “मम्मी के पास जाना है” कहते हुए रो रही है।  बच्ची की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसे रस्सियों से मुक्त कराया। स्थानीय लोगों ने घर का दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। बाद में महिला उसे उठाकर अंदर ले गई। इस पूरे मंजर को देखकर लोगों में रोष फैल गया। वहीं, शुरूआती जांच में पता चला है कि बच्ची के माता-पिता पुर्तगाल में सेट हो गए हैं और बच्ची की देखबाल दादी करती है। बच्ची बाहर खेलने की जिद्द कर रही थी जिसके चलते उक्त ए.एस.आई. दादी ने इस शर्मनाक घटना को अंजाम दिया। ए.एस.आई. सरबजीत कौर जो बच्ची की दादी है ने सफाई देते हुए कहा कि वह उसके पति की तबीयत खराब होने के कारण वह तनाव में थी।  ऊपर से बच्ची बाहर खेलने की जिद कर रही तो उसने बच्ची को डराने के इरादे से यह कदम उठाया। लेकिन उसे अब अपनी गलती का अहसास है। वहीं, पुलिस और बाल कल्याण समिति द्वारा मामले की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने साफ किया है कि बच्चे के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

आर.टी.ई. अंतर्गत निजी विद्यालयों में प्रवेश हेतु ऑनलाइन लॉटरी से चयन सूची जारी

रायपुर.  छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आज दिनांक 15 अप्रैल 2026 को पूर्व निर्धारित समय-सारणी के अनुसार आर.टी.ई. अंतर्गत निजी विद्यालयों में प्रवेश हेतु प्राप्त आवेदनों की चयन सूची ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से मंत्रालय महानदी भवन के मुख्यमंत्री कक्ष  से जारी की गई। यह प्रक्रिया मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शिक्षा मंत्री की उपस्थिति में सम्पन्न कराई गई। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल परदेशी , उपसंचालक लोक शिक्षण  अशोक नारायण बंजारा ,आर टी  ई प्रभारी महेश नायक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आवेदन एवं चयन की स्थिति इस वर्ष कुल 21 हज़ार 975 सीटों के विरुद्ध 38 हजार 439 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 27 हजार 203 आवेदन पात्र एवं 11 हज़ार 236 आवेदन अपात्र पाए गए। पात्र आवेदनों में से 14 हजार 403 विद्यार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया गया है। यह चयन संख्या मुख्यमंत्री डी.ए.व्ही. विद्यालयों की आर.टी.ई. सीटों को छोड़कर है। इन विद्यालयों में जिला स्तर पर ऑफलाइन लॉटरी आयोजित कर पृथक जानकारी आर.टी.ई. पोर्टल में अपडेट की जाएगी। जिलेवार चयनित विद्यार्थियों का विवरण जिलेवार चयनित विद्यार्थियों की स्थिति इस प्रकार है- रायपुर में 2606, बिलासपुर में 1509, दुर्ग में 1059, कोरबा में 534, राजनांदगांव में 480, बलौदाबाजार-भाटापारा में 457, जांजगीर-चांपा में 500, मुंगेली में 702, कवर्धा में 367, धमतरी में 354, बलरामपुर में 798, रायगढ़ में 544, बेमेतरा में 315, जशपुर में 543, सक्ती में 347, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 258, महासमुंद में 244, कांकेर में 471, बालोद में 353, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 195, सूरजपुर में 427, सरगुजा में 273, गरियाबंद में 193, कोरिया में 179, बस्तर में 135, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 206, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 112, कोंडागांव में 101, नारायणपुर में 35, मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 48, दंतेवाड़ा में 35, सुकमा में 9 तथा बीजापुर में 14 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। सीटें रिक्त रहने के प्रमुख कारण कुछ निजी विद्यालयों में आर.टी.ई. सीटें पूर्ण रूप से नहीं भर पाईं। इसका मुख्य कारण यह है कि कई विद्यालयों को आवेदकों द्वारा प्राथमिकता नहीं दी जाती, जिससे उनके लिए आवेदन प्राप्त नहीं होते। साथ ही जिन विद्यालयों को द्वितीय या तृतीय प्राथमिकता में रखा जाता है, वहां भी सीटें रिक्त रह जाती हैं, क्योंकि आवेदकों को उनकी प्रथम प्राथमिकता वाले विद्यालय में प्रवेश मिल जाता है। परिणामस्वरूप ऐसे विद्यालय, जो किसी भी आवेदक की प्राथमिकता में नहीं आते, उनकी सीटें खाली रह जाती हैं। राज्य शासन द्वारा आर.टी.ई. प्रवेश प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न किया गया है। आगामी चरणों में शेष सीटों की पूर्ति एवं ऑफलाइन लॉटरी से संबंधित जानकारी आर.टी.ई. पोर्टल के माध्यम से जारी की जाएगी।

नवागढ़ अध्यक्ष केस में बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी आदेश पर लगाई स्टे

नवागढ़/बिलासपुर. बेमेतरा जिले के नगर पंचायत नवागढ़ के अध्यक्ष सिद्धांत चौहान को हटाने के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक लगा दी है। कोर्ट ने उन्हें हटाने के आदेश के प्रभाव एवं प्रचलन (इम्प्लीमेंटेशन) पर भी फिलहाल स्थगन दिया है। न्यायालय ने सिद्धांत चौहान को पद पर बने रहते हुए कार्य करते रहने की अनुमति दी है। मामले की अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, सिद्धांत चौहान का चुनाव सीधे जनता के द्वारा नगर पंचायत नवागढ़ के अध्यक्ष के पद पर दिनांक 15.02.25 को हुआ, और पहली मीटिंग दिनांक 08.03.25 को हुई, जिसमें उपाध्यक्ष का चुनाव किया गया। 11.03.25 को सिद्धांत चौहान द्वारा प्रेसिडेंट इन काउंसिल का गठन किया गया, परंतु प्रेसिडेंट इन काउंसिल के सदस्यों द्वारा इस्तीफा प्रस्तुत किया गया, जिसे सिद्धांत चौहान द्वारा अस्वीकार कर दिया गया। इसके पश्चात नगर पंचायत नवागढ़ के विभिन्न कार्यों का संपादन नियमानुसार सिद्धांत चौहान द्वारा किया गया। पार्षदों द्वारा असहयोग किए जाने पर निर्माण व आवश्यक कार्यों से संबंधित सभी प्रस्ताव सामान्य सभा में प्रस्तुत किए गए और कोरम पूर्ण न होने पर स्थगित adjourn मीटिंग में उन सभी प्रस्तावों को पास किया और कार्य किए गए। परंतु राजनीतिक विद्वेषवश राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 41(क) के अंतर्गत दिनांक 04.12.25 को सिद्धांत चौहान को अध्यक्ष पद से हटाने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसका जवाब सिद्धांत चौहान द्वारा विस्तार से सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया गया। लेकिन जवाब को संतोषजनक न मानते हुए, नए-पुराने आधारों पर सिद्धांत चौहान को राज्य सरकार द्वारा आदेश दिनांक 20.03.26 के माध्यम से अध्यक्ष पद से हटा दिया गया और अगले कार्यकाल के लिए अनर्ह घोषित किया गया। उक्त आदेश दिनांक 20.03.26 को सिद्धांत चौहान द्वारा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अपने अधिवक्ता प्रतीक शर्मा, प्रज्ञा वैष्णव एवं अरिंदम मित्रा के माध्यम से रिट याचिका प्रस्तुत कर चुनौती दी गई, जिसमें न्यायमूर्ति एन. के. चंद्रवंशी द्वारा सुनवाई के पश्चात आदेश दिनांक 20.03.26 के प्रभाव एवं प्रचलन पर रोक लगा दी गई है। कोर्ट ने सरकार और प्रशासन से मांगा जवाब अगली सुनवाई तक सिद्धांत चौहान को नगर पंचायत नवागढ़, जिला बेमेतरा के अध्यक्ष पद पर कार्य करते रहने की अनुमति दी गई है तथा राज्य सरकार, सचिव नगर विकास एवं प्रशासन, संचालक, अंडर सेक्रेटरी, कलेक्टर बेमेतरा और नगर पंचायत नवागढ़ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

प्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बनेगा देश का अग्रणी राज्य : मंत्री शुक्ला

भोपाल.  नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। प्रदेश जल्द ही सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। मंत्री शुक्ला ने रेस्को की विकासक इकाइयों को बेहतर गुणवत्तापूर्ण कार्य निर्धारित समय-सीमा में करने के निर्देश दिये। मंत्रालय में बुधवार को मंत्री शुक्ला की उपस्थिति में "प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना'' अंतर्गत प्रदेश में शासकीय भवनों की छतों पर रेस्को पद्धति के माध्यम से सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने के लिये शासकीय संस्थाओं और रेस्को विकासक इकाइयों के बीच विद्युत क्रय अनुबंध (एमओयू) हुए। मंत्री शुक्ला ने बताया कि पुलिस, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा जेल विभाग के शासकीय भवनों में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना के लिये शासकीय संस्थाओं एवं रेस्को विकासक इकाइयों के बीच हुए विद्युत क्रय अनुबंध में विभिन्न कार्य सम्पादित किये जायेंगे। पुलिस विभाग के स्पेशल ब्रांच पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, श्यामला हिल्स (हुजूर) में 185 किलोवॉट, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत जिला चिकित्सालय बैरागढ़ में 100 किलोवॉट तथा जेल विभाग के अंतर्गत न्यू सेंट्रल जेल में 370 किलोवॉट क्षमता के सोलर रूफटॉप संयंत्र रेस्को मोड में स्थापित किए जाएंगे। मंत्री शुक्ला ने बताया कि इन परियोजनाओं के लिए मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम, होराइजन रेस्को एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड एवं संबंधित हितग्राही संस्थाओं के बीच विद्युत क्रय अनुबंध हुए हैं। विद्युत क्रय अनुबंधों पर पुलिस विभाग की ओर से उप पुलिस अधीक्षक अमिताभ श्रीवास्तव, स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी जे.के. जैन तथा जेल विभाग की ओर से जेल अधीक्षक राकेश कुमार द्वारा हस्ताक्षर किये। रेस्को पद्धति के अंतर्गत संयंत्र की स्थापना एवं 25 वर्षों तक उसका संचालन एवं रख-रखाव पूर्णतः रेस्को विकासक इकाई द्वारा किया जाता है। इस अवधि में संयंत्र की वारंटी भी विकासक इकाई के पास रहती है। इस मॉडल की विशेषता यह है कि शासन को संयंत्र स्थापना के लिये कोई प्रारंभिक व्यय नहीं करना पड़ता। शासकीय कार्यालयों द्वारा उपयोग की गई ऊर्जा के लिए प्रति यूनिट निर्धारित दर से भुगतान किया जाता है। भोपाल जिले में यह दर ₹3.78 प्रति यूनिट निर्धारित है। निवेश शून्य, बचत पहले दिन से मंत्री शुक्ला ने बताया कि शासकीय संस्थान “शून्य निवेश, पहले दिन से बचत एवं नेट-जीरो की दिशा में अग्रसर” की अवधारणा को साकार कर सकेंगे। संयंत्र स्थापना का कार्य निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चयनित रेस्को विकासक इकाइयों द्वारा किया जा रहा है। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड द्वारा प्रदेश के शासकीय भवनों को रेस्को मोड में सौर ऊर्जा से आच्छादित करने के लिये “एक जिला-एक रेस्को” की तर्ज पर 55 जिलों के लिए 48 मेगावॉट क्षमता के लगभग 1300 शासकीय भवनों के लिये जिलेवार निविदाएं जारी की गई थीं। इस प्रक्रिया में 13 विकासकों का सफलतापूर्वक चयन कर 47 जिलों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। मंत्री शुक्ला ने बताया कि निविदा प्रक्रिया में न्यूनतम दर इंदौर जिले के लिए ₹3.40 प्रति यूनिट, ग्वालियर जिले के लिए ₹3.49 प्रति यूनिट, भोपाल जिले के लिए ₹3.78 प्रति यूनिट, उज्जैन जिले के लिए ₹3.97 प्रति यूनिट तथा अधिकतम ₹4.01 प्रति यूनिट की दर प्राप्त हुई है। इस योजना के प्रभावी एवं दक्षतापूर्ण क्रियान्वयन से प्रदेश निश्चित ही सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान स्थापित करेगा।