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अजनाला केस में बड़ा अपडेट: अमृतपाल सिंह की NSA हटते ही गिरफ्तारी, डिब्रूगढ़ से शिफ्ट नहीं होंगे

चंडीगढ़. खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के मामले में पंजाब सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट रणनीति तय कर ली है। सूत्रों के अनुसार, 22 अप्रैल को समाप्त हो रही राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत को आगे बढ़ाने की संभावना नहीं है, लेकिन इसके साथ ही अमृतपाल की रिहाई भी नहीं होगी। राज्य पुलिस अजनाला थाना हमले के मामले में उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार करेगी, जिसके बाद वह असम की डिब्रूगढ़ जेल में ही बंद रहेगा। पंजाब गृह विभाग ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर साफ किया है कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा कारणों से अमृतपाल को एनएसए समाप्त होने के बाद भी डिब्रूगढ़ जेल में ही रखा जाए। राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के संयुक्त आकलन के बाद यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने अंतिम समय में किसी भी बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया है। फरवरी 2023 में अमृतसर के अजनाला थाने पर हुए हमले के मामले में अमृतपाल सिंह को मुख्य आरोपित बनाते हुए कुल 41 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कई गंभीर धाराओं में आरोप तय किए गए हैं। इनमें धारा 307 (हत्या का प्रयास), 353 (लोक सेवक पर हमला), 186 (सरकारी कार्य में बाधा), 506 (आपराधिक धमकी), 332 और 333 (लोक सेवक को चोट व गंभीर चोट पहुंचाना), 120बी (आपराधिक साजिश), 427 (नुकसान), 148 (दंगा), 149 (गैरकानूनी जमावड़ा) और 201 (साक्ष्य मिटाना) शामिल हैं। इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 25 भी लगाई गई है। जांच के अनुसार, अमृतपाल अपने समर्थकों के साथ हथियारों से लैस होकर अजनाला थाने पहुंचा था। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़े, थाने में घुसकर पुलिसकर्मियों से टकराव किया और एक साथी को जबरन छुड़ाने की कोशिश की। इस घटना के बाद राज्यभर में व्यापक सुरक्षा अभियान चलाया गया था। मामले की सुनवाई अब तक शुरू नहीं हो सकी है, क्योंकि अमृतपाल एनएसए के तहत निरुद्ध था। अब आरोप तय होने के बाद ट्रायल प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है। पुलिस ने डिब्रूगढ़ जेल जाकर गिरफ्तारी की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए टीम तैयार कर ली है। इसी मामले में सरकार पहले ही अमृतपाल के नौ करीबी सहयोगियों की एनएसए हिरासत समाप्त कर उन्हें पंजाब ला चुकी है। इनमें पापलप्रीत सिंह (मीडिया सलाहकार), कुलवंत सिंह राउके, हरजीत सिंह चाचा, गुरिंदर पाल सिंह उर्फ गुरी, गुरमीत सिंह बुक्कनवाला, भगवंत सिंह, दलजीत सिंह कालसी, बसंत सिंह और वरिंदर सिंह उर्फ फौजी शामिल हैं। सभी आरोपित वर्तमान में पंजाब की विभिन्न जेलों में बंद हैं और पुलिस कस्टडी में हैं। अमृतपाल सिंह को अप्रैल 2023 में मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से वह डिब्रूगढ़ जेल में निरुद्ध है। 2024 के लोकसभा चुनाव में उसने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में 1.9 लाख मतों से जीत दर्ज की थी। उसने 5 जुलाई 2024 को शपथ ली, लेकिन इसके बाद किसी संसदीय कार्यवाही में भाग नहीं ले सका। संसद सत्र में शामिल होने के लिए दायर उसकी पैरोल याचिकाएं भी अदालत ने कानून-व्यवस्था के आधार पर खारिज कर दी थीं। 22 अप्रैल के बाद की कार्रवाई इस पूरे मामले में निर्णायक होगी। मौजूदा संकेत यही हैं कि एनएसए हटेगा, लेकिन अमृतपाल की हिरासत समाप्त नहीं होगी और अजनाला कांड में गिरफ्तारी के साथ कानूनी शिकंजा ढीला नहीं पड़ेगा और अजनाला कांड में गिरफ्तारी के साथ मामला अगले चरण में प्रवेश करेगा।

मुंगेली में बड़ा घोटाला: धान स्टॉक जांच में 2.54 करोड़ की अनियमितता, केंद्र प्रभारी के खिलाफ केस

मुंगेली. जिले में धान खरीदी को लेकर बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। जिले के हथनीकला धान खरीदी केंद्र में पदस्थ प्रभारी विक्रम सिंह राजपूत पर करीब ₹2.54 करोड़ के धान गबन का आरोप लगा है। मामले में सिटी कोतवाली थाना में FIR दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बता दें कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा मुंगेली में पदस्थ पर्यवेक्षक भरत लाल कौशिक ने इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखित आवेदन में आरोप लगाया है कि आरोपी द्वारा कुल 8216.30 क्विंटल धान की हेराफेरी कर अमानत में खयानत की गई है, जिसकी कुल कीमत ₹2,54,70,530 है। हथनीकला धान खरीदी केंद्र. कलेक्टर के निर्देश पर गठित हुई जांच टीम भरत लाल कौशिक ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर (सहकारिता शाखा) मुंगेली द्वारा 30 मार्च 2026 को संयुक्त जांच दल गठित किया गया था। इस जांच दल में नायब तहसीलदार चंदन दुबे, सहकारिता विस्तार अधिकारी मिथलेश साहू, खाद्य निरीक्षक भानूप्रिया नंदकर, जिला सहकारी बैंक सरगांव के पर्यवेक्षक सुनील यादव और मंडी निरीक्षक शुभम पैकरा शामिल थे। टीम ने 8 अप्रैल 2026 को अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। भौतिक सत्यापन में सामने आई गड़बड़ी जांच रिपोर्ट में भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई। ऑनलाइन रिकॉर्ड में 9798.70 क्विंटल धान दर्शाया गया था, जबकि मौके पर केवल 7534 क्विंटल (18835 बोरी) धान ही मिला। इसके अलावा 682.30 क्विंटल का वजन शॉर्टेज पाया गया। इस प्रकार कुल 8216.30 क्विंटल धान की कमी सामने आई, जिसकी कीमत प्रति क्विंटल ₹3100 के हिसाब से ₹2,54,70,530 आंकी गई है। धान की किस्म में भी बड़ा अंतर जांच में यह भी पाया गया कि धान की किस्म में भारी अंतर है। ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार मोटा धान 261.60 क्विंटल और सरना धान 9537.10 क्विंटल दर्ज था, जबकि मौके पर मोटा धान 1260.40 क्विंटल और सरना धान मात्र 322 क्विंटल पाया गया। इस तरह मोटा धान 998.80 क्विंटल अधिक और सरना धान 9215.10 क्विंटल कम मिला। नियमों का उल्लंघन, सिस्टम से छेड़छाड़ के मिले संकेत जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं। कंप्यूटर ऑपरेटर की अनुपस्थिति में डेटा एंट्री की गई, जबकि बारदाना प्रभारी की गैरमौजूदगी में धान की लोडिंग और रख-रखाव किया गया। साथ ही आरोपी और उसके पिता द्वारा अनियमित तरीके से कार्य संचालन किए जाने की बात भी सामने आई है। जांच के दौरान जवाब नहीं देने पर दर्ज हुई FIR जांच के दौरान आरोपी विक्रम सिंह राजपूत पिछले 3-4 दिनों से अनुपस्थित पाया गया। उसका मोबाइल फोन बंद मिला और घर पर नोटिस चस्पा करने के बाद भी वह उपस्थित नहीं हुआ। इससे जानबूझकर गड़बड़ी करने की आशंका और मजबूत हो गई है। सहायक आयुक्त सहकारिता द्वारा आरोपी को 10 अप्रैल 2026 को अंतिम अवसर देकर जवाब मांगा गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा में कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद नोडल अधिकारी के निर्देश पर 13 अप्रैल 2026 को सिटी कोतवाली थाना मुंगेली में FIR दर्ज कराई गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा जिले में लोक निर्माण विभाग के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा जिले में लोक निर्माण विभाग के आधारभूत संरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की कमिश्नर बंगला से ढेकहा तिराहे तक 700 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा फ्लाइओवर लक्ष्मण बाग, संस्‍कृत विश्‍वविद्यालय तक सहज एवं सुगम पहुंच मार्ग के लिये बिछिया नदी में बनेगा पुल भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में रीवा जिले में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत प्रस्तावित सड़क एवं आधारभूत संरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र अंतिम रूप देकर टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की जाए जिससे विकास कार्य समयबद्ध रूप से शुरू हो सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा में कमिश्नर बंगला से ढेकहा तिराहे तक 700 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित फ्लाइओवर निर्माण कार्य पर विशेष चर्चा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह फ्लाइओवर वर्तमान यातायात दबाव को कम करने के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक एवं दूरदर्शी ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रणाली विकसित करेगा। इसके निर्माण से शहर में सुगम एवं व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित होगा तथा यातायात बाधाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने लक्ष्मण बाग से कुठुलिया मार्ग में बिछिया नदी पर प्रस्तावित पुल निर्माण कार्य की भी समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि कुठुलिया मार्ग का विकास लक्ष्मण बाग सहित संस्‍कृत विश्‍वविद्यालय तक सहज एवं सुगम पहुंच का मार्ग प्रशस्त करेगा। इससे विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्थानीय नागरिकों को आवागमन में विशेष सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने रिवर फ्रंट के सौंदर्यीकरण कार्य को भी परियोजना में शामिल करने के निर्देश दिए। बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति एवं कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की।

पुलिस-एसटीएफ की संयुक्त छापेमारी, दो तस्कर गिरफ्तार

सुलतानपुर जिले में पुलिस व एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में दो तस्करों से 15 कुंतल 20 किलो गांजा बरामद हुआ है। इसे ट्रक में 50 बोरियों में लादकर लखनऊ ले जाया जा रहा था। तस्करों की पहचान मुजफ्फरनगर जिले के सिखरेड़ा के नासिर पुत्र अली हसन तथा लखनऊ के फतेहगंज पारा मोहन रोड निवासी वर्ष आर्या पुत्र जय नारायण के रूप में हुई है। सीओ सौरभ सावंत ने बताया कि पुलिस टीम को उड़ीसा से लखनऊ की ओर जा रहे एक ट्रक में भारी मात्रा में गांजा रखे होने की जानकारी मिली थी। इस पर कुड़वार व बंधुआकला पुलिस तथा एसओजी टीम ने लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर रवनिया के पास बैरियर लगाकर ट्रक को राेक कर तलाशी ली। ट्रक में 50 बोरी में 15.20 कुंतल गांजा रखा हुआ था। ट्रक में सवार दोनों आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि वे इसे लखनऊ में किसी व्यक्ति को देने जा रहे थे। उनके पास से दो मोबाइल फोन व 4150 रुपये नकद बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत केस दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। सड़क हादसे से खुला था गांजा तस्करी का राज सुलतानपुर: 11 अप्रैल को लंभुआ के बेदूपारा बाईपास पर दुर्घटनाग्रस्त कार से सात पैकेटों में रखा साढ़े छह किलो गांजा बरामद किया गया था। इस मामले में लखनऊ के ही दो युवक हर्ष यादव व अभिषेक अग्निहोत्री पकड़े गए थे। पूछताछ में दोनों ने बताया था कि वे अपने साथियों रुद्रा और मनिया के साथ जौनपुर के बदलापुर से गांजा खरीदकर लखनऊ ले जा रहे थे। वहां वे पैकेट बनाकर दो से ढाई सौ रुपये में नशेड़ियों को बेचते थे।  

गैस प्रभावित क्षेत्र में डेढ़ फीट जमीन धंसी, बीसीसीएल ने शुरू की जांच

 धनबाद झारखंड के धनबाद जिले के केंदुआडीह कोलियरी के गैस प्रभावित क्षेत्र ओल्ड जीएम बंगला के पास धनबाद केंदुआ मुख्य मार्ग पर बुधवार को कई जगह करीब डेढ़ फीट जमीन धंस गई. घटना से गैस प्रभावित क्षेत्र में भू- धसान का खतरा बढ़ गया है. हालांकि इस घटना में जान माल की क्षति नहीं हुई है. सुरक्षा के मद्देनजर रास्ता किया गया डायवर्ट स्थानीय प्रशासन ने मामले को देखते हुए फिलहाल सुरक्षा के लिए दरार क्षेत्र को बैरिकेडिंग कर आवागमन पुराना थाना के रास्ते डायवर्ट कर दिया है. बीसीसीएल प्रबंधन ने लिया जायजा इधर घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय बीसीसीएल प्रबंधन भी घटना स्थल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. बीसीसीएल प्रबंधन और प्रशासन मामले की लगातार मॉनिटरिंग करने में जुटी हुई है. सड़क की जमीन धसने वाले जगह को बीसीसीएल ने पहले से ही भू धसान और अग्नि प्रभावित क्षेत्र घोषित कर रखा है. सड़क की दरार के जद में कुछ घर भी आ सकते है, जिसका आकलन करने में बीसीसीएल प्रबंधन जुटा हुआ है. जानकारी के अनुसार बीसीसीएल प्रबंधन गैस प्रभावित क्षेत्र में रहनेवाले दर्जनों घरों के परिवारों को शिफ्टिंग कराने को प्रयासरत है. स्थानीय लोगों में आक्रोश स्थानीय लोगो ने सड़क पर पहुंच बीसीसीएल के कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर विरोध जता रहे है. स्थानीय लोगों का कहना है बीसीसीएल पिछले चार माह से गैस कि समस्या से लोगो निजात दिलाने के लिए वैज्ञानिकों कि टीम के साथ कार्य कर रही है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकाल पाई. ऐसे में समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया गया तो  बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है.   अधिकारियों का बयान इधर, पीबी एरिया जीएम जीसी साहा ने कहा कि गैस प्रभावित क्षेत्र में मुख्य मार्ग में सड़क के दोनों ओर दरार के साथ जमीन दब गई है. जमीन के नीचे पुराना गैलरी चला हुआ है, जिसका पिलर भूमिगत आग से ध्वस्त होने के भू धसान का खतरा है. गैलरी के जद में कई घर भी आ सकते है, जिनका आकलन किया जा रहा है. प्रशासन को भी मामले से अवगत करा दिया गया है. फिलहाल सड़क डायवर्ट कर दिया गया है.

ICMR अध्ययन में यूपी को हाई रिस्क जोन घोषित, स्वास्थ्य पर चिंता बढ़ी

 गोरखपुर  भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के अध्ययन ने उत्तर प्रदेश में हेपेटाइटिस ए के बढ़ते प्रकोप को लेकर गंभीर चिंता जताई है। देश के 21 राज्यों में कराए गए इस व्यापक सर्वेक्षण में क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) गोरखपुर की भी अहम भूमिका रही। अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में संक्रमण की दर अन्य राज्यों की तुलना में कहीं अधिक है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। इसलिए इस प्रदेश को हाई रिस्क जोन में रखा गया है। यहां 97 प्रतिशत नमूने पाजिटिव पाए गए। देश में संक्रमण दर 90 प्रतिशत पाई गई। सभी 21 राज्यों से 14778 नमूने लिए गए, इनमें से 12236 नमूने पाजिटिव मिले। उत्तर प्रदेश के नौ जिलों से कुल 1957 लोगों के नमूने एकत्र कर उनकी जांच की गई। इसमें से 1879 अर्थात 97 प्रतिशत नमूने हेपेटाइटिस ए पाजिटिव पाए गए। यह आंकड़ा राज्य में संक्रमण के व्यापक फैलाव की ओर संकेत करता है। इसके विपरीत, अन्य राज्यों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर पाई गई। सबसे कम केरल में 44.8 प्रतिशत और बंगाल में 63.1 प्रतिशत नमूने पाजिटिव मिले। अन्य राज्यों में संक्रमण दर इससे ज्यादा रही। इस महत्वपूर्ण अध्ययन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। इसे दिसंबर 2025 में लंदन के जर्नल द लांसेंट रिजनल हेल्थ ने प्रकाशित किया है। रिपोर्ट के आधार पर आइसीएमआर ने भारत सरकार को सुझाव दिया है कि हेपेटाइटिस ए के टीके को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाए, ताकि भविष्य में इस बीमारी के प्रकोप को रोका जा सके। विशेषज्ञ इसे नान अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी) का बड़ा कारण मान रहे हैं। एनएएफएलडी पर आरएमआरसी की एक टीम लखनऊ के नगराम क्षेत्र में अध्ययन कर रही है। दूसरी टीम लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर व महराजगंज के थारू समुदाय में हेपेटाइटिस की जांच कर रही है।

अंगदान में हरियाणा की नई मिसाल: 7940 लोगों ने किया रजिस्ट्रेशन, जींद जिला सबसे आगे

रोहतक. हरियाणा में अंगदान को लेकर लोगों की सोच में तेजी से बदलाव आ रहा है। प्रदेश में कुल 7940 लोगों ने अंगदान का संकल्प लिया है। जबकि हमारे पड़ोसी पंजाब का आंकड़ा हमसे काफी अच्छा है। पंजाब में पंजीकरण 11274 तक पहुंच चुका है। अभी दोनों राज्यों के बीच में पंजीकरण का अंतर 3334 का है। इसलिए इस अभियान को तेजी से गति देने की जरूरत है। हालांकि जिलों के बीच आंकड़ों में बड़ा अंतर भी सामने आया है, जो जागरूकता के असमान स्तर को दर्शाता है। प्रदेश में जींद जिला 1076 पंजीकरण के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद गुरुग्राम के 973 पंजीकरण और फरीदाबाद के 791 पंजीकरण का नंबर आता है। सबसे निचले पायदान पर नूंह के 48, चरखी दादरी के 21 और पलवल के 21 पंजीकरण हैं, जहां जागरूकता अभियान की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निचले पायदान पर खड़े जिलों में जागरूकता बढ़ाई जाए तो हरियाणा इस क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है। फिलहाल आंकड़े यह जरूर संकेत दे रहे हैं कि प्रदेश में अंगदान को लेकर डर से संकल्प की ओर यात्रा शुरू हो चुकी है, लेकिन इसे जनआंदोलन बनाने के लिए अभी और प्रयास जरूरी हैं। नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को प्रदेश में केवल 2 नए पंजीकरण हुए, जिनमें गुरुग्राम और अंबाला से एक-एक व्यक्ति शामिल है। यह संख्या बताती है कि शुरुआती उत्साह के बाद अब अभियान को और गति देने की जरूरत है। उम्र के आधार पर देखें तो युवा वर्ग इस अभियान में सबसे ज्यादा सक्रिय है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में जागरूकता और सोशल मीडिया की पहुंच इस बढ़ोतरी का प्रमुख कारण है। खासकर युवा वर्ग और पुलिस-सेना जैसे अनुशासित बलों के परिवार सबसे आगे आ रहे हैं। प्रदेश में सोटो के अनुसार ब्रेन डेड की स्थिति में व्यक्ति की वापसी संभव नहीं होती, ऐसे में अंगदान जीवनदान का सबसे बड़ा माध्यम बन सकता है। यही कारण है कि अब पुलिस और सेना से जुड़े परिवारों के साथ-साथ युवा वर्ग भी बढ़-चढ़कर इस अभियान में भाग ले रहा है। राज्य में अंगदान के मामलों में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। वर्ष 2024 में जहां केवल 2 अंगदान हुए थे, वहीं 2026 में यह आंकड़ा 4 से अधिक हो चुका है। साथ ही अब तक करीब 35 किडनी ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं। इस बदलाव के पीछे स्टेट आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (सोटो) की अहम भूमिका रही है। सोटो ने पिछले दो वर्षों में गांव-गांव तक पहुंच बनाते हुए नुक्कड़ नाटक, स्कूल-कालेज सेमिनार और पंचायत बैठकों के जरिए लोगों को जागरूक किया है। जिला     कुल पंजीकरण     स्थिति जींद     1076     प्रथम (अग्रणी) गुरुग्राम     973     द्वितीय फरीदाबाद     791     तृतीय भिवानी     516     – रोहतक     506     – महेंद्रगढ़     481     – पंचकूला     437     – हिसार     419     – झज्जर     402     – सोनीपत     375     – रेवाड़ी     350     – सिरसा     287     – अंबाला     268     – पानीपत     182     – फतेहाबाद     174     – कैथल     171     – यमुनानगर     159     – करनाल     150     – कुरुक्षेत्र     133     – नूंह     48     सबसे कम चरखी दादरी     21     सबसे कम पलवल     21     सबसे कम कुल योग     7940       डॉ. एचके अग्रवाल पीजीआइएमएस से मात्र 4 दिन के अंतराल में दो बार ग्रीन कोरिडोर बनाने और आपके समाचारों के सहयोग से लोगों में अंगदान की जागरुकता को लेकर डर कम हो रहा है। पहले जहां लोग भ्रांतियों के कारण इससे दूर रहते थे, वहीं अब वे खुद सोटो कार्यालय में संपर्क कर प्रक्रिया की जानकारी ले रहे हैं। अंगदान एक ऐसा फैसला है, जिससे एक व्यक्ति 8 लोगों की जान बचा सकता है। मौत अटल है, लेकिन अंगदान के जरिए हम किसी के जीवन का आधार बन सकते हैं।

‘नारी शक्ति’ को मिलेगा संसद में स्वर: लक्ष्मी वर्मा ने सीएम साय के पत्र पर जताया समर्थन

पलारी/पटना. छत्तीसगढ़ की राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने 16 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहे संसद के विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन विधेयक’ को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें पत्र लिखकर इस ऐतिहासिक अवसर पर सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया था, जिसके जवाब में लक्ष्मी वर्मा ने कहा, “यह सिर्फ एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के सशक्तिकरण का संकल्प है। मैं संसद में पूरी ताकत से इसके पक्ष में आवाज उठाऊंगी।” सीएम साय ने पत्र में कहा था कि 2029 के चुनावों से पहले महिला आरक्षण को प्रभावी बनाना समय की मांग है। छत्तीसगढ़ में पहले से ही स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण लागू है और अब देश स्तर पर भी यह बदलाव जरूरी है। इस पर लक्ष्मी वर्मा ने कहा, “मुख्यमंत्री का मार्गदर्शन प्रेरणादायक है। मैं गर्व से कहती हूं कि छत्तीसगढ़ ने महिलाओं को जो सम्मान दिया है, वह पूरे देश के लिए मिसाल है।” अपने पत्र में लक्ष्मी वर्मा ने लिखा, “एक महिला जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरे लिए यह गौरव का विषय है कि मेरा पहला संसदीय सत्र इस ऐतिहासिक विधेयक से जुड़ा है। मैं पूरी सक्रियता, गंभीरता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अपनी भूमिका निभाऊंगी।” उन्होंने आगे कहा – “आइए, हम सभी मिलकर एक ऐसे भारत का निर्माण करें, जहां महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सशक्त भागीदारी मिले। यही सच्चे लोकतंत्र की कसौटी है।” गौरतलब है कि 16 अप्रैल को होने वाला संसद सत्र महिला आरक्षण को लेकर बेहद अहम माना जा रहा है। लक्ष्मी वर्मा ने सीएम साय को विश्वास दिलाया है कि वह इस दिशा में हर संभव भूमिका निभाएंगी।

AAP का चौंकाने वाला कदम: राघव चड्ढा की सुरक्षा हटाई, पंजाब में सियासी हलचल तेज

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी (आप) और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच चल रहा विवाद एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। पहले पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया और अब पंजाब सरकार ने उनकी सुरक्षा भी वापस ले ली है। इस घटनाक्रम ने सियासी गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुआई वाली पंजाब सरकार ने राघव चड्ढा को दी गई पंजाब पुलिस की सुरक्षा हटा दी है। गौरतलब है कि चड्ढा को पंजाब के सह-प्रभारी और राज्यसभा सांसद होने के नाते यह सुरक्षा मिली हुई थी। सुरक्षा वापसी को पार्टी के अंदर बढ़ती दूरी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले 2 अप्रैल को आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया था। उनकी जगह पंजाब से सांसद अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को भी सूचित कर दिया कि अब चड्ढा को पार्टी कोटे से बोलने का समय न दिया जाए। इस फैसले के बाद से ही चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच बयानबाजी तेज हो गई थी। राघव चड्ढा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा था कि उन्हें “खामोश” करने की कोशिश की गई है, लेकिन वे हार मानने वालों में नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उनकी खामोशी को कमजोरी न समझा जाए। इसके जवाब में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज, आतिशी और खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान खुलकर सामने आए और चड्ढा पर पार्टी लाइन से हटने के आरोप लगाए। इसी बीच दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दावा किया कि केंद्र सरकार राघव चड्ढा को जेड प्लस सुरक्षा देने की तैयारी में है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर केंद्र सरकार चड्ढा पर इतनी मेहरबान क्यों दिख रही है। हालांकि, चड्ढा के करीबी सूत्रों का कहना है कि अभी उन्हें केंद्र से कोई सुरक्षा नहीं मिली है, लेकिन जल्द ऐसी संभावना बन सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उपनेता पद से हटाने और सुरक्षा वापस लेने जैसे फैसले पार्टी के भीतर गहराते मतभेदों की ओर इशारा करते हैं। वहीं, केंद्र से संभावित सुरक्षा को लेकर उठे सवालों ने इस पूरे विवाद को और पेचीदा बना दिया है। फिलहाल, राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के बीच बढ़ती दूरी ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह सियासी टकराव और तेज हो सकता है।

रणधीर वर्मा चौक पर प्रदर्शन, निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ विरोध

 धनबाद धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर झारखंड अभिभावक महासंघ ने एकदिवसीय धरना दिया। धरना मे झारखंड अभिभावक महासंघ के अध्यक्ष पप्पू सिंह ने छौ घंटे का उपवास धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर झारखंड अभिभावक महासंघ के बैनर तले एकदिवसीय धरना का आयोजन किया गया. इस धरना का मुख्य मुद्दा निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही अवैध शुल्क वसूली और न्यायालय तथा न्यायाधिकरण के आदेशों की अनदेखी था. बड़ी संख्या में अभिभावक इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और अपनी नाराजगी जाहिर की. महासंघ अध्यक्ष ने रखा छह घंटे का उपवास धरना के दौरान महासंघ के अध्यक्ष पप्पू सिंह ने छह घंटे का उपवास भी रखा. उन्होंने कहा कि अभिभावकों के हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उनके उपवास को बाद में झारखंड ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की सदस्य श्वेता किन्नर ने जूस पिलाकर समाप्त कराया. अवैध शुल्क वसूली पर गंभीर आरोप अभिभावकों का आरोप है कि जिले के अधिकांश निजी विद्यालय झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण के आदेशों का उल्लंघन कर मनमानी फीस वसूल रहे हैं. स्कूल “री-एडमिशन” के नाम पर विभिन्न प्रकार के शुल्क जैसे परीक्षा शुल्क, विकास शुल्क, वार्षिक शुल्क, लाइब्रेरी शुल्क और खेलकूद शुल्क के रूप में भारी रकम वसूल रहे हैं, जो पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है. जबरन किताब और सामान खरीदने का दबाव धरना में यह भी आरोप लगाया गया कि कई विद्यालय अभिभावकों को चिन्हित दुकानों से ही किताबें, कॉपियां और स्टेशनरी खरीदने के लिए मजबूर करते हैं. इतना ही नहीं, जूते, मोजे और अन्य सामग्री भी तय दुकानों से खरीदने का दबाव बनाया जाता है. यह प्रथा न केवल अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालती है, बल्कि नियमों का भी उल्लंघन है. कानूनी प्रावधानों की अनदेखी अभिभावकों ने बताया कि यह सभी गतिविधियां झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम, 2017 के खिलाफ हैं. साथ ही शिकायत वाद संख्या 01/2005, एक्जीक्यूशन केस 1/2005 और शिकायत वाद संख्या 8/2008 में दिए गए निर्देशों की भी अवहेलना हो रही है. इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें झारखंड अभिभावक महासंघ ने जिला प्रशासन से कई मांगें रखीं. इनमें निजी विद्यालयों की शुल्क संरचना की जांच, अवैध वसूली पर रोक, किताब-कॉपी और अन्य सामग्री की जबरन खरीद पर प्रतिबंध और दोषी स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शामिल है. महासंघ का कहना है कि इन मांगों को जल्द पूरा किया जाना चाहिए. चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी धरना के दौरान महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि चार दिनों के भीतर जिला प्रशासन अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन के साथ बैठक कर कोई समाधान नहीं निकालता है, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. सैकड़ों अभिभावकों की रही भागीदारी इस धरना में महासंघ के महासचिव मनोज मिश्रा, वरीय उपाध्यक्ष मुकेश पाण्डेय, कोषाध्यक्ष प्रेम ठाकुर, मीडिया प्रभारी रतिलाल महतो सहित कई पदाधिकारी और सैकड़ों अभिभावक शामिल हुए. सभी ने एकजुट होकर निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाई. इस धरना-प्रदर्शन में दिलीप सिंह, उदय प्रताप सिंह, बॉबी पाण्डेय, पूजा रत्नाकर, पिंकी सिंह, सोहराब खान, जीतेन्द्र अग्रवाल, रवि कुमार, टिंकू सरकार, मिहिर दत्ता, मगधेश कुमार, रविंदरनाथ सोनार, अभिषेक सिंह, भगवान दास शर्मा, तारकेश्वर तिवारी, रोबिन धिवर, श्याम पाण्डेय, मंटू सिंह, गणेश चौरसिया, प्रभात सूरौलिया, अजय वर्मा, शालिनी मिश्रा, प्रवीण गोधा, अविनाश पाण्डेय, कुल्लू चौधरी, प्रेम पाण्डेय, धीरेन्दर ब्रह्मचारी, विनय अग्रवाल, विक्की जायसवाल, श्रीकांत रक्षित, कन्हैया कुमार, सुकुमार कुम्भकार, सचिन ठाकुर, सत्येंदर पाण्डेय, राज गुप्ता,सुरेश यादव आदि भी उपस्थित थे.