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द्वारका एक्सप्रेसवे पर बिजवासन टोल के पास यू-टर्न अंडरपास की तैयारी शुरू

गुरुग्राम द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित बिजवासन टोल प्लाजा पर यू-टर्न अंडरपास निर्माण की तैयारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने शुरू कर दी है। मौजूदा वक्त में यहां यू-टर्न की सुविधा न होने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। कई बार लोग टोल से बचने के लिए गलत दिशा में गाड़ी चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग साढ़े आठ एकड़ जमीन की जरूरत है, जिसमें कुछ हिस्सा जीएमडीए का और कुछ निजी बिल्डरों का है। इस दो लेन के अंडरपास के बनने से यात्रियों का समय और ईंधन बचेगा। जमीन मिलने के बाद बनाया जाएगा इस्टीमेट इसमें कुछ जमीन गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की है तो कुछ बिल्डरों की है। जमीन मिलने के बाद इस्टीमेट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। गत 28 जनवरी को एनएचएआई अध्यक्ष संतोष यादव की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी। इसमें जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम के आयुक्त और जिला उपायुक्त मौजूद थे। बिजवासन टोल प्लाजा के समीप यू-टर्न नहीं अधिकारियों ने बैठक में बताया था कि बिजवासन टोल प्लाजा के समीप यू-टर्न नहीं है। बजघेड़ा निकासी पर यदि वाहन चालक नहीं उतर पाता है तो वह बिजवासन टोल प्लाजा पर पहुंच जाता है। टोल से बचने के लिए वाहन चालक गलत दिशा में वाहन चलाते हैं। स्थानीय लोगों की तरफ से भी बिजवासन टोल प्लाजा पर यू-टर्न निर्माण का आग्रह किया है। मौके पर यदि नहीं होगी सरकारी जमीन तो होगा अधिग्रहण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अध्यक्ष ने इस बैठक में आदेश जारी किए थे कि यदि मौके पर सरकारी जमीन है तो उसे जीएमडीए के माध्यम से लिया जाए। निजी जमीन यदि यू-टर्न के निर्माण में आ रही है तो उसका अधिग्रहण किया जाए। इसको लेकर एनएचएआई के परियोजना अधिकारी ने एक सलाहकार कंपनी को यू-टर्न निर्माण के लिए सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। कंपनी से सर्वे कर के एनएचएआई को सौंपी रिपोर्ट सलाहकार कंपनी ने सर्वे करके रिपोर्ट राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के हवाले कर दी है। इसके मुताबिक दो लेन के यू-टर्न अंडरपास के निर्माण के लिए जीएमडीए की करीब पौने सात एकड़ जमीन की जरूरत है। पौने दो एकड़ जमीन आसपास रिहायशी और व्यावसायिक परियोजना बना रहे बिल्डरों की है। लोगों को परेशानी हो रही सलाहकार कंपनी ने बताया कि यू-टर्न की कमी से दैनिक यात्रियों के लिए यात्रा की दूरी और समय में वृद्धि हुई है। अनावश्यक ईंधन की खपत और परिचालन अक्षमताएं बढ़ी हैं। टोल प्लाजा और विलय क्षेत्रों के पास यातायात बढ़ा है। गलत दिशा में चलने से हादसे की संभावना है। अचानक लेन बदलने से दुर्घटनाओं का खतरा है।

हरियाणा में निकाय चुनाव का ऐलान, जानें पूरा शेड्यूल

चंडीगढ़ हरियाणा निकाय चुनावों की तारीखों का ऐलान हो गया है। हरियाणा चुनाव आयोग ने पंचकूला में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावों की तारीखों की घोषणा की। हरियाणा चुनाव आयोग ने बताया कि सोनीपत-पंचकूला और अंबाला नगर निगम में 10 मई को वोटिंग होगी और 13 को रिजल्ट आएगा। बता दें कि पंचकूला, अंबाला और सोनीपत नगर निगम चुनाव होने हैं। इसके अलावा, रेवाड़ी नगर परिषद ,धारूहेड़ा सांपला और उकलाना नगर पालिका में भी चुनाव होना। वहीं, टोहाना, झज्जर, राजौंद, तरावड़ी, सढ़ौरा और कनीना नगरपालिका को लेकर भी लोग वोट डालेंगे। जानें हरियाणा निकाय चुनाव का पूरा शेड्यूल     21 अप्रैल से 25 अप्रैल तक के बीच नामांकन दाखिल किए जाएंगे।     27 अप्रैल को नामांकन की जांच की जाएगी।     28 अप्रैल को नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख होगी।     इसी दिन चुनाव चिन्ह भी उम्मीदवार को दिए जाएंगे।     10 मई को वोटिंग होगी।     पुनः मतदान की जरूरत पड़ी तो 12 मई को दोबारा वोटिंग होगी।     13 मई को चुनावी नतीजों का ऐलान होगा। लोकतंत्र मात्र चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर दिन निभाई जाने वाली एक जिम्मेदारी है। नगर निगमों के साथ-साथ जिला परिषद और पंचायती राज संस्थाओं के खाली पड़े पदों के लिए उपचुनाव भी इसी समय सारणी के अनुसार कराए जाएंगे। हरियाणा के चुनाव आयुक्त ने क्या बताया हरियाणा के चुनाव आयुक्त देवेंद्र कल्याण ने बताया कि निगम मेयर के लिए 30 लाख खर्च सीमा तय की गई है। सदस्य के लिए यह 7.50 लाख रुपये है। निकाय चुनाव के लिए 10 मई को मतदान होगा। अगर दोबारा मतदान की जरूरत पड़ी तो वह 12 मई को होंगे। 13 मई को चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। बता दें कि इस बार बीजेपी, कांग्रेस, जेजेपी और आईएनएलडी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। राज्य चुनाव आयोग द्वारा तारीखों की घोषणा से पहले ही सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया था।  

Jalandhar Nagar Kirtan: खालसा स्थापना दिवस पर श्रद्धा का सैलाब, आसमान से बरसे फूल

जालंधर. पंजाब के जालंधर में खालसा के स्थापना दिवस के अवसर पर श्रद्धा और उत्साह से भरा भव्य खालसा नगर कीर्तन निकाला गया। यह मार्च गुरुद्वारा नवमीं पातशाही दुश निवारण साहिब से आरंभ हुआ, जहां सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हो गए थे। धार्मिक परंपराओं के अनुसार गुरु ग्रंथ सहाब जी की पावन छत्रछाया में यह मार्च निकाला गया। इसकी अगुवाई गुरु के पांच प्यारों ने की, जो सिख परंपरा का प्रमुख प्रतीक माने जाते हैं। श्रद्धालु पूरे रास्ते में गुरु के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।यह खालसा मार्च शहर के विभिन्न प्रमुख इलाकों से होकर गुजरा। इसमें मॉडल टाउन मार्केट, गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह साहिब मॉड टाऊन, , स्काईलार्क रोड, भगवान वाल्मिक चौक, अली मोहल्ला पुरी और पटेल चौक सहित कई स्थान शामिल रहे। अंत में यह मार्च ऐतिहासिक स्थल गुरुद्वारा छवमीं पातशाही बस्ती शेख पहुंचेगा। श्रद्धालुओं के लिए किए गए विशेष प्रबंध मार्च के मार्ग में शहर की विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संस्थाओं द्वारा श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष प्रबंध किए गए। जगह-जगह लंगर लगाए गए, जहां लोगों को प्रसाद और भोजन वितरित किया गया। इसके अलावा कई स्थानों पर श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया गया, जिससे पूरे शहर में भक्तिमय माहौल बन गया। नगर कीर्तन में दिखा अनुशासन व सेवा भावना खालसा नगर कीर्तन के दौरान अनुशासन और सेवा भाव का विशेष ध्यान रखा गया। स्वयंसेवकों ने व्यवस्था संभाली और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में भाईचारे, सेवा और एकता का संदेश भी देता है। बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग और महिलाएं इसमें शामिल होकर गुरु साहिब के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं।

Train Alert: कपलिंग फेल होने से 25 डिब्बे अलग, बिलासपुर-कटनी रूट पर टला बड़ा हादसा

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही. बिलासपुर-कटनी रेल सेक्शन पर रविवार शाम एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन के पास कोयले से लदी एक मालगाड़ी अचानक दो हिस्सों में बंट गई. घटना से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, पेंड्रारोड और वेंकटनगर स्टेशन के बीच खैरझीटी बैरियर के पास अनूपपुर की ओर जा रही इस मालगाड़ी की कपलिंग अचानक टूट गई. इसके चलते इंजन से जुड़े लगभग 25 डिब्बे अलग होकर पीछे छूट गए. हालांकि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. गनीमत रही कि लोको पायलट की सूझबूझ के कारण तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए गए. अगर लोको पायलट की नजर समय पर नहीं पड़ती, तो एक बड़े हादसे की संभावना थी. ​तस्वीरों में साफ देख सकते हैं कि कैसे मालगाड़ी दो भागों में पटरी पर खड़ी है और रेलवे का तकनीकी अमला मौके पर पहुंचकर जांच में जुटा है. घटना की सूचना मिलते ही अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची. काफी मशक्कत के बाद डिब्बों को सुरक्षित तरीके से दोबारा जोड़ा गया.​ ​रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कपलिंग टूटने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है. फिलहाल, मरम्मत के बाद मालगाड़ी को उसके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है और इस रूट पर रेल परिचालन सामान्य है.

सरकारी स्कूलों में 18.34 लाख किताबें छापने की तैयारी, टेंडर प्रक्रिया शुरू

रांची  राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़नेवाले कक्षा नौ के विद्यार्थियों को वर्तमान शैक्षणिक सत्र में जुलाई-अगस्त में एटलस, शब्दकोष, ग्रामर तथा सामान्य ज्ञान की पुस्तकें मिल पाएंगी इस बार विद्यार्थियों को सामान्य ज्ञान की दो पुस्तकें सामान्य ज्ञान-पार्ट वन तथ सामान्य ज्ञान-पार्ट टू के रूप में मिलेंगी। पुस्तकें 3,67,692 विद्यार्थियों के बीच निश्शुल्क वितरित की जाएंगी। कुल 18.34 लाख पुस्तकें छपेंगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देश पर झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) ने इन पुस्तकों के प्रकाशन को लेकर मुद्रक के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत मुद्रक को कार्य आदेश जारी होने के 120 दिनों के भीतर प्रखंड स्तर पर पुस्तकें पहुंचानी होगी। वहां से प्रखंड संसाधन केंद्र द्वारा पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा। चयनित मुद्रक को दो प्रतिशत रायल्टी जेसीईआरटी को देनी होगी। सभी पुस्तकें 21 गुना 27 सेमी साइज में होगी। एटलस 172 पेज, शब्दकोष 660 पेज, ग्रामर 228 पेज तथा सामान्य ज्ञान की पुस्तकें प्रत्येक पुस्तक 228 पेज की होगी। निश्शुल्क वितरित होनेवाली सभी पुस्तकों पर जेसीईआरटी द्वारा निश्शुल्क वितरण के लिए प्रकाशित, क्रय-विक्रय अपराध लिख होगा। ओपन मार्केट में भी पुस्तकें बेच सकेंगे प्रकाशक स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्णय के अनुसार, चयनित मुद्रक ये पुस्तकें ओपन मार्केट में भी बेच सकेंगे। इसके लिए उन्हें न केवल जेसीईआरटी से मंजूरी लेनी होगी, बल्कि दो प्रतिशत रायल्टी भी प्रदान करेगी।

शिवराज सिंह चौहान की मांग पर नितिन गडकरी की बड़ी सौगात, रायसेन रिंग रोड और सौंदर्यीकरण कार्यों को मिली मंजूरी

रायसेन/ भोपाल  राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण कृषि मेले “उन्नत कृषि महोत्सव” का रायसेन में अत्यंत उत्साह, उमंग, नवाचार और हजारों किसानों की गरिमामयी उपस्थिति के बीच भव्य समापन हुआ। समापन सत्र में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जहां सड़क विकास, कृषि तकनीक, जल संरक्षण, वैकल्पिक ऊर्जा और ग्रामीण समृद्धि का व्यापक विजन रखा, वहीं केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीज से बाजार तक तैयार रोडमैप को जमीन पर उतारने का दृढ़ संकल्प दोहराया।  शिवराज सिंह चौहान द्वारा रखी गई क्षेत्रीय मांगों पर महत्वपूर्ण घोषणाएँ रायसेन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर आयोजित “उन्नत कृषि महोत्सव” के समापन सत्र में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा रखी गई क्षेत्रीय मांगों पर महत्वपूर्ण घोषणाएँ करते हुए विकास की नई सौगात दी। उन्होंने रायसेन रिंग रोड/पूर्वी बायपास के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने, संबंधित डीपीआर तैयार करने, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा बढ़ाए जाने और पुलों के सौंदर्यीकरण संबंधी मांगों पर सकारात्मक सहमति व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य सड़क संबंधी प्रस्तावों पर भी जो संभव सहयोग होगा, वह किया जाएगा।  ज्ञान को संपत्ति में बदलना आज कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी जरूरत है अपने संबोधन में गडकरी ने कहा कि वे इस कार्यक्रम में मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि किसान के रूप में आए हैं। उन्होंने कहा कि खेती का भविष्य अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वेदर स्टेशन, सैटेलाइट आधारित सूचना, ड्रोन, नैनो यूरिया और आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़ चुका है, इसलिए किसानों को समय के साथ बदलना होगा। उन्होंने कहा कि ज्ञान सबसे बड़ी शक्ति है और ज्ञान को संपत्ति में बदलना आज कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने किसानों से इनोवेशन, रिसर्च, सफल प्रयोगों और तकनीक-आधारित खेती को अपनाने का आह्वान किया, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन संभव हो सके।  गडकरी ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं रहेगा, बल्कि ऊर्जा दाता, ईंधन दाता, हवाई ईंधन दाता, डामर दाता और हाइड्रोजन दाता भी बनेगा। उन्होंने कहा कि कृषि अवशेष, पराली, बायोमास, इथेनॉल, सीएनजी और हाइड्रोजन के माध्यम से किसानों के लिए आय के नए रास्ते खुलेंगे, आयात घटेगा और गांवों की अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी।  जल संरक्षण पर विशेष बल जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए गडकरी ने कहा कि दौड़ते हुए पानी को चलने के लिए, चलने वाले पानी को रुकने के लिए और रुके हुए पानी को जमीन को पिलाने के लिए लगाना होगा। उन्होंने “गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में, घर का पानी घर में” का संदेश देते हुए कहा कि जैसे पैसा बैंक में जमा किया जाता है, वैसे ही पानी को जमीन में डिपॉजिट करना होगा। उन्होंने कहा कि जहां सिंचाई का पानी सीधे नहीं पहुँच सकता, वहां जल संरक्षण की संरचनाएँ बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।  उन्होंने डेयरी, मत्स्य पालन और ब्लू इकोनॉमी को किसानों की आय बढ़ाने के बड़े माध्यम बताते हुए कहा कि दुग्ध उत्पादन, मत्स्य उत्पादन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर गंभीरता से ध्यान देना होगा। गडकरी ने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना काफी नहीं है, बल्कि प्रोसेसिंग प्लांट, कोल्ड स्टोरेज, प्री-कूलिंग सिस्टम और वैल्यू एडिशन की मजबूत व्यवस्था भी बनानी होगी। उन्होंने कहा कि जब बाजार में उत्पादन अधिक होता है तो कीमतें गिर जाती हैं, इसलिए भंडारण और प्रसंस्करण की मजबूत व्यवस्था किसानों को बेहतर दाम दिलाने के लिए आवश्यक है।  उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे मेले में लगे स्टॉल, मशीनरी प्रदर्शन, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, हाइड्रोपोनिक्स, एक एकड़ खेती के मॉडल, बकरी पालन, मछली पालन और अन्य तकनीकी सत्रों को देखकर जाएँ, सीखकर जाएँ और उसे खेत में लागू करें। उन्होंने कहा कि यही ज्ञान, यही तकनीक और यही प्रयोग किसानों का भविष्य बदलेंगे, गांवों को समृद्ध बनाएंगे और स्मार्ट सिटी के साथ स्मार्ट विलेज की दिशा को मजबूत करेंगे।  शिवराज सिंह के मुख्यमंत्रीत्व कार्यकाल की म.प्र. की कृषि उपलब्धियों की सराहना गडकरी ने शिवराज सिंह के मुख्यमंत्रीत्व कार्यकाल में मध्य प्रदेश की कृषि उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों को उन्नत बनाने के लिए इस तरह के आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हैं और यह महोत्सव किसानों को भविष्य की नई प्रेरणा देने वाला सिद्ध होगा।  यह समापन नहीं, बल्कि नई शुरुआत है केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “उन्नत कृषि महोत्सव” कोई कर्मकांड नहीं है और यह समापन नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि चार दिनों तक चले इस आयोजन ने किसानों के लिए पाठशाला का काम किया, जहाँ मिट्टी की महक, मशीन की शक्ति, नवाचार, तकनीक और विकास का अद्भुत संगम देखने को मिला। चौहान ने कहा कि इस क्षेत्र की माटी, जलवायु, जल उपलब्धता और संसाधनों के आधार पर बीज से बाजार तक का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस रोडमैप में यह तय किया गया है कि इस क्षेत्र में कौन-कौन सी फसलें, फल और सब्जियाँ अच्छी हो सकती हैं और उनके उत्पादन, प्रोसेसिंग तथा मार्केटिंग की संपूर्ण योजना कैसे बनेगी।  दलहन और बागवानी क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा, इस क्षेत्र को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित किया जाएगा उन्होंने कहा कि अच्छे बीज की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए हर ब्लॉक में बीज ग्राम बनाए जाएंगे, दलहन और बागवानी क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा और इस क्षेत्र को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ड्रिप और स्प्रिंकलर के माध्यम से पानी की एक-एक बूंद का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा तथा कस्टम हायरिंग सेंटर और पंचायतों में मशीन बैंक बनाए जाएंगे, ताकि किसानों को आधुनिक मशीनें आसानी से मिल सकें। चौहान ने कहा कि अच्छी नर्सरी और क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किए जाएंगे, एफपीओ को मजबूत किया जाएगा, बैक हाउस और कोल्ड हाउस बनाए जाएंगे और किसानों को उत्पादन से बाजार तक बेहतर ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि एकीकृत खेती के मॉडल के माध्यम से छोटे खेत के टुकड़े पर भी अधिक आमदनी प्राप्त की जा सकती है और सरकार किसानों की आय बढ़ाकर ही चैन की सांस लेगी।  रोडमैप की मॉनिटरिंग के लिए टास्क फोर्स बनाई जाएगी उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे रोडमैप की मॉनिटरिंग … Read more

झारखंड में रेल नेटवर्क होगा मजबूत, 68 किमी रूट के दोहरीकरण की तैयारी

 रांची  झारखंड के रेल विकास को नई दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना जल्द ही धरातल पर उतरने वाली हैमुरी-चांडिल रूट पर ट्रेनों के लिए आने-जाने की अलग-अलग पटरियां (Double Line) बिछाने को बहुत जल्द रेलवे बोर्ड की हरी झंडी मिल सकती है. इस परियोजना के स्वीकृत होने से राज्य के रेल नेटवर्क में बहुत सुधार होगा और यातायात व्यवस्था अधिक सुगम व प्रभावी बनेगी. 800 करोड़ की लागत और 68 किमी का दायरा दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) के जेडआरयूसीसी सदस्य अरुण जोशी ने जानकारी दी कि मुरी से चांडिल तक लगभग 68 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड के दोहरीकरण पर 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है. वर्तमान में सिंगल लाइन होने के कारण इस रूट पर ट्रेनों के क्रॉसिंग और परिचालन में काफी समय नष्ट होता है. डबल लाइन बनने के बाद ट्रेनों की आवाजाही तेज, सुरक्षित और अधिक व्यवस्थित हो जाएगी. बाइपास और ओवर रेल लाइन से मिलेगी मजबूती परियोजना के तहत सिल्ली बाइपास लाइन का निर्माण भी किया जाना है, जो रूट की क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा. इसके साथ ही गुंडा विहार से चांडिल तक प्रस्तावित रेल ओवर रेल लाइन के निर्माण की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है. इन तकनीकी सुधारों से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और मालगाड़ियों व यात्री ट्रेनों के दबाव को संतुलित करना आसान होगा. सांसद प्रदीप वर्मा का प्रयास और फंड आवंटन इस परियोजना को गति देने के लिए सांसद प्रदीप वर्मा ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर विशेष फंड आवंटन की मांग की थी. उम्मीद जताई जा रही है कि इसी माह के भीतर फंड आवंटन और प्रशासनिक स्वीकृति के सकारात्मक परिणाम सामने आ जाएंगे. अरुण जोशी ने कहा कि यह परियोजना झारखंड के औद्योगिक और व्यावसायिक विकास के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगी.

Ambala MC Election 2026: 10 मई को मतदान, 13 मई को रिजल्ट—हरियाणा में चुनावी सरगर्मी तेज

चंडीगढ़. हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश में नगर निगम चुनाव को लेकर हरियाणा चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है। चुनाव आयोग ने प्रेस कान्फ्रेंस शेडयूल जारी कर दिया है। हरियाणा चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि सोनीपत-पंचकूल और अंबाला नगर निगम में 10 मई को वोटिंग होगी और 13 को रिजल्ट आएगा। चुनाव का समय 8 से 6 बजे होगा। जानें क्या रहेगा शेड्यूल     नामांकन नोटिस-15 अप्रैल     नामांकन 21 से 25 अप्रैल तक     नामांकन पत्रों की जांच- 27 अप्रैल     नाम वापसी- 28 अप्रैल उसी दिन चुनाव चिन्ह मिलेंगे     वोटिंग-10 मई     दोबारा मतदान-12 मई     मतगणना-13 मई को होगी राज्य चुनाव आयुक्त देवेंद्र कल्याण ने बताया कि पंचायत के उपचुनाव भी नगर निकायों के साथ होंगे। पानीपत और करनाल जिला परिषद के 1-1 वार्ड, 12 ब्लॉक समिति सदस्यों, 29 सरपंच, 485 पंचों के लिए वोटिंग होगी। वोटिंग के ऐलान के साथ ही सभी जगह चुनाव आचार संहिता लागू कर दी गई है।  कहां-कहां चुनाव होंगे नगर निगमः अंबाला, पंचकूला व सोनीपत नगर परिषदः रेवाड़ी नगर पालिकाः सांपला (रोहतक), उकलाना (हिसार) व धारूहेड़ा (रेवाड़ी)

सरकार का बड़ा अपडेट: ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ में आवेदन तिथि बदली, लाभार्थियों को ₹1000 सहायता

चंडीगढ़. पंजाब में महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। अब इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू होगा। पहले यह प्रक्रिया 13 अप्रैल, बैसाखी के दिन शुरू होनी थी, लेकिन विशेष विधानसभा सत्र के कारण तारीख में बदलाव किया गया है। सरकार की ओर से योजना की औपचारिक शुरुआत 14 अप्रैल को जालंधर के आदमपुर में आयोजित रैली के दौरान की जाएगी। प्रारंभिक चरण में सात जिलों—मुक्तसर, रोपड़, पटियाला, संगरूर, मोगा, जालंधर और फरीदकोट—को शामिल किया गया है। इनमें से अधिकांश जिले मालवा क्षेत्र के हैं, जबकि दो जिले दोआबा क्षेत्र से संबंधित हैं। जानें किन महिलाओं को मिलेगा लाभ इस योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए की सहायता दी जाएगी। खास बात यह है कि अनुसूचित वर्ग की महिलाओं को अतिरिक्त लाभ देते हुए उन्हें 1500 रुपए प्रति माह देने का प्रावधान किया गया है। सरकार ने इसके लिए बजट में 9300 करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया है। योजना का लाभ सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इसके लिए महिलाओं को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसमें मोबाइल नंबर, बैंक खाता और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। रजिस्ट्रेशन की सुविधा सेवा केंद्रों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध होगी और यह पूरी प्रक्रिया निशुल्क होगी। सांसद, सरकारी नौकरी वाली महिलाएं नहीं की गई शामिल हालांकि, कुछ वर्गों की महिलाओं को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। इनमें पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, सरकारी कर्मचारी, पेंशनधारी और कर देने वाली महिलाएं शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आय की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है। योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में नौ विधानसभा क्षेत्रों की महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा, इसके बाद धीरे-धीरे इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। वहीं विपक्ष इस योजना के समय और क्रियान्वयन को लेकर सवाल भी उठा रहा है।

डिजिटल अरेस्ट से करोड़ों की ठगी, पटना में एक्टिव गैंग

पटना पटना में औसतन हर माह करीब 206 लोग साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। शहर में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर ठग गिरोह खुद को कभी सीबीआई अधिकारी तो कभी मुंबई पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके उनकी पूंजी पर हाथ साफ कर रहे हैं। ठग शेयर मार्केट में निवेश, क्रिप्टोकरेंसी सहित अन्य झांसे देकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। खास बात यह भी है कि ठगी करने वाले लोग कम शिक्षित होने के बावजूद डॉक्टरों और प्रोफेसरों को शिकार बना रहे हैं। ठग अच्छे कम्युनिकेशन स्किल के कारण अपने इरादों में कामयाब हो जाते हैं। कई पेशेवर बने ठगी के शिकार पटना में हुईं ठगी की वारदातों पर नजर डालें तो पीड़ितों में से बहुत सारे डॉक्टर, प्रोफेसर, बड़े कारोबारियों के अलावा आईआईटी के छात्र तक शामिल हैं। इन उच्च शिक्षित वर्ग के लोगों को मैट्रिक और 11वीं तक शिक्षित शातिर बदमाश जाल में फंसा रहे हैं और लाखों रुपये हड़प रहे हैं। पटना की साइबर पुलिस ने जिन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया, उनमें से अधिकतर कम शिक्षित हैं। जाल में फंसाने वाला कम्युनिकेशन स्किल बताया जाता है कि कम औपरचारिक शिक्षा लेने के बावजूद ठगों के कम्युनिकेशन स्किल अच्छे होते हैं। वे हिंदी के साथ अंग्रेजी और स्थानीय भाषा में भी फर्राटे से बातचीत करते हैं। उनके प्रभाव में आकर लोग उनके जाल में फंस जाते हैं। पटना में हाल ही में साइबर ठगों ने पटना यूनिवर्सिटी की रिटायर महिला प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसाया और उनसे 3.07 करोड़ रुपये हड़प लिए। वे अलग-अलग झांसे देकर डॉक्टरों, अधिकारियों, कारोबारियों के साथ-साथ आईआईटी के छात्रों को भी शिकार बना चुके हैं। हर माह साइबर ठगी की 206 वारदातें साइबर पुलिस के मुताबिक पटना में हर माह औसतन 206 लोग साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। सन 2025 में साइबर थाने में साइबर ठगी के 2602 केस दर्ज हुए थे। जारी साल में जनवरी और फरवरी में 284 केस दर्ज हुए हैं। साइबर पुलिस ने पिछले साल 139 और इस साल अब तक 35 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। कुल मामलों में से करीब 30 प्रतिशत मामलो में ठगी शेयर मार्केट में निवेश और एपीके फाइल भेजकर की गई है। पटना में साइबर अपराधियों का नेटवर्क बताया जाता है कि, बिहार में साइबर ठग नालंदा, नवादा, शेखपुरा और जमुई के हैं। वे पटना में किराए के फ्लैटों और मकानों से गिरोह चला रहे हैं। दक्षिणी पटना में साइबर अपराधियों का नेटवर्क तेजी से फैला है। वे रामकृष्ण नगर, पत्रकार नगर और बेऊर इलाके को अपना ठिकाना बना रहे हैं। बीते दो सालों में 80 प्रतिशत मामलों में अपराधी इन्हीं क्षत्रों से गिरफ्तार किए गए हैं। पिछले माह साइबर पुलिस ने एक गिरोह के छह ठगों को गिरफ्तार किया था। यह सभी मैट्रिक तक शिक्षित हैं। सोशल मीडिया से सीख रहे ठगी के गुर पता चला है कि ज्यादातर ठग किशोर और युवा हैं। वे सोशल मीडिया के जरिए ठगी के तरीके सीखते हैं। यू-ट्यूब और टेलीग्राम जैसी सोशल मीडिया साइटों पर साइबर ठगी को अंजाम देने के तरीके सिखाने वाले कई वीडियो उपलब्ध हैं। वे इन्हीं वीडियो से ठगी के गुर सीखते हैं। ये साइबर ठग ठगी के लिए सॉफ्टवेयर आईटी पेशेवरों की मदद से तैयार कराते हैं।